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  • पति, देवर और बेटे की मौत के बाद सामने नहीं आई Shaista 
  • Shaista को लेकर Social Media पर तमाम तरह की खबरें Viral
  • पुलिस ने Shaista के सिर पर घोषित कर रक्खा है 50 हजार का इनाम
  • सिपाही की बेटी शाइस्ता ने वर्ष 1996 में अतीक अहमद से किया था निकाह
  • प्रयागराज के मडियाडीह के पास मिल रही है Shaista की लोकेशन


Yogesh Tripathi

पति, देवर और बेटे की मौत के बाद Shaista Parveen का परिदृश्य से “अंडरग्राउंड” होना तमाम तरह की शंका पैदा कर रहा है। Shaista Parveen को लेकर Social Media पर तरह-तरह की खबरें Viral हो रही हैं। पुलिस वाले की बेटी से Most Wanted लेडी का सफर तय कर चुकी Shaista के सिर पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित है। “यक्ष प्रश्न” ये है कि क्या Shaista बागी तेवर दिखाने का हौसला अख्तियार करेगी या फिर सरेंडर कर जेल जाएगी...? दरअसल Shaista के सामने अब दो ही रास्ते बचे हैं। पहला कि वह कानून के सामने सरेंडर कर जेल जाए और दूसरा यह कि वह पति अतीक, देवर अशरफ और बेटे असद की मौत के बाद खौफ व जरायम की दुनिया के दलदल में धंसती जाये। Shaista के पास अतीक और उसके गिरोह तमाम गहरे राज भी हैं जो सिर्फ उसे ही पता हैं।


चूंकि Shaista शब्द की उत्पत्ति पश्तो शब्द से हुई है। जिसका अभिप्राय सुंदरता,विनम्रता, शिष्टता और जहीनियत से है। इसे भाग्य कहें या फिर जीवन की परिस्थितियां... ग्रेजुएट तक पढ़ाई करने वाली Shaista ने वर्ष 1996 में हाईस्कूल तक पढ़े माफिया डान अतीक अहमद से निकाह किया। इसके बाद अतीक की बेगम Shaista को एक बहुत ही अलग व्यक्त्तिव में बदलना पड़ा। Shaista चूंकि कुंभ राशि होती है। इस राशि के जातक अधिकांशतः बहुत जिद्दी एवं योजना बनाने में प्रवीण एवं निपुण होते हैं। साथ ही जल्दी अपने मन की बातें किसी से शेयर नहीं करते हैं। शायद यही वजह है कि Shaista और उसके प्लान के बारे में STF को भनक तक नहीं लगी है। हाल अब ये है कि शाइस्ता की खोजबीन आसमान से भी का जा रही है। बुधवार को कौशांबी में ड्रोन की मदद से Shaista की निगाहबनी की जाती रही।

 

STF और प्रयागराज पुलिस की करीब दर्जन भर टीमें Shaista की तलाश में हर-गली और मोहल्ले में खाक छान रही है। उसकी लोकेशन प्रयागराज के मरियाडीह के आसपास मिल रही है। हालांकि तमाम Media Report’s और Social Media में यह दावा किया जा रहा है कि Shaista और Guddu Muslim गिरफ्त में हैं। तमाम Viral खबरों में Guddu Muslim को गद्दार बताते हुए असद और गुलाम के Encounter उसका हाथ होना भी बताया जा रहा है। गुड्डू की लोकेशन कर्नाटक में मिली है। चर्चा उसके पकड़े जान की भी लगातार हो रही है। Godi Media के कुछ Channel तो Shaista और Guddu Muslim को लेकर मनगढ़ंत “कहानियां” बना रहे हैं। इन कहानियों में उसके चरित्र तक पर अंगुली उठाई जा रही है।


सोशल मीडिया की तमाम साइट पर Shaista को हजारों करोड़ रुपए के कारोबार की मालकिन भी बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हरियाणा में कई कंपनियां उसके नाम पर हैं। जिसके जरिए करोड़ों रुपए की आय शाइस्ता को होती है। इतना ही नहीं कुछ चैनलों का तो यहां तक दावा है कि अतीक अहमद और अशरफ के जेल जाने के बाद Shaista अपने बेटे असद के सहयोग से गिरोह के तमाम कारोबार को खुद ही संभाल रही थी। इसमें कारोबारियों से अवैध उगाही तक भी शामिल है।


सिपाही की बेटी Shaista का बचपना और जवानी थानों की चहारदीवारी में ही बीती है। लंबे समय तक वह पिता और परिजनों के साथ पुलिस विभाग के सरकारी मकान में रही है। पुलिस के हर खेल से वह वाकिफ है। शायद यही वजह है कि लंबा जाल बिछाने के बाद भी Shaista पुलिस STF की गिरफ्त से दूर है। आशंका ये भी जाहिर की जा रही है कि यदि वह पकड़ में नहीं है तो वह गिरोह को मजबूती प्रदान कर रही होगी। चर्चाएं इस बात की भी है कि अतीक, अशरफ और असद की मौत के बाद गिरोह का की लगाम किसके हाथ में होगी...? कौन होगा गिरोह का “सरदार”...? क्या पुलिस सरकारी अभिलेखों में Shaista को गैंग लीडर घोषित करेगी... या फिर गिरोह के बचे और शूटर्स को खत्म कर पुलिस अतीक नाम की file को ही हमेशा के लिए बंद कर देगी।


 एक खबर ये भी है कि अपने बचाव और अंडरग्राउंड रहने के लिए Shaista अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन का भी इस्तेमाल कर रही है। यदि ऐसा है तो ये एक और गंभीर मामला है। ऐसे में देश की खुफिया एजेंसियां और भारत सरकार का गृह मंत्रालय क्या कर रहा है...? WhatsApp University और Facebook पर ट्रोल आर्मी की पोस्ट को तमाम यू-ट्यूबर और पोर्टल का संचालन करने वाले मूर्धन्य पत्रकार खबर बनाकर न सिर्फ Likes & Views बटोर रहे हैं बल्कि आम जनता को सही खबरों और मुद्दों से भी भटकाने का कार्य पूरी तन्मयता से कर रहे हैं। सच्चाई ये है कि सभी एक एजेंडे के तहत कार्य कर रहे हैं।


डेढ़ दर्जन पुलिस कर्मियों और दर्जन भर से अधिक मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में पुलिस कस्टडी के दौरान अतीक और अशरफ का Live Shoot Out होता है लेकिन इस सनसनीखेज कांड पर चर्चा और बहस तक नहीं हो रही है। कि आखिर झोपड़ी में रहने वाले गली के लोफरों के पास 10 लाख रुपए के कीमत की विदेशी जिगाना पिस्टल कहां से आई...? कौन है वो मॉस्टर माइंड जिसने ये पिस्टलें हत्यारों को मुहैया कराईं...? Shoot Out के बाद धार्मिक नारा लगाने का मकसद क्या था...? तीनों के पास से मोबाइल फोन तक बरामद नहीं हुए हैं फिर उनको अतीक-अशरफ की लोकेशन किसने और कैसे दी...?


हत्यारों के मुताबिक तीनों ने एक दिन पहले रेकी की थी जबकि अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि उन लोगों को अतीक-अशरफ के लाए जाने की खबर तक नहीं थी...अस्पताल के अंदर जब पार्किंग की व्यवस्था थी तो पुलिस की जीप को अस्पताल के गेट पर रोकने के बाद दोनों माफिया ब्रदर्स को पैदल अंदर क्यों ले जाया गया...? दोनों को एक हथकड़ी में क्यों बांधा गया...? सबसे बड़ा “यक्ष प्रश्न” ये है कि असलहों की बरामदगी के लिए जब अतीक-अशरफ को ले जाया गया तो उसका Live क्यों किया गया...? सवाल अब ये है कि क्या आगे भी पुलिस रिमांड पर लिए गए अपराधियों से आला कत्ल की बरामदगी के लिए Live करेगी या फिर Photo Shoot कर वीडियो बनवाएगी या फिर पूर्व में किसी अपराधी के साथ ऐसा किया गया...? ऐसे तमाम संवेदनशील जवाब हैं जिसका सीधा जवाब देने से सभी जिम्मेदार किनारा कर रहे हैं।

 

Note…उक्त खबर Social Media पर Viral तमाम खबरों और पोस्टों के आधार पर लिखी गई है....लेखक या फिर पोर्टल की इसमें कोई व्यक्ति राय या फिर टिप्पणी नहीं है...

  • अतीक अहमद गैंग का शातिर शूटर है असद उर्फ कालिया
  • कालिया के साथ दो अन्य लोगों को भी पुलिस ने किया Arrest
  • शाइस्ता परवीन का बेहद खास है कालिया, अपना बेटा मानती है परवीन
  • अतीक गैंग के लिए प्रापर्टी से जुड़े कामकाज देखता है कालिया


Yogesh Tripathi

प्रयागराज पुलिस ने अतीक अहमद गैंग के एक शार्प शूटर असद उर्फ कालिया को Arrest कर लिया है। कालिया के सिर पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। कालिया गिरोह के प्रापर्टी से जुड़े कामकाज को संभालता है। वह अतीक अहमद की बेगम शाइस्ता परवीन का दाहिना हाथ बताया जाता है। पुलिस के मुताबिक कालिया को शाइस्ता अपना छठवां बेटा मानती है। Police Officer's कालिया से पूछताछ कर तमाम जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है। कालिया पर रंगदारी मांगने, धमकी देने समेत करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। कालिया को धूमनगंज और पूरामुफ्ती थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि कालिया पुलिस के सामने अतीक अहमद गिरोह के प्रापर्टी से जुड़े काले कारोबार के बाबत तमाम जानकारियां देगा। 

उधर, अतीक अहमद की फरार बेगम शाइस्ता परवीन को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह की अफवाहें Viral हो रही हैं। इसमें शाइस्ता को हिरासत में लिए जाने से लेकर सरेंडर तक की खबरे शामिल हैं। खबर है कि कालिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की आधा दर्जन टीमें लगातार शाइस्ता की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस को शक है कि शाइस्ता ने प्रयागराज जनपद में ही ठिकाना बनाकर अलग-अलग जगहों पर पनाह ले रही है। उसके साथ बुर्का पहने अन्य महिलाएं भी हैं। ताकि किसी भी पुलिसिया कार्रवाई से उसका बचाव कर सकें। 

गुड्डू मुस्लिम को लेकर भी तमाम चर्चाएं सोशल मीडिया पर वायरल हैं। मीडिया रिपोर्टस की मानें तो गुड्डू मुस्लिम STF की हिरासत में है। देर-सबेर गुड्डू मुस्लिम को लेकर कोई बड़ी खबर आ सकती है। गुड्ड़ू मुस्लिम के सिर पर भी पांच लाख रुपए का इनाम घोषित है। गुड्डू मुस्लिम वही है जिसने अधिवक्ता उमेशा पाल की हत्या के समय बमबाजी की थी। वहीं, STF ने अतीक के बेटे संग आडियो क्लिप वायरल होने के बाद बड़े प्रापर्टी डीलर मोहम्मद मुस्लिम को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 

अतीक के हत्यारों की कोर्ट ने दी पुलिस रिमांड 

प्रयागराज कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में अतीक और उसके भाई अशरफ की फिल्मी स्टाइल में हत्या करने वाले लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या और सनी सिंह को तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर दिया है। करीब 100 से अधिक पुलिस कर्मियों के सुरक्षा घेरे में तीनों हत्यारोपितों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने तीनों की रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड स्वीकृत की। बताया जा रहा है कि रिमांड पर पुलिस तीनों हत्यारोपितों से हत्याकांड की कई कड़ियों को सुलझाने की कोशिश करेगी।

 

  • शातिर अपराधी बाबर विदेशी हथियारों का है बड़ा तस्कर
  • यूपी से लेकर बिहार तक फैला है बाबर के अवैध असलहों का कारोबार
  • 2012 में ATS बाबर समेत कई गनन मालिकों को किया था Arrest
  • विदेशी हथियारों की बड़ी खेप तब ATS ने की थी बरामद
  • Encounter में मारे जा चुके रईस बनारसी का भांजा बताया जा रहा है बाबर
  • हथियारों की तस्करी में लखनऊ की सेशन कोर्ट ने सुनाई थी बाबर को 10 साल की सजा
  • दो साल पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया है बाबर, भाई छोटे भी है तस्कर
  • Social Media पर बाबर और पिस्टल को लेकर तमाम तरह की खबरें Viral
  • Kanpur Police ने Fake News करार देते हुए किया खंडन


Yogesh Tripathi

 माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में की गई हत्या के मामले में हत्यारोपितों के Kanpur के एक अपराधी से Connection को लेकर Social Media (WhatsApp University) पर 24 घंटे कुछ खबरें Viral हैं। इसमें अतीक और अशरफ की हत्या में प्रयुक्त टर्की मेड Tisas Zigana कानपुर के शातिर अपराधी बाबर से खरीदना बताया जा रहा है। बाबर शहर का शातिर असलहा तस्कर है। उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2012/13 में एंटी टेररिस्ट स्कावड (ATS) ने विदेशी हथियारों के जखीरा के साथ Arrest कर जेल भेजा था। इस मामले में लखनऊ की सेशन कोर्ट से बाबर और उसके भाई छोटे समेत कई लोगों को मुकर्रर की थी। दो साल पहले ही बाबर जेल से छूटकर बाहर आया है। 


अतीक और अशरफ की हत्या में बाबर का क्या रोल है...? ये फिलहाल अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। अतीक हत्याकांड में प्रयुक्त पिस्टल और बाबर के कनेक्शन को लेकर तमाम तरह की खबरें Social Media (WhatsAPP) पर वायरल होने के बाद प्रमुख अखबारों ने भी अपनी मोहर इस पर लगाते हुए प्रकाशित किया है। जिसे Kanpur Police ने Fake News करार देते हुए पूरी तरह से भ्रामक बताया है। पुलिस ने ऐसी भ्रामक खबरों और पोस्टर से दूरी बनाने और Viral न करने की अपील की है।


 

जफर अरशद उर्फ बाबर 40/112 नवाब इब्राहीम का हाता, परेड थाना मूलगंज कानपुर निवासी अरशद मिया का लड़का है। बाबर के भाई का नाम छोटे है। बाबर Encounter में मारे जा चुके शातिर अपराधी रईस बनारसी का भांजा है। रईस बनारसी पूर्वांचल के माफिया डान मुन्ना बजरंगी का करीबी था। कुछ साल पहले एनकाउंटर में रईस बनारसी मारा जा चुका है। बाबर पर करीब आधा दर्जन मुकदमें पंजीकृत हैं। वर्ष 2012 में ATS ने बाबर और उसके भाई छोटे समेत कई लोगों को विदेशी हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। लखनऊ की ADJ (4) कोर्ट ने इस मामले में चार साल पहले तीन लोगों को आजीवन कारावास और बाबर समेत 8 लोगों को 10 साल की सजा मुकर्रर की थी। बताया जा रहा है कि बाबर इस सजा को काट चुका है। वह लंबे समय तक लखनऊ की जिला कारागार में बंद था। बड़े सूत्रों की मानें तो खुफिया एजेंसियों को बाबर के पंजाब के कुछ अपराधियों से कनेक्शन होने की भी खबर मिली है। यही वजह रही कि मंडे को पूरे दिन खुफिया एजेंसियां Alert रहीं। 


बिहार तक फैला है बाबर का नेटवर्क

बताया जा रहा है कि शातिर अपराधी बाबर विदेशी हथियारों के मामले में बड़ा तस्कर है। हर विदेशी असलहे की खेप उस तक आती है। यूपी के पूर्वांचल से लेकर बिहार तक उसका बड़ा नेटवर्क है। इतना ही नहीं बाबर विदेशी हथियारों की हूबहू कापी पिस्टल बनाने में भी Expert है। यही वजह रही कि उसके बनाए असलहों को तमाम लाइसेंसधारी शस्त्र विक्रेताओं ने असली बताकर बिक्री करना शुरु कर दिया था। इसका खुलासा तब हुआ जब 2012 में ATS ने बाबर और उसके भाई छोटे को गिरफ्तार किया।  नेशनल गन हाउस (लखनऊ), किसान गन हाउस (लखनऊ), गुरुरामदास आर्मरी (कानपुर) और जैन गन हाउस सिरसा (हरियाणा)  की साठगांठ से अवैध असलहों को तैयार किया जाता था। ये असलहे विदेशी असलहों की तरह ही ब्रांडेड दिखते थे। ATS की पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक बाद में इन असलहों को नक्सली मिन्टू शर्मा और अन्य गुर्गों के जरिए पूर्वांचल में सप्लाई किया जाता था। ATS ने वर्ष 2012 में जब इस गिरोह को पकड़ा था तो उस समय इनके पास से A.K-56 , 7 राइफल .315 बोर, एक कार्रबाइन, 28 पिस्टल निर्मित, 7 पिस्टल अर्ध निर्मित और एक बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की थी। साथ में कारतूस की बड़ी खेप भी मिली थी। 

नई सड़क बवाल में उपद्रवियों को असलहा मुहैया कराने का आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों की मानें तो शहर में 3 जून 2022 को नई सड़क पर हुए बवाल और उपद्रव में बाबर पुलिस के रडार पर आया था। उस समय बाबर पर उपद्रवियों को अवैध हथियार मुहैया कराने का आरोप लगा था। पुलिस ने मुकदमा भी पंजीकृत किया था। खास बात ये है कि इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी पुलिस ने न तो बाबर की हिस्ट्रीशीट खोली और न ही उसकी निगरानी कभी की। जबकि पुलिस रेगुलेशन के तहत सजायाफ्ता की निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीट खोलना अनिवार्य है। पुलिस बाबर का गैंग तक सूचीबद्ध नहीं कर सकी। पुलिस सूत्रों की मानें तो बाबर के कनेक्शन शहर के सबसे बड़े गिरोह D-2 से भी हैं। उसके ये कनेक्शन रईस बनारसी और कानपुर देहात की जेल में गैंगवार के चलते मारे गए बदमाश मोनू पहाड़ी की वजह से हुए थे। 

 

 

 

 


 


  • सनी सिंह के हमीरपुर स्थित घर पर बैरीकेडिंग कर भारी फोर्स तैनात
  • क्रूड बम बनाने में एक्सपर्ट है हत्यारोपी सनी सिंह 
  • बांदा में लवलेश के परिवारीजन घर पर ताला जड़कर "अंडरग्राउंड"
  • सुरक्षा के मद्देनजर तीनों हत्यारोपी नैनी से प्रतापगढ़ की जेल शिफ्ट किए गए


Yogesh Tripathi

माफिया डॉन अतीक और उसके भाई अशरफ की गोलियों से भूनकर हत्या करने वाले हत्यारोपी सनी सिंह के हमीरपुर जनपद स्थित कुरारा में घर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। घर की तरफ जाने वाले रास्ते पर पुलिस प्रशासन ने बैरीकेडिंग कर भारी पुलिस बल की तैनाती की है। चर्चा है कि देर शाम तक STF की एक टीम सनी सिंह के घर पहुंचने वाली है। 


वहीं, दूसरी तरफ एक अन्य हत्यारोपी लवलेश तिवारी के बांदा स्थित घर पर ताला जड़ने के बाद परिवारीजन "अंडरग्राउंड" हो गए हैं। इससे पहले सोमवार को शासन ने तीनों हत्यारोपितों को सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें नैनी जेल से प्रतापगण की जेल में शिफ्ट कर दिया। 


सोमवार दोपहर अचानक हमीरपुर पुलिस अतीक हत्याकांड के आरोपी सनी सिंह के घर पर पहुंची। घर के बाहर करीब दर्जन भर पुलिस वालों को तैनात करने के साथ-साथ उसके घर को जाने वाले रास्ते पर बैरीकेडिंग कर दी गई। पूरे दिन मीडिया के लोगों की आवाजाही सनी सिंह के घर पर बनी रही। छानबीन में जो जानकारियां मिली है वो बेहद चौंकाने वाली हैं। सनी सिंह हमीरपुर जनपद के कुरारा थाने के बाहर फायरिंग और बमबाजी कर चुका है। उस पर करीब डेढ़ दर्जन संगीन धाराओं में मुकदमें पंजीकृत हैं। बताया जा रहा है कि सनी सिंह क्रूड बम बनाने में एक्सपर्ट है। हमीरपुर जेल में जब सनी सिंह बंद था तो उसकी मुलाकात वेस्ट यूपी के खतरनाक गैंगस्टर सुंदर भाटी से हुई थी। माना जा रहा है कि उसका कनेक्शन भाटी गिरोह के लोगों से हो सकता है। सनी सिंह के भाई पिन्टू सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि काफी समय पहले ही सनी सिंह घर से भाग गया था। पिन्टू का कहना है कि उसका भाई से कोई संबंध नहीं है। वह परिवार के साथ अलग रहता है। सनी सिंह 2019 में आखिरी बार गिरफ्तार हुआ था। उसके बाद जब वह जेल से छूटा तो फरार हो गया

लवलेश के घर पर लटकता मिला ताला

 

 हत्यारोपी लवलेश के घर पर सोमवार को ताला लटकता मिला। मीडिया के लोग जब पहुंचे तो इस बात की जानकारी हुई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि परिवार के लोग कब ताला लगाकर चले गए किसी को भनक तक नहीं लगी। माना जा रहा है कि सभी "अंडरग्राउंड" हो गए हैं या फिर प्रशासन ने सभी को हटवा दिया है। उल्लेखनीय है कि लवलेश के परिवारीजनों ने कल ही मीडिया को बता दिया था कि उसका परिवार से कोई संबंध नहीं है। लववेश पर भी कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। लवलेश के परिजनों का घर पर ताला लगाकर अं"डरग्राउंड" हो जाने को लेकर मोहल्ले में तमाम तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। लवलेश के परिजनों के भूमिगत होने की जानकारी पुलिस प्रशासन को नहीं है।


प्रतापगढ़ जेल में शिफ्ट किए गए तीनो हत्यारोपी

अतीक अहमद और उसके बाई अशरफ की फिल्मी स्टाइल में हत्या कर चर्चा में आए तीनों हत्यारोपितों लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या और सनी सिंह को सुरक्षा कारणों की वजह से इलाहाबाद की नैनी जेल से प्रतापगढ़ जेल मे शिफ्ट कर दिया गया है। मालुम हो कि नैनी जेल में ही अतीक का एक बेटा भी बंद है।


  • धूमनगंज SHO ने शाहगंज थाने में लिखाई FIR
  • पुलिस ने कोर्ट से हत्यारोपितों का मांगा रिमांड
  • क्रॉस फायरिंग में लवलेश तिवारी के गोली लगने की खबर
  • डॉन बनने की चाहत में तीनों ने अतीक-अशरफ को मौत के घाट उतारा


Yogesh Tripathi

अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में स्वचालित हथियारों से गोलियों से भूनकर हत्या करने वाले तीन हत्यारोपितों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों हत्यारोपितों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने तीनों आरोपितों की रिमांड मांगी थी लेकिन कोर्ट में उस पर सुनवाई नहीं हो सकी। गौरतलब है कि शनिवार रात्रि जब अतीक और उसके भाई को पुलिस मेडिकल के लिए ले जा रही थी तो उसी समय पहले से मौजूद तीनों हत्यारोपितों ने प्वाइंट ब्लैक रेंज पर टर्की मेड पिस्टल से फायरिंग कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया। दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौका-ए-वारदात से भागे नहीं बल्कि सरेंडर कर धार्मिक नारेबाजी की। 


संडे की सुबह हत्यारोपितों लवलेश तिवारी (बांदा), अरुण मौर्य (कासगंज) और सन्नी सिंह (हमीरपुर) के खिलाफ प्रयागराज के शाहगंज थाने में IPC की धारा 302, हत्या के प्रयास की धारा 307 और आर्म्स एक्ट के तहत पुलिस ने FIR रजिस्टर्ड की। पुलिस के मुताबिक आरोपितों का कहना है कि वह लोग अतीक-अशरफ गिरोह का सफाया लंबे समय से करना चाहते थे। ताकि Uttar Pradesh में उन तीनों का नाम हो लेकिन पुलिस की तगड़ी घेराबंदी की वजह से मौका नहीं मिल पा रहा था। आखिर कब तक तीनों छुटभैया अपराधी बनकर रहते। तीनों ने पूछताछ में बताया कि हत्या के वक्त वह लोग पुलिस के घेरे का अंदाजा नहीं लगा पाए थे जिसकी वजह से पकड़े गए। इन बातों का उल्लेख पुलिस ने शाहगंज थाने में रजिस्टर्ड FIR में किया है। धूमनगंज थाने के SHO राजेश कुमार मौर्य ने शाहगंज थाने में लिखाई गई रिपोर्ट में लवलेश तिवारी के भी घायल होने की खबर है। पुलिस का कहना है कि क्रॉस फायरिंग में लवलेश तिवारी के भी गोली लगी है। जिसका उपचार स्वरूप रानी मेडिकल कालेज में कराया गया।

हमीरपुर जनपद की कुरारा पुलिस के मुताबिक सन्नी सिंह के खिलाफ संगीन अपराधों में कई मुकदमें दर्ज हैं। जिसमें हत्या के प्रयास, लूट, विस्फोटक अधिनियम के मुकदमें हैं। सन्नी सिंह की हिस्ट्रीशीट भी कुरारा पुलिस ने खोल रक्खी है। सन्नी सिंह लंबे समय से फरार था। वहीं सूत्रों की मानें तो सन्नी सिंह लंबे समय तक हमीरपुर की जेल में बंद रहा है। उसके कनेक्शन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खतरनाक गैंगस्टर सुंदर भाटी गिरोह से भी बताए जा रहे हैं। STF की टीमें हर बिन्दु पर छानबीन कर रही हैं। गौरतलब है कि अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच शासन ने STF को सौंपी है।

हत्यारोपी लवलेश तिवारी की ये फोटो Facebook Account से प्राप्त---पोस्ट वर्ष 2019

www.redeyestimes.com (News Portal) बांदा निवासी हत्यारोपी लवलेश तिवारी के Social Media Account को जब काफी बारीकी से खंगाला तो पूर्व में पोस्ट किए गए तमाम छायाचित्र हाथ लगे। इसमें कुछ भाजापा नेताओं के साथ सेल्फी तो कई में महंत, साधु-सन्यासियों के साथ आशीर्वाद वाली फोटो भी हैं। दो फोटो में वह पिस्टल लहराता दिखाई दे रहा है।

ये फोटो वर्ष 2019 की हैं। इतना ही नहीं एक बड़े भाजपा नेता के कार्यक्रम में मौजूदगी की सेल्फी भी उसने फेसबुक पर डाल रक्खी है। बांदा रिपोर्टर के मुतबाकि लवलेश के परिजनों को पुलिस ने सख्त हिदायत दे रक्खी है कि घर के बाहर न आएं और न ही मीडिया से किसी तरह की कोई बातचीत करें।

 

 

 

  • Tisas Zigana” पिस्टल से ही सिद्धू मूसेवाला की भी हत्या हुई थी
  • चित्रकूट जेल में मुकीम काला की भी हत्या में प्रयुक्त हुई थी पिस्टल
  • पिस्टल से एक बार में की जा सकती है 18 राउंड फायरिंग
  • 8-10 लाख रुपए में बिकती है .9MM बोर की प्रतिबंधित पिस्टल
  • हत्यारोपितों के अपराधिक इतिहास की “कुंडली” बांच रही है STF
  • अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा दर्ज करवा सकती हैं हत्याकांड की FIR
  • प्रयागराज की इंटरनेट सेवा को फिलहाल बंद कर दिया गया है

 

Yogesh Tripathi

पुलिस कस्टडी में मारे गए माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या विदेशी हथियार से की गई। पुलिस के मुताबिक Turkish Made “Tisas Zigana” पिस्टल से दोनों भाइयों पर हमलावरों ने प्वाइंट ब्लैक रेंज पर फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया। दुनिया की सबसे बेहतरनी पिस्टल में एक Tisas Zigana से 18 राउंड तक फायरिंग की जाती है। इस पिस्टल की फायरिंग रेंज 50 मीटर से अधिक है। खास बात ये है कि पिछले साल पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी Tisas Zigana पिस्टल का ही प्रयोग हत्यारों ने किया था। इस विदेशी पिस्टल को Pakistan से तस्करी कर पंजाब के रास्ते ड्रोन की मदद से भारत में लाया जाता है। हालांकि YouTube पर Made in Pakistan (Zigana) भी है। जो पूरी तरह से पाकिस्तान में तैयार की जाती है। STF इस बिन्दु पर भी गहराई से छानबीन कर रही है।

अतीक-अशरफ का हत्यारोपी बांदा निवासी लवलेश तिवारी।

खास बात ये है कि मई 2021 में जब चित्रकूट जेल परिसर के अंदर Shoot Out हुआ था तब भी इसी Tisas Zigana पिस्टल का प्रयोग किया गया था। बेहद घातक किस्म की इस पिस्टल से अंशू दीक्षित नाम के एक खूंखार बदमाश ने West UP के दुर्दांत अपराधी मुकीम काला और मेराजुद्दीन पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर दोनों को मार डाला था। कुछ महीना पहले ही पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की भी हत्या की गई। शूटर्स ने सिद्धू की हत्या में भी इसी Tisas Zigana पिस्टल का प्रयोग कर मूसेवाला के सीने में तमाम गोलियां उतार दीं। मूसेवाला की भी मौके पर ही मौत हो गई थी। करीब 18 राउंड फायरिंग करने वाली .9MM बोर की Tisas Zigana पिस्टल इस समय देश के बड़े-बड़े खतरनाक गैंगस्टर्स की पहली पसंद बनी हुई है।

अतीक-अशरफ का दूसरा हत्यारोपी कासगंज निवसी अरुण मौर्या

अतीक-अशरफ मर्डर केस में सबसे बड़ी बात ये है कि तीनों हत्यारे छुटभैया हैं लेकिन उनके हाथों में Tisas Zigana खतरनाख पिस्टल आई कहां से...? किसने तीनों को ये पिस्टल मुहैया करवाई...? चूंकि इस पिस्टल की कीमत भी काफी अधिक है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं सुपारी देकर तो नहीं अतीक और अशरफ को मरवा दिया गया।


उधर, Police & STF फिलहाल तीन हत्यारोपितों की अपराधिक कुंडली बांच रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तीनों पर कब और कहां केस रजिस्टर्ड हुए हैं। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया है कि वे बड़ा माफिया बनना चाहते थे, इस लिए वारदात को अंजाम दिया। तीनों ने कहा कि आखिर कब तक छोटे-मोटे शूटर रहेंगे, बड़ा माफिया बनना है इस लिए वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का अफसरों का कहना है कि तीनों के बयानों में विरोधाभाष है इस लिए अभी तक पूछताछ जारी है। गौरतलब है कि रात्रि में एक हत्यारोपी ने कहा था कि अतीक और अशरफ उनके भाइयों की हत्याएं कर जमीनों पर कब्जा कर रहे थे इस लिए हत्या कर दी। उसने ये भी कहा कि हम फिदाइन बनकर पहुंचे थे, मार भी दिए जाते तो कोई गम नहीं था।


पुलिस सूत्रों की मानें तो हमीरपुर निवासी सन्नी सिंह पर करीब 17 मुकदमें दर्ज हैं। सनी करीब 10 साल से फरार चल रहा था। सनी हमीरपुर के कुरारा थाना एरिया के एक मोहल्ले में रहता है। बताया जा रहा है कि सन्नी सिंह के कनेक्शन सुंदर भाटी गैंग से हैं। जबकि अरुण मौर्य कासगंज का रहने वाला है। पुलिस की एक टीम उसके घर पर मौजूद है। अरुण मौर्य पर भी मुकदमें हैं। पुलिस उसके परिवारीजनों से पूछताछ कर रही है। वहीं बांदा निवासी लवलेश तिवारी ड्रग्स का लती है। उसके परिवार के लोगों ने उससे संबंध तोड़ रक्खे हैं। लवलेश की फेसबुक खंगालने पर पता चला कि वह खुद को बजरंग दल का पदाधिकारी भी लिखे हुए है। लवलेश के पिता का कहना है कि एक लड़की से छेड़छाड़ और सरेराह उसकी पिटाई के आरोप में लवलेश जेल जा चुका है। वह लंबे समय तक घर के बाहर ही रहता रहा है।

दूसरी तरफ प्रयागराज जनपद को पूरी तरह से छावनी में तब्दील करने के बाद अतीक और अशरफ के शवों का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी चल रही है। संभावना है कि दोपहर तक पोस्टमार्टम होने के बाद शवों को उसी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, जहां 24 घंटा पहले असद की लाश को दफनाया गया था। पोस्टमार्टम से लेकर कब्रिस्तान तक भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। धारा 144 रात्रि में ही लागू कर दी गई थी। अफवाहों पर रोकथाम के लिए प्रयागराज में इंटरनेट सेवा फिलहाल रोक दी गई है।

Media Report’s की मानें तो अतीक और अशरफ की हत्या के मामले में अशरफ की बेगम जैनब फातिमा FIR रजिस्टर्ड करवा सकती हैं। उनकी तरफ से तहरीर देने की तैयारी चल रही है। थोड़ी देर में वकील तहरीर लेकर शाहगंज थाने पहुंच सकते हैं। चूंकि उमेश पाल मर्डर केस में पुलिस ने अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन को भी नामजद कर 50 हजार का इनाम घोषित किया है। इस लिए जैनब फातिमा की तरफ से ही मुकदमा पंजीकृत करवाए जाने की संभावना है।