• अतीक-अशरफ की हत्या के बाद हत्यारों ने धार्मिक नारे भी लगाए
  • क्या तीनों की अतीक या उसके परिवार से कोई निजी दुश्मनी थी...?
  • तीनों हत्यारोपियों की पहचान प्रयागराज पुलिस ने की
  • पूरी रात कमिश्नर और STF के अधिकरी करते रहे पूछताछ
  • छेड़छाड़ के मामले में जेल जा चुका है हत्यारा लवलेश 
  • पिता ने कहा कि पांच दिन पहले लवलेश घर पर आया था
  • परिवार से उसका कोई लेना-देना नहीं है : लवलेश के पिता


Yogesh Tripathi

पुलिस कस्टडी में माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की फिल्मी स्टाइल में गोलियों की बौंछार कर हत्या करने वाले तीन हत्यारोपितों से रात भर पुलिस कमिश्नर प्रयागराज (CP) रमित शर्मा और STF के अधिकारियों ने पूछताछ की। पूछताछ में पता चला है कि हत्यारा लवलेश तिवारी बुन्देलखंड के बांदा का रहने वाला है। शूटर अरुण मौर्य कासगंज जनपद का निवासी है जबकि सन्नी Uttar Pradesh के हमीरपुर का रहने वाला है। सूत्रों की मानें तो तीनों पर पहले से ही अपराधिक मामले पुलिस के अभिलेखों में दर्ज हैं। तीनों ने अतीक और उसके भाई की हत्या क्यों और किसके इशारे पर की है...? ये अभी तक तीनों ने स्वीकार नहीं किया है। हत्या के बाद तीनों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर "जयश्रीराम और जय हनुमान" जैसे धार्मिक नारे भी लगाए थे। जो कि हत्याकांड के वायरल वीडियों में साफ-साफ देखा और सुना जा सकता है। 

कानपुर कमिश्नररेट पुलिस की अपील...अफवाहों पर ध्यान न दें


प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर ने बताया कि तीनों मीडिया कर्मी बनकर पहुंचे थे। हत्याराों के गले में मीडिया का परिचय पत्र भी लटक रहा था। किस अखबार-चैनल का परिचय पत्र तीनों के पास से मिला है...? ये पुलिस की तरफ से फिलहाल नहीं बताया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हत्यारों ने पूछताछ में साफ तौर पर कहा कि अतीक और अशरफ की हत्या का उनको कोई पछतावा नहीं है। हत्यारों ने कहा कि वह फिदाइन बनकर पहुंचे थे उनको यदि मार भी दिया जाता तो कोई गम नहीं था। हत्यारों ने कहा कि अतीक और अशरफ पिछले कई दशक से हमारे भाई लोगों की हत्या कर उनकी संपत्तियों पर कब्जा कर रहे थे। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में तीनों धार्मिक रंग देने की भरपूर कोशिश कर रहे  हैं। सबसे बड़ा "यक्ष प्रश्न" ये है कि आखिर अतीक और अशरफ के कत्ल की "पटकथा" के नेपथ्य में आखिर कौन है...? इसकी गुत्थियां कभी सुलझ पाएंगी कि नहीं...? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतीक अहमद हत्याकांड की जांच STF को सौंपी है। अब हत्याकांड की जांच में जुटी STF को इसकी गहराई में जाना होगा ताकि यह पता चल सके कि अतीक की हत्या किन वजहों से की गई। हत्यारों से अतीक के रंजिश की वजह क्या थी...? 


अतीाक और अशरफ की हत्या क्यों की गई...? ये अब अबूझ पहेली बनती जा रही है। क्या हत्यारों की अतीक या उसके परिवार से कोई जातीय या फिर निजी रंजिश थी...या फिर कोई और बात थी जो तीनों ने Shoot Out को बेखौफ अंदाज में अंजाम दिया। पुलिस की एक थ्योरी दो-तीन दिन पहले आई थी कि अतीक ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि पंजाब के रास्ते से वह पाकिस्तान से हथियार मंगवाता है और फिर उसकी सप्लाई करवाता है। हत्याकांड क्या उस पूरे मामले को दबाने की कोशिश है...? एक एंगल ये भी है कि हत्या के बाद तीनों ने कातिलों ने सरेंडर कर" जयश्रीराम और जय हनुमान" जैसे धार्मिक नारे लगाए। उससे ये भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं तीनों ने "सिस्टम" के तहत हत्याकांड को धार्मिक या फिर राजनीतिक रंग देने की कोशिश तो नहीं की है। माना ये भी जा रहा कि असल मुद्दे से भटकाने का प्रयास किया भी किया जा सकता है। आशंका यह भी है कि कहीं हत्याकांड की गुत्थियों को कहीं उलझाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है।


नशे का लती है हत्यारा लवलेश तिवारी उर्फ चूचू

News Portal के Banda Reporter ने  जानकारी देते हुए बताया कि लवलेश तिवारी शहर के क्योटरा मोहल्ले का निवासी है। लवलेश के पिता यज्ञ कुमार ने मीडिया से बताया कि लवलेश पहले भी जेल जा चुका है। सरकारी अस्पताल के पास मारपीट और फायरिंग की घटना में उसका नाम आया था। इसके बाद मोहल्ले की लड़की से छेड़छाड़ में भी आरोपित किया गया था। पिता के मुताबिक लवलेश ड्रग्स का लती है। उसका परिवार से कोई लेना-देना नहीं है। पांच दिन पहले ही वह घर आया था। वह अक्सर बाहर ही रहता था। लवलेश के तीन भाई और हैं। लवलेश कोई कामकाज नहीं करता है। नशे का लंबे समय से लती है। News Portal ने लवलेश के सोशल मीडिया अकाउंट की गहराई से छानबीन की तो Facebook में उसने अपना नाम महाराज लवलेश तिवारी (चूचू) लिख रक्खा है। साथ ही उसने हम शास्त्र वाले ब्राम्हण नहीं शस्त्र वाले ब्राम्हण लिखा हुआ है। Bio में उसने जिला सह सुरक्षा प्रमुख at बजरंगदल लिखा हुआ है।


BSP सुप्रीमों ने सूबे की सरकार को आड़े हाथों लिया

बसपा सुप्रीमों मायावती ने पुलिस कस्टडी में मारे गए माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके बाई की हत्या के बाद कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सूबे की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया है। मायावती ने Tweet कर कहा कि गुजरात की साबरमती जेल से अतीक को पुलिस अभिरक्षा में लाया गया गया था। उमेश पाल की तरह ही अतीक और उसके भाई की हत्या कर दी जाती है। मायावती ने कहा कि हत्याकांड बताता है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंंने कहा कि बेहतर होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले को स्वतः संज्ञान में लेकर कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब एनकाउंटर प्रदेश बन चुका है। सरकार की कार्यप्रणाली से तमाम तरह के प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं।

Akhilesh Yadav ने भी सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि "Uttar Pradesh में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या. इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है  कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।

बंदूक के दम पर सरकार चला रही है BJP : ओवैसी 

इसके अलावा एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि मारने वाले आतंकवादी थे. कल जो हत्या हुई उसकी पूरी जिम्मेदारी यूपी के मुख्यमंत्री है. यूपी के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. इस पूरे घटना में यूपी की बीजेपी सरकार की भूमिका है. साल 1989 से एनकाउंटर का सिलसिला चल रहा है। ओवैसी ने कहा, कि Uttar Pradesh में बीजेपी की सरकार कानून से नहीं चला रही है. बंदूक के दम पर सरकार चला रही है.  बीजेपी की सरकार को कानून पर भरोसा नहीं है. कल का जो मर्डर हुआ है वह सोची समझी साजिश थी. लोकसभा सांसद ने कहा कि हथियार चलाने का तरीका देखिये उन्हें मालूम था की हमें किस जगह पर मारना है।

 




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