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  • पिछले तीन सप्ताह से वेंटीलेटर पर थे त्रिपुरारी पांडेय
  • आंतों में संक्रमण के बाद Lucknow के प्राइवेट अस्पताल में थे भर्ती
  • लीवर और किडनी में भी हो गया था इन्फेक्शन
  • त्रिपुरारी पांडेय के निधन की खबर से शोक की लहर




Yogesh Tripathi

चर्चित Dy.SP त्रिपुरारी पांडेय का लंबी बीमारी के बाद Monday को राजधानी Lucknow के एक प्राइवेट अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई। अपने अजब-गजब कारनामों और समाज सेवा के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले त्रिपुरारी पांडेय ने UP Police की नौकरी का एक बड़ा हिस्सा कानपुर और आसपास के जनपदों में ही पूरा किया। वर्तमान समय में उनकी तैनाती जालौन के PTS (पुलिस ट्रेनिंग सेंटर) में थी। 2022 में Kanpur में हुए दंगों के बाद उनकी कथित भूमिका को लेकर एक शिकायत शासनस्तर पर हुई थी। जिसको संज्ञान में लेकर DGP ने त्रिपुरारी पांडेय का तबादला कर दिया था।



प्रांतीय पुलिस सर्विस (PPS) अधिकारी त्रिपुरारी कुछ महीने से बीमार थे। चिकित्सकों ने उनके आंतों में संक्रमण बताया था। करीब एक महीना पहले उन्होंने लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में आंतों की सर्जरी करवाई थी। बताया जा रहा है कि सर्जरी के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। www.redeyestimes.com (News Portal) को मिली जानकारी के मुताबिक त्रिपुरारी पांडेय करीब दो हफ्ते से वेंटीलेटर पर थे। चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। Monday को त्रिपुरारी पांडेय ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पुलिस जगत में शोक की लहर दौड़ गई। Social Media पर उनके करीबी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

1988 में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे त्रिपुरारी पांडेय


त्रिपुरारी पांडेय 1988 बैच के सिपाही थे। करीब 10 साल बाद 1998 में पहला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला तो वह हेड कांस्टेबल बने। दरअसल त्रिपुरारी ने उस समय Kanpur के एक बड़े इनामिया बदमाश लाला हड्डी (गोदाम) को 80 फिट रोड के पास दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल में हुई नूराकुश्ती के बाद Arrest कर लिया था। 2002 में परीक्षा पास करने के बाद त्रिपुरारी पांडेय सब इंस्पेक्टर (SI) बन गए। 2005 में दोबारा ऑफ टर्न प्रमोशन मिला और त्रिपुरारी पांडेय के कंधे पर दो गोल्डन स्टार की जगह तीन स्टार हो गए। मतबल कि वह इंस्पेक्टर बन गए। तय समय बाद डीपीसी हुई और त्रिपुरारी पांडेय Dy.SP बने।

  चंदौली में जब सीओ थे तो पटेल समाज की गरीब लड़की का विवाह अपने पैसों से करवाया था।

त्रिपुरारी पांडेय ने अपने जीवन में करीब 35 वर्ष तक UP Police की नौकरी की। इसमें वह सिपाही के पद से डिप्टी एसपी के पद तक पहुंचे। जिसमें करीब 25 साल वह कानपुर और आसपास के जनपदों में ही तैनात रहे। त्रिपुरारी पांडेय को करीब से जानने वाले लोगों की मानें तो पांडेय जी का सिस्टमबेहद टाइट था। DGP रैंक के अधिकारी त्रिपुरारी पांडेय को जानते थे। यही वजह थी कि वह हमेशा मनचाही पोस्टिंग पाते रहे। एक बार आगरा जनपद में तैनात रहे थे। कुछ समय के लिए वाराणसी, लखनऊ, मुगलसराय जीआरपी में भी त्रिपुरारी पांडेय तैनात रहे। Kanpur (GRP) में भी त्रिपुरारी पांडेय ने लंबा वक्त गुजारा। तीन साल पहले लखनऊ कमिश्नरी में त्रिपुरारी का तबादला हुआ था लेकिन अपने सिस्टमके बल पर त्रिपुरारी पांडेय कुछ दिन में ही जुगाड़ लगाकर कानपुर वापस आ गए। त्रिपुरारी पांडेय के साथ सिपाही रहे लोग अभी भी HCP और SI के पद पर ही कार्यरत हैं। त्रिपुरारी पांडेय किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते थे। उनकी आंखों में लगे काजल की चर्चा हर किसी पत्रकार और पुलिस वाले की जुबान पर रहती थी।

समाजसेवा में भी आगे रहते थे त्रिपुरारी पांडेय

त्रिपुरारी पांडेय समाज सेवा में आगे रहते थे। अपनी तैनाती के दौरान त्रिपुरारी पांडेय ने एक गरीब महिला को ई-रिक्शा खरीदकर दिया था। इतना ही नहीं कानपुर के चर्चित संजीत यादव अपहरण और मर्डर केस के बाद त्रिपुरारी पांडेय संजीत यादव की बहन की पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे। वह संजीत की बहन से राखी भी बंधवाते थे। कई बेटियों की शादी और कन्यादान भी त्रिपुरारी पांडेय ने किया था। उनके सामाजिक सरोकार से जुड़े तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर आज भी वॉयरल हैं।

विवादों से भी था त्रिपुरारी पांडेय का गहरा नाता

अपने तगड़े सिस्टम की वजह से त्रिपुरारी पांडेय की तैनाती कानपुर और आसपास के जनपदों में ही रही। कई कथित एनकाउंटर भी किए। नई सड़क पर हुए दंगों की विवेचना के खेल में पांडेय जी फंस गए। सिर्फ फंसे ही नहीं बल्कि उसी में नप भी गए। रातों-रात उनका ट्रांसफर (जालौन पुलिस ट्रेनिंग सेंटर) कर दिया गया। नई सड़क बवाल के मामले में गठित SIT में त्रिपुरारी पांडेय शामिल थे। वह मुख्य विवेचक थे। सूत्रों के मुताबिक इसमें कई बड़े खेल पांडेय जी एक पार्षद के जरिए किए। सूचनाएं लीक करना और कुछ नामों को जोड़ने व घटाने की बात सामने आई। इसके अलावा कई और गंभीर मसलों की शिकायतें शासन को पहुंची। DGP ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उनका तबादला कर दिया। कानपुर पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया गया कि तुरंत Dy.SP त्रिपुरारी पांडेय को रिलीव करें।

जब बर्रा-6 में त्रिपुरारी पांडेय ने दी दबिश

वर्ष 2004-05 में सपा की सरकार थी। सूबे के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे। Kanpur में चर्चित IPS Officer रामेंद्र विक्रम सिंह की तैनाती हुई। रामेंद्र विक्रम सिंह की तैनाती से कुछ पुलिस वालों की किस्म का पिटारा खुल गया। उसमें एक त्रिपुरारी पांडेय भी थे। त्रिपुरारी पांडेय को कोहना थाने में बतौर थानेदार पोस्टिंग मिली। पांडेय जी की तैनाती कोहना थाने में थी लेकिन उनके गुप्तचर” (मुखबिर) Kanpur के South एरिया में सक्रिय रहते थे। 

सटीक लोकेशन और सूचना के बाद एक रात पांडेय जी कोहना थाने की फोर्स लेकर बर्रा भाग-6 एरिया में दबिश देने पहुंच गए। यहां जमीन के नीचे एक चर्चित शुक्ला जी ने चोरी के पेट्रोल और डीजल को भरने के लिए टैंक बना रक्खा था। पांडेय जी ने लंबे समय से चल रहे शुक्ला जीके तेल के खेल का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। खास बात ये रही कि इसकी भनक न तो बर्रा थानेदार को लगी थी और न ही क्षेत्राधिकारी गोविंदनगर को खबर मिली। इसके अलावा शहर में पहली बार RDX पकड़ने का काम भी त्रिपुरारी पांडेय ने ही किया था। थाना नौबस्ता में उन्होंने खटारा कार के अंदर से RDX बरामद करने का तब दावा किया था। हालांकि रिपोर्ट में क्या निकला...? ये किसी को नहीं मालुम।


सांप भी मार दिया और लाठी भी नहीं टूटी

त्रिपुरारी पांडेय के किस्से और कहानियां भी कम नहीं है। ताजा किस्सा कोरोना के समय का है। पांडेय जी की तैनाती सीसामऊ में थी। पांडेय जी के गुप्तचरों ने बड़े पैमाने पर शराब बिक्री की खबर दी। जाहिर है कि पांडेय जी को ये भी बताया गया होगा कि कोरोना काल में आखिर कौन सफेदपोश शराब की बिक्री करवा रहा है...? लेकिन इन सबके बाद भी पांडेय जी ने शराब तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त कर कई लोगों को दबोच लिया। सफेदपोश सिंडीकेट बेनकाम हुआ तो अफसरों की सांसे भी अटक गई। लिखापढ़ी तो पुलिस के अभिलेखों में हुई लेकिन चंद घंटे में ही पांडेय जी ने सबकुछ मैनेज कर अफसरों को राहत दे दी। सिंडीकेट बेपर्दा न हो सका। कहने का मतलब ये कि पांडेय जी ने सामने वाले सफेदपोश की कुंजी अपने पास हमेशा के लिए रख ली थी।

 

विशेष----त्रिपुरारी पांडेय अपने पास एक पट्टा रखते थे। जिसकी मुठिया लकड़ी की होती थी। उसके दोनों तरफ लिखा होता था "आन मिलो सजना...." । शातिर अपराधियों पर यह पट्टा वह खूब चलाते थे। 

  • शहर में हुई हिंसा के मास्टर माइंड हयात जफर हासमी का फाइनेंसर है हाजी वसी 
  • करीब एक महीना पहले नई सड़क और चंद्रेश्वर हाता के पास भड़की थी हिंसा 
  • Kanpur City के बड़े बिल्डरों में होती है हाजी वसी की गिनती  
  • अमौसी एयरपोर्ट के पास सर्विलांस सेल को मिली थी हाजी वसी की लोकेशन
  • दो दिन पहले हाजी वसी के बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है शहर पुलिस 



Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur में करीब एक महीना पहले नई सड़क में भड़की हिंसा के प्रमुख आरोपी और मॉस्टर माइंड हयात जफर हासमी के फाइनेंसर हाजी वसी को Crime Branch (Kanpur) की Team ने राजधानी Lucknow में Arrest कर लिया। हाजी वसी की गिनती शहर के बड़े बिल्डरों में होती है। हिंसा के बाद खुफिया एजेंसियों और शहर पुलिस की छानबीन में यह बात प्रकाश में आई थी कि हाजी वसी ने हयात जफर हासमी को रकम की मोटी फंडिंग की थी। जिसके बाद पुलिस हाजी वसी के पीछे पड़ी थी। दो दिन पहले पुलिस की टीम हाजी वसी के लड़के को गिरफ्तार कर चुकी है। बेटे की गिरफ्तारी के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही हाजी वसी भी पुलिस के शिकंजे में होगा। 

BJP प्रवर्का नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद आक्रोश की पहली चिंगारी कानपुर में सुलगी थी। 3 जून को जुमे की नमाज के बाद बाजार बंद कराने को लेकर नई सड़क पर वर्ग विशेष के लोगों की भीड़ सड़क पर आ गई। दूसरे वर्ग के लोगों ने विरोध किया तो भीड़ ने पथराव कर फायरिंग और बमबाजी कर दी। जिसके बाद शहर का माहौल अचानक गर्म हो गया। भारी पुलिस बल की तैनती कर उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए शासन ने लखनऊ में तैनात IPS Officer डॉक्टर अजय पाल शर्मा को भेजा। अफसरों ने हिंसा वाली एरिया में कैंप कर किसी तरह सुलग रही "हिंसा की चिंगारी" को शांत कराया था। 

हयात जफर हासमी की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों और पुलिस की छानबीन में पता चला कि बिल्डर हाजी वसी और बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा की "गिद्ध" सरीखी नजरें  चंद्रेश्वर हाते पर लंबे समय से लगी हुई हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला कि हिन्दु आबादी वाले इस हाते को साम-दाम-दंड-भेद के जरिए खाली कराने के लिए लंबे समय से "ब्लूप्रिंट" बना रहे थे लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। 

खुफिया एजेंसियों और पुलिस को ये भी इनपुट मिला कि हाजी वसी और बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा के कनेक्शन शहर के खतरनाक D-2 गिरोह से भी हैं। गिरोह के कई गुर्गों से दोनों की खूब छनती भी है। यही वजह रही कि हिंसा के दौरान उपद्रवियों को धन की फंडिंग भी करवाई गई। छानबीन में ये भी पता चला है कि हयात को हिंसा भड़काने और उसकी मदद के लिए हाजी वसी के हाथ हमेशा आगे रहते रहे हैं। हयात का कनेक्शन मुख्तार बाबा और हाजी वसी से निकले तो पुलिस की टीमें दोनों के पीछे पड़ गईं। कुछ दिन पहले पुलिस ने मुख्तार बाबा को Arrest कर जेल भेज दिया था। दो दिन पहले हाजी वसी के लड़के को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। 

गिरफ्तारी के डर से हाजी वसी फरार चल रहा था। तीन दिन पहले कानपुर पुलिस ने कोर्ट से हाजी वसी के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट (NBW) ले लिया। उसके बाद से पुलिस वसी के पीछे हाथ धोकर पड़ गई। सर्विलांस सेल को भी वसी की धरपकड़ के लिए कड़े निर्देश दिए गए। पुलिस अफसरों की मानें तो कल हाजी वसी की लोकेशन लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट के पास मिली थी। जिसके बाद Crime Branch की टीम ने लोकेशन को ट्रेस करने के बाद घेराबंदी कर हाजी वसी को दबोच लिया।



  • Lucknow स्थित एक मीडिया के कार्यालय में छिपा था हयात जफर 
  • कानपुर कमिश्नररेट पुलिस ने हयात के तीन साथियों भी किया Arrest
  • मॉस्टर माइंड का PFI से कनेक्शन खंगाल रही है UP Police
  • हयात जफर हाशमी के बैंक खातों की जांच कराएगी पुलिस : पुलिस आयुक्त

एक यू-ट्यूब चैनल के दफ्तर में साथियों के साथ छिपा बैठा था हयात जफर हाशमी

          

Yogesh Tripathi

 Kanpur में जुमा की नमाज के बाद बेकनगंज में हुई हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हिंसा के पीछे के मॉस्टर माइंड कहे जा रहे हयात जफर हाशमी को कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने Lucknow स्थित एक मीडिया के दफ्तर में छापा मारकर Arrest कर लिया। हयात के साथ उसके 3 साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हिंसा के बाद हयात अपने साथियों के साथ फरार हो गया था और Lucknow में पनाह लिए था। Crime Branch की टीम ने मुखिबर की सटीक सूचना पर हयात जफर को धर दबोचा। हयात जौहर फैंस एसोशिएशन का प्रेसीडेंट है। पुलिस के दावों के मुताबिक उसकी गतिविधियां शुरु से ही संदिग्ध रही हैं। पुलिस अब सभी बिन्दुओं पर छानबीन कर रही है। जल्द ही हयात के बैंक अकाउंट की डिटेल को भी खंगाला जाएगा। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शक है कि हयात के कनेक्शन PFI से भी हो सकते हैं।  

 

हयात जफर का नाम पहले भी कई मामलों में आ चुका है। दो साल पहले CAA & NRC प्रोटेस्ट के दौरान शहर में हुए उपद्रव भी उसका नाम प्रकाश में आया था। कल जुमा की नमाज के बाद भी जब हिंसा भड़की तो हयात जफर फरार हो गया था। बवाल के बाद पुलिस ने तुरंत उसके मोबाइल नंबरों के जरिए उसकी लोकेशन खंगालनी शुरु कर दी थी। साथ ही उसके कई करीबी लोगों की न सिर्फ निगाहबनी की गई बल्कि देर-सबेर उनको पुलिस ने टांग भी लिया। जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम ने छापा मारकर लखनऊ में हयात को Arrest कर लिया। 

पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीना ने हयात जफर हाशमी के गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक की जांच में यह बात प्रकाश में आई है कि हयात जफर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उपद्रव की साजिश रची थी। लखनऊ में गिरफ्तारी के दौरान सभी के पास से 6 मोबाइल और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी पुलिस ने बरामद किए हैं। हयात के साथियों के मोबाइल कॉल डिटेल को खंगाला जा रहा है ताकि उन्होंने किस-किस से बातचीत की या फिर हयात से उन लोगों के क्या कनेक्शन हैं, इसका पता चल सके। 

पुलिस आयुक्त ने कहा कि जल्द ही हयात के बैंक अकाउंट को भी खंगाला जाएगा। ताकि यह मालुम हो सके कि कहीं कानपुर में उपद्रव के लिए उसे कहीं फंडिग तो नहीं की गई। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पिछले दिनों मणिपुर और पश्चिम बंगाल में भाजपा नेत्री नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की ओर से बंद का आह्वान किया गया था, उसी तारीख को कानपुर में भी बंद के लिए आह्नवान  किया गया। इस आधार पर पुलिस जांच कर रही है कि हयात जफर हाशमी का कनेक्शन कहीं पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से तो नहीं है।




  • विधान सभा के चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को मिलेगी टिकट
  • Congress महासचिव प्रियंका गांधी ने किया Lucknow में बड़ा ऐलान
  • 403 में से 162 सीटों पर कांग्रेस महिला प्रत्याशियों को उतारेगी

Priyanka Gandhi के प्रेस कांफ्रेंस (PC) में नारी सशक्तीकरण का बैनर लगा था। इस बैनर का थीम मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं। प्रियंका गांधी ने कहा कि महिला हित में Congress Party का यह निर्णय उस पारो के कहने पर है, जिसने संगम पर मेरा हाथ पकड़कर कहा था कि मैं राजनीति में आना चाहती हूं। पत्रकारों के सवाल पर प्रियंका गांधी ने कहा कि किसी तरह से 40 फीसदी करवा सकी हूं। मेरा बस चलता तो 50 प्रतिशत आरक्षण करवाती....आगे के चुनाव में ये भी संभव है।

लखनऊ में कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi की प्रेस कांप्रेस के दौरान सुप्रिया श्रीनेत, आराधना मिश्रा, सलमान खुर्शीद, प्रमोद तिवारी , अजय कुमार (लल्लू) और पीएल पूनिया भी मौजूद रहे।

ogesh Tripathi

Uttar Pradesh Election 2022 का चुनाव आयोग की तरफ से शंखनाद होना अभी बाकी है लेकिन कांग्रेस ने इस चुनावी युद्ध के लिए अभी से हुंकार भरना शुरु कर दिया है। राजधानी Lucknow में Congress महासचिव प्रियंका गांधी ने बड़ा ऐलान करते हुए 40 प्रतिशत महिला प्रत्याशियों को टिकट देने की बात कही है। 403 विधान सभा में कांग्रेस 162 महिला प्रत्याशियों को इस बार चुनावी रणभूमि में उतारेगी। प्रियंका के इस Master Stroke से BJP, SP & BSP समेत सभी विपक्षी दलों में बेचैनी बढ़ गई है। 

मंगलवार को AICC की नेशनल सेकेट्री और Uttar Pradesh की प्रभारी Priyanka Gandhi ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों के समक्ष इसकी घोषणा की। इस दौरान कांग्रेस की नेशनल स्पोकपर्सन सुप्रिया श्रीनेत और विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा (मोना) भी प्रियंका के साथ मौजूद रहीं।

Priyanka Gandhi ने कहा कि यह निर्णय, वैष्णवी, पारो, हाथरस की बेटी और Uttar Pradesh की हर उस महिला के लिए है जो न्याय चाहती है, बदलाव चाहती हैं। यह निर्णय उस पूजा और मधु के लिए भी है जो रात के अंधेरे में मुझे सीतापुर के PAC Guest House घेरकर ले गई थी।

प्रियंका गांधी ने कहा कि आज सत्ता का नाम खुले आम पब्लिक को कुचलने का बन गया है। महिलाएं ही इस माहौल को करुणा के साथ बदल सकती हैं। Uttar Pradesh के विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण में महिलाओं को बड़ा प्रतिनिधित्व आवश्यक हो गया है।

  • Lucknow स्थित Congress मुख्यालय पर संपन्न हुई सोशल मीडिया वारियर्स की वर्कशाप
  • Delhi से आए IYC के National Convenor Social Media Incharge  Uttar Pradesh & North East State ने दिए "वारियर्स" को टिप्स
  • IYC (UP East) के प्रेसीडेंट Kanishka Pandey ने केंद्र और प्रदेश की सरकारों पर हमला बोला
  • वर्कशाप के बाद प्रदेश भर के जिलों से आए "वारियर्स" को बांटे गए सर्टिफिकेट 

वर्कशाप में सोशल मीडिया वारियर्स को टिप्स Dr Sumit Dubey

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh Election (2022) के "शंखनाद" होने में कुछ महीने ही शेष बचे हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने "चुनावी रणभूमि" "विजयश्री" पाने के लिए जद्दोजहद अभी से शुरु कर दी है। Congress की यूथ बिग्रेड (IYC) सोशल मीडिया विंग के "वारियर्स" को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए Lucknow स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय पर वर्कशाप का आयोजन  फ्राइ-डे को किया गया। Delhi से आए IYC के National Convenor Social Media Incharge  Uttar Pradesh & North East State  Dr. Sumit Dubey ने वर्कशॉप में शामिल हुए प्रदेश भर के "वारियर्स" से तमाम जानकारियों को साझा करने के बाद सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों से कैसे "चुनावी जंग" लड़ी जाए ? कांग्रेस को और अधिक कैसे प्रभावी बनाया जाए, समेत तमाम बिन्दुओं पर टिप्स दिए। इस दौरान IYC (UP East) के प्रेसीडेंट Kanishka Pandey प्रमुख रूप से मौजूद रहे। 

वारियर्स को सर्टिफिकेट वितरित करने के बाद मीडिया से मुखातिब Kanishka Pandey & Dr.Sumit Dubey

"परिवर्तन का संकल्प, कांग्रेस ही विकल्प" स्लोगन के साथ IYC के सोशल मीडिया "वारियर्स" को "चुनावी रणभूमि" में उतरने के लिए Dr. Sumit Dubey ने प्रेरित किया। इस दौरान "वारियर्स" को बताया गया कि डिजिटल की दुनिया में सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से चुनाव को काफी हद तक कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है। विपक्षी दलों को उनके झूठ से बेनकाब करते हुए कैसे जवाब दिया जाए ? इसके भी टिप्स वर्कशाप में दिए गए। करीब पांच घंटे से अधिक समय तक चले इस वर्कशाप में प्रदेश के सभी जिलों से "वारियर्स" पहुंचे। 

र्कशाप में प्रमुख रूप से मौजूद IYC (UP East) के प्रेसीडेंट Kanishka Pandey और सोशल मीडिया (UP/East) के प्रेसीडेंट Dr.Sumit Dubey ने सभी वरियर्स को सर्टिफिकेट वितरित किए। पत्रकार वार्ता में Kanishka Pandey ने केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी तीखे प्रहार करते हुए कहा कि "कोरोना की दूसरी लहर में Uttar Pradesh का क्या हाल रहा, यह किसी से छिपा नहीं है। नदियों में लाशें उतराती मिली तो श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए लोगों को लाइन तक लगानी पड़ी। 

ऑक्सीजन की कमी से हजारों की जान चली गई लेकिन इन सब के बाद भी देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कोरोना में बेहतर लड़ाई लड़ी और काबू पाया"। Kanishka Pandey ने कहा कि इसका जवाब 2022 के चुनाव में प्रदेश की जनता देगी। प्रदेश की जनता इस बार कांग्रेस को चुनाव जिताने के लिए मूड बना चुकी है। पिछले करीब तीन दशकों से सत्ता में रहीं सभी राजनीतिक दलों की सरकारों ने सिर्फ प्रदेश की जनता को छला है। इस बार चुनाव जातिवाद और धर्मवाद पर नहीं बल्कि विकास, रोजगार, किसान बिल माफ समेत कई मुद्दों पर लड़ा जाएगा। इसके लिए उनकी सोशल मीडिया विंग के "वारियर्स" पूरी तरह से तैयार हैं। 

Kanishka Pandey ने कहा कि हमारे नेता Rahul Gandhi प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से पूछ रहे हैं कि "Pegasus" खरीदा या नहीं ? लेकिन इसका जवाब संसद में देने के बजाय सभी ने चुप्पी साध ली है। राफेल में दलाली पर राहुल गांधी ने जो कहा था वो आज देश की जनता के सामने है। पेगासस और राफेल डील पर सरकार को जवाब देते नहीं बन रहा है और दोनों ही मुल्क इन मामलों की जांच करवा रहे हैं। देर-सबेर ही सही लेकिन प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का झूठ जल्द ही जनता के सामने बेनकाब होगा।


Dr. Sumit Dubey ने कहा सोशल मीडिया के वारियर्स को अभी और ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी चुनावी रण में उतरने के लिए फिलहाल तैयार हैं। सोशल मीडिया का "वॉर रूम" से इस बार सियासी हमले और भी तीखे होंगे। ताकि जनता के सामने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के तमाम झूठे वादों का पर्दाफाश हो सके।

  • Lucknow के काकोरी स्थित एक मकान में मौजूद थे संदिग्ध
  • तलाशी के दौरान मकान के अंदर दो प्रेशर कुकर बम मिला
  • मकान के अंदर छिपाकर रखा गया अर्धनिर्मित टाइमर भी बरामद
  • संदिग्धों के टॉरगेट पर थी Uttar Pradesh की कई राजनीतिक हस्तियां

Lucknow के दुबग्गा में मकान को चारो तरफ से घेरे ATS के कमांडो

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow में संडे की सुबह UPATS को बड़ी सफलता मिली। ATS ने काकोरी स्थित एक मकान की घेराबंदी कर वहां मौजूद दो संदिग्धों को Arrest कर लिया। बताया जा रहा है कि Arrest किए गए दोनों संदिग्धों के संबंध आतंकी संगठन अलकायदा से हैं। ATS को मकान के अंदर से दो प्रेशर कुकर बम”, एक अर्धनिर्मित टाइमर बम भी मिला है। तमाम आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद होने की बात कही जा रही है। बम को निष्क्रिय करने के लिए बम डिस्पोजल स्क्वॉड मौके पर मौजूद है। ATS के मुताबिक दोनों संदिग्धों के टॉरगेट पर Uttar Pradesh की कुछ राजनीतिक हस्तियां थीं। दोनों संदिग्ध ट्रेंड बताए जा रहे हैं। ATS के IG जीके गोस्वामी पूरे प्रकरण पर शाम 5 बजे के करीब प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।  


Sunday की सुबह 5 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन

Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow के काकोरी थाना एरिया स्थित दुबग्गा इलाके में UPATS ने Sunday की सुबह करीब पांच घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में ATS के कमांडों भी शामिल रहे। बताया जा रहा है कि ATS को मकान में बने गैराज के अंदर संदिग्धों के छिपे होने की सूचना मिली थी। ATS ने दोनों संदिग्धों को दबोचने के बाद काफी देर तक मकान को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक ATS ने मकान से 500 मीटर दायरे में बने कई घरों को भी खाली करा लिया है। दुबग्गा का यह एरिया फिलहाल पूरी तरह से सील है। लोगों को घरों से बाहर न निकलने की ताकीद दी गई है।

ATS के IG Dr.G.K Goswami के मुताबिक जिन दो संदिग्धों को पकड़ा गया है उनके तार आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े हैं। पकड़े गए संदिग्धों के नाम शाहिद और वसीम हैं। दुबग्गा में रियाज और सिराज के घरों की तलाशी जारी है। शाहिद के मकान को सीज किया गया है। ATS के कमांडो घर के अंदर हैं। तीनों के घर आपस में सटे हुए हैं। शाहिद के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।

Unnao का निवासी है एक संदिग्ध

ATS के हत्थे चढ़ा एक संदिग्ध Unnao का निवासी बताया जा रहा है। उसके घर में ही उसका साथी दूसरा संदिग्ध भी पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने अलकायदा से ट्रेनिंग ले रखी है। ATS की एक टीम Unnao रवाना हो गई है।

उल्लेखनीय है कि Lucknow में इससे पहले भी मार्च 2017 में सुरक्षा बलों ने आतंकी सैफुल्ला को मार गिराया था सैफुल्ला ISIS के खुरासान मॉड्यूल का सदस्य था। सैफुल्ला Kanpur के चकेरी थाना एरिया का रहने वाला था। सैफुल्ला के Encounter में ढेर होने के बाद ATS ने Kanpur और Unnao में कई संदिग्धों की गिरफ्तारियां की थीं। ATS ने सितंबर 2018 में चकेरी के अहिरवां स्थित शिवनगर कॉलोनी पकड़े गए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरुज्जमां उर्फ कमरुद्दीन उर्फ डॉ. हुरैरा को Arrest किया था।