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Uttar Pradesh के Kanpur की नौबस्ता पुलिस ने करीब 8 महीना पुराने Double Murder Case की Mystery से अंततः “पर्दा” उठाते हुए राज का पर्दाफाश कर दिया। सुमन और उसके 6 साल के मासूम की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पति ने बेहद ही बेरहमी से दोस्तों के संग मिलकर की थी। बीवी और बेटे का गला घोंटने वाले हैवान ने शवों की पहचान न हो सके इस लिए तेजाब से दोनों को जलाया भी था। इसके लिए उसने पहले "ब्लूप्रिंट" बनाया फिर Double Murder को अंजाम दिया। बीवी और बेटे का गला घोंटने वाले कातिल और उसके दोस्तों को नौबस्ता पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश के बाद Arrest कर लिया। SP South @IPSRaveena ने मीडिया से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी दी।




https://youtu.be/LYYwdaF3Yig


Yogesh Tripathi


कुंभ घुमाने के बहाने पत्नी और बेटे को ले गया था अमित


ड्राइवर अमित 23 दिसंबर को अपनी पत्नी सुमन और बेटे निश्चय को लेकर कुंभ घुमाने गया था। सुमन को नहीं पता था कि उसका पति कुंभ नहीं बल्कि उसकी और बेटे की हत्या करने की योजना बना चुका है। अमित दोनों को लेकर इलाहाबाद के लिए निकला। रास्ते में योजना के तहत उसके दोस्त गुड्डू और संजय मिले। उसके बाद तीनों ने मिलकर सुमन और निश्चय की गला घोंटकर हत्या कर दी। शव की शिनाख्त न हो सके, इस लिए तीनों ने तेजाब से मां-बेटे की लाश को बेरहमी से जला भी दिया। कौंशाबी में ही शव फेंक तीनों वापस कानपुर आ गए।

बहू-बेटे के बारे में पूछा तो दर्ज करा दी गुमशुदगी


बीवी और बेटे के खून से हाथ रंगने के बाद “खुशी” मिलने की उम्मींद लेकर अमित कानपुर स्थित नौबस्ता अपने घर पहुंचा। बहू और बेटे को न देख बुजुर्ग माता-पिता ने दोनों के बारे में जानकारी मांगी। इस पर अमित ने उन्हें झूठी कहानी सुनाई और नौबस्ता थाने में जाकर पत्नी और बेटे के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज करा दी।

सास ने दर्ज कराई FIR तो खुल गई पोल


उधर, बेटी और नाती को न पाकर अमित की सास ने जब दोनों के बारे में जानकारी की तो वह टालमटोली करने लगा। काफी दिनों तक इंतजार के बाद आखिर सुमन की मां ने 15 दिन पहले IPC की धारा 364 के तहत मुकदमा पंजीकृत करवाया। इसके बाद नौबस्ता पुलिस Alert हो गई। एसपी साउथ रवीना त्यागी की अगुवाई में नौबस्ता इंस्पेक्टर समर बहादुर सिंह ने मातहतों के साथ-साथ सर्विलांस सेल की भी मदद ली। शक होने पर पुलिस अमित के साथ सख्ती से पेश आई तो वह टूट गया। अमित ने जुर्म स्वीकार करते हुए पत्नी और बेटे को मार डालने की बात बताई। बकौल अमित मर्डर का ब्लूप्रिंट उसने कानपुर में ही बना लिया था। इसी लिए वो तेजाब कानपुर से खरीदकर साथ लेकर गया। मां-बेटे की गला घोंटकर हत्या करने के बाद दोस्तों की मदद से उसने शवों को जलाया भी। इसका मुकदमा कौशांबी जनपद के कोखराज थाने में दोनों शवों के बरामद होने के बाद दर्ज किया जा चुका है।

“खुशी” के लिए उजाड़ बैठा अपनी दुनिया


SP South रवीना त्यागी के मुताबिक ड्राइवरी करने वाले अमित का प्रेम-प्रसंग “खुशी” नाम की युवती से थे। अमित अपनी प्रेमिका “खुशी” से शादी करना चाहता था लेकिन पत्नी और बेटा राह में सबसे बड़ी बाधा थे। कई बार अमित ने पत्नी सुमन की पिटाई कर उसे घर से निकालने की कोशिश की। चूंकि उसे खुशी को पाना था इस लिए उसने पत्नी और बेटे को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की ठान ली। योजनाबद्ध तरीके से उसने वारदात को अंजाम दिया। मर्डर में उसने दो दोस्तों को शामिल किया। ताकि किसी तरह का रिस्क न हो लेकिन पुलिस की छानबीन में अमित खुद को बचा नहीं सका और फंस गया।



Uttar Pradesh की कानून व्यवस्था ट्रैक से पूरी तरह उतर चुकी है। अपराधी और माफिया बेलगाम हैं। युवतियों और मासूम बच्चियों के साथ Rape जैसी संगीन वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कोढ़ में खाज वाली स्थित तब आती है जब पुलिस भी इन अपराधियों का साथ देने लगती है। 10 दिन पहले Kanpur पनकी में रेप की पीड़ित छात्रा के खुदकुशी का मामला अभी पूरी तरह से ठंडा भी नहीं पड़ा था कि Kanpur City में एक और बड़ी घटना हो गई। रायपुरवा के कोपरगंज में गैंगरेप की पीड़ित नाबालिग लड़की ने खुदकुशी कर ली।


देर रात ADG Zone (Kanpur) ने दी जानकारी, देखें Video


https://youtu.be/FWOxfJIY-x0

परिजनों का इल्जाम है कि थाना पुलिस कार्रवाई करने के बजाय आरोपितों को बचाने में जुटी थी। इसके पीछे तर्क ये है कि एक आरोपित के पिता थाने का S-10 सदस्य है। वहीं, SSP (KNR) अनंत देव तिवारी का कहना है कि मोहल्ले के महिलाओं के तानों से तंग होकर पीड़िता ने खुदकुशी की। श्रीतिवारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दोनों परिवारों के बीच रंजिश की बात भी प्रकाश में आई है। मामले की छानबीन की जा रही है। शनिवार सुबह एसएसपी ने रायपुरवा इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। कार्रवाई से साफ-साफ स्पष्ट है कि कहीं न कहीं ये पुलिस वाले दोषी हैं। जिसकी वजह से कप्तान ने त्वरित कार्रवाई की।


[caption id="attachment_19862" align="alignnone" width="700"] प्रतीकात्मक फोटो (साभार गूगल)[/caption]

YOGESH TRIPATHI


क्या है पूरा मामला ?


रायपुरवा थाना एरिया में रहने वाले एक कारपेंटर के 13 साल की लड़की कक्षा 6 की छात्रा थी। मोहल्ले में रहने वाले वासिफ, वसाफ और श्यामू नाम के युवकों ने नाबालिग छात्रा 13 जुलाई 2019 के दिन अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता जब थाने और चौकी पहुंची तो उसकी रिपोर्ट पुलिस ने नहीं दर्ज की। 27 जुलाई को अफसरों के आदेश पर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित लड़की का मेडिकल करवाया। परिजनों का आरोप है कि एक आरोपित के पिता S-10 के सदस्य हैं। जिसके प्रभाव में पुलिस कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाने लगी। दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार करने की कोशिश नहीं की।

पड़ोसी भी देने लगे ताने तो कर ली खुदकुशी


पीड़ित नाबालिग छात्रा ने शुक्रवार देर शाम घर के अंदर फांसी लगा ली। उसका शव फांसी के फंदे से लटकता देख परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस को स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। भीड़ ने पुलिस पर आरोपितों को बचाने और मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाकर देर रात तक हंगामा किया। पुलिस का कहना है कि मोहल्ले की कुछ महिलाएं पीड़िता को ताना देती थीं। शुक्रवार भी दो महिलाओं ने पीड़िता पर फब्तियां कसीं। जिसकी वजह से उसने खुदकुशी कर ली। दोनों महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

ADG के निर्देश पर पहुंचे SSP और SP


शुक्रवार रात जब पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर वॉयरल हुआ तो अफसरों के माथे पर बल पड़ा। मीडिया से बातचीत में ADG Zone (Kanpur) ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। एसपी को मौके पर भेजा गया है। वे जांच कर रहे हैं देर रात्रि को एसएसपी भी जाएंगे। SSP अनंत देव तिवारी भी देर रात मौके पर पहुंचे। शाम को सोशल मीडिया पर कानपुर पुलिस ने एसएसपी के बयान वाला वीडियो जारी कर घटनाक्रम से अवगत कराया। एसएसपी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज थी। मामले की विवेचना प्रचलित थी। महिलाओं के तानों से तंग होकर छात्रा ने खुदकुशी की। दोनों परिवारों के बीच रंजिश की बात भी सामने आ रही है। यदि किसी पुलिस वाले की भूमिका इस पूरे कांड में संलिप्त पाई गई तो निश्चित तौर पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पनकी में भी रेप पीड़िता छात्रा ने की थी खुदकुशी


कानपुर में ये कोई पहला मामला नहीं है जब किसी पीड़िता ने पुलिस की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर खुदकुशी की हो। 10 दिन पुरानी ही बात है। पनकी में बीटीसी की छात्रा ने रेप के आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर खुदकुशी कर ली थी। हालांकि पुलिस तब इस मामले में ये कहते हुए बच निकली थी कि मामला प्रेम-प्रसंग का था। शादी न होने पर पीड़िता ने रेप की मुकदमा लिखाया था। लेकिन जब सोशल मीडिया में खबरें वायरल हुई तो पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी गुजरात में की थी। रायपुरवा के कोपरगंज में नाबालिग पीड़िता के खुदकुशी करने के मामले ने कानपुर पुलिस के थानेदारों और चौकी प्रभारियों की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया।

 

 

Kanpur के Nikki Nikki Shots में मौज-मस्ती और Party के नाम पर नशा परोसने का काम Start है। प्रतिबंधित “हुक्का” के धुएं यहां हर रोज खूब उड़ते हैं। आबकारी विभाग और लोकल पुलिस से “सिस्टम” मैनेज कर यूथ को गुड़गुड़ाने के लिए “हुक्का” आसानी से मुहैया होता है। यदि विश्वास न हो तो आप Nikki Nikki Shots के facebook पेज को गौर फरमा सकते हैं। फेसबुक पेज को देखने के बाद एक कहावत जेहन में आती है "चोरी फिर सीना जोरी"। कानून के नियम को ताक पर रखने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की फोटो को जमकर शेयर किया जाता है। Portal ने सभी फोटो इस रेस्टोरेंट के पेज से प्राप्त की हैं। वीक एंड पर यहां तमाम तरह के आयोजन किए जाते हैं। कभी फ्रेंड्सशिप-डे पर तो कभी “स्मोकी” का आयोजन होता है। खास बात ये है कि इसके लिए बाकयदा पास भी बांटे जाते हैं। पास के लिए एक मोटी रकम चुकानी पड़ती है। भीड़ बढ़ाने के लिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों से खूबसूरत और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाली महिला सेलेब्रेटी को भी बुलाया जाता है। सूत्रों की मानें तो रेस्टोरेंट की आड़ में प्रतिबंधित “हुक्का बार” का संचालन करने वाले लोगों की राजनीतिक “जड़ें” काफी गहरी हैं। चर्चा तो ये भी है कि एक पूर्व चर्चित विधायक से सीधा “नाता” है।



यही वजह है कि जिला प्रशासन और आबकारी विभाग यहां छापे की कार्रवाई नहीं करता है। करीब-करीब इस तरह के सभी बड़े रेस्टोरेंट्स में राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं की पर्दे के पीछे से "कृपा" बरस रही है। अफसरों की चौखटों पर "राग दरबारी" बन चुके कई दलाल टाइप के लोगों का भी इसमें "खेल" है। नवरात्रि के दिनों में यहां आबकारी खानापूर्ति के लिए पहुंचते हैं। इसी त्योहार में दिवाली और होली की त्योहारी भी मिल जाती है।


YOGESH TRIPATHI


[caption id="attachment_19857" align="alignnone" width="720"] फोटो साभार (Nikki Nikki Shots) Facebook Page[/caption]

 नशे के साथ हर शौक पूरा करवाते हैं इस तरह के कई रेस्टोरेंट्स

Kanpur में इस तरह के करीब आधा दर्जन बड़े रेस्टोरेंट्स संचालित है। सिविल लाइंस से लेकर आर्य नगर और NRI तक इस तरह के रेस्टोरेंट्स खूब हैं। जो पैसा लेकर हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराते हैं। विदेशी शराब यहां पर आम बात है। आपके पास पैसा होना चाहिए। इन रेस्टोरेंट्स की खासियत ये है कि मानक को ताक पर रखने के बाद बेहद छोटी सी जगह पर इसे खडा कर दिया गया है। दड़बेनुमा जगह पर बने इन रेस्टोरेंट्स में यदि कभी कोई हादसा हो जाए तो 10-20 लोग तो भगदड़ में ही काल के गाल में समां जाएंगे। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की तरफ से इन बिल्डिंग का नक्शा तक पास नहीं है। थाना पुलिस कभी अंदर प्रवेश नहीं करती है। उसके पीछे कई वजह हैं।

[caption id="attachment_19856" align="alignnone" width="720"] फोटो साभार (Nikki Nikki Shots) Facebook Page[/caption]

प्रतिबंध के बाद भी युवा खुलेआम गुड़गुड़ाते हैं हुक्का

प्रतिबंधित “हुक्का” अब युवाओं का बड़ा शौक बन चुका है। खासियत ये है कि आपको जैसा प्लेवर चाहिए वैसा ही दाम आपको देना पड़ेगा। लोकल पुलिस सबकुछ जानने के बाद भी “खामोशी की चादर” ओढ़ने में अपनी भलाई समझती है। “हुक्का बार” की हालत अब ये है कि बड़े रेस्टोरेंट्स के बजाय बेहद छोटे-छोटे रेस्टोरेंट में भी ये आसानी से मुहैया रहता है। नौबस्ता, बर्रा, गोविंदनगर, चकेरी जैसी एरिया में भी ये नशे का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। इसका संचालन करने वाले अधिकांश लोग या तो अपराधिक प्रवृत्ति के हैं या फिर उनको सीधे तौर पर सत्ताधारी दल के नेताओं की “राजनीतिक छतरी” मिली है। दो साल पहले नौबस्ता पुलिस ने बाईपास के नीचे जिस “हुक्का बार” से 52 नाबालिग लड़के-लड़कियों को पकड़ा था। उसका संचालन भी राजनीतिक दल के एक बड़े नेता की छतरी के तले ही हो रहा था। जिसने पकड़वाया था उस पर भी नौबस्ता में देशद्रोह जैसे संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

जुएं की फड़ तक सजवाते हैं कई रेस्टोरेंट संचालक

www.redeyestimes.com के पास जो जानकारियां है उसके मुताबिक Kanpur के कई रेस्टोरेंट संचालक बाकयदा जुएं की फड़ तक सजवाते हैं। जुएं की फड़ बाजार बंदी वाले दिन ही लगती है। साउथ के तो एक थाने से चंद कदम की दूरी पर ये खेल लंबे समय से चल रहा है। सटोरिए और बुकी भी इन रेस्टोरेंट मोटा पैसा देने के बाद पुलिस और तमाम तरह की कार्रवाई से बेफिक्र हो जाते हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस को बगैर सेट किए जुएं का खेल नहीं होता है। उसकी वजह ये है कि छापे की कार्रवाई का भय रहता है। यदि पुलिस ने जुआरियों को पकड़ा तो कई दिनों तक गैंबलर का कारोबार ठप हो जाता है। जिसकी वजह से काफी नुकसान उठाना पड़ता है।

[caption id="attachment_19854" align="alignnone" width="720"] फोटो साभार (Nikki Nikki Shots) Facebook Page[/caption]

 ताक पर रखे जाते हैं सारे नियम-कायदे

यूं तो किसी भी रेस्टोरेंट में शराब परोसना पूरी तरह से गैरकानूनी हैं। लेकिन आबकारी विभाग की वेबसाइट पर यदि आप गौर करें तो नियम और शर्तें पूरी तरह से आपको देखने और पढ़ने को मिल जाएगीं। प्राइवेट पार्टी के नाम पर आबकारी विभाग एक शुल्क जमा कराता है। उसके बदले आपको शराब और बीयर पिलाने की छूट मिलती है। लेकिन उसका भी एक मापदंड है। जिसके तहत आप 15 बोतल बीयर और कुछ बोतल शराब ही पार्टी में लोगों को सर्व कर सकते हैं। लेकिन इन रेस्टोरेंट की कहानी कुछ अलग है। सूत्रों की मानें तो आबकारी विभाग के कुछ अफसर मोटी रकम के बदले खुली छूट दिए हुए हैं। जिसकी वजह से एक निश्चित शुल्क जमा कर ये रेस्टोरेंट संचालक खुलेआम शराब परोसते हैं। जहां तक बात “हुक्का” की है तो ये पूरी तरह से प्रतिबंधित है। लेकिन इसके बाद भी नाबालिग छात्र-छात्राओं तक को “हुक्का” आसानी से सुलभ हो जाता है।

[caption id="attachment_19855" align="alignnone" width="720"] फोटो साभार (Nikki Nikki Shots) Facebook Page[/caption]

सुधी पाठकों से अपील है कि यदि आपके पास भी शहर के किसी रेस्टोरेंट में गैरकानूनी कृत्यों का कोई वीडियो और फोटो है तो उसे पोर्टल के ई-मेल redeyestimes@gmail.com पर भेज सकते हैं। आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। साथ ही समाज के सफेदपोश लोगों के चेहरे बेनकाब हो सकेंगे।


 

 

  

उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की Kanpur (Unit) ने गुरुवार को स्टॉफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) की परीक्षा पेपर सॉल्वर गिरोह के एक सदस्य मान सिंह यादव को Arrest कर लिया। पकड़े गए सॉल्वर का एक साथी प्रयागराज जनपद निवासी मुकेश कुमार प्रजापति भाग निकला। उसकी तलाश की जा रही है। सॉल्वर गिरोह के नेटवर्क कई राज्यों में हैं। अभ्यार्थियों से मोटी रकम के बदले गिरोह परीक्षा में सॉल्वर को बैठाने का काम करता है। STF की टीम गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है।


[caption id="attachment_19850" align="alignnone" width="695"] UPSTF की (Kanpur Unit) के हत्थे चढ़ा पेपर सॉल्वर गिरोह का सदस्य प्रयागराज निवासी मान सिंह यादव।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


STF इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह की अगुवाई में सफलता


प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों रुपए लेकर अभ्यार्थियों के बदले बैठने वाले पेपर सॉल्वर गिरोह की STF इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह ने कमर तोड़ रखी है। श्रीसिंह ने 6 महीने के दौरान अब तक करीब दर्जन भर से अधिक बड़े गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इसमें सबसे अधिक गिरोह बिहार प्रांत के हैं। अब तक करीब दो दर्जन से अधिक सॉल्वर गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। गुरुवार को भी इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह की अगुवाई में STF की टीम ने कानपुर के कल्याणपुर स्थित केशवपुरम इलाके में प्रयागराज जनपद के गांव ताजुद्दीन थाना थरवई निवासी सॉल्वर मान सिंह यादव को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

प्रश्न-पत्र आउट कराने में भी माहिर है गिरोह


STF के मुताबिक पकड़ा गया मान सिंह यादव लंबे समय से पेपर सॉल्वर गिरोह के लिए काम कर रहा है। यूपी के साथ-साथ वो कई अन्य प्रांतों में भी मोटी रकम लेकर अभ्यार्थी के बदले परीक्षाएं दे चुका है। पूछताछ में मान सिंह ने बताया कि गिरोह के लोग प्रश्न-पत्र आउट कराने के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपने सॉल्वर को बैठाते हैं। इसके बदले लाखों की मोटी डील की जाती है।

गिरोह का मुख्य सरगना करता है फोटो तैयार


मानसिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना प्रयागराज निवासी गोपाल प्रसाद है। गोपाल अपने दोस्त अमित के साथ मिलकर फर्जी परिचय पत्र बनाने के साथ मिक्सिंग के जरिए फोटो भी तैयार करता है। इसी फोटो को गिरोह प्रयोग में लाता है। 5 से लेकर 10 लाख रुपए तक की डील अभ्यार्थी से की जाती है। रुपए मिलने के बाद सॉल्वर को सेंटर तक पहुंचाया जाता है। सॉल्वर को 10 से 50 हजार रुपए के बीच तक रकम दी जाती है।

गिरफ्तार सॉल्वर के पास से बरामदगी


पकड़े गए सॉल्वर के पास से एसटीएफ की टीम ने मिक्सिंग के जरिए तैयार एक फर्जी एडमिट कार्ड, मिक्सिंग से ही तैयार किया गया फर्जी आधार कार्ड, सॉल्वर और अभ्यार्थी की मिक्सिंग से तैयार कूटरचित फोटो, 900 रुपए की नकदी बरामद की है। पकड़े गए सॉल्वर की कल्याणपुर थाने में लिखापढ़ी की जा रही है।

 

 

 

Congess की राष्ट्रीय महासचिव और यूपी कांग्रेस की प्रभारी Priyanka Gandhi शुक्रवार की मध्यरात्रि को चुनार किले में कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी Priyanka अपनी जिद पर कायम हैं। उनकी मांग है कि दो दिन पहले सोनभद्र में भूमि विवाद के दौरान फायरिंग में मारे गए नौ लोगों के पीड़ित परिजनों से उनको मिलने दिया जाए। प्रियंका का कहना है कि देर रात शासन और प्रशासन ने चुनार किले की बिजली व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया।


https://twitter.com/ANINewsUP/status/1152456899771731968

 

Yogesh Tripathi


पीड़ित के रिश्तेदारों को पुलिस ने किले के बाहर रोका


प्रियंका गांधी का कहना है कि उभ्भा गांव मारे गए मृतकों के दो रिश्तेदार उनसे मिलने के लिए चुनार किले पहुंचे थे। 15 लोगों को पुलिस ने किले के जबरन रोक रखा है। किले के नीचे रोके गए लोगों से पूर्व विधायक अजय राय और ललितेशपति त्रिपाठी मिलने गए। उभ्भा गांव नरसंहार में मारे गए पीड़ित परिवार की 5 महिलाएं प्रियंका गांधी से मिलीं। प्रियंका गांधी ने उनकी तकलीफ सुनकर उन्हें ढांढस बंधाया।

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1152458881244827653

आधी रात किले के अंदर धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी


प्रियंका गांधी ने पूरी रात चुनार में ही गुजारी। पीड़ित लोगों से मुलाकात की जिद कर रही प्रियंका गांधी ने आधी रात कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरना देना शुरु कर दिया। इस दौरान किले की बिजली गुल रही। नेता और कार्यकर्ता अपने मोबाइल की टार्च जलाकर उजाला किए रहे। शनिवार सुबह 10.15 बजे बाहर निकलकर कार्यकर्ताओं से मिलीं। इस दौरान प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि मैं तब तक यहां से नहीं जाउंगी जब तक मैं  सोनभद्र में खूनी संघर्ष में मारे गए आदिवासियों के परिवार से नहीं मिल लूंगी।

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1152446450623754241

तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल को पुलिस ने रोका


तृणमूल कांग्रेस के 4 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल को वाराणसी पुलिस ने लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर रोक दिया। यह प्रतिनिधिमंडल सोनभद्र में पीड़ितों के परिजनों से मिलने जा रहा था। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन कर रहे हैं। वाराणसी पुलिस की तरफ से रोके जाने के बाद टीएमसी के नेता नाराज होकर धरने पर बैठ गए।

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1152451396811264000

प्रियंका से मिलने जाएंगे छत्तीसगढ़ के सीएम


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिलने के लिए यूपी के चुनार जाएंगे। गौरतलब है कि पिछले 24 घंटे से प्रियंका गांधी को सोनभद्र पुलिस प्रशासन ने रोक रखा है। शुक्रवार को उन्हें हिरासत में लेकर चुनार किले ले जाया गया था। उसके बाद से सियासी माहौल काफी गर्म है।

https://twitter.com/ANI/status/1152438268727889921

 

 

उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की Kanpur (Unit) के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। सेना की खुफिया विंग मिलेट्री इंटेलीजेंस (MI) की मदद से STF  ने सैकड़ों बेरोजगार युवकों को आर्मी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले शातिर “नटवरलाल” को Arrest कर लिया। Unnao जिले के बीघापुर निवासी इस शातिर का नाम आलोक अवस्थी है। 2013 में सेना ने इसे भगोड़ा घोषित किया था। 2016 से यह खुद को सेना में जूनियर कमीशन अफसर (JCO) बताकर बेरोजगारों को ठग रहा था। भगोड़े के पास से एसटीएफ ने भारतीय सेना का परिचय पत्र, कार समेत तमाम दस्तावेज बरामद किए हैं। “नटवरलाल” के टॉरगेट पर उत्तराखंड, बिहार, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के बेरोजगार रहते थे। MI की मदद से STF इसके मददगारों की परतें उधेड़ने में जुटी है। www.redeyestimes.com (News Portal) की छानबीन में पता चला है कि “नटवरलाल” के परिवार का एक अहम सदस्य एक बड़ी खुफिया विंग में बड़े अफसर के पद पर तैनात हैं।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1150290683347066881

Yogesh Tripathi


सोशल मीडिया के जरिए करता था “शिकार” की तलाश


STF Kanpur (Unit) के इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह के मुताबिक अनिल अवस्थी सोशल मीडिया WhatsApp, facebook के जरिए अपने शिकार को जाल में फंसाता था। भारतीय सेना का परिचय पत्र देख लोगों पर पहले वो रौब गांठता था। कुछ लोगों को सेना की कैंटीन से सस्ता सामान दिलाने के बाद ये शातिर उनसे मेलजोल बढ़ाकर परिवार के बेरोजगार युवकों को सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। इसके बदले 3 से 5 लाख रुपए आसाना से ऐंठ लेता था। इंट्रोगेशन में अनिल अवस्थी ने STF को बताया कि वो करीब 150 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। करोड़ों रुपए की ठगी कर उसने गांव में ऑलीशान मकान बनवाया है। इस मकान की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। नौकरी लगवाने की बात शातिर अक्सर सोशल मीडिया के नेटवर्क से ही करता था।


“नटवरलाल” ने 2008 में ज्वाइन की थी सेना की नौकरी


ग्राम-पोस्ट रैपुरा थाना बीघापुर जनपद उन्नाव निवासी तेज शंकर अवस्थी के लड़के आलोक अवस्थी का साल 2008 में सेना की नौकरी में चयनित हुआ था। सेना में चयनित होने के बाद बेंगलुरु में इसने सेना की ट्रेनिंग ली। इसके बाद उदयपुर और बाद में दार्जलिंग इसकी पोस्टिंग रही। बताया जा रहा है कि 2012 में इसकी पत्नी के गर्भपात हो गया। कुछ दिनों बाद वो अनिल अवस्थी को छोड़कर चली गई। उसके बाद से अनिल वापस लौटकर ड्यूटी ज्वाइन करने नहीं गया। सेना के तमाम अफसर आए लेकिन अनिल उनके हाथ नहीं लगा। तमाम लिखापढ़ी के बाद सेना ने अनिल अवस्थी को भगोड़ा घोषित कर दिया। भगोड़ा घोषित होने के बाद से ये फरार था।


2016 में Start किया बेरोजगारों को ठगने का काम


काफी दिनों तक सेना के अफसरों से लुकाछिपा का खेल खेलने के बाद अनिल अवस्थी ने 2016 में बेरोजगारों को ठगने का काम शुरु कर दिया। उत्तराखंड, बिहार, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के सैकड़ों बेरोजगारों को उसने एक झटके में ठगी का शिकार बनाया। सूत्रों की मानें तो अनिल अवस्थी अब तक कई सौ लोगों को ठग चुका है। उसके तमाम नेटवर्क के तार खंगाले जा रहे हैं।

फर्जी JCO के पास से मिले भारतीय सेना और कैंटीन के कार्ड


STF ने तीन साल से बेरोजगारों को ठगने वाले “नटवरलाल” अनिल अवस्थी के पास से भारतीय सेना का परिचय पत्र F062890  और आर्मी संख्या नंबर 16115143 P बरामद किया गया। इस पर शातिर की फोटो लगी है। साथ ही कैंटीन स्मार्ट कार्ड (लिकर कार्ड), चेकबुक, पैनकार्ड, ठगी के रुपयों से खरीदी गई वैगन-आर कार, भी एसटीएफ की टीम ने बरामद की है। एसटीएफ ने इस शातिर को कैंट थाना एरिया के सर्किट हाउस तिराहे के पास से गिरफ्तार किया। शातिर की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने लोकल पुलिस की भी मौके पर मदद ली। हालांकि सटीक लोकेशन MI के जरिए ही STF को मिली थी। जिसके बाद नटवरलाल को गिरफ्तार करने के लिए STF इंस्पेक्टर ने टीम के साथ मिलकर घेराबंदी कर सफलता प्राप्त की।

 

 

 

Kanpur के कल्याणपुर थाना एरिया स्थित रावतपुर चौकी क्षेत्र में गुरुवार रात राहुल सिंह नाम के युवक पर वर्ग विशेष के कुछ युवकों की तरफ से किए गए हमले के बाद प्रकरण में नया मोड़ आ गया। पार्षद कविता सिंह के पति महेंद्र विक्रम सिंह और उनके  ससुर की SP (West) संजीव सुमन से काफी बहस हुई। पार्षद पति का आरोप है कि उनके साथ अभद्रता कर जेल भेजने की धमकी दी गई। आक्रोशित बीजेपी नेताओं और पार्षदों ने पूरे मामले से UP Police के DGP ओम प्रकाश सिंह और एक डिप्टी सीएम से अवगत कराया। दोपहर में पार्षदों का एक प्रतिनिधि मंडल SSP (KNR) अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचा। पार्षदों ने SSP से कहा कि मुखबिर आरिफ को कांड़ा को आखिर क्यों बचाया जा रहा है ?


[caption id="attachment_19833" align="aligncenter" width="512"] SSP अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रतिनिधि मंडल के लोग।[/caption]

Yogesh Tripathi


गुरुवार Mid-Night राहुल सिंह नाम के युवक पर हुआ था हमला


गुरुवार देर रात को गाड़ी से जा रहे राहुल सिंह नाम के युवक की गाड़ी मस्जिद के पास एक युवक से टकरा गई। राहुल सिंह का आरोप है कि वहां आरिफ कांड़ा ने अपने साथियों के साथ उसे गली में खींच लिया और लात-घूंसे से पीटने के बाद धारदार हथियार से हमला कर लहूलुहान कर दिया। देर रात हिन्दू संगठनों के लोग रावतपुर चौकी भी पहुंचे। कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में ले लिया। रात में ही PAC को भी बुलाकर एरिया में तैनात किया गया।

पार्षद पति ने लगाया IPS अफसर पर आरोप


बीजेपी पार्षद कविता सिंह के पति महेंद्र विक्रम सिंह का आरोप है कि प्रकरण पर उनकी जब एसपी पश्चिम से बातचीत हुई तो वे उल्टा हम लोगों को ही भला-बुरा कहने लगे। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद जब बढ़ा तो फर्जी मुकदमें में जेल भेजने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं उनको चौकी आकर वन टू वन बात करने को भी कहा गया।

DGP और डिप्टी सीएम से शिकायत


पूरे प्रकरण की जानकारी जब बीजेपी नेताओं को मिली तो सभी आक्रोशित हो गए। एक बीजेपी पार्षद ने प्रकरण को लेकर डिप्टी सीएम और डीजीपी ओपी सिंह से बातचीत करते हुए सत्ताधारी दल के लोगों को ही प्रताड़ित किए जाने की बात कही। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डीजीपी और डिप्टी सीएम से शिकायत के बाद जब सकारात्मक जवाब मिला तो पार्षद पति महेंद्र विक्रम सिंह, नवीन पंडित, समेत कई पार्षद और भाजपा नेता दोपहर को एसएसपी से मुलाकात करने पहुंचे। करीब आधे घंटे तक बातचीत के दौरान पार्षदों ने एसपी वेस्ट के खिलाफ शिकायतों की झड़ी लगा दी।

एक पार्षद ने आरिफ कांड़ा समेत दो-तीन मुखबिरों का नाम लेते हुए पूछा कि आखिर इन लोगों के नाम आने के बाद पुलिस क्यों बचा रही है ? पीड़ित लोगों को ही पुलिस क्यों परेशान और प्रताड़ित कर रही है ? बाहर निकलने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि एसएसपी से पूरे प्रकरण की शिकायत की गई है। प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि सुबह चार बजे थाने से एसआई का फोन आया कि तहरीर से आरिफ कांड़ा का नाम निकाल दो।


कौन है आरिफ कांड़ा ?


आरिफ कांड़ा रावतपुर चौकी एरिया में रहता है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कई साल पहले एक बड़े वाहन चोरों के रैकट को पुलिस ने पकड़ा था। उसमें आरिफ काड़ा का नाम आया। किसी तरह आरिफ कांड़ा ने खुद को बचा तो लिया लेकिन बाद में पुलिस से बचने के लिए उसे मुखबिरी करनी पड़ी। अब हाल ये है कि वो एरिया के साथ-साथ कई और जगहों पर भी पुलिस के लिए मखबिरी करता है। कुछ पुलिस वालों से उसका तालमेल ठीक है। यही वजह है कि वह एरिया में रंगबाजी भी खूब करता है। पुलिस से जान पहचान की वजह से वो रौब भी खूब गांठता है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों की वो किरकिरी भी बना है।

S-10 को फिर से रिवाइज करने की बात कह चुके हैं ACM


कल्याणपुर थाना एरिया के S-10 में शामिल किए गए कई S-10 सदस्यों को लेकर हर बार अंगुली उठती है। कुछ दिन पहले भी शिकायत सीओ और एसीएम से की गई। जिसके बाद एसीएम ने कमेटी को फिर से रिवाइज करने का आश्वासन दिया था। उल्लेखनीय है कि पिछली कुछ घटनाओं में S-10 के कुछ लोगों के बवाल में शामिल होने और असमाजिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप बीजेपी के नेता लंबे समय से लगा रहे हैं।

रावतपुर मुद्दे पर क्या कहती है क्षेत्रीय जनता ?


रावतपुर एरिया का माहौल पिछले 7 साल से बेहद खराब है। हिन्दू वर्ग का त्योहार हो या फिर मुस्लिमों का, माहौल हमेशा तल्ख रहता है। जरा सा वाद-विवाद भी यहां पर सांप्रदायिक रंग ले लेता है। कई बार पुलिस टीम पर हमले हो चुके हैं। एसडीएम और थानेदार की गाड़ियां तक फूंकी जा चुकी हैं। लेकिन बवाल थमने के बाद अफसर फिर सुस्त हो जाते हैं। 7 साल से यहां पर जो हालात बने हैं उसकी रोकथाम के लिए अफसरों की तरफ से अभी तक न तो कोई ठोस रणनीति बनी हैं और न ही कारगार उपाय।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कल्याणपुर थाने और रावतपुर चौकी में स्वच्छ और ईमानदार छवि के पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही साथ पुराने बवाल में आरोपित लोगों और उनके करीबियों पर निगरानी की जाए। पुराने मुकदमों में अभी तक स्थिति क्या है ? आरोपितों का क्षेत्र में क्या माहौल है ? और उनकी गतिविधियां क्या हैं ? इन सब बातों पर यदि पुलिस अफसर काम करेंगे तो हालात काफी हद तक सुधरेंगे। अपराधिक छवि के लोगों पर जिला बदर और गैंगस्टर व गुंडा एक्ट जैसी कार्रवाई भी बेहद आवश्यक है।

 

नोट-----SSP (KNR) अनंत देव तिवारी से मुलाकात करने पहुंचे पार्षदों के प्रतिनिधि मंडल का Video पोर्टल के पास मौजूद है। लेकिन उसे किसी खास वजह से खबर में Post नहीं किया गया है।