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STF और हापुड़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में धरा गया

UP के अलग-अलग जनपदों में दर्ज हैं दो दर्जन से अधिक मुकदमें

गिरोह के तमाम सदस्य पहले से ही जेल में हैं बंद

शातिर लुटेरे रोहित के पीछे करीब पांच महीने से लगी थी STF

Yogesh Tripathi


Uttar Pradesh Police की नाक में लंबे समय से दम करने वाले एक लाख रुपए के इनामिया बदमाश रोहित को STF  ने हापुड़ में Arrest कर लिया। शातिर लुटेरे रोहित की तलाश में STF की टीमें पिछले पांच महीने से लगी थीं लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी। सोमवार को STF की टीम ने हापुड़ जनपद की पिलखुआ थाना पुलिस की मदद से लुटेरे को Arrest कर लिया। शातिर लुटेरे पर गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर,  गाजियाबाद, अलीगढ़ समेत कई जनपदों में मुकदमें पंजीकृत हैं। गिरोह के तमाम बदमाशों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।

वांछित और इनामिया बदमाशों की धरपकड़ के लिए स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) समय-समय पर विशेष अभियान चलाती है। एडीशनल एसपी (STF) के निर्देश पर STF इंस्पेक्टर घनश्याम यादव की अगुवाई में एक टीम शातिर लुटेरे और एक लाख के इनामिया रोहित को दबोचने के लिए बनाई गई। जिसमें इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार त्रिपाठी, इंस्पेक्टर ओम शंकर शुक्ला, हेड कांस्टेबल सरोज कुमार अवस्थी, गिरिजा शंकर यादव, दिलीप कुमार, कुलदीप सिंह, राजेश पाल, शिव भोला शुक्ला, मुकेश प्रजापति चालक दल के सुरेश सिंह, रईस अहमद और जैल यादव शामिल थे।

STF की इस भारी भरकम टीम ने हापुड़ जनपद में कुछ दिन पहले डेरा डाल दिया। सोमवार को जरिए मुखबिर सूचना मिली कि एक लाख का इनामी बदमाश रोहित कुमार पिलखुआ थाना एरिया के बंद फाटक के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही STF की टीम ने बंद फाटक के पास घेराबंदी की। टीम को पास आता देख लुटेरा रोहित भागने लगा तो टीम ने हल्का बल प्रयोग कर उसे दबोच लिया।

STF इंस्पेक्टर घनश्याम यादव ने लुटेरे रोहित से पूछताछ की तो उसने तमाम चौंकाने वाली जानकारियां टीम को दी। रोहित ने बताया कि उसने Uttar Pradesh के तमाम जिलों में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया है। कुच वारदातों की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हुई। सबसे अधिक वारदातें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, अलीगढ़ और बुलंदशहर में की है। बुलंदशहर की पुलिस ने सबसे पहले 2012 में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी। उसके बाद दो बार और बुलंदशहर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की। 2025 में गाजियाबाद की मुराद नगर पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की।

पूछताछ में लुटेरे रोहित कुमार ने इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को बताया कि 9 जून 2025 को उसने अपने साथी छोटे, कुलदीप, संजय, सचिन के साथ मिलकर थाना पिलखुआ जनपद हापुड़ में लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। सभी ने मिलकर ईको कार में सवार पांच लोगों के साथ मारपीट कर लूटपाट की। वारदात के समय एक व्यक्ति की अंगुली में गंभीर चोट पहुंचाकर उसकी अंगूठी और करीब 56 हजार रुपए के नकदी लूट ली थी। युवकों से एटीएम का पासवर्ड पूछकर 10 हजार रुपए भी निकाल लिए थे। गिरफ्तारी के बाद STF ने लुटेरे को हापुड़ पुलिस को सौंप दिया गया।

 

  • संदीप पासी उर्फ इमरान उर्फ इब्राहिम पर घोषित था 50 हजार का इनाम
  • 2017 में Kanpur Dehat पुलिस ने की थी गैंगस्टर की कार्रवाई
  • शातिर ने फतेहपुर के बिन्दकी में ले रक्खी थी पनाह
  • फतेहपुर में शहीदुनिशा नाम की मुस्लिम महिला से किया निकाह


Yogesh Tripathi

उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) ने लंबे समय से गैंगस्टर एक्ट के मामले में फरार चल रहे शातिर बदमाश को Arrest कर लिया। संदीप पासी उर्फ इमरान उर्फ इब्राहिम नाम के इस बदमाश पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पूछताछ में शातिर ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए उसने अपना नाम इरफान रख लिया और फतेहपुर जनपद की बिंदकी तहसील में पनाह ले ली। यहां पर उसने शदीदुनिशा नाम की मुस्लिम महिला से निकाह भी कर लिया। पुलिस की निगाह से बचने के लिए गैंगस्टर सब्जी की बिक्री भी करने लगा। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से न्यायिक अभिरक्षा में कोर्ट ने जेल भेज दिया।


ADG (Zone), Kanpur आलोक सिंह, IG (Range), Kanpur जोगेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में SP (Kanpur Dehat) अरविन्द मिश्र के के निर्देश पर जनपद में अपराधों की रोकथाम, खुलासे, वांछित एंव पुरस्कार घोषित अपराधियों की Arresting के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में थाना गजनेर पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 128/2017 धारा 3(1)  UP Gangster (Act)) एक्ट में वांछित अभियुक्त सन्दीप पासी उर्फ इब्राहिम उर्फ इमरान पुत्र विनोद कुमार उर्फ टिकई मूल पता खजूर गाँव थाना लालगंज जनपद रायबरेली हाल पता ग्राम दरवेशाबाद थाना बिन्दकी जनपद फतेहपुर गिरफ्तारी न हो पाने के कारण IG (Range) Kanpur ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया। शनिवार को STF (Inspector) घनश्याम यादव की अगुवाई में टीम ने गजनेर पुलिस की मदद से मुखबिर की सूचना पर संदीप पासी उर्फ इब्राहिम उर्फ इमरान को Kanpur Dehat के गजनेर थाना एरिया स्थित जिठरौली तिराहे पर बने प्रतीक्षालय के पास घेराबंदी के बाद धर दबोचा।


STF की पूछताछ में गैंगस्टर सन्दीप पासी उर्फ इब्राहिम ने बताया कि वो अपने साथी सुशील कुमार गुप्ता पुत्र बरातीलाल निवासी 101/325 S-ब्लाक किदवई नगर कानपुर नगर, अल्ताफ पुत्र रामस्वरूप निवासी मल्लावां थाना बड्डूपुर जनपद बाराबंकी, छोटे गौतम उर्फ नन्द किशोर पुत्र रामऔतार कुरील निवासी बैरी सवाई थाना शिवली जनपद कानपुर देहात और  सुशील गौतम पुत्र बाबूराम निवासी चौराई थाना बिधनू जनपद कानपुर नगर आदि के साथ लंबे समय से शराब की तस्करी करता था। नौ साल पहले सभी को पुलिस ने Arrest कर जेल भेजा था। 


संदीप पासी के मुताबिक जेल से जमानत पर छूटने के बाद जब उसे पता चला कि पुलिस ने उस पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की है तो पुलिस से बचने के लिए उसने अंडरग्राउंडहोने का ब्लूप्रिंट बनाया। मूल पता ग्राम खजूरगाँव से निकल कर भिन्न-भिन्न स्थानों पर संदीप पुलिस से छुपता रहा। बकौल संदीप करीब 8 साल पहले फतेहपुर जनपद की तहसील बिंदकी के ग्राम दरवेशाबाद शहीदुनिशा नाम की महिला से निकाह कर लिया और पहचान छुपाने की नियत से अपना नाम इब्राहिम उर्फ इमरान रख लिया।


इस बीच संदीप पासी सब्जी बेचने का काम करने लगा ताकि लोगों और पुलिस की निगाह से बच सके। STF (Inspector) घनश्याम यादव के मुताबिक शनिवार को संदीप पासी उर्फ इब्राहिम अपने गिरोह के सदस्यों से मिलने के लिए गजनेर पहुंचा था। STF की टीम को मुखबिर के जरिए उसके मौजूदगी की खबर मिली तो गजनेर पुलिस की मदद से टीम ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। टीम को देख जब उसने भागने की कोशिश की तो घेराबंदी कर दबोच लिया गया।

गैंगस्टर को Arrest करने वाली टीम में STF (Inspector) घनश्याम यादव, Inspector आशुतोष कुमार त्रिपाठी, गजनेर थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार यादव, SSI यतेंद्र कुमार यादव, SI राजेश कुमार वर्मा, HC कुलदीप सिंह, दिलीप सिंह, शिवभोला शुक्ला, राजेश कुमार, कांस्टेबल अंकुर अहलावत और STF टीम के चालक रईस भी शामिल रहे।

गैंगस्टर संदीप पासी उर्फ इब्राहिम का अपराधिक इतिहास

1. मु.अ.सं. 128/2017 धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट थाना गजनेर जनपद कानपुर देहात।

2. मु.अ.सं. 334/2016 धारा 420/467/468/471/272/273 भा..वि. 60(2)/72 आबकारी अधिनियम व 63 कापी.एक्ट थाना गजनेर जनपद कानपुर देहात।

3. मु.अ.सं. 293/2019 धारा 174-A भा.द.वि. थाना गजनेर जनपद कानपुर देहात

-2000 बैच के PPS Officer थे R.K Singh

-ब्रेन हैमरेज की वजह से 47 वर्ष की आयु में निधन

-STF मुख्यालय पर साथी कर्मचारियों ने दी श्रद्धांजलि


Yogesh Tripathi

उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) राजेश कुमार सिंह का Sunday की सुबह निधन हो गया। 47 वर्ष के R.K Singh 2000 बैच के PPS Officer थे। उनके निधन की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई। राजधानी Lucknow स्थित STF के मुख्यालय में श्रीसिंह को सम्मान पूर्वक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 


इस दौरान STF के तमाम अफसर और राजेश कुमार सिंह के अधीनस्थ कर्मचारी पूरे समय मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से अपने Tiger को श्रद्धांजलि देकर अंतिम विदाई दी। राजेश कुमार सिंह के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार अमेठी स्थित उनके पैतृक गृह जनपद में किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राजेश कुमार सिंह की तैनाती Lucknow में थी। उनकी अगुवाई में STF Team कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन की गुत्थी को सुलझा चुकी थी।

 

-Arresting के बाद 24 घंटे में तीन मुकदमें दर्ज

-गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करने की तैयारी में Kanpur Police

-हमदर्दों और पनाहगारों का ब्यौरा जुटा रही है Police

-विक्की पर दर्ज तीन मुकदमों में दो STF ने रजिस्टर्ड कराए

 


Yogesh Tripathi

शातिर बदमाश Vicky Soni स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) के चक्रव्यूह में फंसने के बाद Arrest हो चुका है। गिरफ्तारी के बाद 24 घंटे के अंदर उसके खिलाफ तीन मुकदमें रजिस्टर्ड किए गए हैं। दो मुकदमों में वादी STF (Kanpur Unit) के प्रभारी हैं। जबकि एक FIR रोहित सिंह मर्डर केस के वादी रीतेश सिंह हैं। मुठभेड़ के दौरान भागते समय घायल Vicky Soni के हाथ और पैर में चिकित्सकों ने प्लास्टर चढ़ा दिया है। उसे बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।

Kanpur Police ने विक्की सोनी के हमदर्दों और पनाहगारों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरु कर दी है। SSP/DIG डॉक्टर प्रीतिंदर सिंह ने गिरोह का ब्यौरा तलब किया है। संकेत साफ है कि जल्द से जल्द विक्की सोनी और उसके गुर्गों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जा सके। 

Vicky Soni के खिलाफ पहली FIR रीतेश सिंह ने दर्ज कराई है। रीतेश सिंह अपने भाई रोहित सिंह भदौरिया की हत्या के वादी हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में रीतेश सिंह का आरोप है कि 29 अक्तूबर 2015 को विक्की सोनी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसके भाई की हत्या कर दी। 2019 में वह कोर्ट से पेशी के दौरान फरार हो गया। 

तब से वह मुकदमें में पैरवी न करने के लिए दबाव बनाकर धमकी दे रहा था। रीतेश के मुताबिक मंगलवार की दोपहर वह पनकी स्थित हनुमान मंदिर दर्शन के लिए गए थे। भाटिया तिराहे के पास विक्की सोनी ने उसे रोक लिया और पिस्टल अड़ाकर मारपीट भी की। विक्की के साथ एक युवती भी मौजूद थी। युवती विक्की सोनी की गर्लफ्रेंड बताई जा रही है। पुलिस ने विक्की की गर्लफ्रेंड के खिलाफ भी मुकदमा पंजीकृत किया है।

Vicky Soni के खिलाफ दूसरी FIR खुद STF के इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार ने दर्ज कराई है। ये मुकदमा पुलिस मुजहमत का है। तहरीर के मुताबिक सूचना पर STF Team ने विक्की और उसके गुर्गों की लोकेशन पनकी में मिलने पर घेराबंदी की। रात करीब नौ बजे घेराबंदी होने पर विक्की और उसके साथियों ने फायरिंग शुरु कर दी। क्रॉस फायरिंग पर विक्की और उसके गुर्गे भागने लगे। विक्की के साथ मौजूद लोग भाग निकलने में कामयाब रहे लेकिन विक्की भागते समय नाले में गिरकर घायल हो गया।

Vicky Soni के खिलाफ तीसरा मुकदमा भी STF ने ही दर्ज कराया है। यह मुकदमा आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। मुठभेड़ के बाद Arrest विक्की सोनी के पास से पुलिस ने .32 बोर की विदेशी पिस्टल और 6 कारतूस बरामद किए।

वर्ष 15 में की हत्या, 19 में फरार, 21 में Arrest

STF के चक्रव्यूह में फंसकर Arrest हुए विक्की सोनी से लंबी पूछताछ हुई है। विक्की सोनी ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसने वर्ष 2015 में रोहित सिंह भदौरिया पर गोलियों की बौंछार कर फिल्मी स्टाइल में हत्या कर सनसनी फैला दी थी। हत्या नौबस्ता के बंबा स्थित हाईटेंशन लाइन के पास एक ढाबे पर हुई थी। जेल में उसकी एक गैंगस्टर से तनातनी हुई। 

जिसके बाद उक्त गैंगस्टर ने उसे पीट दिया था। इस लिए उसने जेल से भागने की योजना बना ली। कोर्ट में पेशी के बाद वह रामजी मिश्रा, दीपक दिवाकर, अमित सिंह और अंकुर सिंह आदि की मदद से भाग निकला। कोर्ट से भागने के बाद दीपक उसे बाइक पर बैठाकर Kannauj जनपद लेकर पहुंचा था। Kannauj से वह Delhi गया। दिल्ली में अंकुर के एक करीबी के घर पर वह कुछ दिन ठहरा।

पुलिस को जब दिल्ली की लोकेशन मिली तो वह दीपक दिवाकर के साथ मुंबई भाग निकला था। मुंबई में उसने सीबू के घर को अपन महफूज ठिकाना बनाया। कुछ महीना पहले ही वह यूपी वापस आ गया। कानपुर के पड़ोसी जनपद फतेहपुर के जहानाबाद एरिया में भी वह लंबे समय तक फरारी काटता रहा। STF का दावा है कि Kanpur में रहकर विक्की सोनी लगातार रंगदारी वसूल रहा था। करीब आधा दर्जन लोग विक्की सोनी की लगातार मदद कर रहे थे।

गर्लफ्रेंड के चक्कर में सलाखों के पीछे पहुंचा Vicky

सूत्रों की मानें तो फरार होने के बाद Vicky Soni मोबाइल का प्रयोग नहीं कर रहा था। जिसकी वजह से उसकी सटीक लोकेशन बिल्कुल भी ट्रेस नहीं हो पा रही थी। फरारी के दौरान उसने मोबाइल का प्रयोग बेहद कम किया। वह अक्सर लोगों से मोबाइल मांगकर ही बात करता था। डेढ़ साल तक फरारी काटने के दौरान विक्की करीब तीन दर्जन से अधिक बार कानपुर आया लेकिन उसकी लोकेशन नहीं मिली। एक-दो बार मिली भी तो वह निकल चुका था।

हाल में ही विक्की के सिर पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद तो STF Team हाथ धोकर उसके पीछे पड़ गई थी। किसी तरह विक्की के गर्लफ्रेंड का मोबाइल नंबर मिला तो उसने सर्विलांस पर लेने के साथ लिसनिंग पर भी लगा दिया गया। शायद यही वजह रही कि शातिर दिमाग विक्की सोनी STF के चक्रव्यूह में फंस गया। सूत्रों की मानें तो पुलिस टीम अब तक विक्की के करीब दर्जन भर से अधिक मददगारों को चिन्हित कर चुकी है। सर्विलांस के जरिए कई की तो कुंडली भी बाहर आ चुकी है। माना जा रहा है कि जल्द से जल्द इन लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।


-Encounter के दौरान घायल Vicky Soni को LLR Hospital ले जाया गया

-एक लाख का इनामिया बदमाश है Vicky Soni

-डेढ़ साल पहले पेशी के दौरान Court से हुआ था फरार

-Kanpur के पनकी थाना एरिया में घेराबंदी के बाद STF को मिली कामयाबी


Yogesh Tripathi

एक लाख रुपए के इनामी Most Wanted बदमाश Vicky Soni को STF ने Arrest कर लिया। मंगलवार देर रात्रि Kanpur के Panki थाना एरिया में मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ और बदमाशों की तरफ करीब 10 राउंड से अधिक फायरिंग हुई। भागते समय विक्की नाले में गिर गया। विक्की के साथी मौके से भाग निकले। STF का कहना है कि विक्की के पनकी में मौजूद होने की पुख्ता लोकेशन मिलने पर Team ने घेराबंदी की। 

STF Team के घेरने पर के बाद विक्की सोनी को सरेंडर के लिए आवाज दी लेकिन Vicky Soni और उसके साथी ने फायरिंग शुरु कर दी। जवाब में STF ने क्रॉस फायरिंग की। घायल विक्की को उपचार के लिए LLR Hospital में भर्ती कराया गया है।

LLR Hospital में भर्ती घायल Vicky Soni

डेढ़ दशक पहले हुई थी Vicky के पिता की हत्या

Vicky Soni के पिता जगन्नाथ सोनी की करीब डेढ़ दशक पहले लूटपाट के बाद Naubasta स्थित घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जगन्नाथ सोनी दुकान से घर जा रहे थे। बदमाशों ने हत्या करने के बाद लाखों की ज्वैलरी भी लूट ली थी। 

कोतवाली पुलिस ने की थी कुर्की

Kanpur की कोतवाली पुलिस ने कुछ महीना पहले ही विक्की के घर की कुर्की की थी। विक्की के कमरे में पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लगा था। बिस्तर और कपड़ों को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने विक्की के कमरे में सील लगा दी थी। खास बात ये है कि कई बार STF के चंगुल में आते-आते विक्की सोनी बच निकला था। विक्की की लोकेशन कभी मध्य प्रदेश के इंदौर तो कभी मुंबई मिली। एक बार वह Kanpur में गिरफ्तार होते-होते बचा था। उल्लेखनीय है कि विक्की के फरार होने के बाद कोतवाली में उसके खिलाफ पुलिस ने FIR रजिस्टर्ड की थी।

हत्या के मामले में आरोपी है Vicky Soni

Vicky Soni के खिलाफ करीब साढ़े पांच साल पहले नौबस्ता थाने में मुकदम अपराध संख्या 860/15 पर IPC की धारा 147/148/149/302 और 3/25 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। नौबस्ता के बंबा स्थित हाईटेंशन लाइन के पास रोहित सिंह भदौरिया नाम के युवक की हत्या हुई थी। जिसमें पुलिस ने तहरीर के आधार पर विक्की समेत कई लोगों के खिलाफ FIR रजिस्टर्ड की थी। ये हत्या बेहद फिल्मी स्टाइल में की गई थी। 

ADJ Court से फरार हुआ था विक्की सोनी

3 अक्तूबर 2019 को आरक्षी जितेंद्र मिश्रा और जितेंद्र कुमार सेशन हवालात से विक्की सोनी को लेकर एक अपर जिला जज (ADJ) की कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे थे। पेशी के दौरान परमट निवासी एक अन्य अपराधी की दूसरी कोर्ट में पेशी थी। इस बीच मौका पाकर विक्की सोनी दोनों आरक्षियों को गच्चा देकर हथकड़ी समेत भाग निकला था। तत्कालीन SSP ने दोनों आरक्षियों को सस्पेंड कर दिया था।  

भाई समेत कई के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR

Vicky Soni के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी उसके मददगारों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। पुलिस ने विक्की के भाई दीपचंद्र सोनी, चचेरे भाई सुरेंद्र, साथी रोहित और रामजी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस सूत्रों की मानें तो फरारी के दौरान विक्की ने नौबस्ता के प्रापर्टी डीलर महेश यादव से फोन पर 25 लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी थी। 

पनाहगारों और हमदर्दों पर नजर टेढ़ी कर सकती है STF

 सूत्रों की मानें तो पुलिस और STF फरारी के दौरान विक्की सोनी के पनाहगारऔर हमदर्द रहे लोगों पर भी नजरें टेढ़ी कर सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि विक्की सोनी फरारी के दौरान किन-किन अपराधियों के संपर्क में रहा था। उल्लेखनी है कि अभी पांच महीना पहले सर्विलांस सेल को विक्की सोनी के किदवईनगर स्थित लाल कालोनी निवासी एक बदमाश के कनेक्शन की भनक लगी थी। उसी के बाद से माना जा रहा था कि जल्द ही विक्की सोनी की गिरफ्तारी हो जाएगी लेकिन विक्की बार-बार अपने ठिकानों को जल्दी-जल्दी बदलता रहा है। विक्की के साथ मौजूद रहे रामजी मिश्रा की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। 

 

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