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अमन-चैन के दुश्मनों ने एक बार फिर Kanpur City का माहौल खराब करने की कोशिश की। गाड़ी से टक्कर लगने पर वर्ग विशेष के लोगों ने राहुल सिंह नाम के युवक की पिटाई कर धारदार हथियार से उसके सिर पर हमला कर दिया। घायल को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया। आधी रात सैकड़ों की भीड़ पुलिस चौकी पहुंची। कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी ने दबिश देकर दो युवकों को हिरासत में लिया है। शहर के अतिसंवेदशील रावतपुर एरिया में बीते दो महीने के दौरान ये तीसरी बड़ी घटना है, जिसमें असमाजिक तत्वों ने कानून व्यवस्था को ताक पर रख माहौल को खराब करने की चेष्टा की।


[caption id="attachment_19828" align="alignnone" width="1280"] गुरुवार देर रात्रि रावतपुर चौकी के बाहर भीड़ लगाए क्षेत्रीय लोग।[/caption]

Yogesh Tripathi


 

गाड़ी से टक्कर लगने पर खींच गली में खींच ले गए हमलावर


रावतपुर चौकी एरिया निवासी घायल युवक राहुल सिंह ने बताया कि गुरुवार रात को मस्जिद के पास से निकल रहा था। तभी उसकी गाड़ी एक युवक से टकरा गई। युवक को चोट भी नहीं आई और वहां मौजूद लोग उससे झगडा करने लगे। राहुल का आरोप है कि पुलिस का मुखबिर आरिफ कांड़ा ने कुछ युवकों के साथ उसे जबरन मस्जिद वाली गली में खींच लिया और बेरहमी से पिटाई की। हमलावरों ने उसके सिर में धारदार हथियार से हमला किया। उसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले। सूचना पर पहुंचे लोगों ने राहुल सिंह को अस्पताल पहुंचाया। इस बीच खबर फैली तो सैकड़ों की संख्या में लोग रावतपुर चौकी पहुंच गए और कार्रवाई को लेकर हंगामा करने लगे।

कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी ने त्वरित की कार्रवाई


युवक पर हमले के बाद भीड़ के रावतपुर चौकी पर पहुंचने की खबर मिलते ही कल्याणपुर के क्षेत्राधिकारी फोर्स और पीएसी के साथ पहुंचे। भीड़ को कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्होंने पीएसी बल के साथ कुछ युवकों के घर पर रात में ताबड़तोड़ छापेमारी की। सूत्रों की मानें तो दो युवकों को पुलिस ने मध्य रात्रि हिरासत में ले लिया। दोनों को कड़ी सुरक्षा में थाने लाया गया है। हालांकि देर रात तक पुलिस ने युवकों को पकड़े जाने की अधिकारिक पुष्टि नहीं की।

7 वर्ष से खराब है रावतपुर चौकी एरिया का माहौल


करीब सात साल हो चुके हैं लेकिन कल्याणपुर थाना एरिया की रावतपुर चौकी अक्सर सुर्खियों में रहती है। सपा शासनकाल के दौरान रावतपुर चौकी के सुर्खियों में आने का सिलसिला जो शुरु हुआ था वो अब भी बदस्तूर जारी है। पांच साल पहले यहां पर एसडीएम की गाड़ी तक फूंकी जा चुकी है। पुलिस पर कई बार हमले हो चुके हैं। दर्जनों बार सांप्रादायिक रंग देकर यहां के उन्मांदी लोग शहर के माहौल को खराब करने की असफल कोशिशें कर चुके हैं लेकिन जिला प्रशासन इसका कोई हल नहीं निकाल सका है। धार्मिक त्योहारों पर यहां के हालात बेहद खराब रहते हैं। हर त्योहार पर सतर्कता के बाद भी यहां पर तनाव हो ही जाता है।

दो महीने में तीसरी बार माहौल को खराब करने की कोशिश


डेढ़ महीना पहले चौकी के एक दरोगा ने नशे में धुत होकर घर के बाहर सो रहे बजरंग दल के कार्यकर्ता को कुचल दिया था। इस घटना के बाद तो काफी बवाल हुआ। एसएसपी और डीएम ने कई घंटे के अथक प्रयास के बाद हालत को किसी तरह संभाला। इस घटना में पुलिस के एक मुखबिर के भी हादसे के दौरान साथ होने की बात परिजनों कही थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस वालों पर ही रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मुखबिर आज भी बेखौफ होकर घूम रहा है।


दूसरी घटना करीब एक महीना पहले की है। एक नाबालिग लड़की को भगा ले जाने से आक्रोशित वर्ग विशेष के लोगों ने लड़के के घर पर धावा बोल बमबाजी की। सड़क को जाम कर आधी रात को बवाल किया। पथराव और आगजनी की कोशिश की गई लेकिन कार्रवाई अभी तक नहीं हो सकी। खास बात ये है कि इसमें S-10 के कुछ सदस्य भी शामिल रहे। गुरुवार रात को तीसरी घटना हो गई। इसके बाद भी लोकल पुलिसिंग को ठीक करने का प्रयास अफसरों की तरफ से नहीं किया जा रहा है। इंस्पेक्टर से लेकर चौकी पुलिस तक पर न तो कोई कार्रवाई हुई है और न ही तबादला किया गया।