Uttar Pradesh के CM योगी आदित्यनाथ को लेकर Tweet करने के बाद Arrest किए गए (स्वतंत्र पत्रकार) प्रशांत कनौजिया को देश की सर्वोच्च अदालत ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट (SC) ने आदेश दिया है कि “प्रशांत कनौजिया को तुरंत रिहा किया जाए”। "सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की सरकार को कड़ी फटकार लगाई है"। उल्लेखनीय है कि यूपी सरकार के निर्देश पर Lucknow Police ने तीन दिन पहले दिल्ली से प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी की थी।

YOGESH TRIPATHI
प्रशांत कनौजिया की Wife ने दायर की थी याचिका
स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “किसी की राय शायद अलग-अलग हो सकती है। उन्हें (प्रशांत) को ट्वीट नहीं करना चाहिए था, लेकिन सिर्फ इतनी सी बात को आधार बनाकर गिरफ्तारी करना बिल्कुल भी उचित नहीं है” देश की सर्वोच्च अदालत ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी को एक Tweet के चलते 11 दिनों तक जेल में नहीं रखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि ये कोई हत्या का मामला नहीं है, तत्काल रिहाई सुनिश्चित कराई जाए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए सूबे के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लोकभवन तलब कर लिया गया।
https://twitter.com/ATiwari69657435/status/1138350834821918720
“निजी आजादी का हनन हो रहा है तो हम हस्तक्षेप करेंगे” : SC
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि “किसी की स्वतंत्रता (निजी आजादी) का हनन हो रहा है तो हम हस्तक्षेप करेंगे। राज्य सरकार अपनी जांच जारी रख सकती है लेकिन स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया को जेल में नहीं रख सकती।“ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया में जमकर स्वागत किया जा रहा है। पत्रकारों का एक वर्ग जो पिछले तीन दिन से लगातार प्रशांत के केस को लेकर ट्वीट कर रहा था उसने इस फैसले का स्वागत किया है।
https://twitter.com/meevkt/status/1138351836644171776
यूपी सरकार के सभी पक्ष को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार का पक्ष रख रहे एएसजी विक्रमजीत बनर्जी ने प्रशांत कनौजिया को लेकर न सिर्फ तमाम दलीलें दीं बल्कि ट्वीट्स की कॉपी सौंपी। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 'कनौजिया की गिरफ्तारी सिर्फ एक ट्वीट पर नहीं हुई, बल्कि वह आदतन अपराधी है। उसने भगवान और धर्म के खिलाफ ट्वीट किया है' । इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशांत कनौजिया को जमानत देने का यह मतलब नहीं है कि सोशल मीडिया पर डाले गए उसके पोस्ट को सही ठहराया जा रहा है।
