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-50 से अधिक सीरियल ब्लास्ट के मामलों में है आरोपी

-UPSTF की (Kanpur Unit) को मिली बड़ी सफलता

-17 जनवरी 2020 को खत्म हो गई थी पैरोल

 
STF (Kanpur Unit) के हत्थे चढ़ा Wanted आतंकी डॉ. जलीस अंसारी।

Yogesh Tripathi

देश भर में 50 से भी अधिक सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी खूंखार आतंकी डॉ. जलीस अंसारी को उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की (Kanpur Unit) ने Kanpur के फेथफुलगंज एरिया में Arrest कर लिया। अजमेर ब्लास्ट मामले में सजायाफ्ता आतंकी डॉ. जलीस अंसारी पिछले महीने ही पैरोल पर जेल से बाहर आया था। मुंबई में दो दिन पहले वह दो दिन पहले जलीस फरार हो गया तो खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गईं। STF (IG) अमिताभ यश की सूचना के बाद सक्रिय (STF Kanpur Unit) के प्रभारी Ghanshyam Yadav की अगुवाई में टीम ने उसे Arrest कर लिया। STF ने इस आतंकी के पास से आधार कार्ड समेत कई सामान बरामद किए हैं। 
मुंबई से पुष्पक एक्सप्रेस में बैठकर कानपुर पहुंचा, नेपाल के रास्ते विदेश भागने की तैयारी में था आतंकी।

पुष्पक एक्सप्रेस से पहुंचा Kanpur

STF के मुताबिक आतंकी डॉ. जलीस अंसारी मुंबई से पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में बैठकर Kanpur Central पहुंचा। यहां फेथफुलगंज में ऊंची मस्जिद देख उसने अपना सामान वहां के मुतवल्ली के पास रख दिया और आसपास काफी देर तक टहलता रहा । मौका पाकर पहले से सादे कपड़ों में मौजूद STF ने उसे धर दबोचा । 
फेथफुलगंज मस्जिद के बाहर से गिरफ्तारी के बाद कड़ी सुरक्षा में लखनऊ ले जाया गया आतंकी जलीस अंसारी।

26 साल बाद मिली थी आतंकी को पैरोल

STF की पूछताछ में आतंकी जलीस अंसारी ने बताया कि 26 साल बाद उसे पैरोल मिली। उसके बाद जेल से वह बाहर आया। मुंबई में वह अपनी बीवी और बच्चों के पास पहुंचा। जलीस अंसारी के मुताबिक उसके बीवी और बच्चे कलह करते थे। जिसको लेकर अक्सर झगड़ा होता था। जिससे परेशान होकर वह मुंबई से चुपचाप निकल गया।

30 साल पुराने दोस्त के पास आया Kanpur

मुंबई में बीवी और बच्चों को छोड़कर आतंकी जलीस अंसारी पुष्पक ट्रेन में बैठकर Kanpur के लिए चल पड़ा। उसके दो पुराने दोस्त अब्दुल रहमान और अब्दुल कयूम Kanpur के फेथफुलगंज में रहते थे।
आतंकी जलीस अंसारी जब Kanpur के फेथफुलगंज में पहुंचा तो उसे पता चला कि अब्दुल रहमान की सड़क हादसे में काफी पहले मौत हो चुकी है। जबकि अब्दुल कयूम शहर छोड़ चुका है।
इसके बाद आतंकी ने अपना सामान ऊंची मस्जिद में रख दिया और वहां मौजूद लोगों से ऐसे बातचीत करने लगा कि मानों वह स्थानीय हो। एक व्यक्ति के पांच साल के बच्चे की अंगुलियां पकड़ वह सेंट्रल स्टेशन तक भी गया। सेंट्रल स्टेशन पर उसने पूछताछ केंद्र में काफी देर खड़े रहकर जानकारी भी ली। लेकिन इसके बाद वह फिर लौट आया। मस्जिद में उसने नमाज भी पढ़ी। लेकिन जब वह बाहर निकला तो STF के चक्रव्यूह में फंस गया।   

STF (IG) के इनपुट पर सक्रिय हुई Kanpur Unit

आतंकी जलीस अंसारी को पिछले महीने पैरोल मिली थी। 17 जनवरी 2020 को उसे फिर सरेंडर कर जेल जाना था लेकिन वह उसके पहले ही लापता हो गया। परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई तो खुफिया एजेंसियां सकते में आ गईं। सूत्रों की मानें तो देर रात्रि ही STF (IG) अमिताभ यश ने अपनी Kanpur Unit को अलर्ट कर दिया था। आइजी की सतर्कता के बाद लोकल टीम ने सर्विलांस सेल की भी मदद ली। फ्राइ-डे को आखिर में टीम को सफलता मिल गई।

UP Police के DGP ने दी टीम को बधाई

आतंकी जलीस अंसारी को पकड़ने वाली STF टीम के Ghanshyam Yadav (Kanpur Unit Incharge), Abdul Qadir, Raj Kumar, Mohar Singh, Chandra Prakash को UP Police के DGP ओम प्रकाश सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि ये बहुत बड़ी कामयाबी है। गौरतलब है कि लापता होने के बाद से आतंकी जलीस अंसारी इलेक्ट्रानिक चैनलों की सुर्खियां बन गया था। पिछले चौबीस घंटे से हर चैनल में उसको लेकर ही खबरें ब्रेक हो रही थीं।

नेपाल के रास्ते विदेश भागने की तैयारी में था आतंकी

आतंकी जलीस से पूछताछ करने वाले Ghanshyam Yadav (Kanpur Unit Incharge) ने www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में बताया कि जरा सी देर होने पर आतंकी भाग जाता। उसने गोरखपुर होते हुए नेपाल के रास्ते भागने की पूरी योजना बना ली थी। ट्रेन का भी उसने पता लगा लिया था कि कौन सी ट्रेन गोरखपुर कब जाएगी। लेकिन उससे पहले ही वह पकड़ गया। आतंकी डॉ. जलीस अंसारी संतकबीर नगर का मूलरूप से निवासी है। 26 दिसंबर 2019 को तीन सप्ताह के लिए कोर्ट से वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था।


-प्रेम प्रकाश बनाए गए ADG Zone (Prayagraj)

-Alok Kumar Singh बने गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के पहले CP

-सुजीत पांडेय होंगे Lucknow के 1st CP

J.N Singh ADG Zone (Kanpur)

 Yogesh Tripathi


UPCM ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सूबे की राजधानी Lucknow और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में पुलिस का कमिश्नरी सिस्टम लागू कर दिया है।1995 बैच के IPS अफसर Alok Kumar Singh को गौतमबुद्ध नगर के पहले पुलिस आयुक्त (CP) होंगे।जबकि 1994 बैच के IPS सुजीत कुमार पांडेय को लखनऊ का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। अभी तक गोरखपुर जोन के महानिदेशक (ADG) के पद पर कार्यरत रहे 1994 बैच के IPS J.M Singh अब ADG Zone (Kanpur) होंगे। अभी तक Kanpur के ADG रहे प्रेम प्रकाश अब Prayagraj Zone के अपर पुलिस महानिदेशक होंगे। 



ADG Zone (Kanpur) J.N Singh ने IIT (BHU) से BTec किया है। 94 में वह भारतीय पुलिस सेवा में आए। एसपी/एसएसपी गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ और डीआइजी सहारनपुर समेत कई जनपदों में महत्वपूर्ण पदों पर उनकी तैनाती रही। J.N Singh राजधानी Lucknow के IG भी रह चुके हैं। अब तक करीब 80 से अधिक खूंखार अपराधियों और गैंगस्टर्स का Encounter भी उनके खाते में दर्ज है। 


जे.एन सिंह की गिनती यूपी के बेहद तेज तर्रार आइपीएस अफसरों में होती है। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर वे सीधे कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं। मार्डन के साथ बेसिक पुलिसिंग उनकी प्राथमिकता पर रहती है। 
आलोक कुमार सिंह (पुलिस आयुक्त) गौतमबुद्ध नगर (नोएडा)


वहीं, दूसरी तरफ गौतमबुद्ध नगर के पहले पुलिस कमिश्नर बने Alok Kumar Singh की गिनती भी बेहद कड़क अफसर के तौर पर होती है। Kanpur में SSP/IG रह चुके आलोक सिंह का तबादला कुछ महीना पहले ही मेरठ (आइजी) पर किया गया था। हाल में ही उनकी डीपीसी हुई और वे ADG बने।












-You Tube Acount & News Portal की आड़ में संचालित हो रहा था गंदा कारोबार

-SP South के निर्देश पर Barra (SHO) ने किया रैकेट का भंडाफोड़

Barra Police Station के बाहर लाल घेरे में सेक्स रैकेट का संचालन करने वाले फर्जी पत्रकार और कॉलगर्लें

Yogesh Tripathi

Kanpur की SP (South) अपर्णा गुप्ता के निर्देश पर Barra Police ने मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित एक मकान में छापा मारकर लंबे समय से संचालित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने दो कॉलगर्लों समेत 6 लोगों को Arrest किया है। Barra (SHO) सतीश कुमार सिंह का कहना है कि पकड़े गए चारो युवक फर्जी पत्रकार हैं। You Tube Acount & Web Portal की आड़ में लंबे समय से बड़े सेक्स रैकेट का संचालन कर रहे थे। एसपी साउथ का कहना है कि पकड़े गए चारो युवकों के संरक्षणदाताओं को चिन्हित करने में पुलिस टीम जुटी है। कई नंबर खंगाले जा चुके हैं। इन सभी के बारे में और जानकारियां मिल रही हैं। 

गोपनीय सूचना पर SP South ने दिए SHO को निर्देश

SP South अपर्णा गुप्ता को पिछले कई दिनों से गोपनीय सूचना प्राप्त हो रही थी कि Barra के मेहरनबान सिंह का पुरवा स्थित एक बड़े स्कूल के पास सेक्स रैकेट का संचालन कुछ तथाकथित लोग कर रहे हैं। सूचना पर विश्वास कर SP South ने Barra Police को त्वरित छापा मारने का निर्देश दिया। महिला फोर्स के साथ इंस्पेक्टर ने जब उक्त मकान पर छापा मारा तो वहां हड़कंप मच गया।

आगरा की रहने वाली हैं कॉलगर्लें

Barra Police जब मकान के अंदर दाखिल हुई तो वहां मौजूद लोग इधऱ-उधर छिपने लगे। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। कुछ चेहरों को देख पुलिस वाले को चक्कर आने लगा। ये वो चेहरे थे जो अक्सर चौकी और थाने में आकर सिपाहियों व दरोगाओं से छोटे-मोटे कामों को लेकर खुद को पत्रकार बताते हुए रौब गांठते थे। पुलिस ने Web Portal की तमाम (ID) और उनसे जुड़े दस्तावेज व परिचय पत्र बरामद किए। इंस्पेक्टर के मुताबिक दोनों कॉलगर्लें यूपी के आगरा जनपद की रहने वाली हैं। दोनों ने बताया कि उन लोगों से चारो लोग करीब एक साल से ये पेशा करवा रहे थे। बदले में उनको रुपए मिलते थे लेकिन वह भी नाम मात्र ही।
 

ये फर्जी पत्रकार हुए Arrest

Barra (SHO) सतीश कुमार सिंह के मुताबिक पकड़े गए फर्जी पत्रकार बख्तौरी पुरवा नौबस्ता निवासी मंगल प्रसाद पासवान, बर्रा 8 निवासी विमलेश तिवारी, दादानगर गोविंदनगर निवासी मुन्ना सिंह और नौबस्ता हंसपुरम निवासी नीरेंद्र सिंह हैं। चारो यू-ट्यूब पर अकाउंट बनाकर उसमें वीडियो पोस्ट करते थे। सभी ने फर्जी तरीके से आइडी भी बना रखी थी। इंस्पेक्टर के मुताबिक गिरफ्तार लोगों में दो ने बताया है कि वह लोग पत्रकारों के एक चर्चित संगठन से भी जुड़े रहे हैं। www.redeyestimes.com ने जब इस संगठन के प्रेसीडेंट से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि कभी जुड़े थे लेकिन ये लोग अक्सर विवाद करते थे। कभी उगाही तो कभी इसी तरह की गंदी हरकतें। जिसकी वजह से संगठन ने करीब एक साल पहले ही निकाल दिया था। फिलहाल संगठन ने चारो में से किसी का कोई लेनादेना नहीं है।

WhatsApp से संचालित करते थे नेटवर्क

पकड़े गए चारो युवकों ने पुलिस को बताया कि वह लोग सोशल मीडिया WhatsApp पर ग्रुप बनाकर उसमें कॉलगर्लों की फोटो को सेंड करते थे। ग्रुप का सदस्य जब कॉलगर्ल पसंद करता था तो उसके बताए स्थान पर भेजने से पहले रुपए का सौदा तय होता था। सूत्रों की मानें तो ये सभी लोगों की ब्लू फिल्म तक बनाते थे और बाद में उगाही भी करते थे। हालांकि इसकी पुष्टि अभी तक पुलिस ने नहीं की है। पुलिस को कई सफेदपोश लोगों के नंबर भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि 2500 से 10000 रुपए तक में कॉलगर्ल भेजी जाती थीं। 


हालांकि ये कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले भी शहर में कुछ तथाकथित लोग पकड़े जा चुके हैं, वर्तमान समय में ये सबी सफेदपोश लोगों के संरक्षण में गोरखधंधे में लिप्त हैं। कुछ के हाथों में कैमरा है तो कई की गाड़ियों पर Press लिखा है। कई तथाकथित तो पत्रकारों के संगठन में सदस्य और पदाधिकारी भी हैं ।


-Kanpur Press Club के Ex.President रह चुके हैं शैलेंद्र दीक्षित

-80 के दशक में लंबे समय तक दैनिक आज अखबार के लिए सेवाएं दे चुके हैं

-बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक बड़े अखबार की नींव भी शैलेंद्र दीक्षित ने रखी


वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र दीक्षित की धर्मपत्नी का पटना निधन हो गया। पार्थिव शरीर को कानपुर लाया जा रहा है। उनकी अंतिम यात्रा हरबंश मोहाल स्थित अप्सरा टॉकीज के पास से दोपहर 2:00 बजे भगवत दास घाट के लिए प्रस्थान करेगी ।
 
वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र दीक्षित की पत्नी मंजुली दीक्षित (65) का गुरुवार की शाम पटना के निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह पिछले काफी समय से एक असाध्य बीमारी से जूझ रही थीं। पटना के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।


सामाजिक और धर्मपरायण मंजुली दीक्षित अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं। उनके परिवार में सास-ससुर के साथ-साथ तीन पुत्र, पुत्र वधुएं, पौत्र-पौत्री हैं। जिस समय उनका निधन हुआ, स्वजन उनके साथ ही थे। उनके निधन से परिवार में शोक है। उनके निधन की खबर पाकर पटना के पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि पटना स्थित आवास पहुंचे और शोक संवेदना प्रकट की । 

कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अनूप बाजपेयी, वरिष्ठ पत्रकार अजय शुक्ला, प्रेस क्लब के पूर्व महामंत्री कुमार त्रिपाठी, सीनियर जर्नलिस्ट अभिषेक गुप्ता, योगेश त्रिपाठी, गौरव श्रीवास्तव, अजय पत्रकार, जर्नलिस्ट क्लब के चेयरमैन सुरेश त्रिवेदी, गोविंदनगर से बीजेपी के विधायक पंडित सुरेंद्र मैथानी समेत शहर के सभी वरिष्ठ पत्रकारों और बुद्धजीवियों ने श्रीमती मंजुला दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त किया है ।

-Kanpur हिंसा में मारे गए युवकों के परिजनों दी 5-5 लाख की चेक

-Akhilesh Yadav ने कहा, सरकार बनी तो दर्ज मुकदमें होंगे वापस

Kanpur के बाबूपुरवा में हिंसा के दौरान मारे गए युवकों से बातचीत कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आर्थिक मदद दी।
Yogesh Tripathi

UP में SP की सरकार बनते ही CAA के विरोध में दर्ज सभी मुकदमें तत्काल वापस लिए जाएंगे। प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिखा दिया है कि किस तरह से मुकदमें वापस लिए जाते हैं। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों पर BJP सरकार के इशारे पर हमला किया गया। घटनाओं की जांच सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से कराई जाए तो सारा सच सामने आ जाएगा। ये बातें गुरुवार को Kanpur के बाबूपुरवा स्थित हिंसाग्रस्त क्षेत्र में कुछ दिन पहले विरोध-प्रदर्शन के दौरान मारे गए तीन युवकों के परिजनों से मुलाकात के बाद Ex.CM Akhilesh Yadav ने मीडिया के साथ बातचीत में कहीं। इससे पहले Ex.CM ने हिंसा में मारे गए युवकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की इमदाद भी दी। उनकी मौजूदगी के समय सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी रही। 



20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद बाबूपुरवा थाना एरिया के बेगमपुरवा में हिंसा के दौरान जमकर गोलियां चलीं थीं। इसमें मोहम्मद सैफ (24), आफताब आलम (22) और रईस खान (30) की मौत हो गई थी। हिंसा में करीब दर्जन भर लोग घायल हुए थे। मारे गए तीनो युवकों के परिजनों से सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने दोपहर को मुलाकात कर सभी को ढांढस बंधाया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से कहा कि सपा हर समय उनके साथ है।  


SC के रिटायर्ड जज से कराई जाए जांच

Ex.CM Akhilesh Yadav ने कहा कि CAA के खिलाफ देश और प्रदेश में जमकर प्रदर्शन हुए लेकिन गोली कुछ खास जिलों में ही चलाई गई। जिन लोगों की मौत हुई है उनको पुलिस की गोली लगी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच करा ली जाए तो पता चल जाएगा कि दोषी कौन है ?  सीसीटीवी कैमरों में सारी घटना कैद है. उससे खुद ब खुद पता लग जाएगा।
मीडिया से मुखाबितब अखिलेश यादव ने कहा कि हिंसा कुछ जिलों में ही क्यों हुई है ?  पुलिस ने गोलियां क्यों चलाईं ? इसकी भी जांच होनी चाहिए। सपा सुप्रीमों ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के अनमोल अधिकारियों की वजह से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और शासन की नाकामी की वजह से इस तरह की घटनाएं हुईं।


Akhilesh ने UP की Yogi सरकार पर कसा तंज

UP की Yogi सरकार पर तंज कसते हुए Ex.CM अखिलेश यादव ने कहा कि Kanpur आने पर उन्होंने यहां पर सड़कों कैसे बड़े-बड़े गड्ढे हैं, उसे देखा है। अब स्मार्ट सिटी को देखना बाकी रह गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने अटल घाट की सीढ़ियों को लेकर कहा कि वह उस इंजीनियर को धन्यवाद देते हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने जब देश के PM नरेंद्र मोदी कानपुर दौरे पर आए थे तो गंगा निरीक्षण के बाद अटल घाट की सीढ़ियों पर वे फिसल गए थे।

Ex.CM के दौरे को देख RAF तैनात

Ex.CM Akhilesh Yadav के Kanpur दौरे को देख बाबूपुरवा स्थित हिंसाग्रस्त में क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। गुरुवार सुबह से ही क्षेत्र में RAF समेत भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था ताकि किसी तरह से माहौल न बिगड़ सके। Akhilesh के आने की वजह यहां पर लोगों की भीड़ काफी अधिक रही। करीब-करीब हर घर की छत पर लोग मौजूद रहे।



-UPSTF  Kanpur (Unit) के प्रभारी Ghanshyam Yadav की टीम को मिली सफलता

-नजीराबाद थाना क्षेत्र से पकड़ा गया Wanted अतिश्री दीक्षित उर्फ अप्पू

-लूटे गए 50 हजार रुपए, बाइक और तमंचा भी STF ने बरामद किया

 
UPSTF (Kanpur Unit) के हत्थे चढ़ा 25 हजार का इनामी अतिश्री दीक्षित उर्फ अप्पू।

Yogesh Tripathi


लंबे समय से Kanpur Police के लिए सिरदर्द बने 25 हजार रुपए के इनामी Wanted बदमाश अतिश्री दीक्षित उर्फ अप्पू को UPSTF (Kanpur Unit) ने नजीराबाद थाना एरिया से गिरफ्तार कर लिया। STF ने उसके पास से 63 हजार रुपए की नकदी, एक तमंचा और गाड़ी बरामद की है। फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है। शातिर नवाबगंज थाना में दर्ज एक मुकदमें में वांछित था।

नवाबगंज थाने से वांछित था अप्पू दीक्षित

STF (Kanpur Unit) के प्रभारी Ghanshyam Yadav ने www.redeyesrimes (News Portal) को बताया कि जरिए मुखबिर सूचना मिली कि Kanpur के नवाबगंज थाने से वांछित शातिर अपराधी अतिश्री दीक्षित उर्फ अप्पू दीक्षित जेके नहरिया रोड की तरफ पहुंचने वाला है। इस पर STF की टीम ने नजीराबाद इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी को सूचना देकर Alert किया। मुखबिर के साथ पहुंचे एसटीएफ प्रभारी और उनकी टीम ने मनोज पान भंडार की तरफ से आ रहे बाइक सवार को रुकने का इशारा किया।

भागने की कोशिश पर STF ने घेराबंदी कर किया Arrest

सादे कपड़ों में फोर्स को देख अतिश्री दीक्षित ने बाइक को घुमाकर भागने की कोशिश की लेकिन तभी वहां नजीराबाद थाने के प्रभारी मनोज रघुवंशी पहुंचे। एसटीएफ टीम ने नजीराबाद पुलिस के सहयोग से अतिश्री दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ ने अप्पू के पास से एक तमंचा, कारतूस, करीब 63 हजार रुपए नकद, बाइक बरामद की है।

शहर के थानों में दर्ज हैं अप्पू पर 15 मुकदमें

एसटीएफ प्रभारी ने बताया कि अप्पू दीक्षित बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। शहर के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ करीब 15 मुकदमें लूट, चोरी, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हैं। नवाबगंज में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 148/18 धारा 454/380/411/413 में अप्पू दीक्षित लंबे समय से वांछित था।

एक इंस्पेक्टर खरीद चुके हैं अप्पू से 3 मोबाइल

लंबे समय से फरार चल रहे अतिश्री दीक्षित उर्फ पप्पू के बारे में पुलिस को सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। कभी मुंबई तो कभी नेपाल में उसके होने की खबर पुलिस को मिली। जबकि हकीकत ये है कि पुलिस के कागजों में फरार चल रहा अप्पू दीक्षित कल्याणपुर थाना एरिया स्थित पनकी मार्ग पर मां गायत्री मंदिर के पास कृष्णा मोबाइल नाम की दुकान पर मैनेजर का कार्य कर रहा था। खास बात ये है कि शहर के एक इंस्पेक्टर इस शातिर से पिछले कुछ महीने में ही तीन मोबाइल खरीद चुके थे। उनको भी ये भनक नहीं लग पाई कि अप्पू शातिर किस्म का Wanted अपराधी है। 

STF (Kanpur Unit) के प्रभारी Ghanshyam Yadav के मुताबिक लंबे समय से इस शातिर की लोकेशन को सर्विलांस के जरिए वह ट्रेस कर रहे थे। कुछ मुखबिरों का संजाल भी बिछाया था। जिसके बाद इसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।