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  • Rahul Gandhi के करीबी Raja Ram Pal के सपा में शामिल होने की अटकले तेज
  • BSP के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचे थे राजाराम पाल
  • सपा के साथ बसपा के दिग्गजों से भी संपर्क साध रहे थे पूर्व सांसद



Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh Election 2022 से पहले Congress को Central UP में समाजवादी पार्टी (SP) ने बड़ा झटका दे दिया है। Ex.MP राजाराम पाल और सपा सुप्रीमों Akhilesh Yadav की मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के दिग्गज नेता के सपा ज्वाइन करने की खबरें पूरे दिन भर होती रहीं। हालांकि अभी तक इसकी अधिकारिक पुष्टि किसी ने नहीं की है। सपा ने अपने अधिकारिक Twitter Handle से सपा सुप्रीमों के संग मुलाकात वाली तस्वीर को Tweet करते हुए इसे शिष्टाचार भेंट बताया है। लेकिन राजाराम पाल ने इसी फोटो को अपने सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से शेयर कर 22 में बाइसकिल लिखकर बड़ा संकेत दे दिया है।  


 

www.redeyestimes.com (News Potal) को मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को Ex.CM अखिलेश यादव की कानपुर में मौजूदगी के दौरान Ex. MP (Raja Ram Pal)  सपा ज्वाइन करेंगे। इस दौरान राजाराम पाल और उनके समर्थकों ने पूरी ज्वाइनिंग को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है।

Congress को लगेगा 440 वोट का करंट

राजाराम पाल कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार होते रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी निकटता किसी से छिपी नहीं है। यूपीए सरकार में राहुल गांधी के कहने पर ही राजाराम पाल को Z श्रेणी की सुरक्षा केंद्र सरकार की तरफ से मुहैया कराई गई थी। कानपुर और आसपास के जिलों में राजाराम पाल की बिरादरी के वोटों में तगड़ी पकड़ है। कांग्रेस में वह लंबे समय से खुद को पिछड़े वर्ग का बड़ा नेता साबित करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पिछले दो-तीन साल से उनको संगठन में कोई खास तरजीह नहीं मिल रही थी। हालांकि कांग्रेस ने उनको हाल के चुनावों में स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल जरूर किया था लेकिन संगठन में तरजीह न मिलने की वजह से राजाराम पाल खासे नाराज बताए जा रहे थे। राजनीति के जानकारों की मानें तो राजाराम पाल के सपा ज्वाइन करने से कांग्रेस को बड़ा नुकसान होगा। राजाराम पाल की कई विधान सभाओं में अपने बिरादरी के वोटरों पर तगड़ी पकड़ है। 


 

BSP में नहीं बन पाई बात तो पकड़ी सपा की राह

राजनीति और सियासत को करीब से समझने वाले राजाराम पाल जमीन से जुड़े हुए नेता हैं। यह बात हर किसी को मालुम है। बसपा के टिकट पर वह पहली बार बिल्हौर लोकसभा सीट में भाजपा प्रत्याशी को हराकर संसद पहुंचे थे। स्टिंग ऑपरेशन में Video Viral  होने के बाद कुछ समय के लिए उनके राजनीतिक ग्राफ पर ग्रहण लगा था लेकिन बहुत कम समय में उन्होंने इसकी भरपाई कर ली। कांग्रेस के टिकट पर वह लोकसभा में फिर से पहुंचे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी भी रहे। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पिछले कुछ महीने से राजाराम पाल अपने पुराने घर बसपा में वापसी के लिए सक्रिय थे। जोनल कोआर्डिनेटर समेत कई दिग्गजों से उनकी कई चक्र मीटिंग तक भी हुई। खबरों की मानें तो सरकार बनने पर मंत्री पद के साथ-साथ संगठन में भी वह बड़ा पद चाह रहे थे साथ ही साथ वह कुछ विधान सभाओं में अपने करीबी लोगों को टिकट भी दिलाना चाहते थे। सूत्रों की मानें तो यही वजह रही कि राजाराम पाल की बात बसपा में फाइनल नहीं हुई। इसके तुरंत बाद वह सपा से नजदीकियां बढ़ाने लगे। सिर्फ दो महीने में ही उनकी मेहनत रंग लाई और अब नतीजा सबके सामने है।

सपा की सरकार बनी तो बन सकते हैं Minister !

जानकारों की मानें तो राजाराम पाल अपनी कई शर्तों के साथ सपा ज्वाइन करने जा रहे हैं। सबसे बड़ी शर्त सपा की सरकार बनने पर मंत्री पद है। साथ ही अकबरपुर-रनिया विधान सभा से खुद की टिकट के साथ-साथ दो अन्य विधान सभाओं से दो करीबी लोगों को टिकट पक्का कराने की भी चर्चा है। सूत्रों की मानें तो सपा सुप्रीमों चूंकि लंबे समय से पिछड़ा वर्ग (OBC) वोटर्स को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। ऐसे में राजाराम पाल की तरफ से मिले ऑफर को उन्होंने बगैर देर लगाए तुरंत स्वीकार कर लिया। इसके बाद राजाराम पाल ने लखनऊ में सपा सुप्रीमों से मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि राजराम पाल के शामिल होने से पाल बिरादरी का वोट सपा की तरफ से एकतरफा जाएगा। साथ ही राजाराम पाल खुद को उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग का बड़ा नेता भी साबित करेंगे। जो अभी तक वह कांग्रेस में नहीं कर पाए या फिर यूं कहें कि कांग्रेस उनसे इसका सीधा लाभ नहीं ले पाई।

  • Cyber Crime की रोकथाम के लिए वर्चुअल संवाद एवं कार्यशाला का आयोजन
  • Zoom App के जरिए साइबर सुरक्षा के उपायों और बचाव के तरीके बताए गए
  • शासन के निर्देश पर हर महीने के पहले बुधवार को "Cyber Day" मनाया जाएगा
Zoom APP के जरिए लोगों को Cyber Crime की रोकथाम के बाबत जानकारी देते SP प्रशांत वर्मा।

Raja Katiyar

Internet युग के दौर में बढ़ते Cyber Crime की रोकथाम के लिए इत्रनगरी Kannauj जनपद में लोगों को जागरूक करने के लिए वर्चुअल संवाद एंव कार्यशाला का आयोजन किया गया। जूम एप के जरिए साइबर सुरक्षा के उपायों और उनसे कैसा बचा जाए ? इसकी अहम जानकारी Kannauj (SP) प्रशांत वर्मा ने लोगों को दी।

Internet की क्रांति के बाद साइबर अपराध की वारदातों का ग्राफ काफी बढ़ा है। अक्सर खाते से रुपए निकालने और सोशल साइट के जरिए क्लोन आइडी बनाकर लोगों को ठगने का अपराध काफी बढ़ गया है। मकान में टॉवर लगवाने, नौकरी दिलाने और लकी विजेता व अश्लील वीडियो कॉल के जरिए भी लोगों को साइबर अपराधी ठगी का शिकार बना रहे हैं। ये शातिर किस्म के अपराधी जल्दी पुलिस के चंगुल में भी नहीं फंसते हैं।

Cyber Crime पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने नई मुहिम शुरु की है। लोगों को जागरूक करने के लिए थाना क्षेत्र में पड़ने वाले वाणिज्यिक संस्थान, बैंक, इंस्टीट्यूट, होटल और स्कूल में लोगों को सबसे पहले जागरूक किया जा रहा है। UP Police के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने हर जिले के SP/SSP को यह जिम्मेदारी सौंपी है। शासन के निर्देश पर हर महीने के पहले बुधवार को साइबर दिवसमनाया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने बताया कि नुक्कड़ नाटक, पाठशाला, पोस्टर, अखबार और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को साइबर अपराध के बाबत जागरूक किया जाएगा। महीने के पहले बुधवार को एसपी खुद जूम एप पर लाइव रहेंगे। इससे जुड़ने के लिए 7839865379 पर कॉल कर या फिर WhatsApp पर लिंक प्राप्त किया जा सकता है।

इस अभियान के तहत पहले बुधवार को Kannauj (SP) प्रशांत वर्मा ने जूम एप के जरिए कांफ्रेंसिंग कर आम जनता को जागरूक करने का कार्य किया। उन्होंने वर्चुअल संवाद के जरिए लोगों को साइबर अपराध से कैसे बचना है ? साइबर अपराधी किस तरह से आपके खातों से रुपए निकालते हैं ? इस बाबत जानकारी देने के साथ उनके बचाव के टिप्स दिए। SP का कहना है कि साइबर क्राइम पर नकेल कसने के लिए जल्द ही पुलिस कर्मियों का कैप्सूल कोर्स जल्द चलाया जाएगा। ताकि वह भी शिकायत पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई कर सकें।

 

  • 6 पुलिस कर्मियों को नामजद करते हुए पत्नी ने दी थी तहरीर
  • FIR में तीन पुलिस कर्मियों को पुलिस ने बनाया आरोपी
  • बुधवार को कारोबारी Manish Gupta का शव घर पहुंचा तो मचा हंगामा
  • हंगामें और प्रदर्शन के बीच Kanpur Police के पसीने छूटे
  • 10 लाख के आर्थिक मदद की चेक को परिजनों ने किया वापस
  • 50 लाख रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग पत्नी ने की
  • आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं पीड़िता से मुलाकात
  • Gorakhpur के डीएम और एसएसपी बनाते रहे समझौते का दबाव, Video Viral

गोरखपुर पुलिस की पिटाई से होटल मे मरे कारोबारी मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता।

Yogesh Tripathi

UPCM योगी आदित्यनाथ की कर्मस्थली Gorakhpur जनपद में पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए Kanpur (Barra-3) निवासी Manish Gupta मर्डर केस में पुलिस के एक एक और कारनामें की पोल खुली है। पुलिस ने FIR से तीन पुलिस कर्मियों के नाम हटा दिए हैं। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने 6 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने तीन पुलिस कर्मियों को ही नामजद आरोपी बनाया है। उधर, बुधवार को कारोबारी का शव बर्रा स्थित घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। भारी पुलिस बल पहले से ही तैनात था लेकिन उसके बाद भी हंगामा मच ही गया। क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की भीड़ अपने आंसुओं का सैलाब नहीं रोक सकी। शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजन देर शाम तक राजी नहीं हुए। परिजनों ने प्रशासन की तरफ से मिली मुआवजे के 10 लाख रुपए की चेक को वापस कर दिया। मृत कारोबारी की पत्नी मीनाक्षी ने मुआवजे में 50 लाख रुपए और सरकारी नौकरी की मांग करने के साथ गोरखपुर में दर्ज मामले को Kanpur ट्रांसफर करने की मांग प्रशासनिक अफसरों के सामने रखी। पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि गुरुवार को उन्हें मुख्यमंत्री से मिलवाया जाएगा। 


Meenakshi ने 6 के खिलाफ दी तहरीर, 3 पर FIR

EWS-736, Barra-3 निवासिनी Meenakshi Gupta ने गोरखपुर (जनपद) के SSP के नाम संबोधित तहरीर में रामगढ़ ताल के सस्पेंड SHO जगत नारायण सिंह, उपनिरीक्षक अक्षय मिश्रा, सब इंस्पेक्टर विजय यादव, सब इंस्पेक्टर राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव, कांस्टेबल प्रशांत कुमार के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। मीनाक्षी की तहरीर पर करीब 50 घंटे बाद FIR रजिस्टर्ड करने वाली रामगढ़ ताल पुलिस ने खेल कर दिया। 

 

पुलिस ने सस्पेंड इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा और विजय यादव को आरोपी बनाते हुए तीन पुलिस कर्मियों को अज्ञात में डाल दिया। अब सवाल ये उठता है कि जब मीनाक्षी ने 6 लोगों के नाम लिखकर दिए तो पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ ही क्यों मुकदमा पंजीकृत किया ? जिन तीन पुलिस कर्मियों को पुलिस ने अज्ञात में डाला है उनको आखिर किसकी शह पर बचाने का काम रामगढ़ ताल पुलिस कर रही है ? खास बात ये है कि जो तहरीर मीनाक्षी ने पुलिस को दी थी। उसे उन्होंने Twitter Handle से Tweet किया था। बिल्कुल साफ है कि अपने दामन पर लगे खून के धब्बों को साफ करने के लिए पुलिस घटना वाली रात से ही एड़ी-चोटी का जोर लगाए रही। FIR में खेल करने की वजह से बिल्कुल साफ है कि पुलिस आने वाले दिनों में विवेचना के दौरान भी कोई बड़ा खेल कर सकती है। जिससे पीड़िता और उसके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। यही वजह है कि मीनाक्षी ने कानपुर के प्रशासनिक अफसरों से दो टूक शब्दों में कह दिया कि वह केस को गोरखपुर से ट्रांसफर करवाना चाहती हैं। यह उनकी प्रमुख तीन मांगों में एक है।

गोरखपुर पुलिस के क्रूरता और बर्बरता को बयां करती मनीष गुप्ता की यह फोटो (साभार-Twitter)

Barra के जनता नगर में शव पहुंचा तो मचा हंगामा  

रियल स्टेट कारोबारी Manish Gupta का शव बुधवार को बर्रा भाग-3 (जनता नगर) स्थित उनके घर पहुंचा तो पहले से मौजूद सैकड़ों की भीड़ अपने आंसुओ को रोक नहीं सकी। कांग्रेस, सपा, बसपा समेत सभी राजनीतिक दलों के नेता, विधायक भी पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल पहले से ही तैनात था। लेकिन इन सबके बाद भी भीड़ ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अफसरों ने अंतिम संस्कार का प्रयास शुरु किया तो परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों के आक्रोशित होते ही भीड़ भी हो-हल्ला करने लगी। 


सपा विधायक इरफान सोलंकी, अमिताभ बाजपेयी की पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से काफी देर तक बहस हुई। दोनों ही नेता डीसीपी रवीना त्यागी से भी उलझ गए। मामला बढ़ता देख पुलिस कमिश्नर असीम अरुण मौके पर पहुंचे और मामले को खुद ही लीड करने लगे।

 

Murder Case की जांच Kanpur ट्रांसफर कराने की मांग

कारोबारी मनीष गुप्ता की होटल में हत्या के बाद से ही गोरखपुर पुलिस और वहां के अफसरों का रवैया बेहद खराब रहा। हत्या के करीब 50 घंटे बाद पुलिस ने सोशल मीडिया में किरकिरी के बाद FIR दर्ज की। उसमें भी तीन पुलिस कर्मियों के नाम को हटाकर उन्हें अज्ञात में पुलिस ने कर दिया। यही वजह है कि कानपुर में पहुंचे प्रशासनिक अफसरों से मीनाक्षी गुप्ता ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि वह केस का ट्रांसफर कानपुर चाहती है। यह उनकी तीन प्रमुख मांगों में एक है। मीनाक्षी का कहना है कि गोरखपुर पुलिस से उनको न्याय की बिल्कुल भी उम्मींद नहीं है। 


Meenakshi ने केस की CBI जांच कराने की भी मांग की। शासन स्तर पर बातचीत करने के बाद पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री के कानपुर आगमन पर उनको मिलवाया जाएगा। लेकिन इसके बाद भी परिजन 50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग, केस को कानपुर ट्रांसफर करवाने और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े रहे। देर शाम तक मनीष के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था। दोपहर को प्रशानिक अफसरों ने 10 लाख रुपए के मुआवजे का चेक परिजनों को सौंपा लेकिन परिवार ने चेक लेने से साफ इनकार कर दिया। रात करीब 10 बजे तक पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी परिवारीजनों के साथ बंद कमरे में वार्ता करते रहे लेकिन कोई सार्थक नतीजा नहीं निकला।

Meenakshi Gupta ने आरोप लगाया कि जिस Twitter Handle से वह लगातार कांड के बाबत Tweet कर रही थीं। उसे बंद करवा दिया गया। मीनाक्षी का कहना है कि वह कल मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अपनी सभी मांगों को उनके सामने रखेंगी। मेरे पति की 6 पुलिस वालों ने निर्मम तरीके से हत्या की है। मैं उनके खिलाफ लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ूंगी। मीनाक्षी ने कहा कि मैने अभी तक तय नहीं किया है कि शव का अंतिम संस्कार कब करना है

कांग्रेस महासचिव से मोबाइल पर बातचीत करती मृत कारोबारी मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी।

Priyanka Gandhi ने की Meenakshi से बातचीत

कांग्रेस की नेशनल जनरल सेकेट्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने दोपहर में मृत कारोबारी की पीड़ित पत्नी मीनाक्षी गुप्ता से मोबाइल पर बातचीत की। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने मीनाक्षी के घर पहुंचकर मोबाइल से बात करवाई। प्रियंका ने बातचीत के दौरान दर्द बांटते हुए कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ हर वक्त खड़ी हैं। कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता भी साथ खड़े हैं। दोषी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द सुनिश्चित कराने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। 

आक्रोशित भीड़ को हाथ जोड़कर मनाती और समझाती DCP रवीना त्यागी।
DM & SSP के समझौते का दबाव बनाने वाला Video Viral

Social Media पर बुधवार सुबह से ही एक वीडियो वॉयरल हो रहा है। जिसमें गोरखपुर के SSP और DM पीड़ित परिवार के साथ बैठकर बातचीत कर रहे हैं। बातचीत के दौरान दोनों ही अफसर कानूनी लड़ाई के पचड़े में न पड़ने और समझौता करने के लिए पीड़ित परिवार से कह रहे हैं। इस वीडियो के वॉयरल होने के बाद ही प्रशासनिक अफसर थोड़ा "बैकफुट" पर आए। Twitter पर वॉयरल इस वीडियो पर तमाम तरह के लोग कमेंट्स भी कर रहे हैं। दिल्ली की सीनियर जर्नलिस्ट ने तो वीडियो को ट्वीट करते हुए दोनों अफसरों को तत्काल सस्पेंड कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है। 

  • मातहतों के साथ मीटिंग कर अपराधियों पर नकेल कसने की बनाई रणनीति
  • वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए मुखबिरों के संचार तंत्र को करेंगे मजबूत

 

इत्रनगरी Kannauj की सदर कोतवाली के नए SHO (Alok Kumar Dubey)

Raja Katiyar

इत्रनगरी Kannauj के सदर कोतवाल विकास राय के तबादले के बाद SHO नियुक्त किए गए Alok Kumar Dubey ने Monday की शाम को चार्ज ले लिया। चार्ज लेने के तुरंत बाद नए कोतवाल ने मातहतों के साथ Meeting कर शातिर अपराधियों पर नकेल कसने की रणनीति बनाई। रात्रि में प्रमुख बाजारों में गश्त, संवेदनशील प्वाइंट्स पर पिकेट ड्यूटी को प्रभावी बनाने के लिए नए कोतवाल ने मातहतों को सख्त ताकीद दी।

रजिस्टर नंबर-8 में दर्ज शातिर अपराधियों के बारे में नए कोतवाल A.K Dubey ने काफी देर तक जानकारी हासिल की।  उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी प्राथमिकता थाना एरिया में Law & Order को कायम रखना है। देर रात्रि पुलिस की गश्त को बेहतर करेंगे। स्कूलों-कॉलेजों के पास भटकने वाले शोहदों पर भी नकेल कसी जाएगी। देर रात्रि तक अराजकत्तवों के जमावड़े को भी खत्म करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अपराधियों की उनके थाना एरिया में कोई जगह नहीं है। अपराधी सुधर जाएं या फिर एरिया छोड़ दें। किसी भी प्रकार की अपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता में उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुराने अपराधियों की निगरानी और कड़ी की जाएगी। थाने पर आने वाले फरियादियों को हरसंभव न्याय दिलाने का प्रयास होगा। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बिल्कुल भी नहीं बख्शेंगे।

A.K Dubey ने बताया कि वह गोंडा, लखीमपुर खीरी, हरदोई, कानपुर समेत कई जनपदों में बतौर कोतवाल तैनात रह चुके हैं। फिलहाल वह औरैया में पोस्टेड थे। जहां से स्थानांतरण होने के बाद उन्होंने कन्नौज पुलिस लाइन में आमद कराई थी। गौरतलब है कि Kannauj (SP) Prashant Verma ने निवर्तमान इंस्पेक्टर विकास राय का तबादला कर A.K Dubey की तैनाती की।

  • सुमेरपुर विकासखंड में SP-BJP के समर्थकों के बीच चले लाठी-डंडे
  • पथराव से कई वाहनों क्षतिग्रस्त, मतदान परिसर में अफरा-तफरी
  • हमले में SP प्रत्याशी और उसका भाई घायल हुए
  • कई थानों की फोर्स को अफसरों ने मौके पर बुलाया

 

फटे हाल में पुलिस ने सपा प्रत्याशी और उनके समर्थक बीडीसी सदस्यों को मतदान केंद्र में प्रवेश करवाया।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Bundelkhand स्थित Hamirpur जनपद के सुमेरपुर विकासखंड में ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान SP और BJP कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई। दोनों तरफ से पहले जूता-लात हुआ फिर देखते ही देखते लाठी और डंडे चटकने लगे। पथराव से भगदड़ मच गई। अफसरों के निर्देश पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और बिगड़ते हालात पर काबू पाया। हमले में सपा प्रत्याशी और उसका बीडीसी सदस्य भाई घायल हो गया। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने दोनों को मतदान स्थल पर प्रवेश कराया।

Hamirpur जनपद का सुमेरपुर ब्लाक चुनाव से पहले ही काफी संवेदनशील बताया जा रहा था। बताया जा रहा है कि पड़ोसी जनपद जालौन के एट थाना एरिया स्थित एक डिग्री कालेज में ठहरे सपा प्रत्याशी जयनारायन सिंह यादव के समर्थक बीडीसी सदस्यों के साथ मारपीट कर चार सदस्यों को उठा भी लिया गया था। कई सदस्यों को थाने पर भी बैठाए रखा गया था। शनिवार सुबह सभी को वोटिंग के लिए छोड़ दिया गया।

सुमेरपुर विकासखंड परिसर में शनिवार सुबह मतदान की प्रक्रिया स्टार्ट हो गई। BJP समर्थित प्रत्याशी पूजा सिंह 11 बीडीसी सदस्यों के साथ मतदानस्थल पर वोटिंग के लिए पहुंची। इसके बाद सपा समर्थित प्रत्याशी जयनरायन सिंह यादव अपने समर्थक बीडीसी सदस्यों के साथ मतदानस्थल जाने के लिए रवाना हुए।

हाईवे पर श्रीगायत्री विद्यामंदिर इंटर कॉलेज के पास मौजूद भाजपा समर्थकों से सपा प्रत्याशी और उसके समर्थित बीडीसी सदस्यों को रोक लिया। दोनों तरफ से समर्थक गाली-गलौज करते-करते एक दूसरे पर जूता-लात चलाने लगे। इस बीच थोड़ी ही देर में दोनों पक्षों की तरफ से लाठी और डंडे चटकने लगे। संघर्ष होते ही अफरा-तफरी फैल गई। सपा प्रत्याशी का आरोप है कि इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर पथराव किया। पथराव से कई वाहनों के शीशे टूट गए। हमले में सपा प्रत्याशी जयनारायण सिंह और उनका भाई राजनारायण सिंह घायल हो गए।

सूचना पर पहुंची कई थानों की फोर्स ने किसी तरह दोनों पक्षों को शांत करवाया। पुलिस ने सपा समर्थकों को तपोभूमि के पास ही रोक दिया। जबकि बीजेपी समर्थक गायत्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के सामने डटे रहे। सपा प्रत्याशी और उनके भाई को मतदान परिसर में प्रवेश कराया गया। समाचार लिखे जाने तक यहां पर माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।

  • बढ़पुरा ब्लाक परिसर के बाहर पुलिस के सामने हवाई फायरिंग से तनाव
  • BJP-SP कार्यकर्ताओं को समझाने पहुंचे ASP से अभद्रता कर थप्पड़ मारा
  • धक्का-मुक्की के दौरान जमीन पर गिर पड़े ASP प्रशांत कुमार
  • भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने टियर गैस के गोले दागे

इटावा के बढ़पुरा ब्लाक में उपद्रवियों पर आंसु गैस के गोले दागता का पुलिस का जवान।

Yogesh Tripathi

Block Pramukh Election 2021 में Uttar Pradesh के कई जिलों में मारपीट, पथराव, फायरिंग और हिंसा हुई। Central UP के इटावा जनपद में बढ़पुरा ब्लाक परिसर के बाहर भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हो गई। हवाई फायरिंग से तनाव बढ़ गया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की बैरीकेडिंग को तोड़ डाला। बवाल को शांत कराने के लिए पहुंचे ASP के साथ भीड़ ने धक्का-मुक्की कर अभद्रता की। भीड़ में शामिल अराजकतत्वों ने एसपी को थप्पड़ तक जड़ दिया। उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आसूं गैस के गोले दागे। 

Twitter पर Viral एक Video में पुलिस का अफसर अपने अधिकारियों से मोबाइल फोन पर बात करते हुए कह रहे हैं कि साहब, BJP वाले बम लेकर आए थे मारने। वह एक महिला विधायक और जिलाध्यक्ष का भी नाम ले रहे हैं। यह Video फिलहाल सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड कर रहा है। कई विपक्षी दलों के साथ-साथ देश के तमाम बड़े पत्रकार भी अब बीजेपी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं....?????

टंटी और राजपूत में है सीधी फाइट

इटावा के बढ़पुरा ब्लाक प्रमुख पद के लिए SP प्रत्याशी आनंद यादव (टंटी) और BJP प्रत्याशी गणेश राजपूत के बीच सीधी फाइट हो रही है। दोनों ही दलों के प्रत्याशियों ने पहले ही दिन से इस चुनाव को मूंछ की लड़ाई बना रखी है। शनिवार को वोटिंग के दौरान BDC Member’s वोट डाल रहे थे। इस बीच करीब एक बजे मतदान केंद्र के बाहर बीजेपी समर्थकों ने सपा के समर्थकों पर आरोप-प्रत्यारोप करते हुए हंगामा शुरु कर दिया। देखते ही देखते सपा और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और असलहों से हवाई फायरिंग शुरु कर दी। मतदान केंद्र के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग से दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद मुट्ठी भर पुलिस कर्मी छिप गए। सूचना मिलते ही ASP भारी पुलिस बल  के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ ने उनके सामने भी फायरिंग कर दी। ASP फोर्स के साथ उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए आगे बढ़े तो भीड़ ने उनसे अभद्रता शुरु कर दी। किसी युवक ने ASP को थप्पड़ मारा तो वह नीचे गिर गए। 

 

पुलिस से बहस करते भाजपा के नेता और कार्यकर्ता।

DM & SSP की मौजूदगी में भी हवाई फायरिंग

बवाल की सूचना मिलते ही DM श्रुति सिंह और SSP डॉक्टर बृजेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। इन दोनों अफसरों के सामने भी फायरिंग हुई। किसी तरह DM, SSP ने फोर्स की मदद से आवश्यक बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान पुलिस अफसरों से सदर विधायक सरिता भदौरिया और बीजेपी के जिलाध्यक्ष अजय प्रताप से तीखी बहस और नोकझोक भी हुई।

SSP डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह का कहना है कि मतदान स्थल के बाहर फायरिंग हुई है। उपद्रव कर रहे लोगों ने ASP के साथ अभद्रता कर उन पर हाथ भी उठाया। Video के फुटेज देखे जा रहे हैं। हमलावरों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • 100 सीट के आसपास भी नहीं फटक पा रही सत्ताधारी BJP
  • इंटनरल सर्वे के बाद छोटे दलों को साधने में जुटी भाजपा
  • Internal Survey के बाद BJP का मातृ संगठन भी गंभीर
  • 2022 Election तक भाजपा अभी और भी आंतरिक सर्वे कराएगी



Yogesh Tripathi

दिल्ली और लखनऊ दरबार के बीच हाल के दिनों में दिखी "रार" किसी से छिपी नहीं है। तमाम मीटिंग के बाद संगठन से लेकर RSS का शीर्ष तक 2021 में होने वाले Uttar Pradesh के चुनाव को लेकर कवायद कर रहा है। देश के सबसे बड़े राज्य Uttar Pradesh का Election प्रधानमंत्री Naredndra Modi के चेहरे पर लड़ा जाएगा या फिर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को सीएम कैंडीडेट घोषित कर भाजपा चुनावी शंखनाद करेगी ? यह तस्वीर अभी तक साफ नहीं है। लेकिन इन सबके बीच BJP के Internal Survey ने शीर्ष नेतृत्व की धड़कनों को बढ़ा दिया है। अपने आंतरिक सर्वे (Internal Survey) में भाजपा सत्ता से दूर जाती दिख रही है। यही वजह है कि BJP संगठन से लेकर RSS के कद्दावर पदाधिकारियों तक के रातों की नींद उड़ी हुई है। तमाम मंथन और रणनीति बनाने का दौर जारी है। क्षेत्रीय अध्यक्ष से लेकर संगठन के मंत्री और राष्ट्रीय संगठन के मुखिया तक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ मीटिंग कर चुनावी जीत का मंत्र बांटते नजर आ रहे हैं। MP, MLA & Minister’s को अपन-अपने क्षेत्रों में निकलने का फरमान हाईकमान ने जारी किया है। यही वजह है कि कोरोना महामारी के दौरान हर दिन हजारों मौतों के बाद भी जो जनप्रतिनिधि घर में बैठे रहे वह अचानक समर्थकों के साथ क्षेत्र में PM & CM की तरफ से अब तक किए गए विकास कार्यों को गिनाते नजर आ रहे हैं। 


 

BJP सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले महीने Internal Survey की जो रिपोर्ट आई वो बेहद चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट में भाजपा को सिर्फ 100 के आसपास सीटें मिलती दिख रही है। इससे भी अधिक हैरान और परेशान करने वाली वजह ये है कि आंतरिक सर्वे में समाजवादी पार्टी (SP) को पूर्ण बहुमत मिलता दिख रहा है।

सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट के बाद से ही BJP & RSS का शीर्ष नेतृत्व बैकफुट पर आ गया है। इसके तुरंत बाद से ही भाजपा के दिग्गजों ने दिल्ली में मीटिंग की। इस मीटिंग के बाद RSS के बड़े पदाधिकारियों के साथ Uttar Pradesh के हालात को लेकर कई बार अहम बैठक कर चर्चा की गई।

 


MLA का रिपोर्ट कार्ड देख टिकट देगी BJP

खबर है कि इस आंतरिक सर्वे की रिपोर्ट के बाद भाजपा अपने हर सियासी कदम को फूंक-फूंक कर रख रही है। फिर मामला चाहे टिकट वितरण का ही क्यों न हो। आंतरिक सर्वे में सत्ता फिसलती देख भाजपा अब अपने हर विधायक का रिपोर्ट कार्ड देखने के बाद ही उसका टिकट फाइनल करेगी। संगठन के साथ-साथ बहुत कुछ RSS की रिपोर्ट पर भी विधायकों के किस्मत का फैसला निर्भर करेगा। जिन विधायकों के प्रति क्षेत्र की जनता में नाराजगी होगी, संभव है कि भाजपा ऐसे विधायकों का टिकट काट देगी। इन जगहों पर युवा और ऊर्जावान लोगों को पार्टी टिकट दे सकती है। ताकि क्षेत्र के जनता की नाराजगी से बचा जा सके।    

छोटे दलों की नाराजगी दूर करने में जुटी BJP

2017 के चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत जनता ने दिया था। इस चुनाव में बीजेपी अनुप्रिया पटेल की अगुवाई वाली अपना दल, ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा पार्टी से गठबंधन किया था। दोनों को मंत्रिमंडल में जगह भी दी गई लेकिन ओमप्रकाश राजभर नाराज हो गए और इस्तीफा दे दिया। अपना दल के कोटे से एक राज्यमंत्री जय कुमार (जैकी) ही मंत्रिमंडल में बने हैं। बड़े सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के मद्देनजर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने अपना दल पर डोरे डाले।

इसकी भनक भाजपा को लगी तो वह अनुप्रिया पटेल के साथ बातचीत कर समझौता करने की मुद्रा में आ गई। गृहमंत्री के साथ मीटिंग में अनुप्रिया पटेल ने केंद्र और प्रदेश में मंत्रीपद के साथ-साथ पांच जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी भी पेश कर दी। ओमप्रकाश राजभर और भाजपा हाईकमान के बीच बातचीत का सार्थक हल नहीं निकल सका है। खबर ये भी है कि राजभर ने भाजपा को स्पष्ट तौर पर मना करते हुए ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन के संकेत दिए हैं। वहीं, पूर्वांचल में तगड़े वोट बैंक वाली निषाद पार्टी से भी भाजपा हाईकमान बातचीत कर रहा है। माना जा रहा है कि राजभर को छोड़कर बीजेपी अपना दल और निषाद पार्टी के लोगों को योगी मंत्रिमंडल के विस्तार में समायोजित कर उनकी नाराजगी को काफी हद तक दूर कर सकती है।

छोटे दलों के साथ करेंगे गठबंधन : Akhilesh Yadav

सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने एक TV चैनल के साथ बातचीत में यूपी चुनाव के मद्देनजर किसी भी बड़े राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की तस्वीर से साफ-साफ इनकार कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि वह Uttar Pradesh का चुनाव छोटे दलों के साथ तालमेल कर लड़ेंगे। कांग्रेस और बसपा के साथ गठबंधन का सवाल ही नहीं उठता है। अखिलेश यादव की मानें तो इन दोनों बसपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन का अनुभव काफी खराब रहा है।

योगी कैबिनेट से कुछ मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी

Uttar Pradesh चुनाव के मद्देनजर आंतरिक सर्वे (Internal Survey) की रिपोर्ट आने के बाद भाजपा संगठन तमाम तरह की कवायद कर रहा है। सूत्रों की मानें तो जल्द होने जा रहे मंत्रिमंडल विस्तार में कई मंत्रियों की छुट्टीतय मानी जा रही है। इसमें कुछ को संगठन का दायित्व भी सौंपा जा सकता है। मंत्रिमंडल में जातिगत समीकरण साधने की भी कोशिश की जाएगी ताकि विधानसभा चुनाव में भाजपा को सीधा एडवांटेज मिल सके।

 

-जनता से शांति और शौहार्द बनाए रखने की अपील की

-क्षेत्राधिकारी और इंस्पेक्टर भी फोर्स के साथ रहे मौजूद


Raja Katiyar

Uttar Pradesh के Kannauj जनपद में पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने हाज़ी उर्स शरीफ़ के मद्देनजर फोर्स के साथ क्षेत्र में पैदल मार्च किया। क्षेत्राधिकारी और इंस्पेक्टर भी फोर्स के साथ पैदल मार्च में शामिल रहे। Kannauj के पुलिस अधीक्षक ने इस दौरान क्षेत्र के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की।

गौरतलब है कि जनपद का चार्ज लेने के बाद से ही एसपी प्रशांत वर्मा Law & Order को लेकर काफी सजग हैं। सभी त्योहारों पर वह खुद जनता के बीच मौजूद रहकर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हैं। इतना ही नहीं अपराधियों और अराजकत्तवों पर नकेल कसने के लिए समय-समय पर वह मातहतों को भी सख्त ताकीद देते हुए दिशा-निर्देश जारी करते हैं।

बुधवार को क्षेत्राधिकारी शिवप्रताप सिंह और इंस्पेक्टर विकास राय के साथ पैदल मार्च कर रहे पुलिस अधीक्षक ने लाखन तिराहा समेत कई जगहों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मातहतों से अभी तक की तैयारियों के बाबत जानकारी भी ली।