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  • चकेरी थाना एरिया के छप्पन भोग चौराहे पर आग का गोला बना अधेड़
  • शरीर पर पेट्रोल छिड़कने के बाद अधेड़ ने खुद को आग के हवाले किया
  • मौका-ए-वारदात पर मौजूद सैकड़ों की भीड़ जान बचाने के बजाय बनाती रही Video
  • उपचार के दौरान अधेड़ की LLR Hospital में मौत, परिवार में मातम
  • प्लाट पर कब्जा होने से दुःखी थे, शिकायत के बाद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई




Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kabnpur जनपद में संडे की सुबह चकेरी थाना एरिया के श्यामनगर स्थित छप्पन भोगचौराहे पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक अधेड़ ने शरीर पर पेट्रोल छिड़कने के बाद खुद को आग के हवाले कर दिय। आग की लपटों में घिरने के बाद अधेड़ जान बचाने के लिए काफी देर तक इधर-उधर भागा। सैकड़ों की भीड़ Video बनाने में मशगूल रही लेकिन मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा। कुछ लोगों ने किसी तरह आग बुझाकर सूचना पुलिस को दी। मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को इलाज के लिए LLR (Hospital) में भर्ती कराया, जहां देर शाम उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बिधनू में चार साल पहले खरीदे गए प्लाट पर दबंग ने कब्जा कर लिया। जिसकी शिकायत मृतक ने पुलिस से की थी लेकिन कार्रवाई के बजाय पुलिस ने उल्टा दबाव बनाया। जिसकी वजह से मृतक ईश्वरचंद्र दीक्षित (55) डिप्रेशन में थे। 

पत्नी रानी के साथ ईश्वरचंद्र दीक्षित (55) : फाइल फोटो

ईश्वर चंद्र दीक्षित (55) पत्नी और बच्चों के साथ करीब चार साल से चकेरी के श्यामनगर स्थित चाणक्यपुरी निवासी राधेश्याम तिवारी के मकान में किराए पर रह रहे थे। ईश्वरचंद्र के परिवार में पत्नी रानी और तीन बेटियां आदिति, भूमिका और वेदिका हैं। बड़ी बेटी आदिति नोएडा में सर्विस करती है। जबकि भूमिका और  वेदिका B.Tech की पढ़ाई कर रही हैं। परिजनों के मुताबिक वर्ष 2017 में बिधनू के गंगापुर कालोनी में 200 वर्ग का प्लाट पिता ने सुनीता वर्मा नाम की महिला से खरीदा था।

शुक्रवार को दशहरा के पूरा परिवार पूजन करने और बाउंड्री वॉल की नींव रखवाने के लिए प्लाट पर पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि वहां पर घनश्याम सिंह गौड़ नाम का दबंग व्यक्ति पुलिस लेकर पहुंचा और प्लाट पर दावा करने लगा। विवाद बढ़ने पर ईश्वरचंद्र ने श्यामनगर चौकी और बिधनू थाने की पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की तरफ से कार्रवाई न होने पर ईश्वरचंद्र डिप्रेशन में आ गए। 

घर पर मौजूद बेटियां भूमिका और वेदिका।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक संडे की सुबह ईश्वरचंद्र छप्पन भोग चौराहे पर पहुंचे। उनके हाथ में एक बोतल थी, जिसमें पेट्रोल भरा था। लोग कुछ समझ पाते ईश्वरचंद्र ने बोतल में भरा पेट्रोल शरीर पर उड़ेल लिया। इसके बाद उन्होंने आग लगा ली। शरीर पर आग लगते ही वह पल भर में आग का गोला बन गए। जान बचाने के लिए ईश्वरचंद्र काफी देर तक इधर-उधर भागे लेकिन वहां मौजूद भीड़ में कोई व्यक्ति उनकी जान बचाने के लिए आगे नहीं आया। तमाशबीन बने लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। इस बीच कुछ युवकों ने किसी तरह आग बुझाने के बाद चकेरी पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में ईश्वरचंद्र को गंभीर हालत में हैलट अस्पताल पहुंचाया। देर शाम उपचार के दौरान ईश्वरचंद्र की मौत हो गई।

  • 67 दोषी पुलिस कर्मियों के संपत्तियों की होगी जांच
  • Delhi में अफसरों ने गवाह सौरभ भदौरिया से पूछताछ की
  • इंटेलीजेंस ब्यूरो ने कार्रवाई के लिए शासन से मांगी अनुमति

फोटो साभार (Google)

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur स्थित शिवली थाना एरिया के गांव Bikru में दबिश देने पहुंची Police Team पर Encounter में मारे जा चुके गैंगस्टर Vikas Dubey ने अपने गुर्गों के साथ स्वचालित हथियारों से लैस होकर अंधाधुंध गोलियों की बौंछार कर उनकी हत्या कर दी थी। हमले में तत्कालीन CO (बिल्हौर) देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिस कर्मियों की मौत हुई थी। लंबे समय तक देश में सुर्खियां बटोरने वाले चर्चित Bikru Case की कई एजेंसियों ने जांच की। इसमें शासन की तरफ से गठित SIT जांच भी शामिल है। Bikru Case को बीती 2/3 जुलाई को एक वर्ष हो गए। 

फोटो साभार (Google)
 

इस बीच इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) ने भी अपनी जांच Complete कर ली है। IB Officer’s की टीम ने इकलौते गवाह सौरभ भदौरिया को Delhi में बुलाकर काफी देर तक पूछताछ की। सौरभ ने अफसरों को बताया कि दोषी पाए गए अफसरों पर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। इतना ही नहीं उनकी सुरक्षा तक छीन ली गई। जिसकी वजह से उनकी जान को बराबर खतरा बना हुआ है। सौरभ भदौरिया का कहना है कि IB के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि दोषी पुलिस कर्मियों के संपत्तियों की जांच के साथ उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। माना जा रहा है कि अगले दो हफ्ते में IB अपनी जांच रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप देगी।



RTI Activist सौरभ भदौरिया ने की थी शिकायत

Bikru Case में सीओ समेत 8 पुलिस कर्मियों के शहीद होने पर Kanpur के ब्रम्हनगर निवासी RTI Activist और अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने तमाम जांच एजेंसियों से पूरे मामले की शिकायत की। सौरभ ने गैंगस्टर विकास दुबे के खजांची जयकांत बाजपेयी, उसके भाइयों, तमाम सफेदपोश नेताओ व विकास दुबे के गुर्गों के कनेक्शन और कई बेनामी संपत्तियों से जुड़े कागजात सौंपते हुए इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर IB Officer’s की एक टीम ने Kanpur पहुंचकर लंबी जांच-पड़ताल की। इस दौरान सौरभ भदौरिया ने कई और अहम दस्तावेज भी टीम को सौंपे। बकौल सौरभ भदौरिया IB की प्रारंभिक जांच करीब-करीब पूरी हो चुकी है। जुलाई महीने में ही IB अपनी जांच रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप देगी। शुक्रवार को दिल्ली में IB के अधिकारियों ने एक बार फिर सौरभ भदौरिया को बुलाकर पूछताछ कर उनके बयानों को दर्ज किया। 

दोषी पुलिस कर्मियों पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई

 

Bikru Case के बाद गैंगस्टर विकास दुबे समेत 6 बदमाशों को Police और STF ने एनकाउंटर में मार गिराया। करीब 43 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसमें विकास दुबे का खजांची जयकांत बाजपेयी भी शामिल है। सौरभ भदौरिया का आरोप है कि जयकांत बाजपेयी के संबंध पूर्व एसएसपी अनंत देव समेत कई अफसरों से रहे हैं। कई थानेदार और सीओ से भी जयकांत बाजपेयी की दोस्ती थी। तमाम से दरोगा और थानेदार जयकांत बाजपेयी के घर में ही रहते थे। इस बात का खुलासा भी हो चुका है। कांड के बाद IG की तरफ से भेजी गई पुलिस टीम को कई दरोगा घर में रहते मिले थे। कुछ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई भी हुई थी। सौरभ भदौरिया का कहना है कि अब तक 67 पुलिस कर्मी दोषी पाए गए हैं लेकिन किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

 

सौरभ भदौरिया (RTI Activist & Advocate)

सौरभ भदौरिया ने CBI को भी दर्ज कराए बयान

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भी शिकायतकर्ता सौरभ भदौरिया को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। सौरभ ने बिकरु कांड की जांच में अनियमितता होने की शिकायत दर्ज कराई। सौरभ का आरोप है कि जयकांत बाजपेयी के फर्जी पासपोर्ट और शस्त्र लाइसेंस के मामले में Kanpur Police ने जांच के दौरान गंभीर धाराएं हटा दी हैं। जिसका सीधा लाभ आरोपी को मिला। सौरभ ने जय बाजपेई के सूदखोरी समेत अवैध और गोरखधंधों में संलिप्त पुलिस कर्मियों पर अब तक कार्रवाई न होने की बात अफसरों से कही। सौरभ का आरोप है कि विभागीय अफसर ही दोषी पाए गए अपने मातहतों को बचाने में जुटे हुए हैं।

सिक्योरिटी को लेकर सौरभ भदौरिया ने जताई चिंता

RTI Activist और अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने अपनी सिक्योरिटी को लेकर अफसरों के सामने चिंता व्यक्त की। सौरभ का कहना है कि वह Bikru Case से जुड़े तमाम मामलों के इकलौते गवाह हैं जो हर जांच एजेंसी को कागजात से लेकर तमाम सबूत और साक्ष्य अब तक मुहैया करवाते आ रहे हैं लेकिन इन सबके बाद भी शासन को उनके जान की चिंता नहीं है। सौरभ का आरोप है कि कुछ महीना पहले जो एक गनर मिला था वह भी अफसरों की तरफ से छीन लिया गया। बकौल सौरभ 20 जून 2021 से गवाह सुरक्षा अधिनियम भी लागू हो गया है।

सौरभ का कहना है कि 10 दिसंबर 2020 को उन्हें सुरक्षा मुहैया हुई थी। 14 जून 2021 को सुरक्षा हटा ली गई। सौरभ ने आशंका जताई है कि उनकी शिकायत पर ही जयकांत वाजपेयी और दोषी पुलिस कर्मियों पर जांच बैठी है। सभी रसूखदार लोग हैं। इस लिए कभी भी उनकी हत्या होने की आशंका है।


-दोस्त के साथ मिलकर दरोगा पुत्र ने की छात्रा के साथ दरिंदगी

-सजेती में पिंक चौकी खुलने के दूसरे दिन सनसनीखेज वारदात

-बुधवार सुबह मेडिकल कराने पहुंचे पिता को ट्रक ने रौंदा, मौत

-परिजनों का आरोप, आरोपी का भाई लगातार दे रहा था धमकी

-कई थानों की फोर्स के साथ Police Officer’s मौका-ए-वारदात पर पहुंचे

-कानपुर-कबरई (नेशनल हाइवे) पर लगा है 7 किलोमीटर लंबा जाम

-मुख्य आरोपी दरोगा के पुत्र को Police ने किया Arrest


Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur जनपद स्थित सजेती थाना एरिया में कक्षा 8 की छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात से सनसनी मच गई। पीड़ित छात्रा ने इल्जाम दरोगा के दबंग पुत्र पर लगाया है। छात्रा का आरोप है कि दरोगा पुत्र और उसके दोस्तों ने बंधक बनाकर उसके साथ रातभर गैंगरेप किया। मंगलवार सुबह चंगुल से छूटी छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। सजेती पुलिस ने FIR रजिस्टर्ड कर मुख्य आरोपी को Arrest कर लिया। 

दुस्साहसिक वारदात में एक बड़ा मोड़ तब आ गया जब बुधवार मेडिकल परीक्षण कराने पहुंचे पीड़िता के पिता को ट्रक ने कुचल दिया। गंभीर हालत में उसे Hospital ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आक्रोशित भीड़ सड़क पर आ गई और नेशनल हाइवे को जाम कर आरोपितों को तत्काल Arrest करने की मांग शुरु कर दी। समाचार लिखे जाने लिखे जाने तक कई थानों की फोर्स के साथ Police Officer’s मौका-ए-वारदात पर मौजूद हैं। हाइवे पर करीब 7 किलोमीटर लंबा जाम लगा है। जाम को खुलवाने की जद्दोजहद प्रशासन की तरफ से जारी है। 

सजेती थाना एरिया में चार दिन पहले ही महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के मद्देनजर पिंक चौकी का शुभारंभ किया गया था। ठीक दो दिन बाद (Monday) को सजेती थाना एरिया के एक गांव की 13 साल की लड़की जो 8वीं की Student बताई जा रही है, उसके साथ ये हैवानियत हुई। परिजनों के मुताबिक छात्रा Monday की दोपहर मवेशियों का चारा लेने के लिए खेत में गई थी। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद गांव के ही देवेंद्र यादव के बेटे दीपू यादव ने अपने दोस्त गोलू यादव के साथ छात्रा को दबोच लिया। आरोपी छात्रा का मुंह दबाकर सूनसान जगह ले गए और पूरी रात गैंगरेप किया। बेटी के घर न पहुंचने पर परिजन पूरी रात उसकी खोजबीन करते रहे लेकिन सुराग नहीं मिला। सुबह किसी तरह दबंग आरोपितों के चंगुल से छूटी छात्रा जब घर पहुंची तो उसकी हालत देख परिजनों के होश उड़ गए।

पूछताछ करने पर छात्रा ने अपने साथ हुई हैवानियत की दास्तां बताई तो परिजन उसे लेकर सजेती थाने पहुंचे। छात्रा के परिजनों का कहना है कि आरोपित दीपू के भाई सौरभ ने मुकदमा न लिखाने के लिए धमकी देना शुरु कर दिया। परिजनों के मुताबिक आरोपी दीपू का पिता UP Police में सब इंस्पेक्टर (SI) है। उसकी तैनाती पड़ोस के एक जनपद में है।

बुधवार सुबह पीड़ित बेटी को लेकर मेडिकल कराने जा रहे पिता को पुलिस की जीप से उतरते ही ट्रक ने कुचल दिया। गंभीर हालत में उसे Hospital  ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

खबर जब गांव पहुंची तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण नारेबाजी करते हुए सड़क पर आ गए। ग्रामीणों ने आनूपुर मोड़ के पास कानपुर-कबरई (नेशनल हाइवे) को जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। छात्रा और उसके परिजनों ने पिता को ट्रक से कुचलकर मार डालने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि सौरभ कल से बराबर धमकी दे रहा था कि यदि मुकदमा लिखाया तो गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। हाइवे को जाम कर हंगामा कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीड़िता के पिता की सुनियोजित ढंग से हत्या की गई है। 

डॉक्टर प्रीतिंदर सिंह (SSP/DIG Kanpur)

क्या कहते हैं जिम्मेदार ?

SSP/DIG डॉक्टर प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी को Arrest किया जा चुका है। पुलिस की पांच टीमें बनाई गई थी। फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। Accident में पिता की मौत के बाद गहराई से छानबीन की जा रही है। सीएचसी में मेडिकल कराने के लिए पीड़िता को लेकर पुलिस के साथ पहुंचे पिता की एक्सीडेंट में मौत हो गई। वह चाय लेने के लिए सड़क पार कर रहे थे

DM Kanpur Nagar
मुख्यमंत्री कोष से 5 लाख की आर्थिक इमदाद

 DM Kanpur ने सजेती की घटना पर दुःख जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत कोष से पीड़ित छात्रा के परिजनों को 5 लाख रुपए के आर्थिक मदद की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिता की मौत हो गई है। लिहाजा सरकारी पट्टा देने पर भी विचार किया जा रहा है। रेप केस और पिता की मौत के मामलों की जांच की जा रही है।


-10 थानों की फोर्स मौके पर मौजूद रहा

-गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल में बंद है बच्चा

-श्रम विभाग के सरकारी क्वार्टर पर कर रखा था कब्जा

-गली संकरी होने की वजह से नहीं पहुंची JCB

-दो दर्जन से अधिक मजदूर चला रहे हैं हथौड़ा

Kanpur में ड्रग माफिया सुशील उर्फ बच्चा के मकान पर घन से प्रहार करता श्रमिक

Yogesh Tripathi

East (UP) में बाहुबली माफिया डॉन मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और उनके गुर्गों के मकानों और बेनामी संपत्तियों को ध्वस्त करने के बाद अब Cenrtal (UP) में भी प्रशासन ने गुंडों और माफियाओं पर कार्रवाई शुरु कर दी है। Kanpur में ड्रग माफिया सुशील शर्मा उर्फ बच्चा की तरफ से कब्जा कर बनाए गए घर पर Monday को जिला प्रशासन ने आखिर अपना हथौड़ा चला दिया। गली संकरी होने की वजह से जब JCB माफिया के घर तक नहीं पहुंची तो दो दर्जन श्रमिकों ने हथौड़ा चलाकर मकान को ध्वस्त करने का काम Start किया। समाचार लिखे जाने तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। किसी भी बवाल के मद्देनजर 10 थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है। 

सुशील उर्फ बच्चा और उसके भाई राजकुमार को पुलिस कुछ दिन पहले Arrest कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की है। जिला प्रशासन ने जब उसकी संपत्ति को जब्त करने के लिए आंकलन करना शुरु किया तो पता चला कि ड्रग माफिया ने श्रम विभाग के सरकारी क्वार्टर पर ही कब्जा कर अपना आशियाना बना रखा है।

SSP/DIG डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने श्रम विभाग और अर्मापुर स्टेट को पत्र लिखकर सुशील उर्फ बच्चा और उसके भाई राजकुमार के खिलाफ FIR रजिस्टर्ड कर सरकारी संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया कुछ दिन पहले शुरु की। Monday को काकादेव थाना एरिया के अंबेडकर नगर स्थित अर्मापुर स्टेट की जमीन पर अनाधिकृत तरीके से बनाए गए सुशील बच्चा के मकान को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

प्रशासनिक अफसरों के साथ-साथ अर्मापुर स्टेट के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। गली संकरी होने की वजह से JCB मशीन अंदर नहीं जा सकी। इस पर अफसरों ने तुरंत हथौड़ों की व्यवस्था करवा करीब दो दर्जन श्रमिकों को घर गिराने के काम पर लगा दिया। मजदूरों ने माफिया के मकान पर हथौड़ा चलाया तो देखते ही देखते ड्रग माफिया का मकान मलबे में तब्दील हो गया।

Police का कहना है कि ड्रग माफिया के इस तीन मंजिला मकान से ड्रग की तस्करी होती थी। सुशील उर्फ बच्चा के गुर्गे इस घर में पनाह भी लेते थे। घर के ठीक सामने उसके भाई राजकुमार का भी अर्धनिर्मित घर है। पुलिस ने उसे भी ढहाने की तैयारी कर रखी है लेकिन अभी कुछ दिन का समय लग सकता है। 

फोटो : साभार गूगल

खास बात ये है कि ड्रग माफिया BJP के कुछ बड़े नेताओं का बेहद करीबी होने के साथ-साथ खास भी रहा है। यही वजह है कि गिरफ्तारी से कुछ महीना पहले तक वह शहर के तमाम कार्यक्रमों में देखा जाता था। तमाम नेताओं के साथ उसके होर्डिंग्स और बैनर शहर में चर्चा में रहे हैं।  

उल्लेखनीय है कि 2/3 जुलाई 2020 को चर्चित बिकरू कांड के ठीक 24 घंटे बाद भी पुलिस ने एनकाउंटर में मारे जा चुके गैंगस्टर विकास दुबे के घर को जेसीबी मशीन से ढहा दिया था। उसके बाद जिला प्रशासन की तरफ से Kanpur में किसी माफिया या गैंगस्टर के खिलाफ यह अब तक की बड़ी कार्रवाई है।

-Accident में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का "तांडव"

-आक्रोशित भीड़ ने "यमदूत" बने डंपर में लगाई आग

-उपद्रवी भीड़ का कुरियां पुलिस चौकी पर धावा, तोड़फोड़, आगजनी


Yogesh Tripathi

Kanpur के बिधनू थाना एरिया में "यमदूत" बने डंपर ने एक महिला की जान ले ली। डंपर की टक्कर के बाद महिला पहिए के नीचे आई और उसकी मौत हो गई। Accident में महिला की मौत से आक्रोशित भीड़ सड़क पर उतर आई। भीड़ ने पथराव कर डंपर में आग लगा दी। इसके बाद उग्र भीड़ ने बिधनू थाने की कुरियां चौकी में धावा बोल दिया। 


 

हिंसक भीड़ ने कुरियां पुलिस चौकी में जमकर उत्पात मचाया। पथराव कर चौकी में आगजनी कर दी। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस चौकी में मौजूद पुलिस फोर्स पर भी हमला किया। भीड़ को बेकाबू होते देख कई पुलिस कर्मी चौकी छोड़कर भाग निकले। दरोगा समेत कुछ पुलिस वालों को चोटें आईं हैं। सूचना मिलते ही कई थानों की फोर्स के साथ Police के Officer's मौका-ए-वारदात के लिए रवाना हो चुके हैं। समाचार लिखे जाने तक बवाल जारी है। 

कोरिया चौकी के गुरुवा खेड़ा गांव के पास रेलवे कॉरीडोर निर्माण के लिए डीएफसी कंपनी के डंपर मिट्टी ने गुरुवार शाम गुरुवा खेड़ा गांव में मायादेवी (45) को टक्कर मार दी। मायादेवी कोयला नगर निवासी अपने रिश्तेदार के घर से वापस गांव जा रही थीं। इस बीच पिपरगंवा गांव के पास कारिडोर के लिए मिट्टी लेकर जा रहे डंपरों में एक ने मायादेवी को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह पहिए के नीचे आ गईं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर गांव के ग्रामीणों को मिली तो सभी मौके पर पहुंच गए। भीड़ ने डंपर में आग लगा दी।

बताया जा रहा है कि सूचना के काफी देर बाद तक पुलिस नहीं पहुंची। जिसकी वजह से ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। आक्रोशित ग्रामीण कुरियां पुलिस चौकी पहुंच गए और पुलिस चौकी में पथराव कर तोड़फोड़ शुरु कर दी। पुलिस कर्मी जब तक संभलते ग्रामीणों ने चौकी में आग लगा दी। समाचार लिखे जाने तक घाटमपुर सर्किल के थानों की फोर्स मौके पर मौजूद थी। 

SP (RA) ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि Accident पुलिस चौकी के पास हुआ। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। डंपर रेलवे के सरकारी कार्य मे लगा है। ग्रामीणों ने तीन डंपर में आग लगाई। उसके बाद पुलिस चौकी में तोड़फोड़ कर सरकारी कार्य में बाधा डाला। एसपी का कहना है कि उपद्रवी लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तारी की जाएगी। 


UPDATE--NEWS

 -कांग्रेस कार्यकर्ताओं की Police से तीखी झड़प

-Ex. Minister समेत कई कांग्रेसी नेता Arrest

Yogesh Tripathi

गणतंत्र दिवस पर्व पर Kanpur में Tilak Hall से जुलूस निकाल रहे Congress कार्यकर्ताओं के कदम Kanpur Police ने रोक दिए। मंगलवार सुबह Tilak Hall में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता जब पहुंचने लगे तो वहां कोतवाली फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने जुलूस निकालने से मना किया तो कांग्रेसी अड़ गए और नारेबाजी शुरु कर दी। पुलिस ने चारो तरफ से घेराबंदी कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वाहन, ट्रैक्टर समेत तमाम झंडा और बैनर भी कब्जे में ले लिया। इसके बाद Ex. Minister श्रीप्रकाश जायसवाल समेत कई कांग्रेसियों को पुलिस ने Arrest कर लिया। सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया। जहां से देर शाम सभी को रिहा कर दिया गया। 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गणतंत्र दिवस पर बैंड-बाजा की धुन पर हर वर्ष की भांति इस बार भी जुलूस निकालने की पूरी तैयारी कर रखी थी। ये परंपरा आजादी के बाद से चली आ रही है। मंगलवार सुबह जब कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता Tilak Hall में पहुंचना शुरु हुए तो कोतवाली पुलिस पहुंच गई। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को Covid प्रोटोकॉल का पाठ पढ़ाते हुए उल्लंघन की बात कही।

प्रशासनिक अफसरों ने जब कोविड के नियमों का तर्क दिया तो कांग्रेसी बौखला गए। उन्होंने अफसरों से सवाल पूछा कि राममंदिर बनवाने के लिए भाजपा के नेता और कार्यकर्ता शहर भर में जो यात्राएं निकालकर चंदा वसूली कर रहे हैं वह क्या है ? इस पर अफसर खामोश हो गए, और बगैर कोई जवाब देते हुए जुलूस नहीं निकालने की बात कहते रहे। इस पर कांग्रेसियों ने नारेबाजी शुरु कर दी। पीसीसी सदस्य संदीप शुक्ला और कृपेश त्रिपाठी ट्रैक्टर पर बैठकर जुलूस निकालने लगे तो फोर्स ने सभी को घेर लिया। 


बवाल बढ़ने से पहले पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को Arrest कर लिया। बस के जरिए सभी को पुलिस लाइन भेजा गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए केंद्र और यूपी की सरकार को कोसते नजर आए। 

 Arrest किए गए कांग्रेसी नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, पूर्व सांसद राजाराम पाल, पूर्व शहर प्रेसीडेंट हरप्रकाश अग्निहोत्री, संदीप शुक्ला, कृपेश त्रिपाठी, कैंट विधायक सोहैल अंसारी, पूर्व विधायक संजीब दरियाबादी, इकबाल अहमद और शहर के दोनों अध्यक्ष भी शामिल रहे।

खास बात ये रही कि कांग्रेस में सबकुछ पुराना ही दिखा। हाईकमान की तरफ से South & North दो अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सिर्फ पुराने ही चेहरे आज दिखाई दिए। दक्षिण के प्रेसीडेंट मौजूद रहे लेकिन समर्थकों का अभाव ही दिखाई दिया। ऐसे में पुराने कांग्रेसी अब यह कहते फिर रहे हैं कि दो अध्यक्ष बनाने का फायदा क्या रहा ? चेहरे तो सब वही पुराने ही मौजूद रहे।


-कई सपा नेताओं के घर रात में ही पहुंच गई Police

-उपद्रव की आशंका के मद्देनजर कई नेता रहे नजरबंद

-शहर में ट्रैक्टर निकालने को लेकर कई जगह झड़प

 

Yogesh Tripathi

गणतंत्र दिवस के महापर्व पर किसान आंदोलन के समर्थन में ट्रैक्टर रैली निकाल रहे सपा कार्यकर्ताओं और Police के बीच कई जगह जमकर झड़प हुई। कई सपा नेताओं के घर रात में ही पुलिस का पहराबैठ गया। इन नेताओं को घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया। नवीन मार्केट, शिवराजपुर, मंधना और बिठूर समेत कई जगहों पर जबरन ट्रैक्टर रैली निकालने पर आमादा सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को Arrest कर लिया गया। नर्वल तहसील के टौंस चौराहे पर रोके जाने से मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। 


सपा सुप्रीमों Akhilesh Yadav के निर्देश पर ट्रैक्टर रैली निकालने के लिए संगठन के पदाधिकारियों ने दो दिन पहले से ही कमर कस ली थी। कार्यकर्ताओं को एकत्र होकर रैली को सफल बनाने का निर्देश भी संगठन के पदाधिकारियों की तरफ से 24 घंटा पहले जारी किया गया था। यही वजह रही कि पुलिस प्रशासन किसी भी बवाल के मद्देनजर रात से ही चौकन्ना हो गया था। Ghatampur में सपा नेता विजय सचान के घर अलसुबह भारी पुलिस बल पहुंच गया। विजय सचान को घर से बाहर जाने की इजाजत पुलिस ने नहीं दी। इसी तरह कई नेताओं को कुछ घंटे के लिए नजरबंद कर पुलिस ने घर से बाहर नहीं जाने दिया।


कई दर्जन ट्रैक्टर लेकर सपा कार्यकर्ता मंगलवार दोपहर नेशनल हाइवे स्थित नर्वल मोड़ से रेलवे स्टेशन सरसौल होते हुए नर्वल तहसील की तरफ बढ़े। पूर्व विधायक लाल सिंह तोमर, अरुणा तोमर और मुनीन्द्र शुक्ला की अगुवाई में सपा कार्यकर्ताओं का हुजूम ट्रैक्टर मार्च करते हुए आगे बढ़ा। टौंस चौराहे के पास मौजूद पुलिस बल ने सपाइयों को रोकने की कोशिश की। इस पर सपा कार्यकर्ता भड़क गए। सभी ने नारेबाजी कर हंगामा शुरु कर दिया। इस दौरान सपाइयों की पुलिस से काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई। 

 


SDM नर्वल उपमा पाण्डेय और CO सदर ऋषिकेश सिंह मौके पर पहुंचे और सपा नेताओं से वार्ता शुरु की। लंबी बातचीत के बाद अफसरों ने किसी तरह सपा नेताओं को शांत कराया। इस बीच हाइ-वे से जुड़े साढ़, सरसौल मुख्य मार्ग, टौंस चौराहे से नर्वल तहसील जाने वाले रास्ते व टौंस से तिलसहरी होते हुए चकेरी मार्ग का आवागमन बाधित हो गया। इस दौरान करीब आधा घंटे तक जाम में वाहन फंसे रहे। 

 


Kanpur City स्थित नवीन मार्केट से ट्रैक्टर रैली निकाल रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने Arrest कर लिया। सपा प्रेसीडेंट डॉक्टर इमरान समेत दो दर्जन कार्यकर्ताओं को Police Line भेजा गया। शिवराजपुर में ग्रामीण समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से निकाली गई ट्रैक्टर रैली को पुलिस ने रोक दिया। इस पर सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और जीटी रोड पर धरना देकर बैठ गए। बिठूर में ट्रैक्टर रैली के लिए जा रहे सपा कार्यकर्ता हरिओम पांडेय व अन्य कार्यकर्ताओं को घर पर ही नजरबंद कर ट्रैक्टर मंधना चौकी में खड़े कराए गए हैं।