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Uttar Pradesh के Agra में मंडे की सुबह बड़ा हादसा हो गया। यमुना एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भर रही सवारियों से भरी डबल डेकर बस ड्राइवर के नींद आने की वजह से अनियंत्रित होकर "झरना नाला" में गिर गई। इस भीषण Accident में 29 लोगों की मौत हो गई, जबकि काफी संख्या में यात्री घायल हो गए। जिला प्रशासन के मुताबिक मरने वालों की संख्या अभी बढ़ सकती है। जेसीबी की मदद से राहत और बचाव कार्य जारी है। सभी बड़े अफसर मौके पर मौजूद हैं। हादसा सुबह करीब 4.30 बजे के करीब हुआ।


[caption id="attachment_19796" align="alignnone" width="735"] जेसीबी की मदद से बस को बाहर खींचने की कोशिश और मौके पर जमा सैकड़ों लोगों की भीड़।[/caption]

Yogesh Tripathi


 एत्मादपुर थाना एरिया में Accident

सोमवार सुबह यह भीषण हादसा एत्मादपुर थाना एरिया में हुआ। घायलों के मुताबिक बस के ड्राइवर को झपकी लगने की वजह से उसने स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया। जिसकी वजह से बस बेकाबू होकर चार फिट ऊंची रेलिंग पर चढ़ गया। इसके करीब चार दर्जन सवारियों से भरी ये बस गंदे नाले में जा गिरी। Accident के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को सूचना देकर स्थानीय लोग बस में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करने लगे। सूचना पर पहुंचे पुलिस के बड़े अफसरों ने तुरंत जेसीबी मंगवाई। जेसीबी की मदद से राहत और बचाव कार्य को शुरु करवाया। इस बड़े हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Tweet कर दुःख जताया है। CM ने 5-5 लाख रुपए के आर्थिक मुआवजे की घोषणा की है।

[caption id="attachment_19802" align="alignnone" width="754"] Accident में मृत यात्रियों की फोटो आगरा पुलिस की तरफ से जारी की गई है। (1)
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https://twitter.com/ANINewsUP/status/1148082677658071040

29 शवों को निकाले जाने की पुष्टि जिला प्रशासन ने की


अब तक 29  लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। करीब दर्जन भर से अधिक लोगों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि बस में करीब चार दर्जन लोग सवार थे। इसमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं। बस लखनऊ से दिल्ली जा रही थी। जब बस यमुना एक्सप्रेस वे पर झरना नाले के पास पहुंची तो ड्राइवर को झपकी आ गई।

[caption id="attachment_19803" align="alignnone" width="783"] आगरा पुलिस की तरफ से हादसे में मृत यात्रियों की फोटो जारी की गई है। (2)[/caption]

https://twitter.com/pankajjha_/status/1148047751453609984

[caption id="attachment_19804" align="alignnone" width="907"] आगरा बस हादसे में मृत यात्रियों की फोटो। नोट ये फोटो पुलिस की तरफ से जारी की गई है (3)[/caption]

बस में भी फंसे हैं कई यात्री


खबर आ रही है कि झरना नाला में बेकाबू होकर गिरी डबल डेकर बस में कई यात्री फंसे हुए हैं। पुलिस प्रशासन बस में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए पूरी कवायद कर रहा है। जो घायल अभी तक रेस्क्यू कर बाहर निकाले गए हैं उन्हें इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

https://twitter.com/myogiadityanath/status/1148087338179760128

CM ने हादसे पर जताया दु:ख


UPCM योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एसपी और डीएम को मौके पर पहुंचकर घायलों को जल्द इलाज दिलाने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार वालों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

https://twitter.com/myogiadityanath/status/1148093195328163840

UPDATE NEWS----अभी तक की छानबीन में प्रशासन को जानकारियां मिली हैं, उसके मुताबिक चालक करीब 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से बस को भगा रहा था। झरना नाला से थोड़ा पहले उसे इसी बीच झपकी आ गई। जिसकी वजह से उसने स्टेयिरंग से नियंत्रण खो दिया और बस 60 फिट गहरे नाले में जा गिरी। हादसे के वक्त अधिकतर यात्री नींद में थे।

 

 

Uttar Pradesh के Auraiya जनपद में शनिवार सुबह "यमदूत" बने ट्रक ने ओवरलोड ऑटो में टक्कर मार दी। भीषण Accident में 5 शिक्षकों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बड़े हादसे की खबर पर @auraiyapolice की एसपी समेत सभी अफसर मौके पर पहुंचे।


[caption id="attachment_19785" align="alignnone" width="735"] भीषण Accident की खबर मिलते ही एसपी औरैया भी मौके पर पहुंचीं।[/caption]

Yogesh Tripathi











सहायल थाना एरिया में हुआ भीषण Accident

शनिवार सुबह यह भीषण Accident स्टेट हाईवे पर सहायल थाना क्षेत्र के गपचारियापुर गांव के पास हुआ। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर इतनी भयावह थी कि ऑटो सवार लोगों की पल भर में ही मौत हो गई। चारो तरफ सड़क पर खून ही खून फैल गया। दुर्घटना में ऑटो का चालक भी काल के गाल में समां गया।

Accident में इन लोगों को काल ने छीन लिया

Accident में स्वरूपा शुक्ला (61) कार्यवाहक प्रधानाचार्य कन्या विद्यालय पुरवा सुजान में निवासी शांति नगर दिबियापुर, राकेश गुप्ता (61) पुत्र रामनाथ गुप्ता जनता इंटर कॉलेज पुरवा सुजान में टीचर, स्वतंत्र वर्मा (60) पुत्र लालमन निवासी भगवतीगंज दिबियापुर जनता इंटर कॉलेज पुरवा सुजान में टीचर, दिनेश कुमार वर्मा (40) निवासी लखीमपुर खीरी टीचर जनता इंटर कॉलेज, पंकज पाठक (35) ड्राइवर पुरवा भिखनी, संतोष राजपूत (50) पुत्र भगवानदीन निवासी गपचारियापुर टीचर लाल बहादुर शास्त्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय इंगलिस टीचर, जमील (42) पुत्र रमजानी निवासी अबाबर दिबियापुर मीठे बतासा कारीगर, बबोल सिंह भदौरिया (45) पुत्र विक्रम भदौरिया निवासी सिखू ठेकेदार शामिल हैं।

ये लोग गंभीर रूप से हैं घायल

दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल गोल्डी (18) पुत्री तेज सिंह निवासी बरियारेमऊ सहायल और रईस कुमार (31) पुत्र शिवनाथ सिंह निवासी कन्हो शामिल हैं। दोनों का सीएचसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक दोनों की हालत नाजुक है।

 

 

Uttar Pradesh के Fatehpur जनपद में बुधवार को भीषण Accident में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब तीन दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को पास के अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने करीब दर्जन भर से अधिक घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया है। बड़े हादसे की खबर मिलते ही एडीशनल एसपी पूजा यादव मौके पर पहुंची। हादसे की वजह सवारियों से भरी डग्गामार बस की तेज रफ्तार बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सामने से आ रहे ट्रक से बस जा भिड़ी। UPCM योगी आदित्यनाथ ने Accident में मरने वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया है।



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अमौली-फतेहपुर मार्ग पर लहराने लगी तेज रफ्तार डग्गामार बस

डग्गामार प्राइवेट बस करीब 55 सवारियों को लेकर फतेहपुर से अमौली की तरफ जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस की स्पीड काफी तेज थी और चालक बस को लहराकर चला रहा था। चांदपुर थाने के अमौली-फतेहपुर मार्ग पर सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर होते ही जोरदार धमाका हुआ और बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद घायलों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और राहगीर दौड़े। कुछ लोगों ने सूचना चांदपुर पुलिस और 100 नंबर पर दी। सूचना के थोड़ी देर बाद पुलिस पहुंची।

[caption id="attachment_19682" align="alignnone" width="720"] अमौली-फतेहपुर मार्ग पर भीषण Accident के बाद डग्गामार बस के परखच्चे उड़ गए।[/caption]

Accident में 7 की मौत और 35 घायल

ट्रक और डग्गामार बस की टक्कर के बाद कोहराम मच गया। घायलों की चीख-पुकार के बाद स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे। सूचना पर चांदपुर थानेदार फोर्स के साथ पहुंचे। थोड़ी ही देर में एडीशनल एसपी पूजा यादव भी पहुंच गई। पुलिस की मदद से स्थानीय लोगों ने किसी तरह बस के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाल पास के अस्पताल पहुंचाया। 7 लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना में करीब 35 लोगों के घायल होने की खबर है। जिसमें करीब दर्जन भर से अधिक लोगों की हालत चिकित्सकों ने नाजुक बताई है।दोनों वाहनों के सड़क के बीचोबीच होने की वजह से अभी जाम लगा हुआ है।

Fatehpur पुलिस की साठगांठ से फर्राटा भरती हैं डग्गामार बसें

जनपद पुलिस की साठगांठ से करीब-करीब हर मार्ग पर डग्गामार प्राइवेट बसें फर्राटा भरती हैं। जानकारों की मानें तो बसों के मालिक पुलिस को इसके बदले मोटी रकम हर महीने देते हैं। अमौली-फतेहपुर मार्ग के साथ-साथ बकेवर से जहानाबाद, कानपुर और घाटमपुर मार्ग तक सैकड़ों डग्गामार बसें चलती हैं। इनसे न सिर्फ राजस्व की हानि होती है बल्कि नौसिखिया चालकों की वजह से अक्सर बड़े हादसे भी होते हैं। बकेवर से कानपुर नौबस्ता बाईपास पर करीब तीन दर्जन बसें संचालित होती हैं। साढ़ से मझावन तक मार्ग संकरा होने के बाद भी बसों के चालक काफी तेज गति से वाहन भगाते हैं, जिसकी वजह से अक्सर हादसे होते हैं।

 
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PM नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट “नमामि गंगे” में सबकुछ "उल्टा-पुल्टा" ही चल रहा है। अरबों रुपए के इस प्रोजेक्ट में अफसर और ठेकेदार सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए बगैर ही “मौत के मुंह” ढकेल रहे हैं। ताजा उदाहरण Uttar Pradesh के Kanpur का है। South City एरिया स्थित बाबूपुरवा में बुधवार की अलसुबह नाला साफ करने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उतरे दो सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाले में जहरीली गैस के रिसाव से दोनों कर्मचारी बेहोश हुए और उसी बीच पानी का बहाव तेज हो गया। जिसकी वजह से दोनों की मौत हो गई। दोनों कर्मचारियों के परिवार में मातम का माहौल है। फिलहाल इस मामले में विभाग के दोषी अफसरों के खिलाफ अभी तक रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई है।


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बाकरगंज से पुरानी रोड तक हो रही थी नाले की सफाई

घटना बाबुपुरवा थाना क्षेत्र की है। यहां कल्लू (28) निवासी बर्रा 8, रॉबिन (22) निवासी गुजैनी की दर्दनाक हो गई। दोनों सफाई कर्मचारी करीब दर्जन भर साथियों के साथ बाबूपुरवा में ठेकेदार सतीश सचान के अंतर्गत देर रात्रि तक बाकरगंज चौराहे से पुरानी रोड तक नाला सफाई का काम कर रहे थे। सुबह 4 बजे के करीब ये हादसा हो गया।

जहरीली गैस से घुटने लगा दम

बताया जा रहा है कि सबसे पहले कल्लू नाले में उतरा। अचानक जहरीली गैस का रिसाव हुआ तो कल्लू का दम घुटने लगा। कल्लू की जान जोखिम में देख रॉबिन ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन वो भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। साथी कर्मचारियों की मानें तो दोनों बेहोश हो गए। जब तक सभी लोग दोनों को बाहर निकालने की कोशिश करते पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। जिसके चलते दोनों पानी में डूब गए। किसी तरह जद्दोजहद कर दोनों को बाहर निकाला गया। सूचना पर पहुंची बाबूपुरवा पुलिस की मदद से दोनों को साथी कर्मचारी हैलट अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

 

 
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Uttar Pradesh के लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर हादसों का सिलसिला बदस्तूर जारी है। गुरुवार को तेज रफ्तार कार डंपर से भिड़ गई। Accident में UP Police के सब इंस्पेक्टर (SI) अर्जुन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर पर कन्नौज के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विनोद कुमार सिंह समेत कई अफसर पहुंचे।


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मेरठ के रहने वाले थे दरोगा अर्जुन सिंह

यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह मेरठ जनपद के अजय पार्क कॉलोनी पल्लवपुर निवासी थे। वे प्रतापगढ़ के कोड़हौर थाने में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। गुरुवार को वह कार से प्रतापगढ़ जा रहे थे। कन्नौज जनपद के तालग्राम थाना एरिया में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर उनकी कार अनियंत्रित होकर डंपर से टकरा गई। Accident में अर्जुन गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

https://twitter.com/kannaujpolice/status/1139075012927733760

दो दिन की छुट्टी पर गए थे घर

बताया जा रहा है कि दो दिन की छुट्टी लेकर अर्जुन सिंह परिवार से मिलने के लिए मेरठ गए थे। गुरुवार को उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। उनके मौत की खबर परिजनों को लगी तो वहां कोहराम मच गया। हादसे की खबर पर प्रतापगढ़ के कोड़हौर थाने का पुलिस स्टाफ भी शोक में डूब गया।

 

 

Uttar Pradesh के Kanpur City स्थित कल्याणपुर थाने के अति संवेदनशील रावत गांव में चांद रात को जमकर बवाल हुआ। यहां नशे में धुत दरोगा और सिपाहियों ने घर के बाहर सो रहे युवक को सरकारी जीप से रौंद डाला। युवक की मौत के बाद नशेबाज पुलिस वाले घर के बाहर कुंडी लगाकर चले गए।। आधे घंटे बाद नशे में धुत पुलिस वाले फिर पहुंचे और शव के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। आक्रोशित भीड़ का गुस्सा रात में ही पुलिस वालों पर फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने पुलिस की जीप पर पथराव कर दरोगा और सिपाहियों को दौड़ा लिया। रात में जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। बवाल पूरी रात चला और मौका-ए-वारदात पर SSP अनंतदेव त्रिपाठी को पहुंचना पड़ा। सुबह आक्रोशित भीड़ ने फिर जाम लगाया है।


DM की तरफ से जारी Video सबसे नीचे देखें


https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1136135863472013314

YOGESH TRIPATHI


घर के बाहर सो रहा था रजत


रावतपुर गांव में रजत मोबाइल के नाम से दुकान चलाने वाला रजत हिन्दू वादी संगठन बजरंगदल का सक्रिय कार्यकर्ता था। रजत रात करीब सवा बजे अपने घर के बाहर चारपाई पर गहरी नींद में सो रहा था। तभी कल्याणपुर थाने की सरकारी जीप में सवार नशे में धुत पुलिस वालों ने गाड़ी की स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया। पुलिस की जीप लहराते हुए सड़क के किनारे लगे बिजली के पोल में टक्कर मारकर घर के बाहर सो रहे रजत पर चढ़ गई। Accident के बाद खुद की जान आफत में देख पुलिस वालों ने जीप को किसी तरह पीछे कर रजत को वहीं छोड़कर चले गए। जाते समय सभी ने रजत के घर पर बाहर से कुंडी चढ़ा दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक थोड़ी देर बाद पुलिस वाले फिर लौटे और रजत के शव के साथ छेड़छाड़ की।

[caption id="attachment_19560" align="alignnone" width="695"] बजरंगदल के कार्यकर्ता रजत की दुकान और नीले निशान में उसकी फोटो। जिससे प्रमाणित होता है कि वो बजरंगदल का सक्रिय कार्यकर्ता था।[/caption]

आधी रात सड़क पर फूटा पब्लिक का गुस्सा


कल्याणपुर थाने के नशेबाज दरोगा और सिपाहियों की मनबढ़ई को देख आधी रात को ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट गया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस वालों को दौड़ा लिया। सभी के भागने पर भीड़ ने सरकारी जीप पर जमकर पत्थरबाजी कर उसे क्षतिग्रस्त कर दी। सैकड़ों लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। बवाल की सूचना पर कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी सर्किल की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन हालात बेकाबू होते देख उन्होंने सूचना बड़े अफसरों को दी। थोड़ी ही देर में SSP Kanpur अनंतदेव त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भीड़ को समझाने की कोशिश की लेकिन लोग नहीं माने। पुलिस ने रजत के जिंदा होने की उम्मींद लेकर उसे हैलट भेजा लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हैलट में भी स्थानीय लोग पहुंच गए और आधी रात को जमकर नारेबाजी की।

[caption id="attachment_19565" align="alignnone" width="622"] कल्याणपुर थाने की सरकारी जीप में पानी और शराब की बोतल। इस बात का प्रमाण दे रहे हैं कि सभी पुलिस वाले नशे में थे।[/caption]

SSP बोले, दरोगा और सिपाहियों को किया सस्पेंड

मौका-ए-वारदात पर पहुंचे SSP (KNR) अनंतदेव त्रिपाठी ने मीडिया के सवालों पर कहा कि उन्होंने दरोगा और उनके साथ जीप में बैठे सिपाहियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया है। सभी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि एसएसपी की तरफ से स्थानीय लोगों को दिए गए इस आश्वासन के बाद भी लोगों का गुस्सा काफूर नहीं हो सका और सभी पूरी रात नारेबाजी करते रहे।


कप्तान साहब, शाम होते ही टल्ली हो जाते हैं सिपाही और दरोगा

इस बड़े कांड के बाद स्थानीय पुलिस की पोल पब्लिक ने अफसरों के सामने खोल दी। आक्रोशित लोगों ने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है कि पुलिस वाले नशे में थे। यहां तो हर रोज शाम ढलते ही ठेके पर पुलिस वाले ही दिखाई देते हैं। नशे में किसके साथ अभद्रता कर दें किसी को नहीं पता रहता। देर रात्रि को भी यही हुआ। हादसे वाली जगह से महज 100 मीटर की दूरी पर अंग्रेजी शराब का ठेका है। बताया जा रहा है कि वहीं पर बैठकर दरोगा और सिपाहियों ने जमकर शराब पी। इसके बाद जीप चालक को जबरन हटाकर दरोगा ने स्टेयरिंग अपने हाथ में ले ली। चूंकि दरोगा बेहद नशे में था इस लिए पहला गेयर डालते ही जीप बहक गई और उसने स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया।

मुआवजे की मांग पर अड़े हैं क्षेत्र के लोग

रावतपुर गांव के लोग रजत की मौत के बाद बड़े मुआवजे की मांग और परिवार की जीविका के लिए किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रजत के पिता वकील थे। बीमारी की वजह से मौत हो गई। परिवार में कई बहनें हैं। रजत अपने चाचा-चाची के घर पर रहकर मोबाइल की दुकान खोले था। साथ ही वो बजरंगदल से भी जुड़ा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बहन को सरकारी नौकरी देने के साथ प्रशासन तत्काल मुआवजे की घोषणा करें। समाचार लिखे जाने तक कई थानों की फोर्स रावतपुर गांव में मौजूद थी। सूचना पर जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचने के लिए रवाना हो चुके हैं।

 चांद रात को शराब के नशे में ड्यूटी करने निकली थी पुलिस

कल्याणपुर का रावतपुर गांव का एरिया बेहद अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है। यहां मंगलवार चांद रात को अफसरों के निर्देश के बाद लोकल पुलिस शराब के नशे में धुत होकर ड्यूटी के लिए निकली थी। इसकी पुष्टि हो चुकी है। क्षतिग्रस्त की गई सरकारी जीप में शराब की बोतले मिलीं हैं। हालांकि अफसर अपने मातहतों की करतूतों पर पर्दा डालने के लिए कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।


Update----News


शराबी पुलिस कर्मियों की नशेबाजी के भेंट चढ़े बजरंगदल के कार्यकर्ता रजत वर्मा के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए सुबह से चल रहा बवाल दोपहर को थम चुका। DM (Kanpur) विजय विश्वास पंत & SSP (KNR) अनंत देव त्रिपाठी के अथक प्रयास के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले को संज्ञान में लेने के बाद राहत कोष से 25 लाख रुपए की आर्थिक इमदाद पीड़ित परिवार को दिए जाने की घोषणा की। जिलाधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए एक Video जारी किया है।

https://twitter.com/redeyestimes/status/1136207320399122438

जिसमें उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष के साथ-साथ तमाम स्वयंसेवी संगठनों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी ने भी हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। डीएम ने कहा कि विवाह के योग्य होने पर रजत की बहनों को जिला प्रशासन और शासन की तरफ से मदद दी जाएगी। दोनों अफसरों ने जब इसकी जानकारी जब भीड़ और परिजनों को दी तब जाकर सभी शांत हुए। फिलहाल एरिया में पुलिस फोर्स तैनात है। पुलिस ने तहरीर पर अज्ञात पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। रजत की बहन और चाचा ने तमाम संगीन इल्जाम आरोपी पुलिस वालों और क्षेत्र के एक मुस्लिम बदमाश पर लगाए हैं।

 

 

 

 

Uttar Pradesh के Kanpur Dehat जनपद स्थित माती मुख्यालय में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से “कुकुरमुत्तों” की तरह उग रहे नर्सिंगहोम के तमाम “झोलाछाप” इंसानी जिंदगी से खिलवाड़ करने में बिल्कुल भी नहीं चूक रहे हैं। फ्राइ-डे की रात ओम नर्सिंगहोम में प्रसव कराने पहुंची प्रसूता की जान नर्सिंगहोम में काम करने वाले “झोलाछाप” ने ले ली। प्रसूता की मौत के बाद नर्सिंगहोम का स्टाफ ताला लगाकर भाग निकला। देर रात जब मामले की जानकारी अफसरों को मिली तो हड़कंप मच गया। मानक को ताक पर रख किराए के दड़बानुमा मकान में खोले गए इस नर्सिंगहोम को सीज करने की तैयारी चल रही है। इतने बड़े कांड के बाद CMO हीरा सिंह पूरी तरह से मौन हैं।


YOGESH TTIPATHI


प्रसूता को आशा बहू ले गई थी नर्सिंगहोम

राजपुर थाना एरिया स्थित रसधान के गांव बुधौली निवासी अजीत पांडेय की पत्नी नेहा पांडेय गर्भवती थी। शुक्रवार को नेहा की तबियत बिगड़ी तो अजीत उसे राजपुर सीएचसी ले गए। यहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने रात में ही नेहा को कानपुर के हैलट अस्पताल ले जाने की सलाह देते हुए रेफर कर दिया। बकौल अजीत पांडेय उसी समय उसे आशा बहू सुनीता तिवारी मिली। सुनीता ने उसे ओम नर्सिंगहोम में ले जाने की सलाह देते हुए कहा कि सिर्फ 15000 रुपए लगेंगे और नेहा ठीक हो जाएगी।

[caption id="attachment_19546" align="alignnone" width="893"] एंबुलेंस के अंदर पड़ा प्रसूता नेहा पांडेय का शव।[/caption]

आशा बहू के झांसे में आए अजीत पत्नी को ओम नर्सिंगहोम लेकर पहुंचा। यहां पर चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया। थोड़ी देर में डाक्टर ने बताया कि उसकी पत्नी को मरा बच्चा पैदा हुआ है। इसके बाद स्टाफ ने अजीत को मैक्सी लाने के लिए भेज दिया। अजीत अभी मैक्सी लेकर पहुंचा भी नहीं था कि मोबाइल पर पत्नी की हालत बिगड़ने की बात स्टाफ ने कही। एंबुलेंस में नेहा को लेकर स्टाफ मुख्यालय पहुंचा और वहीं जबरन अजीत को भी बैठा लिया। नेहा को लेकर सभी दूसरे नर्सिंगहोम पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।


MID-NIGHT नर्सिंगहोम में ताला लगाकर स्टाफ फरार

नेहा के मरने की खबर जब ओम नर्सिंगहोम के स्टाफ को पता चली तो सभी ताला लगाकर फरार हो गए। अजीत ने जब मोबाइल किया तो उससे अभद्रता करते हुए स्टाफ के लोगों ने धमकी दी। सूचना पर देर रात ही पुलिस और तहसीलदार पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मानें तो ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक ने नेहा का गर्भाशय तक फाड़ डाला। जिसकी वजह से उसे अत्यधिक ब्लीडिंग हुई और बाद में उसने दम तोड़ दिया।

[caption id="attachment_19547" align="alignnone" width="750"] मरे हुए नवजात को गोद में लिए नेहा पांडेय की ननद।[/caption]

पहले भी हो चुकी हैं दो मौतें, नर्सिंगहोम का बदला नाम

सूत्रों की मानें तो छह महीने पहले इसी बिल्डिंग में संचालक अंजलि नर्सिंगहोम का संचालन करता था। 15 दिनों में दो महिलाओं की मौत के बाद अंजलि नर्सिंगहोम पर कार्रवाई की गई। जिसके बाद उसे ये नर्सिंगहोम बंद करना पड़ा। दो सप्ताह बाद जिला स्वास्थ्य विभाग की साठगांठ से संचालक ने फिर उसी बिल्डिंग में ओम नर्सिंगहोम खोल दिया।

मानक को ताक पर रख खुल रहे हैं नर्सिंगहोम

स्थानीय लोगों की मानें तो मानक को पूरी तरह से ताक पर माती मुख्यालय में हर महीने एक-दो नर्सिंगहोम खुल रहे हैं। कोई तीन कमरे में नर्सिंगहोम खोल रहा है तो कोई किराए पर लेकर मकान के ऊपरी हिस्से में नर्सिंगहोम का बोर्ड टांगे है। ये गोरखधंधा पूरी तरह से स्वास्थ्य विभाग के बड़े अफसरों की साठगांठ से हो रहा है। यहां पर करीब साल भर से तैनात CMO हीरा सिंह की कार्यप्रणाली भी कई तरह से संदेह के घेरे में है। तमाम बड़ी घटनाओं के बाद भी उनकी तरफ से अभी तक नर्सिंगहोम संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं जो नर्सिंगहोम खुल रहे हैं वे विभाग में सूचीबद्ध भी नहीं हैं।

पीड़ित परिवार ने अभी तक नहीं दी तहरीर

नेहा की मौत के बाद हंगामा हुआ तो पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया। पूरे समय परिवार के सदस्य रोते-बिलखते रहे। पोस्टमार्टम के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए चले गए। समाचार लिखे जाने तक पीड़ित ने तहरीर नहीं दी थी। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

 

 

"जहरीली शराब" को लेकर देश का सबसे बड़ा राज्य Uttar Pradesh  एक बार फिर सुर्खियों में है। बाराबंकी में ठेके से देशी शराब खरीदकर पीने वाले 5 लोग अभी तक अपनी जान गवां चुके हैं। 3 लोगों की हालत नाजुक है। मरने वालों में एक परिवार के 4 लोग शामिल हैं। ये आंकड़े Twitter पर पुलिस की तरफ से दिए गए हैं, हालांकि वास्तविक हालात बिल्कुल उलट हैं। खबर है कि अब तक करीब 10 लोग मर चुके हैं। जबकि करीब डेढ़ दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती हैं। सभी आला अफसर बाराबंकी के रामनगर स्थित रानीगंज में मौजूद हैं। UP Police के DGP ने मामले में लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर रामनगर राजेश कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी पवन गौतम पर कार्रवाई करते हुए दोनों को सस्पेंड कर दिया है। UPCM योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुःख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।


[caption id="attachment_19531" align="alignnone" width="695"] जहरीली शराब कांड में अपनों की मौत के बाद जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते स्थानीय और पीड़ित परिवार के सदस्य।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


रामनगर के रानीगंज में चारो तरफ कोहराम


बाराबंकी के रामनगर एरिया स्थित रानीगंज इलाके में चारो तरफ कोहराम और मातम पसरा है। हजारों की भीड़ जमा है। कोई शव पर विलाप कर रहा है तो कोई अपनों की जिंदगी बचाने के लिए अफसरों के हाथ-पांव जोड़ रहा है। अधिकारी है कि कुछ भी बोलने से साफ-साफ बच रहे हैं।

[caption id="attachment_19532" align="alignnone" width="1102"] जहरीली शराब कांड में मौत के ये आंकड़े ट्वीटर पर बाराबंकी पुलिस की तरफ से दिए गए हैं जबकि कहानी बिल्कुल उलट है।[/caption]

दानवीर सिंह के ठेके से खरीदी गई थी शराब


स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस शराब के ठेके से लोगों ने शराब खरीदी थी वो दानवीर सिंह नाम के व्यक्ति को आवंटित है। बताया जा रहा है कि शराब पीने के महज थोड़ी देर बाद ही सभी लोगों की हालत बिगड़ने लगी। परिवारीजन अपने करीबी लोगों को आनन फानन में अस्पताल ले गए। जहां से सभी को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।


https://twitter.com/Barabankipolice/status/1133255698794418177

मृतकों में तीन सगे भाई रमेश पुत्र छोटे लाल (35) व सोनू (25) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इन युवकों के पिता छोटेलाल (60) की भी थोड़ी देर बाद मौत हो गई। छोटेलाल के एक अन्य लड़के मुकेश (28) की घर पर ही मौत हो गई।


जिला आबकारी अधिकारी सस्पेंड


बड़े सूत्रों की मानें तो बाराबंकी में जहरीली शराब कांड के बाद पंचम तल के एयर कंडीशन वाले कमरों में बैठे अफसरों ने पसीना छोड़ दिया। खबर है कि विभाग के Minister जय कुमार सिंह (जैकी) ने बाराबंकी के जिला आबकारी अधिकारी एस.एन दुबे को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही आबकारी विभाग के 5 हेड कांस्टेबल और 5 कांस्टेबल भी सस्पेंड किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कानपुर समेत कई जगहों पर जहरीली शराब अपना कहर बरपा चुकी है। लेकिन यूपी सरकार के जिम्मेदारों के कान में जूं तक नहीं रेंगती। हर घटना के बाद कार्रवाई का झुनझुना बजता तो है लेकिन मोटी मलाई खाने के चक्कर में इसे फिर शुरु करवा दिया जाता है।

 जहरीली शराब से इन लोगों ने अब तक दम तोड़ा

  1. सोनू पुत्र सुरेश (25)।
    2. राजेश (35) पुत्र सालिक राम।
    3. रमेश (35) पुत्र छोटेलाल।
    4. सोनू (25) पुत्र छोटेलाल।
    5. मुकेश (28)
    पुत्र छोटे लाल।
    6. छोटेलाल (60) पुत्र घूरू। (राजेश, रमेश, सोनू व छोटेलाल एक ही परिवार के हैं।)
    7. सूर्यभान पुत्र सूर्य बख्श।
    8. राजेंद्र वर्मा पुत्र जगमोहन निवासी उमरी।
    9. महेंद्र पुत्र कप्तान सिंह निवासी सेमराय।
    10. महेंद्र पुत्र दलगंजन निवासी ततेहरा।


 

 

 

Uttar Pradesh के भदोही जनपद स्थित एक गांव में शनिवार को भीषण ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि जिस घर में ब्लास्ट हुआ है वहां पर चोरी छिपे पटाखा बनाने का काम हो रहा था। धमाका इतना जोरदार था कि तीन मंजिला मकान पूरी तरह से जमीदोंज हो गया। पुलिस और प्रशासन के सभी बड़े अफसर मौके पर मौजूद हैं।


[caption id="attachment_18864" align="alignnone" width="720"] भदोही में ब्लास्ट के बाद बिखरा तीन मंजिला मकान का मलबा।[/caption]

जेसीबी मशीन से हटवाया जा रहा है मलबा


भदोही पुलिस के मुताबिक वाराणसी-भदोही मार्ग का यातायात रोक दिया गया है। मलबा हटाने के लिए जेसीबी की मशीनों को लगाया गया है। NDRF की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है। अभी तक करीब 11 शवों को बाहर निकाला जा चुका है। मलबे में अभी कई और लोगों के दबे होने की आशंका है। कुछ घायल लोगों को इलाज के लिए पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है।


तीन मंजिला मकान में बनाया जा रहा था पटाखा


ग्रामीणों के मुताबिक लोकल पुलिस की सेटिंग से इस तीन मंजिला मकान में एक मुस्लिम परिवार ये गोरखधंधा कर रहा था। मकान में बारूद के साथ-साथ भारी मात्रा में पटाखा रखे जाने की आशंका जाहिर की जा रही है। पुलिस का कहना है कि विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद तीन मंजिला मकान का मलबा चारो तरफ बिखर गया। काफी देर तक धूल का गुबार ही गुबार रहा। काफी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया जा सका।