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  • हम कान्यकुब्ज ब्राम्हण हैं, बाहर से आए लोग अपना ठिकाना ढूंढ लें
  • नगर निगम की सरकार के लिए "जुबानी जंग" की शुरुआत 
  • सरयूपारी बनाम कान्यकुब्ज के जरिए वोटों के ध्रुवीकरण पर निगाह


Yogesh Tripathi

Nagar Nikay Chunav 2023 : कौन बनेगा मेयर...? किसकी बनेगी नगर निगम में सरकार...? जनता किसको देगी अपना आशीर्वाद...? ये तस्वीर 13 May को साफ हो जाएगी लेकिन उससे पहले मेयर पद के प्रत्याशियों और उनके करीबी समर्थकों के बीच "जुबानी जंग" शुरु हो गई है। बड़बोलेपन के लिए चर्चित सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने Monday को तीखी बयानबाजी कर इसकी शुरुआत कर दी है। राजनीतिक के जानकार कह रहे हैं कि सपा विधा्यक का ये "राजनीतिक हमला" सीधे तौर पर भाजपा प्रत्याशी प्रमिला पांडेय और उनके बेटे पर है। अब देखना ये है कि बीजेपी की मेयर प्रत्याशी किस तरह से सपा विधायक की इस "जुबानी जंग" का जवाब देती हैं...या फिर मौन रखने में ही भलाई समझती हैं...? राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अभी तो ये आगाज हुआ है। चुनाव जैसे-जैसे चरम पर पहुंचेगा। प्रत्याशियों के बीच जुबानी जंग और भी तेज होगी।


अमिताभ बाजपेई ने कहा कि "हम कानपुर के ठोक बजाकर ठोस कान्यकुब्ज ब्राम्हण हैं...पिछली दसियों पीढ़िया बाबा, परबाबा उनके बाबा तक ने कानपुर में जन्म लिया है, हम कानपुर के लिए जिये हैं और कानपुर के लिए मरेंगे।कानपुर लोकल लोगों को मदद करने जा रहा है। बाहरी लोग अपना ठिकाना ढूंढ लें। बाहरी लोग कानपरु आते हैं और शहर को चारागाह बनाकर चले जाते हैं...कानपुर के लोग कानपुर की बेटी और कानपुर की बहू को चुनाव जिताने जा रहे हैं"


अमिताभ बाजपेयी ने यहीं नहीं रुके मीडिया के सवालों पर सपा की मेयर प्रत्याशी वंदना बाजपेयी के पति अमिताभ बाजपेई ने कहा कि  ठकौन बंटी है ये, बंटी कौन है...आप जानते हैं...? कानपुर शहर में पांच साल वसूली का "साम्राज्य" झेला है। गरीब आदमी, ठेला-पट्टी वाले से पालीथीन के नाम पर वसूली की गई...सफाई कर्मचारी भर्ती के नाम पर वसूल लाओ... नाला सफाई कागज पर होगी... सामुदायिक केंद्र बेंच दिए जाएंगे...साइकिल स्टैंड प्राइवेट तरीके से चलेंगे...आप लोगों ने वसूली बाबा नाम रक्खा था...मैने नाम खोल दिया है ...बंटी नाम का जो व्यक्ति...जिसने शहर में भ्रष्टाचार का आतंक मचाया था...उसका नाम मैनें "बंटी टैक्स" रक्खा है। नगर निगम को इस बार बंटी टैक्स से मुक्त करके ईमानदार प्रशासन की तरफ ले जाना है।


सपा विधायक का आरोप है कि पिछले पांच साल के दौरान नगर निगम में भ्रषटाचार का बोलबाला रहा है। हर विभाग में लूट-खसोज जमकर हुई। गाय-भैंस को छुड़वाने के नाम पर हजार-दो हजार रुपए लिए गए। सफाई कर्मचारियों की भर्ती में तमाम भ्रष्टाचार हुए। विधायक के पत्र जारी करने के बाद भी कोई कार्रवाई आज तक नहीं की गई।  Viral Video के अंत में सपा प्रत्याशी के पति अमिताभ बाजपेयी पत्रकारों के सवाल पर कहा कि शहर में मेयर कभी रिपीट नहीं हुई है।  इस Viral Video को सपा विधायक ने अपने Social Media अकाउंट पर भी शेयर किया है।



  • 48 घंटा पहले ही समाजवादी पार्टी ने मानिकपुर सीट से बनाया प्रत्यशी 
  • पिता ददुआ ने इसी क्षेत्र के नागरिकों पर तीन दशक तक ढाए थे जुल्म
  • वीर सिंह पटेल ने कहा कि चुनाव के समय क्षेत्र के लोग हो जाते हैं लामबंद
  • सपा सुप्रीमो Akhilesh Yadav ने वीर सिंह पटेल को किया Lucknow तलब

वीर सिंह पटेल (पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी प्रत्याशी मानिकपुर, चित्रकूट)

Yogesh Tripathi

(Uttar Pradesh Election 2022) : Bundelkhand स्थित पाठा के जंगलों में करीब तीन दशक तक अपने डकैतों के गिरोह का स्रामाज्य चलाने वाले दस्यु सम्राट रहे शिवकुमार पटेल उर्फ ददुआ के बेटे वीर सिंह पटेल ने समाजवादी पार्टी की तरफ से दी गई टिकट को वापस कर चुनाव लड़ने से साफ-साफ इनकार कर दिया है। वीर सिंह का कहना है कि वह मानिकपुर से Election नहीं लड़ेंगे। उनके पिता ने दस्यु जीवन के दौरान इसी क्षेत्र की जनता पर जुल्म-ओ-सितम ढाए थे, इस लिए यहां के क्षेत्रीय लोग उनके चुनाव में लामबंद हो जाते हैं। वीर सिंह के इस फैसले के बाद Chitrakoot की सियासत गर्म हो गई है। अफवाहों के दौर में सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने वीर सिंह को Lucknow किया है। गौरतलब है कि चित्रकूट सदर की सीट पर भी प्रत्याशी की घोषणा के बाद विरोध स्टार्ट हो गया है।

वीर सिंह 2012 के चुनाव में चित्रकूट की सदर सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। क्षेत्र की जनता ने उन पर विश्वास जताते हुए चुनाव में विजयश्री का आशीर्वाद दिया। चुनाव जीतकर वह पहली बार विधान सभा पहुंचे। 2017 में वीर सिंह को सपा ने फिर उम्मींदवार बनाया लेकिन इस बार वीर सिंह भाजपा के चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय से चुनाव हार गए। इससे पहले वर्ष 05 में अपने पिता की दहशतगर्दी पर वह जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध बने थे।

सपा की तरफ से जो सूची जारी की गई है, उसमें चित्रकूट सदर की सीट से अनिल प्रधान पटेल और मानिकपुर सीट से ददुआ के बेटे वीर सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया गया। वीर सिंह पूर्व विधायक हैं। सूची जारी होते ही सदर सीट को लेकर विरोध स्टार्ट हो गया। विरोध का आलम ऐसा कि कार्यकर्ता सड़क पर आने से नहीं चूके। कमोवेश यही हालात मानिकपुर सीट पर भी हो गए। क्षेत्र के लोगों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने लामबंदी शुरु कर दी। जिसकी वजह से फ्राइ-डे की सुबह वीर सिंह ने मानिकपुर सीट से चुनाव मैदान छोड़ दिया। वीर सिंह का कहना है कि विरोध को देखते हुए वह टिकट मिलने के बाद से अपने करीबी लोगों के संपर्क में रहकर बातचीत कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया।

वीर सिंह का कहना है कि वह सदर सीट से चुनाव की तैयारी लंबे समय से कर रहे थे। अचानक उन्हें टिकट मानिकपुर से दे दी गई। कम से में चुनावी जमीन खड़ा करना बेहद चुनौती भरा काम है। बकौल वीर सिंह उनके पिता ने बागी जीवन में मानिकपुर क्षेत्र जो जुल्म किया था, उसे लेकर लोग लामबंद हो जाते हैं। वह चुनाव लड़ें कि लामबंदी से निपटें...? इसलिए पार्टी प्रमुख को मानिकपुर सीट से चुनाव न लड़ने की जानकारी दे दी है।

  • आर्यनगर सीट से सपा प्रत्याशी अमिताभ बाजपेयी ने भी कराया नामांकन
  • बिठूर से बीजेपी प्रत्याशी अभिजीत सिंह सांगा ने भी भरा अपना पर्चा
  • सीसामऊ से BJP प्रत्याशी सलिल विश्नोई ने भी कराया नामांकन
कलेक्ट्रेट परिसर में रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष नामांकन पर्चा दाखिल करते महराजपुर विधान सभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कनिष्क पांडेय

Yogesh Tripathi

(Uttar Pradesh Election 2022) : Kanpur में नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन महराजपुर विधान सभा सीट से Congress प्रत्याशी कनिष्क पांडेय ने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन करवाया। नामांकन प्रक्रिया के बाद कनिष्क पांडेय परिवार और समर्थकों के साथ परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। आर्यनगर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद जायसवाल ने भी शुक्रवार को अपना पर्चा भरा। आर्यनगर सीट से सपा प्रत्याशी और वर्तमान विधायक अमिताभ बाजपेयी ने भी अपना नामांकन तीसरे दिन करवाया। सीसामऊ सीट से BJP प्रत्याशी सलिल विश्नोई और बिठूर सीट से अभिजीत सिंह सांगा ने भी अपना पर्चा भरा है। 

 

नामांकन के बाद परिवार के साथ आनंदेश्वर मंदिर में पूजा करते कनिष्क पांडेय।

सतीश महाना के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे कनिष्क पांडेय

महराजपुर सीट से नामांकन कराने वाले कांग्रेस प्रत्याशी कनिष्क पांडेय योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के खिलाफ चुनावी दंगलमें उतरे हैं। नामांकन कराने के बाद कनिष्क पांडेय ने कहा कि यह चुनाव मंहगाई, विकास और बेरोजगारी के मुद्दे पर है। पांच साल से यूपी की जनता ने खुद को ठगा महसूस किया है। क्षेत्र में तमाम समस्याओं का अंबार लगा है। वह जनता के बीच है। निश्चित तौर पर क्षेत्र की जनता उनको विजयश्री का आशीर्वाद देगी। 

 

महराजपुर से कांग्रेस प्रत्याशी कनिष्क पांडेय और आर्यनगर से प्रमोद जायसवाल।

अमिताभ के खिलाफ लड़ेंगे प्रमोद जासवाल

आर्य नगर सीट से नामांकन कराने वाले दिग्गज कांग्रेसी नेता प्रमोद जायसवाल ने कहा कि जनता भाजपा की सरकार से ऊब चुकी है। मंहगाई अपने चरम पर है। पेट्रोल, डीजल और गैस की मार पहले से झेल रही जनता अब रसोई की वस्तुओं में होने वाली मंहगाई से भी परेशान है। विकास के नाम पर योगी सरकार पिछले पांच साल में शून्य रही है। सिर्फ नाम बदलने की प्रक्रिया ही चली। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आर्यनगर सीट पर प्रमोद जायसवाल वर्तमान विधायक और सपा प्रत्याशी अमिताभ बाजपेयी के लिए कड़ी चुनौती पेश करेंगे। अमिताभ बाजपेयी ने भी आज ही अपना पर्चा भरा है। 

सीसामऊ से बीजेपी प्रत्याशी सलिल विश्नोई और आर्यनगर से सपा प्रत्याशी अमिताभ बाजपेयी।

2017 में आर्यनगर से चुनाव हारे थे सलिल विश्नोई

सीसामऊ से नामांकन का पर्चा भरने वाले विधान परिषद सदस्य और दो बार विधायक रहे सलिल विश्नोई 2017 में आर्यनगर सीट चुनाव हार गए थे। उन्हें सपा के अमिताभ बाजपेयी ने नजदीकी मुकाबले में शिकस्त दी थी। संगठन में लंबे समय से काम कर रहे सलिल विश्नोई को शीर्ष नेतृत्व ने MLC बनाकर विधान परिषद भेज दिया। जातिगत समीकरण के मद्देनजर भाजपा हाईकमान ने सलिल विश्नोई को शिफ्टिंग कर सीसामऊ से टिकट दिया जबकि सीसामऊ में बीजेपी के टिकट पर 2017 में चुनाव हारे सुरेश अवस्थी को इस बार आर्यनगर सीट से भाजपा ने प्रत्याशी बनाया गया है।

अभिजीत सांगा पर BJP ने फिर जताया विश्वास

बिठूर से भाजपा के टिकट पर 2017 में चुनाव जीतकर पहली बार विधान सभा पहुंचे अभिजीत सांगा पर संगठन ने एक बार फिर विश्वास जताते हुए प्रत्याशी बनाया है। अभिजीत सांगा ने भी शुक्रवार को अपना पर्चा दाखिल किया। अभिजीत सांगा ने 2017 में सपा प्रत्याशी मुनींद्र शुक्ला को हराया था। सपा ने इस बार भी मुनींद्र पर ही विश्वास जताया है। हालांकि राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार बिठूर विधान सभा की लड़ाई बेहद दिलचस्प होगी। उसकी वजह BSP प्रत्याशी रमेश यादव है। रमेश यादव पूर्व ब्लाक प्रमुख हैं। क्षेत्र में वह लंबे समय से सक्रिय हैं। रमेश यादव की सक्रियता और क्षेत्र की जनता के बीच उनकी तगड़ी पैंठ को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि बिठूर विधान सभा का यह चुनाव निश्चित तौर पर त्रिकोणीय होगा।


  • स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान समेत 14 ने BJP छोड़ी
  • कुछ और दिग्गज मंत्रियों के भी देर-सबेर BJP छोड़ने की चर्चाएं
  • टिकट वितरण में होने वाली महाभारत की आशंका से भयभीत है भाजपा
  • जिन विधायकों के टिकट कटने थे अब उनको प्रत्याशी बना सकता है हाईकमान

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh Election 2022 की चुनावी पिचइस कदर “Turn” लेगी इसका अंदाजा राजनीतिक पंडित नहीं लगा पाए। सियासी मैचके शुरुआत में ही BJP के दर्जन भर से अधिक दिग्गज खिलाड़ी “Out” हो जाएंगे इसकी कल्पना तो BJP के चाणक्य ने भी नहीं की होगी। भाजपा के चाणक्यऔर उनकी पूरी टीम फिलहाल कुछ समझ नहीं पा रही है कि वह क्या करें और क्या न करें...बीजेपी में मची भगदड़ को कैसे रोककर डैमेज को कंट्रोल किया जाए, सभी का ध्यान इसी पर लगा है। सपा सुप्रीमों Akhilesh Yadav अपनी गुगली में फंसाकर BJP के दर्जन भर से अधिक विकेटगिरा चुके हैं। उनकी गुगुली को RSS के दिग्गज भी नहीं समझ पा रहे हैं।

एक पुरानी कहावत है कि आखिर मरता न तो करता क्या....??? शायद यही वजह है कि बीजेपी ने फिलहाल 75 विधायकों के टिकट काटने पर पाबंदी लगा दी है। मतलब साफ है कि जिन योद्धाओ के 2022 के चुनावी संग्राम में हारने की Report संगठन के पास आई थी। उन्हीं योद्धाओं को BJP का शीर्ष नेतृत्व एक बार फिर से टिकट देकर चुनावी रणभूमि में उतारने को बेबस नजर आता दिखाई दे रहा है। बीजेपी में पड़ी बगावत की दरारों को भरने का जो जिम्मा गुजरात भाजपा संगठन मंत्री रत्नाकर पांडेय (काशी पांडेय) को सौंपा गया था वो करीब-करीब Fail साबित हो रहा है। हाल अब ये हो गया है कि जो नेता अभी तक 300+ सीटें जीतने का दंभ भर रहे थे वो अब मीडिया के सवालों से बच रहे हैं। चौराहे पर पान-चाय की दुकानों पर बहस करने वाले BJP Wprkers भी सन्नपात हैं। 

रही-सही कसर Congress महासचिव Priyanka Gandhi पूरा कर रही हैं। कांग्रेस की पहली लिस्ट में उन महिलाओं को भी प्रियंका गांधी ने प्रत्याशी बनाया है, जिनके परिवार के साथ अत्याचार हुए हैं। इसमें उन्नाव रेप पीड़िता की मां और हाथरस पीड़िता के परिवार के सदस्य को कांग्रेस ने टिकट देकर भाजपा की बेचैनी को कई गुना बढ़ा दिया है। सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने उन्नाव रेप पीड़िता के सामने अपना प्रत्याशी न उतराने का फैसला लेकर BJP को "बैकफुट" पर ढकेल दिया है।

देर-सबेर गिर सकते हैं और विकेट

चुनाव आयोग की तरफ से चुनावी शंखनादहोते ही सबसे अधिक भगदड़ सत्ताधारी दल भाजपा में हुई। BJP का शीर्ष नेतृत्व जब तक कुछ समझ पाता, उससे पहले कद्दावर मंत्री और पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और दारा सिंह चौहान ने भी इस्तीफा दे दिया। तमाम मनुहार के बाद भी इन दोनों नेताओं ने अपना निर्णय नहीं बदला। समाचार लिखे जाने तक दोनों दिग्गज करीब दर्जन भर भाजपा विधायकों के साथ सपा को ज्वाइन कर चुके हैं। बड़े सूत्रों की मानें तो योगी मंत्रीमंडल के दो और बड़े विकेट भी देर-सबेर गिर सकते हैं। दोनों ही ब्राम्हण वर्ग के बताए जा रहे हैं। पिछले चुनावों में इन दोनों ने बीजेपी ज्वाइन कर चुनाव लड़ा था। दोनों की गिनती बड़े नेताओं में होती है लेकिन भाजपा में जाने के बाद दोनों के पास सिर्फ मंत्रीमंडल का पोर्टफोलियो भर था। दोनों की पांच साल बिल्कुल भी नहीं चली। दोनों ही मंत्रियों के पास स्वामी प्रसाद मौर्य की तरह ही कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज है। ऐसे में यदि दोनों ने भाजपा को बॉय-बॉय बोला तो सीधा नुकसान चुनाव में बीजेपी को मिलेगा। 

सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी ज्वाइन करते स्वामी प्रसाद मौर्य, भगवती प्रसाद सागर, दारा सिंह चौहान व अन्य भाजपा नेता।

BJP के ये खिलाड़ी हो चुके हैं “Out”

स्वामी प्रसाद मौर्य, भगवती प्रसाद सागर, धर्म सिंह सैनी, दारा सिंह चौहान, रोशनलाल वर्मा, विनय शाक्य, अवतार सिंह भड़ाना, बृजेश प्रजापति, मुकेश वर्मा, राकेश राठौर, जय चौबे, माधुरी वर्मा, आरके शर्मा, बाला अवस्थी BJP की नीतियो से खफा होकर उनका साथ छोड़ चुके हैं। दो को छोड़कर सभी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है। खास बात ये है कि सपा ने सभी की प्रत्याशिता को भी करीब-करीब Final कर दिया है।

महाभारत को लेकर भयभीत BJP के दिग्गज

जानकारों की मानें तो बीजेपी के अंदरखाने में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। Uttar Pradesh (BJP) में तीन धड़े जगजाहिर हैं। टिकट वितरण में ये तीनों धड़े अपने अधिक से अधिक समर्थकों को टिकट दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। संगठन मंत्री सुनील बंसल पर अमित शाह की छतरी है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली बुलाकर वन टू वन गुफ्तगू करने के बाद बड़ा संदेश दे चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्वांचल के करीब दर्जन भर से अधिक जिलों में अपने करीबी लोगों को टिकट दिलाने के लिए कमर कसे बैठे हैं। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और दूसरे डिप्टी सीएम डॉक्टर दिनेश शर्मा के पास भी कुछ दावेदारों की लिस्ट है।  

 

 

 

  • जन्मशताब्दी वर्ष पर मेहरबान सिंह पुरवा में लगा भाजपाइयों का मेला
  • Dy.CM दिनेश शर्मा & UP (BJP) प्रेसीडेंट स्वतंत्र देव सिंह की मंच पर रही मौजूदगी
  • विधान सभा सत्र की वजह से कार्यक्रम में नहीं पहुंचे CM ने किया वर्चुअल संबोधन
  • चौधरी साहब के बेटे सुखराम सिंह हैं समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद


Kanpur के मेहरबान सिंह पुरवा में स्वर्गीय हरमोहन सिंह के जन्मशताब्दी वर्ष पर पहुंचे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह।

Yogesh Tripathi

कहते हैं सियासत में लोगों की आस्थाऔर आवश्यकतावक्त के हिसाब से बदलती रहती है। Samajwadi Party (SP) के उदय से पहले Kanpur के मेहरबान सिंह पुरवा का सपा संरक्षक और Uttar Pradesh के Ex. CM मुलायम सिंह से गहरा नाता रहा है। नेताजी जब मुख्यमंत्री होते थे तो पूरा प्रदेश और सपा जानती थी कि चौधरी हरमोहन सिंह ही मिनी सीएम हैं। जबकि सरकार में मंत्रीपद उनके पास नहीं होता था। Kanpur और उसके आसपास के जनपदों की राजनीति में भी चौधरी साहब का ही सिक्का चलता था। विधायक और सांसद के टिकट से लेकर नौकरशाही की नियुक्ति तक में मेहरबान सिंह पुरवा के चौधरी साहब की चलती थी। वह खुद कई बार राज्यसभा सदस्य बने। जनता दल के समय चौधरी साहब के बेटे जगराम सिंह MLA निर्वाचित हुए। इसके बाद उनके दूसरे बेटे सुखराम सिंह यादव ने सियासत में कदम रखा। MLC बनने के बाद सुखराम सिंह विधान परिषद के चेयरमैन भी बने। फिलहाल सुखराम सिंह राज्यसभा सदस्य हैं। 


चौधरी हरमोहन सिंह यादव के जन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर खांटी के समाजवादियों के घर और गांव में भाजपाइयों का मेला लगा रहा। कार्यक्रम में UPCM किन्हीं वजहों से नहीं पहुंचे लेकिन वर्चुअल मीटिंग में वह मौजूद रहे और स्वर्गीय हरमोहन सिंह को याद कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम स्थल के मंच पर Dy.CM दिनेश शर्मा और UPBJP के प्रेसीडेंट स्वतंत्रदेव सिंह के साथ-साथ जिला भाजपा कार्यकारिणी की मौजूदगी ने भविष्य के राजनीति का साफ-साफ इशारा कर दिया।  


www.redeyestimes.com (News Portal) के सूत्रों की मानें तो चौधरी साहब की तीसरी पीढ़ी अब अपनी संभावनाएं केंद्र और प्रदेश की सत्ताधारी BJP में तलाश रही है। ये तलाश पिछले कुछ महीने से जोरों पर है। जिस मेहरबान सिंह पुरवा में मुलायम सिंह, शिवपाल सिंह, प्रोफेसर रामगोपाल सिंह जैसे दिग्गज सपा नेता कभी आकर्षण का मुख्य केंद्र होते थे, अब उस मेहरबान सिंह पुरवा की हवा का रुख शायद उल्टा हो गया है और समय की गति के साथ अपने भी पराए हो चुके हैं।

चौधरी साहब के जिस गांव में बैठकर तीन दशक पहले मुलायम सिंह, शिवपाल सिंह जैसे दिग्गज बड़े-बड़े फैसले लेते थे उसी गांव में स्वर्गीय हरमोहन सिंह के जन्मशताब्दी वर्ष पर भाजापइयों का मेला लगा। इस मेले में शरीक हुए हर भाजपाई ने नाम लिए बगैर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव को जमकर कोसा। डिप्टी सीएम ने तो यहां तक कह दिया कि (चौधरी साहब) के परिवार में बुजुर्गों की इज्जत की जाती है लेकिन एक वह परिवार (अखिलेश परिवार) जहां अपनों की इज्जत नहीं की जाती।

 

चौधरी हरमोहन सिंह को UPCM ने याद किया

चौधरी हरमोहन सिंह के जन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कार्यक्रम में शामिल होना था लेकिन किन्ही वजहों से वह नहीं पहुंचे। उन्होंने वर्चुअल अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए हरमोहन सिंह को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र होने की वजह से वह नहीं आ सके।

चौधरी साहब के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता

चौधरी हरमोहन सिंह यादव के जन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चौधरी हरमोहन यादव के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। यह परिवार अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ गया है। यह भाजपा के लिए बेहद खुशी की बात है। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि चौधरी साहब जमीन से जुड़े नेता थे।

उस परिवार को चौधरी परिवार से सीख लेनी चाहिए

डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि चौधरी हरमोहन सिंह यादव के जन्म शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आना था, लेकिन किन्ही वजहों से वह नहीं आ सके। हालांकि वर्चुअल रुप से मुख्यमंत्री ने चौधरी हरमोहन को याद कर श्रद्धांजलि दी। डिप्टी सीएम ने कहा कि उस परिवार (सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव) के लोगों को इस परिवार (चौधरी परिवार) से सीख लेना चाहिये। इस परिवार में चौधरी सुखराम अपने पिता हरमोहन की इज्जत करते हैं और हरमोहन अपने पिता जी की इज्जत करते थे। सुखराम सिंह का बेटा मोहित भी अपने पिता की इज्जत करता है। लेकिन उस परिवार के लोग अपने बुजुर्गों की इज्जत करना ही नहीं जानता। इशारा साफ तौर पर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव की तरफ ही था।

"बेटा स्वतंत्र है, मैं अंत तक सपा में रहूंगा" : सुखराम

चौधरी हरमोहन सिंह यादव के जन्मशताब्दी वर्ष को सफल बनाने के लिए सुखराम सिंह और उनके बेटे ने पिछले करीब एक महीने से पूरी ताकत झोंककर एड़ी-चोटी का जोर लगा रक्खा था। कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में चौधरी परिवार का कोई सदस्य BJP ज्वाइन कर सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। मंच पर जब राज्यसभा सदस्य चौधरी सुखराम सिंह पहुंचे तो उन्होंने कहा कि मैं समाजवादी हूं और जीवित रहते तक समाजवादी रहूंगा लेकिन रही बात बेटे की तो वह स्वतंत्र है। वह बालिग है और उसका झुकाव भाजपा की तरफ है मतलब मंच से ही सुखराम सिंह ने बगैर कहे सारी बातें स्पष्ट कर दीं। सियासी तस्वीर साफ हो गई कि सुखराम सिंह के बेटे का अपरोक्ष तौर पर BJP में प्रवेश हो चुका है लेकिन औपचारिकताएं अभी शेष हैं। देर-सबेर चौधरी साहब की तीसरी पीढ़ी की भाजपा में इंट्री तय है। 


 

Social Media पर Viral हो रहे कागजात

Samajwadi Party के संस्थापक सदस्य रहे चौधरी हरमोहन सिंह यादव के गांव में मंडे की शाम को जब भाजपाइयों का मेला खत्म हो गया तो सोशल मीडिया पर एक भूमि से जुड़े कुछ दस्तावेज Viral हुए। दावा किया जा रहा है कि Viral कागजात एक बेशकीमती भूमि का है। www.redeyestimes.com (News Portal) इन दस्तावेजों की पुष्टि नहीं करता है। Social Media Report’s की मानें तो उक्त भूमि पर सामुदायिक मिलन केंद्र बनना था, बगल की भूमि पर रामलीला मैदान था। जिसे KDA ने प्लाटिंग कर बिक्री कर दी है। चूंकि सामुदायिक मिलन केंद्र का लैंज यूज नहीं बदला था। चर्चा है कि सपा सरकार के कार्यकाल में यह फाइल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की टेबल पर पहुंची थी लेकिन नाराजगी की वजह से उन्होंने फाइल बैरंग कर दी। चर्चा ये भी है कि उक्त भूमि पर एक बड़ा संस्थान कई वर्ष पहले खोला जा चुका है। संस्थान पहले बना और लैंड यूज का प्रस्ताव बाद में गया।


 

 

 


  • Rahul Gandhi के करीबी Raja Ram Pal के सपा में शामिल होने की अटकले तेज
  • BSP के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचे थे राजाराम पाल
  • सपा के साथ बसपा के दिग्गजों से भी संपर्क साध रहे थे पूर्व सांसद



Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh Election 2022 से पहले Congress को Central UP में समाजवादी पार्टी (SP) ने बड़ा झटका दे दिया है। Ex.MP राजाराम पाल और सपा सुप्रीमों Akhilesh Yadav की मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के दिग्गज नेता के सपा ज्वाइन करने की खबरें पूरे दिन भर होती रहीं। हालांकि अभी तक इसकी अधिकारिक पुष्टि किसी ने नहीं की है। सपा ने अपने अधिकारिक Twitter Handle से सपा सुप्रीमों के संग मुलाकात वाली तस्वीर को Tweet करते हुए इसे शिष्टाचार भेंट बताया है। लेकिन राजाराम पाल ने इसी फोटो को अपने सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से शेयर कर 22 में बाइसकिल लिखकर बड़ा संकेत दे दिया है।  


 

www.redeyestimes.com (News Potal) को मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को Ex.CM अखिलेश यादव की कानपुर में मौजूदगी के दौरान Ex. MP (Raja Ram Pal)  सपा ज्वाइन करेंगे। इस दौरान राजाराम पाल और उनके समर्थकों ने पूरी ज्वाइनिंग को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है।

Congress को लगेगा 440 वोट का करंट

राजाराम पाल कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार होते रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी निकटता किसी से छिपी नहीं है। यूपीए सरकार में राहुल गांधी के कहने पर ही राजाराम पाल को Z श्रेणी की सुरक्षा केंद्र सरकार की तरफ से मुहैया कराई गई थी। कानपुर और आसपास के जिलों में राजाराम पाल की बिरादरी के वोटों में तगड़ी पकड़ है। कांग्रेस में वह लंबे समय से खुद को पिछड़े वर्ग का बड़ा नेता साबित करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पिछले दो-तीन साल से उनको संगठन में कोई खास तरजीह नहीं मिल रही थी। हालांकि कांग्रेस ने उनको हाल के चुनावों में स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल जरूर किया था लेकिन संगठन में तरजीह न मिलने की वजह से राजाराम पाल खासे नाराज बताए जा रहे थे। राजनीति के जानकारों की मानें तो राजाराम पाल के सपा ज्वाइन करने से कांग्रेस को बड़ा नुकसान होगा। राजाराम पाल की कई विधान सभाओं में अपने बिरादरी के वोटरों पर तगड़ी पकड़ है। 


 

BSP में नहीं बन पाई बात तो पकड़ी सपा की राह

राजनीति और सियासत को करीब से समझने वाले राजाराम पाल जमीन से जुड़े हुए नेता हैं। यह बात हर किसी को मालुम है। बसपा के टिकट पर वह पहली बार बिल्हौर लोकसभा सीट में भाजपा प्रत्याशी को हराकर संसद पहुंचे थे। स्टिंग ऑपरेशन में Video Viral  होने के बाद कुछ समय के लिए उनके राजनीतिक ग्राफ पर ग्रहण लगा था लेकिन बहुत कम समय में उन्होंने इसकी भरपाई कर ली। कांग्रेस के टिकट पर वह लोकसभा में फिर से पहुंचे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी भी रहे। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पिछले कुछ महीने से राजाराम पाल अपने पुराने घर बसपा में वापसी के लिए सक्रिय थे। जोनल कोआर्डिनेटर समेत कई दिग्गजों से उनकी कई चक्र मीटिंग तक भी हुई। खबरों की मानें तो सरकार बनने पर मंत्री पद के साथ-साथ संगठन में भी वह बड़ा पद चाह रहे थे साथ ही साथ वह कुछ विधान सभाओं में अपने करीबी लोगों को टिकट भी दिलाना चाहते थे। सूत्रों की मानें तो यही वजह रही कि राजाराम पाल की बात बसपा में फाइनल नहीं हुई। इसके तुरंत बाद वह सपा से नजदीकियां बढ़ाने लगे। सिर्फ दो महीने में ही उनकी मेहनत रंग लाई और अब नतीजा सबके सामने है।

सपा की सरकार बनी तो बन सकते हैं Minister !

जानकारों की मानें तो राजाराम पाल अपनी कई शर्तों के साथ सपा ज्वाइन करने जा रहे हैं। सबसे बड़ी शर्त सपा की सरकार बनने पर मंत्री पद है। साथ ही अकबरपुर-रनिया विधान सभा से खुद की टिकट के साथ-साथ दो अन्य विधान सभाओं से दो करीबी लोगों को टिकट पक्का कराने की भी चर्चा है। सूत्रों की मानें तो सपा सुप्रीमों चूंकि लंबे समय से पिछड़ा वर्ग (OBC) वोटर्स को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। ऐसे में राजाराम पाल की तरफ से मिले ऑफर को उन्होंने बगैर देर लगाए तुरंत स्वीकार कर लिया। इसके बाद राजाराम पाल ने लखनऊ में सपा सुप्रीमों से मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि राजराम पाल के शामिल होने से पाल बिरादरी का वोट सपा की तरफ से एकतरफा जाएगा। साथ ही राजाराम पाल खुद को उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग का बड़ा नेता भी साबित करेंगे। जो अभी तक वह कांग्रेस में नहीं कर पाए या फिर यूं कहें कि कांग्रेस उनसे इसका सीधा लाभ नहीं ले पाई।

  • Lakhimpur Khiri हिंसा में मारे गए थे पत्रकार रमन कश्यप
  • कन्नौज मंडी समिति में जुटे युवजन सभा के कार्यकर्ता

 

लखीमपुर हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप को कन्नौज में श्रद्धांजलि देते युवजन सभा के कार्यकर्ता।

Raja Katiyar

इत्रनगरी Kannauj स्थित मंडी समिति में शुक्रवार को समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने Lakhimpur Khiri हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप को श्रद्धांजलि दी। युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को श्रद्धांजलि भी नहीं देने दे रही है। प्रशासन लगातर मुकदमें दर्ज करने की धमकी दे रहा है।

सदर विधायक अनिल दोहरे ने कहा किसानों का संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा। Uttar Pradesh के किसानों ने संकल्प ले लिया है कि BJP को सत्ता के सिंहासन से हटाकर ही आंदोलन खत्म करेंगे। यही वजह है कि गांव में भी अब भाजपा के खिलाफ खासा आक्रोश है।

युवजन सभा के प्रदेश महासचिव मोहम्मद नाजिम खान ने कहा पिछले 11 महीने से देश का अन्नदातासड़कों पर आंदोलनरत है। लेकिन सत्ता के अहंकार में डूबी केंद्र की मोदी सरकार किसानों की सुध नहीं ले रही है। गर्मी, सर्दी और बारिश के मौसम में किसान सड़कों पर संघर्ष करता दिखाई दिया लेकिन फिर भी सरकार ने किसानों के प्रति कोई हमदर्दी नहीं दिखाई है।

मोहम्मद नाजिम खान ने कहा कि अब तक 750 से अधिक आंदोलनरत किसानों की मौत हो चुकी है। लेकिन उसके बाद भी सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। युवजन सभा के जिलाध्यक्ष गुलामउद्दीन खां ने कहा हर युवा कार्यकर्ता किसानों के संघर्ष को गांव-गांव तक पहुंचाएगा और किसानों के हित में हर संघर्ष आंदोलन करने के लिए तैयार रहेगा।

इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य समीर खान, सरदार अमर सिंह, शाहिद अली, अवधेश यादव, गौरव कुशवाहा, फैजान खान, श्याम सुंदर यादव, शाहिद वारसी, विनोद यादव, पवन अवस्थी, दीपू यादव, मिथुन प्रजापति, रेहान खान, मेराज सिद्दीकी, बिल्लू भाई, संदीप चौरसिया समेत कई नेता और कार्यकर्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

  • CCTV फुटेज, सर्विलांस और विषकन्या की मदद से पकड़ा गया हत्यारोपी
  • Barra Police ने हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल और गाड़ी भी बरामद की
  • हत्या के पीछे की वजह को लेकर तमाम तरह की हो रही हैं चर्चाएं


Yogesh Tripathi

Kanpur के South City एरिया स्थित Barra थाना क्षेत्र में फ्राइ-डे की रात युवजन सभा (कानपुर देहात) इकाई के उपाध्यक्ष की हत्या के मामले में पुलिस ने अलसुबह दबिश देकर हत्यारोपी को Arrest कर लिया। हत्यारोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल और गाड़ी भी बरामद कर ली है। हत्या के पीछे की वजह को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं। 

मृतक हर्ष यादव (फाइल फोटो)

गौरतलब है कि Kanpur Dehat जनपद के नगवां निवासी हर्ष यादव LLB Student थे। हर्ष यादव युवजन सभा (कानपुर देहात) इकाई के उपाध्यक्ष भी थे। बर्रा भाग-2 स्थित अपने नाना के घर पर वह रहते थे। शुक्रवार शाम को हर्ष कुछ सामान के लिए सब्जी मंडी कार से पहुंचे। तभी वहां सफारी कार सवार से कुछ लोग पहुंचे। सफारी सवार युवक ने फायर कर पहले हर्ष की कार पंक्चर की और इसके बाद ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हर्ष को मौत को नींद की सुला दिया।

सनसनीखेज वारदात के बाद हमलावर सफारी से भाग निकला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर की सफारी पर भी सपा का झंडा लगा था। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस की टीमों ने रात्रि में हमलावर की गिरफ्तारी के लिए सारा जोर लगा दिया। एक विषकन्या से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस भोर होते-होते अंतत: हत्यारोपी तक पहुंच गई।

 

हत्या के बाद मौका-ए-वारदात पर पड़ा हर्ष का शव।
 

बताया जा रहा है कि हत्यारोपी शिवेंद्र भी सपा का नेता है। वह ग्रामीण इकाई में सचिव है। हत्या के पीछे की वजह को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। www.redeyestimes.com (News Portal) ने मृत सपा नेता के गांव तक पड़ताल करवाई तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। हालांकि परिजन और पुलिस अभी तक हत्या के पीछे की वजहों को लेकर सटीक जानकारी देने से साफ-साफ बच रहे हैं। पुलिस के विश्वस्त सूत्रों ने हालांकि विषकन्या को लेकर दबी जुबान से स्वीकारोक्ति की है। युवजन सभा ग्रामीण इकाई के प्रेसीडेंट अर्पित यादव ने कहा कि उनकी कमेटी में शिवेंद्र नहीं है। मै उसे जानता भी नहीं हूं।

Twitter पर पुलिस ने हत्यारोपी की फोटो को पोस्ट करते हुए उसके गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस कहना है कि IPC की धारा 302, 307 के तहत FIR रजिस्टर्ड कर हत्यारोपी को Arrest किया गया है। हत्या में प्रयुक्त गाड़ी और असलहा भी बरामद किया गया है।  

 

असीम अरुण (पुलिस कमिश्नर, कानपुर)
नशेबाजी में हुई सपा नेता की हत्या : CP

पुलिस कमिश्नर (CP) असीम अरुण ने एक Video जारी कर बताया कि शुक्रवार रात हर्ष यादव की हत्या के मामले में शिवेंद्र सिंह नाम के एक युवक को सुबह गिरफ्तार किया गया है। बर्रा थाने में उससे पूछताछ की जा रही है। अभी तक की छानबीन में पता चला है कि हत्या नशेबाजी के विवाद में की गई। हर्ष और शिवेंद्र दोस्त थे। दोनों सपा से जुड़े बताए जा रहे हैं। 

 

  • Kanpur के South City स्थित बर्रा -2 में सनसनीखेज वारदात से हड़कंप
  • कार सवार हमलावरों ने कनपटी पर मारी सपा नेता को गोली
  • मौका-ए-वारदात पर सपा नेता की मौत, पुलिस मौके पर पहुंची
  • Kanpur Dehat जनपद में युवजन सभा के जिला उपाध्यक्ष थे Harsh Yadav

Harsh Yadav (SP Leader) (File Photo)

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur जनपद स्थित South City एरिया के Barra-2 में फ्राइ-डे की Night  Harsh Yadav (20) की कार सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बर्रा-2 सब्जी मंडी के पास Harsh Yadav की हत्या सफेद रंग की सफारी सवार हमलावरों ने की। हमलावरों ने पिस्टल से फायरिंग कर पहले हर्ष की कार को पंक्चर किया फिर उस पर भी निशान साधकर गोलियां दागीं। सिर में गोली लगने की वजह से हर्ष की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक Harsh Yadav (Law) की पढ़ाई कर रहे थे। करीब 6 महीना पहले ही (Kanpur Dehat) जनपद में उन्हें सपा युवजन सभा का जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया था।

हर्ष यादव (फाइल फोटो)।

गोली चलते ही भगदड़ मच गई। खून से लथपथ हालत में हर्ष को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सपा नेता के हत्या की खबर मिलते ही DCP रवीना त्यागी और बर्रा SHO पुलिस बल के साथ मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम भी पहुंच गई थी। 

 

फ्राइ-डे रात को युवजन सभा (Kanpur Dehat) के उपाध्यक्ष Hars Yadav की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

परिजनों के मुताबिक Barra निवासी Harsh Yadav घर का सामान लेने के लिए बर्रा भाग-2 सब्जी मंडी गए थे। भीड़भाड़ और घनी आबादी वाले एरिया में युवा सपा नेता की हत्या के बाद दहशत फैल गई। हत्या किसने और क्यों की है ? यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। हर्ष के मोबाइल की डिटेल निकालने के लिए सर्विलांस सेल को Activeकिया गया है। खबर ये भी है कि Police Officer's ने आसपास लगे CCTV कैमरों को भी खंगालने का निर्देश दिया है। मौका-ए-वारदात पर सभी राजनीतिक दल के लोगों का जमावड़ा लगने की वजह से अफसरों ने मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स को बुलाया है। हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। माना जा रहा है कि CCTV फुटेज से पुलिस जल्द ही हत्यारों तक पहुंच जाएगी। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि जिस सफेद रंग की सफारी कार से हत्यारे आए थे, उसमें भी समाजवादी पार्टी का ही झंडा लगा था। पुलिस राजनीतिक बिन्दु के साथ-साथ कुछ अहम बिन्दुओं पर भी गहराई से छानबीन कर रही है।

वारदात के बाद मौके पर पहुंची बर्रा पुलिस ने घटना की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अफसरों को दी।



  • कलेक्ट्रेट पहुंचकर सपा कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
  • गवर्नर को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा

 

Kannauj में मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते सपा व्यापार सभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता।

Raja Katiyar

Gorakhpur जनपद के एक होटल में Kanpur के कारोबारी Manish Gupta की पुलिसिया पिटाई से हुई मौत के मामले में Kannauj जनपद में सपाई खासे आक्रोशित हैं। व्यापार सभा के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर पहले नारेबाजी की फिर गवर्नर को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा।

समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष अंशुल गुप्ता की अगुवाई में दर्जन भर से अधिक नेता और कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। व्यापार सभा के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। अंशुल गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार में गुंडे-माफिया को छोड़िए पुलिस बेलगाम है। 72 घंटे से अधिक हो चुके हैं। कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता के हत्यारोपित पुलिस कर्मियों को अभी तक पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।

 


मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए अंशुल गुप्ता ने कहा कि पुलिस की बर्बरता से समाज में भय का माहौल स्थापित हो रहा है। ऐसे दोषी पुलिस कर्मियों की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। सपाइयों ने दोषी पुलिस कर्मियों को पुलिस की नौकरी से बर्खास्त करने की भी मांग की। ताकि भविष्य में इस तरह के घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में सपा नेता दिलीप सैनी, अरुण सिंह, आकाश कटियार, नरेश वर्मा, पवन पाल, जितेन्द्र पाल, अंशू पाल, लालजी मिश्रा, शिवाजी पाल, नरेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।