December 2019

-गिरोह का सरगना BTC यूनियन का प्रांतीय नेता आलोक सिंह सेंगर फरार

-पकड़ा गया धीरज दिवेदी जालौन एक कॉलेज के बीटीसी डिपार्टमेंट का एचओडी

-WhatsApp के जरिए सीटैट का प्रश्न-पत्र आउट कराता है शातिर गिरोह

-अभ्यार्थियों से Out प्रश्न पत्र के बदले करते थे मोटी वसूली

-STF इंस्पेक्टर Ghanshyam Singh Yadav की अगुवाई में बड़ी सफलता

 
UPSTF (Kanpur Unit) के हत्थे चढ़े पेपर आउट कराने वाले गिरोह के "मुन्नाभाई"

Yogesh Tripathi


प्रतियोगी परीक्षाओ के सॉल्वर और पेपर आउट कराने वाले गैंग के दुश्मन बन चुके UPSTF के इंस्पेक्टर Ghanshyan Singh Yadav और उनकी Team के हाथ संडे को Kanpur में एक और बड़ी सफलता लग गई। 

STF (IG) अमिताभ यश और SSP राजीव नारायण मिश्रा के निर्देश पर STF (Kanpur Unit) के इंस्पेक्टर GhanShyam Yadav ने सर्विलांस सेल की मदद से पेपर आउट कराने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दो मुन्नाभाई Arrest कर लिए। दोनों जालौन जनपद के निवासी हैं। गैंग का मुख्य सरगना आलोक सिंह सेंगर और उसका साथी प्रिंस फरार हैं। आलोक सेंगर बीटीसी का प्रांतीय नेता बताया जा रहा है।  

इंस्पेक्टर Ghanshyam Yadav के मुताबिक लंबे समय से इस गिरोह के बारे में जानकारी मिल रही थी। अफसरों के निर्देश पर सर्विलांस सेल को Alert किया गया। लोकेशन ट्रेस होने पर STF (Team) ने चकेरी थाना एरिया स्थित सब्जी मंडी के पास छापा मारकर जालौन के रेंढर निवासी धीरज दिवेदी उर्फ कष्ण गोपाल दिवेदी और माधौगढ़ जालौन निवासी चंद्रपाल उर्फ जीतू को Arrest किया गया। दोनों के पास से दो मोबाइल, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, दो सीटैट प्रवेश पत्र समेत तमाम दस्तावेज बरामद टीम ने बरामद किए।

5 लाख में सरगना ने बेंचा Out किया प्रश्न-पत्र

धीरज दिवेदी और चंद्रपाल उर्फ जीतू ने पूछताछ में STF को बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना प्रयागराज निवासी आलोक सेंगर और प्रिंस हैं। आलोक सेंगर ने जीतू से पांच लाख रुपए के एवज में प्रश्न पत्र आउट कर देने की बात कही थी। डील पक्की होने के बाद चंद्रपाल उर्फ जीतू और धीरज ने 87 हजार की रकम आलोक के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। शेष रकम बाद में देने की बात कही।

WhatsApp पर भेजा Out प्रश्न पत्र

गैंग लीडर आलोक सेंगर ने अपने बैंक खाते में 87 हजार की रकम ट्रांसफर होते ही सीटैट परीक्षा का प्रश्न पत्र WhatsApp के जरिए दोनों को भेज दिया। इन प्रश्न-पत्रों को जालौन के धीरज और चंद्रपाल ने 25-25 हजार रुपए में अभ्यार्थियों को दिए। दोनों ने चकेरी थाने में STF के सामने कहा कि सीटैट की परीक्षा में वही प्रश्न आए जो सरगना ने WhatsApp पर भेजे थे।

अपने ही कॉलेज के स्टूडेंट्स को धीरज ने बनाया मामू

STF के मुताबिक पकड़ा गया धीरज दिवेदी जालौन के पंडित परमेश्वर दिवेदी डिग्री कॉलेज (जगम्मनपुर) में बीटीसी विभाग का हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) है। इतना ही नहीं धीरज डिग्री कॉलेज के प्रबंधन का कामकाज भी देखता है। छानबीन में पता चला है कि धीरज ने अपने ही कॉलेज के कई स्टूडेंट्स को प्रश्न पत्र Out कराने के बाद 25-25 हजार रुपए लेकर सभी को मामू बना दिया। धीरज ने बताया कि प्रयागराज निवासी गैंग लीडर बीटीसी का प्रांतीय नेता है। उसका हर जगह सिस्टम टाइट है। जिसकी वजह से वह पेपर Out करवाता है।

रामादेवी चौराहे के पास लेनी थी स्टूडेंट्स से रकम

STF के मुताबिक ने बताया कि धीरज दिवेदी और चंद्रपाल उर्फ जीतू सीटैट परीक्षा में कई स्टूडेंट्स को Out हुआ पेपर बेंचा था। चूंकि पेपर में प्रश्न पत्र वही निकले जो उन लोगों ने भेजे थे। इस लिए उन सभी स्टूडेंट्स को दोनों ने चकेरी थाना एरिया स्थित रामादेवी चौराहे के पास सब्जी मंडी में बुलाया था। सर्विलांस सेल की मदद से STF को सटीक लोकेशन मिली। जिसके बाद टीम ने दोनों को दबोच लिया। गिरोह गोरखधंधे में लंबे समय से लिप्त है। कुछ और एजेंट्स के नाम भी छानबीन के दौरान प्रकाश में आए हैं। माना जा रहा है कि देर-सबेर एसटीएफ उनको दबोच सकती है।

 -22 साल की युवती के सिर में दरिंदों ने मारी दो गोलियां

-एसपी के बाद डीआइजी भी पहुंचे मौका-ए-वारदात पर

-एसपी ने कहा, पोस्टमार्टम के बाद गैंगरेप का पता चला सकेगा

-डीआइजी के निर्देश पर पुलिस ने बनाई कई टीमें


Yogesh Tripathi


UP के Bundelkhand स्थित Chitrakoot जनपद में झांसी-मिर्जापुर हाइ-वे पर बरगढ घाटी के रात्रिकालीन पुलिस सेवा केंद्र में हैवानियत और दरिंदगी का गंदा खेल बीती रात खेला गया। पुलिस चौकी (पिकेट केंद्र) के अंदर एक 22 साल के युवती की रक्त रंजित लाश मिली। युवती की गोली मारकर हत्या की गई। सिर में दो गोली मारे जाने के जाहिरा निशान मिले हैं। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। मौका-ए-वारदात पर चित्रकूट एसपी और डीआइजी भी पहुंचे। 



मंगलवार को सूचना मिलने के बाद चित्रकूट जनपद के एसपी अंकित मित्तल और अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत राय मौके पर पहुंचे। काफी देर तक दोनों अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। हत्याकांड से जुड़ा कोई सुराग अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। एसपी के मुताबिक यह एरिया चित्रकूट के बरगढ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ये इलाका दस्यु प्रभावित है। 



SP (Chtrakoot) के मुताबिक रात्रिकालीन पुलिस सहायता केंद्र करीब 7-8 साल से निष्प्रयोजय पड़ा रहता है। पहले रात मे पुलिस यहां रहती थी। माना जा रहा है कि कातिलों ने युवतो को बुलाया होगा या फिर अगवा कर लाए होंगे। सिर पर दो गोली मारे जाने के निशान मिले हैं। एसपी का कहना है कि गैंगरेप की घटना हुई है या फिर नहीं। इसका खुलासा पोस्टमार्टम आने के बाद ही हो सकेगा। एसपी के मुताबिक कि सहायता केंद्र और आसपास रेप करने या फिर छीनाझपटी के प्रयास जैसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। शव की पहचान करवाने की कोशिश की जा रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री के भाई की हत्या के बाद खुला था सहायता केंद्र

Chitrakoot के बरगढ़ थाना एरिया स्थित इस सहायता केंद्र को करीब तीन दशक पहले खोला गया था। उस समय चित्रकूट जनपद पूरी तरह से दस्यु प्रभावित था। दस्यु सम्राट ददुआ का पूरी तरह से जनपद में खौफ था। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय वीपी सिंह के भाई का मर्डर होने के बाद अफसरों के निर्देश पर इस सहायता केंद्र को खोला गया। सूत्रों की मानें तो दस्यु प्रभावित एरिया होने की वजह से सहायता केंद्र में पुलिस का स्टाफ ठहरता नहीं था। खुद एसपी ने भी स्वीकार किया है कि कई साल से पुलिस सहायता केंद्र निष्प्रयोजित था।




-2015 बैच की आइपीएस अफसर हैं अपर्णा गुप्ता


-सहारनपुर एएसपी ट्रैफिक के पद पर थी तैनाती


-एसपी साउथ रवीना त्यागी अब SP (CBCID) कानपुर


-मंगलवार दोपहर शासन ने जारी की 12 अफसरों के तबादले की लिस्ट

फोटो साभार----Google

 Yogesh Tripathi

तेज तर्रार छवि की IPS अफसर अपर्णा गुप्ता अब Kanpur की SP South होंगी। अभी तक उनकी तैनाती सहारनपुर जनपद में एएसपी ट्रैफिक के पद पर थी। शासन ने मंगलवार दोपहर को 12 आइपीएस अफसरों के तबादले की लिस्ट जारी की। अभी तक SP South रहीं रवीना त्यागी कानपुर को Kanpur में SP (CBCID) बनाया गया है।


2015 बैच की आइपीएस अपर्णा गुप्ता की गिनती काफी तेज तर्रार अफसरों में होती है। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली अपर्णा गुप्ता इससे पहले आगरा, मुरादाबाद जनपद में अहम पदों पर तैनात रह चुकी हैं। आगरा के एक तहखाने में जिस्मफिरोशी के लिए बंधक बनाकर रखी गईं 150 लड़कियों को मुक्त कराने के बाद वे मीडिया की सुर्खियों में आई थीं। 

नवंबर 2018 में अपर्णा गुप्ता मुरादाबाद में एएसपी के पद पर तैनात थीं। तब उन्होंने आएएस अफसर जोगेंद्र सिंह से अरेंज मैरिज की थी। ये विवाह उन्होंने कोर्ट में किया था। उनके पति की तैनाती तब अलीगढ़ में एसडीएम के पद पर थीं।

मां की मेहनत से बनीं IPS


UP के मेरठ जनपद कोरल स्प्रिंग्स कॉलोनी में आइपीएस अपर्णा गुप्ता का परिवार रहता है। परिवार में पिता और उनकी दो बहनें अर्पिता-अर्चिता हैं। मां नीरा गुप्ता का निधन 2012 में हो गया था। अपर्णा गुप्ता आइपीएस बनने की सफलता का का श्रेय अपनी मां को देती हैं।  

उन्होंने कई इंटरव्यूज में कहा है कि उनकी मां ही उनकी रोल मॉडल हैं। मां के पॉजिटिव सोच और उनकी प्रेरणा से वो यहां तक पहुंची हैं। मां ने कभी भी मुश्किलों में हार नहीं मानी और यही हमें सिखाया भी। बेटों की तरह परवरिश की और हम तीनों बहनों को अपने लक्ष्य तक पहुंचाया। केंद्रीय विद्यालय हल्दिया से दसवीं और बारहवीं में टॉप करने के बाद अपर्णा गुप्ता ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी भी की। 2015 की सिविल सर्विसेज परीक्षा में उन्हें सफलता मिली।