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उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की Kanpur (Unit) ने “जहरीली शराब” का काला कारोबार करने वाले 4 “सौदागरों” को Arrest किया है। छापे के दौरान बड़ी मात्रा में "जहरीली शराब" बनाने के सामान के साथ बड़ी मात्रा में नामी-ब्रांडेड कंपनियों की बोतल, ढक्कन और उपकरण भी STF ने जब्त किए। गिरोह का नेटवर्क कई प्रांतों में हैं। STF सूत्रों की मानें तो गिरोह के सरगना का भाई एक बड़े हिन्दू वादी संगठन का पदाधिकारी है। उसकी गतिविधियों के बारे में अब STF ने छानबीन शुरु कर दी है।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1139839220804194305

YOGESH TRIPATHI


UPSTF (Kanpur Unit) के इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह के मुताबिक लंबे समय से टीम सर्विलांस के जरिए “जहरीली शराब” का कारोबार करने वालों पर निगाह रखे थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर STF ने बाबूपुरवा एरिया में छापे की कार्रवाई की। यहां से करीब 2000 लीटर अवैध रेक्टीफायर स्प्रिट, एक्स्ट्रा न्यूक्लियर अल्कोहल (NEA), ढक्कन, कैप, QR Code, जब्त किया। बरामद कच्चे मैटेरियल से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए से अधिक के कीमत की “जहरीली शराब” बनाने की कवायद की जा रही थी।

[caption id="attachment_19665" align="alignnone" width="695"] STF (Kanpur Unit) की गिरफ्त में आए जहरीली शराब गिरोह के सरगना और उसके साथी।[/caption]

गिरोह के सरगना चंदन जोशी समेत 4 Arrest

STF ने मौके पर गिरोह के सरगना कानपुर के रेलबाजार बंगला नंबर 115 निवासी चन्दन जोशी पुत्र संग्राम जोशी, तहसीन उर्फ सबलू S/O मुसीम निवासी कैसरगंज, गल्लामंडी, किला चौकी जनपद उन्नाव, मोहम्मद नफीस S/O नसीम निवासी मुंशीपुरवा, रेलवे कालोनी P/S बाबूपुरवा जनपद- कानपुर नगर और अब्दुल रहमान S/Oसाबिर अली निवासी महोली थाना गुलावठी जनपद बुलन्दशहर को गिरफ्तार कर लिया।

[caption id="attachment_19666" align="aligncenter" width="640"] STF की टीम ने गिरोह के पास से एक ट्रक भी बरामद किया है, इस ट्रक में केमिकल के ड्रमों को भरकर फतेहपुर से लाया जाता था।[/caption]

हिन्दूवादी संगठन का बड़ा नेता है गिरोह के सरगना का भाई

पूछताछ में सरगना चंदन जोशी ने STF को बताया कि उसका बड़ा भाई अभिषेक जोशी हिन्दूवादी संगठन का बड़ा पदाधिकारी है। STF को चंदन जोशी ने जो जानकारियां दी हैं उसके मुताबिक उसका भाई गौरक्षा के नाम पर वसूली का काम करता है। कुछ महीना पहले महाराजपुर में वो गिरोह के साथ खड़ा होकर तिवारीपुर और सिकठियापुरवा के पास मवेशी लेकर निकलने वाले वाहनों से वसूली करता था। पैसा न देने पर वो पुलिस के जरिए वाहन मालिक और चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराता था। एक मामले में उसने जमकर बवाल भी मचाया था। जिसके बाद उसकी वसूली और भी बढ़ गई। STF इस कथित भगवाधारी के खिलाफ बेहद गहराई से छानबीन कर रही है। आशंका है कि कहीं न कहीं उसकी भी “जहरीली शराब” के कारोबार में बड़ी भूमिका हो सकती है या फिर उसके जरिए सफेदपोश लोगों को संरक्षण भी मिल सकता है।

[caption id="attachment_19667" align="aligncenter" width="640"] ट्रक से बरामद केमिकल भरे घातक रासायनिक केमिकल, जिनसे जहरीली शराब बनाई जाती थी।[/caption]

रोडवेज की बसों, ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट वाहन से होती है सप्लाई

गिरोह के सदस्य यूपी के कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी रायबरेली, चित्रकूट, बाँदा, हमीरपुर आदि जनपदों में लोकल स्तर पर रोडवेज की बसों, ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट वाहन से “जहरीली शराब” की सप्लाई कर पहुंचाते हैं।

गिरोह के पास से STF ने की ये बरामदगी

एसटीएफ ने गिरोह के पास से 6 मोबाइल, 2 आधार कार्ड, 58580 रुपए नकद, दो एटीएम कार्ड, पांच ड्राइवरिंग लाइसेंस, एक ट्रक, एक लोडर, एक स्कूटी समेत कई अन्य वस्तुएं बरामद की हैं। बाबूपुरवा थाने में गिरोह के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 185/19 पर IPC की धारा420,467,468,471,257,258,120 (B)) IPC, व 60/72 आबकारी अधिनियम और 63 कॉपीराइट अधिनियम, 104 ट्रेड मार्क अधिनियम, 207 V/V एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

“जहरीली शराब” के इन सौदागरों की है STF को तलाश

एसटीएफ की टीम को मोहम्मद रफीक उर्फ छोटू S/O मो0शफीक निवासी 14/180 मिश्री बाज़ार P/S मूलगंज जनपद कानपुर नगर, ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मतोले सिंह S/O गोपाल सिंह निवासी सेमरहटा P/S हुसैनगंज जनपद-फतेहपुर, संजय लोधी R/O बाकरगंज, नाववा बाग जनपद फतेहपुर की तलाश है।

“जहरीली शराब” के ये हैं बड़े खरीददार

जितेंद्र उर्फ जीतू जयसवाल (उन्नाव), बृजेश जयसवाल राजेश जयसवाल (लखनऊ), कमलेश जयसवाल (बाराबंकी), राजन सिंह (फतेहपुर), अंकित जयसवाल (कानपुर नगर)। ये सभी जहरीली शराब के बड़े खरीददार हैं। एसटीएफ जल्द ही इन लोगों पर भी शिकंज कसने की तैयारी कर रही है।

गिरोह के सदस्यों का काम है निर्धारित

कार्यप्रणाली गैंग का मुख्य सरगना चन्दन जोशी अवैध शराब से सम्बंधित रेक्टिफायर स्प्रिट/एक्सट्रा न्यूक्लियर अल्कोहल आदि को जनपद- फतेहपुर के ज्ञानेन्द्र सिंह उर्फ मतोले व सजंय लोधी के माध्यम से दिल्ली और हरियाणा से विभिन्न ट्रांसपोर्टर के माध्यम से ड्रमों में मंगवाता था। यहाँ मोहम्मद रफीक उर्फ छोटू के साथ ढक्कन-कैप, QR Code मंगवाता था, छोटू उक्त समान जयपुर व दिल्ली से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से मंगवाता था।  इन दोनों ट्रांसपोर्ट नगर में दो-तीन गोदाम किराये पर लेकर वहां माल डंप करते थे। डिमांड के हिसाब से माल को विभिन्न जनपदों में लोकल नकली/जहरीली शराब बनाने वाले जीतू उर्फ जितेंद्र जयसवाल जैसे लोगो को सप्लाई करते थे।

 

 

"जहरीली शराब" को लेकर देश का सबसे बड़ा राज्य Uttar Pradesh  एक बार फिर सुर्खियों में है। बाराबंकी में ठेके से देशी शराब खरीदकर पीने वाले 5 लोग अभी तक अपनी जान गवां चुके हैं। 3 लोगों की हालत नाजुक है। मरने वालों में एक परिवार के 4 लोग शामिल हैं। ये आंकड़े Twitter पर पुलिस की तरफ से दिए गए हैं, हालांकि वास्तविक हालात बिल्कुल उलट हैं। खबर है कि अब तक करीब 10 लोग मर चुके हैं। जबकि करीब डेढ़ दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती हैं। सभी आला अफसर बाराबंकी के रामनगर स्थित रानीगंज में मौजूद हैं। UP Police के DGP ने मामले में लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर रामनगर राजेश कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी पवन गौतम पर कार्रवाई करते हुए दोनों को सस्पेंड कर दिया है। UPCM योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुःख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।


[caption id="attachment_19531" align="alignnone" width="695"] जहरीली शराब कांड में अपनों की मौत के बाद जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते स्थानीय और पीड़ित परिवार के सदस्य।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


रामनगर के रानीगंज में चारो तरफ कोहराम


बाराबंकी के रामनगर एरिया स्थित रानीगंज इलाके में चारो तरफ कोहराम और मातम पसरा है। हजारों की भीड़ जमा है। कोई शव पर विलाप कर रहा है तो कोई अपनों की जिंदगी बचाने के लिए अफसरों के हाथ-पांव जोड़ रहा है। अधिकारी है कि कुछ भी बोलने से साफ-साफ बच रहे हैं।

[caption id="attachment_19532" align="alignnone" width="1102"] जहरीली शराब कांड में मौत के ये आंकड़े ट्वीटर पर बाराबंकी पुलिस की तरफ से दिए गए हैं जबकि कहानी बिल्कुल उलट है।[/caption]

दानवीर सिंह के ठेके से खरीदी गई थी शराब


स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस शराब के ठेके से लोगों ने शराब खरीदी थी वो दानवीर सिंह नाम के व्यक्ति को आवंटित है। बताया जा रहा है कि शराब पीने के महज थोड़ी देर बाद ही सभी लोगों की हालत बिगड़ने लगी। परिवारीजन अपने करीबी लोगों को आनन फानन में अस्पताल ले गए। जहां से सभी को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।


https://twitter.com/Barabankipolice/status/1133255698794418177

मृतकों में तीन सगे भाई रमेश पुत्र छोटे लाल (35) व सोनू (25) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इन युवकों के पिता छोटेलाल (60) की भी थोड़ी देर बाद मौत हो गई। छोटेलाल के एक अन्य लड़के मुकेश (28) की घर पर ही मौत हो गई।


जिला आबकारी अधिकारी सस्पेंड


बड़े सूत्रों की मानें तो बाराबंकी में जहरीली शराब कांड के बाद पंचम तल के एयर कंडीशन वाले कमरों में बैठे अफसरों ने पसीना छोड़ दिया। खबर है कि विभाग के Minister जय कुमार सिंह (जैकी) ने बाराबंकी के जिला आबकारी अधिकारी एस.एन दुबे को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही आबकारी विभाग के 5 हेड कांस्टेबल और 5 कांस्टेबल भी सस्पेंड किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कानपुर समेत कई जगहों पर जहरीली शराब अपना कहर बरपा चुकी है। लेकिन यूपी सरकार के जिम्मेदारों के कान में जूं तक नहीं रेंगती। हर घटना के बाद कार्रवाई का झुनझुना बजता तो है लेकिन मोटी मलाई खाने के चक्कर में इसे फिर शुरु करवा दिया जाता है।

 जहरीली शराब से इन लोगों ने अब तक दम तोड़ा

  1. सोनू पुत्र सुरेश (25)।
    2. राजेश (35) पुत्र सालिक राम।
    3. रमेश (35) पुत्र छोटेलाल।
    4. सोनू (25) पुत्र छोटेलाल।
    5. मुकेश (28)
    पुत्र छोटे लाल।
    6. छोटेलाल (60) पुत्र घूरू। (राजेश, रमेश, सोनू व छोटेलाल एक ही परिवार के हैं।)
    7. सूर्यभान पुत्र सूर्य बख्श।
    8. राजेंद्र वर्मा पुत्र जगमोहन निवासी उमरी।
    9. महेंद्र पुत्र कप्तान सिंह निवासी सेमराय।
    10. महेंद्र पुत्र दलगंजन निवासी ततेहरा।


 

 

 

उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की Kanpur (Unit) ने यूपी में सक्रिय जहरीली शराब के गिरोह का भंडाफोड़ कर सरगना समेत दो लोगों को Arrest कर लिया। पकड़े गए जहरीली शराब के तस्करों के पास से टीम ने भारी मात्रा में एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) की खेप बरामद की है। गिरोह के पास से ट्रक, कार के साथ-साथ करीब डेढ़ करोड़ रुपए के कीमत का सामान जब्त किया गया है। गिरोह के कुछ सदस्य भाग निकले हैं। जिनकी तलाश में दबिश जारी है।


[caption id="attachment_18901" align="alignnone" width="695"] पकड़े गए जहरीली शराब तस्करों (लाल घेरे में) के साथ STF इंंस्पेक्टर घनश्याम सिंह और उनकी टीम।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


South City के बिधनू एरिया में STF ने बिछाया “जाल”


STF इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह की अगुवाई में टीम ने मंडे की दोपहर को बिधनू एरिया में जहरीली शराब गिरोह के मौजूदगी की खबर पर अपना जाल बिछाया। सटीक मुखबिरी के बाद घेराबंदी की गई तो वहां मौजूद तस्कर भागने लगे। टीम ने सरगना समेत दो लोगों को दबोच लिया। दोनों की निशानदेही पर छिपाकर रखे गए 6000 हजार लीटर एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) की बड़ी खेप को जब्त कर लिया।

देखें Video

https://youtu.be/8m4R2t5hH_Q

हरियाणा से जुड़े हैं गिरोह के तार


पकड़े गए जहरीली शराब तस्करों के तार हरियाणा प्रांत से जुड़े बताए जा रहे हैं। इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह के मुताबिक यदि बरामद ENA से शराब बनाकर उसकी खपत बाजार में की जाती तो करीब 50 लाख रुपए के राजस्व की क्षति यूपी की सरकार को होती। गिरोह के लोग हर महीने करीब दो से तीन करोड़ रुपए की जहरीली शराब बनाकर कानपुर समेत यूपी के कई जनपदों में उसकी बिक्री करते हैं।

पकड़े गए शराब तस्करों में सरगना सुल्तानपुर सर्वजीत निवासी गन्नौर मकान नंबर 107 बडे साथ रिहाई बस्सी थाना गन्नौर जिला सोनीपत (हरियाणा), बिन्नी पुत्र विजय पाल निवासी उपरोक्त मौके से फरार हो गया। अंकित सचान पुत्र मनोज सचान निवासी कानपुर देहात हाल पता बर्रा और मेहरदीन (सगा भाई सुल्तान) फरार।

शराब तस्करों के पास से STF की बरामदगी


STF की टीम ने शराब तस्करों के पास से एक ट्रक, 6000 लीटर ENA ( एक्स्ट्रा न्युट्रल अल्कोहल) अवैध, एक कन्टेनर भारत बेंज (H R69 C 9928), एक कार आई-20 हुंडई (HR 42 F 3407), चार हजार की नकदी, ATM कार्ड, कई आधार कार्ड और पेनकार्ड के साथ आधा दर्जन मोबाइल। बरामद किए गए ENA से 100 पाइपर और शीवाजरीगल समेत कई ब्रांड की शराब बनाई जा सकती है।

यूपी, उत्तराखंड और आसाम में हो चुकी हैं सैकड़ों मौतें


उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही यूपी के कुशीनगर, सहारनपुर और उत्तराखंड के कई जिलों में जहरीली शराब से करीब 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले दिनों ही आसाम प्रांत में भी 100 से अधिक लोग जहरीली शराब का सेवन कर अपनी जान गवां चुके हैं। बड़े अफसरों के निर्देश के बाद STF की टीम ने मुखबिरों और सर्विलांस सेल के जरिए ये बड़ी कार्रवाई की।