Articles by "IG (Range) Kanpur"
IG (Range) Kanpur लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

-RTI Activist सौरभ भदौरिया की शिकायत को गृह मंत्रालय ने संज्ञान में लिया

-HMO ने यूपी के गृह सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई कर अवगत कराने का दिया निर्देश

-6 IPS, 16 PPS अफसरों समेत 76 पुलिस वालों पर कभी भी हो सकती है कार्रवाई


Yogesh Tripathi

Bikru Case के बाद STF के हाथों Encounter में ढेर हुए Gangster Vikas Dubey के हमदर्द 76 पुलिस वालों पर जल्द कार्रवाई का हंटर चल सकता है। RTI Activist और अधिवक्ता सौरभ भदौरिया की शिकायत को गृहमंत्रालय ने संज्ञान में लेते हुए यूपी के सचिव को पत्र लिखकर इन पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर अवगत कराने के लिए पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं। विकास दुबे के हमदर्द रहे इन 76 पुलिस कर्मियों में 6 IPS और 16 PPS स्तर के पुलिस अधिकारी शामिल हैं।

सौरभ भदौरिया का कहना है कि सभी 76 पुलिस कर्मियों की वह सबूत और साक्ष्यों के साथ लगातार शिकायतें करते आ रहे हैं लेकिन अभी तक इन सभी पर कार्रवाई नहीं की गई है। ये सभी पुलिस कर्मी एनकाउंटर में मारे जा चुके गैंगस्टर विकास दुबे और जेल की सलाखों के पीछे कैद जयकांत बाजपेयी की समय-समय पर परोक्ष और अपरोक्ष तौर पर मदद की थी। 

इसके बदले सभी कई तरह के लाभ भी अर्जित किए। सौरभ का आरोप है कि Kanpur में तैनात कई दरोगा और इंस्पेक्टर के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं। ये सभी सपा के कार्यकाल से चार्ज पर हैं। सौरभ का दावा है कि निचले स्तर के पुलिस कर्मियों ने कानून से बचाने में गैंगस्टर और उसके खजांची का साथ दिया। बकौल सौरभ जल्द ही वह यूपी के गृह सचिव के सम्मुख पेश होकर अपने बयान दर्ज कराएंगे।

STF ने Kanpur Dehat Police की सजगता पर उठाए सवाल

Bikru Case के बाद अपने गुर्गों के साथ फरार हुए Gangster Vikas Dubey की मदद करने वालों को STF ने करीब दो सप्ताह पहले असलहों के साथ Arrest किया था। पूछताछ में जो जानकारियां अभियुक्तों की तरफ से मिलीं वो बेहद चौंकाने वाली थीं। STF ने इस पूरे प्रकरण में Kanpur Dehat Police की सजगता पर सवाल उठाए हैं। IG (Kanpur Range) मोहित अग्रवाल ने Kanpur Dehat के SP को पूरे मामले की जांच करने का आदेश दिया है।

STF ने विकास दुबे की फरार के दौरान मदद करने वाले 7 लोगों को .30 स्प्रिंग फील्ड राइफल, बंदूक और अन्य हथियारों के साथ पनकी थाना एरिया से Arrest किया था। Vikas Dubey को पनाह देने वाले इन सभी अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वारदात के बाद विकास दुबे, अमर दुबे और प्रभात मिश्रा करीब 60 घंटे से अधिक समय तक Kanpur Dehat जनपद में रहे। सभी ने खरीददारी भी की थी। 

इस दौरान तीनों करीब 40 घंटे से अधिक समय तक रसूलाबाद थाना एरिया में भी ठहरे। उल्लेखनीय है कि Bikru Case के बाद हाई अलर्ट जारी था। यूपी की सभी सीमाएं सील कर दी गई थीं। ऐसे में विकास और उसके गुर्गों का 60 घंटे से अधिक समय तक जनपद की सीमा में ठहरना और खरीददारी करना निश्चित तौर पर कहीं न कहीं Kanpur Dehat Police की सजगता पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

-Kanpur (BJP)  के दो MLA से गैंगस्टर Vikas Dubey के करीबी रिश्ते

-3 साल पहले STF से पूछताछ का Video सोशल मीडिया में हो रहा है Viral

-अभिजीत सांगा, भगवती प्रसाद सागर का Vikas Dubey ने लिया नाम

-एक वीडियो में Vikas ने Ex.Minister हरिकिशन श्रीवास्तव को बताया "राजनीतिक गुरु"

-शहीद CO देवेंद्र मिश्रा ने चौबेपुर के सस्पेंड थानेदार की करतूतों का चिट्ठा SSP को दिया था

-शिकायती पत्र देने के बाद भी Anant Dev Tiwari ने नहीं लिया था कोई एक्शन

-शिकायती पत्र के सोशल मीडिया में Viral होने के बाद अफसरों में हड़कंप

-IG ने पत्रकारों से कहा कि, मामले की File को किया है तलब, होगी कार्रवाई  

-Unnao में पुलिस ने लगाए विकास दुबे के पोस्टर

 

Yogesh Tripathi


Kanpur के बिकरू कांड को करीब 90 घंटे से अधिक का समय हो चुका है। UP की हाइटेक पुलिस के हाथ Vikas Dubey की गर्दन तक नहीं पहुंच सके हैं। करीब 900 पुलिस कर्मियों की 60 टीमें Vikas की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं लेकिन रिजल्ट अभी तक शून्य है। चर्चा है कि Vikas Dubey यूपी की सीमा को क्रॉस कर चुका है। शायद यही वजह है कि सूबे की पुलिस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस से मदद मांगी है। विकास दुबे के सिर पर रखी जाने वाली इनामी राशि हर दिन बढ़ रही है। DGP ने विकास को जिंदा या मुर्दा गिरफ्तारी पर अब इनाम 2.5 लाख कर दिया है। टोल प्लाजा से लेकर हाइवे तक Vikas Dubey के पोस्टर पुलिस लगाती फिर रही है। देर शाम की खबर है कि UPSTF की एक टीम Kanpur जय बाजपेयी को लेकर Lucknow के लिए रवाना हो गई है। इसके पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर अब IPS Officer अनंत देव तिवारी पर लग रहे आरोप को लेकर भी सवालों का दौर शुरु हो चुका है। Twitter पर पत्रकार और तमाम नेता सरकार से पूछ रहे हैं कि आखिर अनंत देव से पूछताछ कब होगी। गौरतलब है कि अनंत देव कानपुर में लंबे समय तक SSP/DIG रहे हैं। हाल में ही उनका तबादला DIG (STF) के पद पर लखनऊ के लिए यूपी सरकार ने किया है। हालांकि SSP_KNR दिनेश कुमार पी ने सोशल मीडिया पर वॉयरल हो रहे पत्र के बाबत कहा कि उन्होंने इसकी जांच कराई है लेकिन मामला अभी तक की जांच में सही नहीं मिला है।

आधा दर्जन सांसद और विधायकों से है "याराना"


सोशल मीडिया पर Video के वॉयरल होने के बाद सत्ता के गलियारों में हड़कंप मच गया। देश के चर्चित बिकरू हत्याकांड को लेकर मचे बवाल के बीच जब विधायकों को यह बात पता चली तो दोनों तुरंत बचाव की मुद्रा में आ गए। टीवी चैनलों की तमाम डिबेट्स में दोनों ही विधायक बचाव में अपना पक्ष रखते नजर आए। सोशल मीडिया पर चर्चा है कि यदि परतें और खुलीं करीब आधा दर्जन और "माननीयों" के चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। इसमें कुछ संसद के अंदर भी बैठते हैं। जानकारों की मानें तो करीब आधा दर्जन से अधिक सांसदों और विधायकों का विकास से "याराना" है। समय-समय पर सभी ने विकास की मदद की है और बदले में विकास ने भी मदद की। तीन वीडियो को गौर से देखने के बाद एक सवाल यह उठता है कि "गैंगस्टर और माननीयों" ये रिश्ता आखिर क्या कहलाता है ?

जय बाजपेयी से अभी भी जारी है पूछताछ 


कानपुर में तीन लावारिश कारों के मिलने के बाद संडे को STF और पुलिस के रडार पर आए जय बाजपेयी से अब तक कई चक्र की पूछताछ हो चुकी है। Vikas Dubey से उसका क्या कनेक्शन है ? यह करीब-करीब अफसर जान चुके हैं। एक युवा बीजेपी नेता भी जांच के दायरे में है। पुलिस टीम की तरफ से अभी इन सबको क्लीन चिट नहीं मिली है। पुलिस सुबह-दोपहर और रात को पेशी पर बुला रही है। विकास को लेकर तमाम "यक्ष प्रश्न" का सही जवाब नहीं मिला है। माना जा रहा है कि सख्ती बढ़ सकती है। वहीं, देर शाम एसटीएफ की टीम जय बाजपेयी को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। खबर ये भी है कि एसटीएफ जय बाजपेयी के कुछ परिजनों को भी साथ ले गई है।

Vikas Dubey को प्राप्त है बड़ा राजनीतिक संरक्षण


विकास दुबे को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल ही सवाल उठ रहे हैं। बात मुखबिरी की हो, या फिर सीओ की तरफ से थानेदार की शिकायत को लेकर लिखे गए पत्र की हो। जानकारों का मानना है कि सूबे की पुलिस सक्षम है। उसके पास STF, ATS जैसी ताकतवर विंग मौजूद है। किसी भी अपराधी, आतंकी को यह टीमें कुछ घंटों सफाया कर सकती हैं तो फिर विकास दुबे क्या औकात ? जानकारों का तर्क है कि विकास के पीछे निश्चित तौर पर कोई बड़ा राजनीतिक संरक्षण है। जिसकी वजह से पुलिस और तमाम टीमें उस पर जल्द हाथ नहीं डाल सकेंगी। जानकार ये भी कहते हैं कि जब तक विकास मारा नहीं जाएगा, राजनीति और पुलिस विभाग से जुड़े उसके तमाम खास लोग बेनकाब होते रहेंगे।





-Police की फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम को मौके से मिले AK-47 के खोखे

-अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा लेकर मौजूद था गैंगस्टर Vikas Dubey

-संवेदनशील बिकरू गांव में गैंगस्टर के पास अत्याधुनिक हथियार कैसा पहुंचा ?

-Police की खुफिया इकाई LIU एक बार फिर फेल साबित हुई

 -Kanpur Range की सभी सीमाएं सील, बैरीकेडिंग लगाकर सर्चिंग 

 -UPSTF की टीम ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा

 
हमले में शहीद UP Police का जवान।

Yogesh Tripathi



Kanpur के चौबेपुर थाना एरिया स्थित बिकरू गांव में मध्यरात्रि दबिश के लिए गई पुलिस टीम पर हमले में गैंगस्टर Vikas Dubey और उसके शूटर्स ने अत्याधुनिक असलहों का जमकर प्रयोग किया। www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में एक अधिकारी ने दबी जुबान से बताया कि कुछ खोखे मिले हैं। माना जा रहा है कि ये खोखे AK-47 जैसे प्रतिबंधित हथियार के हैं। जांच के बाद इसकी पुष्टि हो सकेगी।
Kanpur में UP Police के 8 जवानों की हत्या का मुख्य मॉस्टर माइंड गैंगस्टर Vikas Dubey ।


विकास और उसके शूटर्स के पास ये हथियार बिकरू गांव कैसे पहुंचे ? गैंगस्टर और उसके शूटर्स की मौजूदगी गांव में थी लेकिन पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी ? यदि समय रहते पुलिस को पास ये सूचना होती तो शायद दबिश देने गई टीम अलर्ट होकर भारी बंदोबस्त के साथ पहुंचती। जानकारों की मानें तो सटीक सूचनाएं न मिलने की वजह से बड़ी चूक हुई है। 


 वहीं, पुलिस टीम पर बड़े हमले और 8 पुलिस कर्मियों की शहादत के बाद Kanpur Range की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। प्रमुख मार्गों और चौराहों पर बैरीकेडिंग कर पुलिस की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। खबर ये भी आ रही है कि पुलिस टीम ने बिकरू से थोड़ी दूरी पर स्थित एक गांव के पास विकास के तीन गुर्गों को Encounter में ढेर कर दिया है। हालांकि इसकी अभी अधिकारिक पुष्टि पुलिस के किसी अफसर ने नहीं की है।

Vikas Dybey को हमेशा मिलती रही राजनीतिक "छतरी"


गैंगस्टर Vikas Dubey ने सबसे पहला चुनाव ग्राम प्रधानी का जीता। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। प्रधान बनने के बाद वह जिला पंचायत का चुनाव जीता। वर्ष 2000 में विकास ने शिवली थाना एरिया स्थित ताराचंद्र इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या कर दी। कोर्ट ने उसे इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मुकर्रर की है। इससे भी बड़ा जघन्य अपराध विकास ने वर्ष 2001 में शिवली थाना परिसर के अंदर किया। उस समय यूपी में बीजेपी की सरकार थी। 

कानपुर देहात की राजनीति में सक्रिय रहने वाले बीजेपी नेता संतोष शुक्ला तब दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री थे। 
शिवली थाने के अंदर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने संतोष शुक्ला की हत्या कर दी। हालांकि कोर्ट में ट्रायल के 
दौरान सबूत और साक्ष्यों के अभाव में विकास दुबे बरी हो गया। इस दौरान उसने अपने शूटर्स की एक बड़ी टीम खड़ी कर ली। 

वर्ष 2003 में विकास दुबे के भाई की हत्या कर कानपुर के कल्याणपुर थाना एरिया में कर दी गई। इसके बाद वर्ष 2004 में विकास दुबे केबिल कारोबारी दिनेश दुबे की हत्या की। इससे पहले भी कई हत्याओं में विकास का नाम आया। विकास पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी समेत कई संगीन धाराओं के मुकदमें यूपी के कई जनपदों में दर्ज हैं। 



Kanpur के नवाबगंज थाना एरिया में 21 जून 2019 उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोशिएशन (UPCA) के डॉयरेक्टर एसके अग्रवाल की बेटी के घर दुस्सहासिक डकैती की वारदात का IG (Range) Kanpur की Crime Branch और नजीराबाद पुलिस ने किया खुलासा कर 6 बदमाशों को Arrest कर लिया। इसमें 2 बाल बदमाश भी शामिल हैं। सनसनीखेज और दुस्साहसिक वारदात का “ब्लूप्रिंट” नौकरानी ने तैयार किया था। नौकरानी के भाई की अगुवाई में गिरोह ने फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम देकर पुलिस के रातों की नींद उड़ा दी थी। पुलिस के करीबी सूत्रों की मानें तो सर्विलांस सेल का बेहद अहम योगदान रहा। इसके बाद IG Range (Kanpur) के क्राइम ब्रांच प्रभारी विनोद मिश्रा और नजीराबाद इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी ने कई जिलों में ताबड़तोड़ दबिश देकर बदमाशों को धर दबोचा। घटना के अनावरण में शिवराजपुर और नवाबगंज पुलिस का भी योगदान रहा।


[caption id="attachment_19808" align="aligncenter" width="498"] शातिर लुटेरा पप्पू। नोट तीन नाबालिग और तीन लड़कियों भी पकड़ी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की वजह से उन सभी की फोटो पोर्टल में नहीं प्रकाशित की जा रही हैं।[/caption]

Yogesh Tripathi











UPCA के डॉयरेक्टर एस.के अग्रवाल की बेटी हैं अनीता

नवाबगंज ख्यौरा निवासिनी अनीता मित्तल उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोशिसन (UPCA) के डॉयरेक्टर एसके अग्रवाल की बेटी हैं। उनके पति स्वर्गीय डॉक्टर अनुराग मित्तल की कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी। बीती 21 जून को अनीता मित्तल के घर कुछ नकाबपोश बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। कीमती सामान के साथ बदमाश लॉकर और वैगन आर कार भी ले गए थे। मामला बेहद हाईप्रोफाइल परिवार से जुड़ा होने की वजह से शहर के आला अफसर घटना के बाद मौका-ए-वारदात पर पहुंचे थे। तत्कालीन IG Range (Kanpur) आलोक सिंह ने अपनी क्राइम ब्रांच को भी घटना का खुलासा करने के लिए लगाया था।

[caption id="attachment_19812" align="aligncenter" width="498"] मनोज रघुवंशी (इंस्पेक्टर नजीराबाद)।[/caption]

सर्विलांस सेल फिर बना पुलिस के लिए “संकटमोचन”

अनीता मित्तल के घर पड़ी डकैती पुलिस के लिए सिरदर्द बनी थी। पुलिस के आला अफसरों पर घटना को सही ढंग से अनावरण करने का काफी प्रेशर था। शुरुआती दिनों में जब पुलिस टीमों को सफलता नहीं मिली तो सर्विलांस सेल की मदद ली गई। सर्विलांस सेल के एक्सपर्ट ने एक मोबाइल की लोकेशन जब IG की क्राइम ब्रांच टीम को दी तो उसके बाद टीम ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए एक के बाद एक 6 बदमाशों को धर दबोचा। बदमाशों को पकड़ने वाली टीम की मानें तो एक बदमाश ने मोबाइल का पासवर्ड तोड़वाने के बाद उसमें सिम डलवाया। जिसके बाद लोकेशन ट्रेस हो गई। टीम ने पहले दुकानदार को उठाया फिर उसके जरिए एक बदमाश और फिर पूरे गिरोह को पकड़ लिया। पुलिस को करीब चार जिलों में इसके लिए दबिश देनी पड़ी।

10 लाख की ज्वैलरी, कार, मोबाइल बरामद

IG की क्राइम ब्रांच टीम ने पकड़े गए बदमाशों के पास से 10 लाख रुपए की ज्वैलरी, अनीता मित्तल की कार, उनका मोबाइल बरामद किया है। गिरोह का सरगना, एक ज्वैलर्स और एक महिला समेत चार बदमाश अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इनकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

ये बदमाश पुलिस टीम ने किए Arrest

पुलिस ने वारदात में शामिल नवाबगंज ख्यौरा निवासिसनी सावित्री , उसकी तीन बेटियों, मुन्नी, दीपिका, प्रियंका के साथ-साथ रिश्तेदार पप्पू और उसके दो नाबालिग बच्चों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। सभी की निशानदेही पर ज्वैलरी, मोबाइल और कार की बरामदगी पुलिस टीम ने की।

दीपिका ने की थी अनीता मित्तल के घर नौकरी

पकड़ी गई दीपिका ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि अनीता मित्तल के घर वो नौकरानी रह चुकी है। उसे घर के एक-एक कोने के बारे में जानकारी थी। वारदात का “ब्लूप्रिंट” उसने ही तैयार किया था। उसके बाद उसने आर्थिक तंगी से जूझ रहे अपने भाई अभिषेक को वारदात करने के लिए तैयार किया। अभिषेक ने रिश्तेदार पप्पू के साथ मिलकर 21 जून की दोपहर वारदात को अंजाम दे दिया। डकैती के बाद अभिषेक ने लाखों की ज्वैलरी श्याम ज्वैलर्स के मालिक को बेंचे थे। कन्नौज निवासी ज्वैलर्स श्याम बाबू, कन्नौज की रहने वाली गंगा, ख्यौरा नवाबगंज कानपुर की सावित्री और उसका लड़का अभिषेक फिलहाल फरार हैं। इनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

Work Out में पुलिस की ये टीम रही शामिल----

इस बड़े गुडवर्क में IG Range (Kanpur) की क्राइम ब्रांच टीम के प्रभारी विनोद मिश्रा, कांस्टेबल ललित यादव, नजीराबाद इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी, सब इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह, स्वाट टीम प्रभारी पुष्पराज सिंह, शिवराजपुर थाना प्रभारी और उनकी टीम, नवाबगंज थाने के इंस्पेक्टर दिलीप कुमार बिन्द और उनकी टीम शामिल रही।

 

 

Uttar Pradesh शासन ने मंडे की नाइट 22 IPS अफसरों के तबादले कर दिए। 1997 बैच के IPS अफसर Mohit Agarwal को IG (Range) Kanpur बनाया गया है। कानपुर परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आलोक सिंह अब मेरठ (परिक्षेत्र) के नए IG होंगे। संतकबीर नगर के SP आकाश तोमर बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक बनाए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक पीएसी (मध्य जोन) ए. सतीश गणेश अब आगरा रेंज के नए आइजी होंगे। DIG आगरा लव कुमार को पुलिस उप महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं बनाया गया है।


Yogesh Tripathi


 

[caption id="attachment_19750" align="alignnone" width="940"] 2019 कुंभ मेले के सफल आयोजन पर तत्कालीन IG (प्रयागराज) मोहित अग्रवाल को सम्मानित करते महामहिम रामनाइक और UPCM योगी आदित्यनाथ।
[/caption]

1997 बैच के IPS अफसर हैं मोहित अग्रवाल


IG (Range) Kanpur बनाए गए मोहित अग्रवाल 1097 बैच के IPS अफसर हैं। बरेली के एक सामान्य परिवार में जन्म लेने वाले श्रीअग्रवाल की प्रारंभिक शिक्षा बरेली में ही हुई। गोरखपुर से बीटेक करने के बाद वे मुंबई चले गए। IPS में चयनित होने से पहले मोहित अग्रवाल ने पॉवर ग्रिड (दिल्ली) में नौकरी भी की।

[caption id="attachment_19751" align="alignnone" width="676"] कुंभ मेले के सफल आयोजन पर यूपी सरकार की तरफ से दिया गया प्रशस्ति पत्र।[/caption]

अध्यापक पिता की प्रेरणा से मिली सफलता


मोहित अग्रवाल के पिता बरेली  के एक कॉलेज में गणित के अध्यापक थे। पिता की इच्छा थी कि बेटा IPS अफसर बनें। इंटर तक की शिक्षा बरेली में प्राप्त करने के बाद मोहित अग्रवाल ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज से की।

[caption id="attachment_19752" align="aligncenter" width="608"] सोमवार देर रात्रि को जारी की गई 22 IPS अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट।[/caption]

मुंबई से M.Tech फिर पॉवर ग्रिड में नौकरी


गोरखपुर से B.Tech करने के बाद मोहित अग्रवाल M.Tech करने मुंबई चले गए। एम.टेक के बाद पॉवर ग्रिड में नौकरी की। लेकिन इस दौरान सिविल सर्विसेज की तैयारी वे बराबर करते रहे। वर्ष 1997 में उन्हें ये मंजिल भी मिल गई और वह IPS के लिए चयनित हुए। मोहित के दो बड़े भाई इंजीनियर हैं जबकि छोटे भाई डॉक्टर है। 1999 में मोहित अग्रवाल की मैरिज हुई।

 कुंभ मेले का सफल आयोजन करवा चुके हैं मोहित अग्रवाल


यूं तो 1997 बैच के आइपीएस अफसर मोहित अग्रवाल के खाते में कई उपलब्धियां दर्ज हैं लेकिन हाल में ही कुंभ मेले के भव्य एवं सफल आयोजन के लिए उन्हें यूपी सरकार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यूपी कैडर के मोहित अग्रवाल को शुरुआती दिनों में नक्सल प्रभावित चंदौली जनपद का चार्ज मिला था। यूपी के कई जनपदों में वे बतौर कप्तान तैनात रह चुके हैं। प्रयागराज के आइजी बनने से पहले उनकी तैनाती गोरखपुर में बतौर आइजी थी।

क्या होंगी कानपुर में चुनौतियां ?


बेहद ईमानदार छवि के मोहित अग्रवाल के लिए Kanpur Range में चुनौतियां कम नहीं होंगी। अपराध और अपराधी पर नकेल कसने के लिए सबसे पहले विभाग में “अंगद” की तरह “पांव जमा” चुके खुर्राट टाइप के मातहत पुलिस वालों को हाशिए पर लाना होगा। चौकी और थाने पूरी तरह दलालों से मुक्त रहें इसके लिए भी खास प्लान तैयार करना होगा। भू-माफियाओं और उनके गुर्गों पर तगड़ी नकेल कसनी होगी। प्रापर्टी डीलिंग, में पर्दे के पीछे से भूमिका निभाने वाले “सफेदपोश माफियाओं” से भी पार पाना होगा। शहर में अपराध की सबसे बड़ी वजह बन चुके जुएं, सट्टे के बड़े और “सफेदपोश कारीगरों” के नेटवर्क को ध्वस्त कर गिरोह और उनके शरणदाताओं को सलाखों के पीछे पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इन सबके साथ ही कानपुर के बेतरतीब ट्रैफिक सिस्टम को भी दुरुस्त करना होगा। साथ ही Kanpur जैसे शहर की संवेदनशीलता पर विशेष निगाह रखनी होगी।