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लंबे समय तक Kanpur में रही थी Mukhtar की आमदरफ्त

Mukhtar का  भांजा मोहम्मद ताहिर Kanpur में ही रहता था 

  • नब्बे के दशक में क्राइस्चर्च कॉलेज का अध्यक्ष निर्वाचित हुआ था ताहिर
  • 22 साल पहले मुख्तार के शूटर संग Kanpur में पकड़ा गया था ताहिर
  • पुलिस ने असलहों के साथ ताहिर, अभय सिंह को किया था Arrest
  • रईस बनारसी ने भी लंबे समय तक मुख्तार के लिए किया था काम



Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के बांदा जनपद स्थित मेडिकल कॉलेज में गुरुवार देर रात्रि पूर्वांचल के बाहुबली डॉन और पांच बार विधायक रहे Mukhtar Ansari की हार्ट फेल हो जाने की वजह से मौत हो गई। Mukhtar Ansari बांदा की जेल में सजा काट रहा था। उसे ढाई साल पहले पंजाब की जेल से यूपी लाया गया था। Mukhtar Ansari का Kanpur से भी काफी गहरा Connection रहा है। शहर में मुख्तार के एक भांजा मोहम्मद ताहिर रहते था। ताहिर नब्बे के दशक में छात्र नेता रहे और बाद में क्राइस्चर्च कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष भी निर्वाचित हुए। ताहिर की कैंसर की बीमारी से कुछ साल पहले मौत हो चुकी है।


 Kanpur से पूर्वांचल अंडरवर्ल्ड का गहरा नाता हमेशा से रहा है। शहर से असलहों और कारतूसों की सप्लाई भी पूर्वांचल के गैंस्टर व माफियाओं को होती रही है। Kanpur और आसपास के कई शार्प शूटर भी इन पूर्वांचल के गैंगों की खातिर काम करते थे। कुलीबाजार के अतीक-शफीक & बिल्लू-बाले के साथ-साथ अच्छे दहाना, नई सड़क के अतीक-फहीम और जिंदनाथ गिरोह के शार्प शूटर Uttar Pradesh व दूसरे राज्यों में सक्रिय रहे हैं। इसमें एक नाम रईस बनारसी भी है। जो अभी कुछ साल पहले ही वाराणसी में मारा जा चुका है। रईस बनारसी यूं तो Kanpur का ही रहने वाला था लेकिन पूर्वांचल के गाजीपुर, बनारस, मऊ समेत कई जनपदों में उसकी खासी दहशत थी। रईस बनारसी ने लंबे समय तक मुख्तार गैंग के लिए काम किया था। 

Kanpur के तमाम मुस्लिम बाहुल्य एरिया में अंसारी बिरादरी की खासी संख्या हैं। इसमें 70 फीसदी के करीब लोग पूर्वांचल के जनपदों, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, बनारस, मऊ आदि जनपदों के मूल निवासी हैं। मुख्तार के इंतकाल को लेकर पूरे दिन चर्चाएं होती रहीं। शहर पुलिस और खुफिया विभाग के अफसर Alert रहे। चंदारी, सुजातगंज, फेथफुलगंज, बेगमपुरवा, रेलबाजार, आदि जगहों पर खुफिया की बेहद पैनी निगाह पूरे दिन बनी रही। 

Kanpur में भी रहा खासा दखल

पूर्वांचल और खासतौर पर गाजीपुर से जुड़े कानपुर में रहने वालों की मानी जाए तो मुख्तार और उसके भाई अफजाल से कानपुर में रहने वाले पूर्वांचल के लोगों से कनेक्शन रहे हैं। मुख्तार के गुर्गों से भी इन लोगों का नेटवर्क रहा है। बड़े मामलों में मुख्तार गैंग के लोग मामला निपटाते रहे हैं। इसके एवज में मोटी रकम भी वसूली जाती रही है। तमाम मामले प्रकाश में आए लेकिन बहुत सारे मामले खुले ही नहीं। 

Mukhtar Ansari का भांजा भी करता था रंगबाजी

जाजमऊ क्षेत्र में रहने वाले मुख्तार अंसारी के भांजे मोहम्मद ताहिर नब्बे के दशक में क्राइस्चर्च कालेज छात्रसंघ के अध्यक्ष बने। कानपुर की कैंट विधान सभा सीट से ताहिर ने पीस पार्टी के टिकट पर विधायकी का भी चुनाव लड़ा लेकिन वह हार गए। ताहिर छात्र जीवन में भी काफी ठसक के साथ रहता था। मामा के नाम और साथ की फोटो को ताहिर रुतबा दिखाता रहा था। शहर की राजनीति में भी ताहिर की अच्छी दखल रहती थी। खासकर कैंट क्षेत्र में ताहिर की पकड़ बेहद मजबूत थी। 

जेल मे पूर्व सांसद सुभाषिनी अली का विरोध किया

छात्र राजनीति के दौरान आरक्षण मामले पर विरोध के दौरान शहर के तमाम छात्र नेताओं को पुलिस ने विरोध करने की वजह से Arrest कर जेल भेज दिया। तत्कालीन सांसद सुभाषिनी अली जेल में बंद छात्र नेताओं से मुलाकात करने पहुंची। मोहम्मद ताहिर ने अपने साथ बंद अन्य छात्र नेताओं के साथ मिलकर जेल की बैरक में ही सुभाषिनी अली का न सिर्फ विरोध किया बल्कि खासी अभद्रता भी की। जेल के सुरक्षा कर्मियों और अपने अंगरक्षकों की वजह से सुभाषिनी अली बामुश्किल जेल से बाहर निकल सकीं थी।

प्लेन हाईजैक का हाईवोल्टेज ड्रामा

आरक्षण के मुद्दे पर शहर के सभी कालेजों में छात्र नेता और पदाधिकारी खुलकर विरोध कर रहे थे। दूसरी तरफ मोहम्मद ताहिर ने अपने कुछ करीबी छात्र नेताओं के संग प्लेन को हाईजैक कर लिया। खास बात ये रही कि ुउस समय प्लेन में एक पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी भी मौजूद रहीं थीं। प्लेन हाईजैक की खबर पर दिल्ली तक हड़कंप मच गया था। बाद में जब सुरक्षा कर्मियों ने सभी को हिरासत में लिया तो मालूम चला कि सभी के पास जो पिस्टल थी वो नकली थी। लेकिन सभी के खिलाफ FIR रजिस्टर्ड की गई थी। लंबे समय तक मुकदमा भी चला। 

Abhay Singh के साथ Kanpur में पकड़ा गया था ताहिर 

वर्ष 2002 में कलेक्टरगंज थाने की नयागंज चौकी इंचार्ज रहे ऋषिकांत शुक्ला (वर्तमान में क्षेत्राधिकारी उन्नाव) ने मुखबिर की सूचना पर कार सवार कुछ युवकों को असलहों के साथ Arrest किया। कार का शीशा खुलते ही पुलिस वालों को धमकियां मिलीं तो सभी ठिठक गए। कार में कोई और नहीं बल्कि मुख्तार अंसारी के करीबी रहे वर्तमान में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए अभय सिंह मौजूद थे। अभय सिंह के साथ मोहम्मद ताहिर, एक अन्य व्यक्ति और ड्राइवर भी था। सभी को छोड़ने के लिए दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई मंत्रियों के फोन तत्कालीन पुलिस अफसरों के पास आए। एक लाइसेंसी राइफल भी पुलिस ने सभी के पास से बरामद की थी जो कि किसी दूसरे राज्य की थी। अभय सिंह को छोड़कर पुलिस ने बाकी अन्य लोगों को तब तबियत से खातिरदारी की थी। अभय सिंह अभी हाल में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रास वोटिंग करने की वजह से सुर्खियों में आए। फिलहाल केंद्र की मोदी सरकार ने उनको "Y" श्रेणी की सुरक्षा देते हुए CRPF के जवानों की तैनाती उनके साथ की है। 


  • दो दर्जन से अधिक पुलिस कर्मियों के घायल होने की खबर
  • जेल के मुख्य गेट पर उपद्रवी बंदियों ने किया कब्जा
  • तीन घंटे तक जेल में उपद्रव करते रहे उपद्रवी बंदी
  • कई थानों की फोर्स के साथ Police Officer’s जेल पहुंचे
  • टीबी की बीमारी से बंदी की मौत के बाद भड़के साथी बंदी

जेल परिसर में दाखिल होने से पहले बुलेटप्रूफ जैकेट पहनते SP अशोक कुमार मीणा।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Farrukhabad जनपद में संडे की सुबह टीबी की बीमारी से संक्रमित बंदी की मौत के बाद फतेहगढ़ जेल में बंदियों ने जमकर उपद्रव किया। बंदियों ने जेल अस्पताल को फूंक दिया। तोड़फोड़ के बाद बंदी रक्षकों को निशाना बनाकर पथराव किया गया। फतेहगढ़ जेल के मुख्य गेट पर भी बंदियों ने कब्जा कर लिया। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। Police Officer’s का कहना है कि बंदियों के हमले में करीब दो दर्जन पुलिस के जवान घायल हुए हैं। कुछ बंदियों के भी घायल होने की खबर है। अधिकारी फायरिंग की बात से साफ इनकार कर रहे हैं। फायर बिग्रेड के जवानों ने मौके पर पहुंचकर जेल अस्पताल में लगी आग पर काबू पाया।

घटनाक्रम के मुताबिक फतेहगढ़ जिला जेल में टीबी की बीमारी से ग्रसित बंदी संदीप सिंह (29) की सैफई अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। संडे की सुबह बंदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरु कर दिया। बंदी रक्षकों ने बवाल कर रहे बंदियों को किसी तरह शांत कराने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। आक्रोशित बंदियों ने तोड़फोड़ कर पथराव शुरु कर दिया। पथराव से जेल परिसर में भगदड़ मच गई।

 

जेल के अंदर दाखिल होने का प्रयास करते दमकल कर्मी।  
 

कंट्रोल रूम की सूचना पर कई थानों की फोर्स जिला जेल पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने से पहले बंदियों ने जेल परिसर में पूरी तरह से कब्जा करने के बाद मुख्य गेट पर भी कब्जा कर लिया। इस बीच कुछ बंदियों ने जेल अस्पताल में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। आग की लपटें बेकाबू हुईं तो अफसरों के हाथ-पांव ठंडे पड़ गए। 

जेल के मुख्य गेट पर तैनात पुलिस बल।

जेल के अंदर उपद्रव कर रहे बंदियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। जिससे बंदी अपनी बैरकों में दुबक गए। मऊदरवाजा थाने में तैनात सिपाही जितेंद्र कुमार और राजेपुर थाना क्षेत्र के लहरापुर गांवनिवासी बंदी शिवम घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए लोहिया अस्पताल भेजा गया। बंदी का कहना है कि जब वह गेट बंद कर रहा था तब उसे गोली मारी गई। जेल में उपद्रव की खबर मिलते ही डीएम संजय कुमार सिंह भी पहुंचे। डीएम का कहना है कि हालात अब पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। ताकि यह पता चल सके कि जेल में उपद्रव क्यों हुआ

घायल बंदी और पुलिस कर्मी को लेकर जाते सब इंस्पेक्टर।

SP अशोक कुमार मीणा ने फायरिंग और लाठीचार्ज से इनकार करते हुए कहा कि बंदियों के हमले में करीब 30 पुलिस कर्मी जख्मी हैं। एसपी के मुताबिक उनको सुबह 9 बजे डिप्टी जेलर ने सूचना देते हुए बताया कि जेल के अंदर बंदी उपद्रव कर रहे हैं। डिप्टी जेलर ने फोर्स की मांग की। जब वह फोर्स के साथ जेल पहुंचे तो वहां पर बंदियों का पूरी तरह से कब्जा था।

SP के मुताबिक आवश्यक बल प्रयोग कर उपद्रवियों को जेल के अंदर किया गया। हमले में 30 पुलिस कर्मी जख्मी हो गए। सभी का मेडिकल कराया जा रहा है। छानबीन में पता चला है कि सुबह चाय वितरित की जा रही थी। तभी बंदियों ने डिप्टी जेलर शैलेश सोनकर हमला कर दिया। इसके बाद बवाल बढ़ गया। बंदियों ने जेल अस्पताल में तोड़फोड़ कर आगजनी की। उपद्रव के दौरान बंदी शिवम खुद ही घायल हो गया। उसे गोली नहीं लगी है।

उधर, जिला जेल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अंकित यादव का कहना है कि संदीप सिंह को सांस लेने में तकलीफ थी। पहले उसका इलाज जेल के अस्पताल में किया गया लेकिन जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

 -Police Encounter में हत्यारा Anshu Dixit भी जेल के अंदर ढेर

-वर्ष 2014 में UPSTF ने गोरखनाथ थाना एरिया में Anshu को किया था Arrest

-पूर्वांचल का बड़ा गैंगस्टर था Encounter में मारा गया Anshu Dixit

 


Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Bundelkhand स्थित Chitrakoot की जिला कारागार फ्राइ-डे की सुबह Gang War की बड़ी वारदात से दहल गई। कुछ दिन पहले चित्रकूट जेल में शिफ्ट किए गए पूर्वांचल के शार्प शूटर Anshu Dixit ने West UP के दो बड़े गैंगस्टर्स मुकीम काला और मेराजुद्दीन पर अंधाधुंध गोलियों की बौंछार कर उनकी हत्या कर दी। खबर है कि मुकीम काला और मेराजुद्दीन की हत्या करने के बाद अंशुल ने कई बंदियों को असलहे के बल पर बंधक भी बना लिया। जेल के अंदर पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अंशुल को Encounter में मार गिराया। 

खूनी गैंगवार के बाद Chitrakoot Jail को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक Police के सभी बड़े Officer’s जेल पहुंच चुके थे। पूर्वांचल के बड़े और खतरनाक शार्प शूटरों में एक Anshu Dixit को वर्ष 2014 में UPSTF ने गोरखपुर के गोरखनाथ थाना एरिया से Arrest कर जेल भेजा था। करीब ढाई साल पहले अंशुल को चित्रकूट जेल में शिफ्ट किया गया था। बड़े और जानकार सूत्रों के मुताबिक मेराजुद्दीन हाल में ही पंजाब की जेल से बांदा लाए गए BSP MLA और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी का बेहद करीबी था। उसे भी दो साल पहले बनारस की जेल से शिफ्ट किया गया था।

Chitrakoot Jail पहुंचे Police Officer’s

IG (Zone) K.Satyanarayan, DM Subhrant Kumar Shukla, SP Ankit Mittal के साथ जेल अधीक्षक Shri Prakash Tripathi कारागार के अंदर ही मौजूद हैं। सभी बैरकों की सघन तलाशी ली जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मुकीम काला पर हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण, फिरौती जैसे 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे।

चित्रकूट कांड के बाद UP के जेलों की बढ़ाई गई चौकसी

Chitrakoot Jail में गैंगवार की बड़ी वारदात से Lucknow में बैठे आला अफसर भी सन्न हैं। शासन की तरफ से मातहतों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है। उल्लेखीय है कि करीब दो साल पहले पूर्वांचल के बड़े माफिया मुन्ना बजरंगी की बागपत की जेल में गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। चित्रकूट में गैंगवार की बड़ी वारदात से बंदियों में खासी दहशत है। प्रदेश की सभी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का निर्देश हालांकि शासन की तरफ दिया गया है।

झड़प के बाद गोलियों की बौंछार की

Anshu Dixit को हाल में ही पूर्वांचल की Sultanpur Jail से Chtrakoot की जिला कारागार में शिफ्ट किया गया था। चर्चा है कि झड़प के बाद अंशुल दीक्षित ने मेराजुद्दीन और मुकीम काला को निशाना बनाकर असलहों से कई राउंड गोलियां दागीं। मुकीम काला और मेराजुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई। गैंगवार की खबर मिलते ही चित्रकूट जनपद के सभी थानेदारों को फोर्स के साथ तुरंत जिला कारागार बुला लिया गया। अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि मुकीम काला और मेराजुद्दीन की हत्या के बाद अंशुल ने असलहे के बल पर कुछ बंदियों को बंधक बनाने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने Encounter में अंशुल को भी ढेर कर दिया।

मुख्तार अंसारी का करीबी था मेराजुद्दीन

पूर्वांचल के शार्प शूटर Anshu Dixit की गोलियों का शिकार बना मेराजुद्दीन West UP के बड़े अपराधियों में एक था। जानकार पुलिस सूत्रों की मानें तो मेराजुद्दीन कुछ दिन पहले पंजाब से बांदा की जेल में शिफ्ट किए गए BSP MLA मुख्तार अंसारी का बेहद करीबी था। चर्चा है कि दो साल पहले माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से मेराजुद्दीन ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्तार अंसारी के लिए काम कर रहा था। मारा गया मुकीम काला भी मेराजुद्दीन का बड़ा मददगार था। मुकीम काला सूबे का बड़ा इनामी गैंगस्टर था। उल्लेखनीय है कि बागपत जिला कारागार में गैंगस्टर सुनील राठी ने .9MM की पिस्टल से मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। मुन्ना बजरंगी को तब शासन ने बागपत की जेल में शिफ्ट किया था। उसी समय उत्तराखंड की जेल से सुनील राठी को शिफ्ट कर बागपत लाया गया था। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से सुनील राठी इन दिनों UP के फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल में कैद है। 

"यक्ष प्रश्न" जेल में कैसे पहुंची .9MM की बुलेट

चित्रकूट जेल में खूनी गैंगवार के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर हाई सिक्योरिटी के बीच जेल के अंदर .9MM जैसे प्रतिबंधित बोर की गोलियां और असलहा कैसे पहुंच गया। 2018 में बागपत जेल के अंदर पूर्वांचल के शार्प शूटर और मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी रहे मुन्ना बजरंगी की हत्या में भी .9MM की पिस्टल का प्रयोग हत्यारे ने किया था। तब भी तमाम सवाल उठे थे। शुक्रवार सुबह मुख्तार के एक और करीबी मेराजुद्दीन और मुकीम काला की चित्रकूट जेल में .9MM की गोलियां मारकर हत्यारे गैंगस्टर अंशुल ने हत्या कर दी। उल्लेखनीय है कि इस प्रतिबंधित बोर का प्रयोग पुलिस और सेना ही करती है।

 

-मुख्तार को लेकर बुधवार 4.30 AM पर पहुंचा पुलिस का काफिला

-बैरक नंबर 15 में Mukhtar Ansari को किया गया शिफ्ट

-सुबह तीन बजे Kanpur के घाटमपुर से निकला काफिला


Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh का बाहुबली माफिया डॉन और BSP (MLA) मुख्तार अंसारी का काफिला बुधवार सुबह 4.30 AM पर बांदा जेल पहुंच गया। Mukhtar Ansari को जेल की 15 नंबर बैरक में शिफ्ट किया गया है। तनाव की वजह से मुख्तार अंसारी का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ है। चिकित्सकों की टीम बराबर उसकी निगरानी कर रही है। मुख्तार अंसारी के Entry के बाद बांदा जेल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इससे पहले सुबह करीब तीन बजे मुख्तार का काफिला Kanpur के घाटमपुर से निकला तो यहां पुलिस के अधिकारी Alert हो गए। 


मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से लाने की जिम्मेदारी ADG प्रेम प्रकाश को सौंपी गई थी। उनकी अगुवाई में पुलिस की टीम मंडे की सुबह 9 बजे Banda Police Line से रवाना हुई। मंगलवार दोपहर तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद के बाद Mukhtar Ansari को UP Police के सुपुर्द कर दिया गया।

मुख्तार को एंबुलेंस में बैठाने के बाद UP Police का काफिला रवाना हुआ। पंजाब से हरियाणा प्रांत होते हुए काफिला मंगलवार शाम को Uttar Pradesh में Entry किया। 11 जनपदों से होते हुए 890 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर करने के बाद काफिला बुधवार सुबह 4.30 बजे बांदा जेल पहुंचा। रास्ते में एक जगह ईंधन भरवाने और दूसरी जगह पर ड्राइवरों की शिफ्टिंग के लिए ही यह कापिला कुछ पलों के लिए रुका था।  


Mukhtar Ansari का ब्लड प्रेशर बढ़ा

बताया जा रहा है कि Uttar Pradesh लाने के दौरान बाहुबली माफिया डॉन काफी तनाव में और परेशान नजर आया। बांदा जेल पहुंचते ही चिकित्सकों की टीम ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। मेडिकल परीक्षण में उसका ब्लड प्रेशर (BP) बढ़ा मिला। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे जेल की 15 नंबर बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। गौरतलब है कि मुख्तार पहले भी बांदा जेल की 15 नंबर बैरक में रह चुका है। लेकिन तब और अब में काफी अंतर आ चुका है। मुख्तार को अब CCTV कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा। उसकी बैरक तक में कैमरों की व्यवस्था की गई है। ताकि उसकी हर गतिविधियों पर निगाहबनी की जा सके।

Banda Jail की सुरक्षा त्रिस्तरीय

मुख्तार अंसारी बांदा जिला कारागार में पहुंच चुका है। मुख्तार की मौजूदगी के बाद बांदा जेल की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। जेल अधीक्षक P.K Tripathi के मुताबिक जेल की सुरक्षा त्रिस्तरीय की गई है। जेल गेट पर पुलिस चौकी भी खोली गई है। साथ ही PAC के जवानों को भी तैनात किया गया है। 32 CCTV कैमरा लगाने के बाद कंट्रोल रूम को जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम से सीधे कनेक्ट किया गया है।  


Mukhtar Ansari पर दर्ज हैं 52 मुकदमें

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी पर 52 मुकदमें दर्ज हैं। उस पर NSA और Gangster Act की कार्रवाई पुलिस कई बार कर चुकी है। पिछले दो साल से मुख्तार पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों ही उसे यूपी पुलिस को सुपुर्द करने का आदेश पंजाब सरकार को दिया था।हालांकि मुख्तार के बड़े भाई और सांसद अफजाल अंसारी का कहना है कि मुख्तार सभी मुकदमों में बरी हो चुका है। उसके खिलाफ सिर्फ 15 मुकदमें ही लंबित हैं।

वर्ष 90 में अपराध की दुनिया में रखा कदम

बाहुबली विधायक और माफिया डॉन Mukhtar Ansari ने वर्ष 90 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। प्रापर्टी डीलिंग के साथ-साथ उसने रेलवे के ठेकों को हथियाने का काम शुरु किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2005 में BJP विधायक कृष्णानंद राय समेत 7 लोगों की दिनददहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इल्जाम मुख्तार अंसारी पर लगा था लेकिन कोर्ट से वह इस मुकदमें में बरी हो गया। 

पिछले करीब 15 साल से मुख्तार जेल में ही बंद है। जेल में रहकर वह चुनाव लड़ता है और जीत भी जाता है। वर्ष 1996 में मुख्तार ने राजनीति में एंट्री ली। वह सपा और बसपा दोनों दलों का दामन थाम चुका है। बसपा के टिकट पर वह 2009 में बीजेपी के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ भी चुनाव लड़ा लेकिन हार गया। मुख्तार लगातार पांच बार से विधायक है। उसने अपना राजनीतिक दल कौमी एकता भी खड़ा किया लेकिन चुनाव से पहले उसने बसपा में इसका विलय कर दिया।  

-पंजाब की रोपड़ जेल से हाई सिक्योरिटी में लाया जा रहा है बाहुबली

-ADG प्रेम प्रकाश की अगुवाई में मुख्तार अंसारी को ला रही है पुलिस टीम

-10 गाड़ियों के काफिले में सवार हैं 150 से अधिक पुलिस कर्मचारी

-मंगलवार शाम को काफिला यूपी के अलीगढ़ में प्रवेश किया

-Mid-Night बांदा जेल पहुंचेगा बाहुबली मुख्तार अंसारी

 


Yogesh Tripathi

 

Uttar Pradesh का बाहुबली विधायक (MLA) Mukhtar Ansari की एंट्री प्रदेश में हो चुकी है। शाम को मुख्तार अंसारी को लेकर पुलिस का काफिला UP के अलीगढ़ में प्रवेश कर गया। इससे पहले मंगलवार दोपहर पंजाब जेल से उसे UP Police के सुपुर्द कर दिया गया। Mukhtar Ansari को पुलिस काफिले के बीच चल रही एंबुलेंस में बैठाकर लाया जा रहा है। एंबुलेंस के आगे और पीछे Police Team की 10 गाड़ियां चल रही हैं। इसमें करीब 150 पुलिस कर्मी सवार हैं। काफिले के आसास वज्र वाहन भी हैं। मुख्तार के रात्रि करीब 1 से 2 बजे तक Banda जेल पहुंचने की उम्मींद जताई जा रही है।  

 


Hariyana के सोनीपत से ईस्‍टर्न पेरीफेरल एक्‍सप्रेस-वे के रास्ते UP के बागपत में Police Team ने मुख्तार को लेकर एंट्री की। Uttar Pradesh के बॉर्डर पर पहले से ही काफी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस का काफिला गाजियाबाद-नोएडा की ओर रवाना हो गया। 

इस दौरान पुलिस का काफिला ग्रेटर नोएडा में करीब 20 मिनट तक यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर में रुका भी। वाहनों में ईंधन भरवाने के बाद काफिला जेवर टोल प्लाजा पार कर मथुरा के लिए रवाना हो गया। 

 


काफिले में आगे-पीछे चल रहे पुलिस के वाहन किसी भी प्राइवेट को मुख्तार की एंबुलेंस के नजदीक नहीं फटकने दे रहे हैं। प्रदेश में प्रवेश करते ही UP Police की कई और गाड़ियां भी काफिले में जुड़ गईं। अपर मुख्‍य सचिव अवनीश अवस्‍थी और DGP हितेश अवस्‍थी ने आदेश दिया है कि मुख्‍तार अंसारी को लेकर आ रहा UP Police का काफिला जिस-जिस जिले से गुजरेगा, उस-उस जिले की पुलिस काफिले को एस्‍कोर्ट करेगी।

120 Km. की स्पीड से चल रही हैं गाड़ियां

मुख्‍तार अंसारी को लेकर पंजाब के रोपड़ से यूपी आ रही गाड़िया 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आ रही हैं। मुख्‍तार के काफिले के साथ-साथ मीडिया भी चल रहा है लेकिन काफिले में शामिल गाड़ियों की रफ्तार इतनी ज्‍यादा है कि उनके साथ-साथ चलना मुश्किल हो रहा है।

 


हाई सिक्योरिटी में तब्दील Banda Jail

बाहुबली MLA मुख्तार अंसारी कुछ घंटे बाद UP के Bundelkhand स्थित बांदा जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस दौरान उसके आने की आहट से जिला कारागार हाईसिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है। मुख्यालय के मंडल कारागार से 15 बंदी रक्षकों का कुछ घंटा पहले ही ट्रांसफर कर दिया गया। जेल परिसर में 32 CCTV कैमरों से निगरानी के आदेश जारी किए गए हैं। 

जेल परिसर और उसके आसपास का एरिया सर्विलांस जोन में तब्दील हो चुका है। बांदा जेल के जेलर P.K Tripathi की मांग पर IG ने कारागार में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती बढ़ा दी है। फोर्स के साथ ही दूसरी जेलों से सिपाही यहां तैनात किए गए हैं। प्रयागराज की नैनी जेल से चार सिपाही दोपहर को पहुंचे।

-जिला कारागार के 10 बंदी Covid 19 संक्रमित मिले

-आनन-फानन में DM & CMO पहुंचे कानपुर जिला कारागार

-मंगलवार को Kanpur में मिले थे 15 कोरोना संक्रमित मरीज


Yogesh Tripathi

Corona Virus के बढ़ते संक्रमण ने Kanpur की जनता और प्रशासनिक अफसरों के होश उड़ा दिए हैं। बुधवार को कानपुर जिला कारागार में 10 बंदी कोरोना संक्रमित मिले तो हड़कंप मच गया। DM आलोक तिवारी और CMO डॉ. अनिल कुमार मिश्रा आनन-फानन में जिला कारागार पहुंचे। दोनों अफसरों ने काफी देर तक जेल परिसर में तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने मातहतों को दिशा-निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को शहर में 15 कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। 24 घंटे के दौरान कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से Alert हो गया है।

बुधवार को कानपुर जिला कारागार में 10 बंदी कोरोना संक्रमित मिले हैं। जेल अस्पताल में Covid-19 के  नोडल अधिकारी डॉ. समीर नारायण के मुताबिक DM और CMO ने जेल में व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। दोनों ही अफसरों ने कोरोना संक्रमित बंदियों की हालचाल भी जाना। साथ ही जेल की तमाम व्यवस्थाओं को भी निरीक्षण किया। समीर नारायण के मुताबिक जिला जेल में बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि Kanpur में पिछले तीन महीने से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या काफी कम हो गई थी। प्रतिदिन औसतन ये संख्या से दो से लेकर चार तक ही जा रही थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों के अंदर देश के कई प्रांतों, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में अचानक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो गया।

-जब्त संपत्तियों को बहाल करने के लिए लगाई थी गुहार

-श्वेता ने अपनी संपत्तियों को बहाल करने की दाखिल की थी अर्जी 


 

Central Desk

Kanpur के बहुचर्चित Bikru Case में आरोपी गैंगस्टर Vikas Dubey के खजांची रहे जयकांत बाजपेयी और उसके परिवार को DM Court से तगड़ा झटका मिला है। Court ने जयकांत बाजपेयी की Wife श्वेता बाजपेयी की तरफ से जब्त संपत्तियों को बहाल करने की अपील को खारिज कर दिया। प्रशासन ने जयकांत की ये सभी संपत्तियां गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के तहत जब्त की हैं। आरोपी होने की वजह से जयकांत बाजपेयी Kanpur Dehat की कारागार में बंद है।

श्वेता बाजपेयी ने Court में अर्जी देते हुए गुहार लगाई थी कि उनके पति जयकांत बाजपेयी की तमाम संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त किया गया है। श्वेता ने खुद की संपत्तियों को जब्त करने के बाबत सवाल उठाते हुए कहा था कि चूंकि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं है। लिहाजा उनके पति से अलग जो संपत्तियां उनके नाम पर है उन्हें बहाल किया जाए। लेकिन कोर्ट ने उनकी तमाम दलीलों को खारिज कर दिया।

उल्लेखनीय है कि Bikru Case में जयकांत बाजपेयी के जेल जाने के बाद तमाम खुलासे हुए। फिर वो चाहे फर्जी पासपोर्ट का मामला हो या गनर लेने का आरोप। जयकांत पर करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति बनाने का भी आरोप लगा। हाईप्रोफाइल केस से जुड़े आरोपी जयकांत बाजपेयी पर संगीन आरोप लगते ही जिला प्रशासन ने शिकायतों को संज्ञान में लेकर जांच शुरु की। 

यही वजह रही कि कानपुर की नजीराबाद पुलिस ने जयकांत बाजपेयी और उसके भाइयों (एक को छोड़कर) के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की। जयकांत के भाई फरार हुए तो पुलिस ने सभी के सिर पर इनाम तक घोषित कर दिया। जिसके बाद सभी ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने जयकांत की तमाम संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त करने की कार्रवाई भी की।

 

 

-पीटने के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को किया था पुलिस के सुपुर्द

-पुलिस अभिरक्षा में कराया गया था मेडिकल परीक्षण

-अंदरुनी चोटों को नजरअंदाज कर चिकित्सकों ने नहीं किया था भर्ती

-फ्राइ-डे को सचेंडी थाना एरिया में छात्रा के साथ किया था Rape

 

चौबेपुर की अस्थाई जेल में रेप के आरोपी की मौत के बाद पहुंचे परिजन ।

Yogesh Tripathi

Kanpur के सचेंडी थाना एरिया में फ्राइ-डे को BA की Student के साथ Rape की वारदात के बाद पकड़े गए आरोपी की चौबेपुर स्थित अस्थाई जेल में मौत हो गई। बंदी की मौत से हड़कंप मच गया। Police के मुताबिक घटना वाली रात ग्रामीणों ने आरोपी को दबोच उसकी पिटाई की थी। Police ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण करवाया था लेकिन लेकिन चिकित्सकों ने अंदरुनी चोटों की अनदेखी कर भर्ती करने से इनकार कर दिया था। Sunday की सुबह हालत बिगड़ी और थोड़ी देर बाद आरोपी ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंचे आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने और सही ढंग से उपचार न कराने का आरोप लगाया। 

रेप पीड़ित छात्रा।

सचेंडी पुलिस के मुताबिक फ्राइ-डे की रात छात्रा खेत पर गई थी। वापस लौटते समय गांव के दबंग किस्म के व्यक्ति सुबोध बाजपेयी ने उसे नशे की हालत में दबोच अश्लील हरकतें शुरु कर दीं। इसके बाद वह मुंह दबाकर युवती को जबरन खेत में खींच ले गया और जान से मारने की धमकी देकर Rape किया। आरोपी की चंगुल से छूटी छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों के साथ पीड़ित छात्रा के परिजन आरोपी के घर पहुंचे लेकिन वह नहीं मिला।

इसके बाद परिजनों ने सचेंडी थाने में आरोपी के खिलाफ FIR रजिस्टर्ड करा दी। Police आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी लेकिन इस बीच मध्यरात्रि को ग्रामीणों ने आरोपी को खेत के पास से दबोच लिया। ग्रामीणों की भीड़ आरोपी को पीटते हुए थाने लेकर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह आरोपी को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर मेडिकल परीक्षण करवाया। मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस ने आरोपी को Court में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। संडे की सुबह आरोपी की हालत बिगड़ी और थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई।

SP (RA) बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि घटना वाली रात आरोपी को ग्रामीणों ने खेत पर दबोच लिया था। भीड़ ने उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। Police ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया था लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने चोटों को मामूली बताते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को Court में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। संभवतः पिटाई के दौरान शरीर में आई अंदरूनी चोटों की वजह से आरोपी की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।