Articles by "घनश्याम सिंह"
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उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की Kanpur (Unit) ने गुरुवार को स्टॉफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) की परीक्षा पेपर सॉल्वर गिरोह के एक सदस्य मान सिंह यादव को Arrest कर लिया। पकड़े गए सॉल्वर का एक साथी प्रयागराज जनपद निवासी मुकेश कुमार प्रजापति भाग निकला। उसकी तलाश की जा रही है। सॉल्वर गिरोह के नेटवर्क कई राज्यों में हैं। अभ्यार्थियों से मोटी रकम के बदले गिरोह परीक्षा में सॉल्वर को बैठाने का काम करता है। STF की टीम गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है।


[caption id="attachment_19850" align="alignnone" width="695"] UPSTF की (Kanpur Unit) के हत्थे चढ़ा पेपर सॉल्वर गिरोह का सदस्य प्रयागराज निवासी मान सिंह यादव।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


STF इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह की अगुवाई में सफलता


प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों रुपए लेकर अभ्यार्थियों के बदले बैठने वाले पेपर सॉल्वर गिरोह की STF इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह ने कमर तोड़ रखी है। श्रीसिंह ने 6 महीने के दौरान अब तक करीब दर्जन भर से अधिक बड़े गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इसमें सबसे अधिक गिरोह बिहार प्रांत के हैं। अब तक करीब दो दर्जन से अधिक सॉल्वर गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। गुरुवार को भी इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह की अगुवाई में STF की टीम ने कानपुर के कल्याणपुर स्थित केशवपुरम इलाके में प्रयागराज जनपद के गांव ताजुद्दीन थाना थरवई निवासी सॉल्वर मान सिंह यादव को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

प्रश्न-पत्र आउट कराने में भी माहिर है गिरोह


STF के मुताबिक पकड़ा गया मान सिंह यादव लंबे समय से पेपर सॉल्वर गिरोह के लिए काम कर रहा है। यूपी के साथ-साथ वो कई अन्य प्रांतों में भी मोटी रकम लेकर अभ्यार्थी के बदले परीक्षाएं दे चुका है। पूछताछ में मान सिंह ने बताया कि गिरोह के लोग प्रश्न-पत्र आउट कराने के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपने सॉल्वर को बैठाते हैं। इसके बदले लाखों की मोटी डील की जाती है।

गिरोह का मुख्य सरगना करता है फोटो तैयार


मानसिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना प्रयागराज निवासी गोपाल प्रसाद है। गोपाल अपने दोस्त अमित के साथ मिलकर फर्जी परिचय पत्र बनाने के साथ मिक्सिंग के जरिए फोटो भी तैयार करता है। इसी फोटो को गिरोह प्रयोग में लाता है। 5 से लेकर 10 लाख रुपए तक की डील अभ्यार्थी से की जाती है। रुपए मिलने के बाद सॉल्वर को सेंटर तक पहुंचाया जाता है। सॉल्वर को 10 से 50 हजार रुपए के बीच तक रकम दी जाती है।

गिरफ्तार सॉल्वर के पास से बरामदगी


पकड़े गए सॉल्वर के पास से एसटीएफ की टीम ने मिक्सिंग के जरिए तैयार एक फर्जी एडमिट कार्ड, मिक्सिंग से ही तैयार किया गया फर्जी आधार कार्ड, सॉल्वर और अभ्यार्थी की मिक्सिंग से तैयार कूटरचित फोटो, 900 रुपए की नकदी बरामद की है। पकड़े गए सॉल्वर की कल्याणपुर थाने में लिखापढ़ी की जा रही है।

 

 

 

IPL Cricket Match (@IPL) में सट्टा लगाने वाले कई सटोरियों को उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) ने Kanpur के अलग-अलग थाना एरिया से धर दबोचा। UPSTF की तरफ से ये बड़ी कार्रवाई प्रदेश में कई और जगहों पर सटीक सूचना के बाद की गई। वाराणसी में भी कई सटोरियों को Arrest किया गया है। STF की Kanpur (Unit) के Inspector घनश्याम सिंह के मुताबिक सटोरियों का खाड़ी मुल्क दुबई में आना-जाना है। सभी के कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। अभी तक की पूछताछ में सटोरियों ने बताया कि देश भर के सभी बड़े शहरों और प्रदेशों में उनका तगड़ा नेटवर्क है।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1116016759545270272

Yogesh Tripathi


नौबस्ता और बर्रा में मिली STF को सफलता


STF की टीम ने कानपुर के कई थाना एरिया में मुखबिरों और सर्विलांस सेल सेल से मिली लोकेशन के बाद छापे की कार्रवाई की। टीम को नौबस्ता और बर्रा में सफलता मिली। दोनों जगहों से पांच सटोरियों जितेंद्र उर्फ जीतू, आशीष, सुमित, मोहित और हिमांशु को टीम ने Arrest किया। पकड़े गए सटोरियों का नेटवर्क एक है। इसी तरह वाराणसी में भी STF ने तीन सटोरियों अशोक सिंह, सुनील पाल और विक्की खान को दबोचा है।


गैंग के सरदार जीतू का है दुबई से कनेक्शन


STF के हत्थे चढ़े सटोरियों का सरदार जितेंद्र कुमार शिवहरे उर्फ जीतू है। जीतू मूलतः पड़ोसी जनपद फतेहपुर का रहने वाला है लेकिन लंबे समय से वो कानपुर में रह रहा है। शहर के बर्रा एरिया में उसने अपना मकान भी खरीद रखा है। जीतू का अक्सर दुबई आना-जाना लगा रहता है। जितेंद्र शिवहरे उर्फ जीतू यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका (USA) में भी रह चुका है। दुबई में उसने लंबे समय तक ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम भी किया है। छानबीन में पता चला है कि जीतू ने कानपुर, फतेहपुर, लखनऊ, प्रयागराज और मुंबई में कई बेशकीमती मकान भी इसी अनैतिक कारोबार के जरिए खरीदे हैं।

देश के हर बड़े शहर और प्रांत में है गिरोह का नेटवर्क


पूछताछ में सटोरियों ने STF को बताया कि गिरोह का नेटवर्क देश के सभी प्रांतों और बड़े शहरों में है। मुंबई में ये कारोबार बेहद बड़े पैमाने पर गिरोह के लोग कर रहे हैं। कानपुर के भी कई एरिया में गिरोह ऑनलाइन सट्टा कारोबार को संचालित कर रहा है। इसके लिए काफी हाईटेक व्यवस्थाएं कर गिरोह ने कांफ्रेंसिंग डिवाइस तक अपने पास रखी है। जिसके जरिए एक बार में 10 लोगों से मोबाइल पर कांफ्रेंसिंग की जा सकती है। जीतू ने पूछताछ में बताया कि ये डिवाइस उसने दिल्ली से मंगवाई है। जो पासबुक सटोरियों के पास से मिली हैं वो भी मुंबई के एक बैंक की बताई जा रही है। गिरोह ऑनलाइन के साथ चेक के जरिए भी पेमेंट करता है।

हाईटेक तकनीकि से लैस है सटोरियों का गिरोह


पकड़े गए सटोरिए काफी हाईटेक तकनीकि का इस्तेमाल कर रहे थे। सटोरियों के पास से दो ऑनलाइन बेट्टींग बॉक्स भी बरामद हुए है। एक बॉक्स से 10- 10 बुकी एक साथ ऑनलाइन बेट्टींग कर सकते हैं। इसमें माइक और स्पीकर की भी व्यवस्था है। साथ ही (conversation) को रिकॉर्ड किये जाने की सुविधा भी है। इतना ही नहीं बेट्टींग विवाद की दशा मे रिकॉर्डिंग सुनाकर कर बुकी मामले को सुलझा भी लेते हैं।

ऑनलाइन ऐप्प ऑरेंज को सटोरियों ने लैपटॉप पर लोड कर रखा है। इसी के जरिए बुकी जीतू को भाव का पता चलता है। जिसे बाद में वो बेटिंग बॉक्स से लगे माइक से announcement कर ऑनलाइन फोन के मध्यम से छोटे सटोरियों को देता है।

लग्जरी गाड़ियों से फर्राटा भरते हैं शहर के सटोरिए


STF के मुताबिक मौके से फरार अजय सिंह की fortuner गाडी और जीतू की mercedes कार को बरामद किया गया है। साथ ही दोनों जगहों पर छापेमारी के दौरान लाखों की नकदी भी मिली है। कई डायरियां और मोबाइल नंबर भी टीम के हाथ लगे हैं। गिरोह हमेशा स्थान बदल-बदल कर गोरख कारोबार को संचालित करता है।

13 मार्च को दुबई गया था आशीष


छानबीन में पता चला है कि पकड़ा गया सटोरिया 13 मार्च 2019 को दुबई गया था। वहां कई दिनों तक रहने के बाद वो कानपुर दो दिन पहले ही आया है। आशीष ने बताया कि शुरु में उसने बुकी का कारोबार शुरु किया था। दिल्ली में वो गोल्ड की ब्रोकरी का काम करता था। पूछताछ में पता चला है कि यूपी से कई शहरों से लोग इस अनैतिक कारोबार से जुड़े हैं। जिसमें रायपुर ,अजमेर ,जयपुर , मुंबई ,दिल्ली, दुबई, कानपुर, लखनऊ के बुकी हैं।

 

 

 

उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की Kanpur (Unit) ने यूपी में सक्रिय जहरीली शराब के गिरोह का भंडाफोड़ कर सरगना समेत दो लोगों को Arrest कर लिया। पकड़े गए जहरीली शराब के तस्करों के पास से टीम ने भारी मात्रा में एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) की खेप बरामद की है। गिरोह के पास से ट्रक, कार के साथ-साथ करीब डेढ़ करोड़ रुपए के कीमत का सामान जब्त किया गया है। गिरोह के कुछ सदस्य भाग निकले हैं। जिनकी तलाश में दबिश जारी है।


[caption id="attachment_18901" align="alignnone" width="695"] पकड़े गए जहरीली शराब तस्करों (लाल घेरे में) के साथ STF इंंस्पेक्टर घनश्याम सिंह और उनकी टीम।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


South City के बिधनू एरिया में STF ने बिछाया “जाल”


STF इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह की अगुवाई में टीम ने मंडे की दोपहर को बिधनू एरिया में जहरीली शराब गिरोह के मौजूदगी की खबर पर अपना जाल बिछाया। सटीक मुखबिरी के बाद घेराबंदी की गई तो वहां मौजूद तस्कर भागने लगे। टीम ने सरगना समेत दो लोगों को दबोच लिया। दोनों की निशानदेही पर छिपाकर रखे गए 6000 हजार लीटर एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) की बड़ी खेप को जब्त कर लिया।

देखें Video

https://youtu.be/8m4R2t5hH_Q

हरियाणा से जुड़े हैं गिरोह के तार


पकड़े गए जहरीली शराब तस्करों के तार हरियाणा प्रांत से जुड़े बताए जा रहे हैं। इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह के मुताबिक यदि बरामद ENA से शराब बनाकर उसकी खपत बाजार में की जाती तो करीब 50 लाख रुपए के राजस्व की क्षति यूपी की सरकार को होती। गिरोह के लोग हर महीने करीब दो से तीन करोड़ रुपए की जहरीली शराब बनाकर कानपुर समेत यूपी के कई जनपदों में उसकी बिक्री करते हैं।

पकड़े गए शराब तस्करों में सरगना सुल्तानपुर सर्वजीत निवासी गन्नौर मकान नंबर 107 बडे साथ रिहाई बस्सी थाना गन्नौर जिला सोनीपत (हरियाणा), बिन्नी पुत्र विजय पाल निवासी उपरोक्त मौके से फरार हो गया। अंकित सचान पुत्र मनोज सचान निवासी कानपुर देहात हाल पता बर्रा और मेहरदीन (सगा भाई सुल्तान) फरार।

शराब तस्करों के पास से STF की बरामदगी


STF की टीम ने शराब तस्करों के पास से एक ट्रक, 6000 लीटर ENA ( एक्स्ट्रा न्युट्रल अल्कोहल) अवैध, एक कन्टेनर भारत बेंज (H R69 C 9928), एक कार आई-20 हुंडई (HR 42 F 3407), चार हजार की नकदी, ATM कार्ड, कई आधार कार्ड और पेनकार्ड के साथ आधा दर्जन मोबाइल। बरामद किए गए ENA से 100 पाइपर और शीवाजरीगल समेत कई ब्रांड की शराब बनाई जा सकती है।

यूपी, उत्तराखंड और आसाम में हो चुकी हैं सैकड़ों मौतें


उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही यूपी के कुशीनगर, सहारनपुर और उत्तराखंड के कई जिलों में जहरीली शराब से करीब 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले दिनों ही आसाम प्रांत में भी 100 से अधिक लोग जहरीली शराब का सेवन कर अपनी जान गवां चुके हैं। बड़े अफसरों के निर्देश के बाद STF की टीम ने मुखबिरों और सर्विलांस सेल के जरिए ये बड़ी कार्रवाई की।