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  • मुख्तार बाबा, बिल्डर हाजी वसी और D-2 गैंग के अतीक खिचड़ी समेत कई पर गैंगस्टर की कार्रवाई 
  • पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा ने प्रेस कांफ्रेंस में दी कार्रवाई की जानकारी 
  • BJP प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद शहर में हुआ था दंगा
  • दंगा भड़काने के आरोप में पुलिस पांच दर्जन लोगों को कर चुकी है Arrest 
  • दंगे की जांच फिलहाल शासन की तरफ से गठित SIT Team कर रही है 

Yogesh Tripathi

BJP प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद Uttar Pradesh के Kanpur में 3 जून 2022 को हुए दंगे के मॉस्टर माइंड हयात जफर हाशमी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की कार्रवाई पुलिस ने की है। Kanpur Police ने दंगे में फंडिंग करने वाले बाबा बिरयानी, बिल्डर हाजी वसी, D-2 गैंग के शूटर अतीक खिचड़ी और शफीक के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की है। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। जिला प्रशासन ने कार्रवाई के दस्तावेजों का तामीला जिला कारागार में करवा दिया है। यह जानकारी कानपुर पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा और जिलाधिकारी विशाख जी ने यह जानकारी मीडिया से साझा की। पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा ने कहा कि दंगे के अन्य आरोपितों के खिलाफ भी जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

दंगे में दंगाइयों को रकम फंडिंग करने वाला बिल्डर हाजी वसी
SIT कर रही है कानपुर दंगे की जांच

3 जून 202 को कानपुर के दादामिया चौराहे और नई सड़क पर हुए दंगे की जांच में दर्जन भर से अधिक लोग घायल हुए थे। दंगाइयों ने पुलिस पर पथराव करने के बाद फायरिंग कर बमबाजी तक की थी। जिस दिन यह दंगा हुआ था, उस समय शहर की सीमा से कुछ किलोमीटर की दूरी Kanpur Dehat जनपद में देश के तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी थी। देश भर की बड़ी खुफिया एजेंसियों ने शहर और आसपास के जिलों में डेरा डाल रक्खा था। उसके बाद भी किसी को दंगे के साजिश की हवा तक नहीं लगी। हालांकि कुछ घंटे में ही जिला प्रशासन ने बड़े डैमेज को किसी तरह कंट्रोल कर लिया लेकिन पुलिस और तमाम खुफिया एजेंसियों की कार्यशैली पर अंगुलियां उठीं। मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल दो IPS Officer's कानपुर रवाना किए गए। दोनों अफसरों ने कई दिन तक हिंसाग्रस्त एरिया में डेरा डालकर तमाम जानकारियां एकत्र की। इस बीच मुख्यमंत्री ने SIT गठित कर दी।  SIT ने जांच शुरु की तो साजिश के पीछे कई बड़े नाम निकलकर आए। मुख्तार उर्फ बाबा बिरयानी से लेकर शहर के चर्चित बिल्डर हाजी वसी तक का कनेक्शन निकला। रही-सही कसर D-2 गैंग के गुर्गों का नाम आने से पूरी हो गई। पुलिस ने सभी को Arrest कर सलाखों के पीछे भेज दिया। जांच के दौरान एक बात ये भी निकलकर सामने आई कि Kanpur के तमाम सफेदपोश लोगों के कनेक्शन इन दंगाइयों और उनको रकम फंडिंग करने वाले कुख्यात लोगों से हैं। हालांकि उनकी गिरेबान तक पुलिस के हाथ अभी तक नहीं पहुंचे हैं। 

दंगे का मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी
माहौल बिगाड़ने के पीछे था चंद्रेश्वर हाते को खाली कराना 

SIT ने जांच की तो दंगे के पीछे की तमाम साजिशों की परतें उधड़ने लगीं। जांच में इस बात का पता चला कि उपद्रव के पीछे मुस्लिम आबादी में स्थित चंद्रेश्वर हाते को खाली कराना भी साजिशकर्ताओं की प्राथमिकता में था। चंद्रेश्वर हाते पर पिछले कई साल से मुस्लिम बिल्डरों की निगाहें "गिद्ध" सरीखी जमीं हैं। दूसरा यह कि मुस्लिम आबादी के बीच स्थित चंद्रेश्वर हाते में अधिकांशतः हिन्दू वर्ग के लोग रहते हैं। सजिश यह थी कि दंगे के बाद जब कत्लेआम होगा तो हाते में रह रहे हिन्दू वर्ग के लोग डर की वजह से औने-पौने दामों पर अपना हिस्सा बिक्री कर देंगे। यही वजह रही कि दंगा करने के लिए चंद्रेश्वर हाते के पास की सड़क को मुफीद माना गया। यहीं पर पत्थरबाजी कर बवाल की शुरुआत की गई थी।  

मुख्तार बाबा, वसी और D-2 की तिकड़ी ने दिया दंगे को अंजाम 

SIT Team की जांच में इस बात का भी पता चला कि शहर का चर्चित बाबा बिरयानी वाला लंबे समय से शत्रु संपत्ति की खरीद-फरोख्त कर रहा है। शहर के कुछ सफेदपोश के जरिए वह चंद्रेश्वर हाते पर लंबे समय से टॉरगेट कर रहा था लेकिन सफल नहीं हो सका। इस लिए उसने बिल्डर हाजी वसी से हाथ मिलाया। दोनों ने मिलकर शहर के सबसे खतरनाक और खूंखार D-2 गैंग के अतीक खिचड़ी और शफीक को भी जोड़ लिया। इसके बाद दंगे का "ब्लूप्रिंट" तैयार किया गया। शहर को दंगे की आग में कैसे झोंकना है इसकी कमान जौहर फैंस एसोशिएशन के अध्यक्ष हयात जफर हाशमी को सौंपी गई। BJP प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद सभी को मौका मिला। हयात जफर ने बंदी का ऐलान कर उसे वापस ले लिया लेकिन इस बीच जुमा के बाद बाजार को बंद कराने के लिए हजारों की भीड़ जमा हो चुकी थी। दरसल ये भीड़ किराए की थी। मोटी रकम देकर इस भीड़ को एकत्र करने का काम हयात जफर करने के बाद बवाल होते ही हयात जफर भाग निकला था। लेकिन बाद में उसे Locknow में एक यू-ट्यूबर के दफ्तर से धर दबोचा गया। 



 

  • शहर में हुई हिंसा के मास्टर माइंड हयात जफर हासमी का फाइनेंसर है हाजी वसी 
  • करीब एक महीना पहले नई सड़क और चंद्रेश्वर हाता के पास भड़की थी हिंसा 
  • Kanpur City के बड़े बिल्डरों में होती है हाजी वसी की गिनती  
  • अमौसी एयरपोर्ट के पास सर्विलांस सेल को मिली थी हाजी वसी की लोकेशन
  • दो दिन पहले हाजी वसी के बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है शहर पुलिस 



Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur में करीब एक महीना पहले नई सड़क में भड़की हिंसा के प्रमुख आरोपी और मॉस्टर माइंड हयात जफर हासमी के फाइनेंसर हाजी वसी को Crime Branch (Kanpur) की Team ने राजधानी Lucknow में Arrest कर लिया। हाजी वसी की गिनती शहर के बड़े बिल्डरों में होती है। हिंसा के बाद खुफिया एजेंसियों और शहर पुलिस की छानबीन में यह बात प्रकाश में आई थी कि हाजी वसी ने हयात जफर हासमी को रकम की मोटी फंडिंग की थी। जिसके बाद पुलिस हाजी वसी के पीछे पड़ी थी। दो दिन पहले पुलिस की टीम हाजी वसी के लड़के को गिरफ्तार कर चुकी है। बेटे की गिरफ्तारी के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही हाजी वसी भी पुलिस के शिकंजे में होगा। 

BJP प्रवर्का नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद आक्रोश की पहली चिंगारी कानपुर में सुलगी थी। 3 जून को जुमे की नमाज के बाद बाजार बंद कराने को लेकर नई सड़क पर वर्ग विशेष के लोगों की भीड़ सड़क पर आ गई। दूसरे वर्ग के लोगों ने विरोध किया तो भीड़ ने पथराव कर फायरिंग और बमबाजी कर दी। जिसके बाद शहर का माहौल अचानक गर्म हो गया। भारी पुलिस बल की तैनती कर उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए शासन ने लखनऊ में तैनात IPS Officer डॉक्टर अजय पाल शर्मा को भेजा। अफसरों ने हिंसा वाली एरिया में कैंप कर किसी तरह सुलग रही "हिंसा की चिंगारी" को शांत कराया था। 

हयात जफर हासमी की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों और पुलिस की छानबीन में पता चला कि बिल्डर हाजी वसी और बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा की "गिद्ध" सरीखी नजरें  चंद्रेश्वर हाते पर लंबे समय से लगी हुई हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला कि हिन्दु आबादी वाले इस हाते को साम-दाम-दंड-भेद के जरिए खाली कराने के लिए लंबे समय से "ब्लूप्रिंट" बना रहे थे लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। 

खुफिया एजेंसियों और पुलिस को ये भी इनपुट मिला कि हाजी वसी और बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा के कनेक्शन शहर के खतरनाक D-2 गिरोह से भी हैं। गिरोह के कई गुर्गों से दोनों की खूब छनती भी है। यही वजह रही कि हिंसा के दौरान उपद्रवियों को धन की फंडिंग भी करवाई गई। छानबीन में ये भी पता चला है कि हयात को हिंसा भड़काने और उसकी मदद के लिए हाजी वसी के हाथ हमेशा आगे रहते रहे हैं। हयात का कनेक्शन मुख्तार बाबा और हाजी वसी से निकले तो पुलिस की टीमें दोनों के पीछे पड़ गईं। कुछ दिन पहले पुलिस ने मुख्तार बाबा को Arrest कर जेल भेज दिया था। दो दिन पहले हाजी वसी के लड़के को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। 

गिरफ्तारी के डर से हाजी वसी फरार चल रहा था। तीन दिन पहले कानपुर पुलिस ने कोर्ट से हाजी वसी के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट (NBW) ले लिया। उसके बाद से पुलिस वसी के पीछे हाथ धोकर पड़ गई। सर्विलांस सेल को भी वसी की धरपकड़ के लिए कड़े निर्देश दिए गए। पुलिस अफसरों की मानें तो कल हाजी वसी की लोकेशन लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट के पास मिली थी। जिसके बाद Crime Branch की टीम ने लोकेशन को ट्रेस करने के बाद घेराबंदी कर हाजी वसी को दबोच लिया।



  • Lucknow स्थित एक मीडिया के कार्यालय में छिपा था हयात जफर 
  • कानपुर कमिश्नररेट पुलिस ने हयात के तीन साथियों भी किया Arrest
  • मॉस्टर माइंड का PFI से कनेक्शन खंगाल रही है UP Police
  • हयात जफर हाशमी के बैंक खातों की जांच कराएगी पुलिस : पुलिस आयुक्त

एक यू-ट्यूब चैनल के दफ्तर में साथियों के साथ छिपा बैठा था हयात जफर हाशमी

          

Yogesh Tripathi

 Kanpur में जुमा की नमाज के बाद बेकनगंज में हुई हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हिंसा के पीछे के मॉस्टर माइंड कहे जा रहे हयात जफर हाशमी को कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने Lucknow स्थित एक मीडिया के दफ्तर में छापा मारकर Arrest कर लिया। हयात के साथ उसके 3 साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हिंसा के बाद हयात अपने साथियों के साथ फरार हो गया था और Lucknow में पनाह लिए था। Crime Branch की टीम ने मुखिबर की सटीक सूचना पर हयात जफर को धर दबोचा। हयात जौहर फैंस एसोशिएशन का प्रेसीडेंट है। पुलिस के दावों के मुताबिक उसकी गतिविधियां शुरु से ही संदिग्ध रही हैं। पुलिस अब सभी बिन्दुओं पर छानबीन कर रही है। जल्द ही हयात के बैंक अकाउंट की डिटेल को भी खंगाला जाएगा। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शक है कि हयात के कनेक्शन PFI से भी हो सकते हैं।  

 

हयात जफर का नाम पहले भी कई मामलों में आ चुका है। दो साल पहले CAA & NRC प्रोटेस्ट के दौरान शहर में हुए उपद्रव भी उसका नाम प्रकाश में आया था। कल जुमा की नमाज के बाद भी जब हिंसा भड़की तो हयात जफर फरार हो गया था। बवाल के बाद पुलिस ने तुरंत उसके मोबाइल नंबरों के जरिए उसकी लोकेशन खंगालनी शुरु कर दी थी। साथ ही उसके कई करीबी लोगों की न सिर्फ निगाहबनी की गई बल्कि देर-सबेर उनको पुलिस ने टांग भी लिया। जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम ने छापा मारकर लखनऊ में हयात को Arrest कर लिया। 

पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीना ने हयात जफर हाशमी के गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक की जांच में यह बात प्रकाश में आई है कि हयात जफर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उपद्रव की साजिश रची थी। लखनऊ में गिरफ्तारी के दौरान सभी के पास से 6 मोबाइल और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी पुलिस ने बरामद किए हैं। हयात के साथियों के मोबाइल कॉल डिटेल को खंगाला जा रहा है ताकि उन्होंने किस-किस से बातचीत की या फिर हयात से उन लोगों के क्या कनेक्शन हैं, इसका पता चल सके। 

पुलिस आयुक्त ने कहा कि जल्द ही हयात के बैंक अकाउंट को भी खंगाला जाएगा। ताकि यह मालुम हो सके कि कहीं कानपुर में उपद्रव के लिए उसे कहीं फंडिग तो नहीं की गई। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पिछले दिनों मणिपुर और पश्चिम बंगाल में भाजपा नेत्री नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की ओर से बंद का आह्वान किया गया था, उसी तारीख को कानपुर में भी बंद के लिए आह्नवान  किया गया। इस आधार पर पुलिस जांच कर रही है कि हयात जफर हाशमी का कनेक्शन कहीं पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से तो नहीं है।




  • एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हैं 2011 बैच के IPS Officer अजय पाल शर्मा
  • आधी रात हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में IPS Officer ने डाला डेरा 
  • पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी भी मातहतों के साथ मौजूद रहे
  • Video के आधार पर तमाम उपद्रवी लोगों की शिनाख्त 
  • उपद्रवियों के खिलाफ बेकनगंज थाने में तीन अलग-अलग FIR 
  • अब तक 30 से अधिक उपद्रवियों को Police ने किया Arrest
  • सबसे पहले चंद्रेश्वर हाता पहुंचे Police Officer


कानपुर पुलिस के साथ हिंसाग्रस्त क्षेत्र में गश्त करते IPS Officer डॉ. अजय पाल शर्मा

Yogesh Tripathi

 Uttar Pradesh के अतिसंवेदनशील Kanpur City में कल जुमा की नमाज के बाद मिश्रित आबादी वाले बेकनगंज थाना एरिया में दो वर्गों के बीच हुए उपद्रव के मामले को शासन ने काफी गंभीरता से लिया है। उपद्रव के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात पर काबू पाने के लिए 2011 बैच के IPS Officer अजय पाल शर्मा को भेज दिया। अजय पाल शर्मा Encounter Specialist Officer हैं। उपद्रव के बाद उनका कानपुर भेजा जाना तमाम बातों के संकेत दे रहा है। जानकारों की मानें तो जल्द ही कानपुर पुलिस कमिश्नररेट में तमाम बड़े बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। 

कानपुर के मंडलायुक्त राजशेखर, पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी के साथ देर रात्रि तक हिंसाग्रस्त क्षेत्र में मौजूद रहे।

शासन से "ग्रीन सिग्नल" मिलते ही अजय पाल शर्मा शाम को ही Kanpur पहुंच गए। यहां के अफसरों से बातचीत करने के बाद वह पुलिस आयुक्त (कानपुर), कमिश्नर कानपुर और जिलाधिकारी के साथ सीधे हिंसा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। इस दौरान करीब 12 कंपनी PAC, RAF और अतिरिक्त पुलिस बल साथ में मौजूद रहा। सद्भावना चौकी में अफसरों ने काफी देर तक आपास में मीटिंग करने के बाद सोशल मीडिया पर वॉयरल हो रहे तमाम Video के फुटेज को बारीकी से देखा। मुखबिर तंत्र के जरिए ईंट-पत्थर चला रहे तमाम उपद्रवियों की पहचान की गई। इसके बाद फोर्स की टुकड़ी लेकर अजय पाल शर्मा सीधे चंद्रेश्वर हाता पहुंच गए। यह वह हाता है जहां अक्सर दंगों के दौरान दूसरे वर्ग से तगड़ी मोर्चाबंदी होती है। चंद्रेश्वर हाता में मौजूद तमाम लोगों से अफसरों ने लंबी पूछताछ कर जानकारियां एकत्र कीं। खबर ये भी है कि देर रात्रि पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर जौहर फैंस एसोशिशन के हयात जफर हाशमी को उठा लिया। गुप्त स्थान पर रखकर उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि हयात को पकड़े जाने के पुष्टि पुलिस विभाग के किसी अफसर ने अधिकारिक रूप से फिलहाल नहीं की है। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद ही पुलिस उसके गिरफ्तारी के रहस्य से "पर्दा" उठाएगी।

 

IPS Officer Dr. Ajay Pal Sharma (Photo Google)

सूत्रों की मानें तो इसके बाद भरी पुलिस बल मिश्रित आबादी वाली तंग गलियों में घुसा। Video फुटेज से चिन्हित किए गए तमाम लोगों को पुलिस ने घर से खींचकर बाहर निकाला। भारी पुलिस बल को देख कोई विरोध करने का साहस नहीं जुटा पाया। पकड़े गए लोगों को तत्काल थाने भेजा गया। रात दो बजे तक का आलम यह रहा कि यतीमखाना चौराहा, परेड चौराहा, दादा मिया, तलाक महल, बीडी मार्केट और पेंचबाग समेत तमाम मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में सिर्फ चारो तरफ खाकी ही दिख रही थी। पुलिस की गाड़ियों के सायरन सुनकर लोग रात भर सो नहीं सके। धरपकड़ अभियान सुबह चार बजे तक चला। इसके बाद अलसुबह भारी पुलिस बल ने गश्त भी किया। मुखबिरों को नेटवर्क को अफसरों ने और भी मजबूत करने का निर्देश दिया। 

कानपुर में हुई हिंसा का मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी (फोटो Twitter)

ठेलिया-लोडर में भरकर लाए गए गुम्मे-पत्थर और बोतल

पुलिस को छानबीन में पता चला है कि उपद्रवी ठेलिया में गुम्मे-पत्थर भरकर लाए थे। चूंकि ईंट-पत्थर ठेले के ऊपर नहीं रक्खे थे इस लिए कोई समझ ही नहीं पाया। चंद्रेश्वर हाते के पास कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि लोडर के जरिए कोल्ड ड्रिंक्स की खाली बोतलें लाई गई थीं। माना जा रहा है कि इन बोतलों को पेट्रोल बम बनाने के मकसद से लाया गया होगा। गौरतलब है कि उपद्रव के दौरान आतताइयों ने पेट्रोल बम भी फेंके थे। 

Kanpur की हिंसा में तीन FIR रजिस्टर्ड

शुक्रवार को कानपुर के बेकनगंज थाना एरिया में हुए उपद्रव के बाद आधी रात को पुलिस ने तीन रिपोर्ट दर्ज की। घायल मुकेश की तरफ से पहली रिपोर्ट दर्ज की गई।  नई सड़क और दादा मियां चौराहा पर पुलिस टुकड़ी पर हुए हमले और उपद्रव में दो रिपोर्ट दर्ज की गईं। यह दोनों FIR पुलिस ने अपनी तरफ से दर्ज की हैं। FIR में पुलिस ने जौहर फैंस एसोशिएशन के हयात जफर हाशमी को आरोपी बनाया है। इसके साथ ही पुलिस ने एहताश कबाड़ी, जीशान, आकिब, निजाम कुरैशी, अजीजुर्र, आमिर, जावेद अंसारी समेत करीब 40 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की। करीब एक हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। सूत्रों की मानें तो जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, उसमें तमाम सोशल मीडिया पर कैंपेन भी चला रहे थे। खुद हयात जफर उपद्रव के समय तक फेसबुक पर एक्टिव था। पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 153, 307, 323, 504, 506, 332, 333, 353 और 7CLA के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। 

हयात जफर हाशमी करीब पांच दिन से शहर में पोस्टरबाजी करवा रहा था।

पोस्टरबाजी और नारेबाजी की भनक तक नहीं लगी

शहर में करीब पांच दिनों से पोस्टरबाजी और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया जा रहा था लेकिन पुलिस और खुफिया इकाइयों को भनक तक नहीं लगी। जौहर फैंस एसोशिएशन का हयात जफर हाशमी लगातार मीटिंग करता रहा लेकिन लोकल पुलिस ने उसे रोका तक नहीं। बैनर लेकर वह भीड़ के साथ नारेबाजी भी करता नजर आया। www.redeyestimes.com (News Portal) ने जब हयात के Facebook Account को खंगाला तो तमाम वीडियो और फोटो ऐसे मिले, जिसमें वह बाजार बंदी को लेकर लोगों से मीटिंग करता नजर आया। एक पोस्ट में तो वह शहर के एक IPS Officer से मुलाकात भी करता दिखाई दे रहा है। 

10 जून को लेकर Alert है प्रशासन

कल जुमा की नमाज के दौरान 10 जून को इस्लामियां ग्राउंड पहुंचने की अपील भी की गई। सूत्रों की मानें तो यह अपील करीब-करीब शहर की प्रमुख मस्जिदों से की गई। इसकी भनक इंटेलीजेंस को लग चुकी है। प्रशासन का पहला टॉरगेट किसी तरह 10 जून की चुनौती को काबू में लाना है। इसके लिए अफसरों ने रणनीति बनानी शुरु कर दी है। अफसरों ने मातहतों को Alert करते हुए सख्त ताकीद दी है कि क्षेत्र में मुखबिरों का संजाल तगड़ा करें। ताकि गोपनीय गतिविधियों के बारे में जानकारियां मिल सकें। 





  • उपद्रवियों की संपत्ति जब्त और धव्स्त की जाएगी
  • 12 कंपनी PAC के साथ कई Officer's भी भेजे गए
  • उपद्रवियों के साथ-साथ षडयंत्रकारियों पर भी लगेगा गैंगस्टर 
  • Kanpur के तनावपूर्ण हालात पर UP Police ने नियंत्रण पाया

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार

Yogesh Tripathi

जुमा की नमाज के बाद अतिसंवेदनशील Kanpur City में भड़की "हिंसा की चिंगारी" के मामले को शासन ने काफी गंभीरता से लिया है। उपद्रव करने वाले अमन-चैन के दुश्मनों से पुलिस सख्ती से पेश आएगी। Video & CCTV फुटेज के जरिए उपद्रवियों को चिन्हित करने का काम जारी है। अब तक 18 उपद्रवियों को Kanpur Police Arrest कर चुकी है। हालात पर पूरी तरह से UP Police का नियंत्रण है। सुरक्षा के मद्देनजर 12 कंपनी PAC की तैनाती के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षाबलों की भी तैनाती की गई है। कई तेज तर्रार पुलिस अफसरों को भी कानपुर भेजा जा रहा है। 

कानपुर के बेकनगंज में मौजूद जिलाधिकारी नेहा शर्मा

यह बातें Lucknow में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने जारी अपने बयान में कहीं। ADG (L&O) ने कहा कि जो लोग उपद्रव में शामिल रहे हैं। उनकी संपत्तियों को जब्त करने के साथ ध्वस्त भी किया जाएगा। उपद्रवियों के पीछे जो भी षडयंत्रकारी लोग हैं, उनको भी किसी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। ADG (L&O) ने शहर के संभ्रांत लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह कानून एवं व्यवस्था की शांति बहाली के लिए प्रयास करें। शासन और प्रशासन ने पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। 

उपद्रव फैलाने के जुर्म में संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर जाती कानपुर पुलिस

  उल्लेखनीय है कि फ्राइडे की दोपहर जुमा की नमाज के बाद मुस्लिम वर्ग के कुछ युवक बेकनगंज के परेड चौराहा से लेकर यतीमखाना चौराहे पर स्थित तमाम बाजारों को जबरन बंद करवा रहे थे। दूसरे वर्ग के युवकों ने विरोध किया। जिसके बाद गाली-गलौज और नारेबाजी शुरु हो गई। देखते ही देखते नई सड़़क के इन एरिया में सैकड़ों की संख्या में युवकों ने ईंट-पत्थर चलाए। शहर का माहौल पूरी तरह से बिगाड़ने के लिए न सिर्फ हवाई फायरिंग की गई बल्कि बमों के धमाके भी किए गए।

पकड़े जाने के दौरान रिहाई के लिए गिड़गिड़ाते रहे संदिग्ध युवक।

शहर में इतनी बड़ी घटना तब हो गई जब कानपुर देहात में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी थी। पुलिस के तमाम अफसर और कर्मचारी VVIP की सुरक्षा व्यवस्था में लगे थे, ये बात शायद उपद्रवियों को मालुम थी। यही वजह थी कि आज के दिन ही बाजार बंदी का ऐलान किया गया था। सबसे बड़ा सवाल लोकल इंटेलीजेंस पर भी उठ रहा है ? क्यों कि तमाम VVIP के आवागमन को लेकर इंटेलीजेंस कापी पहले से Active थी लेकिन उसके बाद भी उसे सुरागरशी नहीं मिली। जबकि शहर के बेकनगंज, चमनगंज, कर्नलगंज, बाबूपुरवा जैसे संवेदनशील एरिया में बाजार बंदी को लेकर सुबह से ही पोस्टर चस्पा किए जा रहे थे। मालुम हो कि बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने दो दिन पहले एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान पैगंबर साहब को लेकर कुछ अमर्यादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद से मुस्लिम वर्ग में नाराजगी थी और वह बाजारों को बंद करवाकर अपना विरोध दर्ज कराने की मुहिम में जुट गए थे।


  • जुमा की नमाज के बाद दुकानों को बंद कराने को लेकर भिड़े दो वर्ग 
  • गाली-गलौज के बाद सड़क पर उतरी हजारों की उग्र भीड़
  • बवाल के दौरान दोनों तरफ से जमकर चले गुम्मे और पत्थर 
  • यतीमखाना चौराहा से लेकर परेड चौराहे तक अफरा-तफरी का माहौल
  • उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने दागे आश्रु गैस के गोले 
  • 15 थानों की फोर्स ने मौके पर संभाला मोर्चा 
  • Video & CCTV फुटेज से हो रही है उपद्रवियों की पहचान
  • संवेदनशील बेकबगंज में बवाल के बाद आसपास की बाजारों को प्रशासन ने करवाया बंद 
  • रैपिट एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए गए
पथराव के बीच टियर गैस दागता UP Police का जवान

Yogesh Tripathi

Uttar Peadesh का अतिसंवेदनशील शहर Kanpur  फ्राइ-डे की दोपहर को "हिंसा की लपटों" में "झुलस" गया। जरा सी बात को लेकर दो वर्गों के कुछ युवकों के बीच हुई बहस देखते ही देखते "कुरुक्षेत्र के मैदान" में तब्दील हो गई। दोनों वर्ग के उपद्रवी युवकों ने जमकर ईंट-पत्थर चलाए। पथराव से एरिया में भगदड़ मच गई। यतीमखाना चौराहे से लेकर परेड चौराहे की सड़क कुछ ही मिनट में ईंट और पत्थरों से पट गई। पथराव के बीच कई चक्र फायरिंग भी हुई। सूचना पर कानपुर कमिश्नर रेट के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उपद्रवियों को काबू में लाने के लिए पुलिस ने टियर गैस के गोले भी दागे। समाचार लिखे जाने तक हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। पथराव में कई लोगों के जख्मीं होने की खबर है।  सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पथराव से कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

दोनों तरफ से पथराव करते उपद्रवी (फोटो साभार वॉयरल वीडियो)

विवाद के पीछे की वजह जुमें की नमाज के बाद दुकानों को जबरन बंद कराया जाना बताया जा रहा है। जिला प्रशासन ने मिश्रित आबादी वाले अतिंसंवेदनशील बेकनगंज को पूरी तरह से सील Kanpur City में हिंसा की लपटों को किसी तरह बढ़ने से रोक लिया है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भी तैनाती कर दी गई है।  लेकिन जानकारों का कहना है कि "चिंगारी" सुलग रही है। Police Officer's को काफी सख्त तेवर दिखाने होंगे। गौरतलब है कि  शुक्रवार को प्रधानमंत्री Narendea Modi की मौजूदगी Kanpur Dehat जनपद में रही। जिसकी वजह से पुलिस बल का एक बड़ा भाग उनकी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात है। सबसे खास बात ये रही कि एक बार फिर लोकल इंटेलीजेंस फेल साबित हुई। उपद्रव के बाद इंटेलीजेंस नींद से जागी।   

फायरिंग के समय मुंह पर गमछा और आंखों पर चश्मा लगाए रहे उपद्रवी

पहले एकत्र हुई भीड़, नारेबाजी फिर पथऱाव

उपद्रव के पीछे की जो कहानी बताई जा रही है उसके मुताबिक कुछ दिन पहले BJP की Spokeperson नूपुर शर्मा ने एक TV चैनल की डिबेट के दौरान पैंगबर मुहम्मद साहब पर कुछ अमर्यादित टिप्पणी की थी। कहा जा रहा है कि नूपुर शर्मा की बेहूदगी पर मुस्लिम वर्ग नाराज था। एक मुस्लिम नेता ने जुमा को बाजार बंदी का ऐलान भी किया था। दोपहर को कुछ दुकाने बंद भी कराई गईं। जुमा की नमाज के बाद अचानक सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। करीब पौने तीन बजे नारेबाजी करते हुए लोग पथराव करने लगे। पथराव के जवाब में दूसरे वर्ग के युवकों ने भी मोर्चा संभाला और पत्थरबाजी शुरु कर दी। अचानक पथराव से एरिया में सनसनी फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। 

पथराव से यतीमखाना की सड़क ईंट और पत्थर से पूरी तरह पट गई।

पथराव के बीच फायरिंग से फैली दहशत

 पथराव के बीच कुछ युवकों ने हवाई फायरिंग की। जिससे मिश्रित आबादी वाले बेकनगंज एरिया में दहशत फैल गई। कहा जा रहा है कि कुछ उपद्रवियों ने बम भी फोड़े। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तत्काल त्वरित कार्रवाई करते हुए टियर गैस के गोले दागने शुरु कर दिए। पुलिस के लगातार टियर गैस दागने से उपद्रवियों के हौसले पस्त हुए और सभी तंग गलियों की तरफ भाग निकले। उपद्रवियों के भागने पर मौजूद पुलिस बल आगे बढ़ा और गलियों में भी टियर गैस के गोले दागे ताकि उपद्रवी दोबारा बाहर जल्दी न निकल सकें। 

हिंसा फैलाने के जुर्म में कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया।

मौके पर पहुंची DM Kanpur 

इस बीच बवाल की खबर मिलते ही DM (Kanpur Nagar) नेहा शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी शहर के तमाम क्षेत्राधिकारियों और थानेदारों के साथ मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। इस बीच प्रशासनिक अफसरों ने दोनों वर्ग के संभ्रांत लोगों को बुलाकर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए उपद्रवियों को पकड़वाने में मदद की बात कही। समूचे एरिया को सील कर अफसरों ने बवाल करने वालों तत्काल चिन्हित कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश जारी किया। समाचार लिखे जाने तक कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। जो लोग जख्मी हुए हैं उन्हे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

उपद्रव की खबर पर पहुंचे Police Officer's ने संभाला मोर्चा।

 CCTV & Video से चिन्हित किए जा रहे उपद्रवी

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अफसरों ने हिंसा वाली एरिया के आसपास की बाजारों को भी बंद करवा दिया। कुछ हिन्दूवादी संगठनों के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुचें लेकिन अफसरों ने उनको अंदर जाने नहीं दिया। बवाल की सूचना पर खुफिया इकाइयां भी Alert हो गईं। पुलिस को लगातार क्षेत्र में गश्त करने का निर्देश अफसरों ने दिया है। एक पुलिस अफसर की मानें तो CCTV के साथ-साथ सोशल मीडिया पर Viral Video के आधार पर भी हिंसा में शामिल उपद्रवी लोगों को चिन्हित करने का काम Start हो चुका है। जो भी लोग बवाल में शामिल होंगे उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।