Articles by "historysheeter"
historysheeter लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
  • हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh समेत पांच आरोपितों को Arrest कर चुकी है पुलिस
  • BJP से निष्कासित नारायण सिंह समेत दो आरोपितों की हो चुकी है जमानत
  • धीरू शर्मा और बाबा ठाकुर ने ACMM (1st) की कोर्ट में किया सरेंडर

 


Yogesh Tripathi

Kanpur के नौबस्ता थाना एरिया में करीब दो सप्ताह पहले हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने के मामले में आरोपित दो और लोगों ने ACMM (1st) की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दोनों आरोपितों के वकीलों ने कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई लेकिन कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इस चर्चित केस में पुलिस हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह समेत पांच लोगों को पहले ही Arrest कर Court में पेश कर चुकी है।

2 जून 2021 की दोपहर को नौबस्ता हमीरपुर रोड स्थित आकर्षण गेस्ट हाउस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया के जन्मदिन पर Birth-Day (Party) का आयोजन था। Party में अधिवक्ताओं के साथ बीजेपी के कई नेता भी मौजूद थे। बर्रा थाने के हिस्ट्रीशीटर और 25 हजार का इनामी मनोज सिंह भी मौजूद था। मुखबिर की सूचना पर नौबस्ता पुलिस ने घेराबंदी कर किसी तरह मनोज सिंह को गेस्ट हाउस के पास से दबोच लिया।


 

पुलिस सरकारी जीप में मनोज सिंह को बैठाकर थाने ले जाने लगी तो उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर गेस्ट हाउस में मौजूद भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंच गए। भाजपा नेताओं की मौजूदगी में भीड़ ने पुलिस से धक्का-मुक्की की। अभद्रता के दौरान कुछ लोग हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाकर भाग गए। इस पूरे मामले में पुलिस की खासी किरकिरी हुई। सोशल मीडिया पर पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो वॉयरल हुए। वीडियो के आधार पर पुलिस ने 9 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया।

48 घंटे बाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को बर्रा से गिरफ्तार कर लिया। जबकि निष्कासित बीजेपी नेता नारायण सिंह समेत तीन लोगों को पुलिस ने नोएडा से Arrest किया। इससे पहले भी पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। नारायण सिंह समेत दो लोगों की जमानत सेशल कोर्ट से हो गई लेकिन बाकी आरोपितों को कोर्ट ने जमानत नहीं दी थी। फरार चल रहे शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कोर्ट से वारंट लेने की तैयारी कर रही थी लेकिन इस बीच भनक लगने पर धीरू शर्मा और बाबा ठाकुर ने मंगलवार को सरेंडर कर दिया।

-चीफ मेट्रोपोलिटेन मजिस्ट्रेट (CMM) Court ने खारिज की जमानत अर्जी

-अपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता देखते हुए कोर्ट ने दिया आदेश

-CMM Court के बाहर मौजूद रही कई दर्जन अधिवक्ताओं की भीड़ 

Yogesh Tripathi

Kanpur के South City स्थित नौबस्ता थाना एरिया में बुधवार को पुलिस कस्टडी से 25 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh को धक्का-मुक्की कर पुलिस कस्टडी से छुड़ाने वाले BJP से निष्कासित नेता नारायण सिंह भदौरिया, और सिपाही पुत्र रॉकी यादव समेत तीन आरोपितों की जमानत अर्जी चीफ मेट्रोपोलिटेन मजिस्ट्रेट (CMM) की Court ने खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट के अंदर और बाहर अधिवक्ताओं की भारी भीड़ जमा रही। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने CMM Court में तीनों आरोपितों की जमानत अर्जी पर पक्ष रखा। मजिस्ट्रेट शैलेंद्र यादव ने आरोपितों के आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता को देखते जमानत खारिज कर दी। Court से जमानत खारिज होने के बाद अब मुल्जिमों की जेल से रिहाई नहीं हो सकी। 


 

विधि विशेषज्ञों की मानें तो अब खारजा आदेश लेने के बाद मुल्जिमों के वकील जिला जज की अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र देंगे। जिसके बाद जिला जज तारीख मुकर्रर कर सुनवाई करेंगे। जमानत खारिज होने के बाद नारायण सिंह भदौरिया और अन्य आरोपितों के समर्थकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। 


 

Naubasta Police ने नारायण सिंह भदौरिया, राकी यादव समेत तीन आरोपितों को शुक्रवार सुबह नोएडा में अलग-अलग जगहों पर छापे की कार्रवाई करते हुए Arrest किया था। शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सभी आरोपितों को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में देर रात्रि पेश किया गया। तीनों अभियुक्तों की जमानत के लिए अर्जी भी दी गई थी लेकिन रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में अभियोजन ने अपराधिक इतिहास का ब्यौरा मांगा लिया। जिसकी वजह से समय मिल गया। पुलिस ने तीनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में शनिवार रात चौबेपुर स्थित अस्थाई जेल के अंदर दाखिल करा दिया।कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 7 जून की तारीख मुकर्रर की थी।

सोमवार सुबह से ही CMM Court के बाहर अधिवक्ताओं की भीड़ जमा होने लगी। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने तीनों आरोपितों की जमानत अर्जी पर अपना पक्ष रखा। मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट शैलेंद्र यादव ने तीनों मुल्जिमों के आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता को देखते जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसमें पार्टी नेताओं के साथ कई अधिवक्ता मौजूद थे। पार्टी में बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह भी पहुंचा था। जिसकी खबर पुलिस को लग गई। नौबस्ता पुलिस ने दबिश देकर मनोज को गिरफ्तार कर लिया और जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगी।

क्या है हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh को भगाने का मामला ?

घटना 2 जून 2021 की है। नौबस्ता हमीरपुर रोड स्थित आकर्षण गेस्ट के बाहर पुलिस ने 25 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पकड़ लिया। मनोज सिंह गेस्ट में चल रही बीजेपी के तत्कालीन जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया की पार्टी में शामिल होने के लिए आया था। पुलिस की जीप में बैठते ही मनोज ने शोर मचा दिया। जिसके बाद बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ गेस्ट हाउस से बाहर आ गई और पुलिस की सरकारी जीप को घेर लिया। धक्का-मुक्की और अभद्रता कर भाजपाइयों ने पुलिस को बंधक बना लिया। इस बीच कुछ लोग हिस्ट्रीशीटर को पुलिस की जीप से खींचकर भगा ले गए।

सोशल मीडिया पर वॉयरल वीडियो के आधार नौबस्ता पुलिस ने नारायाण सिंह भदौरिया, राजबल्लभ पांडेय, रॉकी यादव, बाबा ठाकुर समेत 9 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया। 48 घंटे बाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को बर्रा स्थित उसके घर से थोड़ी दूरी पर गिरफ्तार कर लिया। जबकि नारायण भदौरिया, राकी यादव समेत तीन लोगों को सर्विलांस सेल की मदद से पुलिस टीम ने नोएडा में गिरफ्तार किया था।

-BJP की फजीहत कराने के बाद “गहरी नींद” से जागा हाईकमान

-गुरुवार को जिला मंत्री पद से हटाया गया था नारायण भदौरिया

-नोएडा में गिरफ्तारी के बाद BJP ने किया “नारायण” निष्कासित

Yogesh Tripathi

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अंतत: अपने “नारायण” से मुंह मोड़ना ही पड़ गया। BJP संगठन पर धब्बा लगाने वाला नारायण सिंह भदौरिया अब पुलिस के शिकंजे में है। फ्राइ-डे की दोपहर पुलिस ने उसे नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। उसके गिरफ्तारी की खबर मिलते ही भाजपा ने भी अपने “नारायण” से हाथ छुड़ा लिया। हाईकमान का फरमान आया और दक्षिण जिलाध्यक्ष ने लैटर पैड पर पेन से निष्कासन की चार लाइनें लिखकर सोशल मीडिया में वॉयरल कर दीं। निष्कासन का यह पत्र Viral होते ही थेथरई और बेशर्मी के साथ कल तक नारायण भदौरिया के साथ खड़े रहने वाले उसके समर्थकों के खेमें में मानों “वज्रपात” गिर गया। लेकिन BJP के अंदर एक खेमे में खुशी की लहर भी दौड़ गई।

आरोपितों के खिलाफ विरोधी खेमे ने की जोरदार "बैटिंग"

विश्वस्त सूत्रों की मानें तो दरअसल यह खेमा घटना वाले दिन से नारायण भदौरिया समेत सभी आरोपितों की घेराबंदी कर उनका “शिकार” करने में जुट गया था। काफी हद तक भाजपा का यह खेमा सफल भी रहा। उसके पीछे की वजह ये है कि इस कांड में शहर पुलिस की काफी फजीहत हो रही थी, लिहाजा गिरफ्तारी तो बनती थी। वो एक अलग बात है कि धाराओं में “बाजीगरी” पहले ही दिन हो गई थी। घटना के 24 घंटे बाद भी बीजेपी और उसके तमाम नेता व कार्यकर्ता मजबूती के साथ नारायण सिंह भदौरिया के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। घटना के बाद यह बताया गया कि नारायण भदौरिया मौजूद ही नहीं था लेकिन जब वीडियो में वह दिखा तो कहानी में तमाम तरह के ट्विस्ट आए। सोशल मीडिया की वजह से यह कांड नेशनल टीवी चैनलों पर भी छाया रहा। राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने मामले को संज्ञान में लिया। तल्ख तेवरों में नाराजगी जाहिर की गई तो निष्कासन कर दिया गया। 


 

हाईकमान के "सिग्नल" पर जिलाध्यक्ष ने किया निष्कासित

चर्चाओं और खबरों की माने तो UPBJP के कई नेता दिल्ली हाईकमान को तर्क-कुतर्क के साथ पिछले 24 घंटे से बचाव में “कहानी” गढ़ते नजर आए। हालांकि प्रदेश नेतृत्व अपनी गढ़ी “कहानी” से दिल्ली हाईकमान को संतुष्ट नहीं कर पाया। नतीजा अब सबके सामने है। इस बीच कई Video सोशल मीडिया में Viral हुए। जिसकी वजह से गढ़ी “कहानी” में छेद साफ नजर आने लगा। हाईकमान की फटकार के बाद लोकल संगठन बैकफुट पर आ गया। यही वजह रही कि पुलिस ने नारायण सिंह भदौरिया समेत अब तक पांच लोगों को Arrest कर लिया। अभी तक पुलिस की दबिशों का दौर जारी है। माना जा रहा है कि अगले 48 घंटों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उसके गिरफ्तारी की भनक लगते ही तुरंत BJP (South) की प्रेसीडेंट डॉक्टर बीना आर्या ने नारायण के निष्कासन का पत्र जारी कर दिया।


गिरफ्तारी की पुष्टि के लिए मीडिया के पास घनघनाए फोन

नारायण सिंह भदौरिया की समेत 4 लोगों के Arresting की खबर सोशल मीडिया में फ्राइ-डे की दोपहर ही वॉयरल होने लगी। पुष्टि के लिए बीजेपी नेता मीडिया के लोगों को फोन करते नजर आए। www.redeyestimes.com (News Portal) ने बीजेपी के खांटी कार्यकर्ताओं और नेताओ से बातचीत की। सबका सिर्फ एक ही जवाब था, “खांटी के कार्यकर्ताओं को पिछले कई साल से खूंटी पर टांग दिया गया है”। कार्यकर्ता निराश और हताश है। सपा, बसपा जैसे विपक्षी दलों से आए नेता और कार्यकर्ता वर्तमान समय में “मलाई” खा रहे हैं। 20-25 और 30 साल तक भाजपा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने के बाद भी भाजपा के मूल कैडर के कार्यकर्ताओं को अब तरजीह ही नहीं दी जाती है। 


 

दबी जुबान से ही सही लेकिन कई नेताओं ने यह अवश्य कहा कि भाजपा में नारायण जैसे कई और भी हैं। जिनके पास पद तो नहीं है लेकिन वह नेताओं के ईर्द-गिर्द डेरा जमाए रहते हैं। उनकी हनक किसी बड़े नेता से कम नहीं दिखती। नारायण के बाबत कई नेताओं ने कहा कि एक “क्षत्रप” की “छतरी” के नीचे खूब फला और फूला नारायण। एक बड़े नेता ने कहा कि बर्रा, चकेरी और नौबस्ता समेत कई जगहों पर विवादित प्रापर्टी का कारोबार किसी से छिपा नहीं है। आखिर “छतरी” नहीं रही तो वह कैसे यह कारनामें लंबे समय से कर रहा था ? भाजपा में और भी नेता है लेकिन वो जहां पर थे वहीं पर हैं। 


 

आखिर “नारायण” पर ही पिछले एक दशक से इतनी मेहरबानी क्यों और किसने दिखाई ? BJP में कोई तो होगा इस “नारायण” का “गुरु” ? शीर्ष नेतृत्व को इसकी भी जांच करानी चाहिए। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। खबरों और चर्चाओं की मानें तो घटना के तुरंत बाद से ही BJP का एक ताकतवर और मजबूत धड़ा प्रशासन के साथ खड़ा नजर आया। परोक्ष और अपरोक्ष तौर पर लामबंदी कर इस धड़े ने आरोपितों की करतूतों और उनके अपराधिक इतिहास के साथ कमजोर कड़ियों को उजागर किया। 

कुल मिलाकर यूं कहें कि “क्षत्रप” के विरोधी खेमे ने बेहद ही शातिराना अंदाज में अंदर ही अंदर आरोपितों के खिलाफ शासन और प्रशासन स्तर पर जोरदार “बैटिंग” की। दिल्ली हाईकमान तक पूरे घटनाक्रम के बाबत न सिर्फ जानकारियां साझा की बल्कि कई कारगुजारियों के आडियो और वीडियो भी Send किए गए। कुछ वीडियो तो सोशल मीडिया पर तेजी से वॉयरल हो रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद से इस खेमें के अंदर काफी खुशी की लहर है। सूत्रों की मानें तो लंबे समय से यह खेमा “बैकफुट” पर था। लेकिन विधान सभा चुनाव से पहले इस खेमे को मानो “संजीवनी” मिल गई है।

कट्टरवादी हिन्दू छवि के एक दिग्गज नेता ने कहा इस घटना से पार्टी शर्मशार हुई है। जनता के पास खराब मैसेज चला गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में शीर्ष नेतृत्व को आत्ममंथन अवश्य करना चाहिए। ताकि भविष्य में कोई दूसरा नारायण पार्टी के अंदर रहकर इस तरह की शर्मनाक और अपराधिक वारदात को अंजाम न दे सके।

 

-नौबस्ता SHO S.K Singh की टीम ने हिस्ट्रीशीटर को किया Arrest

-नोएडा में नारायण सिंह भदौरिया, रॉकी यादव और शरण सिंह चौहान गिरफ्तार

-सर्विलांस सेल की मदद से तीनों आरोपितों की अलग-अलग जगहों से गिरफ्तारी

-अपर पुलिस आयुक्त (ACP) आकाश कुलहरि ने गिरफ्तारी की पुष्टि की

 


Yogesh Tripathi

 

Uttar Pradesh के Kanpur स्थित नौबस्ता थाना एरिया में बुधवार दोपहर पुलिस कस्टडी से 25 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh को भगाने वाले BJP के पूर्व जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया समेत तीन लोगों को Kanpur Police ने सर्विलांस सेल की मदद से नोएडा से Arrest कर लिया। तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच Kanpur लाया जा रहा है। वहीं, नौबस्ता SHO S.K Singh की अगुवाई वाली पुलिस टीम ने South City में ही छिपे बैठे हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh को Arrest कर लिया। BJP के पूर्व जिलाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय के बेटे राजबल्लभ पांडेय समेत अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस टीमों ने कई जगहों पर दबिश दी लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। एक आरोपी को पुलिस गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

 

दिनदहाड़े Police को बंधक बनाकर हुई थी वारदात

 

बुधवार यानि करीब 48 घंटा पहले नौबस्ता हमीरपुर रोड स्थित आकर्षण गेस्ट हाउस में BJP से निष्कासित पूर्व जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया के Birth-Day पर पार्टी का आयोजन किया गया था। इस पार्टी में तमाम अपराधियों के साथ-साथ कई सफेदपोश लोगों की “महफिल” सजी थी। जरिए मुखबिर नौबस्ता पुलिस को सूचना मिली कि लंबे समय से फरार 25 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह भी पार्टी में मौजूद है। पुलिस के मुताबिक फोर्स जब उसकी गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो वह बाहर एक गुमटी के पास मिल गया। फोर्स ने उसे दबोच लिया और सरकारी जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगी। इस बीच मनोज सिंह के शोर मचाने पर गेस्ट हाउस के अंदर मौजूद भाजपा कार्यकर्ता बाहर निकल आए। सभी ने पुलिस टीम को बंधक बना लिया। धक्का-मुक्की और अभद्रता कर भीड़ ने मनोज सिंह को छुड़ा लिया।

 

इस घटना के बाद Kanpur Police की फजीहत होने लगी। सोशल मीडिया पर तमाम Video Viral हुए। जिसके आधार पर पुलिस ने करीब दर्जन भर लोगों की फोटो सोशल मीडिया पर वॉयरल कर उनकी शिनाख्त की। नौ नामजद समेत 19 लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR रजिस्टर्ड की। जिन लोगों की पुलिस ने शिनाख्त की, उसमें बीजेपी के तत्कालीन जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय के बेटे राज पांडेय, धीरू शर्मा, विकास तिवारी, आदित्य दीक्षित और रॉकी यादव समेत 9 लोग शामिल रहे। पुलिस ने रणधीर सिंह तोमर नाम के एक फर्जी पत्रकार को गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस की 7 टीमें लगातार दबिश दे रही थीं।

सर्विलांस सेल की मदद से नारायण भदौरिया नोएडा में Arrest

पुलिस सूत्रों की माने तो सर्विलांस सेल की मदद से नारायण सिंह भदौरिया, रॉकी यादव और गोपाल शरण चौहान की नोएडा में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तारी की गई। तीनों को प्राइवेट वाहन से पुलिस टीम कड़ी सुरक्षा में लेकर कानपुर के लिए रवाना हो गई है। देर शाम तक तीनों के कानपुर पहुंचने की उम्मींद है। उधर, नौबस्ता इंस्पेक्टर S.K Singh की अगुवाई में फोर्स ने मुखबिर की सूचना पर फरार हुए 25 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh को Arrest कर लिया। 


पुलिस सूत्रों की मानें तो शिनाख्त होने के बाद सभी आरोपितों के मोबाइल नंबरों को कलेक्ट कर उन्हें सर्विलांस पर ले लिया गया था। सर्विलांस सेल टीम दिन-रात इसी पर काम कर रही थी। मनोज सिंह की लोकेशन कानपुर में ही मिली। जबकि नारायण भदौरिया समेत कई आरोपितों की लोकेशन कानपुर से बाहर मिली। पुलिस ने 25000 के इनामी हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को सर्वोदय हॉस्पिटल बर्रा के सामने से Arrest किया। इन सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के बाबत अपर पुलिस आयुक्त (ACP) ने एक बयान जारी कर पुष्टि की।

 -BJP नेता समेत कई आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर

-जिला मंत्री पद से मुक्त किए गए नारायण भदौरिया Viral किया Video

-पुलिस टीमों ने दी ताबड़तोड़ दबिशें लेकिन प्रमुख आरोपी पकड़ से कोसो दूर

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur में बुधवार को नौबस्ता थाना एरिया में पुलिस टीम को बंधक बनाकर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ा ले जाने के मामले में Viral Video के आधार पर शिनाख्त कर एक संदिग्ध को पुलिस ने “टांग” लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। वहीं, 24 घंटा बीत जाने के बाद भी नामजद प्रमुख आरोपी पुलिस की पकड़ से कोसो दूर हैं। जिला मंत्री पद से मुक्त किए जाने के बाद नारायण सिंह भदौरिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वॉयरल कर खुद को बेगुनाह बताया है।

खोदा “पहाड़” और निकली “चुहिया”

कस्टडी से हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाकर ले जाने के मामले में Kanpur Police की काफी किरकिरी हुई है। सोशल मीडिया पर घटनाक्रम का Video Viral होने के बाद पुलिस ने बुधवार की शाम को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय के बेटे राजबल्लभ पांडेय समेत नौ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत किया। इसमें वांछित हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह, विकास तिवारी, धीरू शर्मा, रोबिन सक्सेना समेत कई लोगों को चिन्हित कर उनकी तलाश में पूरी रात दबिश दी गई लेकिन कोई नामजद आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। पुलिस के मुताबिक वॉयरल 11 फोटो में एक संदिग्ध की शिनाख्त कर उसे दबोच लिया गया। पकड़ा गया युवक जूही बारादेवी निवासी रणधीर सिंह तोमर है। पुलिस टीम रणधीर सिंह तोमर से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है।

हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh को दिनदहाड़े छुड़ा ले गए 

बर्रा निवासी रिटायर्ड सिपाही मालिक सिंह का लड़का मनोज सिंह बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। Manoj Singh पर South City के बर्रा, नौबस्ता, जूही, बिठूर आदि थानों में 27 मुकदमें पंजीकृत हैं। हत्या के प्रयास और CCTV कैमरा चोरी के मामले में भी मनोज वांछित है। बुधवार को हमीरपुर रोड किनारे गेस्ट हाउस में डेरी संचालक भाजपा दक्षिण के जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया की Birth-Day आयोजित थी। जिसमें मनोज भी शामिल होने पहुंचा था। वांछित के पहुंचने की सूचना पर नौबस्ता पुलिस की टीम ने गेस्ट हाउस की घेराबंदी की। मनोज सिंह को गेस्ट हाउस के बाहर दबोच लिया। मनोज सिंह के शोर मचाने पर भाजपा के तमाम कार्यकर्ता और नेता पहुंच गए। सभी ने पुलिस से धक्का-मुक्की कर अभद्रता शुरु कर दी। पुलिस ने जीप बढ़ाकर थाने जाने का प्रयास किया तो भाजपाइयों ने रोड जाम कर गाली-गलौज शुरु कर दी। इस बीच कुछ लोग हिस्ट्रीशीटर को पुलिस की जीप से नीचे उतारकर साथ में लेकर भाग गए।

500-500 रुपए में बुलाए गए थे Fake Journlist

पकड़ा गया रणधीर तोमर ने खुद को एक You Tube चैनल का पत्रकार बताया। खबरों और सूत्रों पर विश्वास करें तो गेस्ट हाउस में Birth-Day Party का सोशल मीडिया में कवरेज कराने के लिए करीब दो दर्जन तथाकथित पत्रकारों को 500-500 रुपए देकर बुलाया गया था। घटानक्रम के दौरान कई गेस्ट हाउस में मौजूद थे। कुछ ने पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर उसे वॉयरल भी किया। माना जा रहा है कि रणधीर तोमर भी उसी में एक रहा है। छानबीन में पता चला है कि रणधीर बारादेवी मंदिर के पीछे रहता है। इसके पिता सिक्योरिटी गार्ड हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से वह पत्रकार बन गया था। उसका भाई भी खुद को पत्रकार बताता है। 

 

 

-BJP मंत्री की Birth-Day पार्टी में मौजूद था हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह

-हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह पर दर्ज हैं करीब दो दर्जन मुकदमें

-पुलिस की जीप से खींचकर भीड़ ने हिस्ट्रीशीटर को भगाया

-BJP के पूर्व जिलाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय के बेटे समेत दर्जनों पर FIR

-नामजद आरोपितों के अपराधिक इतिहास की कुंडली बांचने में जुटी Police

 

वांछित हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को (लाल घेरे में) सरकारी जीप में बैठाती नौबस्ता पुलिस।

Yogesh Tripathi

Kanpur Commissionerate Police का इकबाल उस समय कमजोर पड़ गया जब सैकड़ों की भीड़ ने धक्का-मुक्की और गाली-गलौज कर हिरासत में लिए गए हिस्ट्रीशीटर Manoj Singh को छुड़ा लिया। वारदात Naubasta थाना एरिया के उस्मानपुर चौकी क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई। Naubasta (SHO) S.K Singh ने www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में बताया कि सोशल मीडिया पर Viral Video के आधार पर अब तक 8 लोगों की शिनाख्त हुई है। 8 नामजद और कई दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR रजिस्टर्ड की गई है। सभी आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। आरोपितों के अपराधिक इतिहास की “कुंडली” खंगाली जा रही है।


Police के मुताबिक मनोज सिंह बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। हत्या के प्रयास और घर से CCTV चोरी करने के मामले में मनोज सिंह वांछित है। बर्रा थाने की पुलिस हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को अब तक Arrest नहीं कर पा रही थी। खास बात ये है कि निगरानी हिस्ट्रीशीटर होने के बाद भी मनोज सिंह लगातार पुलिस को गच्चा देकर फरार चल रहा है। 

गेस्ट हाउस में चल रही थी Birth-Day Party

नौबस्ता पुलिस के मुताबिक बुधवार दोपहर को हमीरपुर रोड पर स्थित एक गेस्ट हाउस में BJP (South) के जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया का समर्थक जन्मदिन मना रहे थे। नारायण सिंह डेरी संचालक भी हैं। बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह भी पार्टी में मौजूद था। पुलिस के जरिए मुखबिर सूचना मिली तो सादे कपड़ों में पुलिस की टीम ने घेराबंदी की। गेस्ट हाउस के बाहर से पुलिस टीम ने मनोज सिंह को दबोच लिया। पुलिस टीम मनोज सिंह को खींचकर सरकारी जीप तक लेकर पहुंची। दरोगा और सिपाहियों ने उसे जीप में बैठाया तो वह शोर मचाने लगा। मनोज सिंह के शोर मचाने पर गेस्ट हाउस के अंदर मौजूद बीजेपी के कई कार्यकर्ता पहुंच गए और हंगामा करने लगे। 


भीड़ ने पुलिस के साथ अभद्रता कर धक्का-मुक्की शुरु कर दी। भीड़ ने पुलिस की सरकारी गाड़ी को चारो तरफ से घेर लिया। मुट्ठी भर पुलिस कर्मचारी जब तक संभलते भीड़ हिस्ट्रीशीटर को पुलिस की गाड़ी से खींचकर छुड़ा ले गई। 


 

सूचना पर नौबस्ता इंस्पेक्टर S.K Singh तुरंत फोर्स के साथ मौका-ए-वारदात के लिए रवाना हुए। उनके पहुंचने से पहले ही भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ हिस्ट्रीशीटर को साथ लेकर चंपत हो गई। दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाली रोड पर हुई इस घटना के बाद काफी भीड़ जमा हो गई। 


 

ACP (Gobind Nagar) विकास कुमार पांडेय का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने वाले लोगों को वॉयरल वीडियो के आधार पर चिन्हित किया जा रहा है। सभी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जाएगी।

इस बाबत Naubasta (SHO) S.K Singh ने Portal को बताया कि उस्मानपुर चौकी इंचार्ज सुभाषचंद्र की तहरीर पर राज पांडेय, रोबिन सक्सेना, विकास तिवारी, बाबा ठाकुर, राकी, धीरू शर्मा, आदित्य समेत 8 नामजद और कई दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 147, 224, 332, 353, 188, 269 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है।

इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपितों का पुराना अपराधिक इतिहास भी है। सभी के अपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। इंस्पेक्टर के मुताबिक दो लोग हत्या के पुराने मामले में सजायाफ्ता हैं। दोनों ही हाइकोर्ट से पैरोल पर बाहर हैं। पुलिस की कई टीमें हिस्ट्रीशीटर और उसे छुड़ाकर ले जाने वाले आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, विश्वस्त सूत्रों की मानें तो एक आरोपी का नाम पिन्टू सेंगर मर्डर केस में भी प्रकाश में आया था। राजबल्लभ पांडेय भाजपा के पिता बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। 

 

UPDATE NEWS:---नौबस्ता में बुधवार दोपहर Police Team पर हमला कर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाकर ले जाने वाले आरोपितों का Police ने Video से शिनाख्त कर फुटेज जारी किया है। खबर है कि गिरफ्तारी के लिए बनाई गई पुलिस की टीमों ने की जगहों पर दबिश देकर छापेमारी की लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।