Articles by "मेयर"
मेयर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

कानपुर से मेयर की प्रत्याशिता को लेकर सभी दल चुनाव की सियासी पिच पर अपनी-अपनी तरह से फील्डिंग सजा रहे हैं। शहर में AAP के लिए जमीन तैयार कर रहे कई नेताओं ने BJP से टिकट मांग रही डाक्टर आरती लाल चंदानी के लिए अपने स्तर से लामबंदी शुरु कर दी है। सूत्रों की मानें तो AAP के लीडर चाह रहे हैं कि आरती लाल चंदानी बीजेपी के बजाय AAP के टिकट पर सियासत की पिच पर बैटिंग करें। 




YOGESH TRIPATHI

कानपुर। Kanpur मेयर की प्रत्याशिता को लेकर सभी दलों में घमासान अंतिम दौर में पहुंच चुका है। प्रत्याशिता को लेकर सबसे अधिक मारामारी केंद्र और यूपी की सत्ताधारी BJP में है। यहां से दो शैक्षणिक कारोबारी अब आमने-सामने आ चुके हैं। एक की पैरवी भाजपा संगठन के बड़े पदाधिकारी कर रहे हैं तो दूसरे के लिए सिंडीकेट ने अपनी गोटें बिछा दी हैं। जो अन्य दावेदार थे वो करीब-करीब दौड़ से बाहर होते नजर आ रहे हैं। बड़े सूत्रों की मानें तो BJP से मेयर का टिकट मांग रही शहर की मशहूर चिकित्सक डॉक्टर आरती लाल चंदानी के लिए Kanpur की AAP ने “सियासी फील्डिंग” सजा दी है। सियासत के गलियारों में चर्चा है कि कुछ नेताओं ने उन्हें टिकट न मिलने पर AAP से चुनाव लड़ने का न्यौता भी दे दिया है। कहा तो यह भी जा रहा है कि उनको मनाने के लिए कुछ चिकित्सकों की टीम भी लगाई गई है।

BJP से किया है मेयर के लिए आवेदन

शहर की मशहूर चिकित्सक डॉक्टर आरती लाल चंदानी किसी के पहचान की मोहताज नहीं हैं। चुनाव का ऐलान होते ही उन्होंने BJP से मेयर की प्रत्याशिता के लिए आवेदन किया। हालांकि लोकल BJP और संगठन की तरफ से उनको कोई खास तरजीह नहीं दी गई। आवेदन के बाद आरती लाल चंदानी दिल्ली भी गईं। कई दिग्गजों से उनकी मुलाकात और मंत्रणा भी हुई लेकिन BJP के लोकल नेताओं की तरफ से सपोर्ट न मिलने की वजह से रेस में पीछे हो गईं। भाजपा का एक धड़ा चर्चित कारोबारी के लिए पैरवी करता रहा। खबर तो यह भी है कि इस शैक्षणिक कारोबारी के लिए पिछले तीन महीने से भाजपा संगठन के कद्दावर पैरवी करते रहे। एक IAS अफसर की अहम भूमिका भी रही। यह देख संगठन के क्षेत्रीय “चाणक्य” ने एक विधायक के जरिए कानपुर दक्षिण जिले की प्रेसीडेंट अनीता गुप्ता का नाम आगे करवाया तो उसके बाद आवेदनों की बौंछार हो गई। करीब चार दर्जन से अधिक दावेदारों ने प्रत्याशिता के लिए आवेदन किया।

AAP के पास भी नहीं है दमखम वाला कंडीडेट

सूत्रों की मानें तो यूपी के हर जिले में अपनी जमीन खड़ी कर रही आम आदमी पार्टी (AAP) के पास कानपुर में कोई दमखम वाला प्रत्याशी नहीं है। छात्रसंघ के एक पूर्व पदाधिकारी ने पत्नी को चुनाव लड़ाने के लिए कमर कसी थी लेकिन ऐन वक्त पर एक पूर्व पार्षद ने दिल्ली में रह रही अपनी बेटी के लिए रायता फैला दिया। AAP ने दक्षिण से पार्षद प्रत्याशियों की लिस्ट फाइनल की लेकिन मेयर पर विराम लग गया। अंदरखाने की मानें तो आरती लाल चंदानी हर कीमत पर चुनावी मैदान में डटी रहना चाहती हैं। चर्चा तो यह भी है कि वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भी चुनाव लड़ सकती हैं। यही वजह रही है कि मंडे को AAP संगठन के कई नेताओं ने उनसे मुलाकात कर मेयर चुनाव को लेकर चर्चा की।

हां भी नहीं और ना भी नहीं

AAP सूत्रों की मानें तो डॉक्टर आरती लाल चंदानी ने न तो हां किया है और ना भी नहीं किया है। उन्होंने वेट एंड वॉच के लिए बोला है। स्थित बिल्कुल साफ है। भाजपा से यदि उनको टिकट नहीं मिलता है और वह निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहती हैं तो उनके लिए AAP से बेहतर विकल्प कोई नहीं हो सकता। AAP के कार्यकर्ता भी खुश हैं उनका कहना है कि यदि आरती लाल चंदानी पार्टी से चुनाव लड़ेंगी तो हम सीधी फाइट देने की स्थित में होंगे।

 

BJP हाईकमान के लिए गले का फांस बन चुकी Kanpur मेयर सीट पर बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व बेहद ही अंचभा भरा फैसला ले सकता है। बड़े सूत्रों की मानें तो कानपुर के एक चर्चित और बड़े शैक्षणिक परिवार में यह टिकट देने की तैयारी करीब-करीब पूरी हो चुकी है। कारोबारी की धर्मपत्नी को दिल्ली बुलाया गया है। बुलावे के बाद वह पहुंच भी गई हैं। बड़े नेताओं के बीच तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अंदरखाने की मानें तो RSS की बिल्कुल भी नहीं चली। 




YOGESH TRIPATHI

कानपुर। Kanpur मेयर प्रत्याशी के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच चल रही नूरा-कुश्ती अब पूरी तरह से निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। RSS और BJP पर एक बड़ा सिंडीकेट आखिर भारी पड़ रहा है। इस सिंडीकेट ने दो बिल्लियों के बीच होने वाली लड़ाई के दौरान बंदकर बनकर पूरा फायदा करीब-करीब उठा लिया। www.redeyestimes.com न्यूज पोर्टल को मिली जानकारी के मुताबिक Kanpur से BJP की मेयर प्रत्याशी यूपी/उत्तराखंड में शिक्षा के सौदागरकहे जाने वाले एक बड़े राजनीतिक घराने को देने के लिए सिंडीकेट ने पूरी फील्डिंग सजा राजनीतिक ग्राउंड पर सजा दी है। बुलावे पर चर्चित और बड़े शैक्षणिक कारोबारी की पत्नी दिल्ली पहुंच भी चुकी हैं। यदि नोबाल न हुई तो पक्का है कि देर रात या फिर अगले 48 घंटों में चोला ओढ़ सकती हैं। RSS के बड़े पदाधिकारी की मानें तो नोबाल का चांस सिर्फ एक फीसद ही है।

RSS-BJP के बीच घरवाली और बाहरवाली को लेकर चल रही थी कुश्ती

RSS के एक पदाधिकारी की मानें तो कानपुर की मेयर सीट सबसे अधिक विवादित हो चुकी है। यहां से कई दर्जन आवेदन आए। लेकिन चर्चाओं में एक नया शैक्षणिक कारोबारी का परिवार रहा। इस परिवार के लिए भाजपा के एक धड़े ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक एड़ी-चोटी का जोर लगाया। प्रत्याशिता पर मुहर लगवाने के लिए दो दिन का प्रांतीय अधिवेशन भी करवा दिया गया। लेकिन हो गया सबकुछ उल्टा-पुल्टा। विवाद इतना बढ़ गया कि एक के बाद एक कई दिग्गजों ने आवेदन कर दिया। चित्रकूट की मीटिंग में भी कानपुर की सीट को लेकर मुद्दा काफी छाया रहा। विवाद की सबसे बड़ी वजह RSS और BJP के बीच आम सहमति न बनना बताया जा रहा है। विवाद के बीच ही बीजेपी के एक गुट ने कानपुर दक्षिण बीजेपी की प्रेसीडेंट अनीता गुप्ता का नाम आगे बढ़ा दिया। पैरवी एक विधायक के जरिए क्षेत्र संगठन की राजनीति करने वाले “चाणक्य” ने की।

परिवार को विरासत में मिली है राजनीति

बताया जा रहा है कि जिस शैक्षणिक कारोबारी के घराने को विरासत में मिली है। कई दशक तक MLC  सीट से हार का तिलिस्म अभी हाल में ही कुछ बरस पहले टूटा है। अंदरखाने की मानें तो कानपुर सांसद डाक्टर मुरली मनोहर जोशी और उनकी टीम इस घराने को हर कीमत पर BJP ज्वाइन कराने की कवायद कर रहा था। MLC चुनाव से पहले यह कवायद परवान तो चढ़ी लेकिन सफलता नहीं मिली। खबर यह भी है कि असफलता हाथ लगने पर शैक्षणिक कारोबारी घराने ने BJP के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच बनाने के लिए सीढ़ियां बदल लीं।

अमित शाह की टेबल तक पहुंचा Kanpur का मामला

विश्वस्त्र सूत्रों की मानें तो RSS-BJP में आम सहमति न बन पाने की वजह से मामला पहले प्रदेश स्तर तक ही रहा लेकिन एक गुट की तरफ से दिल्ली तक की गई पैरवी रंग लाई। बताया जा रहा है कि सारे विवाद को तर्क और सबूतों के साथ रखा गया। इस गुट की तरफ से कई कद्दावर मंत्री भी लाबिंग करते रहे। विवाद से बचने और कानपुर मेयर सीट जीतने के फार्मूले को लेकर शीर्ष नेतृत्व में मंत्रणा का दौर भी चला। सूत्रों की मानें तो इन सब विवादों के बीच “सिंडीकेट” अपनी “गिद्ध” सरीकी निगाहें लगाए हर चाल और रणनीति को समझता रहा। दो दिन पहले कानपुर के एक बड़े शैक्षणिक कारोबारी की धर्मपत्नी का नाम “सिंडीकेट” ने BJP के शीर्ष नेतृत्व को सुझाया।

BJP एक कद्दावर नेता से कई चक्र की बातचीत भी हुई। RSS के दिग्गज की मानें तो मंडे को BJP के एक बड़े नेता ने कानपुर के इस चर्चित और बड़े राजनीतिक घराने को दिल्ली पहुंचने का आमंत्रण भी दे दिया। आमंत्रण के कुछ घंटे बाद ही “शिक्षा क्वीन” दिल्ली के लिए रवाना हो गई। इस समय वह दिल्ली में ही हैं। यानी एक बात तो पक्की हो गई है कि बीजेपी किसी भी समय कुछ बड़ा करने की पूरी तैयारी कर चुकी है।

 

Kanpur मेयर सीट के लिए घमासान काफी तेज हो चुका है। करीब पांच दर्जन आवेदन हु। सूत्रों के मुताबिक सिर्फ 24 नामों की लिस्ट हाईकमान के पास भेजी गई है। समन्वय समिति की बैठक के बाद प्रत्याशी के नाम की घोषणा 30 अक्तूबर को होगी। प्रत्याशी चयन के लिए कानपुर में लंबे समय तक अपना योगदान दे चुके RSS के पुराने "योद्धाओं" से भी अहम राय मांगी गई है।



YOGESH TRIPATHI


कानपुर। भारतीय जनता पार्टी (BJP) 30 अक्तूबर को Kanpur मेयर प्रत्याशी के नाम पर अपनी फाइनल मुहर लगाएगी। सूत्रों की मानें तो BJP और RSS के बीच प्रत्याशी को लेकर तालमेल बिल्कुल भी नहीं बैठ पाया। RSS के बड़े सूत्रों की मानें तो 24 आवेदकों की एक सूची हाईकमान के पास विचारार्थ के लिए भेज दी गई है। ये सभी गंभीर नाम हैं, इन नामों पर ही विचार करने के बाद प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया जाएगा।


RSS के पुराने योद्धाओंसे ली जाएगी राय

कानपुर में लंबे समय तक काम कर चुके राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के कई पुराने बड़े पदाधिकारियों से भी मेयर प्रत्याशी के लिए राय मांगी गई है। सूत्रों की मानें तो इन पुराने RSS के पदाधिकारियों की राय को शीर्ष नेतृत्व काफी प्रमुखता से लेगा। कुछ पुराने दिग्गजों का तो कानपुर में डेरा भी पड़ चुका है। ये सभी दिग्गज चित्रकूट की मीटिंग के बाद सीधे कानपुर ही आ गए हैं।

ये हैं RSS-BJP के बीच मतभेद की सबसे बड़ी वजहें

सूत्रों की मानें तो RSS और BJP के बीच मतभेद की वजहें तो कई हैं लेकिन जो सबसे बड़ी वजह “घरवाली” और “बाहरवाली” को लेकर है। शीर्ष नेतृत्व से सीधे टच में रहने वाला भाजपा का एक धड़ा कानपुर के एक बड़े शैक्षणिक कारोबारी के घराने को टिकट दिलाने के लिए जहां अभी भी एड़ी-चोटी का जोर लगाए है तो दूसरी तरफ दूसरा धड़ा दक्षिण जिला की प्रेसीडेंट अनीता गुप्ता के लिए अंदर ही अंदर तगड़ी पैरवी करवा रहा है। अनीता गुप्ता के नाम पर भाजपा के कई “दिग्गज” अपनी मौन स्वीकृति जाहिर कर चुके हैं। वहीं RSS की राय है कि प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के बीच से हो साथ ही वह निर्विवादित चेहरा भी हो। उस पर किसी तरह के आरोप-प्रत्यारोप न हों और वह दागी भी न हो।

समन्वय समिति की बैठक में विचारार्थ रखे जाएंगे सभी नाम

सूत्रों की मानें तो कानपुर के उत्तर-दक्षिण जिले से करीब पांच दर्जन के आसपास मेयर प्रत्याशी के लिए आवेदन आए थे। इसमें कई ऐसे भी आवेदन थे जो पार्षदी के योग्य भी नहीं थे। 24 नामों की एक लिस्ट हाईकमान को भेजी गई है। बताया जा रहा है कि RSS-BJP के बीच तालमेल नहीं बैठने की वजह से अब समन्वय समिति की बैठक के बाद नामों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। प्रत्याशी के नाम का ऐलान 30 अक्तूबर को होगा।

 

Kanpur की मेयर सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) से करीब चार दर्जन महिला दावेदारों ने अपना आवेदन दिया है। श्रीश्री रविशंकर जी के आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ीं डॉक्टर बनदेव सिंह (बिन्दु) ने भी अपना आवेदन किया। www.redeyestimes.com से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि RSS की एक विंग की वह प्रांत संयोजिका भी हैं। अपना लंबा जीवन सामाजिक सरोकार में व्यतीत करने वाली बिन्दु सिंह जेल में बंद महिला बंदियों और उनके बच्चों के उत्थान के लिए लंबे समय से कार्य कर रही हैं। जेल में महिला बंदियों के हाथों से बनी आर्टिफिशियल ज्वैलरी की मांग अब विदेशों में होने लगी है। जिसे वह बड़ी उपलब्धि बताती हैं।


[caption id="attachment_18054" align="aligncenter" width="640"]dr.bindu singh.4jpg, redeyestimes.com BJP से मेयर की प्रत्याशिता के लिए आवेदन करने वाली डॉक्टर बनदेव सिंह (बिन्दु)  (छाया): नागेंद्र शुक्ला [/caption]

YOGESH TRIPATHI

कानपुर। BJP Kanpur से मेयर की प्रत्याशिता के लिए आवेदन करने वाली डॉक्टर बनदेव कुमारी सिंह (बिन्दु) को Kanpur के जिला कारागार के कर्मचारी और बंदी “किरन बेदी” कहते हैं। जिला कारागार की महिला बंदियों और उनके बच्चों के लिए डॉक्टर बिन्दु सिंह किसी “मसीहा” से कम नहीं है। होली हो या दिवाली, 15 अगस्त या 26 जनवरी। बिन्दु सिंह अपने जीवन का अमूल्य समय महिला बंदियों और उनके बच्चों के लिए समर्पित करती हैं। जीवन का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवा में बिताने वाली बिन्दु सिंह अचानक तब चर्चा में आ गईं जब उन्होंने मेयर की प्रत्याशिता के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) से आवेदन कर दिया। www.redeyestimes.com से बातचीत में बिन्दु सिंह ने तमाम सवालों का काफी बेबाकी से जवाब दिया। श्रीश्री रविशंकर जी महाराज को अपना गुरु और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श मानने वाली बिन्दु सिंह ने कहा कि कभी उनके गुरु ने कहा था कि “माना की राजनीति गंदी है लेकिन इस गंदगी को साफ करने के लिए किसी न किसी तो आगे आना ही पड़ेगा”।

[caption id="attachment_18053" align="aligncenter" width="640"]dr.bindu singh.2jpg,redeyestimes.com महिला बंदियों की तरफ से बनाई गई आर्टिफिशियल ज्वैलरी की प्रदर्शनी में डॉक्टर बिन्दु सिंह[/caption]

महज तीन साल की उम्र में हो गया था पिता का निधन

बनदेव कुमारी सिंह (बिन्दु) मूलरूप से फर्रुखाबाद जनपद के खिमसीपुर खिरिया की रहने वाली हैं। तीन साल की उम्र में पिता जगपाल सिंह का निधन हो गया। पिता के निधन के बाद स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत उनकी मां उन्हें लेकर हरदोई आ गईं। जब वह इंटर की पढ़ाई कर रहीं थी तभी उनका विवाह मां ने कर दिया।

[caption id="attachment_18055" align="aligncenter" width="720"]dr.bindu singh.3jpg, redeyestimes.com सामाजिक और पर्यावरण पर विशेष काम करने वाली डॉक्टर बिन्दु सिंह को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है[/caption]

पति ने बदल दी डॉक्टर बिन्दु सिंह की दुनिया

बिन्दु सिंह के मुताबिक विवाह के बाद उनके पति ने उनकी शिक्षा को बाधित नहीं होने दिया। वह पढ़ती गईं और पति उनका साथ देते रहे। MA (समाजशास्त्र) से करने के बाद उन्होंने MSW किया। इसके बाद उन्होंने MBEH (होम्योपैथ) से डॉक्टरी की पढ़ाई की। इसके बाद भी वह रुकीं नहीं और फैशन डिजाइनिंग से लेकर तमाम तरह के कोर्स कर उन्होंने डिग्रियां और सर्टिफिकेट्स हासिल किए। करीब आठ साल पहले पति का निधन हो गया। इसके बाद उन पर बेटी की जिम्मेदारी आ पड़ी। बिन्दु सिंह के मुताबिक उनकी बेटी शुभांगि ने दिल्ली में रहकर पत्रकारिता की पढ़ाई की।

[caption id="attachment_18056" align="aligncenter" width="720"]dr.bindu singh, redeyestimes.com महिला कैदियों और बच्चों को जेल में बेहतर शिक्षा दिलाने और उनके उत्थान के लिए कार्य करने वाली बिन्दु सिंह को सम्मानित करते पुलिस अफसर[/caption]

RSS की एक विंग की हैं प्रांत संयोजिका

समाज सेवा से जुड़ी डॉक्टर बिन्दु सिंह शिक्षा-संस्कृति उत्थान न्यास (कार्य एवं विषय) की प्रांत संयोजिका भी हैं। यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की एक विंग हैं। प्रत्याशिता के लिए आवेदन के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का इरादा कभी नहीं रहा। एक बार गुरु श्रीश्री रविशंकर जी से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि “राजनीति गंदी है लेकिन इसे साफ करने के लिए किसी न किसी को आगे तो आना ही पड़ेगा”। सीट जब सामान्य महिला के लिए निर्धारित की गई तो संघ के एक पदाधिकारी ने भी उनको फोन करके कहा कि आवेदन करो, आवेदन करने में क्या जाता है। दिल्ली में रह रही बेटी से जब बिन्दु ने पूछा तो उसने भी तुरंत हां कर दी। बेटी सुभांगि के हां कहने के बाद उन्होंने अपना आवेदन उत्तर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी को दे दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी तक मैने अपने गरुजी को सूचना नहीं दी है। संभव है कि देर रात तक मेल उनको भी करूंगी।

-परिवार परमार्श केंद्र (Police Line) में पिछले कई वर्ष से बतौर काउंसलर काम कर रहीं।

-कानपुर कारागार में महिला बंदियों और उनके बच्चों के उत्थान के लिए लंबे समय से कार्य कर रहीं।

-आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़कर संस्कार केंद्र के जरिए गरीब और दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिलवा रहीं।

-मलिन बस्तियों, कूड़ा बीनने वाले, भीख मांगने वालों को आत्मनिर्भर बनाने और उनको शिक्षा दिलाने के लिए भी डाक्टर बिन्दु सिंह काम कर रही हैं।

-बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ, सशक्त बनाओ, सम्मान दिलाओ के मिशन को लेकर पूरे प्रदेश में कार्य चल रहा है।

शिक्षा के मामले में गुरु बहनें सभी BJP के सभी आवेदनकर्ताओं पर हैं भारी

शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि डॉक्टर आरती लाल चंदानी और डॉक्टर बनदेव सिंह (बिन्दु सिंह) दोनों ही गुरु बहने भी हैं। यह बात खुद बिन्दु सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि डॉक्टर आरती लाल चंदानी भी श्रीश्री रविशंकर जी महाराज को फालो करती हैं। इस नाते हम दोनों गुरु बहने भी हैं। बिन्दु सिंह ने कहा कि यदि आरती लाल चंदानी जी को टिकट मिलता है तो वह उनको चुनाव लड़ाने में सबसे आगे रहेंगी। वहीं BJP की तरफ से प्रत्याशिता के लिए आए सभी आवेदनों में यह दोनों गुरु बहने शिक्षा के मामले में बाकी आवेदनकर्ताओं से काफी आगे हैं।

विशेष- डॉक्टर बनदेव सिंह (बिन्दु) ने जिला कारागार में बंद महिला बंदियों और उनके बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठा रखा है। उन्होंने अपने पैसे से एक शिक्षिका को अध्यन कार्य के लिए लगाया है। शिक्षिका का पूरा खर्च उठाती हैं। बकौल बिन्दु सिंह प्रत्येक पर्व वह जिला कारागार की महिला बंदियों और उनके बच्चों के साथ ही मनाती हैं। शायद यही वजह है कि जेल के कर्मचारी से लेकर महिला बंदी तक उनके नेक कार्य के लिए अब उनको Kanpur की “किरन बेदी” भी कहने लगे हैं।

[caption id="attachment_18052" align="aligncenter" width="640"]dr.bindu singh.1jpg, redeyestimes.com डॉक्टर बनदेव सिंह (बिन्दु)[/caption]

शुभांजलि वूमेन अवार्ड : शुभांजलि वूमेन अवार्ड के तहत डॉक्टर बिन्दु सिंह हर वर्ष एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन कर 9 महिलाओं और 9 लड़कियों को सम्मानित भी करती हैं। ये सम्मान अलग-अलग क्षेत्रों डांस, गायन, योगा समेत अन्य क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने पर दिया जाता है। 

 

BJP Kanpur से अब तक कुल 47 लोगों ने मेयर की प्रत्याशिता को लेकर आवेदन किया है। इसमें उत्तर जिले से 26 और दक्षिण से 21 आवेदन हुए हैं। इसमें डाक्टर आरती लाल चंदानी, प्रमिला पांडेय, कमलावती, पूनम कपूर और डाक्टर बिन्दु सिंह के नाम बताए जा रहे हैं। डाक्टर बिन्दु सिंह के बारे में कहा जा रहा है कि वह श्रीश्री रविशंकर जी की शिष्या हैं।



YOGESH TRIPATHI


कानपुर। बहुत कठिन है डगर पनघट की....। जी, हां बिल्कुल सही सोच रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP Kanpur) में मेयर की प्रत्याशिता को लेकर मचा घमासान मंगलवार की दोपहर को और भी तेज हो गया। अचानक जिस तरह से प्रत्याशियों की बीजेपी के अंदर बाढ़ सी आ गई है उससे लग रहा है कि हर किसी की राह आसान नहीं है। एक के बाद एक दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सिर्फ उत्तर जिले से अब तक करीब 26 महिला कार्यकर्ताओं ने मेयर प्रत्याशिता के लिए आवेदन किया है। BJP सूत्रों की मानें तो List बुधवार दोपहर को चस्पा की जाएगी। सूत्रों की मानें तो एक-दो दिन में कुछ और बड़े चेहरे भी आवेदन फार्म भर सकते हैं। इसमें एक नाम कानपुर दक्षिण से भी बताया जा रहा है। इस नाम की प्रत्याशी को लेकर खुद कार्यकर्ता सोशल मीडिया में मुहिम छेड़ रखे हैं। अभी तक दक्षिण से कुल 21 लोगों ने आवेदन किया है।


उत्तर जिले से आवेदन करने वाले प्रमुख नाम

BJP उत्तर जिला से डाक्टर आरती लाल चंदानी ने आवेदन फार्म जमा कर दिया है। आरती लाल चंदानी शहर के मशहूर चिकित्सक होने के साथ GSVM की विभागध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वहीं जो सबसे चौंकाने वाला नाम है वो है डाक्टर बिन्दु सिंह का। बताया जा रहा है कि बिन्दु सिंह श्री श्री रविशंकर जी महाराज की शिष्या हैं। उनके नाम की पुष्टि BJP के एक बड़े पदाधिकारी ने www.redeyestimes.com से बातचीत में की। साथ ही महिला नेत्री पूनम कपूर, कमलावती, प्रमिला पांडेय ने भी अपना आवेदन फार्म भरकर जमा कर दिया है।

 दिग्गजों तक पहुंच रखने वालों ने नहीं किए आवेदन

बीजेपी उत्तर और दक्षिण जिले को मिलाकर अब तक कुल 47 के करीब लोगों ने मेयर प्रत्याशिता को लेकर आवेदन फार्म भरकर जमा कर दिया है लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तीन बड़े नामों ने अभी तक आवेदन फार्म नहीं जमा किया। जबकि इन नामों की गूंज शहर में हो रही है। इसमें सबसे पहला नाम शैक्षणिक कारोबारी के घराने का है। दूसरे नंबर पर दक्षिण जिला की बीजेपी प्रेसीडेंट अनीता गुप्ता और तीसरे नंबर पर डॉक्टर गीता मिश्रा का नाम है। शैक्षणिक कारोबारी के घराने और दक्षिण जिलाध्यक्ष अनीता गुप्ता की पैरवी अलग-अलग धड़े कर रहे हैं। जबकि डॉक्टर गीता मिश्रा को लेकर चर्चा है कि उनकी पैरवी RSS की तरफ से की जा रही है।

 

 

कानपुर मेयर की प्रत्याशिता को लेकर अंदरखाने में बहुत कुछ चल रहा है। संगठन के "चाणक्य" कहे जाने वाले एक पदाधिकारी ने करीबी विधायक के जरिए कानपुर दक्षिण की प्रेसीडेंट अनीता गुप्ता के नाम को आगे बढ़वाया है। सौम्य स्वभाव और मृदुभाषी अनीता गुप्ता को प्रेसीडेंट बनवाने में संगठन के इसी बड़े पदाधिकारी का अहम रोल रहा था। जानकारों की मानें तो संगठन और शीर्ष नेतृत्व में काफी मजबूत पकड़ रखने वाले पदाधिकारी ने बेहद गोपनीय तौर से अनीता के नाम को आगे बढ़वाने के लिए लामबंदी करवाई है। जो काफी हद तक सफल भी रही।


[caption id="attachment_18012" align="aligncenter" width="720"]anita gupta, redeyestimes.com अनीता गुप्ता (प्रेसीडेंट, भारतीय जनता पार्टी, कानपुर दक्षिण)[/caption]

YOGESH TRIPATHI


कानपुर। Kanpur मेयर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के अंदर पनप रहे असंतोष के बीच एक नया नाम उभर कर सामने आया है। ये नाम है BJP कानपुर दक्षिण की प्रेसीडेंट अनीता गुप्ता का। बड़े सूत्रों की मानें तो यूपी सरकार के एक मंत्री, और कई विधायकों के साथ-साथ भाजपा की धरोहर कहे जाने वाले कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी ने भी करीब-करीब अपनी “मौन” स्वीकृति दे दी है। BJP के धुरंधरों की मानें तो यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो अनीता गुप्ता के नाम पर हाईकमान अपनी मुहर लगा सकता है। हालांकि वहीं दूसरा धड़ा शैक्षणिक कारोबारी के घराने के लिए अभी भी एड़ी-चोटी का जोर लगाए है।




चाणक्य की चली तो अनीता के नाम पर ही लगेगी मुहर

BJP सूत्रों की मानें तो संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बना चुके बड़े पदाधिकारी को लोग किसी “चाणक्य” से कम नहीं आंकते हैं। इसी चाणक्य के जरिए ही अनीता गुप्ता कानपुर दक्षिण बीजेपी की प्रेसीडेंट बनीं। जानकारों की मानें तो “चाणक्य” की अगुवाई में यूपी विधान सभा का इलेक्शन लड़ने वाली भाजपा ने कानपुर-बुन्देलखंड की 54 में से 42 सीटें अपनी झोली में डाली थी। इसमें अहम रोल “चाणक्य” का ही रहा था। अंदरखाने की मानें तो संगठन के इस पदाधिकारी पर भाजपा हाईकमान एक बार फिर नगर निकाय के चुनाव में अपना भरोसा दिखा रहा है। एक बड़े पदाधिकारी की मानें तो यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो अनीता गुप्ता के नाम पर आम सहमति बननी करीब-करीब तय है। चर्चा तो यह भी है कि निर्विवाद छवि और सौम्य व्यवहार की धनी अनीता गुप्ता का नाम “चाणक्य” ने खुद ही अपने करीबी एक विधायक के जरिए आगे बढ़वाया है।



पितामह, तीन विधायकों, एक मंत्री की तरफ से ग्रीन सिग्नल

अनीता गुप्ता की निर्विवाद छवि उनकी प्रत्याशिता का सबसे बड़ा हथियार बनाकर बीजेपी का एक धड़ा उनके नाम को हाईकमान तक पहुंचा चुका है। अनीता के नाम की अंदर ही अंदर पैरवी कर रहे बीजेपी के एक विधायक ने गोपनीय तौर पर नाम को संगठन, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच आगे किया। गोपनीय तौर पर नाम आगे करने की सबसे बड़ी वजह यह रही है कि विधायक की मंत्रीजी से बिल्कुल भी नहीं बनती। यदि विधायक खुलकर सामने आते तो संभव था कि मंत्री जी सीधे सहमति नहीं देते। यही वजह रही है कि अंदर ही अंदर सबकुछ मजबूत करने के बाद अनीता गुप्ता का नाम आगे किया गया। सूत्रों की मानें तो अनीता गुप्ता के नाम पर कानपुर के सांसद, तीन विधायक, एक वर्तमान विधायक और एक मिनिस्टर की मौन स्वीकृति बन चुकी है। आगे की रणनीति और प्रत्याशिता पर फाइनल मुहर संगठन के “चाणक्य” पर निर्भर है। चूंकि चाणक्य की पकड़ सीधे हाईकमान तक है इस लिए बीजेपी का यह खेमा पूरी तरह से आश्वस्त है कि टिकट अनीता गुप्ता की ही फाइनल होगी।



अनीता गुप्ता के नाम पर RSS की भी लगेगी मुहर

माना जा रहा है कि मेयर सीट पर अनीता गुप्ता के नाम को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) कतई विरोध नहीं करेगा। उसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि महिला कार्यकर्ताओं में कमलावती को छोड़कर और कोई दूसरा गंभीर प्रत्याशी नहीं है। लेकिन कमलावती की पैरवी में कोई बड़ा दिग्गज न होने की वजह से यह उनके लिए अभी तक माइनस फैक्टर भी साबित हो रहा है।

एक तीर से दो निशाने साध रहे हैं BJP के दिग्गज

बात मेयर की प्रत्याशिता को लेकर हो रही है लेकिन अनीता गुप्ता के नाम को बेहद गोपनीय तौर से आगे बढ़ा रहे दिग्गज भविष्य की राजनीति को लेकर एक तीर से दो निशाने साध रहे हैं। जानकारों की मानें तो अनीता गुप्ता को टिकट दिलाने के बाद यदि भाजपा नेता उनको चुनाव जितवा लेते हैं तो वह शहर और आसपास की सबसे ताकतवर वैश्य नेता बन जाएंगी। इससे कानपुर के ही एक दिग्गज वैश्य नेता का कद घटेगा और विरोधी धड़ा उन पर हावी हो पाएगा। फिलहाल जनप्रतिनिधि रह चुके इस वैश्य नेता की संगठन और शीर्ष नेतृत्व में सीधी पकड़ है।

[caption id="attachment_18013" align="alignleft" width="507"] सुरेंद्र मैथानी (प्रेसीडेंट, भारतीय जनता पार्टी, कानपुर उत्तर )[/caption]

BJP कार्यकर्ताओं के बीच से ही किसी को मिलेगी टिकट : सुरेंद्र मैथानी

कानपुर भाजपा उत्तर जिला के प्रेसीडेंट सुरेंद्र मैथानी ने www.redeyestimes.com से बातचीत करते हुए कहा कि अभी तक किसी के नाम पर मुहर नही लगी है। बाहरी को टिकट देने के सवाल पर सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि BJP हाईकमान कार्यकर्ताओं के बीच से ही किसी को टिकट देगा। भाजपा के सभी कार्यकर्ता मिलकर प्रत्याशी को मेयर का चुनाव जिताएंगे। उन्होंने कहा कि मेयर के लिए कई लोगों के नाम चल रहे हैं लेकिन अभी तक किसी का नाम हाईकमान ने फाइनल नहीं किया है। गुटबाजी और धड़ेबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम सब एक हैं।

 

Kanpur मेयर की प्रत्याशिता को लेकर BJP के एक बड़े धड़े और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बीच "नूरा-कुश्ती" का दौर शुरु हो चुका है। चर्चा है कि बीजेपी का यह बड़ा धड़ा कई महीने पहले ही शैक्षणिक कारोबार से जुड़े घराने के लिए टिकट पर मुहर लगा चुका है। यह बात न तो स्वयंसेवकों को बर्दाश्त हो रही है और न ही RSS के कद्दावर पदाधिकारियों को। हाल अब यह है कि चित्रकूट में मौजूद RSS के "महाराथी" भाजपा में बिक रही टिकटों का मुद्दा हाईकमान के सामने उठाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। सूत्रों की मानें तो कंडीडेट के नाम पर फाइनल मुहर 27 अक्तूबर के बाद ही लगेगी। चर्चा है कि मेयर प्रत्याशी के चयन का ऐलान भी चित्रकूट में ही फाइनल किया जाएगा। 


 

YOGESH TRIPATHI

कानपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी नगर निकाय के चुनाव का “शंखनाद” नहीं किया है लेकिन राजनीतिक दलों में प्रत्याशी चयन को लेकर उठा-पटक का दौर शुरु हो चुका है। मेयर प्रत्याशी चयन को लेकर केंद्र और यूपी की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में “रायता” कुछ अधिक फैल रहा है। क्षेत्रीय बीजेपी के दिग्गज जहां “बाहरवाली” को प्रत्याशी बनाने के लिए 5 कालीदास मार्ग से लेकर दिल्ली में “नमो” की चौखट तक “शह-मात” का खेल खेलने में जुटे हैं तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के “महारथी” किसी “घरवाली” को प्रत्याशी बनाए जाने के पक्ष में हैं। RSS के बड़े सूत्रों का कहना है कि “बाहरवाली” किसी भी सूरत में मान्य नहीं होगी। “घरवाली” और “बाहरवाली” के मामले को RSS के दिग्गज चित्रकूट में अगले कुछ घंटों के दौरान होने वाली मीटिंग में भी प्रमुखता से उठाएगी।


पूंजीपति और शैक्षणिक संस्थान से जुड़े घराने को BJP देना चाहती है टिकट

बीजेपी सूत्रों की मानें तो क्षेत्रीय भाजपा Kanpur के ताकतवर लंबरदार, पूंजीपति और शैक्षणिक कारोबार से जुड़े घराने को टिकट दिलाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। शायद यही वजह रही कि दो दिवसीय प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक का आयोजन भी बीजेपी एक धड़े ने करवा दी। ठीक उसी रात को मेयर सीट का परशीमन भी जारी किया गया। अंदरखाने की मानें तो यह टिकट कुछ माह पहले ही फाइनल हो चुका है, सिर्फ औपचारिकता भर ही बाकी रह गई है।



भाजपा की धरोहर, दो Minister और कई MLA को दरकिनार कर फाइनल हो गई टिकट !

बीजेपी सूत्रों की मानें तो टिकट फाइनल कराने के लिए कई महीने से अंदर ही अंदर कवायद चल रही थी। जो “औपचारिकताएं” थी वह भी इन्हीं दिनों में पूरी कर ली गईं। प्रांतीय अधिवेशन करवाने के बाद भाजपा के एक धड़े ने BJP हाईकमान की नजर में इस घराने को पूरी तरह से भाजपाई भी साबित करवा दिया। जानकारों की मानें तो करीब एक साल पहले तक शैक्षणिक कारोबार से जुड़ा यह घराना पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमों अखिलेश सिंह यादव और उनकी पत्नी का बेहद करीबी हुआ करता था। इस घराने को मेयर की टिकट पक्की कराने के लिए शहर के दो मंत्रियों, कई विधायकों और सबसे बड़े भाजपा के धरोहर मुरली मनोहर जोशी तक को ताक पर रख दिया गया।



उत्तराखंड के एक सीनियर IAS भी टिकट पक्का कराने में बने सारथी

RSS के एक बड़े दिग्गज की मानें तो प्रांतीय अधिवेशन के जरिए बड़े घराने को भाजपाई साबित कर टिकट पर अंतरिम मुहर लगाने की पहल की गई ताकि पार्टी में विरोध न हो। इस पूरे खेल में उत्तराखंड कैडर के एक सीनियर IAS अफसर की महतो भूमिका रही। इस IAS अफसर के यूपी सरकार के साथ भी गहरे ताल्लुक हैं।



4 लग्जरी गाड़ियों की घराने ने दे दी है सौगात

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक इस घराने ने चार लग्जरी गाड़ियों की सौगात कुछ दिग्गजों को दे रखी हैं। जो कि उन्हीं गाड़ियों से इन दिनों सफर कर रहे हैं। हालांकि इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर दिग्गजों के नाम से नहीं किया गया है। गाड़ियों की कीमत करीब 40 लाख रुपए के आसपास भाजपाई बता रहे हैं।

बिकती टिकटों से स्वयंसेवक से लेकर RSS के दिग्गज तक हैं बेचैन

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर “न खाऊंगा न खाने दूंगा” का नारा बुलंद किए हैं तो वहीं दूसरी तरफ कानपुर की भाजपा में इन दिनों पार्षद से लेकर मेयर तक की टिकटों पर खुल रहे “बाजरा के भाव” से बीजेपी का जमीनीं और संघर्षशील कार्यकर्ता खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। बीजेपी कार्यकर्ताओं की मानें तो उनको वही प्रत्याशी चाहिए जो कार्यकर्ता हो। पैसे के बल पर बीजेपी में पहुंच बनाकर टिकट लाने वाले को भाजपाई अब चुनाव में हराने की कसमें भी खाते दिखाई दे रहे हैं। कुछ यही हाल स्वयंसेवकों और RSS के कद्दावर दिग्गजों का भी है। उनको भी यह बिल्कुल नहीं पच रहा है कि कोई बाहर का व्यक्ति आकर चुनाव लड़े।

RSS की पहली पसंद गीता मिश्रा, दूसरे पर कमलावती, तीसरे पर प्रमिला पांडेय

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सूत्रों की मानें तो RSS की पहली पसंद एक जूनियर हाईस्कूल की प्रिंसिपल गीता मिश्रा हैं। संघ सूत्रों की मानें तो गीता मिश्रा के नाम पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मुहर लगा सकते हैं। साथ गीता मिश्रा की पैरवी में संघ से जुड़े एक चर्चित प्राचार्य भी कर रहे हैं। दूसरे नंबर पर बीजेपी की पुरानी नेत्री कमलावती हैं। इनके नाम पर भी राजनाथ सिंह की मुहर लग सकती है। तीसरे नंबर पर प्रमिला पांडेय का नाम चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक गलियारों में एक चर्चा कानपुर की बॉबी तिवारी की भी है। ये फिलहाल मुंबई में रह रही हैं। परिवार के एक सदस्य मुकेश अंबानी के रिलायंस में महत्वपूर्ण पद पर काम करते हैं।

BJP से टिकट के लिए कांग्रेस के एक दिग्गज भी लगे

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस पार्टी से मेयर के लिए दावेदारी ठोंक रहे हैं। यह दिग्गज भी शैक्षणिक कारोबार से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से कानपुर में प्रचार प्रसार भी कर रहे हैं। ये कानपुर से प्यार भी करते हैं। कुछ इसी तरह के चुनाव प्रचार का वह आगाज भी कर चुके हैं। सूत्रों की मानें तो इनकी तगड़ी पैंठ BSP में भी है।

आम आदमी पार्टी ने सोमवार को लखनऊ से मेयर प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी। AAP अवध प्रांत की संयोजिका ब्रज कुमारी ने पार्टी के लखनऊ जिला संयोजक गौरव महेश्वरी की धर्मपत्नी प्रियंका महेश्वरी के नाम का ऐलान पार्टी कार्यकर्ताओं की सहमित के बाद किया। साथ ही 19 वार्डों में पार्षद प्रत्याशियों की पहली लिस्ट भी फाइनल कर जारी कर दी।


[caption id="attachment_17886" align="aligncenter" width="727"]priyanka maheshwari aap AAP कार्यकर्ताओं के बीच लखनऊ से मेयर प्रत्याशी प्रियंका महेश्वरी के नाम की घोषणा करतीं ब्रज कुमारी[/caption]

लखनऊ। सभी राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) ने Lucknow से प्रियंका महेश्वरी को मेयर प्रत्याशी घोषित किया है। साथ ही पार्षद प्रत्याशियों की पहली लिस्ट भी पार्टी के पदाधिकारियों ने फाइनल कर दी। मेयर प्रत्याशी बनीं प्रियंका महेश्वरी ने MBA की पढ़ाई की है।


अवध प्रांत की संयोजिका ब्रज कुमारी ने किया प्रियंका के नाम का ऐलान


AAP अवध प्रांत की संयोजिका ब्रज कुमारी ने सोमवार को मेयर पद के लिए प्रियंका महेश्वरी के नाम की घोषणा की। प्रियंका लखनऊ के जिला संयोजक गौरव महेश्वरी की धर्मपत्नी है। गौरव महेश्वरी पिछले दो साल से नगर निगम के भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि RTI के जरिए गौरव महेश्वरी तमाम बड़े घोटालों का खुलासा कर चुके हैं।


पार्टी कार्यकर्ताओं की डिमांड थीं प्रियंका महेश्वरी


पत्रकार वार्ता के दौरान ब्रज कुमारी ने बताया कि AAP के अधिकांश कार्यकर्ताओं ने गौरव महेश्वरी से प्रियंका महेश्वरी को चुनाव लड़ाने के लिए आग्रह किया। इसके बाद गौरव ने प्रियंका महेश्वरी का आवेदन फार्म पार्टी कार्यालय में जमा कर दिया। स्क्रीनिंग कमेटी की मुहर लगने के बाद प्रियंका के नाम पर सहमित बनी और उन्हें प्रत्याशी घोषित किया गया।

Ch Harmohan Singh Para Medical Sciences & , Nursing Institution


गौरव माहेश्वरी ने संयोजक पद से दिया इस्तीफा


पत्नी प्रियंका महेश्वरी के मेयर प्रत्याशी घोषित किए जाने के कुछ देर बाद ही गौरव ने जिला संयोजक के पद से त्यागपत्र दे दिया। गौरतलब है कि AAP के संविधान के मुताबिक गौरव ने इस्तीफा दिया है। इसके बाद तत्काल जिला कार्यकारिणी की बैठक के बाद कमलेंद्र सिंह श्रीनेत को लखनऊ का कार्यवाहक संयोजक बनाया गया। कमलेंद्र इससे पहले लखनऊ के जिला संगठन संयोजक रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी नगर निगम की सत्ता पर काबिज बीजेपी से तंग आ चुका है। जनता अब पूरी तरह से परिवर्तन चाहती है। उसे AAP में बेहतर विकल्प नजर आ रहा है।


AAP प्रत्याशियों की पहली सूची


मेयर प्रत्याशी

प्रियंका माहेश्वरी


पार्षद प्रत्याशी


1-कदम रसूल वार्ड (80)- किश्वर जहां

2-फैजुल्लागंज तृतीय (73)- जितेंद्र सैनी

3-मल्लाही तोला प्रथम (79)- नीता शर्मा

4-फैजुल्लागंज द्वितीय (43)- अभय गुप्ता

5-भारतेंदु हरिश्चन्द वार्ड (65)- करिश्मा हुसैन

6-इस्माइलगंज द्वितीय (53)- ओम प्रकाश सिंह यादव

7-कॉल्विन कॉलेज निशातगंज (40)- पूनम गुप्ता

8-बेगम हजरत महल बजरंग बली वार्ड (98)- मो. इम्तियाज खान

9-बाबू जगजीवन राम वार्ड (57)- आशुतोष चंद्रा

10-गोलागंज पीरजलील वार्ड (78)- कमर हुसैन

11-शारदा नगर द्वितीय (11)- महेश कुमार

12-हिन्द नगर (28)- सुखविंदर कौर

13-शारदा नगर प्रथम (6)- विपिन मौर्या

14-गुरुनानक नगर (19)- सुनीता शर्मा

15-रामजी लाल नगर (29)- राजेश सक्सेना

16-भवानीगंज (107)- शशिकांत कुशवाह

17-कश्मीरी मोहल्ला (103)- मो. सनी

18-अम्बरगंज (97)- हिना परवीन

19-राजा राम मोहन राय (33)- कृपा निधन