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  • पति, देवर और बेटे की मौत के बाद सामने नहीं आई Shaista 
  • Shaista को लेकर Social Media पर तमाम तरह की खबरें Viral
  • पुलिस ने Shaista के सिर पर घोषित कर रक्खा है 50 हजार का इनाम
  • सिपाही की बेटी शाइस्ता ने वर्ष 1996 में अतीक अहमद से किया था निकाह
  • प्रयागराज के मडियाडीह के पास मिल रही है Shaista की लोकेशन


Yogesh Tripathi

पति, देवर और बेटे की मौत के बाद Shaista Parveen का परिदृश्य से अंडरग्राउंडहोना तमाम तरह की शंका पैदा कर रहा है। Shaista Parveen को लेकर Social Media पर तरह-तरह की खबरें Viral हो रही हैं। पुलिस वाले की बेटी से Most Wanted लेडी का सफर तय कर चुकी Shaista के सिर पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित है। यक्ष प्रश्न ये है कि क्या Shaista बागी तेवर दिखाने का हौसला अख्तियार करेगी या फिर सरेंडर कर जेल जाएगी...? दरअसल Shaista के सामने अब दो ही रास्ते बचे हैं। पहला कि वह कानून के सामने सरेंडर कर जेल जाए और दूसरा यह कि वह पति अतीक, देवर अशरफ और बेटे असद की मौत के बाद खौफ व जरायम की दुनिया के दलदल में धंसती जाये। Shaista के पास अतीक और उसके गिरोह तमाम गहरे राज भी हैं जो सिर्फ उसे ही पता हैं।


चूंकि Shaista शब्द की उत्पत्ति पश्तो शब्द से हुई है। जिसका अभिप्राय सुंदरता,विनम्रता, शिष्टता और जहीनियत से है। इसे भाग्य कहें या फिर जीवन की परिस्थितियां... ग्रेजुएट तक पढ़ाई करने वाली Shaista ने वर्ष 1996 में हाईस्कूल तक पढ़े माफिया डान अतीक अहमद से निकाह किया। इसके बाद अतीक की बेगम Shaista को एक बहुत ही अलग व्यक्त्तिव में बदलना पड़ा। Shaista चूंकि कुंभ राशि होती है। इस राशि के जातक अधिकांशतः बहुत जिद्दी एवं योजना बनाने में प्रवीण एवं निपुण होते हैं। साथ ही जल्दी अपने मन की बातें किसी से शेयर नहीं करते हैं। शायद यही वजह है कि Shaista और उसके प्लान के बारे में STF को भनक तक नहीं लगी है। हाल अब ये है कि शाइस्ता की खोजबीन आसमान से भी का जा रही है। बुधवार को कौशांबी में ड्रोन की मदद से Shaista की निगाहबनी की जाती रही।

 

STF और प्रयागराज पुलिस की करीब दर्जन भर टीमें Shaista की तलाश में हर-गली और मोहल्ले में खाक छान रही है। उसकी लोकेशन प्रयागराज के मरियाडीह के आसपास मिल रही है। हालांकि तमाम Media Report’s और Social Media में यह दावा किया जा रहा है कि Shaista और Guddu Muslim गिरफ्त में हैं। तमाम Viral खबरों में Guddu Muslim को गद्दार बताते हुए असद और गुलाम के Encounter उसका हाथ होना भी बताया जा रहा है। गुड्डू की लोकेशन कर्नाटक में मिली है। चर्चा उसके पकड़े जान की भी लगातार हो रही है। Godi Media के कुछ Channel तो Shaista और Guddu Muslim को लेकर मनगढ़ंत कहानियां बना रहे हैं। इन कहानियों में उसके चरित्र तक पर अंगुली उठाई जा रही है।


सोशल मीडिया की तमाम साइट पर Shaista को हजारों करोड़ रुपए के कारोबार की मालकिन भी बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हरियाणा में कई कंपनियां उसके नाम पर हैं। जिसके जरिए करोड़ों रुपए की आय शाइस्ता को होती है। इतना ही नहीं कुछ चैनलों का तो यहां तक दावा है कि अतीक अहमद और अशरफ के जेल जाने के बाद Shaista अपने बेटे असद के सहयोग से गिरोह के तमाम कारोबार को खुद ही संभाल रही थी। इसमें कारोबारियों से अवैध उगाही तक भी शामिल है।


सिपाही की बेटी Shaista का बचपना और जवानी थानों की चहारदीवारी में ही बीती है। लंबे समय तक वह पिता और परिजनों के साथ पुलिस विभाग के सरकारी मकान में रही है। पुलिस के हर खेल से वह वाकिफ है। शायद यही वजह है कि लंबा जाल बिछाने के बाद भी Shaista पुलिस STF की गिरफ्त से दूर है। आशंका ये भी जाहिर की जा रही है कि यदि वह पकड़ में नहीं है तो वह गिरोह को मजबूती प्रदान कर रही होगी। चर्चाएं इस बात की भी है कि अतीक, अशरफ और असद की मौत के बाद गिरोह का की लगाम किसके हाथ में होगी...? कौन होगा गिरोह का सरदार...? क्या पुलिस सरकारी अभिलेखों में Shaista को गैंग लीडर घोषित करेगी... या फिर गिरोह के बचे और शूटर्स को खत्म कर पुलिस अतीक नाम की file को ही हमेशा के लिए बंद कर देगी।


 एक खबर ये भी है कि अपने बचाव और अंडरग्राउंड रहने के लिए Shaista अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन का भी इस्तेमाल कर रही है। यदि ऐसा है तो ये एक और गंभीर मामला है। ऐसे में देश की खुफिया एजेंसियां और भारत सरकार का गृह मंत्रालय क्या कर रहा है...? WhatsApp University और Facebook पर ट्रोल आर्मी की पोस्ट को तमाम यू-ट्यूबर और पोर्टल का संचालन करने वाले मूर्धन्य पत्रकार खबर बनाकर न सिर्फ Likes & Views बटोर रहे हैं बल्कि आम जनता को सही खबरों और मुद्दों से भी भटकाने का कार्य पूरी तन्मयता से कर रहे हैं। सच्चाई ये है कि सभी एक एजेंडे के तहत कार्य कर रहे हैं।


डेढ़ दर्जन पुलिस कर्मियों और दर्जन भर से अधिक मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में पुलिस कस्टडी के दौरान अतीक और अशरफ का Live Shoot Out होता है लेकिन इस सनसनीखेज कांड पर चर्चा और बहस तक नहीं हो रही है। कि आखिर झोपड़ी में रहने वाले गली के लोफरों के पास 10 लाख रुपए के कीमत की विदेशी जिगाना पिस्टल कहां से आई...? कौन है वो मॉस्टर माइंड जिसने ये पिस्टलें हत्यारों को मुहैया कराईं...? Shoot Out के बाद धार्मिक नारा लगाने का मकसद क्या था...? तीनों के पास से मोबाइल फोन तक बरामद नहीं हुए हैं फिर उनको अतीक-अशरफ की लोकेशन किसने और कैसे दी...?


हत्यारों के मुताबिक तीनों ने एक दिन पहले रेकी की थी जबकि अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि उन लोगों को अतीक-अशरफ के लाए जाने की खबर तक नहीं थी...अस्पताल के अंदर जब पार्किंग की व्यवस्था थी तो पुलिस की जीप को अस्पताल के गेट पर रोकने के बाद दोनों माफिया ब्रदर्स को पैदल अंदर क्यों ले जाया गया...? दोनों को एक हथकड़ी में क्यों बांधा गया...? सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न ये है कि असलहों की बरामदगी के लिए जब अतीक-अशरफ को ले जाया गया तो उसका Live क्यों किया गया...? सवाल अब ये है कि क्या आगे भी पुलिस रिमांड पर लिए गए अपराधियों से आला कत्ल की बरामदगी के लिए Live करेगी या फिर Photo Shoot कर वीडियो बनवाएगी या फिर पूर्व में किसी अपराधी के साथ ऐसा किया गया...? ऐसे तमाम संवेदनशील जवाब हैं जिसका सीधा जवाब देने से सभी जिम्मेदार किनारा कर रहे हैं।

 

Note…उक्त खबर Social Media पर Viral तमाम खबरों और पोस्टों के आधार पर लिखी गई है....लेखक या फिर पोर्टल की इसमें कोई व्यक्ति राय या फिर टिप्पणी नहीं है...

  • अतीक अहमद गैंग का शातिर शूटर है असद उर्फ कालिया
  • कालिया के साथ दो अन्य लोगों को भी पुलिस ने किया Arrest
  • शाइस्ता परवीन का बेहद खास है कालिया, अपना बेटा मानती है परवीन
  • अतीक गैंग के लिए प्रापर्टी से जुड़े कामकाज देखता है कालिया


Yogesh Tripathi

प्रयागराज पुलिस ने अतीक अहमद गैंग के एक शार्प शूटर असद उर्फ कालिया को Arrest कर लिया है। कालिया के सिर पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। कालिया गिरोह के प्रापर्टी से जुड़े कामकाज को संभालता है। वह अतीक अहमद की बेगम शाइस्ता परवीन का दाहिना हाथ बताया जाता है। पुलिस के मुताबिक कालिया को शाइस्ता अपना छठवां बेटा मानती है। Police Officer's कालिया से पूछताछ कर तमाम जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है। कालिया पर रंगदारी मांगने, धमकी देने समेत करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। कालिया को धूमनगंज और पूरामुफ्ती थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि कालिया पुलिस के सामने अतीक अहमद गिरोह के प्रापर्टी से जुड़े काले कारोबार के बाबत तमाम जानकारियां देगा। 

उधर, अतीक अहमद की फरार बेगम शाइस्ता परवीन को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह की अफवाहें Viral हो रही हैं। इसमें शाइस्ता को हिरासत में लिए जाने से लेकर सरेंडर तक की खबरे शामिल हैं। खबर है कि कालिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की आधा दर्जन टीमें लगातार शाइस्ता की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस को शक है कि शाइस्ता ने प्रयागराज जनपद में ही ठिकाना बनाकर अलग-अलग जगहों पर पनाह ले रही है। उसके साथ बुर्का पहने अन्य महिलाएं भी हैं। ताकि किसी भी पुलिसिया कार्रवाई से उसका बचाव कर सकें। 

गुड्डू मुस्लिम को लेकर भी तमाम चर्चाएं सोशल मीडिया पर वायरल हैं। मीडिया रिपोर्टस की मानें तो गुड्डू मुस्लिम STF की हिरासत में है। देर-सबेर गुड्डू मुस्लिम को लेकर कोई बड़ी खबर आ सकती है। गुड्ड़ू मुस्लिम के सिर पर भी पांच लाख रुपए का इनाम घोषित है। गुड्डू मुस्लिम वही है जिसने अधिवक्ता उमेशा पाल की हत्या के समय बमबाजी की थी। वहीं, STF ने अतीक के बेटे संग आडियो क्लिप वायरल होने के बाद बड़े प्रापर्टी डीलर मोहम्मद मुस्लिम को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 

अतीक के हत्यारों की कोर्ट ने दी पुलिस रिमांड 

प्रयागराज कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में अतीक और उसके भाई अशरफ की फिल्मी स्टाइल में हत्या करने वाले लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या और सनी सिंह को तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर दिया है। करीब 100 से अधिक पुलिस कर्मियों के सुरक्षा घेरे में तीनों हत्यारोपितों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने तीनों की रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड स्वीकृत की। बताया जा रहा है कि रिमांड पर पुलिस तीनों हत्यारोपितों से हत्याकांड की कई कड़ियों को सुलझाने की कोशिश करेगी।

 

  • सनी सिंह के हमीरपुर स्थित घर पर बैरीकेडिंग कर भारी फोर्स तैनात
  • क्रूड बम बनाने में एक्सपर्ट है हत्यारोपी सनी सिंह 
  • बांदा में लवलेश के परिवारीजन घर पर ताला जड़कर "अंडरग्राउंड"
  • सुरक्षा के मद्देनजर तीनों हत्यारोपी नैनी से प्रतापगढ़ की जेल शिफ्ट किए गए


Yogesh Tripathi

माफिया डॉन अतीक और उसके भाई अशरफ की गोलियों से भूनकर हत्या करने वाले हत्यारोपी सनी सिंह के हमीरपुर जनपद स्थित कुरारा में घर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। घर की तरफ जाने वाले रास्ते पर पुलिस प्रशासन ने बैरीकेडिंग कर भारी पुलिस बल की तैनाती की है। चर्चा है कि देर शाम तक STF की एक टीम सनी सिंह के घर पहुंचने वाली है। 


वहीं, दूसरी तरफ एक अन्य हत्यारोपी लवलेश तिवारी के बांदा स्थित घर पर ताला जड़ने के बाद परिवारीजन "अंडरग्राउंड" हो गए हैं। इससे पहले सोमवार को शासन ने तीनों हत्यारोपितों को सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें नैनी जेल से प्रतापगण की जेल में शिफ्ट कर दिया। 


सोमवार दोपहर अचानक हमीरपुर पुलिस अतीक हत्याकांड के आरोपी सनी सिंह के घर पर पहुंची। घर के बाहर करीब दर्जन भर पुलिस वालों को तैनात करने के साथ-साथ उसके घर को जाने वाले रास्ते पर बैरीकेडिंग कर दी गई। पूरे दिन मीडिया के लोगों की आवाजाही सनी सिंह के घर पर बनी रही। छानबीन में जो जानकारियां मिली है वो बेहद चौंकाने वाली हैं। सनी सिंह हमीरपुर जनपद के कुरारा थाने के बाहर फायरिंग और बमबाजी कर चुका है। उस पर करीब डेढ़ दर्जन संगीन धाराओं में मुकदमें पंजीकृत हैं। बताया जा रहा है कि सनी सिंह क्रूड बम बनाने में एक्सपर्ट है। हमीरपुर जेल में जब सनी सिंह बंद था तो उसकी मुलाकात वेस्ट यूपी के खतरनाक गैंगस्टर सुंदर भाटी से हुई थी। माना जा रहा है कि उसका कनेक्शन भाटी गिरोह के लोगों से हो सकता है। सनी सिंह के भाई पिन्टू सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि काफी समय पहले ही सनी सिंह घर से भाग गया था। पिन्टू का कहना है कि उसका भाई से कोई संबंध नहीं है। वह परिवार के साथ अलग रहता है। सनी सिंह 2019 में आखिरी बार गिरफ्तार हुआ था। उसके बाद जब वह जेल से छूटा तो फरार हो गया

लवलेश के घर पर लटकता मिला ताला

 

 हत्यारोपी लवलेश के घर पर सोमवार को ताला लटकता मिला। मीडिया के लोग जब पहुंचे तो इस बात की जानकारी हुई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि परिवार के लोग कब ताला लगाकर चले गए किसी को भनक तक नहीं लगी। माना जा रहा है कि सभी "अंडरग्राउंड" हो गए हैं या फिर प्रशासन ने सभी को हटवा दिया है। उल्लेखनीय है कि लवलेश के परिवारीजनों ने कल ही मीडिया को बता दिया था कि उसका परिवार से कोई संबंध नहीं है। लववेश पर भी कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। लवलेश के परिजनों का घर पर ताला लगाकर अं"डरग्राउंड" हो जाने को लेकर मोहल्ले में तमाम तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। लवलेश के परिजनों के भूमिगत होने की जानकारी पुलिस प्रशासन को नहीं है।


प्रतापगढ़ जेल में शिफ्ट किए गए तीनो हत्यारोपी

अतीक अहमद और उसके बाई अशरफ की फिल्मी स्टाइल में हत्या कर चर्चा में आए तीनों हत्यारोपितों लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या और सनी सिंह को सुरक्षा कारणों की वजह से इलाहाबाद की नैनी जेल से प्रतापगढ़ जेल मे शिफ्ट कर दिया गया है। मालुम हो कि नैनी जेल में ही अतीक का एक बेटा भी बंद है।


  • धूमनगंज SHO ने शाहगंज थाने में लिखाई FIR
  • पुलिस ने कोर्ट से हत्यारोपितों का मांगा रिमांड
  • क्रॉस फायरिंग में लवलेश तिवारी के गोली लगने की खबर
  • डॉन बनने की चाहत में तीनों ने अतीक-अशरफ को मौत के घाट उतारा


Yogesh Tripathi

अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में स्वचालित हथियारों से गोलियों से भूनकर हत्या करने वाले तीन हत्यारोपितों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों हत्यारोपितों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने तीनों आरोपितों की रिमांड मांगी थी लेकिन कोर्ट में उस पर सुनवाई नहीं हो सकी। गौरतलब है कि शनिवार रात्रि जब अतीक और उसके भाई को पुलिस मेडिकल के लिए ले जा रही थी तो उसी समय पहले से मौजूद तीनों हत्यारोपितों ने प्वाइंट ब्लैक रेंज पर टर्की मेड पिस्टल से फायरिंग कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया। दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौका-ए-वारदात से भागे नहीं बल्कि सरेंडर कर धार्मिक नारेबाजी की। 


संडे की सुबह हत्यारोपितों लवलेश तिवारी (बांदा), अरुण मौर्य (कासगंज) और सन्नी सिंह (हमीरपुर) के खिलाफ प्रयागराज के शाहगंज थाने में IPC की धारा 302, हत्या के प्रयास की धारा 307 और आर्म्स एक्ट के तहत पुलिस ने FIR रजिस्टर्ड की। पुलिस के मुताबिक आरोपितों का कहना है कि वह लोग अतीक-अशरफ गिरोह का सफाया लंबे समय से करना चाहते थे। ताकि Uttar Pradesh में उन तीनों का नाम हो लेकिन पुलिस की तगड़ी घेराबंदी की वजह से मौका नहीं मिल पा रहा था। आखिर कब तक तीनों छुटभैया अपराधी बनकर रहते। तीनों ने पूछताछ में बताया कि हत्या के वक्त वह लोग पुलिस के घेरे का अंदाजा नहीं लगा पाए थे जिसकी वजह से पकड़े गए। इन बातों का उल्लेख पुलिस ने शाहगंज थाने में रजिस्टर्ड FIR में किया है। धूमनगंज थाने के SHO राजेश कुमार मौर्य ने शाहगंज थाने में लिखाई गई रिपोर्ट में लवलेश तिवारी के भी घायल होने की खबर है। पुलिस का कहना है कि क्रॉस फायरिंग में लवलेश तिवारी के भी गोली लगी है। जिसका उपचार स्वरूप रानी मेडिकल कालेज में कराया गया।

हमीरपुर जनपद की कुरारा पुलिस के मुताबिक सन्नी सिंह के खिलाफ संगीन अपराधों में कई मुकदमें दर्ज हैं। जिसमें हत्या के प्रयास, लूट, विस्फोटक अधिनियम के मुकदमें हैं। सन्नी सिंह की हिस्ट्रीशीट भी कुरारा पुलिस ने खोल रक्खी है। सन्नी सिंह लंबे समय से फरार था। वहीं सूत्रों की मानें तो सन्नी सिंह लंबे समय तक हमीरपुर की जेल में बंद रहा है। उसके कनेक्शन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खतरनाक गैंगस्टर सुंदर भाटी गिरोह से भी बताए जा रहे हैं। STF की टीमें हर बिन्दु पर छानबीन कर रही हैं। गौरतलब है कि अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच शासन ने STF को सौंपी है।

हत्यारोपी लवलेश तिवारी की ये फोटो Facebook Account से प्राप्त---पोस्ट वर्ष 2019

www.redeyestimes.com (News Portal) बांदा निवासी हत्यारोपी लवलेश तिवारी के Social Media Account को जब काफी बारीकी से खंगाला तो पूर्व में पोस्ट किए गए तमाम छायाचित्र हाथ लगे। इसमें कुछ भाजापा नेताओं के साथ सेल्फी तो कई में महंत, साधु-सन्यासियों के साथ आशीर्वाद वाली फोटो भी हैं। दो फोटो में वह पिस्टल लहराता दिखाई दे रहा है।

ये फोटो वर्ष 2019 की हैं। इतना ही नहीं एक बड़े भाजपा नेता के कार्यक्रम में मौजूदगी की सेल्फी भी उसने फेसबुक पर डाल रक्खी है। बांदा रिपोर्टर के मुतबाकि लवलेश के परिजनों को पुलिस ने सख्त हिदायत दे रक्खी है कि घर के बाहर न आएं और न ही मीडिया से किसी तरह की कोई बातचीत करें।

 

 

 

  • अतीक-अशरफ की हत्या के बाद हत्यारों ने धार्मिक नारे भी लगाए
  • क्या तीनों की अतीक या उसके परिवार से कोई निजी दुश्मनी थी...?
  • तीनों हत्यारोपियों की पहचान प्रयागराज पुलिस ने की
  • पूरी रात कमिश्नर और STF के अधिकरी करते रहे पूछताछ
  • छेड़छाड़ के मामले में जेल जा चुका है हत्यारा लवलेश 
  • पिता ने कहा कि पांच दिन पहले लवलेश घर पर आया था
  • परिवार से उसका कोई लेना-देना नहीं है : लवलेश के पिता


Yogesh Tripathi

पुलिस कस्टडी में माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की फिल्मी स्टाइल में गोलियों की बौंछार कर हत्या करने वाले तीन हत्यारोपितों से रात भर पुलिस कमिश्नर प्रयागराज (CP) रमित शर्मा और STF के अधिकारियों ने पूछताछ की। पूछताछ में पता चला है कि हत्यारा लवलेश तिवारी बुन्देलखंड के बांदा का रहने वाला है। शूटर अरुण मौर्य कासगंज जनपद का निवासी है जबकि सन्नी Uttar Pradesh के हमीरपुर का रहने वाला है। सूत्रों की मानें तो तीनों पर पहले से ही अपराधिक मामले पुलिस के अभिलेखों में दर्ज हैं। तीनों ने अतीक और उसके भाई की हत्या क्यों और किसके इशारे पर की है...? ये अभी तक तीनों ने स्वीकार नहीं किया है। हत्या के बाद तीनों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर "जयश्रीराम और जय हनुमान" जैसे धार्मिक नारे भी लगाए थे। जो कि हत्याकांड के वायरल वीडियों में साफ-साफ देखा और सुना जा सकता है। 

कानपुर कमिश्नररेट पुलिस की अपील...अफवाहों पर ध्यान न दें


प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर ने बताया कि तीनों मीडिया कर्मी बनकर पहुंचे थे। हत्याराों के गले में मीडिया का परिचय पत्र भी लटक रहा था। किस अखबार-चैनल का परिचय पत्र तीनों के पास से मिला है...? ये पुलिस की तरफ से फिलहाल नहीं बताया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हत्यारों ने पूछताछ में साफ तौर पर कहा कि अतीक और अशरफ की हत्या का उनको कोई पछतावा नहीं है। हत्यारों ने कहा कि वह फिदाइन बनकर पहुंचे थे उनको यदि मार भी दिया जाता तो कोई गम नहीं था। हत्यारों ने कहा कि अतीक और अशरफ पिछले कई दशक से हमारे भाई लोगों की हत्या कर उनकी संपत्तियों पर कब्जा कर रहे थे। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में तीनों धार्मिक रंग देने की भरपूर कोशिश कर रहे  हैं। सबसे बड़ा "यक्ष प्रश्न" ये है कि आखिर अतीक और अशरफ के कत्ल की "पटकथा" के नेपथ्य में आखिर कौन है...? इसकी गुत्थियां कभी सुलझ पाएंगी कि नहीं...? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतीक अहमद हत्याकांड की जांच STF को सौंपी है। अब हत्याकांड की जांच में जुटी STF को इसकी गहराई में जाना होगा ताकि यह पता चल सके कि अतीक की हत्या किन वजहों से की गई। हत्यारों से अतीक के रंजिश की वजह क्या थी...? 


अतीाक और अशरफ की हत्या क्यों की गई...? ये अब अबूझ पहेली बनती जा रही है। क्या हत्यारों की अतीक या उसके परिवार से कोई जातीय या फिर निजी रंजिश थी...या फिर कोई और बात थी जो तीनों ने Shoot Out को बेखौफ अंदाज में अंजाम दिया। पुलिस की एक थ्योरी दो-तीन दिन पहले आई थी कि अतीक ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि पंजाब के रास्ते से वह पाकिस्तान से हथियार मंगवाता है और फिर उसकी सप्लाई करवाता है। हत्याकांड क्या उस पूरे मामले को दबाने की कोशिश है...? एक एंगल ये भी है कि हत्या के बाद तीनों ने कातिलों ने सरेंडर कर" जयश्रीराम और जय हनुमान" जैसे धार्मिक नारे लगाए। उससे ये भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं तीनों ने "सिस्टम" के तहत हत्याकांड को धार्मिक या फिर राजनीतिक रंग देने की कोशिश तो नहीं की है। माना ये भी जा रहा कि असल मुद्दे से भटकाने का प्रयास किया भी किया जा सकता है। आशंका यह भी है कि कहीं हत्याकांड की गुत्थियों को कहीं उलझाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है।


नशे का लती है हत्यारा लवलेश तिवारी उर्फ चूचू

News Portal के Banda Reporter ने  जानकारी देते हुए बताया कि लवलेश तिवारी शहर के क्योटरा मोहल्ले का निवासी है। लवलेश के पिता यज्ञ कुमार ने मीडिया से बताया कि लवलेश पहले भी जेल जा चुका है। सरकारी अस्पताल के पास मारपीट और फायरिंग की घटना में उसका नाम आया था। इसके बाद मोहल्ले की लड़की से छेड़छाड़ में भी आरोपित किया गया था। पिता के मुताबिक लवलेश ड्रग्स का लती है। उसका परिवार से कोई लेना-देना नहीं है। पांच दिन पहले ही वह घर आया था। वह अक्सर बाहर ही रहता था। लवलेश के तीन भाई और हैं। लवलेश कोई कामकाज नहीं करता है। नशे का लंबे समय से लती है। News Portal ने लवलेश के सोशल मीडिया अकाउंट की गहराई से छानबीन की तो Facebook में उसने अपना नाम महाराज लवलेश तिवारी (चूचू) लिख रक्खा है। साथ ही उसने हम शास्त्र वाले ब्राम्हण नहीं शस्त्र वाले ब्राम्हण लिखा हुआ है। Bio में उसने जिला सह सुरक्षा प्रमुख at बजरंगदल लिखा हुआ है।


BSP सुप्रीमों ने सूबे की सरकार को आड़े हाथों लिया

बसपा सुप्रीमों मायावती ने पुलिस कस्टडी में मारे गए माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके बाई की हत्या के बाद कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सूबे की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया है। मायावती ने Tweet कर कहा कि गुजरात की साबरमती जेल से अतीक को पुलिस अभिरक्षा में लाया गया गया था। उमेश पाल की तरह ही अतीक और उसके भाई की हत्या कर दी जाती है। मायावती ने कहा कि हत्याकांड बताता है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंंने कहा कि बेहतर होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले को स्वतः संज्ञान में लेकर कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब एनकाउंटर प्रदेश बन चुका है। सरकार की कार्यप्रणाली से तमाम तरह के प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं।

Akhilesh Yadav ने भी सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि "Uttar Pradesh में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या. इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है  कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।

बंदूक के दम पर सरकार चला रही है BJP : ओवैसी 

इसके अलावा एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि मारने वाले आतंकवादी थे. कल जो हत्या हुई उसकी पूरी जिम्मेदारी यूपी के मुख्यमंत्री है. यूपी के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. इस पूरे घटना में यूपी की बीजेपी सरकार की भूमिका है. साल 1989 से एनकाउंटर का सिलसिला चल रहा है। ओवैसी ने कहा, कि Uttar Pradesh में बीजेपी की सरकार कानून से नहीं चला रही है. बंदूक के दम पर सरकार चला रही है.  बीजेपी की सरकार को कानून पर भरोसा नहीं है. कल का जो मर्डर हुआ है वह सोची समझी साजिश थी. लोकसभा सांसद ने कहा कि हथियार चलाने का तरीका देखिये उन्हें मालूम था की हमें किस जगह पर मारना है।

 




 

Tripathi

Gujrat की साबरमती जेल से Uttar Pradesh लाए गए माफिया डॉन अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की पुलिस कस्टडी में अज्ञात हमलावरों ने फिल्मी स्टाइल में हत्या कर दी। जिस वक्त हत्या की गई उस समय तीन से चार जीप में पुलिस कर्मी मौजूद थे। दोनों भाइयों के हाथ में हथकड़ी लगी हुई थी। अतीक और अशरफ की हत्या के बाद तीनों हमलावरों ने भागने की कोशिश बिल्कुल भी नहीं की। पुलिस की टीम अतीक और उसके भाइयों का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए लेकर जा रही थी। मेडिकल कॉलेज के सामने ही हमलावरों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दे दिया।

Shoot Out का Live Video देखें

https://youtu.be/kNLSVkS0lNI

अतीक और अशरफ की हत्या के बाद तीनों हमलावरों ने अपने हाथ ऊपर कर दिए। जिसके बाद मौजूद पुलिस कर्मियों ने तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हमलावरों ने गले में परिचय पत्र डाल रक्खे थे। ये परिचय पत्र संभवतः किसी मीडिया संस्थान के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि इस बाबत अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। समाचार लिखे जाने तक फॉरेंसिक विभाग की टीम पहुंच चुकी है। समूछे एरिया को पुलिस की छावनी में तब्दील कर दिया गया है। Uttar Pradesh के कई संवेदशील जिलोों के अफसरों को Alert रहने को कहा गया है।


जमीन पर गिरने के बाद मारी गोलियां

हमलावरों ने अतीक और उसके भाई अशरफ कीू कनपटी पर पहली गोली मारी। कनपटी पर गोली लगते ही दोनों भाई नीचे गिर पड़े। वीडियो से बिल्कुल साफ है कि उनके नीचे गिरते ही हमलावरों ने उनके शरीर पर और भी गोलियां मारीं। जिस बेखौफ अंदाज में शूटरों ने अतीक और उसके भाई को गोलियां मारी हैं उससे साफ है कि हमलावर नौसिखिए बिल्कुल नहीं है। क्यों कि वारदात को अंजाम देते समय सभी बेखौफ थे। फायरिंग होते ही सुरक्षा कर्मी पीछे हट गए। अतीक और अशरफ के मरते ही हमलावरों ने भागने के बाद बजाय हाथ उठाकर सरेंडर कर दिया।


Media से बात कर रहा था अतीक 

जिस समय अतीक और उसके भाई की हत्या की गई। उस वक्त मीडिया का भी भारी जमावड़ा था। दर्जनों की संख्या में मीडिया कर्मी और पुलिस कर्मी मौजूद थे। मीडिया ने अतीक से बेटे के एनकाउंटर के संबंध में सवाल पूछा तो उसके मुंह से गुड्डू निकला ही था कि सामने और अगल-बगल से तीन युवक आए और दोनों भाइयों की कनपटी पर निशाना साधते हुए गोली मार दी। करीब 30 मिनट बाद Police Officer's पहुंचे। IPS Officer's आकाश कुलहरी जब मौके पर पहुंचे तो मीडिया के सवाल पर बड़ी सहजता से बोले कि मुझे नहीं पता है..."मैं तो अभी आया हूं"। 

ADG (L/O)) मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे

अतीक और उसके भाई की पुलिस कस्टडी में फिल्मी स्टाइल में की गई हत्या के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। चूंकि ये हत्या पुलिस अभिरक्षा में हुई है। इस लिए हर तरफ से अंगुली पुलिस पर ही उठ रही है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यस्था) थोड़ी देर पहले मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यवाहक डीजीपी को तलब किया है। उल्लेखनीय है कि अतीक को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रयागराज लाने की अनुमति मिली थी। उसके बाद भी इतने बड़े माफिया डॉन की सुरक्षा में चूक कैसे हुई..?

Social Media पर हत्या का वीडियो वायरल हो रहा है। हमलावरों ने सबसे पहले अतीक के सिर में गोली मारी फिर उसके भाई को गोली मारी. देश और प्रदेश को स्तब्ध कर देने वाली वारदात प्रयागराज जनपद में हुई। गौरतलब है कि 24 घंटे पहले ही अतीक के बेटे असद को STF ने झांसी में हुए एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। असद को सुपुर्द-ए-खाक करने के कुछ देर बाद ही उसके पिता और चाचा की हत्या से प्रयागराज में तनाव का माहौल है। कोई भी अफसर कुछ भी बोलने से बच रहा है।

 प्रयागराज में पूरे जनपद की पुलिस सड़कों पर है। संवेदनशील एरिया में फ्लैग मार्च पुलिस कर रही है। Uttar Pradesh में हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रयागराज के पुराने इलाकों में भारी तनाव को देखते हुए RAF की तैनाती की गई है।

अतीक के हत्यारों की पहचान हुई 

अतीक और उसके भाई की हत्या करने में पुलिस ने जिन तीन लोगों को सरेंडर के बाद पकड़ा है उनके नाम लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या और सोनू बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीनों पहले से ही अस्पताल में मौजूद थे। तीनों के पास से पुलिस ने असलहे भी बरामद किए हैं। पुलिस कमिश्नर प्रयागराज रमित शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि तीनों हमलावरों को पकड़ लिया गया है। तीनों मीडिया कर्मी बनकर आए थे। उनके पास से असलहे रिकवर किए गए हैं।


प्रयागराज जनपद में धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रयागराज पुलिस के अफसरों को सख्त ताकीद दी गई है कि वह किसी तरह की बयानबाजी से बचें। प्रयागराज की इंटरनेट सेवा को बंद करने का निर्णय लिया गया है। Uttar Pradesh के मुक्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री ने हत्याकांड के न्यायिक जांच कराने का आदेश दिया है।


 

 

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