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-BJP पर फिर भारी पड़ा मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS)

-RSS प्रमुख मोहन भागवत की कृपा से CM बने रहेंगे योगी आदित्यनाथ

-अतिशीघ्र होगा Uttar Pradesh के मंत्रीमंडल का विस्तार

-A.K Sharma & Jitin Prasad होंगे मंत्रीमंडल में शामिल

-डिप्टी सीएम का पद न देकर कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के संकेत

-ब्राम्हणों की नाराजगी दूर करने को मंत्रिमंडल और संगठन में मिलेगी तरजीह


 

Yogesh Tripathi

 

Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की कृपा पाने में पूरी तरह से सफल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब सवा घंटे की Meeting के बाद यह बात बिल्कुल फाइनल हो गई कि करीब साढ़े चार साल पहले RSS के आशीर्वाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को UP में जो सत्ता का सिंहासन मिला था वह  सुरक्षित रहेगा। 2022 का विधान सभा चुनाव भी उनके ही चेहरे पर लड़ा जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ संगठन में भी फेरबदल किया जाएगा। BJP के Old Worker’s को निगमों और बोर्डों में खाली पड़े तमाम पदों पर समायोजित किया जाएगा ताकि चुनाव में सीधा एडवांटेज मिले। ब्राम्हण वर्ग की नाराजगी को दूर करने के लिए कई Arvind Sharma & Jitin Prasad को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। बड़े सूत्रों की मानें तो दोनों को कैबिनेट मंत्री ही बनाया जाएगा। संघ सूत्रों की मानें तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और डॉक्टर दिनेश शर्मा की कुर्सी के सलामत रहने के भी संकेत हैं। 


 

योगी के हठ योग से दिल्ली दरबार को भी छूटा पसीना

प्रधानमंत्री Narendra Modi के दूत बनकर Uttar Pradesh की सियासत में पांव जमाने की कोशिश कर रहे रिटायर्ड IAS Officer अरविंद शर्मा को सिर्फ दो सप्ताह के भीतर विधान परिषद सदस्य (MLC) बना दिया गया। यह भी सर्वविदित है कि सोशल मीडिया में श्रीशर्मा को डिप्टी सीएम बनाने और गृह एवं गोपन जैसा विभाग देने की खबरें Viral हुईं। इसका खंडन दिल्ली हाईकमान ने नहीं किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कई बार दबाव बढ़ा लेकिन वह टालते रहे।

20 दिन पहले दिल्ली में UPBJP के संगठन मंत्री सुनील बंसल ने RSS के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के साथ एक अहम बैठ की। इसके बाद सुनील बंसल ने जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। फिर प्रधानंत्री के साथ भी मीटिंग की गई। दत्तात्रेय होसबोले इसके बाद बड़े संदेश को लेकर Lucknow पहुंचे लेकिन मुख्यमंत्री पूर्वांचल के दौरे पर रहे और उन्होंने दत्तात्रेय होसबोले से मुलाकात नहीं की।

दत्तात्रेय होसबोले के दिल्ली वापस लौटते ही BJP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री B.L Santosh और प्रदेश प्रभारी Radha Mohan Singh लखनऊ में दो दिन के दौरे पर पहुंचे। दोनों ने योगी मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों से बातचीत कर फीडबैक लिया। क्षेत्रीय अध्यक्षों से भी बातचीत की। इसके बाद लखनऊ स्थित RSS के कार्यालय भारती भवन में B.L Santosh ने क्षेत्र चालक अनिल जी, कानपुर के प्रांत प्रचारक श्रीराम जी समेत संघ के तीन बड़े नेताओं से करीब पांच घंटे तक लंबी मंत्रणा की।

मुख्यमंत्री की तरफ से तब भी स्पष्ट तौर पर नाराजगी जाहिर की गई। दोनों नेताओं ने दिल्ली पहुंचकर रिपोर्ट RSS और BJP के शीर्ष नेताओं को सौंप दी। इस रिपोर्ट पर RSS ने सभी अनुभागों के दिग्गजों को बुलाकर तीन दिन अलग-अलग बैठक कर लंबी चर्चा की। इस बीच राधा मोहन सिंह फिर लखनऊ आए। उन्होंने गवर्नर और विधान सभा स्पीकर से अलग-अलग मुलाकात की। गवर्नर को उन्होंने एक बंद लिफाफा भी सौंपा। जिस पर तमाम तरह के कयास लगाए जाते रहे। योगी जी के योग हठ दिल्ली में बैठे बीजेपी हाईकमान के भी पसीने छूटने लगे कि कहीं दांव गलत न हो जाए। एक बड़ी गल्ती से यूपी चुनाव के साथ-साथ दिल्ली की सियासत पर भी फर्क पड़ेगा। उसकी वजह यूपी में लोकसभा की 80 सीटों का होना है। 


 

मुख्यंत्री ने RSS प्रमुख के पाले में डाल दी थी गेंद

दिल्ली दरबार की तरफ से अपने तल्ख तेवरों को देख मुख्यमंत्री ने भी तुरंत फील्डिंग सजानी शुरु कर दी। संघ सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने RSS प्रमुख मोहन भागवत से तत्काल संपर्क किया। मुख्यमंत्री ने बीते चार साल में जो भी कुछ उनके साथ घटित हुआ, उसे काफी विस्तृत तौर पर बताया। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते चार साल से अधिक समय में उन्होंने केंद्र के हर आदेश का पालन किया है। राज्यसभा और विधान परिषद के सदस्यों की सूची तक उनसे पूछे बगैर फाइनल की गई। कई मौके ऐसे भी आए जब केंद्र सरकार की तरफ से राज्य के अफसरों को सीधे दिशा-निर्देश जारी कि गएइतना ही नहीं संगठन के नाम पर तमाम सरकारी कार्यों और नियुक्तियों में हमेशा दखल दिया गया। अब जब चुनाव की बेला सिर पर है तो नाकामयाबी और असफलता का सारा ठीकरा उन पर फोड़ा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया की मानें तो मुख्यमंत्री ने RSS प्रमुख से बातचीत के बाद स्पष्ट तौर पर कह दिया कि यदि  उनके पास से गृह एवं गोपन जैसा विभाग भी ले लिया जाएगा तो वह किस बात के मुख्यमंत्री ? इससे बेहतर तो आप (संघ प्रमुख) उन्हें निर्देश दे दें तो वह खुद ही अपना इस्तीफा दे देंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह सिंहासन आप के आशीर्वाद से ही साढ़े चार साल पहले मिला था।

UPCM की बातों को RSS प्रमुख ने गंभीरता से लिया

खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से कही गई इन तमाम बातों को RSS प्रमुख ने काफी गंभीरता से लेते हुए BJP के शीर्ष नेतृत्व से कई चक्र लंबी बातचीत की। Delhi में संघ के सभी प्रकल्पों और अनुषांगिक संगठनों के प्रभारी और अन्य शीर्ष पदाधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक में एक दिन Uttar Pradesh में बढ़े सियासी तापमान पर भी लंबी चर्चा की गई। दत्तात्रेय होसबोले और बीएल संतोष की रिपोर्ट भी मंथन किया गया। खबर है कि उसके बाद RSS में कई बड़े पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से तय किया कि यूपी में 2022 का चुनाव यदि जीतना है तो मुख्यमंत्री की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही रहेगी। खबर तो यह भी है कि इसके बाद RSS प्रमुख ने मुख्यमंत्री से बातचीत कर कहा कि वह भी अरविंद शर्मा को राज्यमंत्री बनाने की जिद का त्याग करें। संघ प्रमुख ने कैबिनेट मंत्री बनाने की बात कही। कुल मिलाकर संघ प्रमुख की कवायद, रणनीति की वजह से अंततः एक बीच का रास्ता निकल गया है। इसमें योगी आदित्यनाथ थोड़ा पीछे हटे लेकिन दिल्ली दरबार को कुछ अधिक ही पीछे हटना पड़ा। क्यों कि वहां तो सिंहासनतक हिलाने की तैयारी कर ली गई थी।

UP में 20 दिनों से चल रहा था शीतयुद्ध

दिल्ली और लखनऊ दरबारके बीच करीब 20 दिनों से शीतयुद्धचल रहा था। दोनों तरफ से कई बार ऐसे संकेत मिले कि Uttar Pradesh की सियासत में जल्द बड़ा भूचाल आ जाएगा। RSS के साथ-साथ BJP का शीर्ष नेतृत्व भी यूपी को लेकर काफी गंभीर हो गया। बैठकों के दौर के साथ लखनऊ में दिग्गजों के दौरे भी शुरु हो गए। मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों से सरकार के बाबत फीडबैक लिया गया। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह जब गवर्नर और विधान सभा स्पीकर से मिले तो सियासी तापमान काफी हद तक बढ़ गया। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। अब दिल्ली में योगी आदित्यनाथ की गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह, शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद शीतयुद्ध”, तमाम चर्चाओं, अटकलों पर विराम लग चुका है। 


 

कैबिनेट मंत्री बनेंगे अरविंद शर्मा, जितिन प्रसाद

RSS सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिल्ली में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मीटिंग के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल कर विस्तार किया जाएगा। अरविंद शर्मा और कांग्रेस से आए जितिन प्रसाद को मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री का पद देकर ठीक-ठाक विभाग से नवाजा जा सकता है। वहीं, योगी मंत्रिमंडल के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा की कुर्सी पूरी तरह से बचे रहने की संभावना है। उनके विभागों में बदलाव नहीं किया जाएगा। ब्राम्हणों की नाराजगी को दूर करने के लिए विशेष तरजीह दी जाएगी। मंत्रिमंडल में दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों को भी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर समायोजित किया जाएगा। लंबे समय से उपेक्षित अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के पति को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। हालांकि गृहमंत्री से मुलाकात कर अनुप्रिया पटेल ने यूपी और केंद्र में मंत्रि पद देने और पांच जनपदों में जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की मांग रखी है।

-3.30 बजे दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

-फ्राइ-डे की सुबह PM संग होगी CM की Meeting

-Uttar Pradesh में होने वाले तमाम बदलावों के मद्देनजर अंतिम Meeting

-तमाम कयासबाजी और अटकलों पर लग सकता है अगले दो-तीन में विराम

 

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh में सियासी तापमान पिछले करीब 20 दिनों से बढ़ा हुआ है। दिल्ली और लखनऊ दरबारके बीच हल्की-फुल्की तल्खी के बीच अंदर ही अंदर चल रहा शीतयुद्धअब किसी से छिपा नहीं है। UPCM योगी आदित्यनाथ गुरुवार दोपहर अचानक Delhi के लिए रवाना हो गए। 3.30 बजे मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंचे। खबर है कि शाम को उनकी मुलाकात गृहमंत्री अमित शाह के साथ होनी है। रात में योगी आदित्यनाथ बीजेपी के नेशनल प्रेसीडेंट जेपी नड्डा समेत कई पदाधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। फ्राइ-डे की सुबह उनकी Meeting प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संग होनी बताई जा रही है। तमाम ब्यूरोक्रेट्स, विधायक, मंत्री और संगठन के पदाधिकारियों की नजरें एक बार फिर दिल्ली दरबार की तरफ केंद्रित हो गई हैं। संकेत मिल रहे हैं कि Uttar Pradesh में कैबिनेट विस्तार और संगठन में व्यापक फेरबदल के मद्देनजर संभवत: यह अंतिम Meeting हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सारा पेंच Narendra Modi के "दूत" कहे जा रहे रिटायर्ड IAS Officer और विधान परिषद सदस्य (MLC) अरविंद शर्मा को लेकर फंसा। अरविंद शर्मा के बाबत मुख्यमंत्री अभी भी पुराना स्टैंड ही लिए हुए हैं। माना जा रहा है कि इस प्वाइंट को किसी तरह "दिल्ली दरबार" हल करना चाहता है। 

बताया जा रहा है कि Apna Dal की प्रेसीडेंट अनुप्रिया पटेल भी गृहमंत्री के घर पहुंच गई हैं। वहां UPCM पहले से ही मौजूद हैं। इस त्रिकोणीय मीटिंग के कई मायने निकाले जा रहे हैं।  यूपी की राजनीति पर टिप्पणी कर रहे तमाम वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि "यूपी की हंडिया" में कुछ तो है। खेल कब होगा, यह देखना दिलचस्प है।

PM संग कल होगी Meeting

मुख्यमंत्री का यह दौरा 48 घंटे का बताया जा रहा है। आज शाम 4:00 बजे पहली मीटिंग गृहमंत्री के साथ होनी तय है। इस बीच मुख्यमंत्री भाजपा के कुछ और बड़े नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं। कल सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री की Meeting होनी है।

बुधवार को प्रदेश कार्यालय में चला बैठकों का दौर

सूत्रों की मानें तो बुधवार को देर रात तक Uttar Pradesh के BJP Office में बैठकों का दौर चला। UPBJP के प्रेसीडेंट स्वतंत्र देव सिंह ने प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों और कार्यकारिणी से काफी देर तक बातचीत की।

BJP प्रदेश प्रभारी कर चुके हैं दो दिन का दौरा

Uttar Pradesh (BJP) के प्रभारी Radha Mohan Singh पिछले सप्ताह ही दो दिन का दौरा कर Lucknow से जा चुके हैं। उन्होंने गवर्नर आनंदीबेन पटेल से बातचीत कर एक बंद लिफाफा सौंपा था। उसके बाद विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के संग Meeting की थी। दोनों ही मुलाकातों को उन्होंने सामान्य बताया था लेकिन राजनीति के जानकारों ने तमाम तरह के कयास तभी लगा लिए थे।

संगठनमंत्री B.L Santosh ले चुके हैं फीडबैक

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री B.L Santosh और Radha Mohan Singh इससे पहले संयुक्त रूप से लखनऊ दौरे पर आए थे। दिल्ली दरबारके निर्देश पर पहुंचे दोनों नेताओं ने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के करीब दर्जन भर मंत्रियों के साथ One 2 One बातचीत की थी। सूबे के सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों से भी मुलाकात कर संगठन और सरकार के बाबत तमाम फीडबैक लिए थे। इस दौरे के बाद ही कयास लगाए जाने लगे थे कि UP में बदलाव की बयार बह रही है, हालांकि बीजेपी के दिग्गज नेता मौनरहे। उन्होंने किसी भी तरह के बदलाव की बात को एक सिरे से खारिज किया। इससे पहले RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी Locknow में दो दिनों का प्रवास कर वापस गए थे। उन्होने भारती भवन में कुछ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर फीडबैक लिया था। 

कैबिनेट और संगठन में बड़े बदलाव की संभावना

सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री इस दौरे के बाद जब लखनऊ वापस आएंगे तो तस्वीर बिल्कुल साफ हो चुकी होगी। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ संगठन में जो व्यापक परिवर्तन किए जाने हैं उससे भी अवगत कराया जाएगा। सूत्रों की मानें तो एक-दो बड़े नेताओं को दिल्ली भी शिफ्ट किया जा सकता है। संगठन में ऊपर से लेकर छंटाई कार्यक्रम चलने की संभावना है। 

 Update News

 

-BJP (संगठन) और Yogi Govet में बड़े फेरबदल के संकेत

-Sunday को Delhi में भी हुई थी हाईप्रोफाइल बैठक

-Lucknow में Monday की Night एक नेता के घर पर लंबी मंत्रणा

-जियामऊ विश्व संवाद केंद्र में RSS पदाधिकारियों से फीड बैक ले रहे हैं दत्तात्रेय

 

दत्तात्रेय होसबोले (सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) । Photo साभार गूगल

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh में 2022 की शुरुआत में विधान सभा के Election होने हैं। Covid-19 के संक्रमण काल में हजारों लोगों की मौत सूबे में हो चुकी है। वैश्विक महामारी के आपदा प्रबंधन में सरकार औधें मुंह गिरी। रही सही कसर गंगा में उतराती सैकड़ों लाशों ने पूरी कर दी। विश्व स्तर पर इसकी निंदा हो रही है। सरकार और नौकरशाह सरकारी अभिलेखों में आंकड़ों की बाजीगरी करने में व्यस्त हैं। विपक्षी दल इसी को हथियार बनाकर  प्रदेश और केंद्र की सरकारों पर तीखे हमले कर रहे हैं। चूंकि RRS-BJP का शीर्ष नेतृत्व भली भांति जानता है कि केंद्र की राजनीति में यदि रहना है तो Uttar Pradesh की सत्ता हर कीमत पर चाहिए। ऐसे में RSS ने डैमेज को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है। 


पिछले चार दिन से RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले लगातार संगठन और BJP के शीर्ष नेतृत्व से अलग-अलग Meeting कर रहे हैं। बड़े सूत्रों की मानें तो Sunday को राजधानी Delhi में दत्तात्रेय होसबेल ने सबसे पहले UP (BJP) के संगठन मंत्री सुनील बंसल के साथ एक पर एक बैठक कर फीडबैक लिया। इसके बाद सुनील बंसल ने भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मीटिंग की। इन दो बैठकों के बाद दत्तात्रेय होसबोले, अमित शाह और जेपी नड्डा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई। सबसे आखिरी में अमित शाह, जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक हुई। यह बैठक रविवार की देर रात तक चली थी।

Delhi के बाद Lucknow पहुंचे दत्तात्रेय होसबोले

दिल्ली में कई दौर की Meeting में फीडबैक लेने के बाद दत्तात्रेय होसबोले Monday को Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow पहुंच गए। कुछ देर पहले तक जियामऊ विश्व संवाद केंद्र पर वह RSS के दिग्गज पदाधिकारियों (प्रचारकों) के साथ Meeting कर उनसे फीडबैक ले रहे हैं। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। अंदरखाने की मानें तो RSS के Alert होने की वजह BJP के परंपरागत वोट बैंक लोवर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास का बेहद नाराज होना बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के प्रबंधन में सरकार तो फेल हुई ही साथ ही साथ छोटे व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसकी नाराजगी हर दिन सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है। RSS के एक पदाधिकारी की मानें तो शीर्ष नेतृत्व ने पिछले दिनों पंचायत चुनाव में मिली हार को भी काफी गंभीरता से लिया है।

Uttar Pradesh में सियासी सरगर्मी काफी तेज

RSS और BJP शीर्ष नेताओं की Meeting के बाद Uttar Pradesh की सियासी सरगर्मी काफी तेज हो गई है। लखनऊ में बैठकों का दौर शुरु हो चुका है। माना जा रहा है कि दत्तात्रेय होसबोले अभी कई और बैठकें करेंगे। RSS के बड़े पदाधिकारी BJP (संगठन) से लेकर सूबे की सरकार तक में बदलाव के संकेत की बात कह रहे हैं। सरकार के कई मंत्रियों के दिल की धड़कन तेज हैं।


 

A.K Sharma का बढ़ेगा कद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी रिटायर्ड IAS Officer’s अरविंद कुमार शर्मा का कद बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। VRS लेने के कुछ दिन बाद ही बीजेपी नेतृत्व उन्हें विधान परिषद भेज चुका है। कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल के करीब 20 जिलों में अरविंद शर्मा की तरफ से आपदा प्रबंध के बेहतर मैनेजमेंट को देखते हुए उनको बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। खास बात ये भी है कि Monday की रात्रि को करीब आधा दर्जन गाड़ियों के काफिलों के साथ RSS के तमाम दिग्गज A.K Sharma के घर पर पहुंचे थे। यहां देर रात्रि तक लंबी मंत्रणा चली है।

30 May को राधामोहन भी पहुंचेगे Lucknow

संकेत इस बात के भी मिल रहे हैं कि 2022 में विधान सभा Election को जीतने के लिए कुछ बड़े फैसले हर हाल में लिए जाएंगे। इसके लिए शीर्ष नेतृत्व ने अपना ग्रीन सिग्नलजारी कर दिया है। एक डिप्टी सीएम को कल ही दिल्ली पहुंचने का निर्देश हाईकमान ने जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि इनकी सूबे की सियासत से विदाई कर केंद्र में या फिर राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, उत्तर प्रदेश (बीजेपी) के प्रदेश प्रभारी राधामोहन भी 30 May को लखनऊ पहुंच रहे हैं।

योगी कैबिनेट में रिक्त पड़े हैं 6 मंत्री पद

योगी सरकार में फिलहाल 6 मंत्रियों के पद अभी तक रिक्त पड़े हैं। लंबे समय से इनको भरा नहीं जा सका है। कुछ मंत्रियों का निधन हुआ है तो कुछ सांसद बन चुके हैं। चर्चा है कि करीब आधा दर्जन मंत्रियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें PMO के पास प्रमाण के साथ मौजूद हैं। ऐसे में इनकी विदाई पक्की मानी जा रही है। नए मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को शीर्ष नेतृत्व जगह दे सकता है।


-Murder के बाद दंगाइयों ने शव को नाले में फेंका

-चांदबाग एरिया में मिली Ankit Sharma की लाश

-छुट्टियां बिताने के लिए अपने घर पर आए थे Ankit Sharma

IB OfficerAnkit Sharma (File Photo)

 Yogesh Tripathi


Delhi के North-East एरिया में तीन दिन पहले Start हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। जगह-जगह तोड़फोड़, आगजनी, फायरिंग कर दंगाई दहशत फैला रहे हैं। इस बीच Delhi के भाजनपुरा स्थित चांदबाग इलाके से बड़ी खबर आ रही है। Intelligence Bureau (IB) के अफसर Ankit Sharma का शव पुलिस ने नाले से बरामद किया है। IB के Officer Ankit Sharma छुट्टियां बिताने के लिए घर आए थे। बताया जा रहा है कि दंगा फैलने पर वह अपने घर से बाहर निकले थे, लेकिन उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल रहा था। 





गौरतलब है कि देश की राजधानी Delhi के North-East इलाके भजनपुरा, खजूरी, जाफराबाद, में मंडे को हिंसा भड़की थी। अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है। दर्जनों लोग अस्पतालों में जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रहे हैं। दंगे में Delhi Police के एक हेड कांस्टेबल की भी मौत हो चुकी है। करोड़ों रुपए की संपत्तियां दंगाइयों ने आग के हवाले कर दी हैं। 



भजनपुरा इलाका इस हिंसा से काफी प्रभावित हुआ यहां मंगलवार को भी चांद बाग इलाके में हिंसक झड़प की तस्वीरें सामने आई थी। इसी बीच IB अधिकारी Ankit Sharma का शव मिलने से दहशत का माहौल है। बड़े सूत्रों के मुताबिक मुताबिक उनका शव चांद बाग के नाले से बरामद किया गया है। प्रारंभिक छानबीन में जो जानकारी आ रही है उसके मुताबिक Officer की ईंट-पत्थर से प्रहार कर हत्या की गई है। Murder की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मालुम हो सकेगी।