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-AIMIM ने "सर तन से जुदा" के लगाए पोस्टर 

-Photo Viral होते ही Police ने होर्डिंग को हटवाया
Yogesh Tripathi

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिम(AIMIM) की Kanpur Unit की तरफ से शहर में लगाई गई विवादित होर्डिंग्स को Commissionerate Police (Kanpur Nagar) त्वरित कार्रवाई करते हुए हटवा दिया। पोस्टर में पैगंबर मुहम्मद पर अपनी टिप्पणी के लिए डासना देवी मंदिर के प्रमुख पुजारी नरसिंहानंद सरस्वती को मुखाग्नि देने के लिए आग लगाने वाले "सर तन से जुदा" पोस्टर लगाए गए थे।
Kanpur में लगे विवादित होर्डिंग्स में यति नरसिंहानंद सरस्वती का सिर उनके शरीर से अलग दिखा। नरसिंहानंद सरस्वती के साथ पोस्टर में उत्तर प्रदेश में शिया सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी की विवादित फोटो भी दिखाई दी। 
इसी तरह के कुछ और घृणित पोस्टर की Photo जब सोशल मीडिया के प्लेटफार्म Twitter पर Viral हुई तो Commissionerate Police (Kanpur Nagar) तुरंत Active हो गई। Police ने विवादित होर्डिंग्स को तुरंत हटवाने के बाद Twitter पर जानकारी भी साझा की। FIR रजिस्टर्ड कर Police फिलहाल पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। खुफिया एजेंसियां भी देर शाम तक अपने स्तर पर छानबीन कर जानकारी जुटाने में लगीं रहीं।
खास बात ये रही कि महज कुछ घंटे में ही विवादित होर्डिंग्स की फोटो के साथ AIMIM Trend करने लगा। 20K से अधिक Tweets लोगों ने किए। तमाम लोगों ने Tweet कर AIMIM को बैन करने की मांग भी की। 

Uttar Pradesh के CM योगी आदित्यनाथ को लेकर Tweet करने के बाद Arrest किए गए (स्वतंत्र पत्रकार) प्रशांत कनौजिया को देश की सर्वोच्च अदालत ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट (SC) ने आदेश दिया है कि “प्रशांत कनौजिया को तुरंत रिहा किया जाए”। "सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की सरकार को कड़ी फटकार लगाई है"। उल्लेखनीय है कि यूपी सरकार के निर्देश पर Lucknow Police ने तीन दिन पहले दिल्ली से प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी की थी।



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प्रशांत कनौजिया की Wife ने दायर की थी याचिका

स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि किसी की राय शायद अलग-अलग हो सकती है। उन्हें (प्रशांत) को ट्वीट नहीं करना चाहिए था, लेकिन सिर्फ इतनी सी बात को आधार बनाकर गिरफ्तारी करना बिल्कुल भी उचित नहीं है देश की सर्वोच्च अदालत ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी को एक Tweet के चलते 11 दिनों तक जेल में नहीं रखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि ये कोई हत्या का मामला नहीं है, तत्काल रिहाई सुनिश्चित कराई जाए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए सूबे के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लोकभवन तलब कर लिया गया।

https://twitter.com/ATiwari69657435/status/1138350834821918720

निजी आजादी का हनन हो रहा है तो हम हस्तक्षेप करेंगे: SC

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि “किसी की स्वतंत्रता (निजी आजादी) का हनन हो रहा है तो हम हस्तक्षेप करेंगे। राज्य सरकार अपनी जांच जारी रख सकती है लेकिन स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया को जेल में नहीं रख सकती।“ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया में जमकर स्वागत किया जा रहा है। पत्रकारों का एक वर्ग जो पिछले तीन दिन से लगातार प्रशांत के केस को लेकर ट्वीट कर रहा था उसने इस फैसले का स्वागत किया है।

https://twitter.com/meevkt/status/1138351836644171776

यूपी सरकार के सभी पक्ष को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार का पक्ष रख रहे एएसजी विक्रमजीत बनर्जी ने प्रशांत कनौजिया को लेकर न सिर्फ तमाम दलीलें दीं बल्कि ट्वीट्स की कॉपी सौंपी। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 'कनौजिया की गिरफ्तारी सिर्फ एक ट्वीट पर नहीं हुई, बल्कि वह आदतन अपराधी है। उसने भगवान और धर्म के खिलाफ ट्वीट किया है' । इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशांत कनौजिया को जमानत देने का यह मतलब नहीं है कि सोशल मीडिया पर डाले गए उसके पोस्ट को सही ठहराया जा रहा है।

गौरतलब है कि स्वतंत्र पत्रकारिता करने वाले प्रशांत कनौजिया ने बीते दिनों यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर Facebook पर एक वीडियो शेयर किया था। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अपने पोस्ट में योगी को लेकर आपत्तिजनक बातें भी लिखी थीं। जिसके बाद कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रशांत कनौजिया पूर्व में thewirehindi जैसे संस्थान के लिए काम कर चुके हैं। वर्तमान समय में वे (स्वतंत्र पत्रकारिता) कर रहे हैं।


 

 
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Lok Sabha Election 2019 में अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें, इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Twitter का सहारा लिया है। Modi ने अपने Tweet में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती, ममता बनर्जी समेत कई नेताओं, बॉलीवुड और खेल जगत की हस्तियों को टैग किया। लेकिन खास बात ये रही है कि Delhi के CM अरविंद केजरीवाल को उन्होंने “Out” रखा।


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https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1105706631378034688

UP के Ex.CM अखिलेश यादव ने PM पर कसा तंज


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोट डालने की अपील पर सपा सुप्रीमों और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया। अखिलेश यादव ने लिखा कि, '' दिल ख़ुश हुआ कि प्रधानमंत्री जी भी महागठबंधन से महापरिवर्तन की अपील कर रहे हैं। मैं भी सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में मतदान करें और नया प्रधानमंत्री चुनें।

https://twitter.com/narendramodi/status/1105687403770068992

PM ने Delhi के CM को नहीं किया टैग


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस प्रेसीडेंट राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी, NCP प्रेसीडेंट शरद पवार, BSP सुप्रीमों मायावती, SP ,सुप्रीमों अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी यादव और DMK नेता एमके स्टालिन को टैग करते हुए ट्वीटर पर लिखा कि सभी लोग मतदाताओं से वोट देने की अपील करें। खास बात ये रही कि इन बड़े नेताओं की फेहरिस्त में Delhi के CM अरविंद केजरीवाल का नाम नहीं है।

https://twitter.com/narendramodi/status/1105687535546716160

NDA के नेताओं से भी PM ने की अपील


प्रधानमंत्री मोदी ने BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन NDA में शामिल नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, हरसिमरत कौर, चिराग पासवान, आदित्य ठाकरे से वोटरों को मतदान के लिए जागरुक करने की अपील की। उन्होंने दक्षिण भारत के अभिनेता मोहनलाल और नागर्जुन से भी आगे आने के लिए अपील की है। साथ ही उन्होंने RSS, नेहरू युवा केंद्र से जागरुकता फैलाने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोबल विजेता कैलाश सत्यार्थी, पुडुचेरी की गवर्नर किरण बेदी और सुरदर्शन पटनायक, अध्यातम गुरु श्रीश्री रविशंकर, सदगुरु और योग गुरु बाबा रामदेव को भी Twitter पर टैग कर मतदाताओं को जागरुक करने की अपील की है।

https://twitter.com/narendramodi/status/1105689849670053888

तेंदुलकर, कुंबले, लक्ष्मण, सहवाग, कोहली, रोहित से भी अपील


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले, वीवीएस लक्ष्मण, विरेंद्र सहवाग, एमएस धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा, किदांबी श्रीकांत, पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, गीता फोगाट, बबिता फोगाट, रितु फोगाट, बजरंग पुनिया से भी अपील की।

https://twitter.com/narendramodi/status/1105698661672062977

बॉलीवुड जगत की इन हस्तियों को Twitter पर किया टैग



PM नरेंद्र मोदी ने लता मंगेशकर, अमिताभ बच्चन, ए आर रहमान, रणवीर कपूर, वरुण धवन, विक्की कौशल, शाहरुख खान, आमिर खान, सलमान खान, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और अनुष्का शर्मा समेत कला जगत की हस्तियों से भी कहा कि वे मतदाताओं से मतदान केंद्रों में आने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मदद करने की अपील करें।

 
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Lok Sabha Election 2019 की रणभेरी बज चुकी है। 11 अप्रैल से लेकर 19 मई तक 7 चरणों में मतदाता अपने "वोट की चोट" के जरिए पसंदीदा नेता को संसद भेजेंगे। लेकिन इस बीच चुनाव आयोग ने कई नियम-कायदे बड़े कड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक दलों, नेताओं की Social Media पर सक्रियता काफी बढ़ी है। सभी अपने हर दिन के कार्यक्रम फ़ेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट करते रहते हैं। इससे वे आसानी से लाखों लोगों से जुड़ाव रखते हैं। लेकिन सोशल मीडिया में कई बार फ़ेक न्यूज़ चला कर लोगों को गुमराह करने की भी कोशिश की जाती है। साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए कई तरह के हथकंडे भी अपनाए जाते हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार प्रत्याशियों को साफ-साफ कह दिया है कि अपने सोशल मीडिया के सभी अकाउंट की जानकारी अब नामांकन पत्र दाखिल करते समय देना अनिवार्य होगा।


YOGESH TRIPATHI


चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों को ये दिशा-निर्देश जारी किए


1-चुनाव आयोग का कहना है कि सभी उम्मीदवारों को नामांकन दाख़िल करते समय अपने facebook और Twitter अकाउंट की जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी। 

2-facebook और Twitter पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन देने से पहले उसे प्रमाणित कराना होगा। 

3-गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और यू-ट्यूब पर बिना प्रमाणित किए हुए विज्ञापन प्रत्याशी नहीं दे सकेंगे।

4-उम्मीदवारों को अपने चुनावी ख़र्च में सोशल मीडिया पर किया गया सारा ख़र्च भी जोड़कर चुनाव आयोग को बताना होगा। 

5-कोई भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए सेना के जवानों की फ़ोटो का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर नहीं करेगा। 

6-सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए बनाए गए नियमों का अगर उल्लंघन होता है तो इसकी शिकायतें सुनने के लिए आयोग ने अधिकारी की तैनाती की है। 

7-फ़ेसबुक, गूगल, टि्वटर पर नफ़रत फैलाने वाले भाषण, फ़ेक न्यूज़ को पोस्ट करना सख़्त मना है। इन सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ने इस मामले में कार्रवाई करने का वादा किया है। 

8-फ़ेसबुक, गूगल और टि्वटर पर पोस्ट किए जाने वाले राजनीतिक विज्ञापनों को आईटी कंपनियों को विशेष रूप से दिखाना होगा। 

WhatsApp को लेकर दिशा-निर्देश नहीं जारी किए


चुनाव आयोग ने WhatsApp को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि Twitter, facebook पर बीजेपी काफी पिछड़ चुकी है। इस लिए उसे लेकर तमाम नियम कायदे चुनाव आयोग ने बना दिए लेकिन बीजेपी इस बार वाट्सअप के जरिए बूथ स्तर पर अपनी टीम खड़ी कर चुनाव लड़ रही है। इस लिए वाट्सअप को लेकर कोई भी निर्देश नहीं दिए गए हैं। इतना ही नहीं 6 मई के दिन वोटिंग को लेकर भी विपक्षी दल चुनाव आयोग के रवैये को गलत बता रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि 6 मई को रमजान है और उसी दिन वोटिंग की डेट निर्धारित कर एक वर्ग के वोटों को हर प्रकार से रोकने की कोशिश की जा रही है।