Articles by "Ajay Kapoor"
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  • लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शह-मात का दौर Start
  • Congress के “वजीर” ने बढ़ाई BJP की बेचैनी
  • कांग्रेस प्रत्याशी के बाद बीजेपी फाइनल करेगी प्रत्याशी का नाम
  • बड़े Media House ने BJP प्रत्याशी को लेकर किया सर्वे
  • सर्वे में सबसे ऊपर सतीश महाना का नाम
  • 51 फीसदी लोगों ने किया सतीश महाना के पक्ष में Vote


Yogesh Tripathi

Lok Sabha Election 24 का “सियासी पारा” चढ़ने लगा है। कांग्रेस और सपा के गठबंधन से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाईकमान भी चिंतित है। सपा सुप्रीमों Akhilesh Yadav ने तो तमाम सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी कर दी है। गठबंधन के तहत Akhilesh Yadav ने कांग्रेस को सूबे में 17 सीटें दी हैं। इन 17 सीटों में एक सीट Kanpur भी है। कानपुर से कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा...? यह फिलहाल किसी को नहीं मालुम है लेकिन शहर के एक दिग्गज ने सभी की धड़कने बढ़ा दी हैं। ये दिग्गज कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बिहार कांग्रेस के प्रभारी Ex.MLA अजय कपूर हैं। लखनऊ और दिल्ली में चर्चा है कि Congress अपने इस “वजीर” को चुनाव मैदान में उतार सकती है। अजय कपूर संभावित प्रत्याशिता की दावेदारी में अन्य लोगों से काफी आगे हैं। देर-सबेर हाईकमान उनके नाम पर अपनी “फाइनल मोहर” लगा सकता है। www.redeyestimes.com (News Portal) ने इस बाबत उत्तर प्रदेश (कांग्रेस) के मीडिया प्रमुख डॉक्टर चंद्रप्रकाश राय से जब बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अभी कानपुर सीट पर किसी का नाम फाइनल नहीं हुआ। लोकसभा प्रत्याशी का नाम दिल्ली में हाईकमान तय करेगा।

यूं तो कानपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के कई नेता टिकट मांग रहे हैं लेकिन मजबूत और ठोस दावेदारी अभी तक कोई नहीं कर सका है। सभी अपने-अपने आकाओं के जरिए दिल्ली-लखनऊ में पैरवी करवा रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान इस बार Kanpur सीट को लेकर खासा गंभीर है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि Ex.MLA अजय कपूर के नाम पर खासा मंथन किया जा रहा है। अजय कपूर के नाम पर हाईकमान कितना गंभीर है...? इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि तीन दिन पहले जब Rahul Gandh की “भारत जोड़ो न्याय यात्रा” शहर से निकली थी तो खुद Rahul Gandhi ने अजय कपूर को बुलाकर अपने वाहन में बैठाया और साथ लेकर चले। शायद शहर कांग्रेस कमेटी के लिए Rahul Gandhi का यह बड़ा संकेत था। दिल्ली में हलचल के बाद अब चर्चा कानपुर लोकसभा क्षेत्र में भी कांग्रेसी कर रहे हैं। चर्चा इस बात की भी है कि पिछले दो दिनों से अजय कपूर भी दिल्ली में ही हैं। उनके Right & Left Hand लोगों ने पुराने कार्यकर्तां की चौखट पर दस्तक भी देना Start कर दिया है।

“कांटे से कांटा” निकालने की रणनीति बना रही है BJP

उधर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपनी कमर कस ली है। देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थान ने कानपुर लोकसभा सीट पर BJP से प्रत्याशिता को लेकर एक सर्वे कराया है। इस सर्वे में एक दिग्गज नेता का नाम सबसे ऊपर है। ये नाम कोई और नहीं बल्कि भाजपा के कद्दावर नेता और विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना का है। सतीश महाना को सर्वे में 51 फीसदी वोट मिले। BJP हाईकमान भी इस बड़े Media House  के सर्वे को लेकर न सिर्फ गंभीर है बल्कि मंथन भी कर रहा है कि आखिर प्रत्याशी किसे बनाएं...? वर्तमान सांसद सत्यदेव पचौरी 70 की आयु पार कर चुके हैं। हालांकि “नमो एप” पर वह सबसे चर्चित और अच्छे सांसद हैं। “नमो एप” पर उनकी रैंकिंग टॉप पाइव में है। हाईकमान को सत्यदेव पचौरी के मिजाज को भी बखूबी जानता है।

 

अब देखना ये है कि बीजेपी Kanpur की सीट से किसे प्रत्याशी बनाएगा...? सत्यदेव पचौरी या फिर सतीश महाना...? हालांकि सतीश महाना की तरफ से अभी तक कोई दावेदारी खुलकर सामने नहीं आई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि Congress ने “वजीर” अजय कपूर को उम्मींदवार घोषित किया तो फिर BJP किसे अपना “बादशाह” बनाएगी।...? BJP ने यदि सतीश महाना को प्रत्याशी बनाया तो “चुनावी दंगल” देखने लायक होगा। वजह ये है कि सतीश महाना और अजय कपूर की आपस में रिश्तेदारी है। शायद यही वजह है कि BJP ने “कांटे से कांटा” निकालने की रणनीति बनानी अभी से Start कर दी है। देखना अब ये दिलचस्प होगा कि बीजेपी कानपुर सीट पर सत्यदेव पचौरी को रिपीट करती है या फिर सर्वे को गंभीरता से लेते हुए सतीश महाना को प्रत्याशी बनाती है। या फिर दो पुराने दिग्गजों की “नूराकुश्ती” में कोई तीसरा बाजी मारता है...? क्यों कि कानपुर सीट से प्रबल दावेदारी BJP के एक चर्चित विधायक भी कर रहे हैं।  

कभी Congress का मजबूत “किला” था Kanpur

Kanpur कभी कांग्रेस का मजबूत “किला” हुआ करता था लेकिन वर्ष 89 के लोकसभा चुनाव में कम्युनिस्ट नेत्री सुभाषिनी अली ने कांग्रेस के इस किले में “सेंध” लगा दी। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद केसरिया भगवा लहराया और कैप्टन पंडित जगतवीर सिंह द्रोण कई बार चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे। समय ने एक बार फिर करवट बदली और कांग्रेस ने पूर्व मेयर श्रीप्रकाश जायसवाल को टिकट दे दिया। श्रीप्रकाश जायसवाल ने बीजेपी से यह सीट छीनकर वापस कांग्रेस को दे दी। 2009 में श्रीप्रकाश जायसवाल जब चुनाव जीतकर संसद पहुंचे तो कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें कोयला मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया।

Modi लहर में फिर हार गई Congress

2014 की मोदी लहर में BJP ने इस सीट से वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को चुनाव के मैदान में उतारा। मुरली मनोहर जोशी ब्राम्हण बाहुल्य कानपुर सीट से भारी वोटों के अंतराल से जीते। श्रीप्रकाश जायसवाल चुनाव हार गए। 2019 में BJP ने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के मंत्री और गोविंदनगर से विधायक सत्यदेव पचौरी को प्रत्याशी बनाया। सत्यदेव पचौरी ने 2019 के चुनाव में श्रीप्रकाश जायसवाल को भारी मतों से हराया।

तीन विधान सभा में हैं अजय कपूर का तगड़ा Network

अजय कपूर की प्रत्याशिता के पीछे कांग्रेस हाईकमान ने कई तरह के फीडबैक लिया हैं। राष्ट्रीय सचिव बनने के बाद बिहार का प्रभार मिला तो अजय कपूर ने बेहद संजीदा ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया। साथ ही साथ वह कानपुर में भी Active रहे। तीन बार विधायक रहे अजय कपूर का Network शहर की तीन विधान सभाओं में ठीक है। किदवईनगर जहां से वह लगातार दो बार हारे हैं। गोविंदनगर और कैंट विधान सभा। पंजाबी होने के साथ-साथ व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग भी उनके परिवार से जुड़ा है। नब्बे के दशक में अजय कपूर ने सभासद का चुनाव जीतकर अपने सक्रिय राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की थी। उसके बाद वह गोविंदनगर सीट पर लगातार भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री बालचंद्र मिश्रा से कई बार चुनाव हारे। आखिर में अजय कपूर को जीत मिली और उन्होंने बालचंद्र मिश्रा को चुनाव में हरा दिया।

 

  • Kanpur Lok Sabha Election 2024 कांग्रेस के खाते में में जाने की संभावना
  • अजय, आलोक, करिश्मा, समेत कई संभावित दावेदार
  • अजय कपूर और आलोक मिश्रा जमकर बहा रहे हैं पसीना
  • जल्द ही Kashma Thakur भी करेंगी दावेदारी



Yogesh Tripathi

Lok Sabha Election 2024 का शंखनाद होने में अब सिर्फ कुछ महीने ही बचे हैं। एक तरफ Congress की अगुवाई वाला INDIA गठबंधन है तो दूसरी तरफ BJP का NDA गठबंधन। देश के सबसे बड़े राज्य Uttar Pradesh पर दोनों ही गठबंधनों की नजर है। यूपी में लोकसभा की कुल 80 सीटे हैं। जिसमें पिछली बार सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी 62 सीटें जीती थी। चर्चा है कि Kanpur Hot Seat एक बार फिर INDIA के प्रमुख दल कांग्रेस के खाते में जाएगी। मतलब साफ है कि कानपुर से कांग्रेस अपना प्रत्याशी “चुनावी रणभूमि” में उतारेगी। Congress का चुनावी योद्धा कौन होगा...? यह फैसला हाईकमान लेगा लेकिन इस बीच कुछ संभावित दावेदारों ने अपनी “गणेश परिक्रमा” Start कर दी है। बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से लेकर हाईकमान तक के “सिस्टम” मजबूत बनाया जा रहा है। अभी तक करीब आधा दर्जन संभावित दावेदारों की दावेदारी दिखाई दे रही है।


Ex.MLA अजय कपूर और मेयर का चुनाव लड़ चुकी बंदना मिश्रा के पति आलोक मिश्रा की दावेदारी सबसे अधिक दिखाई दे रही है। दोनों ही दिग्गज कांग्रेसी शहर में आयोजित हर बड़े-छोटे कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। ये दोनों ही दावेदार अपने-अपने Super Power “Singh” के भरोसे हैं। एक की Super Power दिल्ली में है तो दूसरे की लखनऊ में...। एक की Power पिछले दिनों घोषित कांग्रेस वर्किंग कमेटी में भी है लेकिन दूसरे की खत्म हो गई है। एक शहर के South एरिया में जड़ों को मजबूत कर रहे हैं तो दूसरे North में अपने कार्यकर्तां की संख्या बढ़ा रहे हैं। Social Media पर भी ये दोनों दिग्गज जनता से संवाद और संपर्क बना रहे हैं। कुल मिलाकर ये कह सकते हैं कि अभी तक की Picture में इन दोनों की ही दावेदारी सबसे तगड़ी है।


इन दोनों के बीच सबसे दिलचस्प नाम सामने आ रहा है वो है Karishma Thakur । दिल्ली यूनिवर्सिटी से छात्र राजनीति का “ककहरा” सीखने वाली Karishma Thakur गोविंदनगर विधान सभा से पहली बार 2019 में कांग्रेस के टिकट पर विधायकी का उपचुनाव लड़ी थीं। उसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने उन पर 2022 के चुनाव में भी भरोसा जताते हुए गोविंदनगर सीट से प्रत्याशी बनाया लेकिन दोनों ही बार वह भाजपा के सुरेंद्र मैथानी से पराजित हुईं। कांग्रेसजनों में चर्चा है कि करिश्मा को किसी के पैरवी की आवश्यकता नहीं है। प्रियंका गांधी, राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक उनको जानती हैं। चर्चा इस बात की भी है कि नवरात्रि से करिश्मा भी खुलकर दावेदारी प्रस्तुत कर सकती हैं। हरियाणा कांग्रेस के एक दिग्गज नेता का भी आशीर्वाद उन पर है। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने यदि किसी महिला को टिकट देने के लिए मूड बनाया तो निश्चित तौर पर Karishma Thakur का नाम सबसे ऊपर होगा।


मदन मोहन शुक्ला, अधिवक्ता नरेश त्रिपाठी, भूधर नारायण मिश्रा समेत कई पुराने और दिग्गज कांग्रेसी भी संभावित प्रत्याशी के तौर पर देखे जा रहे हैं। मदन मोहन शुक्ला Social Media पर थोड़ा खुलकर सामने आ रहे हैं लेकिन भूधर नारायण मिश्रा अभी भी “बैकफुट” पर ही खेल रहे हैं। बार एसोशिएशन का पूर्व अध्यक्ष नरेश त्रिपाठी का कहना है कि मैं लोकसभा का टिकट हाईकमान से मांग रहा हूं। पुराना कांग्रेसी कार्यकर्ता हूं। यदि हाईकमान ने टिकट दिया तो चुनाव लड़ूंगा।

राजनीति के जानकारों का कहना है कि ब्राम्हण बाहूल इस सीट पर कांग्रेस का लंबे समय तक दबदबा रहा है। 89 के चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी की सुभाषिनी अली चुनाव जीती थीं। उसके बाद हुए चुनाव में लगातार तीन बार भाजपा के टिकट पर कैप्टन पंडित जगतवीर सिंह द्रोण सांसद बने। इसके बाद वर्ष 1999 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल जीते। श्रीप्रकाश जायसवाल वर्ष 2004 और 2009 में भी चुनाव जीते थे। 2014 में भाजपा ने यहां से अपने शीर्ष नेता मुरली मनोहर जोशी को चुनाव में उतारा। मुरली मनोहर जोशी ने तब निवर्तमान केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को ढाई लाख वोटों के भारी अंतर से चुनाव हराया। 2019 में भाजपा ने एक बार फिर ब्राम्हण चेहरे पर दांव लगाते हुए Yogi Adityanath सरकार में कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी को टिकट दे दिया। जबकि कांग्रेस ने अपने पुराने चेहरे श्रीप्रकाश जायसवाल पर ही दांव लगाया। सत्यदेव पचौरी ने श्रीप्रकाश जायसवाल को करीब डेढ़ लाख वोटों के भारी अंतर से चुनाव हरा दिया।

Congress ने ब्राम्हण चेहरा उतारा तो आसान नहीं होगी BJP की राह

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मानें तो यदि हाईकमान ने कोई मजबूत ब्राम्हण चेहरा लोकसभा चुनाव में उतारा तो सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। कांग्रेसियों का तर्क है कि ब्राम्हण बाहूल कानपुर सीट पर अभी तक जो वोटों का बिखराव होता था वो नहीं होगा। ब्राम्हण, के साथ सवर्ण वोट और मुस्लिम वोट तो मिलेंगे ही साथ ही साथ 10 साल की सत्ता विरोधी लहर के भी वोट INDIA गठबंधन के प्रत्याशी को मिलेंगे। कुल मिलाकर चुनाव दिलचस्प होगा।

 

 2004 का लोकसभा चुनाव चुनाव

·        कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल को 211109 मत हासिल किए और जीते।

·         बीजेपी के सत्यदेव पचौरी को 205471 मतों से दूसरे नंबर पर रहे।

·         सपा के हाजी मुश्ताक सोलंकी को 159361 मत हासिल कर तीसरे पायदान पर रहे।

·         बीएसपी के अनुभव को 27962 वोट मिले।

2009 का लोकसभा चुनाव चुनाव

  कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल 214988 वोटों से जीतकर संसद पहुंचे।

·         बीजेपी के सतीश महाना को 196082 वोट मिले।

·         बीएसपी की सुखदा मिश्रा 48374 मतों से तीसरे नंबर पर रहीं।

·         सपा के सुरेंद्र मोहन अग्रवाल को 34919 वोट मिले।

2014 का लोकसभा चुनाव चुनाव


·     बीजेपी के डॉ. मुरली मनोहर जोशी 474712 वोट हासिल कर जीते।

·      कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल को 251766 मत मिले।

·       बीएसपी के सलीम अहमद ने 53218 वोट हासिल  किए।

·       सपा के सुरेंद्र मोहन अग्रवाल को 25723 मत मिले।

2019 का लोकसभा चुनाव परिणाम


·     BJP के सत्यदेव पचौरी 4,68,937 पाकर चुनाव जीते।

·     कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल को 313,003 वोट मिले।

·     सपा के रामकुमार 48,275 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। 

 

कांग्रेस प्रत्याशी अजय कपूर के खिलाफ गोविंदनगर के गांधी स्मारक कॉलेज के बाहर हूटिंग के बाद मौके पर भारी पुलिस बल बुलाया गया।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh Election 2022 : तीसरे चरण की मतदान प्रक्रिया खत्म हो गई है। गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के बाहर कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ बीजपी समर्थकों की नारेबाजी से माहौल काफी गर्मा गया। जिसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी Ajay Kapoor और BJP उम्मींदवार महेश त्रिवेदी की सिक्योरिटी को जिला प्रशासन ने काफी कड़ा कर दिया गया।  वोटिंग खत्म होते ही बवाल की आशंका के मद्देनजर पुलिस फोर्स ने दोनों प्रत्याशियों को कड़ी सुरक्षा में उनके घर पहुंचाया। South City के अंतर्गत आने वाले सभी थानेदारों को सघन गश्त के आदेश अफसरों ने दिए हैं ताकि दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच किसी भी प्रकार के बवाल को टाला जा सके। खुफिया इकाइयों के अफसर भी किदवईनगर विधान सभा के "चुनाव और तनाव" को लेकर पल-पल Update लेते रहे। गौरतलब है कि वर्ष 2017 के चुनाव में दोनों प्रत्याशियों के बीच गोविंदनगर में जमकर संघर्ष हुआ था। इसे लेकर पहले से ही बवाल की आशंका के मद्देनजर Alert जारी था। शाम 6 बजे मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद जिले के प्रशासनिक अफसरों ने राहत भरी सांस ली।

प्रत्याशियों के समर्थकों को ताकीद देतीं IPS Officer रवानी त्यागी।

जानकारी के मुताबिक बर्रा में झड़प के बाद जूही हरी कालोनी में भी भाजपा समर्थकों ने माहौल को गर्म करने का प्रयास किया। हालांकि यहां पर पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर पूर्व पार्षद संदीप जायसवाल और उनके समर्थकों की पिटाई कर सख्त लहजे में ताकीद दे दी। www.redeyestimes.com (News Portal) को मिली जानकारी के मुताबिक शाम करीब 5 बजे गांधी स्मारक पोलिंग बूथ के सामने से कांग्रेस प्रत्याशी अजय कपूर अपनी गाड़ी से निकल रहे थे तो वहां मौजूद BJP Worker's ने नारेबाजी शुरु कर दी। जवाब में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी शुरु की। जिसके बाद माहौल गर्म होने लगा। खबर मिलते ही पुलिस के आला अफसर तुरंत गांधी स्मारक के लिए रवाान हो गए। मौके पर पहुंचे अफसरों ने किसी तरह दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थकों को खदेड़कर माहौल को शांत कराया। अफसरों के आदेश पर यहां शाम 5 बजे से मतदान खत्म होने तक भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। जानकारी के मुताबिक गोविंद नगर के सभी मतदान केंद्रो पर पुलिस प्रशासन की व्यवस्था अन्य जगहों से अधिक की गई थी। यही नहीं भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के वाहनों के पीछे-पीछे पुलिस की गाड़ियां लगातार चलती रहीं ताकि कहीं कोई बड़ा बवाल न हो जाए।

मोहन विद्या मंदिर मतदान केंद्र के बाहर विवाद के बाद अफसरों से बातचीत करते विजय कपूर।

इसके बाद जिले के आला अफसरों ने किसी भी तरह के बवाल की आशंका के मद्देनजर दोनों प्रत्याशियों को पुलिस की सुरक्षा में उनके घर और ऑफिस पहुंचाने का फैसला ले लिया। प्रत्याशियों को घर और ऑफिस छोड़ने के बाद चौराहों और सड़कों पर बेवजह घूम रहे समर्थकों को भी पुलिस ने सख्त ताकीद देकर घर जाने की आदेश दिया।  पुलिस की गाड़ियां लगातार संवेदनशील प्वाइंट पर गश्त कर रही हैं।

इससे पहले संडे की सुबह जब मतदान प्रक्रिया शुरु हुई तो मोहन विद्या मंदिर की पोलिंग पर बस्ता लगाने को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी अजय कपूर के भाई विजय कपूर की पुलिस कर्मियों से बहस हुई। एक अधिकारी ने वहां पर काफी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद से लगातार कांग्रेस प्रत्याशी और उनके समर्थक पुलिस अफसरों और केंद्रीय चुनाव आयोग को पल-पल का Update देकर वोटिंग प्रक्रिया बेहद शांत ढंग से करवाने की गुहार लगाने लगे। खुद कांग्रेस प्रत्याशी अजय कपूर ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाकर शिकायत केंद्रीय चुनाव आयोग से करने की बात मीडिया से कही। 



  • पंडित सूर्य नारायण स्कूल पर भाजपाइयों को पुलिस ने पीटा
  • पूर्व पार्षद संदीप जायसवाल को भी Kanpur Police ने नहीं बख्शा
  • थप्पड़ और तमाचा जड़ने के बाद दो को टांग ले गई पुलिस

पंडित सूर्यनारायण पोलिंग पर थप्पड़ की बौंछार करने के बाद धक्का देकर एक भाजपा कार्यकर्ता को खदेड़ती Kanpur Police

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh Election 2022 : कांग्रेस प्रत्याशी Ajay Kapoor और उनके समर्थकों की तरफ से लगातार प्रशासनिक अफसरों व केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजी जा रही शिकायतों के बाद अंतत: Kanpur Police एक्टिव मोड में आ गई। South City स्थित हरी कालोनी के पास पंडित सूर्य नारायण बूथ पर अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे भाजइयों को पुलिस ने खींच कर सरेराह पिटाई की। पुलिस ने पूर्व पार्षद संदीप जायसवाल को भी नहीं बख्शा। बाल खींचकर पुलिस ने उन्हें कानून को हाथ में न लेने की ताकीद दे डाली। पुलिस के Action की कुछ फोटो सोशल मीडिया पर Viral हो रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हरी कालोनी स्थित पंडित सूर्यनारायण पोलिंग बूथ पर BJP की तरफ से पूर्व पार्षद संदीप जायसवाल (बिल्लू) कार्यकर्ताओं के साथ सुबह से ही डेरा जमाए थे। हरी कालोनी का एरिया मिश्रित आबादी वाला है। खबरों की मानें तो पोलिंग बूथ पर कई बार अनावश्यक तरीके से नारेबाजी कर भाजपाइयों ने माहौल को गर्म करने की कोशिश की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सूचना पुलिस को दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षेत्रीय लोगों से भी बातचीत की। इसके बाद वहां पर पुलिस का पहरा और गहरा करने की बात अफसरों ने की। इस पर क्षेत्र के लोगों ने कहा कि जनता के बीच ऐसा कुछ भी नहीं है। दोनों ही वर्ग के लोग आराम से वोटिंग कर रहे हैं। थोड़ी देर बाद फिर सूचना मिलने पर पुलिस बल पहुंचा। इस बार कुछ भाजपाई हत्थे चढ़ गए। जिस पर पुलिस ने खींचकर पिटाई की।

विरोध कर रहे क्षेत्रीय पार्षद अल्पना जायसवाल के पति और पूर्व पार्षद संदीप जायसवाल को भी पुलिस अफसरों ने नहीं बख्शा। सड़क पर ही उनके बाल खींचकर कानून के दायरे में रहने की नसीहत पुलिस ने उनको दे डाली। चर्चा है कि पुलिस ने उन्हें थप्पड़ भी जड़े। इसके बाद दो लोगों को पुलिस वहां से टांग ले गई। हालांकि किदवईनगर पुलिस ने किसी को थाने लाने की बात से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि मतदान में जो भी व्यक्ति बाधा डालेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाअगा। फिर वह चाहे किसी भी राजनीतिक दल का कार्यकर्ता ही क्यों न हो।

गौरतलब है कि किदवईनगर में प्रत्याशियों के बीच तनाव का माहौल चुनाव के पहले से ही बना हुआ है। यहां कई बार जनसंपर्क के दौरान भी टकराहट होते-होते बची है। 2017 के चुनाव में दोनों ही प्रत्याशियों के बीच संघर्ष तक हो चुका है। इस लिए खुफिया इकाइयां भी यहां पर पल-पल की रिपोर्ट ले रही हैं। प्रशासन भी अलर्ट है।