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  • 1987 बैच के IPS Officer हैं Mukul Goel
  • Mukul Goel ने खड़गपुर से की IIT की पढ़ाई 
  • News Portal ने सुबह से ही ब्रेक की थी खबर

Mukul Goel ( DGP Of UP Police)


Yogesh Tripathi

IPS Officer Mukul Goel को Uttar Pradesh का पुलिस महानिदेशक (DGP) बनाया गया है। बुधवार शाम को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने तीन नामों में से Mukul Goel के नाम पर अपनी मुहर लगा दी। मुकुल गोयल वर्तमान में BSF में ADG के पद पर कार्यरत हैं। बुधवार को DGP हितेश चंद्र अवस्थी रिटायर्ड हो गए। UPCM से मुलाकात के बाद हितेशचंद्र अवस्थी ने कार्यभार ADG (L/O) प्रशांत कुमार को सौंप दिया। 

गौरतलब है कि www.redeyestimes.com (News Portal) ने मुकुल गोयल को नया डीजीपी बनाए जाने की खबर सुबह ही ब्रेक की थी। उसकी वजह ये थी कि मंगलवार शाम को श्रीगोयल ने Lucknow पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही उनके DGP बनाए जाने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। मंगलवार को Delhi में संघ लोक सेवा आयोग की Meeting में नए डीजीपी को लेकर तीन IPS Officer का नाम पैनल ने तय कर दिया था। मुकुल गोयल रेस में सबसे आगे थे। इसके अतिरिक्त DG (EOW) Dr. R.P Singh का नाम भी शामिल था।

शामली के मूल निवासी हैं Mukul Goel

Uttar Pradesh के नए DGP बने मुकुल गोयल मूलरूप से शामली के रहने वाले हैं। हालांकि अब उनका आवास मुजफ्फरनगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित भरतिया कॉलोनी में है। वहां पर उनकी मां रहती हैं। मुकुल गोयल का जन्म शामली स्थित मोहल्ला डुब्बू दरवाजा स्थित घर में हुआ। अब इस घर में फिलहाल उनकी बुआ मीनू रहती हैं। इस मोहल्ले का नाम बाद में लाजपतराय और वर्तमान में शिवमूर्ति हो गया है। Mukul Goel की प्राथमिक शिक्षा शहर के ही वैश्य मांटेसरी स्कूल में हुई। वर्तमान में इसका नाम वीवी इंटर कालेज (शामली) है। यहां से पढ़ाई के बाद मुकुल गोयल अपने पिता महेंद्र कुमार गोयल के पास धनबाद चले गए। मुकुल गोयल के पिता माइनिंग इंजीनियर थे।

खड़गपुर से की IIT की पढ़ाई

IPS Officer Mukul Goel ने IIT की पढ़ाई खड़गपुर से की। वर्ष 1987 में वह भारतीय पुलिस सेवा में आए। मुकुल गोयल की ननिहाल मुजफ्फरनगर की द्वारिकापुरी मोहल्ला में है। करीब 20 साल पहले मुकुल गोयल ने मुजफ्फरनगर की भरतिया कालोनी में घर बनवाया। यहां पर उनके माता-पिता रहते थे। करीब छह साल पहले उनके पिता का निधन हो गया। मुकुल गोयल फिलहाल परिवार के साथ दिल्ली स्थित सरकारी आवास में रहते हैं।

Profile

 

नाम-मुकुल गोयल

 

निवासी-मुजफ्फरनगर

 

Batch -1987 (IPS)

 

मेरठ, जालौन, मैनपुरी, गोरखपुर, सहारनपुर और वाराणसी जनपदों में बतौर SP/SSP तैनात रहे। 

 

कानपुर, आगरा, बरेली Range के DIG रहे। बरेली जोन के (IG) पद पर तैनात रहे। 

 

ADG : रेलवेज (लखनऊ)

 

ADG (L/O) : UP Police

 

वर्तमान समय में Mukul Goyal की तैनाती ADG (BSF) के पद पर हैं।

-संघ लोक सेवा आयोग ने तीन Senior IPS Officer के नाम UP Government को भेजा

-मंगलवार की देर शाम को Mukul Goel ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से की मुलाकात

Yogesh Tripathi

1987 बैच के IPS Officer मुकुल गोयल (Mukul Goel) UP Police के Next DGP हो सकते हैं। मुकुल गोयल ने मंगलवार शाम UPCM योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की।
मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग की Meeting में Uttar Pradesh के वरिष्ठतम तीन Senior IPS Officer के नाम Final कर पैनल के तौर पर UP Government को भेज दिया गया। 
वरिष्ठता के क्रम में पहले नंबर पर 1986 बैच के IPS Officer नासिर कमाल है जो केंद्र में NICSF के DG हैं। दूसरे नंबर पर 1987 बैच के IPS Officer  मुकुल गोयल (Mukul Goel) हैं। Mukul Goel BSF में ADG के पद पर तैनात हैं। तीसरे नंबर पर 1987 बैच के ही R.P Singh हैं। वह DG (EOW) के पद पर तैनात हैं।सूत्रों की मानें तो इन तीनों अधिकारियों का पैनल नए डीजीपी के लिए UP Government को भेजा गया है।

वहीं दूसरी तरफ मंगलवार शाम Mukul Goel अचानक लखनऊ पहुंचे। देर शाम मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से मुलाकात की। सूत्रों की मानें तो Mukul Goel के नाम का ऐलान बतौर DGP आज दोपहर बाद किसी भी समय किया जा सकता है। 

ADG (L/O) रह चुके हैं Mukul Goel

मुकुल गोयल समाजवादी पार्टी के शासनकाल में ADG (L/O) के पद पर तैनात रह चुके हैं। वर्ष 2013 में सपा सरकार के कार्यकाल में West UP के मुजफ्फर नगर, कैराना समेत कई जगहों पर सांप्रदायिक दंगे हुए थे। तत्कालीन ADG (L/O) Arun Kumar के हटने के बाद Mukul Goel ने कमान संभाली थी। 

Profile

नाम-मुकुल गोयल

निवासी-मुजफ्फरनगर

Batch -1987 (IPS)

मेरठ, जालौन, मैनपुरी, गोरखपुर, सहारनपुर और वाराणसी जनपदों में बतौर SP/SSP तैनात रहे। 

कानपुर, आगरा, बरेली Range के DIG रहे। बरेली जोन के (IG) पद पर तैनात रहे। 

ADG : रेलवेज (लखनऊ)

ADG (L/O) : UP Police

वर्तमान समय में Mukul Goel की तैनाती ADG (BSF) के पद पर हैं।

-50 से अधिक सीरियल ब्लास्ट के मामलों में है आरोपी

-UPSTF की (Kanpur Unit) को मिली बड़ी सफलता

-17 जनवरी 2020 को खत्म हो गई थी पैरोल

 
STF (Kanpur Unit) के हत्थे चढ़ा Wanted आतंकी डॉ. जलीस अंसारी।

Yogesh Tripathi

देश भर में 50 से भी अधिक सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी खूंखार आतंकी डॉ. जलीस अंसारी को उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की (Kanpur Unit) ने Kanpur के फेथफुलगंज एरिया में Arrest कर लिया। अजमेर ब्लास्ट मामले में सजायाफ्ता आतंकी डॉ. जलीस अंसारी पिछले महीने ही पैरोल पर जेल से बाहर आया था। मुंबई में दो दिन पहले वह दो दिन पहले जलीस फरार हो गया तो खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गईं। STF (IG) अमिताभ यश की सूचना के बाद सक्रिय (STF Kanpur Unit) के प्रभारी Ghanshyam Yadav की अगुवाई में टीम ने उसे Arrest कर लिया। STF ने इस आतंकी के पास से आधार कार्ड समेत कई सामान बरामद किए हैं। 
मुंबई से पुष्पक एक्सप्रेस में बैठकर कानपुर पहुंचा, नेपाल के रास्ते विदेश भागने की तैयारी में था आतंकी।

पुष्पक एक्सप्रेस से पहुंचा Kanpur

STF के मुताबिक आतंकी डॉ. जलीस अंसारी मुंबई से पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में बैठकर Kanpur Central पहुंचा। यहां फेथफुलगंज में ऊंची मस्जिद देख उसने अपना सामान वहां के मुतवल्ली के पास रख दिया और आसपास काफी देर तक टहलता रहा । मौका पाकर पहले से सादे कपड़ों में मौजूद STF ने उसे धर दबोचा । 
फेथफुलगंज मस्जिद के बाहर से गिरफ्तारी के बाद कड़ी सुरक्षा में लखनऊ ले जाया गया आतंकी जलीस अंसारी।

26 साल बाद मिली थी आतंकी को पैरोल

STF की पूछताछ में आतंकी जलीस अंसारी ने बताया कि 26 साल बाद उसे पैरोल मिली। उसके बाद जेल से वह बाहर आया। मुंबई में वह अपनी बीवी और बच्चों के पास पहुंचा। जलीस अंसारी के मुताबिक उसके बीवी और बच्चे कलह करते थे। जिसको लेकर अक्सर झगड़ा होता था। जिससे परेशान होकर वह मुंबई से चुपचाप निकल गया।

30 साल पुराने दोस्त के पास आया Kanpur

मुंबई में बीवी और बच्चों को छोड़कर आतंकी जलीस अंसारी पुष्पक ट्रेन में बैठकर Kanpur के लिए चल पड़ा। उसके दो पुराने दोस्त अब्दुल रहमान और अब्दुल कयूम Kanpur के फेथफुलगंज में रहते थे।
आतंकी जलीस अंसारी जब Kanpur के फेथफुलगंज में पहुंचा तो उसे पता चला कि अब्दुल रहमान की सड़क हादसे में काफी पहले मौत हो चुकी है। जबकि अब्दुल कयूम शहर छोड़ चुका है।
इसके बाद आतंकी ने अपना सामान ऊंची मस्जिद में रख दिया और वहां मौजूद लोगों से ऐसे बातचीत करने लगा कि मानों वह स्थानीय हो। एक व्यक्ति के पांच साल के बच्चे की अंगुलियां पकड़ वह सेंट्रल स्टेशन तक भी गया। सेंट्रल स्टेशन पर उसने पूछताछ केंद्र में काफी देर खड़े रहकर जानकारी भी ली। लेकिन इसके बाद वह फिर लौट आया। मस्जिद में उसने नमाज भी पढ़ी। लेकिन जब वह बाहर निकला तो STF के “चक्रव्यूह” में फंस गया।   

STF (IG) के इनपुट पर सक्रिय हुई Kanpur Unit

आतंकी जलीस अंसारी को पिछले महीने पैरोल मिली थी। 17 जनवरी 2020 को उसे फिर सरेंडर कर जेल जाना था लेकिन वह उसके पहले ही लापता हो गया। परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई तो खुफिया एजेंसियां सकते में आ गईं। सूत्रों की मानें तो देर रात्रि ही STF (IG) अमिताभ यश ने अपनी Kanpur Unit को अलर्ट कर दिया था। आइजी की सतर्कता के बाद लोकल टीम ने सर्विलांस सेल की भी मदद ली। फ्राइ-डे को आखिर में टीम को सफलता मिल गई।

UP Police के DGP ने दी टीम को बधाई

आतंकी जलीस अंसारी को पकड़ने वाली STF टीम के Ghanshyam Yadav (Kanpur Unit Incharge), Abdul Qadir, Raj Kumar, Mohar Singh, Chandra Prakash को UP Police के DGP ओम प्रकाश सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि ये बहुत बड़ी कामयाबी है। गौरतलब है कि लापता होने के बाद से आतंकी जलीस अंसारी इलेक्ट्रानिक चैनलों की सुर्खियां बन गया था। पिछले चौबीस घंटे से हर चैनल में उसको लेकर ही खबरें ब्रेक हो रही थीं।

नेपाल के रास्ते विदेश भागने की तैयारी में था आतंकी

आतंकी जलीस से पूछताछ करने वाले Ghanshyam Yadav (Kanpur Unit Incharge) ने www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में बताया कि जरा सी देर होने पर आतंकी भाग जाता। उसने गोरखपुर होते हुए नेपाल के रास्ते भागने की पूरी योजना बना ली थी। ट्रेन का भी उसने पता लगा लिया था कि कौन सी ट्रेन गोरखपुर कब जाएगी। लेकिन उससे पहले ही वह पकड़ गया। आतंकी डॉ. जलीस अंसारी संतकबीर नगर का मूलरूप से निवासी है। 26 दिसंबर 2019 को तीन सप्ताह के लिए कोर्ट से वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था।


Kanpur के कल्याणपुर थाना एरिया स्थित रावतपुर चौकी क्षेत्र में गुरुवार रात राहुल सिंह नाम के युवक पर वर्ग विशेष के कुछ युवकों की तरफ से किए गए हमले के बाद प्रकरण में नया मोड़ आ गया। पार्षद कविता सिंह के पति महेंद्र विक्रम सिंह और उनके  ससुर की SP (West) संजीव सुमन से काफी बहस हुई। पार्षद पति का आरोप है कि उनके साथ अभद्रता कर जेल भेजने की धमकी दी गई। आक्रोशित बीजेपी नेताओं और पार्षदों ने पूरे मामले से UP Police के DGP ओम प्रकाश सिंह और एक डिप्टी सीएम से अवगत कराया। दोपहर में पार्षदों का एक प्रतिनिधि मंडल SSP (KNR) अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचा। पार्षदों ने SSP से कहा कि मुखबिर आरिफ को कांड़ा को आखिर क्यों बचाया जा रहा है ?


[caption id="attachment_19833" align="aligncenter" width="512"] SSP अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रतिनिधि मंडल के लोग।[/caption]

Yogesh Tripathi


गुरुवार Mid-Night राहुल सिंह नाम के युवक पर हुआ था हमला


गुरुवार देर रात को गाड़ी से जा रहे राहुल सिंह नाम के युवक की गाड़ी मस्जिद के पास एक युवक से टकरा गई। राहुल सिंह का आरोप है कि वहां आरिफ कांड़ा ने अपने साथियों के साथ उसे गली में खींच लिया और लात-घूंसे से पीटने के बाद धारदार हथियार से हमला कर लहूलुहान कर दिया। देर रात हिन्दू संगठनों के लोग रावतपुर चौकी भी पहुंचे। कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में ले लिया। रात में ही PAC को भी बुलाकर एरिया में तैनात किया गया।

पार्षद पति ने लगाया IPS अफसर पर आरोप


बीजेपी पार्षद कविता सिंह के पति महेंद्र विक्रम सिंह का आरोप है कि प्रकरण पर उनकी जब एसपी पश्चिम से बातचीत हुई तो वे उल्टा हम लोगों को ही भला-बुरा कहने लगे। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद जब बढ़ा तो फर्जी मुकदमें में जेल भेजने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं उनको चौकी आकर वन टू वन बात करने को भी कहा गया।

DGP और डिप्टी सीएम से शिकायत


पूरे प्रकरण की जानकारी जब बीजेपी नेताओं को मिली तो सभी आक्रोशित हो गए। एक बीजेपी पार्षद ने प्रकरण को लेकर डिप्टी सीएम और डीजीपी ओपी सिंह से बातचीत करते हुए सत्ताधारी दल के लोगों को ही प्रताड़ित किए जाने की बात कही। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डीजीपी और डिप्टी सीएम से शिकायत के बाद जब सकारात्मक जवाब मिला तो पार्षद पति महेंद्र विक्रम सिंह, नवीन पंडित, समेत कई पार्षद और भाजपा नेता दोपहर को एसएसपी से मुलाकात करने पहुंचे। करीब आधे घंटे तक बातचीत के दौरान पार्षदों ने एसपी वेस्ट के खिलाफ शिकायतों की झड़ी लगा दी।

एक पार्षद ने आरिफ कांड़ा समेत दो-तीन मुखबिरों का नाम लेते हुए पूछा कि आखिर इन लोगों के नाम आने के बाद पुलिस क्यों बचा रही है ? पीड़ित लोगों को ही पुलिस क्यों परेशान और प्रताड़ित कर रही है ? बाहर निकलने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि एसएसपी से पूरे प्रकरण की शिकायत की गई है। प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि सुबह चार बजे थाने से एसआई का फोन आया कि तहरीर से आरिफ कांड़ा का नाम निकाल दो।


कौन है आरिफ कांड़ा ?


आरिफ कांड़ा रावतपुर चौकी एरिया में रहता है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कई साल पहले एक बड़े वाहन चोरों के रैकट को पुलिस ने पकड़ा था। उसमें आरिफ काड़ा का नाम आया। किसी तरह आरिफ कांड़ा ने खुद को बचा तो लिया लेकिन बाद में पुलिस से बचने के लिए उसे मुखबिरी करनी पड़ी। अब हाल ये है कि वो एरिया के साथ-साथ कई और जगहों पर भी पुलिस के लिए मखबिरी करता है। कुछ पुलिस वालों से उसका तालमेल ठीक है। यही वजह है कि वह एरिया में रंगबाजी भी खूब करता है। पुलिस से जान पहचान की वजह से वो रौब भी खूब गांठता है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों की वो किरकिरी भी बना है।

S-10 को फिर से रिवाइज करने की बात कह चुके हैं ACM


कल्याणपुर थाना एरिया के S-10 में शामिल किए गए कई S-10 सदस्यों को लेकर हर बार अंगुली उठती है। कुछ दिन पहले भी शिकायत सीओ और एसीएम से की गई। जिसके बाद एसीएम ने कमेटी को फिर से रिवाइज करने का आश्वासन दिया था। उल्लेखनीय है कि पिछली कुछ घटनाओं में S-10 के कुछ लोगों के बवाल में शामिल होने और असमाजिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप बीजेपी के नेता लंबे समय से लगा रहे हैं।

रावतपुर मुद्दे पर क्या कहती है क्षेत्रीय जनता ?


रावतपुर एरिया का माहौल पिछले 7 साल से बेहद खराब है। हिन्दू वर्ग का त्योहार हो या फिर मुस्लिमों का, माहौल हमेशा तल्ख रहता है। जरा सा वाद-विवाद भी यहां पर सांप्रदायिक रंग ले लेता है। कई बार पुलिस टीम पर हमले हो चुके हैं। एसडीएम और थानेदार की गाड़ियां तक फूंकी जा चुकी हैं। लेकिन बवाल थमने के बाद अफसर फिर सुस्त हो जाते हैं। 7 साल से यहां पर जो हालात बने हैं उसकी रोकथाम के लिए अफसरों की तरफ से अभी तक न तो कोई ठोस रणनीति बनी हैं और न ही कारगार उपाय।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कल्याणपुर थाने और रावतपुर चौकी में स्वच्छ और ईमानदार छवि के पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही साथ पुराने बवाल में आरोपित लोगों और उनके करीबियों पर निगरानी की जाए। पुराने मुकदमों में अभी तक स्थिति क्या है ? आरोपितों का क्षेत्र में क्या माहौल है ? और उनकी गतिविधियां क्या हैं ? इन सब बातों पर यदि पुलिस अफसर काम करेंगे तो हालात काफी हद तक सुधरेंगे। अपराधिक छवि के लोगों पर जिला बदर और गैंगस्टर व गुंडा एक्ट जैसी कार्रवाई भी बेहद आवश्यक है।

 

नोट-----SSP (KNR) अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने पहुंचे पार्षदों के प्रतिनिधि मंडल का Video पोर्टल के पास मौजूद है। लेकिन उसे किसी खास वजह से खबर में Post नहीं किया गया है।


 
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मासूम बच्चियों के साथ रेप और हैवानियत की वारदातों को रोकने में पूरी तरह से साबित साबित हो चुकी Yogi Adityanath सरकार की UP Police के निशाने पर अब “कलम के सिपाही” (Journlist) हैं। शामली में देर रात्रि हादसे की सूचना पर कवरेज को पहुंचे एक टीवी चैनल के पत्रकार की नशे में धुत GRP (SHO) ने अपने “कारखास” सिपाहियों के साथ मिलकर पिटाई कर दी। हमलावर पुलिस वालों ने पत्रकार का कैमरा छीन उसे भद्दी-भद्दी गालियां बकीं। सोशल मीडिया पर Video Viral होने के बाद UP Police के साथ सरकार की भी जमकर भद्द पिटी। सरकार और विभाग की किरकिरी होते देख सूबे के पुलिस महानिदेशक (DGP) O.P Singh ने इंस्पेक्टर और सिपाहियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने 24 घंटे के अंदर एसपी (रेलवे) को रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।


गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के बाद पुलिस ने स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सूबे की सरकार को न सिर्फ फटकार लगाई बल्कि प्रशांत को तुरंत रिहा करने का आदेश भी दिया।


पत्रकार के पिटाई का Viral Video


https://twitter.com/ANINewsUP/status/1138540666487599104

YOGESH TRIPATHI


ट्रेन डिरेल होने की सूचना पर कवरेज को पहुंचा था पत्रकार


टीवी चैनल के पत्रकार अमित शर्मा का कहना है कि कुछ दिन पहले उसने स्टेशन पर अवैध वेंडरों से मोटी रकम लेकर उनके ठेला लगवाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसके बाद से वो GRP इंस्पेक्टर राकेश कुमार पांडेय और उनके “कारखास” कांस्टेबल सुनील कुमार के रडार पर आ गया था। देर रात्रि ट्रेन के डिरेल होने की खबर मिली तो वह मौके पर पहुंच गया। मौके पर काफी अंधेरा था। कैमरा निकालते ही पुलिस वाले ने उससे कैमरा छीनने की कोशिश की। इस दौरान कैमरा नीचे गिर गया। वह कैमरा उठाने के लिए झुका तो इंस्पेक्टर राकेश पांडेय ने उस पर लात-घूंसों की बौंछार कर दी। सिपाही सुनील कुमार और दो अन्य सिपाहियों ने भी उसे जमकर पीटा।

https://twitter.com/Piyush_mi/status/1138659345388806144

हवालात में बंद कर मुंह पर पेशाब करने का इल्जाम


बताया जा रहा है कि शराब के नशे में पूरी तरह से गुंडा बन चुके GRP इंस्पेक्टर राकेश कुमार पांडेय और उनके कारखास सिपाहियों का मन इससे भी नहीं भरा और सभी पत्रकार को पीटते हुए थाने ले गए। पत्रकार अमित शर्मा ने मौके पर पहुंचे साथी पत्रकारों को कैमरे के सामने बताया कि हवालात में बंद कर GRP इंस्पेक्टर ने उसके मुंह पर पेशाब तक की। उसका कीमती मोबाइल व अन्य सामान छीन लिया। इस दौरान पत्रकारों के सवाल पर नशे में धुत इंस्पेक्टर पूरे समय मुंह इधऱ-उधर करता रहा।

https://twitter.com/Uppolice/status/1138659312643891201

सोशल मीडिया पर थू-थू के बाद DGP ने लिया एक्शन


सोशल मीडिया Twitter पर देर रात्रि से Viral Video को देख सूबे की पुलिस और सरकार दोनों की जमकर फजीहत हुई। इसके बाद DGP ओपी सिंह ने जीआरपी  थाना प्रभारी राकेश कुमार और कांस्टेबल सुनील कुमार को सस्पेंड कर दिया। साथ ही SP जीआरपी मुरादाबाद को मौके पर पहुंच कर जांच करने और रिपोर्ट 24 घंटे में देने का निर्देश जारी किया।

https://twitter.com/manakgupta/status/1138657797279629313

पत्रकारों ने SP को घटना से कराया अवगत


शामली के पत्रकारों ने पूरे घटनाक्रम को एसपी शामली अजय कुमार से अवगत कराया है। एसपी शामली कल लखनऊ मीटिंग में मौजूद थे। एसपी शामली का कहना है कि प्रकरण में GRP (SHO) & CP सस्पेंड कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच एसपी रेलवे को सौंपी गई है। पत्रकार के साथ मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए शामली के पत्रकार धरना दे रहे हैं।

https://twitter.com/manakgupta/status/1138654608409022464

उल्लेखनीय है कि शामली के धीमानपुरा फाटक के पास ट्रैक बदलने के दौरान मालगाड़ी के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए थे।  शामली-सहारनपुर रेल मार्ग पर इस हादसे की वजह से ट्रैफिक प्रभावित हो गया था। इस घटना को कवरेज करने के लिए टीवी चैनल के पत्रकार अमित शर्मा पहुंचे थे।


 

 

 

Uttar Pradesh के अमेठी में शनिवार मध्यरात्रि बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह के Murder Case को 12 घंटे के अंदर सुलझाने का दावा UP Police के DGP ओमप्रकाश सिंह ने किया है। वहीं, नवनिर्वाचित सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दिल्ली से अमेठी के लिए कुछ मिनट पहले रवाना हो चुकी हैं। खबर आ रही है कि पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए करीब 7 लोगों को उठा लिया है। बेहद गोपनीय स्थान पर सभी से पूछताछ की जा रही है।



YOGESH TRIPATHI


 

सोते समय सुरेंद्र सिंह पर दागीं गोलियां


अमेठी जनपद के एसपी ने मीडिया को बताया कि सुरेंद्र सिंह देर रात्रि करीब 11 बजे कार्यक्रम से वापस लौटकर घर आए। घर के बरामदे में वे सो गए। ग्रामीणों के मुताबिक रात करीब 3 बजे हमलावरों ने सोते समय गोलियां मारीं। सुरेंद्र सिंह को गोलियां मारने के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले।

12 घंटे में करेंगे हत्याकांड का खुलासा


यूपी के पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि हत्याकांड की गहराई से छानबीन की जा रही है। कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। श्रीसिंह ने कहा कि 12 घंटे में हत्याकांड का खुलासा होने की उम्मींद है।

गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर ने लिया था गोद


गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर ने अमेठी के बरौलिया गांव को गोद लिया था। यही वजह रही कि गांव में कई करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए। विकास कार्यों की वजह से सुरेंद्र सिंह बहुत जल्द स्मृति ईरानी के काफी करीबी कार्यकर्ता बन गए।

 

 
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UP Police के DGP ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि “Uttar Pradesh में बेहद शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से लोकसभा 2019 का चुनाव संपन्न करवाया जा रहा है”। चार चरण के मतदान हो चुके हैं। पांचवे, छठवें और सातवें चरण में भी उम्मींद है कि चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न होंगे”। श्री सिंह कानपुर के किदवईनगर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1124639632367521793

YOGESH TRIPATHI


तेरहवीं के कार्यक्रम में पहुंचे DGP


पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह के करीबी के तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के लिए कानपुर के किदवईनगर एरिया में पहुंचे। कार्यक्रम से वापस लौटते समय मीडिया के साथ बातचीत में DGP ने कहा कि “UP में बेहद शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से चार चरणों का चुनाव हुआ है। आगे के चरणों में भी इसी तरह से चुनाव कराने के लिए वो कटिबद्ध हैं। हर संभव कोशिश की जा रही है कि चुनाव शांतिपूर्वक हों।

श्रीसिंह ने कहा कि इस दौरान बड़े पैमाने पर करेंसी को भी जब्त किया गया है। गोल्ड और सिल्वर की रिकवरी करने के साथ जहां आवश्यकता पड़ी वहां पर इनकम टैक्स और ED डिपार्टमेंट की भी मदद ली गई। डीजीपी के आने की सूचना पर स्थानीय पुलिस के तमाम बड़े अफसर मौके पर पहुंचे। करीब 20 मिनट के बाद ओमप्रकाश सिंह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।


 

 

 

UP Police के DGP O.P Singh ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन Jaish-E-Mohammad के दो संदिग्ध आतंकियों को UP ATS ने Arrest किया है। पकड़े गए आतंकियों में शाहनवाज अहमद तेली कश्मीर के कुलगाम का रहने वाला है। शहनवाज नए आतंकियों को भर्ती करने के काम में जुटा था। आतंकियों के अन्य साथियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं।


[caption id="attachment_18858" align="aligncenter" width="618"] Pakistan समर्थित आतंकी संगठन Jaish-E-Mohammad के दोनों संदिग्ध आतंकियों को UP की ATS ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


देवबंद से ATS ने Arrest किए दोनों संदिग्ध आतंकी


14 फरवरी को Pulwama में आत्मघाती आतंकी हमले में 40 CRPF के जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद से लगातार राज्य में हाई अलर्ट है। इतना ही नहीं देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हैं। शुक्रवार को UP की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवबंद से 2 आतंकियों को दबोच लिया। पकड़े गए आतंकियों का कनेक्शन जैश-ए-मोहम्मद है। इंट्रोगेशन में पता चला है कि दोनों ही आतंकी नए आतंकियों की भर्ती करने की मुहिम में लगे थे। दोनों के पास से तमाम आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

बगैर एडमिशन के देवबंद में कर रहे थे पढ़ाई


यूपी के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह के मुताबिक छानबीन में पता चला है कि पकड़े गए आतंकी शाहनवाज अहमद तेली और आकिब अहमद हैं। ये दोनों ही बगैर एडमिशन के देवबंद में रह रहे थे। इनके पास से .32 बोर की पिस्टल और गोलियां मिली हैं। साथ ही दोनों के पास से जिहादी ऑडियो, वीडियो और लिखित सामग्री भी बरामद हुई है। दोनों संदिग्धों को ट्रांजिट रिमांड पर लिया जा रहा है। आतंकी आकिब अहमद पुलवामा का रहने वाला है।

संदिग्धों के टॉरगेट पर ATS कर रही है जांच


DGP ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक शाहनवाज लंबे समय से जैश के नेटवर्क के लिए काम कर रहा था। देवबंद में भी नई भर्ती के लिए कई लड़कों के संपर्क में था। इस बात की जांच की जा रही है कि इन लोगों ने अब तक कितने लोगों की भर्ती कराई है और उनका टॉरगेट क्या था ?

 

"बड़ाखाना" कार्यक्रम के दौरान अपने बीच यूपी पुलिस के महानिदेशक सुलखान सिंह को पाकर जवानों की खुशी दो गुना हो गई। खुद DGP ने अपने हाथों से कार्यक्रम में मौजूद जवानों को भोजन परोसकर सभी को खिलाया। इस दौरान ATS और STF के तमाम बड़े अफसर भी मौजूद रहे। डीजीपी ने कई जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। 


[caption id="attachment_18008" align="aligncenter" width="850"]dgp sulkhan singh, redeyestimes.com "बड़ाखाना" कार्यक्रम के दौरान ATS और STF के जवानों को भोजन खिलाते uppolice के DGP सुलखान सिंह[/caption]

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह अमौसी एयरपोर्ट के पास बने ATS के स्पॉट परिसर में आयोजित ‘ बड़ाखाना ’ कार्यक्रम में शामिल हुए। ATS और STF के जवानों संग DGP ने भोजन का लुत्फ उठाया। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ उनके सुख-दुःख को भी साझा किया। इस दौरान uppolice के कई अफसर मौजूद रहे।


बब्बर खालसा के उग्रवादियों को पकड़ने वाली टीम को किया सम्मानित

यूपी पुलिस के महानिदेशक सुलखान सिंह ने “बड़ाखाना” कार्यक्रम के दौरान कई बड़े सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली ATS टीम के जवानों को सम्मानित किया। इसमें बब्बर खालसा के उग्रवादियों को पकड़ने वाली टीम के सदस्य भी शामिल रहे। DGP ने सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।



गौरतलब है कि सूबे में ख़तरनाक ऑपरेशन्स के लिए विश्व स्तरीय क्षमता की टीम विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री की तरफ से 10  अक्तूबर को SPOT ( Special Police Operations Team) के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई थी।  इसके साथ ही कमांडो इकाई के लिए 694 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई। इस SPOT में 3 विंग होगी, आपरेशनल विंग, टे्निंग विंग तथा प्रशासनिक विंग। इसके सदस्यों को हाई-जैकिंग से निपटना, हेलीकाप्टर से उतरना, चढ़ना, रात्रि आपरेशन की बेहतर क्षमताओ को विकसित करना आदि सिखाया जाता है।



क्या होता है “बड़ाखाना”

विभागीय परंपरा के मुताबिक किसी भी आयोजित भोज जिसमें सभी पुलिस कर्मी एक साथ भोजन करते है, ‘बड़ाखाना’  कहलाता है। वरिष्ठ अफसरों की तरफ से पदेन भेदभाव को भुल कर एक साथ जवानों के संग मिलकर भोजन किया जाता है। DGP सुलखान सिंह ने कहा कि ATS और STF की तरफ से बहुत अच्छे कार्य किए गए हैं। दोनों इकाइयों की जनशक्ति और संसाधन बढ़ाया जा रहे हैं ताकि आतंकवादियों और अपराधियों से प्रदेश को सुरक्षित रखा जा सके।

कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था (ADG L/O) आनन्द कुमार, SSP ATS  उमेश कुमार श्रीवास्तव, SSP STF  अभिषेक सिंह,  ASP ATS राजेश साहनी, ASP ATS दिनेश यादव, ASP STF त्रिवेणी सिंह, DSP ATS डी के पुरी, DSP  मनीष सोनकर तथा DSP WPL बबिता सिंह सहित समेत कई अफसर मौजूद रहे।