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  • Uttar Pradesh के पूर्वांचल स्थित 15 जिलों में Congress की कवायद Start
  • सभी जिलों के जिलाध्यक्षों से Congress की UP प्रभारी ने की बातचीत
  • पूर्वांचल के बाद Central & West UP पर फोकस करेंगी Priyanka Gandhi
  • मिशन 2022 के मद्देनजर हर विधान सभा में "जिताऊ" प्रत्याशियों की डिमांड


Yogesh Tripathi

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (INC) मिशन Uttar Pradesh (2022) के चुनावी अभियान में जुट गई है।  कुछ दिन पहले 15 (GRG War Room) में एक कांग्रेस दिग्गजों की Meeting में यूपी समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के संबंध में लंबा मंथन चला। इस बैठक में प्रमुख फोकस यूपी के चुनाव को लेकर रहा है। मीटिंग में संगठन के विस्तार को लेकर भी पदाधिकारियों के बीच चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में जल्द ही संगठन के अंदर व्यापक विस्तार और बदलाव दिख सकते हैं। 

इसी कड़ी में पूर्वांचल के 15 जिलों के जिलाध्यक्षों से Congress महासचिव और यूपी की प्रभारी Priyanka Gandhi ने मोबाइल पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि प्रियंका ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश जारी किया है कि हर विधान सभा से चार "जिताऊ" प्रत्याशियों के नाम भेजे जाएं।   


संभावित प्रत्याशियों के नाम आने के बाद Congress हाईकमान लंबी प्रक्रिया के बाद अगस्त के महीने में प्रत्याशी के नाम पर करीब-करीब फाइनल मोहर लगा देगा। ताकि प्रत्याशी को भी चुनाव की तैयारियों से लेकर जनता के बीच में जाने का भरपूर मौका मिल सके। 

पूर्वांचल के जनपदों के तुरंत बाद ही Priyanka Gandhi सूबे के पश्चिमी और सेंट्रल जोन की हर विधान सभा से संभावित "जिताऊ" प्रत्याशियों के नामों पर सितंबर तक फाइनल कर सकती हैं। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग दिसंबर महीने के अंत तक Uttar Pradesh में चुनाव तिथियों की घोषणा कर सकता है। 


 

सूत्रों की मानें तो Meeting में Uttar Pradesh के संगठन में व्यापक बदलाव और विस्तार को लेकर भी काफी तगड़ी चर्चा हुई। सोशल मीडिया पर भी इस बार कांग्रेस अधिक फोकस करेगी। 2022 चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस का फोकस ब्राम्हण, दलित और मुस्लिम वोट बैंक के साथ-साथ मल्लाह, निषाद और राजभर जाति के मतदाताओं के बीच भी रहेगा। इसी के मद्देनजर कई युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस जल्द ही संगठन के विस्तार पर तरजीह दे सकती है। War Room में हुई इस मीटिंग में  राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल राव समेत कई दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के मौजूदगी की बात कही जा रही है। 

चर्चा है कि चुनावी रणनीति के साथ प्रियंका गांधी बहुत जल्द सूबे की सरकार पर सियासी हमले करने से नहीं चूकेंगी। BJP हर कीमत पर उनके टॉरगेट पर रहेगी। जनता के बीच वह प्रदेश सरकार की कमजोरियों और नाकामयाबियों को उजागर करेंगी। उनका फोकस कोरोना महामारी के दौरान सूबे में हुई हजारों लोगों की मौत, अस्पतालों में बदइंतजामी, दवाइयों और वैक्सीन के संकट पर जनता के बीच भाजपा को घेरेंगी। माना यह भी जा रहा है कि दिवाली से पहले प्रियंका गांधी विधान सभा स्तर पर अपना दौरा स्टार्ट कर देंगी। 

पिछले दिनों UP में हुई कई बड़ी घटनाओं में Priyanka Gandhi की सक्रियता किसी से छिपी नहीं है। पीड़ितों के घर पहुंचकर न सिर्फ वह उनके दुःख में शामिल हुईं बल्कि सीधे तौर पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों भी लिया। खास बात ये भी है कि सोशल मीडिया के प्लेटफार्म Twitter पर भी प्रियंका गांधी हर दिन बीजेपी की योगी सरकार पर सीधे Attack करती रहती हैं। फिर वह मामला चाहे अपराध जगत से जुड़़ा हो या राजनीतिक। प्रियंका बेबाकी से Tweet कर सरकार से सवाल पूछती रहती हैं।


-3.30 बजे दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

-फ्राइ-डे की सुबह PM संग होगी CM की Meeting

-Uttar Pradesh में होने वाले तमाम बदलावों के मद्देनजर अंतिम Meeting

-तमाम कयासबाजी और अटकलों पर लग सकता है अगले दो-तीन में विराम

 

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh में सियासी तापमान पिछले करीब 20 दिनों से बढ़ा हुआ है। दिल्ली और लखनऊ दरबारके बीच हल्की-फुल्की तल्खी के बीच अंदर ही अंदर चल रहा शीतयुद्धअब किसी से छिपा नहीं है। UPCM योगी आदित्यनाथ गुरुवार दोपहर अचानक Delhi के लिए रवाना हो गए। 3.30 बजे मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंचे। खबर है कि शाम को उनकी मुलाकात गृहमंत्री अमित शाह के साथ होनी है। रात में योगी आदित्यनाथ बीजेपी के नेशनल प्रेसीडेंट जेपी नड्डा समेत कई पदाधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। फ्राइ-डे की सुबह उनकी Meeting प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संग होनी बताई जा रही है। तमाम ब्यूरोक्रेट्स, विधायक, मंत्री और संगठन के पदाधिकारियों की नजरें एक बार फिर दिल्ली दरबार की तरफ केंद्रित हो गई हैं। संकेत मिल रहे हैं कि Uttar Pradesh में कैबिनेट विस्तार और संगठन में व्यापक फेरबदल के मद्देनजर संभवत: यह अंतिम Meeting हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सारा पेंच Narendra Modi के "दूत" कहे जा रहे रिटायर्ड IAS Officer और विधान परिषद सदस्य (MLC) अरविंद शर्मा को लेकर फंसा। अरविंद शर्मा के बाबत मुख्यमंत्री अभी भी पुराना स्टैंड ही लिए हुए हैं। माना जा रहा है कि इस प्वाइंट को किसी तरह "दिल्ली दरबार" हल करना चाहता है। 

बताया जा रहा है कि Apna Dal की प्रेसीडेंट अनुप्रिया पटेल भी गृहमंत्री के घर पहुंच गई हैं। वहां UPCM पहले से ही मौजूद हैं। इस त्रिकोणीय मीटिंग के कई मायने निकाले जा रहे हैं।  यूपी की राजनीति पर टिप्पणी कर रहे तमाम वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि "यूपी की हंडिया" में कुछ तो है। खेल कब होगा, यह देखना दिलचस्प है।

PM संग कल होगी Meeting

मुख्यमंत्री का यह दौरा 48 घंटे का बताया जा रहा है। आज शाम 4:00 बजे पहली मीटिंग गृहमंत्री के साथ होनी तय है। इस बीच मुख्यमंत्री भाजपा के कुछ और बड़े नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं। कल सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री की Meeting होनी है।

बुधवार को प्रदेश कार्यालय में चला बैठकों का दौर

सूत्रों की मानें तो बुधवार को देर रात तक Uttar Pradesh के BJP Office में बैठकों का दौर चला। UPBJP के प्रेसीडेंट स्वतंत्र देव सिंह ने प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों और कार्यकारिणी से काफी देर तक बातचीत की।

BJP प्रदेश प्रभारी कर चुके हैं दो दिन का दौरा

Uttar Pradesh (BJP) के प्रभारी Radha Mohan Singh पिछले सप्ताह ही दो दिन का दौरा कर Lucknow से जा चुके हैं। उन्होंने गवर्नर आनंदीबेन पटेल से बातचीत कर एक बंद लिफाफा सौंपा था। उसके बाद विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के संग Meeting की थी। दोनों ही मुलाकातों को उन्होंने सामान्य बताया था लेकिन राजनीति के जानकारों ने तमाम तरह के कयास तभी लगा लिए थे।

संगठनमंत्री B.L Santosh ले चुके हैं फीडबैक

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री B.L Santosh और Radha Mohan Singh इससे पहले संयुक्त रूप से लखनऊ दौरे पर आए थे। दिल्ली दरबारके निर्देश पर पहुंचे दोनों नेताओं ने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के करीब दर्जन भर मंत्रियों के साथ One 2 One बातचीत की थी। सूबे के सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों से भी मुलाकात कर संगठन और सरकार के बाबत तमाम फीडबैक लिए थे। इस दौरे के बाद ही कयास लगाए जाने लगे थे कि UP में बदलाव की बयार बह रही है, हालांकि बीजेपी के दिग्गज नेता मौनरहे। उन्होंने किसी भी तरह के बदलाव की बात को एक सिरे से खारिज किया। इससे पहले RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी Locknow में दो दिनों का प्रवास कर वापस गए थे। उन्होने भारती भवन में कुछ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर फीडबैक लिया था। 

कैबिनेट और संगठन में बड़े बदलाव की संभावना

सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री इस दौरे के बाद जब लखनऊ वापस आएंगे तो तस्वीर बिल्कुल साफ हो चुकी होगी। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ संगठन में जो व्यापक परिवर्तन किए जाने हैं उससे भी अवगत कराया जाएगा। सूत्रों की मानें तो एक-दो बड़े नेताओं को दिल्ली भी शिफ्ट किया जा सकता है। संगठन में ऊपर से लेकर छंटाई कार्यक्रम चलने की संभावना है। 

 Update News

 

-UPBJP प्रभारी ने विधान सभा Speaker से की मुलाकात

-बंद लिफाफे को लेकर सूबे का सियासी तापमान फिर चढ़ा

-किसी बड़े बदलाव की तरफ से इशारा कर रहा है बंद लिफाफा


 

Yogesh Tripathi

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेशनल वाइस प्रेसीडेंट और UPBJP के प्रभारी Radha Mohan Singh संडे की सुबह राजधानी Lucknow पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से गवर्नर हाउस में मुलाकात की। काफी देर तक बातचीत के बाद राधा मोहन सिंह ने राज्यपाल को एक बंद लिफाफा सौंपा। इसके बाद Radha Mohan Singh ने विधान सभा के Speaker ह्दयनारायण दीक्षित से भी मुलाकात की। दोनों ने बंद कमरे में One 2 One बैठकर काफी देर तक बातचीत की। गवर्नर और विधान सभा अध्यक्ष के साथ प्रदेश प्रभारी की मीटिंग के बाद सूबे का सियासी तापमान एक बार फिर चढ़ गया है। तमाम तरह के कयासों और चर्चाओं का दौर जारी है।

 

Delhi और Lucknow दरबार के बीच खिंची है तलवार

दिल्ली और लखनऊ दरबारके बीच  पिछले कुछ समय सेतलवार खिंची है। ये तलवारें अब तक म्यान में नहीं रखी गई हैं। थोड़ा फ्लैश बैक में जाएं तो करीब 10 दिन पहले दिल्ली में RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की तीन चक्र में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा और सुनील बंसल के साथ Meeting हुई थी। उसके बाद राष्ट्रीय संगठन मंत्री B.L Santosh और यूपी बीजेपी के प्रभारी Radha Mohan Singh के साथ दो दिवसीय दौरे पर पिछले सप्ताह लखनऊ आए। यहां पर क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ B.L Santosh ने मीटिंग कर फीडबैक लिया। करीब दर्जन भर मंत्रियों से भी उन्होंने एक पर एक बैठकर संवाद किया। सरकार और संगठन के बीच सांमजस्य के साथ-साथ सरकार की छवि समेत कई बिन्दुओं पर अहम जानकारियां जुटाईं। उसके बाद क्षेत्रीय प्रचारक अनिल जी, कानपुर के प्रांत प्रचारक श्रीराम समेत तीन कद्दावर पदाधिकारियों के साथ पांच घंटे तक मैराथन मीटिंग की।

इसके बाद B.L Santosh और Radha Mohan Singh दिल्ली पहुंचे। दोनों ने रिपोर्ट बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी। उसके बाद दो दिन पहले RSS के शीर्ष 10 पदाधिकारियों की फिर एक अहम बैठक हुई। जिसके बाद Radha Mohan Singh को तुरंत लखनऊ पहुंचने का निर्देश जारी किया गया। जिसके चलते Radha Mohan Singh संडे की सुबह लखनऊ पहुंचे।

बंद लिफाफे से बड़े बदलाव के संकेत

Radha Mohan Singh ने सबसे पहले गवर्नर आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। करीब पौन घंटे की बातचीत के बाद दिल्ली से साथ लेकर आए बंद लिफाफे को उन्होंने गवर्नर को सौंप दिया। लिफाफे में आखिर क्या है ? यह किसी को नहीं पता लेकिन जब यह जानकारी मीडिया और संगठन के बड़े पदाधिकारियों तक पहुंची तो कयासों और चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लिफाफे को लेकर मंत्रीमंडल के विस्तार और संगठन में बड़े बदलाव की चर्चा जोरों पर है। वहीं दबी जुबान से कुछ राजनीतिक विश्लेषक और भाजपा संगठन के लोग यह भी कह रहे हैं कि कहीं न कहीं लिफाफे के जरिए लखनऊ दरबारको बड़ा मैसेज देने की बात कह रहे हैं। फिलहाल अटकलों का बाजार गर्म है। जिसकी वजह से Uttar Pradesh कासियासी तापमानभी लगातार बढ़ रहा है।

आखिर लिफाफे में किसकी किस्मत है बंद ?

Radha Mohan Singh ने गवर्नर आनंदी बेन पटेल को जो बंद लिफाफा सौंपा है, आखिर उस लिफापे में क्या है ? इस बंद लिफाफे को लेकर हर किसी में उत्सुकता बनी है। बंद लिफापे में किसके नाम हैं ? किसकी किस्मत लिफापे में बंद है ? इस बंद लिफाफे को राजनीतिक के कुछ जानकार Uttar Pradesh की राजनीति मे सियासी तूफान से पहले का बवंडरभी बता रहे हैं। RSS के दिग्गज कह रहे हैं कि भूकंप तो आएगा लेकिन तीव्रता 3 से 4 रिक्टर पैमाने की होगी। इशारा साफ है कि संगठन और सरकार में तीन से चार बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह बंद लिफाफा यूपी में सत्ता परिवर्तन या फिर सत्ता में शक्ति का हस्तांतरण भी हो सकता है।

 -भाजपा संगठन के राष्ट्रीय महासचिव B.L Santosh का UP दौरा खत्म

-सरकार, संगठन और मातृ संगठन (RSS) के साथ कई राउंड Meeting की

-आज देर शाम राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को B.L Santosh सौपेंगे रिपोर्ट

-बीजेपी संगठन को सियासी भूकंप के बड़े झटके लगना तय 

Yogesh Tripathi

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव B.L Santosh और Uttar Pradesh (BJP) के प्रभारी राधामोहन सिंह का दौरा खत्म हो चुका है। 48 घंटे के इस तूफानी दौरे में दोनों दिग्गजों ने आधा दर्जन से अधिक Meeting कर Uttar Pradesh सरकार, संगठन और मातृ संगठन (RSS) के बड़े सूरमाओं से लंबी बातचीत की। Lucknow स्थित BJP (Office) में चली पांच घंटे की बैठक में UPBJP के प्रेसीडेंट स्वतंत्र देव सिंह Out रहे। वह बैठक के खत्म होने के बाद पहुंचे। देर रात्रि आखिरी बैठक में UPCM Yogi Adityanath ने अपने प्रतिनिधि के तौर पर अभिषेक कौशिक (OSD) को भेजा। B.L Santosh बुधवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना होंगे। खबर है कि देर शाम उनकी अहम बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ होगी। जिसमें वह Uttar Pradesh की सरकार, संगठन का रिपोर्ट कार्ड सौंपेगे। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट कार्ड के बाद दिल्ली दरबार सरकार और संगठन पर अहम फैसला लेगा। RSS के बड़े पदाधिकारियों की मानें तो संगठन की सर्जरी होना तय है। इस सर्जरी के बाद UPBJPसियासी भूकंप के झटके कई बड़े नेताओं को लग सकते हैं।

क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ Meeting

BJP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव B.LSantosh ने Uttar Pradesh के सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ अहम मीटिंग की। मीटिंग के दौरान गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह सैंथवार, अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण मिश्रा, कानपुर के मानवेंद्र सिंह, ब्रज क्षेत्र के रजनीकांत महेश्वरी, पश्चिमी क्षेत्र के मोहित बेनीवाल, काशी क्षेत्र से महेश श्रीवास्तव मौजूद रहे। सभी से संगठन और सरकार के आपसी समन्वय के साथ-साथ कई बिन्दुओं पर बातचीत कर जानकारी ली गई। सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों ने बेलगाम हो चुकी नौकरशाही की कार्यशैली में खासी नाराजगी जताई। खास बात ये रही कि इस महत्वपूर्ण Meeting में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को शामिल नहीं किया गया। स्वतंत्र देव सिंह मीटिंग खत्म होने के बाद BJP (Office) पहुंचे। इस दौरान योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के दोनों डिप्टी सीएम, केशव प्रसाद मौर्य, डॉक्टर दिनेश शर्मा, सतीश महाना, सतीश दिवेदी, स्वामी प्रसाद मौर्य, महेंद्र सिंह समेत करीब एक दर्जन मंत्रियों के साथ एक पर एक बातचीत कर फीडबैक दोनों दिग्गज नेताओं ने लिया। 


भारती भवन में RSS के सूरमाओं संग पांच घंटे Meeting

बीजेपी कार्यालय में क्षेत्रीय अध्यक्षों और सरकार के करीब एक दर्जन से अधिक मंत्रियों संग मीटिंग करने के बाद B.L Santosh राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के लखनऊ स्थित कार्यालय भारती भवन पहुंचे। उनके साथ UPBJP के महामंत्री गोविंद शुक्ला मौजूद रहे। भारती भवन में B.L Santosh ने RSS के तीन बड़े सूरमाओं क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, प्रांत प्रचारक कौशल जी, कानपुर क्षेत्र के प्रांत प्रचारक श्रीराम जी के साथ करीब पांच घंटे से अधिक समय तक मैराथन मीटिंग की। यहां पर भी संगठन और सरकार के समन्वय के बाबत जानकारी ली गई। नौकरशाही पर संघ के तीनों बड़े दिग्गजों ने भारी नाराजगी जताते हुए तमाम जानकारियां साझा की। इसमें पिछले दिनों कानपुर के कल्याणपुर में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए बेलगाम नौकरशाही और प्रशासन के बाबत बताया गया। कुल मिलाकर नौकरशाही को लेकर फीडबैक बेहद खराब मिला।

मीटिंग खत्म करने के बाद B.L Santosh और गोविंद शुक्ला एक बार फिर बीजेपी कार्यालय पहुंचे। यहां पर सुनील बंसल, राधामोहन सिंह, स्वतंत्र देव सिंह के साथ एक बार फिर मीटिंग की गई। इस मीटिंग में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ ने अभिषेक कौशिक (OSD) को अपने प्रतिनिधि के तौर पर भेजा।

हर तरफ से नौकरशाही के खिलाफ निगेटिव रिपोर्ट

सरकार, संगठन और मातृ संगठन (RSS) के साथ कई दौर की मीटिंग के बाद जो बात खुलकर सामने आई वो बेहद चौंकाने वाली है। सरकार के मंत्रियों, संगठन के बड़े पदाधिकारियों और RSS के सूरमाओं ने बेलगाम हो चुकी नौकरशाही पर खासी नाराजगी जताते हुए कई घटनाओं का ब्यौरा भी दिया। सभी की तरफ से कहा गया कि बेलगाम अफसरों की वजह से सरकार की छवि बेहद खराब हो रही है। सांसद, मंत्री, विधायक और संगठन के पदाधिकारियों की बातों को बेलगाम अफसर बिल्कुल भी नहीं सुनते हैं। सरकार की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका खामियाजा 2022 के चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। इसके साथ ही सूबे के जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण भी बीजेपी के दोनों दिग्गजों ने फीडबैक लिया।

दिल्ली और लखनऊ दरबार के बीच खिंची हैं तलवार

खबरों और चर्चाओं की मानें तो दिल्ली और लखनऊ दरबार के बीच पिछले छह महीने से दो शीतयुद्धचल रहा था वह अब खुलकर सामने आने लगा है। सरकार, संगठन और मातृ संगठन (RSS) के दिग्गज भले ही कुछ न कहें लेकिन पार्टी के अंदरखाने में चल रहे सियासी उठापटक अब दिखाई देने लगी है। चर्चा है कि दिल्ली और लखनऊ दरबारके बीच तलवारखिंची हुई है। लखनऊ दरबार ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। शायद यही वजह रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अहम मीटिंग में अपने OSD अभिषेक कौशिक को प्रतिनिधि के तौर पर भेजा। भाजपा कार्यालय में पांच घंटे तक चली मैराथन मीटिंग में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह क्यों नहीं शामिल हुए ? इसको लेकर भी तमाम तरह की चर्चाएं हैं। चर्चा तो इस बात की भी है कि सरकारका संदेश लेकर योगी आदित्यनाथ के एक कद्दावर मंत्री मंगलवार की शाम तक दिल्ली स्थित यूपी भवन में मौजूद रहे। शाम तक उनकी मीटिंग दिल्ली दरबार के साथ तय नहीं हो पाई थी। 


संगठन की सर्जरीऔर मंत्रिमंडल का विस्तार पक्का

पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन में बड़े बदलाव को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं। खबरों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर काफी तल्ख हैं। उन्होंने गवर्नर से लेकर तमाम दिग्गजों को बातचीत के दौरान ताकीद भी दे दी है। खबर है कि हिन्दुत्व का एजेंडा कमजोर पड़ता देख दिल्ली दरबारने जो कदम बढ़ाए थे उसे वापस खींच लिए हैं। अब सिर्फ मंत्रिमंडल के विस्तार और संगठन की सर्जरीपर फोकस किया जा रहा है। मंत्रीमंडल विस्तार में अरविंद शर्मा को कैबिनेट में क्या डिप्टी सीएम बनाया जाएगा ? यह देखना अब दिलचस्प होगा। क्यों कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी सबसे अधिक बताई जा रही है। इसके संकेत भी देर रात्रि को मिल गए। जब BJP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव ने Tweet कर मुख्यमंत्री कोरोना प्रबंधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की।

 

-Yogi कैबिनेट के कई Minister’s से मीटिंग में लिया गया फीडबैक

-प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह और बी.एल संतोष ने जानकारियां जुटाई

-अगले कुछ दिनों में लग सकते हैं BJP संगठन को सियासी भूकंप के झटके

 


Yogesh Tripathi

हर बड़े तूफान के आने से पहले एक शांति होती है। यह शांति Uttar Pradesh (BJP) में दिख चुकी है। थोड़ी से उथल-पुथल के साथ यह अंजाम की तरफ अग्रसर होती प्रतीत हो रही है। आने वाले कुछ दिनों में BJP, सरकार और भगवा संगठनों के बीच घमासान देखने को मिल सकता है। प्रबल संभावना है कि कि चौंकाने वाले फैसले दिल्ली दरबार की तरफ से लिए जा सकते हैं। राजनीति के जानकारों की मानें तो सियासी भूकंपकी तीव्रताअधिक रहेगी। इसकी जद में कई नौकरशाह भी आ सकते हैं। कुछ दिनों से सरकार और संगठन के बीच सबकुछ सही नहीं दिख रहा है। हालांकि इसे सही दिखाने की झूठी कवायद नेताओं की तरफ से जारी है। अभी तक किन्हीं कारणों से जो विधायक और संगठन के लोग चुप्पी साधकर बैठे थे अब वह अंदर ही अंदर मुखर होते दिख रहे हैं। कई के बागी तेवर पिछले दिनों दिखाई दिए हैं। जानकार मान रहे हैं कि वर्ष 2022 में Uttar Pradesh Election से पहले एक बड़ी सियासी सर्जरी की तैयारी हो चुकी है। 

राधा मोहन सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री और यूपी बीजेपी प्रभारी)

नौकरशाहों के खिलाफ निगेटिव फीडबैक

Uttar Pradesh (BJP) प्रभारी राधा मोहन सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी.एल संतोष ने Monday को Meeting कर सरकार की जनता के बीच छवि और कार्यों को लेकर Yogi Adityanath की कैबिनेट के तमाम मंत्रियों से फीड बैक लिया। इन मंत्रियों से एक पर एक ही बातचीत की गई। देर शाम कुछ बड़े नेताओं के संग भी मंत्रणा जारी रही। खबरों और राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चाओं की मानें तो करीब-करीब सभी मंत्रियों ने एक ही बात दुहराई है कि नौकरशाही ने सबकुछ गड़बड़ कर रखा है। किसी भी विधायक या मंत्री की नहीं सुनी जाती है। कार्यकर्ता बेहद निराश और आहत है। सही काम भी नहीं हो पा रहे हैं। इन शिकायतों को BJP के दोनों दिग्गजों ने काफी गंभीरता से लिया। भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी जानकारी जुटाई गई। संगठन कितना प्रभावी है यह भी दोनों नेताओं ने जानने की भरपूर कोशिश की। पंचायत चुनाव में करारी हार की वजह आखिर क्या रही ? ये अहम प्रश्न भी मंत्रियों से पूछे गए।

जल्द लगेंगे सियासी भूकंप के झटके

चर्चाओं और खबरों की मानें तो Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow में राधामोहन सिंह और बीएल संतोष की तरफ से मीटिंग कर जुटाई गई जानकारियां को दोनों ही नेता अगले 24 घंटे में दिल्ली दरबार के सम्मुख रखेंगे। उसके बाद कोर ग्रुप की बैठक में लंबी मंत्रणा और मंथन के बाद चौंकाने वाले फैसले आ सकते है। साफ है कि सियासी भूकंप आएगा। इसकी तीव्रता कितनी होगी ? अनुमान लगाना फिलहाल बेहद मुश्किल है। हां इतना अवश्य है कि संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कैबिनेट विस्तार में भी कुछ नए चेहरों को शामिल कराया जा सकता है। यही वजह है कि लखनऊ में सियासी पारा काफी गर्म है। सत्ता के इर्द-गिर्द परिक्रमा करने वाले नौकरशाह भी परेशान हैं। परेशानी की वजह तमाम मंत्रियों की तरफ से इन नौकरशाहों के खिलाफ निगेटिव फीडबैक दिया जाना बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली हाईकमान अपने दूतको प्रभावी बनाकर नौकरशाही पर नकेल कसने की तैयारी में हैं। हालांकि "दूत" को डिप्टी सीएम बनाने और गृह एवं गोपन जैसा महत्त्वपूर्ण और ताकतवर मंत्रालय देने पर "सरकार" ने स्पष्ट मना कर दिया है। 

केशव प्रसाद मौर्य पर भी एक राय नहीं !

खबर है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दिल्ली हाईकमान संगठन में अहम जिम्मेदारी एक बार फिर देने का मूड बना चुका है लेकिन राह में कुछ रोड़ा भी हैं। RSS से जुड़े लोगों की मानें तो यही वजह है कि दो और नेताओं को बैकअप के तौर पर रखा गया है। यदि किन्ही वजहों से बात नहीं बनती है तो इन दो नेताओं में किसी एक को संगठन की कमान सौंपी जा सकती है। इसमें एक नेता मंत्री भी हैं। हालांकि पलड़ा केशव प्रसाद मौर्य का ही काफी मजबूत बताया जा रहा है। दिल्ली की पहली पसंद वही है लेकिन समस्या रोड़ाबने लोगों को लेकर ही बनी है। खबर यह भी है कि राधा मोहन सिंह और बीएल संतोष सुबह तक संगठन और संघ के कुछ और लोगों से टेलीफोन पर वार्ता कर जानकारी जुटा सकते हैं।

जानकारों की मानें तो संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हाईकमान कई बड़े और कठोर फैसले लेगा। चर्चा है कि कुछ क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदला जा सकता है। एक या दो क्षेत्रीय अध्यक्षों को योगी कैबिनेट में जगह मिलने की भी चर्चाएं हो रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संगठन को संजीवनी देने के लिए कुछ और भी फैसले लिए जा सकते हैं।

-BJP (संगठन) और Yogi Govet में बड़े फेरबदल के संकेत

-Sunday को Delhi में भी हुई थी हाईप्रोफाइल बैठक

-Lucknow में Monday की Night एक नेता के घर पर लंबी मंत्रणा

-जियामऊ विश्व संवाद केंद्र में RSS पदाधिकारियों से फीड बैक ले रहे हैं दत्तात्रेय

 

दत्तात्रेय होसबोले (सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) । Photo साभार गूगल

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh में 2022 की शुरुआत में विधान सभा के Election होने हैं। Covid-19 के संक्रमण काल में हजारों लोगों की मौत सूबे में हो चुकी है। वैश्विक महामारी के आपदा प्रबंधन में सरकार औधें मुंह गिरी। रही सही कसर गंगा में उतराती सैकड़ों लाशों ने पूरी कर दी। विश्व स्तर पर इसकी निंदा हो रही है। सरकार और नौकरशाह सरकारी अभिलेखों में आंकड़ों की बाजीगरी करने में व्यस्त हैं। विपक्षी दल इसी को हथियार बनाकर  प्रदेश और केंद्र की सरकारों पर तीखे हमले कर रहे हैं। चूंकि RRS-BJP का शीर्ष नेतृत्व भली भांति जानता है कि केंद्र की राजनीति में यदि रहना है तो Uttar Pradesh की सत्ता हर कीमत पर चाहिए। ऐसे में RSS ने डैमेज को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है। 


पिछले चार दिन से RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले लगातार संगठन और BJP के शीर्ष नेतृत्व से अलग-अलग Meeting कर रहे हैं। बड़े सूत्रों की मानें तो Sunday को राजधानी Delhi में दत्तात्रेय होसबेल ने सबसे पहले UP (BJP) के संगठन मंत्री सुनील बंसल के साथ एक पर एक बैठक कर फीडबैक लिया। इसके बाद सुनील बंसल ने भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मीटिंग की। इन दो बैठकों के बाद दत्तात्रेय होसबोले, अमित शाह और जेपी नड्डा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई। सबसे आखिरी में अमित शाह, जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक हुई। यह बैठक रविवार की देर रात तक चली थी।

Delhi के बाद Lucknow पहुंचे दत्तात्रेय होसबोले

दिल्ली में कई दौर की Meeting में फीडबैक लेने के बाद दत्तात्रेय होसबोले Monday को Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow पहुंच गए। कुछ देर पहले तक जियामऊ विश्व संवाद केंद्र पर वह RSS के दिग्गज पदाधिकारियों (प्रचारकों) के साथ Meeting कर उनसे फीडबैक ले रहे हैं। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। अंदरखाने की मानें तो RSS के Alert होने की वजह BJP के परंपरागत वोट बैंक लोवर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास का बेहद नाराज होना बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के प्रबंधन में सरकार तो फेल हुई ही साथ ही साथ छोटे व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसकी नाराजगी हर दिन सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है। RSS के एक पदाधिकारी की मानें तो शीर्ष नेतृत्व ने पिछले दिनों पंचायत चुनाव में मिली हार को भी काफी गंभीरता से लिया है।

Uttar Pradesh में सियासी सरगर्मी काफी तेज

RSS और BJP शीर्ष नेताओं की Meeting के बाद Uttar Pradesh की सियासी सरगर्मी काफी तेज हो गई है। लखनऊ में बैठकों का दौर शुरु हो चुका है। माना जा रहा है कि दत्तात्रेय होसबोले अभी कई और बैठकें करेंगे। RSS के बड़े पदाधिकारी BJP (संगठन) से लेकर सूबे की सरकार तक में बदलाव के संकेत की बात कह रहे हैं। सरकार के कई मंत्रियों के दिल की धड़कन तेज हैं।


 

A.K Sharma का बढ़ेगा कद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी रिटायर्ड IAS Officer’s अरविंद कुमार शर्मा का कद बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। VRS लेने के कुछ दिन बाद ही बीजेपी नेतृत्व उन्हें विधान परिषद भेज चुका है। कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल के करीब 20 जिलों में अरविंद शर्मा की तरफ से आपदा प्रबंध के बेहतर मैनेजमेंट को देखते हुए उनको बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। खास बात ये भी है कि Monday की रात्रि को करीब आधा दर्जन गाड़ियों के काफिलों के साथ RSS के तमाम दिग्गज A.K Sharma के घर पर पहुंचे थे। यहां देर रात्रि तक लंबी मंत्रणा चली है।

30 May को राधामोहन भी पहुंचेगे Lucknow

संकेत इस बात के भी मिल रहे हैं कि 2022 में विधान सभा Election को जीतने के लिए कुछ बड़े फैसले हर हाल में लिए जाएंगे। इसके लिए शीर्ष नेतृत्व ने अपना ग्रीन सिग्नलजारी कर दिया है। एक डिप्टी सीएम को कल ही दिल्ली पहुंचने का निर्देश हाईकमान ने जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि इनकी सूबे की सियासत से विदाई कर केंद्र में या फिर राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, उत्तर प्रदेश (बीजेपी) के प्रदेश प्रभारी राधामोहन भी 30 May को लखनऊ पहुंच रहे हैं।

योगी कैबिनेट में रिक्त पड़े हैं 6 मंत्री पद

योगी सरकार में फिलहाल 6 मंत्रियों के पद अभी तक रिक्त पड़े हैं। लंबे समय से इनको भरा नहीं जा सका है। कुछ मंत्रियों का निधन हुआ है तो कुछ सांसद बन चुके हैं। चर्चा है कि करीब आधा दर्जन मंत्रियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें PMO के पास प्रमाण के साथ मौजूद हैं। ऐसे में इनकी विदाई पक्की मानी जा रही है। नए मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को शीर्ष नेतृत्व जगह दे सकता है।