• लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शह-मात का दौर Start
  • Congress के वजीरने बढ़ाई BJP की बेचैनी
  • कांग्रेस प्रत्याशी के बाद बीजेपी फाइनल करेगी प्रत्याशी का नाम
  • बड़े Media House ने BJP प्रत्याशी को लेकर किया सर्वे
  • सर्वे में सबसे ऊपर सतीश महाना का नाम
  • 51 फीसदी लोगों ने किया सतीश महाना के पक्ष में Vote


Yogesh Tripathi

Lok Sabha Election 24 का सियासी पाराचढ़ने लगा है। कांग्रेस और सपा के गठबंधन से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाईकमान भी चिंतित है। सपा सुप्रीमों Akhilesh Yadav ने तो तमाम सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी कर दी है। गठबंधन के तहत Akhilesh Yadav ने कांग्रेस को सूबे में 17 सीटें दी हैं। इन 17 सीटों में एक सीट Kanpur भी है। कानपुर से कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा...? यह फिलहाल किसी को नहीं मालुम है लेकिन शहर के एक दिग्गज ने सभी की धड़कने बढ़ा दी हैं। ये दिग्गज कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बिहार कांग्रेस के प्रभारी Ex.MLA अजय कपूर हैं। लखनऊ और दिल्ली में चर्चा है कि Congress अपने इस वजीर को चुनाव मैदान में उतार सकती है। अजय कपूर संभावित प्रत्याशिता की दावेदारी में अन्य लोगों से काफी आगे हैं। देर-सबेर हाईकमान उनके नाम पर अपनी फाइनल मोहर लगा सकता है। www.redeyestimes.com (News Portal) ने इस बाबत उत्तर प्रदेश (कांग्रेस) के मीडिया प्रमुख डॉक्टर चंद्रप्रकाश राय से जब बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अभी कानपुर सीट पर किसी का नाम फाइनल नहीं हुआ। लोकसभा प्रत्याशी का नाम दिल्ली में हाईकमान तय करेगा।

यूं तो कानपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के कई नेता टिकट मांग रहे हैं लेकिन मजबूत और ठोस दावेदारी अभी तक कोई नहीं कर सका है। सभी अपने-अपने आकाओं के जरिए दिल्ली-लखनऊ में पैरवी करवा रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान इस बार Kanpur सीट को लेकर खासा गंभीर है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि Ex.MLA अजय कपूर के नाम पर खासा मंथन किया जा रहा है। अजय कपूर के नाम पर हाईकमान कितना गंभीर है...? इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि तीन दिन पहले जब Rahul Gandh की भारत जोड़ो न्याय यात्राशहर से निकली थी तो खुद Rahul Gandhi ने अजय कपूर को बुलाकर अपने वाहन में बैठाया और साथ लेकर चले। शायद शहर कांग्रेस कमेटी के लिए Rahul Gandhi का यह बड़ा संकेत था। दिल्ली में हलचल के बाद अब चर्चा कानपुर लोकसभा क्षेत्र में भी कांग्रेसी कर रहे हैं। चर्चा इस बात की भी है कि पिछले दो दिनों से अजय कपूर भी दिल्ली में ही हैं। उनके Right & Left Hand लोगों ने पुराने कार्यकर्तां की चौखट पर दस्तक भी देना Start कर दिया है।

कांटे से कांटा निकालने की रणनीति बना रही है BJP

उधर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपनी कमर कस ली है। देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थान ने कानपुर लोकसभा सीट पर BJP से प्रत्याशिता को लेकर एक सर्वे कराया है। इस सर्वे में एक दिग्गज नेता का नाम सबसे ऊपर है। ये नाम कोई और नहीं बल्कि भाजपा के कद्दावर नेता और विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना का है। सतीश महाना को सर्वे में 51 फीसदी वोट मिले। BJP हाईकमान भी इस बड़े Media House  के सर्वे को लेकर न सिर्फ गंभीर है बल्कि मंथन भी कर रहा है कि आखिर प्रत्याशी किसे बनाएं...? वर्तमान सांसद सत्यदेव पचौरी 70 की आयु पार कर चुके हैं। हालांकि नमो एप पर वह सबसे चर्चित और अच्छे सांसद हैं। नमो एप पर उनकी रैंकिंग टॉप पाइव में है। हाईकमान को सत्यदेव पचौरी के मिजाज को भी बखूबी जानता है।

 

अब देखना ये है कि बीजेपी Kanpur की सीट से किसे प्रत्याशी बनाएगा...? सत्यदेव पचौरी या फिर सतीश महाना...? हालांकि सतीश महाना की तरफ से अभी तक कोई दावेदारी खुलकर सामने नहीं आई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि Congress ने वजीर अजय कपूर को उम्मींदवार घोषित किया तो फिर BJP किसे अपना बादशाह बनाएगी।...? BJP ने यदि सतीश महाना को प्रत्याशी बनाया तो चुनावी दंगलदेखने लायक होगा। वजह ये है कि सतीश महाना और अजय कपूर की आपस में रिश्तेदारी है। शायद यही वजह है कि BJP ने कांटे से कांटा निकालने की रणनीति बनानी अभी से Start कर दी है। देखना अब ये दिलचस्प होगा कि बीजेपी कानपुर सीट पर सत्यदेव पचौरी को रिपीट करती है या फिर सर्वे को गंभीरता से लेते हुए सतीश महाना को प्रत्याशी बनाती है। या फिर दो पुराने दिग्गजों की नूराकुश्ती में कोई तीसरा बाजी मारता है...? क्यों कि कानपुर सीट से प्रबल दावेदारी BJP के एक चर्चित विधायक भी कर रहे हैं।  

कभी Congress का मजबूत किला था Kanpur

Kanpur कभी कांग्रेस का मजबूत किला हुआ करता था लेकिन वर्ष 89 के लोकसभा चुनाव में कम्युनिस्ट नेत्री सुभाषिनी अली ने कांग्रेस के इस किले में सेंध लगा दी। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद केसरिया भगवा लहराया और कैप्टन पंडित जगतवीर सिंह द्रोण कई बार चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे। समय ने एक बार फिर करवट बदली और कांग्रेस ने पूर्व मेयर श्रीप्रकाश जायसवाल को टिकट दे दिया। श्रीप्रकाश जायसवाल ने बीजेपी से यह सीट छीनकर वापस कांग्रेस को दे दी। 2009 में श्रीप्रकाश जायसवाल जब चुनाव जीतकर संसद पहुंचे तो कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें कोयला मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया।

Modi लहर में फिर हार गई Congress

2014 की मोदी लहर में BJP ने इस सीट से वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को चुनाव के मैदान में उतारा। मुरली मनोहर जोशी ब्राम्हण बाहुल्य कानपुर सीट से भारी वोटों के अंतराल से जीते। श्रीप्रकाश जायसवाल चुनाव हार गए। 2019 में BJP ने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के मंत्री और गोविंदनगर से विधायक सत्यदेव पचौरी को प्रत्याशी बनाया। सत्यदेव पचौरी ने 2019 के चुनाव में श्रीप्रकाश जायसवाल को भारी मतों से हराया।

तीन विधान सभा में हैं अजय कपूर का तगड़ा Network

अजय कपूर की प्रत्याशिता के पीछे कांग्रेस हाईकमान ने कई तरह के फीडबैक लिया हैं। राष्ट्रीय सचिव बनने के बाद बिहार का प्रभार मिला तो अजय कपूर ने बेहद संजीदा ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया। साथ ही साथ वह कानपुर में भी Active रहे। तीन बार विधायक रहे अजय कपूर का Network शहर की तीन विधान सभाओं में ठीक है। किदवईनगर जहां से वह लगातार दो बार हारे हैं। गोविंदनगर और कैंट विधान सभा। पंजाबी होने के साथ-साथ व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग भी उनके परिवार से जुड़ा है। नब्बे के दशक में अजय कपूर ने सभासद का चुनाव जीतकर अपने सक्रिय राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की थी। उसके बाद वह गोविंदनगर सीट पर लगातार भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री बालचंद्र मिश्रा से कई बार चुनाव हारे। आखिर में अजय कपूर को जीत मिली और उन्होंने बालचंद्र मिश्रा को चुनाव में हरा दिया।

 

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