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Lok Sabha Election2019 : कांग्रेस के नेशनल प्रेसीडेंट @RahulGandhi ने Ex.MLA रहे अजय कपूर (@AjayKapoorIII) को @INCIndia (AICC) का सेकेट्री बनाया है। साथ ही उनको लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार प्रांत की जिम्मेदारी सौंपी है। गौरतलब है कि लोकसभा का टिकट न मिलने की वजह से अजय कपूर खासे नाराज चल रहे थे। उनके बीजेपी ज्वाइन करने की अटकलों वाली खबरें सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से Viral थीं। अजय कपूर को लेकर पिछले कुछ दिनों से जो राजनीतिक सरगर्मी बनी थी वो अब शांत हो चुकी है। अजय के बीजेपी ज्वाइन करने की अटकलों को लेकर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि बीजेपी के कई नेता और वर्कर भी भी असमंजस की स्थित में थे।


https://twitter.com/INCSandesh/status/1116629268786630658

Yogesh Tripathi


के.सी वेनुगोपाल ने जारी किया पत्र, कांग्रेस ने Tweet कर दी जानकारी


अजय कपूर के राष्ट्रीय सचिव बनाए जाने की जानकारी सांसद और AICC के जनरल सेकेट्री के.सी बेनुगोपाल ने पत्र जारी करके दिया। उनके पत्र को कांग्रेस ने अपने ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर अजय कपूर को सेकेट्री बनाए जाने की खबर ब्रेक की। पत्र में लिखा है कि अजय कपूर को बिहार प्रांत में लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है और उनको ये काम तत्काल प्रभाव से देखना है।

Portal ने 30 मार्च को बड़ा पद मिलने का दिया था संकेत


www.redeyestimes.com (News Porta) ने 30 मार्च को एक खबर प्रकाशित की थी। जिसमें अजय कपूर और श्रीप्रकाश के बीच सहमति बनने और बड़ा पद देने का जिक्र था। हालांकि अंदरखाने की रिपोर्ट ये है कि अजय कपूर दोनों तरफ से मोलतोल करते रहे। बीजेपी ने जब उनकी शर्तों को तवज्जों नहीं दी तो बाद में कांग्रेस में सम्मान के लिए फिर से पैरोकारी करवाई। चूंकि 11 अप्रैल को कमेटी की बैठक थी। इस लिए कुछ दिन पहले ही ये खबर सोशल मीडिया पर वॉयरल हो गई कि अजय कपूर जल्द ही बीजेपी ज्वाइन कर रहे हैं। खुद बीजेपी संगठन के नेताओं ने भी दबी जुबान से स्वीकार करना शुरु कर दिया कि अमित शाह की मौजूदगी में वो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। लेकिन 12 अप्रैल को तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई।

क्या कम हो गईं श्रीप्रकाश जायसवाल की मुश्किलें ?


अजय कपूर को राष्ट्रीय सचिव बनाए जाने और बिहार की जिम्मेदारी मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या कांग्रेस प्रत्याशी की मुश्किलें कम हो गई हैं ? उसके पीछे वजह ये है कि कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा के बाद लगातार अजय कपूर के समर्थक श्रीप्रकाश के विरोध में सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट डाल रहे थे। नामांकन के दौरान अजय कपूर और उनके समर्थक नहीं पहुंचे। बल्कि इस दौरान सभी एक होटल में होली मिलन के बहाने बैठक करते रहे। कार्यालय के शुभारंभ पर भी अजय कपूर और उनके तमाम समर्थक नदारद रहे।

सूत्रों की मानें तो पल-पल की खबर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को दी गई। जिसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद अजय कपूर को मोबाइल किया। खबरों की मानें तो उन्होंने दिल्ली पहुंचकर प्रियंका गांधी से मुलाकात की बात कही। अजय कपूर गए भी लेकिन उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से ही बात करेंगे। सूत्रों की मानें तो अजय कपूर के एक करीबी रिश्तेदार जो की बीजेपी में काफी ताकतवर हैं वो भी नहीं चाह रहे थे कि वो कांग्रेस को छोड़ें। इसके लिए तीन दिन पहले रिश्तेदार के घर पर भी मीटिंग चली। हालांकि कयास ये भी लगाए गए कि बीजेपी ज्वाइन करने के लिए मुलाकात की गई। लेकिन अब तमाम झंझावतों के बाद तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई है कि अजय कपूर कांग्रेस में ही रहेंगे।


 

 

Lok Sabha Election 2019 : Kanpur Lok Sabha सीट से Congress प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल ने समर्थकों के भारी हुजूम के साथ बुधवार दोपहर अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान शहर कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की भीड़ साथ-साथ मौजूद रही। लंबे समय से "कोमा" में पड़ी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था। “प्रियंका नहीं ये आंधी है, देश की दूसरी इंदिरा गांधी है” “अबकी बार, कांग्रेस का बेड़ा पार”"चौकीदार चोर है" के नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं की भीड़ जब कलेक्ट्रेट पहुंची तो पुलिस बल ने सभी को बैरीकेडिंग के पास ही रोक दिया। प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल के साथ सिर्फ उनके प्रस्तावक और अनुमोदक ही जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में प्रवेश पा सके। उल्लेखनीय है कि श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर की लोकसभा सीट से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। 2014 की मोदी लहर में उन्हें बीजेपी के मुरली मनोहर जोशी ने करीब ढाई लाख वोटों से हराया था।


[caption id="attachment_19209" align="alignnone" width="729"] शरीर पर "चौकीदार चोर है" लिखकर श्रीप्रकाश के नामांकन जुलूस में पहुंचा कार्यकर्ता।[/caption]

वहीं, श्रीप्रकाश के नामांकन जुलूस में पूर्व विधायक अजय कपूर और उनके समर्थक नहीं पहुंचे। नामांकन में न पहुंचने वाले कार्यकर्ता एक होटल में पूर्व विधायक अजय कपूर की मौजूदगी में मीटिंग करते रहे। हालांकि शीर्ष नेतृत्व की किसी भी कार्यवाही से बचने के लिए इस मीटिंग को "होली मिलन" का नाम दिया गया।


[caption id="attachment_19208" align="alignnone" width="695"] नामांकन कराने से पहले कांग्रेस के तिलक हाल में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ मौजूद श्रीप्रकाश ने मीडिया से भी बातचीत की।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


श्रीप्रकाश के जुलूस में सभी धर्मों के लोग पहुंचे


कांग्रेस प्रत्याशी का जुलूस तिलकहाल से बुधवार की दोपहर को उठा। इस दौरान सभी धर्मों और संप्रदाय के लोगों की मौजूदगी बनी रही। महिला कार्यकर्ताओं की संख्या भी कम नहीं थी। कांग्रेस नेत्री ममता तिवारी के साथ दर्जनों महिलाएं जुलूस में शामिल हुईं। शहर के हर वार्ड से कांग्रेसी कार्यकर्ता श्रीप्रकाश जायसवाल के जुलूस में शामिल हुए। इस दौरान जब श्रीप्रकाश का जुलूस बड़े चौराहे पर पहुंचा तो भारी भीड़ की वजह से थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक व्यवस्था धड़ाम हो गई। हालांकि कार्यकर्ता श्रीप्रकाश जिंदाबाद के नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।

[caption id="attachment_19210" align="aligncenter" width="566"] कानपुर से कांग्रेस प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला भी मौजूद रहे।[/caption]

कांग्रेस के ये दिग्गज रहे श्रीप्रकाश के जुलूस में मौजूद


कांग्रेस प्रत्याशी के जुलूस में पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ पत्रकार राजीव शुक्ला, आलोक मिश्रा, शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री, छावनी विधायक सोहेल अंसारी, पूर्व संजीव दरियाबादी, कानपुर देहात के पूर्व अध्यक्ष रामेंद्र सिंह मुन्ना, सुनीत त्रिपाठी, शरद मिश्रा, ममता तिवारी, संदीप शुक्ला, के.के तिवारी, गौरव पांडेय प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

[caption id="attachment_19215" align="alignnone" width="834"] कांग्रेस प्रत्याशी श्रीप्रकाश के नामांकन जुलूस में शामिल आलोक मिश्रा, राजीव शुक्ला और कांग्रेस नेत्री ममता तिवारी।[/caption]

पूर्व विधायक अजय कपूर और उनके समर्थक रहे नदारद


श्रीप्रकाश के नामांकन जुलूस में किदवईनगर के पूर्व विधायक अजय कपूर और उनके सैकड़ों समर्थक नहीं पहुंचे। अजय गुट से एक पार्षद ही श्रीप्रकाश के समर्थन में पहुंचे। जबकि बाकी लोग नदारद रहे। कई कार्यकर्ता भी नहीं पहुंचे। कुछ वार्डों के पदाधिकारी भी नामांकन जुलूस में नहीं शामिल हुए।

 होली मिलन के बहाने होटल में अजय कपूर की मीटिंग


बहाना तो होली मिलन का था लेकिन निशाना श्रीप्रकाश पर था। जी, हां साउथ सिटी स्थित एक होटल में कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने अपनी-अपनी बातें रखीं। कुछ ने खुलकर श्रीप्रकाश का समर्थन किया तो कई ने कहा कि हम तो नहीं लड़ाएंगे। मीटिंग में मौजूद कार्यकर्ताओं की मानें तो होटल में उपस्थित करीब 25 फीसदी कार्यकर्ता दक्षिण के श्रीप्रकाश के समर्थन में रहे लेकिन 75 फीसदी कार्यकर्ताओं ने अजय कपूर का साथ देने की बात कही।

कार्यकर्ताओं से लिखित राय मांगी गई


मीटिंग के दौरान जब कोई रिजल्ट नहीं निकला तो कार्यकर्ताओं से कहा गया कि सभी लोग अपनी लिखित राय दो दिन के अंदर दें ताकि कोई फैसला लिया जाए। सूत्रों की मानें तो पूरे चुनाव के दौरान इस तरह की अभी दो से तीन मीटिंग और होनी तय मानी जा रही है। विश्वास पात्र सूत्रों की मानें तो दक्षिण के कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता श्रीप्रकाश को चुनाव बिल्कुल भी नहीं लड़ाएंगे। www.redeyestimes.com (News Portal) के पास जो जानकारियां हैं उसके मुताबिक ये कार्यकर्ता बीजेपी प्रत्याशी सत्यदेव पचौरी को ही चुनाव लड़वाएंगे। कुछ कार्यकर्ता बाहर से श्रीप्रकाश और अंदरखाने से बीजेपी प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएंगे।

 

 

 

Lok Sabha Election 2019 : किदवईनगर के Ex.MlA  अजय कपूर और UPA के कार्यकाल में गृहराज्यमंत्री और केंद्रीय कोयला मंत्री रहे श्रीप्रकाश जायसवाल के “रिश्तों की चासनी” Kanpur में जग जाहिर है। दोनों के बीच राजनीतिक तल्खी लंबे समय से है। ये तल्खी तब और बढ़ गई जब Congress हाईकमान ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तगड़ी तैयारी कर रहे अजय कपूर को टिकट न देकर “राजनीतिक लंगड़ीं” मार दी। श्रीप्रकाश जायसवाल का टिकट Final होते ही अजय समर्थकों में मायूसी छा गई। सोशल मीडिया के जरिए अजय कपूर के समर्थक न सिर्फ नाराजागी जाहिर करते दिखे बल्कि उनके सपा से प्रत्याशी बनाए जाने की खबरें भी चर्चा में आ गई। हालांकि अजय कपूर की तरफ से इन सब बातों को लेकर न तो कोई सफाई दी गई और न ही कोई जवाब। अंदरखाने से खबरें आ रही है कि दोनों के बीच बढ़ी रार को खत्म कराने के लिए एक “बड़ा सिस्टम” एक्टिव है। जानकार सूत्रों की मानें तो ये श्रीप्रकाश और अजय कपूर की रार को खत्म कराने के लिए इसी “सिस्टम” ने पहल की। कानपुर के इन दो बड़े कांग्रेसी दिग्गजों के बीच रार खत्म हुई कि नहीं ? इसका जवाब शनिवार सुबह तब मिल गया जब सपा ने जैसे ही मनोहर लाल के बेटे रामकुमार निषाद को सपा से अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया। देर रात तक दोनों ही नेताओं से संपर्क करने की कोशिश Portal  की तरफ से की गई लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो सका। हालांकि पुख्ता खबर ये है कि कांग्रेस ने Kanpur में अपने "डैमेज" को "कंट्रोल" कर लिया है।


[caption id="attachment_19186" align="aligncenter" width="413"] रामकुमार निषाद (सपा-बसपा गठबंधन), प्रत्याशी कानपुर लोकसभा।[/caption]

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[caption id="attachment_19184" align="aligncenter" width="600"] अजय कपूर (पूर्व विधायक, किदवईनगर विधान सभा)[/caption]

एक दिल्ली तो दूजा वैष्णव माता के दरबार में


अजय कपूर को लेकर शुक्रवार पूरे दिन खबर रही है कि वो हाईकमान (राहुल गांधी) से मिलने दिल्ली पहुंच चुके हैं। www.redeyestimes.com के पास जो जानकारी है उसके मुताबिक अजय कपूर कानपुर से अपने अंगरक्षकों के साथ ही निकले। वहीं श्रीप्रकाश को लेकर उनके समर्थक पूरे दिन ये कहते रहे कि वो माता वैष्णव देवी के आशीर्वाद के लिए जम्मू में हैं। अजय कपूर के समर्थकों में देर रात्रि तक बेचैनी रही। देर रात्रि तक कयासबाजी का दौर चला।

अजय कपूर को मिल सकता है कांग्रेस में बड़ा पद


अंदरखाने से जो खबरें आ रही है उसके मुताबिक अजय कपूर की नाराजगी को दूर करने के लिए जल्द ही उनको कांग्रेस कमेटी में बड़ा पद मिल सकता है। हालांकि शुक्रवार रात को कांग्रेस के नेशनल प्रेसीडेंट राहुल गांधी से अजय कपूर की मुलाकात नहीं हो सकी लेकिन इस बीच सबकुछ ऑनलाइन चलता रहा। खबर है कि इस पूरे सिस्टम के पीछे कहीं न कहीं राहुल गांधी की तरफ से सिग्नल था कि Kanpur में सबकुछ ठीक होना चाहिए। माना ये भी जा रहा है कि कार्यकर्ताओं और जनता के बीच एक अच्छा मैसेज देने के लिए संभव है कि दोनों ही दिग्गज मीडिया से भी मुखातिब हो सकते हैं। हालांकि श्रीप्रकाश जायसवाल और अजय कपूर की तरफ से अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

बीजेपी के खेमें में बढ़ी बेचैनी


बदले राजनीतिक समीकरण में सबसे अधिक बेचैनी सिर्फ और सिर्फ बीजेपी में ही देखी जा रही है। सिर्फ अजय कपूर के समर्थक ही नहीं बल्कि बीजेपी के दिग्गज भी यही मानकर चल रहे थे कि अजय कपूर सपा-बसपा गठबंधन के टिकट पर कानपुर से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। यदि अजय कपूर चुनाव लड़ते तो उसका सीधा एडवांटेज बीजेपी प्रत्याशी को होता। सपा ने शनिवार सुबह प्रत्याशी के नाम की घोषणा की तो बीजेपी नेताओं और समर्थकों में मायूसी छा गई है। कांग्रेसी दिग्गज ये मानकर चल रहे हैं कि सपा ने जो प्रत्याशी उतारा है वो डमी है और 20 से 25 हजार के बीच ही वोट पा सकेगा। लेकिन यदि अजय कपूर चुनाव लड़ते तो ये सारे समीकरण बिगड़ जाते। मुस्लिम वोटों का भी तगड़ा ध्रुवीकरण होता और चुनाव श्रीप्रकाश के हाथ से फिसल सकता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

पूरी “कहानी” के पीछे दूसरे दल के दिग्गज


अंदरखाने से जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक एक दूसरे राजनीतिक दल के दिग्गज की वजह से ये सबकुछ संभव हो सका है। इस दिग्गज ने दिल्ली में बैठे एक ताकतवर नेता को विश्वास में लेने के बाद सारे “समीकरण” बैठाए। दो दिग्गजों के बीच “समीकरण” बैठाने वाले “महाराथी” मुंबई में मौजूद रहे ताकि किसी तरह के “राजनीतिक बवंडर” से बचा जा सके। बताया जा रहा है कि राजनीति के इस “महारथी” ने एक “तीर” से कई “शिकार” किए हैं। जल्द ही इसका व्यापक असर कानपुर की राजनीति में देखने को मिलेगा।

 

 

कांग्रेस के Ex.MLA अजय कपूर ने शुक्रवार को एक पार्षद प्रत्याशी के लिए चुनावी प्रचार के दौरान सार्वजनिक मंच से UPCM योगी आदित्यनाथ को गाली देते हुए सैकड़ों की भीड़ के सामने उन्हें देशद्रोही टाइप का बोल दिया। सोशल मीडिया में जब यह VIDEO VIRAL हुआ तो जिला प्रशासन के माथे पर गुलाबी ठंड में पसीना आ गया।य़ सूबे के मुख्यमंत्री के खिलाफ आग उगलने वाले पूर्व विधायक के खिलाफ BJP के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता FIR लिखाने का साहस नही कर पाए लेकिन अंत में जिला प्रशासन ने ही रिपोर्ट दर्ज कराई। 


[caption id="attachment_18338" align="aligncenter" width="632"] CM योगी आदित्यनाथ को सार्वजनिक मंच से अपशब्द कह उन्हें देशद्रोही कहने के आरोपी कांग्रेस के Ex.MLA अजय कपूर।[/caption]

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर सार्वजनिक मंच से उन्हें देशद्रोही कहने वाले Kanpur की किदवईनगर विधान सभा से Ex.MLA रह चुके अजय कपूर के खिलाफ जिला प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कराया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट की तहरीर पर किदवईनगर पुलिस ने अजय कपूर के खिलाफ IPC की धारा 504, 188 125 (लोक प्रतिनिधियम) के तहत FIR दर्ज की गई है। www.redeyestimes.com से बातचीत के दौरान इसकी पुष्टि इंस्पेक्टर शेष नारायण पांडेय ने की।


VIRAL VIDEO : इस वीडियो में कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय कपूर चुनावी मंच से सीएम को अपशब्द कह रहे हैं

https://youtu.be/IVwppQrYdOc

चुनावी मीटिंग के दौरान सार्वजनिक मंच से गालियां देकर UPCM को बताया देशद्रोही टाइप

बात दो दिन पुरानी है। कानपुर के साउथ सिटी के एक वार्ड से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में पूर्व विधायक अजय कपूर मुस्लिम एरिया में वोट मांगने पहुंचे। यह मीटिंग एक वर्ग विशेष एरिया में आयोजित थी। यहां मंच पर अजय कपूर के साथ एक सेलेब्रिटी और पार्षद प्रत्याशी भी बैठे। माइक से बोलते हुए अजय कपूर ने अहंकार भरे शब्दों में कहा कि “सरकार चाहे किसी की हो, उनको कोई फर्क पड़ता”। “पिछली सरकार भी उनकी नहीं थी लेकिन मुख्यमंत्री (अखिलेश सिंह यादव) के लिए इशारा करते हुए अजय कपूर ने कहा कि वह भी मेरी जेब में था”। इसके बाद अजय कपूर ने कहा कि “इस बार भाजपाइयों की सरकार है, ये मुख्यमंत्री सा....देशद्रोही टाइप का है”। उनके इस अमर्यादित शब्द के बाद जोरदार ठहाके लगे और वहां बैठे लोग तालियां बजाने लगे।



अजय कपूर भूल गए कि सोशल मीडिया का जमाना है

सैकड़ों की भीड़ के सामने पार्षद प्रत्याशी को जिताने की अपील करते-करते यूपी के मुख्यमंत्री को अमर्यादित शब्द कहने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायक भूल गए कि सोशल मीडिया का जमाना है। इस हाईटेक दौर में ऐसे शब्दों का सार्वजनिक मंच से बोलना उन्हें भारी पड़ सकता है। तालियों के शोर के बीच जब उन्होंने अपना होश खोया तो वह कैमरे में कैद हो चुके थे। VIDEO VIRAL होने के बाद भी उनको तनिक भी अहसास नहीं हुआ कि किसके लिए वह क्या बोल गए ? सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया।



सेक्टर मजिस्ट्रेट की तहरीर पर FIR रजिस्टर्ड

किदवईनगर इंस्पेक्टर शेष नारायण पांडेय ने www.redeyestimes.com से बातचीत के दौरान कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट संजय कुमार आर्य की तहरीर पर कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय कपूर के खिलाफ IPC की धारा 504, 188 125 (लोक प्रतिनिधि अधिनियम) की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।



WORLD के सबसे बड़े राजनीतिक दल के नेता और कार्यकर्ता “मौन”

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सार्वजनिक मंच से कांग्रेस के पूर्व विधायक ने न सिर्फ अपशब्द कहे बल्कि उनको देशद्रोही टाइप तक कह दिया। वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। बीजेपी के हर छोटे नेता से लेकर बड़े नेता तक ने वीडियो को देखा लेकिन किसी ने अजय कपूर के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला। इतना ही नहीं संगठन के किसी भी पदाधिकारी या फिर जनप्रतिनिधि ने अजय कपूर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का साहस भी नहीं दिखाया। चूंकि सरकार बीजेपी की थी इस लिए प्रशासन ने ही अपने स्तर पर रिपोर्ट दर्ज की। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों किया बीजेपी ने ? एक बड़े नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सर्व विदित है कि अजय कपूर की रिश्तेदारी किससे है ? ऐसे में रिपोर्ट लिखाने के बाद बीजेपी के उस नेता का क्या हाल होता ? इसे बताने की आवश्यकता नहीं है। खबरों की मानें तो बीजेपी के एक बड़े नेता की कांग्रेस विधायक अजय कपूर से करीबी रिश्ता है। शायद यही वजह रही कि किसी भी भाजपा के नेता और कार्यकर्ता ने रिपोर्ट लिखाने की हिमाकत नहीं की।

क्या कहते हैं Kanpur BJP के प्रेसीडेंट सुरेंद्र मैथानी 

Kanpur (North) BJP के प्रेसीडेंट सुरेंद्र मैथानी ने www.redeyestimes.com से बातचीत में कहा कि सूबे के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सार्वजनिक मंच से अपमान करने वाले अजय कपूर को किसी भी कीमत पर हम माफ नहीं करेंगे। पूरे मामले की जानकारी हाईकमान को दे दी गई है। जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेकर खुद ही रिपोर्ट दर्ज करा दी है। भाजपा कार्यकर्ता आक्रोश में हैं। जल्द ही कार्रवाई होगी।

 

सियासत की जड़ें और गहरी करने को आतुर “माननीयों” ने गाड़ी धुलने वालों से लेकर कारखास के रिश्तेदारों तक को पार्षदी के चुनाव में उतार दिया है। प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को ताक पर रखकर ये “माननीय” कई दिनों से करीबियों को चुनाव जिताने के लिए उनके क्षेत्रों में डेरा जमाए हैं। नीचता की सारी पराकाष्ठा को लांघते हुए नेता अब संवैधानिक पदों पर बैठे VVIP को गालियां बकने के साथ उन्हें देशद्रोही भी करार देने लगे हैं। एक तरफ जहां बीजेपी के मंत्री शहर के MOST WANTED  को चुनाव जिताने के लिए रोड-शो कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय कपूर अपने करीबियों को पार्षदी का चुनाव जितवाने के लिए मुख्यंत्री को गाली बकते हुए उनको देशद्रोही तक कह दिया। 


[caption id="attachment_18326" align="aligncenter" width="645"] अजय कपूर Ex.MLA किदवईनगर विधान सभा (कानपुर)[/caption]

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कानपुर। गुलाबी ठंड के साथ चुनावी बयार भी चल रही है। नेताओं के बीच “शीतयुद्ध” से लेकर सियासी “नूराकुश्ती” भी जारी है। नेताओं की जुबान भी अब गंदी होने लगी है। सड़क छाप और मोहल्ले वाले टपोरियों की भाषा में यह नेता अब बेहद गंदी गालियां बकते हुए न सिर्फ आदर्श चुनाव आचार संहिता को तार-तार कर रहे हैं बल्कि कानून एवं व्यवस्था का पूरी तरह से माखौल भी उड़ा रहे हैं। कांग्रेस के Ex.MLA अजय कपूर ने पार्षद प्रत्याशी सिद्धार्थ सिंह की चुनावी मीटिंग में “वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गाली (साला) कहते हुए उन्हें देशद्रोही तक कह दिया। इतना ही नहीं उन्होंने अपने करीबी और खास पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए कहा कि उसे तो मैं जेब में रखता था”।  


VIRAL VIDEO : कांग्रेस के Ex. MLA सैकड़ों की भीड़ के सामने UP के सीएम को देशद्रोही टाइप का बताते हुए।

https://youtu.be/IVwppQrYdOc

 

"बागी" प्रत्याशियों को समर्थन देकर कांग्रेस की “बैंड” बजा रहे हैं अजय कपूर

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को साला जैसा अमर्यादित शब्द कह उनको देशद्रोही टाइप कहने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय कपूर नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ “बागी” प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर कांग्रेस पार्टी का तगड़ा नुकसान कर रहे हैं। अजय कपूर वार्ड नंबर 77 में अपने करीबी जितेंद्र सचान की पत्नी सुधा को समर्थन कर रहे हैं। जबकि यहां से सत्यभामा तिवारी कांग्रेस की प्रत्याशी हैं। वार्ड नंबर 84 में वह कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी निधि दीक्षित के खिलाफ निर्दलीय रचना त्रिपाठी को चुनाव लड़वा रहे हैं। रचना त्रिपाठी के कार्यालय का शुभारंभ कर उन्होंने जनता से वोट और सपोर्ट की अपील भी की। वार्ड नंबर 14 में वह कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कनौजिया के समर्थन में वोट मांग चुके हैं। सुनील कनौजिया निवर्तमान पार्षद प्रत्याशी हैं और इस बार हाईकमान ने उनकी टिकट काट दी है।



वार्ड नंबर 38 में मीटिंग के दौरान यूपी सीएम को दी गाली

कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय कपूर का यह VIRAL VIDEO वार्ड नंबर 38 का है। यहां पर वह कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ सिंह के समर्थन में मीटिंग कर रहे हैं। माइक हाथ में लेकर अजय कपूर ने कहा कि कोई फर्क नहीं पड़ता है, सरकार चाहे जिसकी हो। पिछला वाला मुख्यमंत्री (अखिलेश यादव) के लिए उन्होंने हाथ से इशारा करते हुए कहा कि उसे जेब में रखते थे। भाजपाइयों की सरकार है, ये देशद्रोही टाइप का है। साथ ही उससे पहले उन्होंने साला शब्द भी मुख्यमंत्री के लिए कहा। हालांकि यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अजय कपूर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है लेकिन देखना यह है कि क्या कानपुर पुलिस पूर्व विधायक को गिरफ्तार करती है या फिर एक बार फिर कानून गंदी राजनीति करने वालों के सामने बौना पड़ता है ? हालांकि सूत्र बताते हैं कि पूरे मामले को प्रदेश सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। अंदरखाने की मानें तो नगर निकाय चुनाव के बाद इस मुद्दे पर यूपी सरकार कोई बड़ा और कठोर फैसला ले सकती है।



 

[caption id="attachment_18327" align="aligncenter" width="583"] वार्ड नंबर 60 से बीजेपी प्रत्याशी जितेंद्र गांधी। जितेंद्र पर संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत है। Crime Branch को जितेंद्र की तलाश है लेकिन सत्ता की हनक और "माननीयों" की कृपा से वह वह खुलेआम चुनाव लड़ रहे हैं। [/caption]

BJP के Minister लड़ा रहे हैं Kanpur के MOST WANTED को पार्षदी का चुनाव

बात सिर्फ कांग्रेस की ही नहीं बल्कि BJP की भी है। सूबे की योगी सरकार के दो बड़े मंत्री दंगे के आरोपी और कानपुर पुलिस के Most Wanted को वार्ड नंबर 60 से चुनाव लड़वा रहे हैं। जी, हां जितेंद्र गांधी नाम के इस आरोपी को बीजेपी ने पहले पार्टी से टिकट दिया। यह टिकट एक मंत्री की कृपा से जितेंद्र गांधी को मिला। जितेंद्र के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज हैं। कोर्ट से NBW जारी होने के बाद भी जब वह अदालत में हाजिर नहीं हुआ तो उसके खिलाफ 82 की नोटिस जारी हुई। 82 की नोटिस का मतलब साफ है कि वह भगोड़ा है। पुलिस ने जितेंद्र के घर पर नोटिस चस्पा कर यह कहा कि वह फरार है। अब सवाल यह उठता है कि जो अपराधी कोर्ट से भगोड़ा घोषित है वह बीजेपी जैसी पार्टी से टिकट कैसे पाया ? सवाल कानपुर पुलिस की कार्यशैली पर भी है कि जिसे वह गिरफ्तार नहीं कर पा रही है वह बड़े पुलिस अधिकारियों के सामने पर्चा दाखिल कैसे कर गया ? इससे बड़ा सवाल यह है कि यूपी के एक डिप्टी सीएम उसके लिए बाकायदा रोड-शो तक करने आए। सभी अफसर मौजूद रहे लेकिन जितेंद्र गांधी को गिरफ्तार करने का साहस पुलिस नहीं कर सकी।



डिप्टी सीएम को भेंट किया गुलदस्ता

वार्ड नंबर 60 से बीजेपी के प्रत्याशी और वाटेंड जितेंद्र गांधी ने दो दिन पहले कानपुर में रोड-शो करने आए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का स्वागत किया। जितेंद्र ने समर्थकों के साथ डिप्टी सीएम को बुके और गुलदस्ता भेंट किया। PHOTO पोर्टल के पास उपलब्ध है।

जीतने के बाद भी निरस्त हो सकता है चुनाव 

वार्ड नंबर 60 से मोस्ट वांटेड जितेंद्र गांधी यदि चुनाव जीत भी जाता है तो उसका चुनाव निरस्त होना तय माना जा रहा है। www.redeyuestimes.com के पास पुख्ता और प्रमाणित दस्तावेज हैं। यह दस्तावेज जितेंद्र गांधी ने नामांकन के समय संलग्न किया है। शपथ-पत्र में जितेंद्र गांधी ने अपने ऊपर दर्ज अपराधिक मुकदमों का कहीं पर भी जिक्र नहीं दिया है। ये भी एक संगीन अपराध है। विधि विशेषज्ञों की मानें तो यदि वह चुनाव जीत भी जाता है तो विरोधी कोर्ट की शरण में जाएंगे। ऐसे हालात में न सिर्फ उसका चुनाव रद्द होगा बल्कि IPS की धारा 420 के तहत उसके खिलाफ FIR भी दर्ज हो सकती है। इतना ही नहीं शहर में तीन और ऐसे वार्ड हैं जहां बीजेपी प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद भी हर कीमत पर अपनी बाजी हारेंगे।