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  • RSS (East UP) के क्षेत्रसंघ चालक वीरेंद्र जीत सिंह ने दिया इस्तीफा 
  • Krishna Mohan को RSS ने क्षेत्रसंघ चालक की जिम्मेदारी सौंपी 
  • BJP हाईकमान ने सिटिंग MLA & MLC को टिकट देने से दूरी बनाई 
  • सतीश महाना पहले ही दावेदारी से नाम वापस ले चुके हैं
  • सत्यदेव पचौरी भी अंतिम दौर में एड़ी-चोटी का जोर लगाया
  • RSS के दिग्गज Neetu Singh की पैरवी में कर रहे हैं तगड़ी लामबंदी


Yogesh Tripathi 

 Uttar Pradesh की Kanpur लोकसभा सीट अब काफी "हॉट" हो चुकी है। इस सीट पर BJP से लोकसभा का प्रत्याशी कौन बनेगा यह अब Prime Minister Of India की टेबल पर तय होगा। प्रत्याशिता के अंतिम रेस में एड़ी-चोटी का जोर लगाए निवर्तमान सांसद सत्यदेव पचौरी को "सियासी पिच" पर उनकी ही बेटी Neetu Singh तगड़ी चुनौती दे रही हैं।  उधर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से एक बड़ी खबर ये आ रही है कि क्षेत्र संघ चालक वीरेंद्र जीत सिंह ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया है। राजनीति के जानकारों की मानें तो RSS के इस "बलिदान"  का लोकसभा के टिकट पर साफ-साफ फर्क पड़ेगा। वीरेंद्र जीत सिंह के इस्तीफा देने के पीछे कई तरह के तर्क दिए जा रहे हैं। RSS ने उनकी जगह   Krishna Mohan को क्षेत्र संघ चालक बनाया है। 



पिछले दिनों BJP की तरफ से जारी प्रत्याशियों की पहली सूची में सिटिंग सांसद सत्यदेव पचौरी का नाम नहीं था। कयास लगाए जा रहे थे कि 75 की उम्र पार कर चुके सत्यदेव पचौरी को हाईकमान ने साइड लाइन कर दिया है लेकिन राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी कहे जाने वाले पचौरी ने हार नहीं मानी और दिल्ली में डेरा डाल "अंगद" की तरह अपने पांव जमा दिए। हाईकमान के सामने उन्होंने पांच साल के दौरान अपने विकास कार्यों का लेखाजोखा रक्खा। उनके समर्थन में कई दिग्गजों की पैरवी भी रंग लाई। 

वहीं दूसरी तरफ RSS के कई बड़े दिग्गज सत्यदेव पचौरी की बेटी Neetu Singh के लिए लामबंदी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी अंतिम समय पिता-पुत्री ही रेस में थे। 2019 में गंगा मेला के दिन सत्यदेव पचौरी की टिकट हाईकमान ने फाइनल की और वह प्रत्याशी बने। इसके बाद विधान सभा और महापौर के लिए भी Neetu Singh का नाम खूब चला। महापौर की टिकट के लिए तो उनका नाम करीब-करीब पक्का था लेकिन ऐन वक्त पर दिल्ली में बैठे शीर्ष नेतृत्व ने एक दिग्गज की पैरवी पर प्रमिला पांडेय की टिकट फिर से रिपीट कर दी। महापौर की टिकट न मिलने के बाद RSS के तमाम कद्दावर काफी नाराज भी हुए लेकिन सबको बाद में मैनेज कर लिया गया। इस बीच Neetu Singh की सामाजिक सक्रियता पहले से काफी बढ़ गई।
 

(News Portal) के पास जो जानकारियां हैं उसके मुताबिक Neetu Singh को टिकट दिलाने के लिए RSS ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रक्खा है। क्षेत्र संघ चालक के पद से इस्तीफा देने वाले वीरेंद्र जीत सिंह Neetu Singh के ससुर हैं। संघ के लोगों का मानना है कि ये इस्तीफा नहीं बल्कि "बलिदान" है। उल्लंलेखनीय है कि लंबे समय तक यह पद वीरेंद्र जीत सिंह परिवार और स्वर्गीय ईश्वर चंद्र गुप्त के पास ही रहा है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि Uttar Pradesh के तमाम जनपदों में वीरेंद्र जीत सिंह के पिता स्वर्गीय बैरिस्टर नरेंद्र जीत सिंह ने RSS की नींव डाली थी। उनके निधन के बाद से यह जिम्मेदारी ईश्वर चंद्र गुप्त को मिली। ईश्वर चंद्र गुप्त के बाद से संघ परिवार की यह बड़ी जिम्मेदारी Neetu Singh के ससुर अपने कंधों पर उठा रहे थे। 


Note----Kanpur लोकसभा सीट से BJP किसको प्रत्याशी बनाएगी...??? यह किसी को फिलहाल नहीं मालुम हैं। सूत्रों की मानें तो प्रत्याशी के नाम पर Final मोहर लग चुकी है। प्रत्याशी के नाम की अधिकृत घोषणा यदि आज रात्रि तक नहीं हुई तो फिर 20 मार्च को कभी भी हो सकती है। एडवांटेज Neetu Singh को मिलने की चर्चा है।

  • BJP की पहली लिस्ट में अधिकांशत: पुराने चेहरे
  • कन्नौज से सुब्रत पाठक और उन्नाव से साक्षी महराज
  • फतेहपुर से वर्तमान सांसद साध्वी निरंजन ज्योति प्रत्याशी
  • संतकबीर नगर की सीट से निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद उम्मींदवार
  • लखनऊ से राजनाथ सिंह को हाईकमान ने प्रत्याशी बनाया


 

Yogesh Tripathi

Lok Sabha Election 2024 के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार शाम को प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी। इस लिस्ट में कानपुर लोकसभा के प्रत्याशी का नाम नहीं है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि वर्तमान सांसद सत्यदेव पचौरी का टिकट हाईकमान ने काट दिया है। वहीं कानपुर से सटी अकबरपुर (कानपुर) लोकसभा सीट से निवर्तमान सांसद देवेंद्र सिंह (भोले) पर हाईकमान ने एक बार फिर विश्वास जताते हुए उन्हें प्रत्याशी घोषित किया है। सियासी गलियारों में पचौरी का नाम पहली सूची में फाइनल न होने पर तमाम तरह की आशंकाएं और चर्चाएं जोरों पर हैं।


चर्चा है कि Kanpur के एक "माननीय" और व्यापारी नेता के नामों पर आलाकमान काफी गंभीर है। "माननीय" के तार सीधे दिल्ली वाले सिस्टम से जुड़े हैं जब कि व्यापारी नेता के लिए संगठन और संघ लामबंद है। व्यापारी नेता करीब तीन दशक से भाजपा से जुड़े हैं। कई बार विधायकी के चुनाव में उनके नाम की चर्चाओं ने जोर पकड़ा लेकिन टिकट नहीं मिल सका। 90 के दशक में यह व्यापारी नेता सत्यदेव पचौरी के साथ लोहा व्यापार मंडल के महामंत्री हुआ करते थे। तब सत्यदेव पचौरी लोहा व्यापार मंडल के अध्यक्ष हुआ करते थे। जानकारों की मानें तो तो इन दो नामों को लेकर हाईकमान काफी विचार-विमर्श कर रहा है। संभावना है कि इन्हीं दोनों में से किसी का नाम देर-सबेर Final हो सकता है। गौरतलब है कि www.redeyestimes.com (News Portal) ने पांच दिन पहले ही सत्यदेव पचौरी की टिकट कटने को लेकर खबर प्रकाशित की थी। 

BJP की पहली लिस्ट में Uttar Pradesh से इन प्रमुख सीटों पर हाईकमान ने प्रत्याशी Final किए हैं। West Zone में मुज़फ़्फ़रनगर सीट से कद्दावर नेता संजीव बालियान को प्रत्याशी बनाया गया है। नगीना से ओम कुमार, रामपुर सीट से घनश्याम लोधी, अमरोहा से कंवर सिंह तोमर, भारी विरोध के बाद भी नोएडा से वर्तमान सांसद महेश शर्मा, मथुरा से हेमा मालिनी , आगरा से SP Baghel, एटा सीट से राजवीर सिंह, खीरी से केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा (टेनी), सीतापुर से राजेश वर्मा, हरदोई लोकसभा से जय प्रकाश रावत, उन्नाव से साक्षी महाराज, मोहनलालगंज सीट से कौशल किशोर ,लखनऊ सीट से केंद्रीय रक्षा मंत्री और वर्तमान सांसद राजनाथ सिंह , कन्नौज से सुब्रत पाठक, अकबरपुर से भोले सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। 

Bundelkhand Zone में झाँसी सीट से अनुराग शर्मा, हमीरपुर- पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, फ़तेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति को हाईकमान ने प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि अयोध्या से लल्लू सिंह, श्रावस्ती से साकेत मिश्रा , बस्ती से हरीश दिवेदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मस्थली गोरखपुर से रविकिशन शुक्ला, संतकबीर नगर सीट से प्रवीण निषाद, जौनपुर सीट से कृपाशंकर सिंह, चंदौली लोकसभा सीट से MN Pandey समेत 51 प्रत्याशी BJP ने घोषित किए हैं। 

 

  • लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शह-मात का दौर Start
  • Congress के वजीरने बढ़ाई BJP की बेचैनी
  • कांग्रेस प्रत्याशी के बाद बीजेपी फाइनल करेगी प्रत्याशी का नाम
  • बड़े Media House ने BJP प्रत्याशी को लेकर किया सर्वे
  • सर्वे में सबसे ऊपर सतीश महाना का नाम
  • 51 फीसदी लोगों ने किया सतीश महाना के पक्ष में Vote


Yogesh Tripathi

Lok Sabha Election 24 का सियासी पाराचढ़ने लगा है। कांग्रेस और सपा के गठबंधन से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाईकमान भी चिंतित है। सपा सुप्रीमों Akhilesh Yadav ने तो तमाम सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी कर दी है। गठबंधन के तहत Akhilesh Yadav ने कांग्रेस को सूबे में 17 सीटें दी हैं। इन 17 सीटों में एक सीट Kanpur भी है। कानपुर से कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा...? यह फिलहाल किसी को नहीं मालुम है लेकिन शहर के एक दिग्गज ने सभी की धड़कने बढ़ा दी हैं। ये दिग्गज कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बिहार कांग्रेस के प्रभारी Ex.MLA अजय कपूर हैं। लखनऊ और दिल्ली में चर्चा है कि Congress अपने इस वजीर को चुनाव मैदान में उतार सकती है। अजय कपूर संभावित प्रत्याशिता की दावेदारी में अन्य लोगों से काफी आगे हैं। देर-सबेर हाईकमान उनके नाम पर अपनी फाइनल मोहर लगा सकता है। www.redeyestimes.com (News Portal) ने इस बाबत उत्तर प्रदेश (कांग्रेस) के मीडिया प्रमुख डॉक्टर चंद्रप्रकाश राय से जब बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अभी कानपुर सीट पर किसी का नाम फाइनल नहीं हुआ। लोकसभा प्रत्याशी का नाम दिल्ली में हाईकमान तय करेगा।

यूं तो कानपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के कई नेता टिकट मांग रहे हैं लेकिन मजबूत और ठोस दावेदारी अभी तक कोई नहीं कर सका है। सभी अपने-अपने आकाओं के जरिए दिल्ली-लखनऊ में पैरवी करवा रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान इस बार Kanpur सीट को लेकर खासा गंभीर है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि Ex.MLA अजय कपूर के नाम पर खासा मंथन किया जा रहा है। अजय कपूर के नाम पर हाईकमान कितना गंभीर है...? इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि तीन दिन पहले जब Rahul Gandh की भारत जोड़ो न्याय यात्राशहर से निकली थी तो खुद Rahul Gandhi ने अजय कपूर को बुलाकर अपने वाहन में बैठाया और साथ लेकर चले। शायद शहर कांग्रेस कमेटी के लिए Rahul Gandhi का यह बड़ा संकेत था। दिल्ली में हलचल के बाद अब चर्चा कानपुर लोकसभा क्षेत्र में भी कांग्रेसी कर रहे हैं। चर्चा इस बात की भी है कि पिछले दो दिनों से अजय कपूर भी दिल्ली में ही हैं। उनके Right & Left Hand लोगों ने पुराने कार्यकर्तां की चौखट पर दस्तक भी देना Start कर दिया है।

कांटे से कांटा निकालने की रणनीति बना रही है BJP

उधर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपनी कमर कस ली है। देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थान ने कानपुर लोकसभा सीट पर BJP से प्रत्याशिता को लेकर एक सर्वे कराया है। इस सर्वे में एक दिग्गज नेता का नाम सबसे ऊपर है। ये नाम कोई और नहीं बल्कि भाजपा के कद्दावर नेता और विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना का है। सतीश महाना को सर्वे में 51 फीसदी वोट मिले। BJP हाईकमान भी इस बड़े Media House  के सर्वे को लेकर न सिर्फ गंभीर है बल्कि मंथन भी कर रहा है कि आखिर प्रत्याशी किसे बनाएं...? वर्तमान सांसद सत्यदेव पचौरी 70 की आयु पार कर चुके हैं। हालांकि नमो एप पर वह सबसे चर्चित और अच्छे सांसद हैं। नमो एप पर उनकी रैंकिंग टॉप पाइव में है। हाईकमान को सत्यदेव पचौरी के मिजाज को भी बखूबी जानता है।

 

अब देखना ये है कि बीजेपी Kanpur की सीट से किसे प्रत्याशी बनाएगा...? सत्यदेव पचौरी या फिर सतीश महाना...? हालांकि सतीश महाना की तरफ से अभी तक कोई दावेदारी खुलकर सामने नहीं आई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि Congress ने वजीर अजय कपूर को उम्मींदवार घोषित किया तो फिर BJP किसे अपना बादशाह बनाएगी।...? BJP ने यदि सतीश महाना को प्रत्याशी बनाया तो चुनावी दंगलदेखने लायक होगा। वजह ये है कि सतीश महाना और अजय कपूर की आपस में रिश्तेदारी है। शायद यही वजह है कि BJP ने कांटे से कांटा निकालने की रणनीति बनानी अभी से Start कर दी है। देखना अब ये दिलचस्प होगा कि बीजेपी कानपुर सीट पर सत्यदेव पचौरी को रिपीट करती है या फिर सर्वे को गंभीरता से लेते हुए सतीश महाना को प्रत्याशी बनाती है। या फिर दो पुराने दिग्गजों की नूराकुश्ती में कोई तीसरा बाजी मारता है...? क्यों कि कानपुर सीट से प्रबल दावेदारी BJP के एक चर्चित विधायक भी कर रहे हैं।  

कभी Congress का मजबूत किला था Kanpur

Kanpur कभी कांग्रेस का मजबूत किला हुआ करता था लेकिन वर्ष 89 के लोकसभा चुनाव में कम्युनिस्ट नेत्री सुभाषिनी अली ने कांग्रेस के इस किले में सेंध लगा दी। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद केसरिया भगवा लहराया और कैप्टन पंडित जगतवीर सिंह द्रोण कई बार चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे। समय ने एक बार फिर करवट बदली और कांग्रेस ने पूर्व मेयर श्रीप्रकाश जायसवाल को टिकट दे दिया। श्रीप्रकाश जायसवाल ने बीजेपी से यह सीट छीनकर वापस कांग्रेस को दे दी। 2009 में श्रीप्रकाश जायसवाल जब चुनाव जीतकर संसद पहुंचे तो कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें कोयला मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया।

Modi लहर में फिर हार गई Congress

2014 की मोदी लहर में BJP ने इस सीट से वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को चुनाव के मैदान में उतारा। मुरली मनोहर जोशी ब्राम्हण बाहुल्य कानपुर सीट से भारी वोटों के अंतराल से जीते। श्रीप्रकाश जायसवाल चुनाव हार गए। 2019 में BJP ने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के मंत्री और गोविंदनगर से विधायक सत्यदेव पचौरी को प्रत्याशी बनाया। सत्यदेव पचौरी ने 2019 के चुनाव में श्रीप्रकाश जायसवाल को भारी मतों से हराया।

तीन विधान सभा में हैं अजय कपूर का तगड़ा Network

अजय कपूर की प्रत्याशिता के पीछे कांग्रेस हाईकमान ने कई तरह के फीडबैक लिया हैं। राष्ट्रीय सचिव बनने के बाद बिहार का प्रभार मिला तो अजय कपूर ने बेहद संजीदा ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया। साथ ही साथ वह कानपुर में भी Active रहे। तीन बार विधायक रहे अजय कपूर का Network शहर की तीन विधान सभाओं में ठीक है। किदवईनगर जहां से वह लगातार दो बार हारे हैं। गोविंदनगर और कैंट विधान सभा। पंजाबी होने के साथ-साथ व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग भी उनके परिवार से जुड़ा है। नब्बे के दशक में अजय कपूर ने सभासद का चुनाव जीतकर अपने सक्रिय राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की थी। उसके बाद वह गोविंदनगर सीट पर लगातार भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री बालचंद्र मिश्रा से कई बार चुनाव हारे। आखिर में अजय कपूर को जीत मिली और उन्होंने बालचंद्र मिश्रा को चुनाव में हरा दिया।

 

  • मेडिकल स्टोर संचालक से मारपीट का आरोपी है Ankit Shukla
  • पार्षद पति समेत पांच आरोपितों पर घोषित था 25-25 हजार का इनाम
  • BJP के तमाम कार्यकर्ता और नेता भी रहे सरेंडर के समय मौजूद
  • पुलिस ने आरोपी Ankit Shukla को कस्टडी में लेकर किया Arrest

Yogesh Tripathi

केंद्र और सूबे की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद पति Ankit Shukla ने अंतत: पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। Ankit Shukla ने शुक्रवार दोपहर ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (JCP) आनंद प्रकाश तिवारी के Office में सरेंडर किया। मेडिकल स्टोर संचालक अमोलदीप भाटिया के साथ पांच दिन पहले हुई मारपीट की घटना में Ankit Shukla प्रमुख आरोपी है। FIR रजिस्टर्ड होने के बाद से Ankit Shukla फरार थे। पुलिस ने सभी पांच आरोपितों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। सरेंडर के समय अंकित शुक्ला की पत्नी पार्षद सौम्या शुक्ला भी तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थीं। कोतवाली पुलिस ने अंकित को कस्टडी में लेने के बाद Arrest कर लिया। पांच दिन पहले रोड रेज के मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अमोलदीप भाटिया की रायपुरवा थाना एरिया में पिटाई हुई थी। जिसका आरोप अंकित शुक्ला और उसके साथियों पर है। इस प्रकरण के बाद BJP के दो दिग्गज माननीयोंकी रार अब लोगों के बीच चर्चा का विषय है। सियासत के जानकारों की मानें तो दोनों दिग्गजों के बीच शीतयुद्धकाफी पुराना है।

शुक्रवार दोपहर आरोपी Ankit Shukla अपने कुछ साथियों के साथ काले रंग की स्कार्पियो गाड़ी पर बैठकर सरेंडर करने ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (JCP) आनंद प्रकाश तिवारी के Office पहुंचे। कार्यालय में उन्होंने JCP के सामने खुद को बेगुनाह बताया लेकिन JCP ने वहां मौजूद फोर्स को तत्काल हिरासत में लेने का आदेश दे दिया। पुलिस कर्मियों ने अफसर के आदेश का पालन करते हुए फौरन Ankit Shukla को हिरासत में ले लिया।

उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद दवा कारोबारी, सिख समाज के लोग लामबंद हो गए थे। BJP के एक बड़े माननीय का गुट भी पीड़ित कारोबारी अमोलदीप के समर्थन में हाईकमान को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करने लगा। जब कि Ankit Shukla के समर्थन में कुछ ब्राम्हण संगठन, और भाजपा के दूसरे माननीय के गुट के लोग लामबंद थे। दूसरा गुट चाहता था कि किसी तरह से क्रॉस FIR हो जाये तो केस हल्का हो जायेगा और बाद में समझौता भी होगा। लेकिन भाजपा के दूसरे गुट के लोग पहले दिन से ही लामबंद थे। BJP हाईकमान के साथ-साथ मुख्यमंत्री को भी लगातार update किया जा रहा था।

 


दो दिन पहले अंकित शुक्ला के समर्थन में सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नर कार्यालय जा पहुंचे। वहां पुलिस कमिश्नर के साथ काफी देर तक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बहस भी की लेकिन पुलिस कमिश्नर (CP) ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि जो दोषी हैं उनकी हर हाल में गिरफ्तारी होगी। इसके बाद अंकित के समर्थन में पहुंचे बीजेपी के तमाम नेता और कार्यकर्ता बैकफुट पर आ गए।

सूत्रों की मानें तो Lucknow में बैठे अफसरों को जब पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बीजेपी नेताओं के पहुंचने और बहस करने की खबर मिली तो सभी ने पुलिस को फ्री हैंड कर कर दिया। बताया जा रहा है कि गुरुवार को पुलिस के जरिए Ankit Shukla के करीबी लोगों को मैसेज भेजवा दिया गया कि यदि सरेंडर नहीं करेंगे तो मकान पर बुलडजोर गरजेगा। इसके बाद ही Ankit Shukla को सरेंडर कराने के लिए भाजपा के दूसरे गुट ने तैयारी शुरु कर दी।

खुफिया और पुलिस को भनक तक नहीं

Ankit Shukla और उसके साथियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। सभी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। इंटेलीजेंस भी पल-पल का update लखनऊ में बैठे अफसरों को दे रहा था लेकिन जब शुक्रवार दोपहर Ankit Shukla काले रंग की स्कार्पियो से सरेंडर करने पहुंचे तो किसी को भनक तक नहीं लगी। हां मीडिया को Ankit Shukla के सरेंडर करने की खबर काफी पहले ही मिल चुकी थी। यही वजह रही कि तमाम टीवी चैनल के पत्रकार और कैमरामैन पहले से ही मौजूद थे।

महाना गुट के करीबी है Ankit Shukla

मेडिकल स्टोर संचालक के साथ बर्बरतापूर्वक हुई पिटाई के आरोपी पार्षद पति Ankit Shukla को विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना का करीबी बताया जाता है। भाजपा नेताओं की मानें तो करीबी होने की वजह से ही Ankit Shukla की पत्नी सौम्या को दूसरे क्षेत्र से पार्षदी की टिकट दी गई थी। चर्चा ये भी है कि महाना गुट ने सौम्या शुक्ला को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। उसकी वजह ये थी कि सामने DAV College के पूर्व अध्यक्ष आलोक पांडेय (अक्खड़) की पत्नी चुनाव लड़ रही थी। यही वजह है कि इस चुनाव को प्रतिष्ठा के तौर पर लिया गया था। हालांकि इस पूरे प्रकरण में सतीश महाना की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया बीते पांच दिनों में नहीं आई। महाना के करीबी लोग CP Office से लेकर हर जगह अवश्य दिखे। वहीं दूसरी तरफ सांसद सत्यदेव पचौरी इस पूरे प्रकरण में खुलकर पीड़ित पक्ष के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। उन्होंने आरोपी पार्षद पति और उसके साथियों को गिरफ्तार करने की मांग करने के साथ-साथ पार्टी से बाहर निकालने के लिए हाईकमान तक लिखापढ़ी भी की। यह बात खुद सत्यदेव पचौरी ने इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ बातचीत में कही है।