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  • सुनील बंसल को West Bengal, Odisa & Telangana का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा
  •  अभी तक Uttar Pradesh में संगठन मंत्री के पद पर सेवाएं दे रहे थे सुनील बंसल


Yogesh Tripathi

अब तक के Uttar Pradesh में संगठन का काम देख रहे सुनील बंसल को पार्टी ने बडड़ा इनाम दिया है। सुनील बंसल को अब भाजपा की ओर से राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इतना ही नहीं, उन्हें तीन महत्वपूर्ण और अहम राज्यों की भी जिम्मेदारी दी गई है। BJP की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सुनील बंसल को राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया है। इसके साथ ही सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना में प्रदेश प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। सुनील बंसल अब तक उत्तर प्रदेश में संगठन का काम कर रहे थे। उन्होंने 2017, 2019 और 2022 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में पार्टी के लिए बेहतरीन काम किया है। बीजेपी हाईकमान ने झारखंड में संगठन के लिए काम कर रहे धर्मपाल को Uttar Pradesh की जिम्मेदारी सौंपी है।

 


हालांकि, 2014 में सबसे पहले उन्हें Uttar Pradesh  प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने सह प्रभारी के रूप में भेजा था। उस वक्त उत्तर प्रदेश में प्रभारी की भूमिका में अमित शाह थे। सुनील बंसल को संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है। वह अमित शाह के भी बेहद खास माने जाते हैं। वह आरएसएस के प्रचारक भी रहे हैं। सुनील बंसल RSS के लिए भी लगातार काम करते हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव के समय में भी सुनील बंसल को कुछ क्षेत्रों में वहां जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सुनील बंसल उन चंद लोगों में से हैं जो खामोश रहकर अपना काम करते रहते हैं। 1989 में छात्र चुनाव में बंसल राजस्थान यूनिवर्सिटी के महासचिव चुने गए थे।

गौरतलब है कि 2024 के आम चुनाव को लेकर यह तीनों राज्य बेहद अहम है। इन तीनों राज्यों में भाजपा को खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रही है। पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए बड़ी चुनौती ममता बनर्जी हैं। तो वहीं तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव की राजनीति का दबदबा है जहां भाजपा अपनाी जमीन तैयार करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही ओडिशा भी 2024 के लिहाज से भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ओडिशा में भाजपा फिलहाल खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में प्रभारी के रूप में सुनील बंसल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। 


-UP के हापुड़ में ATS Team को मिली बड़ी सफलता

-भारतीय सेना में नौकरी कर चुका है पकड़ा गया शौरभ शर्मा

-ATS को टेरर फंडिग के पुख्ता प्रमाण मिले

-ADG प्रशांत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में दी जानकारी

 


Yogesh Tripathi

UP (ATS) को फ्राइ-डे के दिन बड़ी सफलता मिली। हापुड़ जिले में ATS की छापेमारी में Pakistan के लिए लंबे समय से जासूसी कर रहा भारतीय सेना का पूर्व जवान हत्थे चढ़ गए। ATS को टेरर फंडिग के पर्याप्त सबूत मिले हैं। खुफिया इकाइयां भी उससे पूछताछ कर रही है। इस जासूस के एक साथी को गुजरात प्रांत में ATS ने पकड़ा है।

Lucknow में पत्रकार वार्ता के दौरान ADG प्रशांत कुमार ने बताया कि पकड़ा गया सौरभ शर्मा सेना का पूर्व जवान है। सौरभ के खिलाफ Lucknow में FIR रजिस्टर्ड की गई है। सौरभ ने 2013 में सेना की नौकरी ज्वाइन की थी लेकिन 2020 में उसने सेना की नौकरी छोड़ दी। नौकरी छोड़ने के पीछे की वजह मेडिकल बताया जा रहा है। 

ADG के मुताबिक बीते कुछ महीनों के दौरान उसके पत्नी के Bank Account में विदेश से काफी रकम ट्रांसफर हुई। जिससे उसके खिलाफ शक गहरा गया। सौरभ से मिली जानकारी के आधार पर ATS ने गुजरात के गोधरा से उसके साथी अनस गितौली को Arrest कर लिया। 

सौरभ ने दुश्मन मुल्क Pakistan को तमाम गोपनीय जानकारियां मोटी रकम लेकर पाक खुफिया एजेंसी को भेजी हैं। Pakistan की खुफिया एजेंसी ISI ने सौरभ के पत्नी पूजा के बैंक अकाउंट में रकम ट्रांसफर की। बताया जा रहा है कि एक ATS के हाथ कुछ अहम सुराग और लगे हैं। सौरभ हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ थाना एरिया के बिहुनी गांव का निवासी है।

UP Govt की प्राविधिक शिक्षा मंत्री Kamal Rani Varun संडे की सुबह निधन हो गया। Kamal Rani Varun की Report Covid-19 आई थी। Lucknow के PGI में उनका इलाज चल रहा था। UPCM योगी आदित्यनाथ ने मंत्री कमलरानी वरुण के निधन पर दुःख जताया है। कमलरानी वरुण Kanpur के घाटमपुर विधान सभा से चुनाव जीती थीं। कमलरानी वरुण के निधन की खबर उनके क्षेत्र में पहुंची तो कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। BJP के तमाम कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि पार्टी के लिए यह बड़ी क्षति है।


चिकित्सकों के मुताबिक Kamal Rani Varun को कई दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने सिविल अस्पताल में ट्रनेट मशीन से जांच कराई, जिसके बाद उनकी Report पॉजिटिव आई। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ़ डीएस. नेगी के मुताबिक फाइनल जांच के लिए सैंपल KGMU भेजा गया। Report कोरोना पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें PGI में भर्ती कराया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ की वजह से ICU में रखा गया था। शनिवार रात को उनकी तबीयत खराब हो गई। संडे की अलसुबह तबियत और बिगड़ी जिससे उनकी मौत हो गई।


  


उल्लेखनीय है कि इससे पहले UP Govt में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, चेतन चौहान, आयुष मंत्री डॉ़ धर्म सिंह सैनी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेंद्र तिवारी तथा रघुराज सिंह कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। राजेंद्र प्रताप अब स्वस्थ्य हो चुके हैं।

 

-STF, ED, IT और इंटेलीजेंस के रडार पर BJYM (Kanpur) के कई नेता
-वारदात से एक दिन पहले असलहा और कारतूस देने पहुंचे थे दो नेता
-Bikaru Case की SIT जांच में कई अहम खुलासे से माहौल गर्म
-देर-सबेर कार्रवाई की जद में आ सकते हैं BJP के आधा दर्जन नेता
-जिला प्रशासन तैयार करवा रहा है ऐसे नेताओं की थानावार लिस्ट
-स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को भी किया गया Alert
-सोशल मीडिया पर BJYM के नेताओं की तमाम Photo Viral


Yogesh Tripathi


Kanpur के चौबेपुर स्थित Bikaru गांव में 2/3 जुलाई 2020 की रात्रि CO समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में SIT जांच जारी है। SIT Team को अब तक तमाम अहम जानकारियां और सुराग मिल चुकी हैं। सूत्रों की मानें तो BJYM (Kanpur) के कई नेताओं के गैंगस्टर Vikas Dubey और उसके गुर्गों के करीबी रिश्ते थे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वारदात से एक दिन पहले Vikas के "मुनीम" Jai Bajpai के साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा के कुछ पदाधिकारी भी असलहा और कारतूस देने के लिए Bikaru गांव गए थे। इसमें एक नाम BJYM Kanpur (North) महामंत्री रचित पाठक का बताया जा रहा है। एक TV Channel ने इस खबर को प्रमुखता से ब्रेक करते हुए कई सवाल भी उठाए। रचित की एक Photo जय बाजपेयी के साथ सोशल मीडिया पर Viral हो रही है। "यक्ष प्रश्न" ये है कि "क्या Bikaru Case में जांच की आंच भाजयुमों के नेताओं तक पहुंचेगी" ? या फिर सत्ता की हनक और "माननीयों" की कृपा की वजह से ये सभी आसानी से बच निकलेंगे ?
 
www.redeyestimes.com (News Portal) के पास जो जानकारियां हैं उसके मुताबिक देर-सबेर ही सही लेकिन BJYM के कई नेताओं की गर्दन फंसनी पक्की है खबर ये भी है कि ये सभी नेता एक बड़े "माननीय" के बेहद खास हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में नाम प्रकाश में आते ही ये सभी "अंडरग्राउंड" हैं।
BJYM के प्रदेश मंत्री प्रमोद विश्वकर्मा का जय बाजपेयी के साथ Connection किसी से छिपा नहीं है। वारदात के बाद काकादेव में जो तीन लग्जरी गाड़ियां पुलिस ने बरामद की थीं, उसमें एक कार प्रमोद विश्वकर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड है। तब प्रमोद विश्वकर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वो बीजेपी की राजनीतिक करते हैं। क्षेत्र के लोग उनके पास मदद के लिए अक्सर आते हैं। जय बाजपेयी का सिविल खराब था, इस लिए अपने नाम पर उन्होंने गाड़ी निकलवाई थी। सवाल ये उठता है कि आखिर एक करोड़ रुपए के कीमत की गाड़ी कौन किसको निकलवाकर देता है ? क्या प्रमोद ने क्षेत्र के और लोगों को भी गाड़ी निकलवाकर दी हैं ? आखिर इतनी दौलत कहां से आई उनके पास ? तमाम तरह के सवाल हैं, जिनके जवाब ED, IT और STF को पूछताछ में शायद ही मिलें।

हैरान करने वाली बात ये है कि अब तक STF या फिर किसी जांच एजेंसी ने सत्ताधारी दल के इन छुटभैया नेताओं से पूछताछ तक करने की आवश्यकता नहीं समझी। एक बड़े अफसर Portal से बातचीत में कहा कि सिर पर इनाम घोषित होते ही ये सभी सलाखों के पीछे होंगे। सूत्रों की मानें तो एक "माननीय" की इन नेताओं पर कृपा है। शायद यही वजह है कि पुलिस अफसर इन छुटभैया नेताओं से पूछताछ करने में हिचक रहे हैं।

Kanpur (BJP) या संगठन के किसी बड़े नेता ने अभी तक इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा है। पोर्टल ने कुछ नेताओं से बातचीत की लेकिन सभी ने ऑफ द रिकार्ड बातचीत ही की। दबी जुबान से इन नेताओं ने हो रही फजीहत पर भी चिंता व्यक्त की। एक पुराने नेता ने तो यहां तक कह दिया कि युवा मोर्चा प्रेसीडेंट कौन सी और कैसी जांच कर रहे हैं ? क्या वह NIA, STF के अफसर हैं ? 

बड़े सूत्रों की मानें तो BJP के आधा दर्जन नेताओं के साथ-साथ एक सपा नेता का भाई, एक हिस्ट्रीशीटर का भाई भी जल्द कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। साथ ही जय बाजपेयी के करीब आधा दर्जन रिश्तेदार और करीबी भी रडार पर हैं। इसमें मिट्टी का बर्तन बनाने वाला भी शामिल है। कुल मिलाकर करीब दर्जन भर लोगों की List थानावार बनाई जा रही है। इसमें लोकल इंटेलीजेंस को भी मदद के लिए Alert किया गया है।

ये सभी वे लोग हैं जो बीते कुछ साल में करोड़ों की संपत्तियां अर्जित कर चुके हैं। चर्चा इस बात की भी है SIT के रिपोर्ट सौंपने से पहले कई लोग सलाखों के पीछे जा सकते हैं। जो लोग विकास के करीबी गुर्गों की ढाल बन रहे हैं, उनसे निपटने के लिए भी जांच एजेंसियों ने तमाम तरह के जाल बिछाएं हैं। ताकि गुर्गों को शरण देने वाले सफेदपोश लोगों को आसानी से बैकफुट पर किया जा सके।

National Congress (Youth Wing) के प्रेसीडेंट Srinivas B.V ने Tweet कर लिखा है कि "विकास दुबे ने जिस गोला बारूद से पुलिस टीम का एनकाउंटर किया था, उसे भाजपा की युवा विंग (BJYM) से जुड़े नेताओं ने ही सप्लाई किया था, बस इसी कारण सफारी से निकला विकास TUV में पलट गया और मारा गया...."

वहीं, फ्राइ-डे की शाम को  UPSTF की टीम ने Vikas Dubey के बेहद खास और एक लाख के इनामी बदमाश हीरू की तलाश में कई लोगों से पूछताछ की। खबर है कि हीरू के घर पर भी STF ने काफी देर रहकर जानकारी जुटाई। हीरू की तलाश STF को इस लिए है, क्यों कि हीरू ही विकास दुबे की काली कमाई का लेखाजोखा संभालता था। कुल मिलाकर हम ये भी कह सकते हैं कि हीरू ही विकास का CA था।





-UPSTF के हाथों Encounter में ढे़र हो गया आतंक का पर्याय

-बिकरू में CO समेत 8 पुलिस वालों की हत्या का आरोपी था Vikas

-Kanpur के सचेंडी थाना एरिया स्थित भौंती में नेशनल हाइवे पर मुठभेड़

-कानपुर की सीमा में प्रवेश करते ही सचेंडी एरिया में पलटी कार

-कार के पलटते ही STF के हथियार छीनकर भागने लगा Vikas Dubey

-UPSTF की टीम ने क्रॉस फायरिंग की, सीने -पेट में लगी कई गोलियां

-मौके पर ही मारा गया UP का सबसे बड़ा अपराधी

Yogesh Tripathi 

UPSTF ने आखिर आतंक का अंत कर दिया। UP का सबसे बड़ा और क्रूर अपराधी गैंगस्टर Vikas Dubey फ्राइ-डे की अलसुबह Encounter में मारा गया। मुठभेड़ Kanpur के सचेंडी थाना एरिया स्थित नेशनल हाइवे पर हुई। STF के मुताबिक सचेंडी के भौंती एरिया में कार मौसम  खराब होने की वजह से पलट गई। इस कार के अंदर एसटीएफ टीम के साथ गैंगस्टर विकास दुबे भी मौजूद था। Accident के बाद विकास दुबे बच गया। कार के अंदर मौजूद STF के जवानों का असलहा लूटकर वह भागने लगा था। STF के ललकारने पर उसने फायरिंग की। जवाब में क्रॉस फायरिंग हुई। जिसमें विकास दुबे मारा गया। 

सूत्रों के मुताबिक Vikas Dubey के सिर और पेट में कई गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि गुरुवार सुबह विकास दुबे की मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में "नाटकीय" गिरफ्तारी हुई थी। चर्चा है कि विकास ने खुद ही महाकाल मंदिर में जाकर सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उज्जैन पहुंची STF टीम विकास दुबे को बगैर ट्रांजिट रिमांड लिए ही कानपुर लेकर रवाना हो गई। 

 

शुक्रवार सुबह STF टीम विकास को लेकर Kanpur पहुंची। यहां पर बारिश की वजह से मौसम काफी खराब था। हादसे के बाद विकास ने न सिर्फ असलहे लूटे बल्कि एसटीएफ की टीम पर फायरिंग भी की। 

UPDATE NEWS-----

SSP (Kanpur) Dinesh Kumar (P) का कहना है कि STF की गाड़ियों का कई गाड़ियां पीछा कर रही थीं। टीम को जल्दी पहुंचना भी था। भारी बारिश की वजह से मौसम भी खराब हो गया था। कार की स्पीड तेज करने पर अनियंत्रित हो गई। जिसके बाद कार में बैठा विकास दुबे घायल कांस्टेबल की पिस्टल छीनकर भागने लगा था। फोर्स ने घेराबंदी की तो उसने फायरिंग शुरु कर दी। सेल्फ डिफेंस में फोर्स ने भी फायरिंग की। जिसमें विकास दुबे मारा गया। 

 

 

-MP के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से पकड़ा गया Vikas Dubey

-CO समेत 8 पुलिस वालों पर हत्या करने का है गैंगस्टर पर आरोप

-Vikas Dubey के कई गुर्गों को ढेर कर चुकी है अब तक STF

-STF की टीम थोड़ी ही देर में विकास दुबे को लेकर UP रवाना होगी

-Vikas की गिरफ्तारी के बाद सफेदपोश नेताओं और पुलिस अफसरों में हड़कंप

-कई टीवी चैनलों और न्यूज एजेंसियों ने विकास के गिरफ्तारी की पुष्टि की 

-Vikas Dubey ने मंदिर परिसर में सरेंडर करने के बाद मीडिया को भी बुलाया

-मध्य प्रदेश सरकार ने विकास के गिरफ्तारी की पुष्टि की

-UPCM योगी आदित्यनाथ ने MP के CM से की बातचीत

Note-----Vikas Dubey की गिरफ्तारी का Video देखने के लिए नीचे दिए गए Link पर क्लिक करें

https://youtu.be/GrLVD1fx5gI



Kanpur में CO समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद फरार हुए 5 लाख रुपए के इनामी Most Wanted गैंगस्टर Vikas Dubey गुरुवार तड़के मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया। मध्य प्रदेश सरकार ने गैंगस्टर के गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
कड़ी सुरक्षा के बीच गैंगस्टर Vikas Dubey को महाकाल थाने लेकर जाती फोर्स।


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इंटेलीजेंस को विकास दुबे के मौजूदगी की खबर मिली थी, जिसके बाद महाकाल थाना पुलिस ने विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम पर UPCM योगी आदित्यनाथ ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बातचीत की है।
MP के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में मौजूद Vikas Dubey

खबरों के मुताबिक Vikas Dubey पहले अपने वकील के सहयोग से भोपाल में सरेंडर करने की तैयारी में था लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद वह उज्जैन पहुंचा। यहां मंदिर में उसने पर्ची कटवाई। फिर महाकाल के मंदिर में तैनात गार्डों के सामने चीख-चीख कर बोला, मैं हूं कानपुर वाला विकास दुबे....। इसके बाद वहां मौजूद गार्ड और तमाम लोग हरकत में आए। सूचना पर महाकाल थाना पुलिस पहुंची। फोर्स ने विकास दुबे को हिरासत में ले लिया।


मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विकास दुबे ने रात में ही सरेंडर कर दिया था। देर रात्रि जब खबर लोकल प्रशासन को मिली तो उज्जैन के महाकाल मंदिर में DM, SP पहुंचे। एक कमरे में विकास दुबे बैठा मिला। सुबह उसके गिरफ्तारी खबर पहले सोशल मीडिया फिर टीवी चैनलों में प्रसारित होने लगी। विकास दुबे की तरफ से नाटकीय और फिल्मी स्टाइल में किए गए सरेंडर के पीछे बड़े संरक्षणदाताओं का हाथ भी बताया जा रहा है। सपा, कांग्रेस,समेत तमाम विपक्षी दल एक बार फिर बीजेपी की यूपी और मध्य प्रदेश की सरकारों को घेरने में जुट गए हैं।



-Hamirpur के मौदहा में UPSTF ने अमर दुबे को मार गिराया

-CO समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या में शामिल था Amar Dubey

-Encounter में मारे जा चुके अतुल दुबे का भतीजा था अमर दुबे

-Amar Dubey का पिता संजू दुबे भी विकास दुबे का दाहिना हाथ था 

-सड़क हादसे में हो गई थी अमर के पिता की मौत

-Amar Dubey की मां क्षमा को STF भेज चुकी है जेल

हमीरपुर जनपद के मौदहा में STF के हाथों Encounter में मारा गया विकास दुबे का बॉडीगार्ड अमर दुबे। (फोटो साभार-सोशल मीडिया)

Yogesh Tripathi

UPSTF को बुधवार तड़के बड़ी सफलता मिली। Kanpur के पड़ोसी जनपद Bundelkhand के Hamirpur स्थित मौदहा में 25 हजार रुपए के इनामी अपराधी Amar Dubey को Encounter में ढेर कर दिया। Amar Dybey मोस्ट वांटेड अपराधी Vikas Dubey का बॉडीगार्ड बताया जा रहा है। अमर 2 जुलाई की रात को बिकरू गांव में CO समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या में शामिल रहा था। अमर दुबे 2.5 लाख के इनामी बदमाश विकास दुबे के 5 "प्राणवायु" में एक था। विकास के पांच "प्राणवायु" उसके साथ हमेशा मौजूद रहते थे। इसका खुलासा दो दिन पहले मैने खुद प्रतिष्ठित हिन्दी दैनिक समाचार पत्र "अमृत प्रभात" में प्रकाशित खबर में किया था। 

STF सूत्रों की मानें तो अमर दुबे पर करीब पांच मुकदमें पंजीकृत हैं। हमेशा स्वचालित हथियारों से लैस रहने वाले अमर दुबे की कहानी भी अलग है। अमर दुबे का पिता संजू दुबे की कुछ महीने पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जिसके बाद अमर  की मां क्षमा दुबे (जिसे दो दिन पहले पुलिस ने जेल भेजा है) ने अमर को विकास दुबे के साथ लगा दिया था। तब से अमर हथियारो से लैस होकर विकास की सुरक्षा करता था। हालांकि जानकारों का कहना है कि पिता के जिंदा रहने के दौरान अमर ने विकास का हाथ थाम लिया था।  

Encounter में ढेर आतंक का पर्याय विकास दुबे का बॉडीगार्ड अमर दुबे।


Amar Dubey के चाचा अतुल दुबे को पुलिस ने घटना वाली सुबह ही Encounter में मार गिराया था। खबरों की मानें तो STF की टीम ने मध्यरात्रि ही अमर दुबे को घेर लिया था। STF से घिरने के बाद अमर दुबे ने बेखौफ होकर गोलियां दागी लेकिन इस बार मामला सीधे STF से था इस लिए वह ढेर हो गया। एक पिस्टल समेत कुछ असलहे और कारतूस पुलिस ने मौके से बरामद किए हैं। 

 
विकास दुबे के घर के बाहर बुलेट की सवारी करता एनकाउंटर में मारा गया अमर दुबे (फोटो साभार-सोशल  मीडिया)

STF के टॉरगेट पर अब चार "प्राणवायु"

इसमें पहला नाम हीरू का है। जो पूरी तरह से फाइनेंस का काम देखता था। दूसरा नाम गोपाल सैनी का है जो कि प्राप्रटी से जुड़े मामले देख रहा था, तीसरा नाम बड्डे दुबे का है, ये विकास दुबे का खानसामा है। माना जा रहा है कि ये विकास दुबे के साथ हो सकता है। चौथा नाम गुड्डू शुक्ला का है जो कि गैंग के सदस्यों की निगरानी के साथ-साथ गांव में वित्तीय लेनदेन और विवादों का काम संभालता है। 

2.5 लाख रुपए के इनामी विकास दुबे के साथ एक समारोह में बैठा उसका बॉडीगार्ड अमर दुबे (फोटो साभार-सोशल मीडिाय)

UPDATE--- Encounter में STF के हाथों मारे गए 25 हजार के इनामी बदमाश Amar Dubey के पास से पुलिस ने स्वचालित हथियार भी बरामद किया है। सूत्रों की मानें तो CO समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या में अमर दुबे का अहम रोल था। विकास के इशारे पर उसने ही शूटर्स की व्यवस्था आनन-फानन में की थी। विकास दुबे के लिए अमर एक "कवच" का काम करता था। वारदात के बाद सभी साथ-साथ भागे थे लेकिन बाद में सभी ने अलग-अलग राह पकड़ी ताकि पुलिस और STF को भ्रमित किया जा सके। 

मारे गए अमर दुबे की शादी 10 दिन पहले विकास दुबे ने ही करवाई थी। हालांकि लड़की के परिजन राजी नहीं थे लेकिन विकास की हनक के आगे सभी विवश हो गए। विवाह के बाद लड़की को दो दिनों तक विकास के घर में ही रोका गया था। उसके बाद विदाई कर दी गई थी।