July 2019

Congess की राष्ट्रीय महासचिव और यूपी कांग्रेस की प्रभारी Priyanka Gandhi शुक्रवार की मध्यरात्रि को चुनार किले में कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी Priyanka अपनी जिद पर कायम हैं। उनकी मांग है कि दो दिन पहले सोनभद्र में भूमि विवाद के दौरान फायरिंग में मारे गए नौ लोगों के पीड़ित परिजनों से उनको मिलने दिया जाए। प्रियंका का कहना है कि देर रात शासन और प्रशासन ने चुनार किले की बिजली व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया।

Yogesh Tripathi


पीड़ित के रिश्तेदारों को पुलिस ने किले के बाहर रोका


प्रियंका गांधी का कहना है कि उभ्भा गांव मारे गए मृतकों के दो रिश्तेदार उनसे मिलने के लिए चुनार किले पहुंचे थे। 15 लोगों को पुलिस ने किले के जबरन रोक रखा है। किले के नीचे रोके गए लोगों से पूर्व विधायक अजय राय और ललितेशपति त्रिपाठी मिलने गए। उभ्भा गांव नरसंहार में मारे गए पीड़ित परिवार की 5 महिलाएं प्रियंका गांधी से मिलीं। प्रियंका गांधी ने उनकी तकलीफ सुनकर उन्हें ढांढस बंधाया।

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आधी रात किले के अंदर धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी


प्रियंका गांधी ने पूरी रात चुनार में ही गुजारी। पीड़ित लोगों से मुलाकात की जिद कर रही प्रियंका गांधी ने आधी रात कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरना देना शुरु कर दिया। इस दौरान किले की बिजली गुल रही। नेता और कार्यकर्ता अपने मोबाइल की टार्च जलाकर उजाला किए रहे। शनिवार सुबह 10.15 बजे बाहर निकलकर कार्यकर्ताओं से मिलीं। इस दौरान प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि मैं तब तक यहां से नहीं जाउंगी जब तक मैं  सोनभद्र में खूनी संघर्ष में मारे गए आदिवासियों के परिवार से नहीं मिल लूंगी।

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1152446450623754241

तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल को पुलिस ने रोका


तृणमूल कांग्रेस के 4 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल को वाराणसी पुलिस ने लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर रोक दिया। यह प्रतिनिधिमंडल सोनभद्र में पीड़ितों के परिजनों से मिलने जा रहा था। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन कर रहे हैं। वाराणसी पुलिस की तरफ से रोके जाने के बाद टीएमसी के नेता नाराज होकर धरने पर बैठ गए।

प्रियंका से मिलने जाएंगे छत्तीसगढ़ के सीएम


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिलने के लिए यूपी के चुनार जाएंगे। गौरतलब है कि पिछले 24 घंटे से प्रियंका गांधी को सोनभद्र पुलिस प्रशासन ने रोक रखा है। शुक्रवार को उन्हें हिरासत में लेकर चुनार किले ले जाया गया था। उसके बाद से सियासी माहौल काफी गर्म है।





उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की Kanpur (Unit) के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। सेना की खुफिया विंग मिलेट्री इंटेलीजेंस (MI) की मदद से STF  ने सैकड़ों बेरोजगार युवकों को आर्मी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले शातिर “नटवरलाल” को Arrest कर लिया। Unnao जिले के बीघापुर निवासी इस शातिर का नाम आलोक अवस्थी है। 2013 में सेना ने इसे भगोड़ा घोषित किया था। 2016 से यह खुद को सेना में जूनियर कमीशन अफसर (JCO) बताकर बेरोजगारों को ठग रहा था। भगोड़े के पास से एसटीएफ ने भारतीय सेना का परिचय पत्र, कार समेत तमाम दस्तावेज बरामद किए हैं। “नटवरलाल” के टॉरगेट पर उत्तराखंड, बिहार, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के बेरोजगार रहते थे। MI की मदद से STF इसके मददगारों की परतें उधेड़ने में जुटी है। www.redeyestimes.com (News Portal) की छानबीन में पता चला है कि “नटवरलाल” के परिवार का एक अहम सदस्य एक बड़ी खुफिया विंग में बड़े अफसर के पद पर तैनात हैं।


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Yogesh Tripathi


सोशल मीडिया के जरिए करता था “शिकार” की तलाश


STF Kanpur (Unit) के इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह के मुताबिक अनिल अवस्थी सोशल मीडिया WhatsApp, facebook के जरिए अपने शिकार को जाल में फंसाता था। भारतीय सेना का परिचय पत्र देख लोगों पर पहले वो रौब गांठता था। कुछ लोगों को सेना की कैंटीन से सस्ता सामान दिलाने के बाद ये शातिर उनसे मेलजोल बढ़ाकर परिवार के बेरोजगार युवकों को सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। इसके बदले 3 से 5 लाख रुपए आसाना से ऐंठ लेता था। इंट्रोगेशन में अनिल अवस्थी ने STF को बताया कि वो करीब 150 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। करोड़ों रुपए की ठगी कर उसने गांव में ऑलीशान मकान बनवाया है। इस मकान की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। नौकरी लगवाने की बात शातिर अक्सर सोशल मीडिया के नेटवर्क से ही करता था।


“नटवरलाल” ने 2008 में ज्वाइन की थी सेना की नौकरी


ग्राम-पोस्ट रैपुरा थाना बीघापुर जनपद उन्नाव निवासी तेज शंकर अवस्थी के लड़के आलोक अवस्थी का साल 2008 में सेना की नौकरी में चयनित हुआ था। सेना में चयनित होने के बाद बेंगलुरु में इसने सेना की ट्रेनिंग ली। इसके बाद उदयपुर और बाद में दार्जलिंग इसकी पोस्टिंग रही। बताया जा रहा है कि 2012 में इसकी पत्नी के गर्भपात हो गया। कुछ दिनों बाद वो अनिल अवस्थी को छोड़कर चली गई। उसके बाद से अनिल वापस लौटकर ड्यूटी ज्वाइन करने नहीं गया। सेना के तमाम अफसर आए लेकिन अनिल उनके हाथ नहीं लगा। तमाम लिखापढ़ी के बाद सेना ने अनिल अवस्थी को भगोड़ा घोषित कर दिया। भगोड़ा घोषित होने के बाद से ये फरार था।


2016 में Start किया बेरोजगारों को ठगने का काम


काफी दिनों तक सेना के अफसरों से लुकाछिपा का खेल खेलने के बाद अनिल अवस्थी ने 2016 में बेरोजगारों को ठगने का काम शुरु कर दिया। उत्तराखंड, बिहार, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के सैकड़ों बेरोजगारों को उसने एक झटके में ठगी का शिकार बनाया। सूत्रों की मानें तो अनिल अवस्थी अब तक कई सौ लोगों को ठग चुका है। उसके तमाम नेटवर्क के तार खंगाले जा रहे हैं।

फर्जी JCO के पास से मिले भारतीय सेना और कैंटीन के कार्ड


STF ने तीन साल से बेरोजगारों को ठगने वाले “नटवरलाल” अनिल अवस्थी के पास से भारतीय सेना का परिचय पत्र F062890  और आर्मी संख्या नंबर 16115143 P बरामद किया गया। इस पर शातिर की फोटो लगी है। साथ ही कैंटीन स्मार्ट कार्ड (लिकर कार्ड), चेकबुक, पैनकार्ड, ठगी के रुपयों से खरीदी गई वैगन-आर कार, भी एसटीएफ की टीम ने बरामद की है। एसटीएफ ने इस शातिर को कैंट थाना एरिया के सर्किट हाउस तिराहे के पास से गिरफ्तार किया। शातिर की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने लोकल पुलिस की भी मौके पर मदद ली। हालांकि सटीक लोकेशन MI के जरिए ही STF को मिली थी। जिसके बाद नटवरलाल को गिरफ्तार करने के लिए STF इंस्पेक्टर ने टीम के साथ मिलकर घेराबंदी कर सफलता प्राप्त की।

 

 

 

Kanpur के कल्याणपुर थाना एरिया स्थित रावतपुर चौकी क्षेत्र में गुरुवार रात राहुल सिंह नाम के युवक पर वर्ग विशेष के कुछ युवकों की तरफ से किए गए हमले के बाद प्रकरण में नया मोड़ आ गया। पार्षद कविता सिंह के पति महेंद्र विक्रम सिंह और उनके  ससुर की SP (West) संजीव सुमन से काफी बहस हुई। पार्षद पति का आरोप है कि उनके साथ अभद्रता कर जेल भेजने की धमकी दी गई। आक्रोशित बीजेपी नेताओं और पार्षदों ने पूरे मामले से UP Police के DGP ओम प्रकाश सिंह और एक डिप्टी सीएम से अवगत कराया। दोपहर में पार्षदों का एक प्रतिनिधि मंडल SSP (KNR) अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचा। पार्षदों ने SSP से कहा कि मुखबिर आरिफ को कांड़ा को आखिर क्यों बचाया जा रहा है ?


[caption id="attachment_19833" align="aligncenter" width="512"] SSP अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रतिनिधि मंडल के लोग।[/caption]

Yogesh Tripathi


गुरुवार Mid-Night राहुल सिंह नाम के युवक पर हुआ था हमला


गुरुवार देर रात को गाड़ी से जा रहे राहुल सिंह नाम के युवक की गाड़ी मस्जिद के पास एक युवक से टकरा गई। राहुल सिंह का आरोप है कि वहां आरिफ कांड़ा ने अपने साथियों के साथ उसे गली में खींच लिया और लात-घूंसे से पीटने के बाद धारदार हथियार से हमला कर लहूलुहान कर दिया। देर रात हिन्दू संगठनों के लोग रावतपुर चौकी भी पहुंचे। कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में ले लिया। रात में ही PAC को भी बुलाकर एरिया में तैनात किया गया।

पार्षद पति ने लगाया IPS अफसर पर आरोप


बीजेपी पार्षद कविता सिंह के पति महेंद्र विक्रम सिंह का आरोप है कि प्रकरण पर उनकी जब एसपी पश्चिम से बातचीत हुई तो वे उल्टा हम लोगों को ही भला-बुरा कहने लगे। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद जब बढ़ा तो फर्जी मुकदमें में जेल भेजने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं उनको चौकी आकर वन टू वन बात करने को भी कहा गया।

DGP और डिप्टी सीएम से शिकायत


पूरे प्रकरण की जानकारी जब बीजेपी नेताओं को मिली तो सभी आक्रोशित हो गए। एक बीजेपी पार्षद ने प्रकरण को लेकर डिप्टी सीएम और डीजीपी ओपी सिंह से बातचीत करते हुए सत्ताधारी दल के लोगों को ही प्रताड़ित किए जाने की बात कही। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डीजीपी और डिप्टी सीएम से शिकायत के बाद जब सकारात्मक जवाब मिला तो पार्षद पति महेंद्र विक्रम सिंह, नवीन पंडित, समेत कई पार्षद और भाजपा नेता दोपहर को एसएसपी से मुलाकात करने पहुंचे। करीब आधे घंटे तक बातचीत के दौरान पार्षदों ने एसपी वेस्ट के खिलाफ शिकायतों की झड़ी लगा दी।

एक पार्षद ने आरिफ कांड़ा समेत दो-तीन मुखबिरों का नाम लेते हुए पूछा कि आखिर इन लोगों के नाम आने के बाद पुलिस क्यों बचा रही है ? पीड़ित लोगों को ही पुलिस क्यों परेशान और प्रताड़ित कर रही है ? बाहर निकलने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि एसएसपी से पूरे प्रकरण की शिकायत की गई है। प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि सुबह चार बजे थाने से एसआई का फोन आया कि तहरीर से आरिफ कांड़ा का नाम निकाल दो।


कौन है आरिफ कांड़ा ?


आरिफ कांड़ा रावतपुर चौकी एरिया में रहता है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कई साल पहले एक बड़े वाहन चोरों के रैकट को पुलिस ने पकड़ा था। उसमें आरिफ काड़ा का नाम आया। किसी तरह आरिफ कांड़ा ने खुद को बचा तो लिया लेकिन बाद में पुलिस से बचने के लिए उसे मुखबिरी करनी पड़ी। अब हाल ये है कि वो एरिया के साथ-साथ कई और जगहों पर भी पुलिस के लिए मखबिरी करता है। कुछ पुलिस वालों से उसका तालमेल ठीक है। यही वजह है कि वह एरिया में रंगबाजी भी खूब करता है। पुलिस से जान पहचान की वजह से वो रौब भी खूब गांठता है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों की वो किरकिरी भी बना है।

S-10 को फिर से रिवाइज करने की बात कह चुके हैं ACM


कल्याणपुर थाना एरिया के S-10 में शामिल किए गए कई S-10 सदस्यों को लेकर हर बार अंगुली उठती है। कुछ दिन पहले भी शिकायत सीओ और एसीएम से की गई। जिसके बाद एसीएम ने कमेटी को फिर से रिवाइज करने का आश्वासन दिया था। उल्लेखनीय है कि पिछली कुछ घटनाओं में S-10 के कुछ लोगों के बवाल में शामिल होने और असमाजिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप बीजेपी के नेता लंबे समय से लगा रहे हैं।

रावतपुर मुद्दे पर क्या कहती है क्षेत्रीय जनता ?


रावतपुर एरिया का माहौल पिछले 7 साल से बेहद खराब है। हिन्दू वर्ग का त्योहार हो या फिर मुस्लिमों का, माहौल हमेशा तल्ख रहता है। जरा सा वाद-विवाद भी यहां पर सांप्रदायिक रंग ले लेता है। कई बार पुलिस टीम पर हमले हो चुके हैं। एसडीएम और थानेदार की गाड़ियां तक फूंकी जा चुकी हैं। लेकिन बवाल थमने के बाद अफसर फिर सुस्त हो जाते हैं। 7 साल से यहां पर जो हालात बने हैं उसकी रोकथाम के लिए अफसरों की तरफ से अभी तक न तो कोई ठोस रणनीति बनी हैं और न ही कारगार उपाय।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कल्याणपुर थाने और रावतपुर चौकी में स्वच्छ और ईमानदार छवि के पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही साथ पुराने बवाल में आरोपित लोगों और उनके करीबियों पर निगरानी की जाए। पुराने मुकदमों में अभी तक स्थिति क्या है ? आरोपितों का क्षेत्र में क्या माहौल है ? और उनकी गतिविधियां क्या हैं ? इन सब बातों पर यदि पुलिस अफसर काम करेंगे तो हालात काफी हद तक सुधरेंगे। अपराधिक छवि के लोगों पर जिला बदर और गैंगस्टर व गुंडा एक्ट जैसी कार्रवाई भी बेहद आवश्यक है।

 

नोट-----SSP (KNR) अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने पहुंचे पार्षदों के प्रतिनिधि मंडल का Video पोर्टल के पास मौजूद है। लेकिन उसे किसी खास वजह से खबर में Post नहीं किया गया है।


 

अमन-चैन के दुश्मनों ने एक बार फिर Kanpur City का माहौल खराब करने की कोशिश की। गाड़ी से टक्कर लगने पर वर्ग विशेष के लोगों ने राहुल सिंह नाम के युवक की पिटाई कर धारदार हथियार से उसके सिर पर हमला कर दिया। घायल को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया। आधी रात सैकड़ों की भीड़ पुलिस चौकी पहुंची। कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी ने दबिश देकर दो युवकों को हिरासत में लिया है। शहर के अतिसंवेदशील रावतपुर एरिया में बीते दो महीने के दौरान ये तीसरी बड़ी घटना है, जिसमें असमाजिक तत्वों ने कानून व्यवस्था को ताक पर रख माहौल को खराब करने की चेष्टा की।


[caption id="attachment_19828" align="alignnone" width="1280"] गुरुवार देर रात्रि रावतपुर चौकी के बाहर भीड़ लगाए क्षेत्रीय लोग।[/caption]

Yogesh Tripathi


 

गाड़ी से टक्कर लगने पर खींच गली में खींच ले गए हमलावर


रावतपुर चौकी एरिया निवासी घायल युवक राहुल सिंह ने बताया कि गुरुवार रात को मस्जिद के पास से निकल रहा था। तभी उसकी गाड़ी एक युवक से टकरा गई। युवक को चोट भी नहीं आई और वहां मौजूद लोग उससे झगडा करने लगे। राहुल का आरोप है कि पुलिस का मुखबिर आरिफ कांड़ा ने कुछ युवकों के साथ उसे जबरन मस्जिद वाली गली में खींच लिया और बेरहमी से पिटाई की। हमलावरों ने उसके सिर में धारदार हथियार से हमला किया। उसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले। सूचना पर पहुंचे लोगों ने राहुल सिंह को अस्पताल पहुंचाया। इस बीच खबर फैली तो सैकड़ों की संख्या में लोग रावतपुर चौकी पहुंच गए और कार्रवाई को लेकर हंगामा करने लगे।

कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी ने त्वरित की कार्रवाई


युवक पर हमले के बाद भीड़ के रावतपुर चौकी पर पहुंचने की खबर मिलते ही कल्याणपुर के क्षेत्राधिकारी फोर्स और पीएसी के साथ पहुंचे। भीड़ को कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्होंने पीएसी बल के साथ कुछ युवकों के घर पर रात में ताबड़तोड़ छापेमारी की। सूत्रों की मानें तो दो युवकों को पुलिस ने मध्य रात्रि हिरासत में ले लिया। दोनों को कड़ी सुरक्षा में थाने लाया गया है। हालांकि देर रात तक पुलिस ने युवकों को पकड़े जाने की अधिकारिक पुष्टि नहीं की।

7 वर्ष से खराब है रावतपुर चौकी एरिया का माहौल


करीब सात साल हो चुके हैं लेकिन कल्याणपुर थाना एरिया की रावतपुर चौकी अक्सर सुर्खियों में रहती है। सपा शासनकाल के दौरान रावतपुर चौकी के सुर्खियों में आने का सिलसिला जो शुरु हुआ था वो अब भी बदस्तूर जारी है। पांच साल पहले यहां पर एसडीएम की गाड़ी तक फूंकी जा चुकी है। पुलिस पर कई बार हमले हो चुके हैं। दर्जनों बार सांप्रादायिक रंग देकर यहां के उन्मांदी लोग शहर के माहौल को खराब करने की असफल कोशिशें कर चुके हैं लेकिन जिला प्रशासन इसका कोई हल नहीं निकाल सका है। धार्मिक त्योहारों पर यहां के हालात बेहद खराब रहते हैं। हर त्योहार पर सतर्कता के बाद भी यहां पर तनाव हो ही जाता है।

दो महीने में तीसरी बार माहौल को खराब करने की कोशिश


डेढ़ महीना पहले चौकी के एक दरोगा ने नशे में धुत होकर घर के बाहर सो रहे बजरंग दल के कार्यकर्ता को कुचल दिया था। इस घटना के बाद तो काफी बवाल हुआ। एसएसपी और डीएम ने कई घंटे के अथक प्रयास के बाद हालत को किसी तरह संभाला। इस घटना में पुलिस के एक मुखबिर के भी हादसे के दौरान साथ होने की बात परिजनों कही थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस वालों पर ही रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मुखबिर आज भी बेखौफ होकर घूम रहा है।


दूसरी घटना करीब एक महीना पहले की है। एक नाबालिग लड़की को भगा ले जाने से आक्रोशित वर्ग विशेष के लोगों ने लड़के के घर पर धावा बोल बमबाजी की। सड़क को जाम कर आधी रात को बवाल किया। पथराव और आगजनी की कोशिश की गई लेकिन कार्रवाई अभी तक नहीं हो सकी। खास बात ये है कि इसमें S-10 के कुछ सदस्य भी शामिल रहे। गुरुवार रात को तीसरी घटना हो गई। इसके बाद भी लोकल पुलिसिंग को ठीक करने का प्रयास अफसरों की तरफ से नहीं किया जा रहा है। इंस्पेक्टर से लेकर चौकी पुलिस तक पर न तो कोई कार्रवाई हुई है और न ही तबादला किया गया।


 

 

 

ढाई साल पहले Uttar Pradesh में जब Yogi Adityanath सरकार बनी थी तो जनता से तमाम वादे किए गए थे। उसमें सबसे बड़ा एक वादा था “सूबे की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का, सरकारी कागजों में ये वादा पूरा हो चुका है लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है”। मेट्रो सिटी कानपुर की हर सड़क पर गड्ढे हैं। बुधवार को नौबस्ता बाईपास पर “मौत के गड्ढे” ने एक श्रमिक की जान ले ली। गड्ढे में फंसकर सरिया लदी ट्रैक्टर-ट्राली पलट गई और उस पर बैठा श्रमिक सरियों के बीच दब गया। मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना की वजह से काफी देर तक हाइवे पर जाम लगा रहा।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1149007412487229444

Yogesh Tripathi


ट्रैक्टर-ट्राली पर बैठता था श्रमिक


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक श्रमिक ट्रैक्टर-ट्राली पर लदी सरिया के बंडलों पर बैठा था। नौबस्ता चौराहे पर ओवरब्रिज के ठीक नीचे कई बड़े-बड़े गड्डे हैं। बारिश की वजह से इन गड्ढों में पानी भर चुका है। जिसकी वजह से ट्रैक्टर के चालक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रैक्टर-ट्राली पलट गई। ट्रैक्टर-ट्राली के पलटते ही उस पर लदी सरिया नीचे फैल गई और श्रमिक दब गया।

[caption id="attachment_19822" align="alignnone" width="720"] वाहन पर श्रमिक के शव को रखती पुलिस और लाल निशान पर गहरे गड्ढे।[/caption]

मदद के लिए पहुंची उस्मानपुर चौकी पुलिस


दुर्घटना होते ही बाईपास पर स्थित उस्मानपुर चौकी की पुलिस फोर्स तुरंत पहुंच गई। ट्रैफिक पुलिस और राहगीरों की मदद से पुलिस ने सरिया को तुरंत हटवाया। लेकिन तब तक श्रमिक की मौत हो चुकी थी। इस बीच दोनों हाइवे पर लंबा जाम लग गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों में खासा आक्रोश है।

हर रोज गिरकर चुटहिल होते हैं राहगीर


क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस चौराहे से लाखों वाहन हर रोज निकलते हैं। उसकी वजह दो व्यस्त हाइवे हैं। यहां चौराहे पर पूरे दिन जाम भी बना रहता है। गड्डा ओवरलोड मौरंग और गिट्टी के ट्रकों की वजह से हुए हैं लेकिन उसके बाद भी स्थानीय जिला प्रशासन, पीडब्लूडी और हाइवे की तरफ से गड्डा भरा नहीं गया। जिसकी वजह से श्रमिक की जान चली गई। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि हर रोज यहां पर गड्डे में गिरकर राहगीर चुटहिल होते हैं। तमाम शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान अभी तक इस तरफ नहीं गया है।

मौरंग और गिट्टी माफियाओं की दबंगई से हुए हैं गड्डे


नौबस्ता बाईपास चौराहे पर लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढे हैं। ये गड्ढे मौरंग और गिट्टी माफियाओं के गुजरने वाले ओवरलोड ट्रकों की वजह से हुए हैं। इस रोड पर सिक्का सिर्फ मौरंग और गिट्टी माफियाओं का ही चलता है। इसमें माननीयों से लेकर पुलिस वाले तक शामिल हैं। कई पुलिस वालों और सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के सैकड़ों ट्रक मौरंग और गिट्टी ढोते हैं। कुछ दबंग किस्म के लोगों के पास इसका संचालन हैं। इन दबंग और सफेदपोश लोगों पर सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं की “छतरी” है। स्थानीय लोगों की मानें तो सजेती से लेकर घाटमपुर फिर बिधनू और नौबस्ता पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं करती है। इन थानों की पुलिस का सिस्टम पुराने तरीके से सेट है। जिसकी वजह से बेखौफ माफिया ओवरलोड ट्रकों को निकलवाते हैं। तस्वीरें देखनी हों तो बाईपास पर कभी भी देखी जा सकती हैं। 24 घंटे ओवरलोड ट्रक यहां से गुजरते हैं। लोकल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस सबसे पहले इन वाहनों को ही निकालती है।

 

 

Uttar Pradesh के Fatehpur जनपद में मंगलवार शाम को घर के बाहर खेल रही 7 साल की मासूम बच्ची को अगवा कर पड़ोसी युवक ने उसके साथ दरिंदगी और हैवानियत की। बच्ची के साथ Rape करने के बाद हैवान ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को बोरी में बंद कर युवक ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा था लेकिन तभी परिजन पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने जब बच्ची की लाश बोरी में देखी तो सभी का गुस्सा फूट पड़ा। आरोपी की जमकर धुनाई की। मौके पर पहुंची पुलिस उसे भीड़ के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस ने लहूलुहान हालत में आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात एसपी रमेश कुमार भी पहुंचे।


 

Yogesh Tripathi


मुंबई में सिलाई कारीगर है बच्ची का पिता


कोतवाली क्षेत्र के आधारपुरा उनवा गांव निवासी बच्ची का पिता मुंबई में सिलाई कारीगर है। बच्ची की मां अपने तीन बेटियों और दो बेटों के साथ गांव में रहती है। सात साल की बच्ची दूसरे नंबर की थी। बच्ची की मां ने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम 6 बजे तक बच्ची अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रही थी। खेलने के दौरान वो अचानक लापता हो गई तो मां उसे खोजने लगी। लेकिन जब काफी देर तक बच्ची का पता नहीं चला तो मोहल्ले के लोगों के साथ खोजबीन की।

बिस्कुट का लालच देकर ले गया था पड़ोसी युवक फारुख


बच्ची के साथ खेल रहे अन्य बच्चों ने बताया कि मोहल्ले में रहने वाला फारुख बिस्कुट खिलाने की बात कहकर बच्ची को साथ ले गया है। इस पर बच्ची की मां फारुख के घर पहुंची। फारुख ने कहा कि बच्ची आई थी लेकिन चली गई। इस पर बच्ची की मां वापस लौट आई। कुछ देर बाद वो दोबारा पहुंची तो भी फारुख ने यही जवाब दिया। शक होने पर मां तीसरी बार फारुख के घर पहुंची। वहां फारुख की पत्नी और उसके चार बच्चे भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान फारुख के एक बच्चे का पैर बोरी में बंद शव से टकराया तो वह चीख पड़ा। यह देख फारुख भागने लगा। बच्ची की मां के साथ गए लोगों ने उसे दबोच लिया और लात-घूंसे से पिटाई शुरु कर दी। फारुख की धुनाई होते देख उसकी पत्नी और बच्चे भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से फारुख को चंगुल से मुक्त कराने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

बच्ची की मां बोली, हैवानियत के बाद की हत्या


बच्ची की लाश बोरी में देखने के बाद उसकी मां बेसुध हो गई। किसी तरह जब वो होश में आई तो बस यही चिल्लाती रही कि बिटिया के साथ हैवानियत के बाद दरिंदे ने उसकी हत्या कर दी। ग्रामीणों के मुताबिक बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद फारुख ने शव को बोरी में बंद कर दिया था। वो लाश को ठिकाने लगाने की योजना बना रहा था लेकिन तभी मां तीसरी बार पहुंच गई और दरिंदे की पोल-पट्टी खुल गई।

क्या कहते हैं एसपी फतेहपुर ?


वारदात की खबर सुनकर जिला अस्पताल में पहुंचे एसपी रमेश ने कहा कि अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, फोरेंसिक टीम की मदद से छानबीन कराई जा रही है। सीओ सिटी कपिलदेव मिश्रा का कहना है कि बच्ची के मां कोई रंजिश नहीं है। पिता बाहर रहते हैं। बच्ची की मां ने दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया है। शव आरोपी के घर बोरी में बंद मिला है। आरोपी के नशे में होने की वजह से पूरा घटनाक्रम अभी नहीं खुल सका है। दुष्कर्म और हत्या से इंकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होगी। ग्रामीणों के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी की पत्नी घर में ही मौजूद थी। फारुख की पत्नी भी शक के दायरे में है।

 

 

 

वर्ष 2017 में Uttar Pradesh की सत्ता संभालने के बाद UPCM Yogi Adityanath ने कहा था कि सूबे में अब “रामराज्य” की स्थापना होगी। “माफिया और गुंडे UP छोड़ दें या फिर जेल जाने और गोली खाने के लिए तैयार रहें” माफिया और गुंडे जेल भी गए और गोलियां भी खा रहे हैं। लेकिन “यक्ष प्रश्न” ये है कि जेल जाने के बाद भी क्या माफिया और गुंडे अपराध नहीं कर रहे हैं ? नैनी, उन्नाव, मऊ समेत सूबे की तमाम जिला कारागारों के अंदर से अभी हाल में जो खौफनाक Video Viral हुए हैं उसे देखने के बाद तो बिल्कुल नहीं कहा जा सकता है कि अपराधियों के चेहरों पर कोई सिकन है। ताजा मामला Kanpur का सामने आया है। यहां की जेल में बंद शार्प शूटर को रंगदारी भेजवाने के लिए कारोबारी को मोबाइल पर बेखौफ अंदाज में धमकी दी गई। पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के भाई की पांच साल पहले सनसनीखेज तरीके से पूर्वांचल के शूटरों ने अंधाधुंध गोलियों की बौंछार कर हत्या कर दी थी।  


[caption id="attachment_19816" align="alignnone" width="720"] पीड़ित कारोबारी विशाल गुप्ता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद मीडिया को बयान देते बाबूपुरवा क्षेत्राधिकारी।[/caption]

  


Yogesh Tripathi


 

2014 में निरंकारी भवन के पास हुई थी प्रापर्टी डीलर की हत्या


विनोवा नगर निवासी प्रापर्टी डीलर प्रशांत गुप्ता उर्फ गुड्डू की 25 मई 2014 को गोविंदनगर थाना एरिया के निरंकारी भवन के पास हत्या हुई थी। शूटर अमित जायसवाल और अभिनव जेल में बंद हैं। एक और आरोपी राजू गर्ग Kanpur Police की सरकारी फाइलों में Wanted है। राजू गर्ग के बारे में जानकारी रखने वाले पुलिस सूत्रों की मानें तो यूपी से लेकर बिहार का कोई ऐसा माफिया नहीं है जिससे उसके तार सीधे तौर पर न जुड़े हों। फिर वो चाहे मुख्तार अंसारी हो या जेल में मारा गया मुन्ना बजरंगी। सभी के राजू गर्ग के सीधे कनेक्शन रहे हैं। जेल में बंद अमित जायसवाल और अभिनव को पांच साल पहले लिखापढ़ी करते समय गोविंदनगर की पुलिस ने राजू गर्ग का ही शूटर बताया था। दोनों अभी भी जेल में बंद हैं। तत्कालीन एसएसपी अजय कुमार मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम का तब खुलासा किया था।

प्रापर्टी के कारोबार में राजू गर्ग का पार्टनर था प्रशांत गुप्ता


पूर्वांचल के शूटरों और माफियाओं के बारे में गहरी जानकारी रखने वाले पुलिस कर्मियों की मानें तो Most Wanted राजू गर्ग रेलवे के स्क्रैप की ठेकेदार करता था। कानपुर के दक्षिण एरिया में उसकी तगड़ी घुसपैठ कई लोगों से रही है। उसके तमाम गुर्गे अब भी अपरोक्ष तरीके से सक्रिय रहते हैं। बाहुबलियों के बल पर विवादित प्रापर्टी का धंधा करने वाले राजू गर्ग की विनोवा नगर निवासी प्रशांत गुप्ता उर्फ गुड्डू से जब दोस्ती हुई तो दोनों इस कारोबार में पार्टनर बनकर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त करने लगे थे। चकेरी के कोयला नगर समेत कई एरिया में दोनों ने अरबों रुपए के कीमत की संपत्तियां खरीदीं और बेंची। करोड़ों के लेनदेन में दोनों के बीच रार बढ़ी तो प्रशांत को कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। दहशत फैलाने के लिए फिल्मी स्टाइल में निरंकारी भवन चौराहे पर बेखौफ अंदाज में पूर्वांचल के शूटरों ने हत्या की।

मुन्ना बजरंगी से मुख्तार अंसारी फिर बिहार का माफिया डॉन


पूर्वांचल के बाहुबलियों और शार्प शूटरों के बारे में तगड़ी मालुमात रखने वाले एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की मानें तो 2000 के आसपास तक रेलवे के स्क्रैप की ठेकेदारी करने वाले राजू गर्ग का कनेक्शन उसी समय पूर्वांचल के बाहुबली माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के दाहिने हाथ मुन्ना बजरंगी से हो गए थे। कुछ महीना पहले जेल में मारा गया मुन्ना बजरंगी मुख्तार के लिए काम करता था। मुन्ना बजरंगी के जरिए राजू गर्ग जेल में बंद मुख्तार अंसारी का करीबी हो गया। उसके बाद तो राजू का नेटवर्क बिहार के बाहुबलियों तक सीधे तौर पर रहा।

छोटा राजन गैंग के माफिया माया शंकर की की दोस्ती लाई रंग


पुलिस सूत्रों की मानें तो छोटा राजन गैंग से जुड़े रहे माफिया मायाशंकर सिंह उर्फ भीम सिंह से राजू गर्ग की कई साल पहले दोस्ती हुई थी। इस दोस्ती ने राजू गर्ग को करोड़पति बना दिया। मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़ा मायाशंकर सिंह मुख्तार अंसारी के जानी दुश्मन ब्रजेश सिंह के गांव का रहने वाला है। मायाशंकर के बारे में बताया जाता है कि अपने भाई दयाशंकर सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए उसने मुख्तार का दामन थामा था। 1989 से 1990 के बीच वाराणसी में वासुदेव सिंह, गोपाल सेठ और शंभू गुप्ता की हत्या की। 1996 में उसने शराब कारोबारी जवाहर जायसवाल पर AK-56 से हमला किया। जवाहर तो बच गए लेकिन एक लड़की की मौत हो गई थी। इस हमले में पुलिस वाले भी घायल हुए थे।

Kanpur में राजू गर्ग से हुई थी मायाशंकर की दोस्ती


पुलिस का दबाव बढ़ने पर मायाशंकर कानपुर में अपने साढ़ू अतुल सिंह के घर रहने लगा। यहीं उसकी मुलाकात राजू गर्ग से हुई। भीम ने राजू गर्ग, अतुल सिंह, नागेंद्र, लड्डू, नागेश रघुवंशी के साथ गिरोह बनाया। फिर रेलवे में बड़ी लाइन के स्क्रैप ठेकेदारों से अवैध वसूली और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा। राजू के किदवई नगर स्थित मकान में वारदात को अंजाम देने की साजिश रची जाती थी। वर्ष 2000 में मुन्ना बजरंगी गैंग के दो शूटरों को किदवईनगर के तत्कालीन SO ऋषिकांत शुक्ला ने तार बंगलिया रोड पर एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। तब भी राजू गर्ग का नाम आया था लेकिन सबकुछ ठंडे बस्ते में चला गया। कुछ दिन बाद मायाशंकर उर्फ भीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद राजू गर्ग ने माफिया के नाम पर स्क्रैप की ठेकेदारी शुरू कर दी। इसके बाद राजू ने मुन्ना बजरंगी गिरोह के सदस्यों से दोस्ती बढ़ाई और कानपुर में बजरंगी के नाम पर ठेकेदारी और जमीन का कारोबार करने लगा।

आखिर कौन दे रहा है प्रशांत के भाई विशाल को बार-बार धमकी ?


प्रशांत की हत्या पांच साल पहले हो चुकी है। प्रशांत की हत्या के इल्जाम में पूर्वांचल के दो शूटर्स जेल में बंद हैं। प्रशांत के भाई विशाल गुप्ता को इसके पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। उन पर हमले भी हो चुके हैं। सवाल ये उठता है कि आखिर कौन है जो बार-बार धमकी दे रहा है। पहले मिली दो धमकियों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट भी लगा दी है। अब क्या ये माना जाए कि कानपुर में अभी भी पूर्वांचल के माफियाओं का दबदबा है और उनके शूटरों की यहां आमदरफ्त रहती है। क्या पुलिस का खौफ अब गुंडों और माफियाओं पर बिल्कुल नहीं है। पीड़ित कारोबारी विशाल गुप्ता की शिकायत के बाद किदवईनगर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। विशाल का कहना है कि मुकदमे की पैरवी वो खुद कर रहे हैं। मुकदमा वापस लेने के लिए राजू गर्ग और उसके गुर्गे बराबर धमकियां दे रहा है। उनकी जानमाल को खतरा है।  बाबूपुरवा सर्किल के क्षेत्राधिकारी का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। जिस नंबर से धमकी दी गई है। उसको सर्विलांस पर लिया गया है। CDR निकलवाने के साथ जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी उसे किया जाएगा।

 

 

Kanpur के नवाबगंज थाना एरिया में 21 जून 2019 उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोशिएशन (UPCA) के डॉयरेक्टर एसके अग्रवाल की बेटी के घर दुस्सहासिक डकैती की वारदात का IG (Range) Kanpur की Crime Branch और नजीराबाद पुलिस ने किया खुलासा कर 6 बदमाशों को Arrest कर लिया। इसमें 2 बाल बदमाश भी शामिल हैं। सनसनीखेज और दुस्साहसिक वारदात का “ब्लूप्रिंट” नौकरानी ने तैयार किया था। नौकरानी के भाई की अगुवाई में गिरोह ने फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम देकर पुलिस के रातों की नींद उड़ा दी थी। पुलिस के करीबी सूत्रों की मानें तो सर्विलांस सेल का बेहद अहम योगदान रहा। इसके बाद IG Range (Kanpur) के क्राइम ब्रांच प्रभारी विनोद मिश्रा और नजीराबाद इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी ने कई जिलों में ताबड़तोड़ दबिश देकर बदमाशों को धर दबोचा। घटना के अनावरण में शिवराजपुर और नवाबगंज पुलिस का भी योगदान रहा।


[caption id="attachment_19808" align="aligncenter" width="498"] शातिर लुटेरा पप्पू। नोट तीन नाबालिग और तीन लड़कियों भी पकड़ी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की वजह से उन सभी की फोटो पोर्टल में नहीं प्रकाशित की जा रही हैं।[/caption]

Yogesh Tripathi











UPCA के डॉयरेक्टर एस.के अग्रवाल की बेटी हैं अनीता

नवाबगंज ख्यौरा निवासिनी अनीता मित्तल उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोशिसन (UPCA) के डॉयरेक्टर एसके अग्रवाल की बेटी हैं। उनके पति स्वर्गीय डॉक्टर अनुराग मित्तल की कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी। बीती 21 जून को अनीता मित्तल के घर कुछ नकाबपोश बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। कीमती सामान के साथ बदमाश लॉकर और वैगन आर कार भी ले गए थे। मामला बेहद हाईप्रोफाइल परिवार से जुड़ा होने की वजह से शहर के आला अफसर घटना के बाद मौका-ए-वारदात पर पहुंचे थे। तत्कालीन IG Range (Kanpur) आलोक सिंह ने अपनी क्राइम ब्रांच को भी घटना का खुलासा करने के लिए लगाया था।

[caption id="attachment_19812" align="aligncenter" width="498"] मनोज रघुवंशी (इंस्पेक्टर नजीराबाद)।[/caption]

सर्विलांस सेल फिर बना पुलिस के लिए “संकटमोचन”

अनीता मित्तल के घर पड़ी डकैती पुलिस के लिए सिरदर्द बनी थी। पुलिस के आला अफसरों पर घटना को सही ढंग से अनावरण करने का काफी प्रेशर था। शुरुआती दिनों में जब पुलिस टीमों को सफलता नहीं मिली तो सर्विलांस सेल की मदद ली गई। सर्विलांस सेल के एक्सपर्ट ने एक मोबाइल की लोकेशन जब IG की क्राइम ब्रांच टीम को दी तो उसके बाद टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए एक के बाद एक 6 बदमाशों को धर दबोचा। बदमाशों को पकड़ने वाली टीम की मानें तो एक बदमाश ने मोबाइल का पासवर्ड तोड़वाने के बाद उसमें सिम डलवाया। जिसके बाद लोकेशन ट्रेस हो गई। टीम ने पहले दुकानदार को उठाया फिर उसके जरिए एक बदमाश और फिर पूरे गिरोह को पकड़ लिया। पुलिस को करीब चार जिलों में इसके लिए दबिश देनी पड़ी।

10 लाख की ज्वैलरी, कार, मोबाइल बरामद

IG की क्राइम ब्रांच टीम ने पकड़े गए बदमाशों के पास से 10 लाख रुपए की ज्वैलरी, अनीता मित्तल की कार, उनका मोबाइल बरामद किया है। गिरोह का सरगना, एक ज्वैलर्स और एक महिला समेत चार बदमाश अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इनकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

ये बदमाश पुलिस टीम ने किए Arrest

पुलिस ने वारदात में शामिल नवाबगंज ख्यौरा निवासिसनी सावित्री , उसकी तीन बेटियों, मुन्नी, दीपिका, प्रियंका के साथ-साथ रिश्तेदार पप्पू और उसके दो नाबालिग बच्चों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। सभी की निशानदेही पर ज्वैलरी, मोबाइल और कार की बरामदगी पुलिस टीम ने की।

दीपिका ने की थी अनीता मित्तल के घर नौकरी

पकड़ी गई दीपिका ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि अनीता मित्तल के घर वो नौकरानी रह चुकी है। उसे घर के एक-एक कोने के बारे में जानकारी थी। वारदात का “ब्लूप्रिंट” उसने ही तैयार किया था। उसके बाद उसने आर्थिक तंगी से जूझ रहे अपने भाई अभिषेक को वारदात करने के लिए तैयार किया। अभिषेक ने रिश्तेदार पप्पू के साथ मिलकर 21 जून की दोपहर वारदात को अंजाम दे दिया। डकैती के बाद अभिषेक ने लाखों की ज्वैलरी श्याम ज्वैलर्स के मालिक को बेंचे थे। कन्नौज निवासी ज्वैलर्स श्याम बाबू, कन्नौज की रहने वाली गंगा, ख्यौरा नवाबगंज कानपुर की सावित्री और उसका लड़का अभिषेक फिलहाल फरार हैं। इनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

Work Out में पुलिस की ये टीम रही शामिल----

इस बड़े गुडवर्क में IG Range (Kanpur) की क्राइम ब्रांच टीम के प्रभारी विनोद मिश्रा, कांस्टेबल ललित यादव, नजीराबाद इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी, सब इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह, स्वाट टीम प्रभारी पुष्पराज सिंह, शिवराजपुर थाना प्रभारी और उनकी टीम, नवाबगंज थाने के इंस्पेक्टर दिलीप कुमार बिन्द और उनकी टीम शामिल रही।

 

 

Uttar Pradesh के Agra में मंडे की सुबह बड़ा हादसा हो गया। यमुना एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भर रही सवारियों से भरी डबल डेकर बस ड्राइवर के नींद आने की वजह से अनियंत्रित होकर "झरना नाला" में गिर गई। इस भीषण Accident में 29 लोगों की मौत हो गई, जबकि काफी संख्या में यात्री घायल हो गए। जिला प्रशासन के मुताबिक मरने वालों की संख्या अभी बढ़ सकती है। जेसीबी की मदद से राहत और बचाव कार्य जारी है। सभी बड़े अफसर मौके पर मौजूद हैं। हादसा सुबह करीब 4.30 बजे के करीब हुआ।


[caption id="attachment_19796" align="alignnone" width="735"] जेसीबी की मदद से बस को बाहर खींचने की कोशिश और मौके पर जमा सैकड़ों लोगों की भीड़।[/caption]

Yogesh Tripathi


 एत्मादपुर थाना एरिया में Accident

सोमवार सुबह यह भीषण हादसा एत्मादपुर थाना एरिया में हुआ। घायलों के मुताबिक बस के ड्राइवर को झपकी लगने की वजह से उसने स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया। जिसकी वजह से बस बेकाबू होकर चार फिट ऊंची रेलिंग पर चढ़ गया। इसके करीब चार दर्जन सवारियों से भरी ये बस गंदे नाले में जा गिरी। Accident के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को सूचना देकर स्थानीय लोग बस में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करने लगे। सूचना पर पहुंचे पुलिस के बड़े अफसरों ने तुरंत जेसीबी मंगवाई। जेसीबी की मदद से राहत और बचाव कार्य को शुरु करवाया। इस बड़े हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Tweet कर दुःख जताया है। CM ने 5-5 लाख रुपए के आर्थिक मुआवजे की घोषणा की है।

[caption id="attachment_19802" align="alignnone" width="754"] Accident में मृत यात्रियों की फोटो आगरा पुलिस की तरफ से जारी की गई है। (1)
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https://twitter.com/ANINewsUP/status/1148082677658071040

29 शवों को निकाले जाने की पुष्टि जिला प्रशासन ने की


अब तक 29  लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। करीब दर्जन भर से अधिक लोगों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि बस में करीब चार दर्जन लोग सवार थे। इसमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं। बस लखनऊ से दिल्ली जा रही थी। जब बस यमुना एक्सप्रेस वे पर झरना नाले के पास पहुंची तो ड्राइवर को झपकी आ गई।

[caption id="attachment_19803" align="alignnone" width="783"] आगरा पुलिस की तरफ से हादसे में मृत यात्रियों की फोटो जारी की गई है। (2)[/caption]

https://twitter.com/pankajjha_/status/1148047751453609984

[caption id="attachment_19804" align="alignnone" width="907"] आगरा बस हादसे में मृत यात्रियों की फोटो। नोट ये फोटो पुलिस की तरफ से जारी की गई है (3)[/caption]

बस में भी फंसे हैं कई यात्री


खबर आ रही है कि झरना नाला में बेकाबू होकर गिरी डबल डेकर बस में कई यात्री फंसे हुए हैं। पुलिस प्रशासन बस में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए पूरी कवायद कर रहा है। जो घायल अभी तक रेस्क्यू कर बाहर निकाले गए हैं उन्हें इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

https://twitter.com/myogiadityanath/status/1148087338179760128

CM ने हादसे पर जताया दु:ख


UPCM योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एसपी और डीएम को मौके पर पहुंचकर घायलों को जल्द इलाज दिलाने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार वालों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

https://twitter.com/myogiadityanath/status/1148093195328163840

UPDATE NEWS----अभी तक की छानबीन में प्रशासन को जानकारियां मिली हैं, उसके मुताबिक चालक करीब 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से बस को भगा रहा था। झरना नाला से थोड़ा पहले उसे इसी बीच झपकी आ गई। जिसकी वजह से उसने स्टेयिरंग से नियंत्रण खो दिया और बस 60 फिट गहरे नाले में जा गिरी। हादसे के वक्त अधिकतर यात्री नींद में थे।

 

 

Uttar Pradesh के Etawah जनपद की जिला कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदी शनिवार की Mid-Night सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए रस्सी और बांस के सहारे जेल की दीवार से छलांग लगाकर फिल्मी स्टाइल में भाग निकले। रामानंद नाम के कैदी की स्टेशन पर मालगाड़ी के चपेट में आने से मौत हो गई। जबकि चंद्रप्रकाश नाम का कैदी भागने में सफल हो गया। रामानंद औरैया जनपद का निवासी था। जेल की सुरक्षा में सेंध लगने की खबर मिलते ही सभी आला अफसर मौके पर पहुंचे। जेल अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1147772285715144704

Yogesh Tripathi


उम्रकैद की सजा काट रहे थे दोनों


औरैया जनपद के फंफूद ग्राम दशहरा निवासी रामानंद पुत्र गोरेलाल और उसका साथी इटावा इकदिल ग्राम महानेपुर निवासी चंद्रप्रकाश उर्फ चंदू पुत्र रामभरोसे उम्रकैद की सजा काट रहे थे। कोर्ट से सजा मुकर्रर होने के बाद दोनों को बैरक नंबर 5-A में रखा गया था। इस बैरक में तीन कैदी थे। सुरक्षा के लिए बंदी रक्षकों की तैनाती थी। बताया जाता है कि दोनों खूंखार किस्म का अपराधी थे। इसके चलते विशेष सुरक्षा लगाई गई थी।

https://twitter.com/adgzonekanpur/status/1147773008397787137

फिल्मी स्टाइल में जेल की दीवार कूदकर भागे दोनों कैदी

शनिवार रात करीब दो बजे जब सभी कैदी और बंदी सो गए तो रामानंद और चंद्रप्रकाश ने जेल से भागने की तैयारी की। बंदी रक्षक भी आधी रात के बाद सुस्त पड़ गए। करीब दो बजे दोनों किसी तरह बैरक से बाहर निकल आए और पहले से छिपाकर रखे बांस और रस्सी को निकाल लाए। इसके बाद बांस को जोड़कर दीवार पर टिका दिए और रस्सी की मदद से दीवार के ऊपर तक पहुंच गए। दीवार के ऊपर से दोनों ही सैयद बाबा वाली साइड पर उतरकर भाग निकले।

रामानंद को मौत खींचकर लाई स्टेशन

खूंखार किस्म के अपराधी रामानंद को मौत खींचकर इटावा रेलवे स्टेशन तक ले गई। जेल की दीवार फांदकर बाहर निकलने के बाद दोनों शहर से भागने की फिराक में रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां पर दोनों को जीआरपी और आरपीएफ के जरिए पकड़े जाने की आशंका हुई। इस पर दोनों रेलवे ट्रैक के पास खड़े हो गए। दोनों ट्रेन का इंतजार कर ही रहे थे कि अचानक मालगाड़ी आ गई। मालगाड़ी की चपेट में आने से रामानंद की मौत हो गई। जबकि चंद्रप्रकाश भाग निकला।

काफी देर बाद जेल प्रशासन को लगी खबर

जेल की चहारदीवारी फांदकर दो कैदियों के भागने की खबर काफी देर बाद जेल प्रशासन को हुई। सूत्रों की मानें तो जेल कर्मचारी रात में ही पुलिस और उच्चाधिकारियों को सूचना दिए बगैर फरार हुए दोनों कैदियों की तलाश में जुट गए। यह मानते हुए कि भागने के बाद दोनों बस अड्डे या फिर रेलवे स्टेशन गए होंगे। इसपर जेल कर्मी जब रेलवे स्टेशन पहुंचे तो रेलवे पुलिस से रात में किसी युवक के मालगाड़ी से कटने की जानकारी हुई। जेल कर्मियों ने जब शव को देखा तो उसकी पहचान फरार कैदी रामानंद के रूप में की।

जेल अधीक्षक बोले, बड़ी चूक है

जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह ने कहा कि जेल के सुरक्षा कर्मियों की चूक से कैदी भागे हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटना के समय एक हेड कांस्टेबल और एक बंदी रक्षक की उस बैरक में ड्यूटी थी। CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है। साथ ही ये भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बांस और रस्सी कहां से पहुंची।

 

 

Uttar Pradesh के Auraiya जनपद में शनिवार सुबह "यमदूत" बने ट्रक ने ओवरलोड ऑटो में टक्कर मार दी। भीषण Accident में 5 शिक्षकों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बड़े हादसे की खबर पर @auraiyapolice की एसपी समेत सभी अफसर मौके पर पहुंचे।


[caption id="attachment_19785" align="alignnone" width="735"] भीषण Accident की खबर मिलते ही एसपी औरैया भी मौके पर पहुंचीं।[/caption]

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सहायल थाना एरिया में हुआ भीषण Accident

शनिवार सुबह यह भीषण Accident स्टेट हाईवे पर सहायल थाना क्षेत्र के गपचारियापुर गांव के पास हुआ। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर इतनी भयावह थी कि ऑटो सवार लोगों की पल भर में ही मौत हो गई। चारो तरफ सड़क पर खून ही खून फैल गया। दुर्घटना में ऑटो का चालक भी काल के गाल में समां गया।

Accident में इन लोगों को काल ने छीन लिया

Accident में स्वरूपा शुक्ला (61) कार्यवाहक प्रधानाचार्य कन्या विद्यालय पुरवा सुजान में निवासी शांति नगर दिबियापुर, राकेश गुप्ता (61) पुत्र रामनाथ गुप्ता जनता इंटर कॉलेज पुरवा सुजान में टीचर, स्वतंत्र वर्मा (60) पुत्र लालमन निवासी भगवतीगंज दिबियापुर जनता इंटर कॉलेज पुरवा सुजान में टीचर, दिनेश कुमार वर्मा (40) निवासी लखीमपुर खीरी टीचर जनता इंटर कॉलेज, पंकज पाठक (35) ड्राइवर पुरवा भिखनी, संतोष राजपूत (50) पुत्र भगवानदीन निवासी गपचारियापुर टीचर लाल बहादुर शास्त्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय इंगलिस टीचर, जमील (42) पुत्र रमजानी निवासी अबाबर दिबियापुर मीठे बतासा कारीगर, बबोल सिंह भदौरिया (45) पुत्र विक्रम भदौरिया निवासी सिखू ठेकेदार शामिल हैं।

ये लोग गंभीर रूप से हैं घायल

दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल गोल्डी (18) पुत्री तेज सिंह निवासी बरियारेमऊ सहायल और रईस कुमार (31) पुत्र शिवनाथ सिंह निवासी कन्हो शामिल हैं। दोनों का सीएचसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक दोनों की हालत नाजुक है।

 

 

Kanpur City के चकेरी थाना एरिया स्थित सनिगवां चौकी से महज कुछ दूरी पर फ्राइ-डे की नाइट Double Murder से सनसनी मच गई। बदमाशों ने घर के अंदर 75 साल की बुजुर्ग महिला शांति और  उसके नाती सुजल उर्फ कुनाल (15) की गोली मारकर हत्या कर दी। रात को सुजल की मां कोमल बेटी सौम्या संग कास्मेटिक की दुकान बंद करके घर पहुंची तो दोनों के खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। 


[caption id="attachment_19780" align="alignnone" width="713"] मौका-ए-वारदात पर छानबीन करते SSP और पीड़ित परिवार से बातचीत करते IG Range (Kanpur) मोहित अग्रवाल।[/caption]

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दोहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही ADG (Kanpur Zone) प्रेम प्रकाश, IG Range (Kanpur) मोहित अग्रवाल, SSP अनंतदेव तिवारी मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। दोनों ही अफसरों की मौजूदगी में फिंगर एक्सपर्ट की टीम, पुलिस का खोजी कुत्ता (डॉग स्कावयड टीम) भी मौके पर पहुंची। काफी देर तक दोनों ही टीमों ने साक्ष्यों का संकलन किया। नानी, नाती को .315 बोर के तमंचे से गोली मारने की बात कही जा रही है।

https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1147212873539575808

क्या कहते हैं SSP अनंतदेव तिवारी ?


शहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतदेव तिवारी ने मीडिया को बताया कि बुजुर्ग महिला और उसके नाती का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। प्रथम दृष्ट्या संभवतः दोनों की संभवतः गोली मारकर हत्या की गई है। पुलिस की कई टीमें को बनाने के साथ सर्विलांस सेल की मदद ली जा रही है। जल्द ही घटना का अनावरण कर लिया जाएगा।

https://twitter.com/adgzonekanpur/status/1147195663286824960

SSP की अगुवाई में चल रही थी चकेरी में वाहन चेकिंग


शहर में अपराधी किस कदर बेखौफ हो चुके हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस समय चकेरी के सनिगवां चौकी एरिया में डबल मर्डर की वारदात हुई ठीक उसी समय एसएसपी अनंतदेव तिवारी के निर्देश पर चकेरी में सघन वाहन चेकिंग अभिया चलाया जा रहा था। एसएसपी भी थोड़ी ही देर पहले वहां पहुंचे थे लेकिन इसी बीच डबल मर्डर की सूचना मिली तो वे सीधे मौका-ए-वारदात पर पहुंच गए।

डॉयल 100 के ऑपरेटर ने नहीं दिया क्विक रिस्पांश


खून से लथपथ हालत में बुजुर्ग महिला और उसके नाती के जिंदा होने की आस में पड़ोसी दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे। www.redeyestimes.com के पास जो वीडियो है उसके मुताबिक पड़ोसियों ने डॉयल 100 की तरफ से क्विक रिस्पांश न मिलने की बात कही गई है। एक युवक ने कहा कि तीन बार 100 नंबर पर सूचना दी गई लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

प्रापर्टी या फिर रंजिश में कत्ल की आशंका


मौका-ए-वारदात पर पहुंचे अफसरों को फिलहाल कत्ल की कोई ठोस वजह छानबीन के दौरान नहीं मिली। लेकिन जिस तरह से वारदात को बेखौफ ढंग से अंजाम दिया गया है उससे प्रतीत होता है कि कातिल बेहद करीबी हो सकते हैं। या फिर नजदीकी जान-पहचान वाला भी हो सकता है। फिलहाल पुलिस प्रापर्टी, रंजिश के बिन्दुओं पर गहराई से छानबीन कर रही है।

 

 

Uttar Pradesh के अतिसंवेदनशील Kanpur Nagar का माहौल बुधवार Mid-Night बिगड़ते-बिगड़ते बच गया। नशेबाजी के दौरान युवक को शौचालय में बंद कर मरणासन्न करने की घटना के बाद तरह-तरह के अफवाहें फैलीं। जिसके बाद वर्ग विशेष के हजारों लोगों की भीड़ बाबूपुरवा थाना एरिया में सड़कों पर आ गई। घनी मुस्लिम और थोड़ी दूरी पर हिन्दू बस्ती में भारी तनाव के मद्देनजर करीब 30 थानों की फोर्स को बुला लिया गया। मौका-ए-वारदात पर पहुंचे SSP (KNR) अनंतदेव तिवारी  प्रशासनिक अफसरों के साथ एक बार फिर "संकट मोचन" साबित हुए। बेहद समझदारी का परिचय देते हुए वर्ग विशेष के मौलानाओं समेत समाज के प्रबुद्ध वर्ग से बातचीत के जरिए किसी तरह उग्र हो रहे माहौल को SSP शांत करवाया। भारी तनाव के मद्देनजर PAC की टुकड़ी के साथ रिजर्व फोर्स को भी तैनात किया गया है।


[caption id="attachment_19768" align="alignnone" width="659"] बाबुपुरवा की सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रहे वर्ग विशेष के लोगों को माइक से संवाद कर समझाते धर्म गुरु।[/caption]

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नशेबाज युवकों ने अमन-चैन छीनने की कोशिश की


बेगमपुरवा निवासी ऑटो चालक आकिब बुधवार रात्रि बाकरगंज चौराहे से निकला तो वहां पर कुछ लोग मिले। सभी ने खटिकाना तक छोड़ने की बात कही। आकिब जब खटिकाना पहुंचा तो युवकों ने उससे गली के अंदर छोड़ने के लिए दबाव बनाया। इसी दौरान विवाद शुरु हो गया। नशे में धुत युवकों ने आकिब से हाथापाई और मारपीट कर दी। हमलावरों ने उसे सुलभ शौचालाय में बंद कर बेरहमी से पीटा। पिटाई से आकिब का सिर फूट गया। आकिब को लहूलुहान हालत में छोड़ हमलावर युवक भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आकिब को केपीएम अस्पताल पहुंचाया। देर रात आकिब को पुलिस हैलट अस्पताल लेकर पहुंची। परिजनों और समुदाय के लोगों को जब ये खबर मिली तो वर्ग विशेष के हजारों लोगों की भीड़ देखते ही देखते सड़क पर आ गई और नारेबाजी करने लगी। बवाल बढ़ने पर SSP अनंतदेव तिवारी, एसपी साउथ रवीना त्यागी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुचे। अफसरों की मौजूदगी में भी युवक नारेबाजी करते हुए बवाल करते रहे।

[caption id="attachment_19769" align="alignnone" width="664"] नशेबाजी के दौरान हमलावरों की पिटाई से घायल ऑटो चालक आकिब।[/caption]

अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : SSP


SSP अनंत देव तिवारी ने बताया कि नशेबाजी को लेकर विवाद हुआ था। ऑटो चालक बिलकुल ठीक है। उसे घर भेज दिया गया है। पीट-पीटकर हत्या करने की अफवाह फैलाई गई है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। सभी को चिन्हित किया जा रहा है। कई चिन्हित हो गए हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। ताकि भविष्य में इस तरह के घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। WhatsApp पर ये भी अफवाह फैलाई गई कि घायल आकिब से हमलावरों ने जयश्रीराम का नारा बुलवाने की कोशिश की। जिसके बाद विवाद हुआ और बाद में मारपीट की गई।

[caption id="attachment_19770" align="alignnone" width="672"] नारेबाजी कर बवाल कर रही वर्ग विशेष की भीड़ को शांत कराने के लिए DM, SSP ने बुजुर्ग धर्म गुरुओं और प्रबुद्ध लोगों को भी बुलवाया।[/caption]

SSP की सूझबूझ से टला बवाल


आधी रात घनी मुस्लिम आबादी में हजारों की भीड़ जब सड़कों पर उतरी तो सामने करीब 30 थानों की फोर्स मौजूद थी। भीड़ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर घूमने लगी तो SSP ने बेहद समझदारी से काम लेते हुए समाज के प्रबुद्ध वर्ग से मदद मांगी। पब्लिक एड्रेस सिस्टम से समाज के लोगों से और धर्म गुरुओं से अपील अफसरों ने तुरंत करवाई। धर्म गुरुओं ने जब माइक से संदेश दिया कि आकिब पूरी तरह से ठीक है। उसे कुछ नहीं हुआ है। बेहद मामूली घटना थी। किसी शरारतीतत्वों ने अफवाह फैलाई है। इन सब बातों को सुनने के बाद भीड़ का गुस्सा काफूर हुआ। उसके बाद लोग धीरे-धीरे अपने घरों में चले गए।

क्या कहती हैं SP (South) रवीना त्यागी ?


SP (South) रवीना त्यागी ने बताया कि शुरुआती छानबीन में पता चला है कि आकिब और हमलावर युवक साथ में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर आकिब का हमलावर युवकों से विवाद शुरु हो गया। उसके बाद हमलावरों ने आकिब की पिटाई कर दी। लहूलुहान करने के बाद सभी आकिब को शौचालय में बंद करके भाग निकले। एसपी साउथ के मुताबिक जो धार्मिक बातें फैलाईं जा रही हैं वो पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। फिर भी पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स को तैनात किया गया है।

 

 

 

Uttar Pradesh में कानून व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त बनाने के लिए UPCM  Yogi Adityanath ने प्रदेश के 16 जनपदों में 21 नए थाने और 11 जिलों में 12 नई पुलिस चौकियों खोले जाने की सौगात दी है। Kanpur Nagar के घाटमपुर थाने की रिपोर्टिंग चौकी साढ़ अब थाने में तब्दील होगी। Kanpur Dehat को भी झींझक थाने की सौगात मिली है।


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3 नए थानों के लिए News Portal ने कई बार प्रकाशित की थी खबर

शहर में महिला थाने को मिलाकर कुल 44 थाने हैं। इसमें नर्वल, ककवन, बिल्हौर, महराजपुर, चौबेपुर, शिवराजपुर, बिठूर, बिधनू, सचेंडी, घाटमपुर थाने ग्रामीण आंचल की सर्किल के अंतर्गत आते हैं। इसमें घाटमपुर थाने की रिपोर्टिंग चौकी साढ़ को करीब एक दशक से थाना बनाए जाने की मांग चल रही थी। समय-समय पर शहर के तमाम कप्तानों ने इसकी पहल करते हुए शासन स्तर पर पत्रचार भी किया। www.redeyestimes.com (News Portal) ने  घाटमपुर की रिपोर्टिंग चौकी साढ़, गोविंदनगर की रिपोर्टिंग चौकी रतनलाल नगर और बिधनू थाने की न्यू आजाद नगर चौकी को थाना बनाए जाने को लेकर समय-समय पर प्रमुखता से खबरों को प्रकाशित किया। मायावती की बीएसपी सरकार में तीनों चौकियों को थाना बनाने के लिए करीब-करीब मुहर भी लग गई थी लेकिन बाद में सियासी कारणों से ऐसा नहीं हो सका। इसी तरह कानपुर देहात में भी झींझक कस्बे में नया झींझक थाना खोले जाने की सौगात मुख्यमंत्री ने दे दी है। जालौन और फर्रुखाबाद जनपद में एक-एक चौकी खोली जाएंगीं।

एशिया के सबसे बड़े थाने घाटमपुर में हैं करीब 400 से अधिक गांव

साढ़ चौकी के थाना बनते ही घाटमपुर थाने का रुतबा थोड़ा कम हो जाएगा। घाटमपुर थाने को एशिया का सबसे बड़ा थाना होने गौरव इस लिए लिहाज से प्राप्त है क्यों कि इस थाना क्षेत्र के अंतर्गत करीब 400 से अधिक गांव आते हैं। फतेहपुर जनपद से जुड़ी साढ़ चौकी के थाना बनते ही करीब डेढ़ सौ से अधिक गांव नए थाने के अंतर्गत आ जाएंगे। जिसकी वजह से घाटमपुर के पास जो सबसे बड़े थाना एरिया का तमगा है वो खत्म हो जाएगा।

 कभी सीसामऊ थाने के पास भी रह चुका है अनोखा रिकार्ड

शहर के बीचोबीच बने सीसामऊ थाने के पास भी 5 दशक पहले एक अनोखा रिकार्ड था। तब सीसामऊ थाना क्षेत्रफल के लिहाज से एशिया के सबसे बड़ा थाना हुआ करता था। 60 के दशक में सीसामऊ थाने की जूही चौकी को थाना बनाया गया। जिसके बाद एक बड़ा भाग जूही थाना एरिया के अंतर्गत आया। यही वजह रही कि एशिया के सबसे बड़ा थाना होने का खिताब सीसामऊ के पास से चला गया। जूही थाना भी क्षेत्रफल के लिहाज से काफी बड़ा था।

करीब डेढ़ दशक बाद जूही थाने के अंतर्गत आने वाली नौबस्ता पुलिस चौकी को 80 दशक के Start में नौबस्ता बाईपास पर (SO) रैंक का थाना बनाया गया। नौबस्ता थाना बनने के बाद क्राइम का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा। उसकी वजह थाने का क्षेत्रफल बड़ा होना ही रहा। क्राइम जब कंट्रोल नहीं हुआ तो 2006 के करीब बर्रा चौकी को थाना बनाया गया। जिसमें मेहरबान सिंह का पुरवा, मर्दनपुरवा, समेत बर्रा के सभी और कर्रही व विश्व बैंक का पूरा हिस्सा इस थाना एरिया के अंतर्गत चला गया।


नौबस्ता की उस्मानपुर चौकी को अब तक भूमि मयस्सर नहीं


कानपुर नगर को साढ़ थाने की सौगात मिल चुकी है लेकिन अभी भी तमाम दिक्कतें हैं जिसकी वजह से पुलिस अफसरों को काफी परेशान होना पड़ता है। मुकदमा हारने के बाद नौबस्ता थाने को किसी तरह से पूर्व इंस्पेक्टर राजीव दिवेदी ने अपने कार्यकाल में यशोदा नगर पुलिस चौकी में शिफ्ट करवा दिया। लेकिन पुराने नौबस्ता थाने के ठीक बगल में स्थापित उस्मानपुर चौकी को लंबा समय बीत जाने के बाद भी जगह मयस्सर नहीं हो सकी है। कई बार अफसरों ने प्रयास किए लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। सूत्रों की मानें तो इस चौकी को शिवाजी इंटर कॉलेज के आसपास ही खोले जाने का प्रस्ताव है लेकिन जगह न मिलने की वजह से ये चौकी पुरानी जगह पर ही अस्थाई पर तौर बनी है।

 
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Uttar Pradesh के बुन्देलखंड स्थित आल्हा-ऊदल की नगरी महोबा में एंटी टेररिस्ट स्कॉवयड (ATS) की टीम ने Terror Funding के शक में एक Doctor से करीब दो घंटे तक कड़ी पूछताछ की। चिकित्सक से पूछताछ के बाद एक ट्रांसपोर्टर से भी काफी देर तक टीम ने इंट्रोगेशन किया। हालांकि काफी लंबी जद्दोजहद के बाद भी जब ATS के हाथ कोई ठोस और पुख्ता सुबूत नहीं लगे तो टीम को बैरंग लौटना पड़ा।


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Kanpur से Mahoba पहुंची ATS


सूत्रों की मानें तो ATS की टीम कानपुर से महोबा पहुंची। महिला दरोगा की अगुवाई वाली टीम ने महोबा पहुंचते ही एक चर्चित डॉक्टर से करीब पौन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। इस चिकित्सक से पूछताछ के बाद ATS की टीम ट्रांसपोर्टर के ऑफिस पहुंची। यहां भी करीब आधे घंटे तक छानबीन कर पूछताछ की। लंबी पड़ताल के बाद भी एटीएस के हाथ कुछ नहीं लगा तो टीम वापस कानपुर रवाना हो गई।

एक गोपनीय पत्र के आधार पर की गई छानबीन


खुफिया सूत्रों की मानें तो एटीएस की टीम ने एक गोपनीय पत्र के आधार पर महोबा पहुंचकर छानबीन की। इस गोपनीय पत्र में महोबा के चिकित्सक और ट्रांसपोर्टर पर आतंकियों से जुड़े होने के साथ-साथ आर्थिक मदद का भी जिक्र है। ATS के इस कार्रवाई की चर्चा महोबा में देर रात्रि तक होती रही। सूत्रों की मानें तो एटीएस टीम के हाथ कुछ भी ऐसा सुराग नहीं लगा, जिस पर वो किसी तरह की कार्रवाई कर सके।

 

 

Uttar Pradesh की Yogi Adityanath सरकार की तरफ से महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे तमाम दावे सिर्फ "हवा-हवाई" साबित हो रहे हैं। सिपाही से लेकर आइजी तक सड़क पर उतरकर हेल्मेट और वाहन के चेकिंग अभियान में व्यस्त हैं जबकि बेखौफ अपराधी हिंसक वारदात करने से बिल्कुल भी नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला Fatehpur जनपद का है। हथगाम थाना एरिया में शौच के लिए गई दलित युवती को वहशी जंगल में खींच ले गया और जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दरिंदगी की। युवती के शोर मचाने पर दरिंदे ने उसका मुंह और गला दबाए रखा, जिसकी वजह से युवती बेहोश हो गई। आक्रोशित लोगों ने वहशी को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। अस्पताल में भर्ती पीड़ित युवती की हालत चिकित्सकों ने नाजुक बताई है।


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शौच के लिए खेत गई थी दलित युवती


वारदात हथगाम थाना एरिया के भैरमपुर के मजरा मवइया की है। यहां मंगलवार सुबह एक दलित युवती खेत पर शौच के लिए गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक थरियांव थाना क्षेत्र के नयापुरवा निवासी चंद्रभान लोधी युवती का मुंह दबाकर उसे जबरन जंगल की तरफ खींच ले गया। जंगल में उसने जबरन युवती के साथ रेप किया।

[caption id="attachment_19756" align="alignnone" width="720"] ग्रामीणों की पिटाई से लहूलुहान हुआ वहशी युवक चंद्रभान लोधी।[/caption]

युवती के शोर मचाने पर मुंह और गला दबाया


वहशी दरिंदा जान से मारने की धमकी देकर युवती के साथ हैवानियत करता रहा। इस दौरान युवती जान बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही। युवती के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह और गला दबा रखा था। जिसकी वजह से युवती बेहोश हो गई। रेप के बाद वहशी वहां से भाग निकला। भागते समय उसकी एक चप्पल वहां पर छूट गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने चप्पल से वहशी की शिनाख्त की। पुलिस के पहुंचने से पहले आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी चंद्रभान लोधी को दबोच उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने उसे भीड़ के चंगुल से मुक्त कराकर अस्पताल में इलाज कराया।

अस्पताल में पीड़ित युवती की हालत नाजुक

परिजनों के मुताबिक गला घोंटने की वजह से युवती के अंदरुनी जख्म है। जिसकी वजह से वो कुछ बोल नहीं पा रही है। उसे कुछ भी खाने में भी दिक्कत आ रही है। चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। हथगाम पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रह है।

 

 

Uttar Pradesh शासन ने मंडे की नाइट 22 IPS अफसरों के तबादले कर दिए। 1997 बैच के IPS अफसर Mohit Agarwal को IG (Range) Kanpur बनाया गया है। कानपुर परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आलोक सिंह अब मेरठ (परिक्षेत्र) के नए IG होंगे। संतकबीर नगर के SP आकाश तोमर बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक बनाए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक पीएसी (मध्य जोन) ए. सतीश गणेश अब आगरा रेंज के नए आइजी होंगे। DIG आगरा लव कुमार को पुलिस उप महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं बनाया गया है।


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[caption id="attachment_19750" align="alignnone" width="940"] 2019 कुंभ मेले के सफल आयोजन पर तत्कालीन IG (प्रयागराज) मोहित अग्रवाल को सम्मानित करते महामहिम रामनाइक और UPCM योगी आदित्यनाथ।
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1997 बैच के IPS अफसर हैं मोहित अग्रवाल


IG (Range) Kanpur बनाए गए मोहित अग्रवाल 1097 बैच के IPS अफसर हैं। बरेली के एक सामान्य परिवार में जन्म लेने वाले श्रीअग्रवाल की प्रारंभिक शिक्षा बरेली में ही हुई। गोरखपुर से बीटेक करने के बाद वे मुंबई चले गए। IPS में चयनित होने से पहले मोहित अग्रवाल ने पॉवर ग्रिड (दिल्ली) में नौकरी भी की।

[caption id="attachment_19751" align="alignnone" width="676"] कुंभ मेले के सफल आयोजन पर यूपी सरकार की तरफ से दिया गया प्रशस्ति पत्र।[/caption]

अध्यापक पिता की प्रेरणा से मिली सफलता


मोहित अग्रवाल के पिता बरेली  के एक कॉलेज में गणित के अध्यापक थे। पिता की इच्छा थी कि बेटा IPS अफसर बनें। इंटर तक की शिक्षा बरेली में प्राप्त करने के बाद मोहित अग्रवाल ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज से की।

[caption id="attachment_19752" align="aligncenter" width="608"] सोमवार देर रात्रि को जारी की गई 22 IPS अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट।[/caption]

मुंबई से M.Tech फिर पॉवर ग्रिड में नौकरी


गोरखपुर से B.Tech करने के बाद मोहित अग्रवाल M.Tech करने मुंबई चले गए। एम.टेक के बाद पॉवर ग्रिड में नौकरी की। लेकिन इस दौरान सिविल सर्विसेज की तैयारी वे बराबर करते रहे। वर्ष 1997 में उन्हें ये मंजिल भी मिल गई और वह IPS के लिए चयनित हुए। मोहित के दो बड़े भाई इंजीनियर हैं जबकि छोटे भाई डॉक्टर है। 1999 में मोहित अग्रवाल की मैरिज हुई।

 कुंभ मेले का सफल आयोजन करवा चुके हैं मोहित अग्रवाल


यूं तो 1997 बैच के आइपीएस अफसर मोहित अग्रवाल के खाते में कई उपलब्धियां दर्ज हैं लेकिन हाल में ही कुंभ मेले के भव्य एवं सफल आयोजन के लिए उन्हें यूपी सरकार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यूपी कैडर के मोहित अग्रवाल को शुरुआती दिनों में नक्सल प्रभावित चंदौली जनपद का चार्ज मिला था। यूपी के कई जनपदों में वे बतौर कप्तान तैनात रह चुके हैं। प्रयागराज के आइजी बनने से पहले उनकी तैनाती गोरखपुर में बतौर आइजी थी।

क्या होंगी कानपुर में चुनौतियां ?


बेहद ईमानदार छवि के मोहित अग्रवाल के लिए Kanpur Range में चुनौतियां कम नहीं होंगी। अपराध और अपराधी पर नकेल कसने के लिए सबसे पहले विभाग में “अंगद” की तरह “पांव जमा” चुके खुर्राट टाइप के मातहत पुलिस वालों को हाशिए पर लाना होगा। चौकी और थाने पूरी तरह दलालों से मुक्त रहें इसके लिए भी खास प्लान तैयार करना होगा। भू-माफियाओं और उनके गुर्गों पर तगड़ी नकेल कसनी होगी। प्रापर्टी डीलिंग, में पर्दे के पीछे से भूमिका निभाने वाले “सफेदपोश माफियाओं” से भी पार पाना होगा। शहर में अपराध की सबसे बड़ी वजह बन चुके जुएं, सट्टे के बड़े और “सफेदपोश कारीगरों” के नेटवर्क को ध्वस्त कर गिरोह और उनके शरणदाताओं को सलाखों के पीछे पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इन सबके साथ ही कानपुर के बेतरतीब ट्रैफिक सिस्टम को भी दुरुस्त करना होगा। साथ ही Kanpur जैसे शहर की संवेदनशीलता पर विशेष निगाह रखनी होगी।