December 2019

-Kanpur (South City) के Barra को मणींद्र ने बना रखा था अपना ठिकाना

-UP & Kanpur के बाहर भी हत्यारोपी बाबा को आसानी से मिल जाती थी एस्कार्ट

-केंद्र और यूपी के कई पूर्व मंत्रियों को लगा चुका है लंबा चूना

-कानपुर बीजेपी के कद्दावर नेताओं को भी बनाया ठगी का शिकार

-20 साल से Kanpur City में बाबा ने जमा रखा था अपना डेरा



Yogesh Tripathi

UP के Bundelkhand स्थित Jalaun जनपद के रामपुरा थाना एरिया के आश्रम में अपने सेवादार (शिष्य) रविशंकर उर्फ कल्लू की हत्या के जुर्म में जेल की सलाखों के पीछे जा चुका कथित बाबा मणींद्र महाराज उर्फ निनावली सरकार को हाई सिक्योरिटी जिला पुलिस प्रशासन ने किसके इशारे पर और क्यों दे रखी थी ? ये अभी भी सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न बना है। ये तो ग्रामीणों का गुस्सा और आक्रोश था जिसकी वजह से खाकी ने बाबा को सलाखों के पीछे कैद कर दिया वर्ना किसमें इतनी दम थी कि निनावली सरकारउर्फ मणींद्र महाराज पर हाथ डाल दे। विधायक से लेकर मंत्री, संपादक से लेकर बड़े-बड़े अखबारों के मालिक निनावली सरकार के चरण चापन करते थे। एस्कार्ट लेना और आश्रम में पीएसी की गारद लेना बाबा के बाए हाथ का खेल था। बाबा की धमक सिर्फ यूपी तक ही नहीं बल्कि दिल्ली और मुंबई तक थी। कानपुर में दर्जनों छुटभैया नेता, कार्यकर्ता, माननीय और संगठन के ताकतवर पदाधिकारी इस हत्यारोपी के चरणों में अपना शीश नवाते थे।


दरोगा की सरकारी पिस्टल से मारी गई गोली

25/26 दिसंबर 2019 की मध्यरात्रि को Jalaun जनपद के रामपुरा थाना एरिया में स्थित निनावली सरकार के आश्रम में सात महीने से कार्यरत सेवादार रविशंकर उर्फ कल्लू के सिर में गोली मारकर हत्या की जाती है। अगले दिन गुरुवार सुबह उसकी रक्तरंजित लाश आश्रम परिसर में जब पड़ी मिलती है तो क्षेत्र के कई गांव के ग्रामीणों में पिछले 20 साल से धधक रही ज्वालामुखीसड़कों पर फट पड़ी। सेवादार के परिजनों और ग्रामीणों ने कथित बाबा मणींद्र महाराज और उसकी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद तिवारी पर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस पर पथराव तक किया गया। हिंसक भीड़ बाबा को मार डालने पर आमादा थी, यही वजह रही कि पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच बाबा को दूसरे थाने में रखा। अगले दिन दरोगा की सरकारी पिस्टल के साथ उसे जेल भेज दिया गया।
 

दरोगा को बचाने में जुटी रही Jalaun Police

अपने ही विभाग के दरोगा राजेंद्र प्रसाद की गर्दन जब कत्ल जैसे संगीन इल्जाम में फंसी तो पुलिस अफसर उसे बचाने में जुट गए। पहले दिन मीडिया से ये कहा गया कि दरोगा ड्यूटी के बाद अपनी पिस्टल भूल गया था। जिससे देर रात्रि को बाबा ने मर्डर कर दिया। लेकिन अब दरोगा को सरकारी गवाह बनाया जाएगा। बाबा जेल चला गया लेकिन दरोगा पर सिर्फ नाम मात्र की विभागीय कार्रवाई। शनिवार को पुलिस ने मीडिया के बढ़ते दबाव के बाद दरोगा को भी जेल भेजा। फिर नई कहानी सामने आई कि सेवादार ने पिस्टल चोरी कर ली थी। पकड़े जाने पर उसने खुद को गोली मार ली। पुलिस के दोनों बयानों की थ्यौरी पर फिलहाल किसी को विश्वास रत्ती भर नहीं हो रहा है।  

कौन है मणींद्र महाराज उर्फ निनावली सरकार ?

Jalaun के रामपुरा थाना एरिया का रहने वाला मणींद्र महाराज करीब 20 साल पहले अचानक गांव से चला गया और लंबे समय तक गांव के ग्रामीणों की नजरों में वो अंडरग्राउंड रहा। लेकिन हकीकत ये रही कि वो Kanpur के South City स्थित बर्रा एरिया में परिवार और भाई-बन्धुओं के साथ रहने लगा। इस बीच उसने पहचान छिपाने के लिए अपना चोला भी बदल लिया। कभी बर्रा-8 तो कभी पानी की टंकी, भूत बंगला का मोहल्ला फिर आखिरी में प्रिया हॉस्पिटल के पीछे वाली गली का एक मकान उसका ठिकाना बना।


BSP सरकार के एक मंत्री ने दी थी पॉवर

बाबा के बारे में गहरी मालुमात रखने वालों की मानें तो 10 साल पहले बीएसपी सरकार के कार्यकाल में ब्राम्हण बिरादरी के एक ताकतवर मंत्री ने जेल जा चुके बाबा को पॉवर दी और उसके बाद मणींद्र महराज उर्फ निनावली सरकार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर सपा की सरकार रही हो या फिर अब बीजेपी की। उसके भक्तों की टोली दिन पर दिन बढ़ने लगी। 2014 के बाद बाबा के पॉवर में और भी इजाफा हो गया। सोशल मीडिया पर बीजेपी के करीब-करीब हर बड़े नेता के साथ Viral हो रही बाबा की Photos इस बात की गवाही देती है कि उसकी जड़े इस राजनीतिक दल में कितनी गहरी थीं।

बड़े नेताओं को आशीर्वाद देते हुए फोटो को कथित बाबा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर छुटभैया नेताओं को ग्रिप में लेता था। कानपुर में करीब दो दर्जन से अधिक नेता, कार्यकर्ता, माननीय और संगठन के पदाधिकारी इस बाबा के तगड़े भक्त हैं। बाबा के एक इशारे पर सैकड़ों गाड़ियों का काफिला लेकर कानपुर के कई पूर्व पदाधिकारी गंगापुल पर स्वागत भी कर चुके हैं।
 

भाई की शादी एक पैर से खड़े रहे BJP Leader’s

लंबे समय से कानपुर में रह रहे कथित बाबा मणींद्र महाराज ने अपने एक भाई की शादी बर्रा स्थित पानी की टंकी के पास की थी। तब BJP की पूर्व पदाधिकारी रह चुकी एक महिला नेता वहां अगुवानी करती नजर आई थीं। खुद को कानपुर से बीजेपी के एक विधायक का करीबी रिश्तेदार बताने वाले ये कथित बाबा शहर की एक महिला पार्षद को भी ठगी का शिकार बना चुका है। इतना ही नहीं एक इनोवा गाड़ी भी उसने इसी तरह कुछ महीना पहले हड़प ली थी। गोविंदनगर विधान सभा उपचुनाव की टिकट के दौरान कई बीजेपी नेता इस कथित बाबा के पास लाइन लगाकर खड़े नजर आए। कथित बाबा के कई भाई हैं। एक भाई बर्रा में बालाजी के नाम से चर्चित है। दूसरा भाई साउथ सिटी स्थित एक कांग्रेसी नेता के पब्लिक स्कूल में पढ़ाई कर चुका है। तीसरा भाई भी कानपुर में ही रहता है।


BJP में ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे बाबा ने ठगा नहीं

BJP का छोटा कार्यकर्ता हो या फिर प्रदेश स्तर का नेता या केंद्र का पूर्व मंत्री। बाबा की ठगी का शिकार करीब-करीब सभी हुए। बसपा सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे एक दिग्गज नेता के बेटे को भी ठगी का शिकार बनाया। कानपुर देहात से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके एक कद्दावर नेता भी बाबा के कदमों में पलके बिछाए बैठे रहते थे। सूत्रों की मानें तो बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को भी यह बाबा ठगी की लंबी चोट दे चुका है।


UP के बाहर भी बाबा निनावली सरकार मिलती थी एस्कार्ट

अपने शिष्य की हत्या में जेल जा चुके मणींद्र महाराज पर सत्ताधारी दल के कई नेताओं और अफसरों के साथ-साथ तमाम सफेदपोश लोगों का संरक्षण प्राप्त था। यही वजह थी कि यूपी के साथ मुंबई और दिल्ली में भी पुलिस की एस्कार्ट एक फोन पर मिल जाती थी। उरई में रामपुरा थाने से एस्कार्ट रवानगी की तो लिखापढ़ी तक होती थी। जिला पुलिस प्रशासन की तरफ से एस्कार्ट मिलना कोई साधारण बात नहीं होती है। जानकारों की मानें तो एक्स और वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त लोगों को ही एस्कार्ट मुहैया कराई जाती है। 


ऐसे में इस हत्यारोपी बाबा को आखिर किसी नेता, नौकरशाह या फिर अफसर के इशारे पर इतनी बड़ी हाई सिक्योरिटी मिली थी। इसका सीधा जवाब देने से पुलिस अफसर क्यों मुंह छिपा रहे हैं ? आखिर वो कौन सी ताकतें हैं जिनके कहने पर हत्या जैसे जघन्य अपराध की तफ्तीश करने के बजाय अफसर दरोगा को बचाने के लिए कभी सर्विस पिस्टल भूल से छूट जाने और फिर चोरी हो जाने की बात कहकर मीडिया को गुमराह कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कानपुर, लखनऊ के कई प्रतिष्ठित अखबारों के संपादक, मालिक और पत्रकार मणींद्र बाबा के चरण छूकर आशीर्वाद पाने के लिए हमेशा आतुर रहते थे।




-लपटों में घिरी महिला को देख पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूले

-कंबल फेंक पुलिस वालों ने बुझाई आग, अस्पताल में भर्ती कराया

-Unnao के चिकित्सकों ने Kanpur के LLR किया रेफर

-चिकित्सकों के मुताबिक करीब 50 फीसदी तक जली है पीड़िता

 

 Yogesh Tripathi

Unnao में मंडे की सुबह एक और बड़ी वारदात से कड़ाके की ठंड में अफसरों के माथे पर पसीना आ गया। Rape पीड़िता ने SP Office (Unnao) के बाहर पेट्रोल छिड़क आग लगा ली। आग की लपटों में घिरने के बाद महिला जान बचाने के लिए एसपी दफ्तर के परिसर में घुसी तो हड़कंप मच गया। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने किसी तरह आग बुझाने के बाद पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस के मुताबिक पीड़िता करीब 50 फीसदी से अधिक जली है।


दिल को दहला देने वाली ये घटना सुबह करीब 11.30 बजे की है। SP Office के मुख्य गेट पर पहुंची युवती ने अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़कने के बाद आग लगा ली। आग की लपटों में घिरने के बाद पीड़िता एसपी दफ्तर की तरफ भागी तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। किसी तरह आग बुझाने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में पीड़िता को जिला अस्पताल पहुंचाया। CO City और City Magistrate की मौजूदगी में उपचार शुरू कराया गया। 50 फीसदी से अधिक जली पीड़िता की हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया। 


सनसनीखेज वारदात की खबर मिलते ही Devendra Kumar Pandey (DM Unnao) और Vikrant Veer (SP Unnao) पहुंचे। दोनों अफसरों ने युवती से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। पीड़ित युवती का आरोप है कि शादी का झांसा देकर उसके साथ लगातार रेप किया गया। युवती का कहना है कि तीन महीना पहले उसने हसनगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया है। 


युवती ने दोनों अफसरों को बताया कि कई बार कोतवाली में उसने थानेदार और चौकी इंचार्ज से गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। युवती के बयान सुनने के बाद एसपी ने तत्काल हसनगंज थानेदार और चौकी प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। अस्पताल पहुंची युवती की मां ने अफसरों को बताया कि उसकी बेटी के साथ गांव के ही युवक ने शादी का झांसा देकर जबरन रेप किया। मुंह खोलने पर वह जान से मारने की धमकी देता रहा। हिम्मत कर बेटी ने किसी तरह उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन उसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। 




दोस्तों के साथ पीड़िता के घर पर की थी मारपीट

एसपी गेट पर आग लगाने वाली पीड़िता ने पुलिस अफसरों को बताया कि मुख्य आरोपी अवधेश सिंह और उसके साथियों ने युवती के घर पर धावा बोल 30 सितंबर को मारपीट की थी। मारपीट के बाद दबंगों ने मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने 4 अक्तूबर को मुख्य आरोपी अवधेश सिंह, उसके भाई समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।

आरोपितों ने हाईकोर्ट से कराई अग्रिम जमानत

एसपी की फटकार के बाद हसनगंज इंस्पेक्टर अरुण सिंह ने अफसरों को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपितों ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमामत करा रखी है। इस लिए गिरफ्तारी नहीं की गई। मामले की जांच पूरी होने पर पुलिस ने विवेचना पूरी कर 13 दिसंबर को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी।

-Rape के आरोपी की शिकायत करने जा रही थी हुसैनगंज थाना

-दबंग आरोपी ने केरोसिन उड़ेल युवती को जिंदा जलाया

-जान बचाने के लिए काफी देर तक इधर-उधर भागी पीड़िता

-हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने Kanpur के LLR रेफर किया



Yogesh Tripathi

पहले हैदराबाद, फिर उन्नाव और अब फतेहपुर के हुसैनगंज में हैवानियत और दरिंदगी। दुष्कर्म के बाद पिता के साथ शिकायत करने थाने जा रही पीड़िता को दबंग ने केरोसिन जला दिया। युवती को जलाने के बाद आरोपी भाग निकला। 90 फीसदी तक जल चुकी Rape पीड़िता को Fatehpur के चिकित्सकों ने Kanpur के लिए रेफर कर दिया। पीड़िता ने अपने दिए बयान में पड़ोसी युवक पर रेप के बाद जिंदा जलाने का आरोप लगाया है। 


युवती के पिता ने बताया कि पड़ोसी युवक ने घर में मौजूद उसकी 18 साल की बेटी के साथ जबरन दुष्कर्म किया। मुंह खोलने पर दबंग आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। अपने साथ हुई दरिंदगी की दास्तां युवती ने परिजनों को बताई। दोपहर जब युवती अपने पिता के साथ हुसैनगंज थाने रिपोर्ट लिखाने के लिए जा रही थी तो इसी दौरान रेप करने वाला दबंग मेवालाल भी वहां पहुंच गया। 



महिला थानेदार को दिए गए युवती के बयान के मुताबिक दबंग ने उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की और फिर उसके शरीर पर केरोसिन छिड़क आग लगा दी। पल भर में रेप पीड़िता आग का गोला बन गई। जान बचाने के लिए उसने चीख-पुकार भी मचाई। शोर सुनकर ग्रामीण जमा हो गए। लोगों ने कंबल आदि पीड़िता के शरीर पर डाल किसी तरह आग की लपटों को शांत किया। लेकिन तब तक पीड़िता करीब 90 फीसदी तक जल चुकी थी। सूचना पर सीओ सिटी कपिल देव मिश्रा, महिला थानाध्यक्ष और हुसैनगंज थाने की फोर्स मौके पर पहुंचे। महिला थानाध्यक्ष ने युवती के बयान रिकॉर्ड किए।

क्या कहते हैं CO City

CO City K.D Mishra का कहना है कि आरोपी को Arrest के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। कुछ रिश्तेदारों के घर दबिश दी जा चुकी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले Unnao के बिहार थाना एरिया में जमानत पर छूटे गैंगरेप के आरोपितों ने पीड़िता को जिंदा फूंक दिया था। 43 घंटे बाद पीड़िता की दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे पहले देश के हैदराबाद में भी पशु चिकित्सक के साथ दरिंदगी कर उसे जिंदा जलाकर मार डाला गया था।





-गिरोह का सरगना BTC यूनियन का प्रांतीय नेता आलोक सिंह सेंगर फरार

-पकड़ा गया धीरज दिवेदी जालौन एक कॉलेज के बीटीसी डिपार्टमेंट का एचओडी

-WhatsApp के जरिए सीटैट का प्रश्न-पत्र आउट कराता है शातिर गिरोह

-अभ्यार्थियों से Out प्रश्न पत्र के बदले करते थे मोटी वसूली

-STF इंस्पेक्टर Ghanshyam Singh Yadav की अगुवाई में बड़ी सफलता

 
UPSTF (Kanpur Unit) के हत्थे चढ़े पेपर आउट कराने वाले गिरोह के "मुन्नाभाई"

Yogesh Tripathi


प्रतियोगी परीक्षाओ के सॉल्वर और पेपर आउट कराने वाले गैंग के दुश्मन बन चुके UPSTF के इंस्पेक्टर Ghanshyan Singh Yadav और उनकी Team के हाथ संडे को Kanpur में एक और बड़ी सफलता लग गई। 

STF (IG) अमिताभ यश और SSP राजीव नारायण मिश्रा के निर्देश पर STF (Kanpur Unit) के इंस्पेक्टर GhanShyam Yadav ने सर्विलांस सेल की मदद से पेपर आउट कराने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दो मुन्नाभाई Arrest कर लिए। दोनों जालौन जनपद के निवासी हैं। गैंग का मुख्य सरगना आलोक सिंह सेंगर और उसका साथी प्रिंस फरार हैं। आलोक सेंगर बीटीसी का प्रांतीय नेता बताया जा रहा है।  

इंस्पेक्टर Ghanshyam Yadav के मुताबिक लंबे समय से इस गिरोह के बारे में जानकारी मिल रही थी। अफसरों के निर्देश पर सर्विलांस सेल को Alert किया गया। लोकेशन ट्रेस होने पर STF (Team) ने चकेरी थाना एरिया स्थित सब्जी मंडी के पास छापा मारकर जालौन के रेंढर निवासी धीरज दिवेदी उर्फ कष्ण गोपाल दिवेदी और माधौगढ़ जालौन निवासी चंद्रपाल उर्फ जीतू को Arrest किया गया। दोनों के पास से दो मोबाइल, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, दो सीटैट प्रवेश पत्र समेत तमाम दस्तावेज बरामद टीम ने बरामद किए।

5 लाख में सरगना ने बेंचा Out किया प्रश्न-पत्र

धीरज दिवेदी और चंद्रपाल उर्फ जीतू ने पूछताछ में STF को बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना प्रयागराज निवासी आलोक सेंगर और प्रिंस हैं। आलोक सेंगर ने जीतू से पांच लाख रुपए के एवज में प्रश्न पत्र आउट कर देने की बात कही थी। डील पक्की होने के बाद चंद्रपाल उर्फ जीतू और धीरज ने 87 हजार की रकम आलोक के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। शेष रकम बाद में देने की बात कही।

WhatsApp पर भेजा Out प्रश्न पत्र

गैंग लीडर आलोक सेंगर ने अपने बैंक खाते में 87 हजार की रकम ट्रांसफर होते ही सीटैट परीक्षा का प्रश्न पत्र WhatsApp के जरिए दोनों को भेज दिया। इन प्रश्न-पत्रों को जालौन के धीरज और चंद्रपाल ने 25-25 हजार रुपए में अभ्यार्थियों को दिए। दोनों ने चकेरी थाने में STF के सामने कहा कि सीटैट की परीक्षा में वही प्रश्न आए जो सरगना ने WhatsApp पर भेजे थे।

अपने ही कॉलेज के स्टूडेंट्स को धीरज ने बनाया मामू

STF के मुताबिक पकड़ा गया धीरज दिवेदी जालौन के पंडित परमेश्वर दिवेदी डिग्री कॉलेज (जगम्मनपुर) में बीटीसी विभाग का हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) है। इतना ही नहीं धीरज डिग्री कॉलेज के प्रबंधन का कामकाज भी देखता है। छानबीन में पता चला है कि धीरज ने अपने ही कॉलेज के कई स्टूडेंट्स को प्रश्न पत्र Out कराने के बाद 25-25 हजार रुपए लेकर सभी को मामू बना दिया। धीरज ने बताया कि प्रयागराज निवासी गैंग लीडर बीटीसी का प्रांतीय नेता है। उसका हर जगह सिस्टम टाइट है। जिसकी वजह से वह पेपर Out करवाता है।

रामादेवी चौराहे के पास लेनी थी स्टूडेंट्स से रकम

STF के मुताबिक ने बताया कि धीरज दिवेदी और चंद्रपाल उर्फ जीतू सीटैट परीक्षा में कई स्टूडेंट्स को Out हुआ पेपर बेंचा था। चूंकि पेपर में प्रश्न पत्र वही निकले जो उन लोगों ने भेजे थे। इस लिए उन सभी स्टूडेंट्स को दोनों ने चकेरी थाना एरिया स्थित रामादेवी चौराहे के पास सब्जी मंडी में बुलाया था। सर्विलांस सेल की मदद से STF को सटीक लोकेशन मिली। जिसके बाद टीम ने दोनों को दबोच लिया। गिरोह गोरखधंधे में लंबे समय से लिप्त है। कुछ और एजेंट्स के नाम भी छानबीन के दौरान प्रकाश में आए हैं। माना जा रहा है कि देर-सबेर एसटीएफ उनको दबोच सकती है।