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  • BJP नेता की गिरफ्तारी के लिए देर रात्रि पहुंची थी West Bengal Police
  • भीड़ ने कमरे में बंद कर पुलिस कर्मियों को लात-घूंसे से पीटा
  • युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय ने दिया था विवादित बयान
  • देर रात्रि लोकल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बंधक West Bengal Police को बचाया
लोकल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर West Bengal Police को भीड़ के चंगुल से किसी तरह मुक्त कराया।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के अलीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के नेता को Arrest करने पहुंची West Bengal Police पर भीड़ ने हमला कर दिया। फोर्स को घेरने के बाद भीड़ ने कमरे में बंद कर बंधक बना लिया। इस बीच कुछ युवकों ने पुलिस कर्मियों से अभद्रता कर उनके साथ मारपीट की। सूचना पर पहुंची लोकल पुलिस ने किसी तरह West Bengal Police को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर थाने पहुंचाया। इस दौरान BJP के सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पराशर, शहर विधायक संजीव राजा समेत कई पदाधिकारी भी मौका-ए-वारदात पर पहुंच गए। भाजपा नेताओं ने West Bengal Police पर महिलाओं के साथ अभद्रता करने का संगीन इल्जाम लगाया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के पूर्व मंडल अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय ने कुछ दिन पहले West Bengal की मुख्यमंत्री Mamta Banarjee के खिलाफ विवादित बयान देते हुए उनका सिर कलम करने वाले को 11 लाख रुपए देने का ऐलान किया था। बताया जा रहा है कि West Bengal Police मुकदमा पंजीकृत करने के बाद योगेश वार्ष्णेय की गिरफ्तारी के लिए फ्राइ-डे को अलीगढ़ पहुंच गई।

 


देर रात्रि गांधी पार्क एरिया स्थित योगेश वार्ष्णेय के घर पर West Bengal Police ने दबिश दी। इस बीच खबर मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। बातचीत के दौरान ही भीड़ ने फोर्स के साथ अभद्रता शुरु कर दी। युवकों ने पुलिस टीम के साथ मारपीट कर सभी को बंधक बना लिया। इसके बाद कमरे में बंद कर पुलिस कर्मियों के साथ भीड़ ने मारपीट की। सूचना लोकल पुलिस को मिली तो प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में अलीगढ़ पुलिस अफसरों के निर्देश पर लोकल पुलिस मौके पर पहुंची।

इस बीच सूचना पाकर भाजपा के सांसद और विधायकों समेत कई भाजपा नेता व कार्यकर्ता भी योगेश वार्ष्णेय के घर पहुंच गए। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि West Bengal Police ने योगेश के घर पर पहुंचकर महिलाओं के साथ अभद्रता की। लोकल पुलिस किसी तरह से बंधक फोर्स को भीड़ के चंगुल से बाहर निकाल थाने लेकर पहुंची। अलीगढ़ पुलिस का कहना है कि दबिश से पहले उनके साथ कोआर्डिनेशन नहीं किया गया। महिलाओं के साथ अभद्रता की जांच की जा रही है। भाजपा नेता की तरफ से एक तहरीर भी देर रात्रि अलीगढ़ पुलिस को सौंप दी गई है। माना जा रहा है कि देर-सबेर West Bengal Police पर FIR दर्ज हो सकती है।

 

  •  BJP सरकार में चरम सीमा पर पहुंचा महंगाई और भ्रष्टाचार
  • जनसंवाद कार्यक्रम में Kanpur पहुंची सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • सपा नेता सुनील शुक्ला की तरफ से आयोजित किया गया जनसंवाद कार्यक्रम
  • बीजेपी की सरकार में मंहगाई सुरसा की तरह मुंह खोले जा रही है : Juhi Singh

 

Kanpur के मसवानपुर में "जनसंवाद" कार्यक्रम में शिरकत करतीं सपा महिला सभा की अध्यक्ष जूही सिंह।

Yogesh Tripathi

केंद्र और प्रदेश में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की गलत नीतियों की वजह से मंहगाई और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है। BJP समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने का कार्य कर रही है। हर साल दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा करने वाली BJP अब युवाओं की नौकरी छीनने का काम कर रही है। यह बातें समाजवादी पार्टी के महिला सभा की (National President)  Juhi Singh ने Kanpur के मसवानपुर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में कहीं। जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन गोविंदनगर विधान सभा (212) के पूर्व प्रत्याशी Pandit Sunil Shukla की तरफ से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सीसामऊ विधायक इरफान सोलंकी समेत कई सपा नेता प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम सपा के नगर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा महिला सभा की National President जूही सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश में मंहगाई व भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी वजह भाजपा की नीतियां है। केंद्र और प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से समाज का हर वर्ग परेशान है। जूही सिंह ने कहा कि “Uttar Pradesh की जनता अब भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों से परेशान होकर परिवर्तन करने का मन बना चुकी है। जूही सिंह ने कहा कि भाजपा देश में हिंदू-मुस्लिम एकता में दरार डाल कर समाज को जाति-धर्म के नाम पर बांट रही हैदेश में व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया है। सरकारी नौकरियों के साथ-साथ सरकारी संस्थानों को भी खत्म करने का काम जारी है। भाजपा सरकार सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देकर निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। निजीकरण के की वजह से देश में रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं

"जनसंवाद" कार्यक्रम में सपा नेता सुनील शुक्ला और MLA इरफान सोलंकी भी जूही सिंह के साथ मौजूद रहे।

Juhi Singh ने कहा कि देश में रोजगार और नौकरियां न होने की वजह से बेरोजगार युवा अपनी डिग्री लेकर नौकरी के लिए दर-दर भटक रहा है। उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। देश के नौजवानों को भविष्य चौपट व अंधकार में हो गया है। देश में महंगाई सुरसा के मुंह बढ़ाती जा रही है। महंगाई और भ्रष्टाचार पर केंद्र की भाजपा सरकार अंकुश लगाने में असफल साबित हुई है। बेलगाम महंगाई से देश की जनता को अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो गया है। कानून व्यवस्था ध्वस्त पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। महिलाओं के साथ हिंसक वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। महंगी शिक्षा मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए कोढ़ में खाज साबित हो रही है। मंहगाई की वजह से नौनिहाल शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। दलितों-किसानों पिछड़ों का उत्पीड़न काफी अधिक बढ़ गया है। 

इस मौके पर Sunil Shukla ने कहा कि सपा की Akhilesh Yadav के कार्यकाल में जो विकास कार्य हुए थे। उसके बल पर वह जनता के बीच चुनाव में जाएंगे। सूबे में सपा की सरकार बनने पर बेलगाम मंहगाई को नियंत्रित करने के साथ-साथ समाज हित में सारे कार्य किए जाएंगे। कानून का राज एक बार फिर से स्थापित होगा।  

गोविंदनगर विधान सभा से सपा के पूर्व प्रत्याशी Pandit Sunil Shukla ने मुख्य अतिथि Juhi Singh को 10 किलोग्राम के गणपति देने के साथ 51 किलोग्राम की माला पहनाकर जोरदार स्वागतत किया। इस दौरान सीसामऊ से सपा विधायक हाजी इरफान सोलंकी, कल्याणपुर के पूर्व विधायक सतीश निगम का नगर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान ने स्वागत किया। महिला सभा की कानपुर प्रेसीडेंट नूरी शौकत ने भी मंच पर मौजूद सभी नेताओं को माला पहनाकर स्वागत किया।

इस दौरान जनसंवाद कार्यक्रम में सपा नेत्री नूरी मलिक, रामा यादव, राम सिंह यादव, विजय यादव, सुकांत शर्मा, सागर पांडे, नसीम साहब, सद्दाम हुसैन, शादाब भाई, आलम अंसारी, राजू सरदार, साकिर भाई, शादाब, फातिमा, सोनू भाई, सलमान खान, वसीम खान, पंकज राज मलिक, और जाकिर हुसैन अंसारी पूर्व नगर अध्यक्ष यूथ ब्रिगेड (कानपुर) प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

  • दिल्ली से आई ट्रेन से सोना लेकर चार संदिग्ध उतरे थे सेंट्रल स्टेशन
  • पूछताछ में चारो युवकों ने खुद को कुरियर कंपनी का एजेंट बताया
  • बरामद सोने का वजन करीब 3.5 किलोग्राम, डॉयमंड की ज्वैलरी भी मिली
  • GRP ने आयकर और इनकम टैक्स विभाग के अफसरों को दी सूचना

सेंट्रल स्टेशन पर गोल्ड के साथ पकड़े गए युवकों के बाबत जानकारी देते CO (GRP)

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur स्थित सेंट्रल स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने करोड़ों रुपए का सोना (Gold) लेकर ट्रेन से उतरे चार संदिग्ध युवकों को धर दबोचा। चर्चा है कि सभी युवक नई दिल्ली से आई ब्रम्हपुत्र ट्रेन में सवार थे। सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही चारो युवक नीचे उतर गए। मुखबिर की सटीक सूचना पर GRP ने घेराबंदी की तो युवकों ने पसीना छोड़ दिया। सूचना पर GRP के CO कमरुल हसन भी पहुंच गए। GRP का कहना है कि पकड़े गए युवकों ने बताया कि वह लोग साईं कुरियर कंपनी के लिए काम करते हैं। युवकों के पास से करीब 3.5 किलोग्राम सोना (जिसमें सोने की बिस्किट, ज्वैलरी) और डॉयमंड की ज्वैलरी भी बरामद की गई। बरामद ज्वैलरी की कीमत करोड़ों में है। GRP ने इनकम टैक्स के साथ-साथ आयकर विभाग को भी सूचना दी है।

GRP क्षेत्राधिकारी कमरुल हसन ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि सेंट्रल पर जब चारो संदिग्ध युवकों को फोर्स ने घेराबंदी कर उनके बैग की तलाशी लेने की कोशिश की तो सभी ने गुमराह करने की कोशिश की। सख्ती कर जीआरपी ने बैग की तलाशी ली तो सोने की ज्वैलरी, बिस्किट और हीरे की ज्वैलरी निकली। पूछताछ में युवक यह नहीं बता पाए कि आखिर Gold की इतनी बड़ी डिलीवरी किस ज्वैलर्स को देनी थी।

सभी ने पूछताछ में बताया कि बरामद Gold दिल्ली से भेजा गया था। इसकी डिलीवरी Uttar Pradesh के Kanpur, Varanasi & Lucknow में होनी थी। बरामद गोल्ड का वजन करीब 3.5 किलोग्राम बताया जा रहा है। क्षेत्राधिकारी कमरुल हसन का कहना है कि युवक ज्वैलरी और गोल्ड के बाबत कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। वह यह बता रहे हैं कि बरामद सोना किसी व्यापारी का है लेकिन व्यापारी का नाम नहीं बता सके। युवकों का कहना है कि कागजात वह लोग भूल गए।

 

  • Barra थाने से चंद कदम की दूरी पर बनी मजार से चादर हटाई
  • अंधा कुआं के पास कई साल पहले बनाई गई थी मजार
  • क्षेत्रीय लोगों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप
  • सूचना पर बर्रा थाने की फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची

सूचना पर पहुंची पुलिस से नोकझोंक करते एक हिन्दूवादी संगठन के कुछ कार्यकर्ता।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur जनपद स्थित बर्रा थाना एरिया अराजकतत्वों के लिए शॉफ्ट टॉरगेट बन गया है। करीब एक महीना पहले मुस्लिम वर्ग के रिक्शा चालक की सरेराह पिटाई की घटना को शायद लोग पूरी तरह से भूल भी नहीं पाए कि गुरुवार सुबह Barra थाने से चंद कदम की दूरी पर बनी मजार पर कई दर्जन अराजकतत्व पहुंच गए। अराजकतत्वों की मंशा बड़ी थी लेकिन भनक पुलिस को लग गई। फोर्स मौके पर पहुंची और अराजकतत्वों को मौके से भगा दिया। पुलिस की सतर्कता से माहौल बिगड़ने से बच गया। पुलिस का कहना है कि मजार पर पड़े चादर को हटाया गया। विवाद जैसी कोई बात नहीं है। क्षेत्र में पूरी तरह से शांति है। 

 


अंधा कुआं के पास बर्रा का नया थाना परिसर कुछ साल पहले बना है। थाने से चंद कदम की दूरी पर एक मजार भी स्थित है। यह मजार कई साल पहले बनाई गई थी। तब आसपास के एरिया में खेती होती थी। गुरुवार सुबह एक हिन्दूवादी संगठन के कुछ लोग मजार पर पहुंच गए। युवकों ने मजार पर पड़े कपड़े (चादर) को हटा दिया। इन युवकों की मंशा आखिर क्या थी ? यह किसी को पता नहीं लेकिन सूचना पुलिस को मिली तो फोर्स मौके पर पहुंच गई।

 

पुलिस ने युवकों से बातचीत की तो उसमें कुछ सत्ता की ऐंठ दिखाने लगे। इस पर बर्रा पुलिस ने तेवर सख्त कर लिए। जिसके बाद वहां से हिन्दूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को उल्टे पांव भागना पड़ा। घटना से जुड़े Video जब सोशल मीडिया पर वॉयरल हुए तो पुलिस ने Twitter पर मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि वार्ता करके मामले को सुलझा दिया गया है। मौके पर शांति बनी हुई है। 

उल्लेखनीय है कि इसी थाना एरिया में ही करीब सवा महीना पहले एक बेगुनाह गरीब रिक्शा चालक पर धर्म परिवर्तन का झूठा आरोप लगाकर हिन्दूवादी संगठन के लोगों ने सरेराह पुलिस की मौजूदगी में पिटाई की। इस घटना का वीडियो वॉयरल होने के बाद जिला प्रशासन को पसीना छूट गया था। कांग्रेस, सपा और बसपा समेत सभी विपक्षी दलों ने सत्ताधारी BJP पर तीखे हमले करने के साथ जिला प्रशासन को भी आड़े हाथों लिया था।

 

 

 

 

लंबे समय से फरार था Gangster Deepak Yadav
Kanpur की रेलबाजार पुलिस को मिली बड़ी सफलता
SHO रवि श्रीवास्तव की अगुवाई में Police ने बंथरा में की घेराबंदी
Yogesh Tripathi

Kanpur Commissionerate Police को बड़ी सफ़लता हाथ लगी। रेलबाजार पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे Most Wanted (Gangster) दीपक यादव को Arrest कर लिया। Deepak Yadav पर 15 हजार ₹ का इनाम घोषित था। SHO रवि श्रीवास्तव ने बंथरा स्थित हाई-वे जब Gangster को दिनदहाड़े दबोचा। 
Deepak Yadav चकेरी थाना एरिया के गांधीनगर राम का रहने वाला है। पुलिस का दावा है कि इन दिनों Arresting से बचने के लिए गैंगस्टर ने "राजनीतिक चोला" ओढ़ने की पूरी कवायद कर रखी थी। दीपक ने हाल में ही ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ा था। जिसमें वह 4 Vote से Election हार गया था। 
दीपक के गैंगस्टर एक्ट के मुकदमें की विवेचना कर रहे रेलबाजार SHO रवि श्रीवास्तव के मुताबिक दीपक यादव ने दबंगई के बल पर तमाम ज़मीनों पर कब्जा कर उन्हें बेंच दिया। इसमें कई सरकारी जमीन भी शामिल हैं। उसने इस तरह की ज़मीनों की बिक्री कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। पुलिस का दावा है कि दीपक के तार कई अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से भी जुड़े हैं। फिलहाल पुलिस (Gangster) Deepak Yadav के अपराधिक इतिहास की "कुंडली" बांटने में जुटी है। Social Media Reports की मानें तो दीपक यादव चकेरी में वाह स्टैंड से अवैध वसूली भी करता है। इसके लिए उसने अपने गुर्गे भी छोड़ रखे हैं। 

High Court मंगलवार को आदेश देकर DGP को किया था तलब 

बुधवार को हाईकोर्ट में पेशी पर पहुंचे थे DGP मुकुल गोयल

हाईकोर्ट ने DGP Mukul Goyal को लगाई कड़ी फटकार
 Yogesh Tripathi

Allahabad High Court ने Pradesh Police के (DGP) Mukul Goyal को एक मामले में पेशी के दौरान कड़ी फटकार लगाते हुए कल तक प्रयागराज न छोड़ने के आदेश दिया है। Court ने 2019 में मैनपुरी में एक छात्रा के मौत Girl Student Death Case के मामले में Court के निर्देश के बावजूद पुलिस के खिलाफ एक्शन न लेने पर डीजीपी को गुरुवार तक प्रयागराज में रुकने का आदेश जारी कर दिया।

 ने बुधवार को महेंद्र प्रताप सिंह की जनहित याचिका की सुनवाई की। इस दौरान आदालत के कार्यवाहक चीफ जस्टिस M.N Bhandari और जस्टिस A.K Ojha की खंडपीठ ने डीजीपी से कहा है कि तत्कालीन एसपी को हटाया जाए या जबरन सेवानिवृत्त करें। इस दौरान कोर्ट ने पंचनामे की Video Recording को भी देखा। मामले में कोर्ट ने पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और डीजीपी को पूरी तैयारी के साथ कर कोर्ट में आने का निर्देश दिया. साथ ही कल तक प्रयागराज न छोड़ने का आदेश जारी कर दिया। 

SP के खिलाफ कार्रवाई पर मांगी Report

High Court ने DGP को गुरुवार कोर्ट में पेश होकर तत्कालीन मैनपुरी एसपी के खिलाफ की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा है। कोर्ट ने गुरुवार तक मैनपुरी के एसपी के खिलाफ कार्रवाई करके रिपोर्ट देने के बाद ही प्रयागराज से वापस जाने का आदेश दिया है।  दरअसल हाईकोर्ट ने मंगलवार को आदेश देकर DGP को तलब किया था। जिसके बाद आज बुधवार को डीजीपी हाई कोर्ट पहुंचे थे।

क्या है पूरा मामला ?

Mainpuri Navodya School में पढ़ने वाली एक छात्रा का 2019 में संदिग्ध अवस्था में फंदे से लटकता हुआ शव मिला था। मृतक छात्रा की मां ने मारकर फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया था। उसके बाद भी पुलिस ने न तो केस दर्ज किया न कोई कार्रवाई की। 2021 में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस लापरवाह बनी रही। मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी मैनपुरी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया था।
  • महंत की गद्दी को लेकर चल रहा है दो महंतों के बीच विवाद
  • बुढ़वा मंगल पर दोनों महंतों के शिष्य आपस में भिड़े, Video Viral
  • गाली-गलौज और धक्का-मुक्की से मंदिर में मौजूद भक्तगण सहमें
  • सूचना पर मंदिर परिसर में पहुंची पनकी थाने की फोर्स

पनकी मंदिर में एक महामंडलेश्वर और उनके शिष्यों को समझाकर शांत कराती पनकी थाने की फोर्स।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur और आसपास के जनपदों में लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर (पनकी) में महंत की गद्दी को लेकर लंबे समय से दो महामंडलेश्वरों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुढ़वा मंगल पर मंदिर परिसर के अंदर महंतों के शिष्यों के बीच भिड़ंत हो गई। तू-तू, मैं-मैं और गाली-गलौज के बाद शिष्यों ने बांहें भी चढ़ा लीं। इसके बाद तो महामंडलेश्वर जितेंद्र दास और महामंडलेश्वर श्री कृष्ण दास भी आमने सामने आ गए। दोनों ने एक दूसरे को अपशब्द कहते हुए देख लेने की धमकी दी। घटना से मंदिर परिसर में मौजूद भक्तगण सहम गए। सूचना पर पनकी थाने की फोर्स पहुंची। हाथापाई की नौबत पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया। पूरी घटना मंदिर में लगे CCTV में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर विवाद का Video अब Viral हो रहा है।

मंगलवार सुबह बुढ़वा मंगल पर श्रीपंचमुखी हनुमान मंदिर में मंगला आरती के बाद भक्त दर्शन कर रहे थे। इस बीच शिष्यों के बीच किसी बात पर आपस में कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों महामंडलेश्वर के शिष्य अपने-अपने भक्तों को दर्शन कराने की जद्दोजहद कर रहे थे। जिसकी वजह से मुहाचांही झड़प में तब्दील हो गई। दोनों ही तरफ से दर्जनों शिष्यों ने अपनी बाहें चढ़ा लीं। 

शोर-शराबा मचने पर वेद पाठशाला में अध्यनरत स्टूडेंट्स भी बाहर आ गए। मंदिर में कार्यरत शिष्यों के बीच विवाद देखकर बाहर आए महामंडलेश्वर श्री कृष्ण दास और महामंडलेश्वर जितेंद्र दास भी बाहर निकल आए। दोनों के बीच भी जमकर कहासुनी और गाली-गलौज हुई। सूचना पर पनकी थाने की फोर्स पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में भी दोनों महंतों के शिष्य एक दूसरे से भिड़े रहे। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई तो पुलिस ने बवाल बढ़ता देख सख्ती की। जिसके बाद दोनों ही गुट शांत हो गए।

CCTV की फुटेज को देखने से साफ पता चल रहा है कि शिष्यों के बीच शुरु विवाद कैसे दोनों महंतों तक जा पहुंचा और दोनों ही बाहर निकल आए। एक Viral Video में महामंडलेश्वर जितेंद्र दास महाराज की पुलिस से भी कहासुनी होती दिखाई दे रही है। पनकी पुलिस का कहना है कि सूचना पर फोर्स पहुंची थी। दोनों पक्ष के लोगों को शांत करवा दिया गया है। मंगला आरती के बाद हुए विवाद को शांत करा कर पुलिस फोर्स ने भक्तों को विधिवत दर्शन कराया। दोनों ही महंत एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।

लाखों की कमाई को लेकर छिड़ी है गद्दी के लिए जंग

पनकी मंदिर में दो महामंडेलश्वरों के बीच महंत की गद्दी को यूं ही नहीं जंगछिड़ी है। बल्कि इसके पीछे हर महीने होने वाली लाखों रुपए की कमाई बताई जा रही है। www.redeyestimes.com (News Portal) के पास जो जानकारियां हैं उसके मुताबिक मंदिर में चढ़ावे की रकम के साथ-साथ मंदिर परिसर और बाहर लगने वाली दुकानें और साइकिल स्टैंड हैं। एक महामंडलेश्वर ने अपने करीबी लोगों को अधिकांश दुकानें और अन्य व्यवस्थाओं पर काबिज करवा रखा है। पोर्टल के विश्वस्त्र सूत्रों की मानें तो सत्ता के गलियारों तक पहुंच रखने वाले एक महामंडलेश्वर को राजनीतिक छतरीमिली हुई है। यह महामंडलेश्वर साम-दाम-दंड-भेद के जरिए महंत की गद्दी हासिल करना चाहते हैं लेकिन सामने वाले महामंडलेश्वर से भी कड़ी चुनौती मिल रही है।

www.redeyestimes.com (News Portal) ने मंदिर के बारे में जानकारी रखने वाले कुछ लोगों से बातचीत की तो सभी ने अपनी पहचान को गोपनीय रखते हुए बताया कि सत्ता की राजनीतिक छतरी पा चुके एक महामंडलेश्वर का अपराधिक इतिहास काफी पुराना है। सत्ताधारी दल के कई दिग्गज इस समय महामंडलेश्वर के लाइन पर रहते हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर की गद्दी के साथ-साथ महामंडलेश्वर गेरुआ वस्त्र पहनकर विधान सभा के अंदर जाने के लिए लालायित हैं। लेकिन राह में रोड़ा दूसरे महामंडलेश्वर बने हुए हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले सवा साल के अंदर पनकी मंदिर में मारपीट, चोरी, गाली-गलौज और हंगामें की करीब दर्जन भर घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन पुलिस प्रशासन भी दोनों महामंडलेश्वरों और उनके शिष्यों पर अपनी तरफ से कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय खामोश है।

पनकी और परमट मंदिर पर इंटेलीजेंस फेल

Kanpur के लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र बन चुके बाबा आनंदेश्वर (परमट) और पनकी मंदिर में गद्दी के लिए महाभारतचल रही है। परमट में तो चोरी का इल्जाम लगाकर जूना अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री ने मंदिर के एक महंत को जेल तक भेजवा दिया। तीन पुजारी और कर्मचारी अभी जेल जाने के लिए लाइन में खड़े हैं। सभी करीब दो दशक से परमट मंदिर में रहकर सेवा कर रहे थे लेकिन मंदिर पर पूरी तरह से काबिज होने के लिए जूना अखाड़े के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने सत्ता की हनक का इस्तेमाल किया। 

नतीजा यह रहा कि लचने-फिरने में लाचार महंत श्यामगिरी को किनारे लगाकर उनके शिष्यों को जेल भेज दिया गया। यही हाल पनकी मंदिर का भी है। यहां पर भी गद्दी के लिए रस्साकशी चल रही है। इन सब के बीच इंटेलीजेंस इकाइयां पूरी तरह से फेल साबित हो रही हैं। किसी भी एजेंसी ने दोनों मंदिरों की कोई विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन और प्रशासन को अब तक नहीं भेजी है। 

परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर परिसर में अपराधिक इतिहास का तो काफी बड़ा लंबा-चौड़ा चिट्ठा है। दोनों ही मंदिरों के बाबत खासी जानकारी रखने वाले लोगों की मानें तो यदि प्रशासन ने समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए तो किसी भी समय बड़ी घटना घटित हो सकती है।

  • AAP (Kanpur) के लिए जेल यात्रा कर चुके हैं "Tiwari Ji"
  • विधान सभा में 32 हजार के करीब प्राथमिक सदस्य भी बनाए
  • प्राथमिक सदस्य बनाने का बना चुके हैं Uttar Pradesh में रिकार्ड
  • एक दिन में AAP के 4,500 प्राथमिक सदस्य बनाने का है रिकार्ड
  • युवाओं की पहली पसंद बन सकते हैं 40 साल के "तिवारी जी"
  • AAP (UP) व्यापार प्रकोष्ठ के Vice President भी हैं "Twari Ji"

तीन साल पहले AAP (Kanpur) की तरफ से प्रस्तावित कार्यक्रम में PM का पुतला फूंकने पर Police ने की थी 7CLA Act के तहत "तिवारी जी" की गिरफ्तारी।

  • गाड़ी में बनाए गए कैविटी में रखकर लाई जा रही थी तस्करी की शराब
  • नई दिल्ली के गुप्ता इंटरप्राइजेट के नाम से काटी गई थी फर्जी बिल्टी
  • STF ने मौके पर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया
  • शराब बंदी वाले प्रदेशों में बड़े पैमाने पर हो रही है हरियाणा के शराब की खपत

UPSTF Team के हत्थे चढ़े शराब तस्कर गिरोह के संदीप गौरव और बाबू खां।

Yogesh Tripathi

हरियाणा में निर्मित शराब की Uttar Pradesh समेत कई प्रांतों में लंबे समय से चोरी छिपे खेप पहुंचाने वाले गिरोह का UPSTF (Lucknow Unit) ने काशी की नगरी (वाराणसी) में भंडाफोड़ कर दिया। STF ने जनसा थाना पुलिस के सहयोग से लाखों रुपए के कीमत की शराब बरामद करने के साथ गिरोह के दो सदस्यों को Arrest कर लिया। दोनों से STF पूछताछ कर रही है। बरामद शराब को अशोका लीलैंड के लोडर में बनाई गई एक कैविटी के अंदर रखकर ले जाया जा रहा था।

UPSTF के Officer घनश्याम यादव के मुताबिक बरामद शराब हरियाणा निर्मित अंग्रेजी ब्रांड इंपीरियल ब्लू, एमसी मैकडॉवेल नंबर-1 है। यदि यह शराब मार्केट में बिक्री के लिए पहुंच जाती तो UPGovernment को करोड़ो रुपए के राजस्व की हानि होती। गिरोह के लोग शराब लदे वाहन में जो ड्राइवर रखते हैं वो जवान व्यक्ति होता है। लेकिन बगल में 60 साल से ऊपर की उम्र वाले एक बुजुर्ग को बैठाते हैं ताकि गिरोह पर पुलिस या फिर STF को किसी तरह से कोई शक न हो सके। सर्विलांस सेल की मदद और मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना पर गिरोह का भंडाफोड़ संभव हो सका। विशेष ऑपरेशन में जनसा थाना प्रभारी के साथ वाराणसी आबकारी टीम भी शामिल रही।

8/9 सितंबर की रात को STF ने वाराणसी के धनगर भवन के सामने (कपसेठी बार्डर) थाना जनसा के पास घेराबंदी की तो गाड़ी में बैठे दोनों व्यक्ति टीम को गच्चा देकर भागने की कोशिश करने लगे लेकिन मौके पर मौजूद फोर्स ने आवश्यक बल प्रयोग कर दोनों को दबोच लिया। 

वाराणसी के जनसा थाने में रखी गिरोह के पास से बरामद की गई हरियाणा की अंग्रेजी शराब।

Arrest किया गया संदीप गौरव पुत्र रोतास गौरव निवासी थाना बावली, जिला बागवत (यूपी) और बाबू खां पुत्र स्वर्गीय स्माइल खां निवासी आजाद नगर लाइन पार (जमालपुर) थाना क्वारसी जिला अलीगढ़ (यूपी) हैं। बाबू खां ने पूछताछ में बताया कि वह मूलरूप से सैदापुर थाना मलावल जिला एटा का रहने वाला है। कुछ समय से अलीगढ़ में अपना ठिकाना बनाकर रह रहा था। 

लोडर के अंदर बनाई गई इसी कैविटी में रखकर होती थी शराब की तस्करी।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि बरामद गाड़ी का मालिक विनय कुमार है। जो फर्जी बिल्टी काटी गई है वो गुप्ता इंटर प्राइजेज R/O (B- 124, संजय कॉलोनी, ओखला फेज 2nd, ओखला, दिल्ली 110020) की है। अशोका लीलैंड लोडर जिसमे गाड़ी के साइज की एक गोपनीय कैविटी बनाकर उसमे मीटर की फिटिंग कर असली एयर रिसीवर वाटर चिलर कंप्रेस्ड टैंक जैसा असली रूप दिया गया है। उसके बाद अंदर तस्करी की शराब को रखकर खेप को लाया जा रहा था। पकड़े गए शराब तस्करों के खिलाफ वाराणसी के जनसा थाने में मु.अ.सं.161/21, IPC की धारा 60/63/72 आबकारी अधिनियम 620/467/478/471/34/120(B) के तहत पंजीकृत किया गया है।

STF Officer घनश्याम यादव के मुताबिक हरियाणा से लेकर देश के कई प्रांतों में (खासकर जिन राज्यों में शराबबंदी है) में एक संगठित गिरोह  सक्रिय है। पकड़े गए बाबू खां और संदीप गौरव दोनों उसी गिरोह के लिए काम करते हैं। गिरोह के लोग पहले किसी लोडर व या हाफ डाला टाइप के गाड़ियों में गोपनीय कैविटी बनाते हैं। उसके बाद उस कैविटी में (हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब जो सिर्फ हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए होती है) को लादकर Uttar Pradesh, Bihar, Gujrat ले जाते हैं। यहां पर गिरोह को शराब की बिक्री पर भारी मुनाफा होता है। शराब के बाजार में पहुंचते ही सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व की चपत लगती है। कभी-कभी हरियाणा की शराब के आड़ में गिरोह के लोग मोटी कमाई के चक्कर में जहरीली शराब की भी सप्लाई कर देते हैं, जिसकी वजह से जनहानि भी हो जाती है। अभी हाल के दिनों में Uttar Pradesh के Kanpur, Fatehpur, Mathura जैसे जनपदों में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी।

हरियाणा की बरामद शराब कौ ब्यौरा

  • इम्पीरियल बोतल (750ml) 29 पेटी कुल 348 अदद बोतल..
  • इम्पीरियल हाफ बोतल (375ml), 30 पेटी कुल 720 अदद हाफ बोतल...
  • इम्पीरियल कार्टर बोतल (180ml) 30 पेटी कुल 1440 अदद कार्टर बोतल
  • एम.सी. मैकडॉवेल नंबर वन- क्वार्टर बोतल (180ml)  15 पेटी कुल 720 अदद कार्टर बोतल
  • 750 की नकदी
  • आधार कार्ड एक अदद
  • मोबाइल एक अदद
  • ई-वे बिल फर्जी एक अदद
  • फर्जी बिल्टी जो (गुप्ता इंटरप्राइजेज, 124- संजय कॉलोनी, ओखला फेज 2nd, ओखला, दिल्ली-110020) की तरफ से जारी की गई है।
  • जयकांत बाजपेयी के करीबी प्रभात शुक्ला (डब्बू) पर भी लगा NSA
  • पहले भी तीन आरोपितों पर हो चुकी है NSA की कार्रवाई
  • DM की मंजूरी के बाद पुलिस ने जेल में नोटिस का तामीला करवाया
  • Encounter में मारे जा चुके गैंगस्टर विकास दुबे का खजांची था जयकांत

Bikru Case का आरोपी जयकांत बाजपेयी (फोटो साभार---Google)

Yogesh Tripathi

STF के हाथों Encounter में ढेर हो चुके Uttar Pradesh के सबसे बड़े इनामिया बदमाश Vikas Dubey के खजांची रहे जयकांत बाजपेयी पर Police ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने विकास दुबे और जयकांत बाजपेयी के करीबी प्रभात शुक्ला उर्फ डब्बू के खिलाफ भी NSA की कार्रवाई की है। DM की परमीशन के बाद पुलिस ने Kanpur Dehat  जनपद के जिला कारागार में नोटिस का तामीला करवाया। उल्लेखनीय है कि Bikru Case में आरोपी जयकांत बाजपेयी और प्रभात शुक्ला जेल में बंद हैं। पुलिस इससे पहले बिकरू कांड से जुड़े तीन लोगों पर पहले ही NSA की कार्रवाई कर चुकी है। 

जयकांत बाजपेयी (फोटो साभार----Google)

जयकांत ने मुहैया कराए थे कारतूस और रुपए

गैंगस्टर विकास दुबे के खजांची रहे जयकांत बाजपेयी ने Bikru Case से पहले कारतूस और रुपए मुहैया कराए थे। 2/3 जुलाई 2020 की रात्रि को गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने दबिश के दौरान घेरकर अंधाधुंध गोलियों की बौंछार कर दी थी। जिसमें तत्कालीन सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। देश और प्रदेश को झकझोर देने वाले इस बड़े कांड के बाद सक्रिय STF ने 10 दिन के अंदर विकास दुबे और उसके पांच गुर्गों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। Kanpur के काकादेव एरिया में एक ऑडी समेत दो लग्जरी कारों की लावारिस हालत में बरामदगी के बाद शक की सूई जयकांत बाजपेयी पर उठी तो STF ने उसे भी टांग लिया। Lucknow में पूछताछ के दौरान जयकांत बाजपेयी ने STF को कई चौंकाने वाली जानकारियां दीं। इसके बाद पुलिस ने उसे भी Arrest कर लिया।

क्या कहती है Police की Report ?

Police Report के मुताबिक जयकांत बाजपेयी ने वारदात से पहले विकास दुबे को .32 बोर के 25 कारतूस और दो लाख रुपए मुहैया कराए थे। उसे पता था कि विकास दुबे बड़े कांड को अंजाम देने जा रहा है फिर भी उसने पुलिस को सूचना देना मुनासिब नहीं समझा। जिसकी वजह से Bikru में बड़ा कांड हो गया। सीओ समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी गई। पुलिस रिपोर्ट की मानें तो जयकांत बाजपेयी की वजह से बिकरू कांड हो गया। Bikru Case के बाद दहशत फैल गई थी। तमाम लोगों को गांव से पलायन करना पड़ा। पुलिस का कहना है कि घटना में प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू भी शामिल रहा था। जिसकी वजह से उसके खिलाफ भी NSA की कार्रवाई की गई है।

पुलिस इससे पहले हीरू दुबे, बब्लू मुसलमान और शिवम उर्फ दलाल के खिलाफ NSA की कार्रवाई कर चुकी है। कानपुर आउटर पुलिस के चौबेपुर थानेदार ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी से NSA की कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी थी। जिलाधिकारी का परमीशन मिलने के बाद पुलिस ने NSA की कार्रवाई की।

सौरभ भदौरिया (अधिवक्ता एंव RTI Activist)

पुलिस ने गंभीर धाराओं को हटाया” : सौरभ भदौरिया

अधिवक्ता और RTI Activist सौरभ भदौरिया का आरोप है कि Bikru Case की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग और SIT की संस्तुतियों के बाद भी पासपोर्ट और शस्त्र लाइसेंस के मुकदमों 268/20 और 383/20 में फर्जी वोटर आइडी, कूटरचित और साक्ष्य मिटाने, फर्जी आधार कार्ड, शपथपत्र एवं अन्य दस्तावेज के प्रमाणित साक्ष्य की मौजूदगी के बाद भी मुकदमें की विवेचना कर रहे विवेचकों ने जयकांत बाजपेयी पर लगी गंभीर धाराओं में खेल करते हुए उसे हटा दिया है।

सौरभ भदौरिया का आरोप है कि सरकारी जमीनों पर कब्जा कर उसकी बिक्री तक की जा चुकी है। सारे साक्ष्य वह जांच एजेंसियों को सौंप चुके हैं लेकिन उसके बाद भी इन सरकारी जमीनों को बने भूखंडों को अभी तक ध्वस्त नहीं किया गया है। सौरभ भदौरिया का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक जयकांत बाजपेयी के भाइयों पर भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है।

सौरभ भदौरिया का आरोप है कि लालबत्ती गिरोह के सरगना पियूष दिवेदी और जयकांत बाजपेयी का गठजोड़ किसी से छिपा नहीं है। आडियो रिकार्डिंग समेत कई प्रमाण वह जांच एजेंसिय़ों को दे चुके हैं लेकिन कार्रवाई अभी तक शून्य है। बकौल सौरभ भदौरिया Bikru Case के बाद काकादेव में जो लावारिस गाड़ियां पुलिस ने बरामद की थीं। उसमें एक गाड़ी का मालिक राहुल सिंह है। उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत है लेकिन अभी तक पुलिस राहुल को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सौरभ का ये भी आरोप है कि गैंगस्टर एक्ट मामले जयकांत बाजपेयी की तमाम संपत्तियों को अभी तक जब्त नहीं किया गया। इतना ही नहीं अपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे जयकांत बाजपेयी और उसके तमाम गुर्गों के गिरोह को पुलिस ने अभी तक सूचीबद्ध नहीं किया है।

सौरभ का कहना है कि वह Bikru Case के एक मात्र इकलौते गवाह हैं। सुरक्षा के नाम पर उनको एक गनर जिला प्रशासन ने मुहैया कराया था लेकिन बाद में उसे भी छीन लिया गया। जिसकी वजह से उनकी जान को खतरा बना हुआ है।