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PM नरेंद्र मोदी ने फ्राइ-डे को Kanpur के South City स्थित निराला नगर (रेलवे ग्राउंड) में रैली कर Kanpur (Nagar) & Kanpur (Dehat) की जनता को हजारों करोड़ रुपए के योजनाओं की कई “सौगात” दी। टिकट के लिए दावेदारी कर रहे दावेदार भारी भीड़ और तामझाम के साथ रैली को सफल बनाने के लिए पहुंचे। लेकिन Modi की निगाहें “छोटे लंबरदार” पर रहीं। ये छोटे लंबर कोई और नहीं बल्कि बिठूर विधान सभा से BJP के MLA अभिजीत सिंह सांगा हैं। अभिजीत सांगा ने जब प्रधानमंत्री का अभिवादन किया तो उन्होंने कहा कि “क्या तैयारी है ? सर्वे रिपोर्ट तो काफी बढ़िया है।” श्रीमोदी कानपुर के अन्य जनप्रतिनिधियों से भी मिले लेकिन जो उत्साह “छोटे लंबरदार” से मिलने पर उन्होंने दिखाया वो सभी ने देखा।


YOGESH TRIPATHI


 

[caption id="attachment_19011" align="alignnone" width="720"] प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन करते Kanpur (IG) आलोक सिंह।[/caption]

CM ने 20 हजार की भीड़ जुटाने का दिया था निर्देश


Kanpur (Dehat) की अकबरपुर लोकसभा सीट से तगड़ी दावेदारी पेश कर रहे विधायक अभिजीत सिंह सांगा को खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का जिम्मा सौंपा था। सीएम के इस निर्देश का पालन कर सांगा ने भारी भीड़ भी रैली में जुटाई।

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अलग ही रंग में दिखे सांगा के समर्थक


यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैली में आई भारी भीड़ को संबोधित कर रहे थे लेकिन उनकी निगाहें “छोटे लंबरदार” के उन कार्यकर्ताओं पर बार-बार जाकर ठहर रहीं थीं, जो मोदी और सांगा की फोटो वाली टी-शर्ट पहने थे। मोदी की जय-जयकार के साथ उत्साही कार्यकर्ता अभिजीत सांगा जिंदाबाद के नारे पूरे समय लगाते रहे।

 सर्वे रिपोर्ट में करीब 60 फीसदी लोगों ने किया है पसंद


बीजपी के अंदरखाने की मानें तो हाईकमान की तरफ से हर लोकसभा सीट पर जो सर्वे कराया गया है उसमें अभिजीत सांगा को करीब 60 फीसदी लोगों ने पसंद किया है। शायद यही वजह रही है कि मुख्यमंत्री ने जहां हर सांसद और विधायक को 10 हजार की भीड़ लाने का जिम्मा पिछले दिनों दिया था वहीं, सांगा को 20 हजार की भीड़ लाने का लक्ष्य सौंपा था।

मुरली मनोहर जोशी ने माइक पकड़ा तो होने लगी हूटिंग


कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी, अकबरपुर के सांसद देवेंद्र सिंह भोले के साथ-साथ सभी मोदी के मंच पर मौजूद रहे। लेकिन मुरली मनोहर जोशी जब बोलने के लिए माइक पर पहुंचे तो रैली में मौजूद भीड़ ने हूटिंग शुरु कर दी। बामुश्किल कानपुर के सांसद अपनी बात रख सके। मालुम हो कि मुरली मनोहर जोशी को लेकर न सिर्फ कार्यकर्ताओं में बल्कि शहर की जनता में भी काफी रोष है।

भीड़ को लेकर काफी तनाव में दिखे PM


कानपुर के निराला नगर (रेलवे ग्राउंड) में शुक्रवार को आयोजित रैली के लिए बीजेपी की प्रदेश इकाई के साथ-साथ जिला कमेटी ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी बराबर सोशल मीडिया के जरिए अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने की अपील कर रहे थे लेकिन ये अपील कारगार साबित नहीं हुई। रैली में अपेक्षा से कम भीड़ को देख नरेंद्र मोदी काफी तनाव में भी दिखे। इस बात की चर्चा हर बीजेपी कार्यकर्ताओं की जुबान पर रही। गौरतलब है कि 2017 के विधान सभा चुनाव में भी नरेंद्र मोदी ने इसी ग्राउंड पर रैली की थी, लेकिन उस रैली के सापेक्ष इस बार की रैली में भीड़ काफी कम थी।

मीडिया प्रभारी विकास मिश्रा बेहोश


कड़ी धूप में मीडिया गैलरी के के अंदर की व्यवस्था संभाल रहे कानपुर देहात बीजेपी के मीडिया प्रभारी विकास मिश्रा बेहोश हो गए। उनके बेहोश होते ही हड़कंप मच गया। एमएलसी अरुण पाठक समेत कई नेता पहुंचे और विकास मिश्रा को गाड़ी में बैठाकर चिकित्सक के पास ले गए।

वार्ड नंबर-7 निराला नगर में सर्वाधिक वोटरों की संख्या दलितों की है। यहां मलिन बस्ती के साथ झुग्गी-झोपड़ी वाले वोटरों की तादात काफी अधिक है। कालोनी के नाम पर सिर्फ रेलवे और पीली कालोनी ही है। कांग्रेस और बीजेपी प्रत्याशियों के बाहरी होने की वजह से मतदाता उन पर पूरा मन नहीं बना पा रहे हैं। जिसकी वजह से सीधा लाभ निर्दलीय और AAP प्रत्याशी उठा रहे हैं। 


YOGESH TRIPATHI


कानपुर। गोविंदनगर और किदवईनगर की सीमा रेखा को छूने वाले वार्ड नंबर-7 के 28 हजार मतदाता इस बार अहम फैसला ले सकते हैं। सभी की जुबां पर बस एक ही बात है बाहरी प्रत्याशी के सिर पर जीत का सेहरा नहीं बाधेंगे इस बार। चुनाव की लड़ाई भी कम रोचक नही है। एक निर्दलीय प्रत्याशी ने “बाहरी बनाम घर” का नारा दे दिया है। तो वहीं AAP प्रत्याशी ने “झुग्गी-झोपड़ी बनाम बंगला” का नारा देकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। यह सत्य है कि जीतेगा कोई एक लेकिन चुनाव बेहद रोचक होगा। www.redeyestimes.com ने वार्ड के अंतर्गत आने वाली कई बस्ती के लोगों से बातचीत की तो सभी ने कहा कि इस बार बाहरी बिल्कुल भी नही चलेगा, खासतौर पर बंगले में रहने वाला तो बिल्कुल भी नहीं। हम बस्ती के बीच का ही कोई नेता चुनेंगे।


वार्ड से ये है प्रमुख प्रत्याशी

इस वार्ड से कुल 10 प्रत्याशी चुनावी रणभूमि में बचे हैं। पिछली बार यह सीट सामान्य थी लेकिन इस बार आरक्षित की गई है। संगठन की कृपा से टिकट पाए बीजेपी से गिरीशचंद्रा, कांग्रेस से वीरेंद्र कुमार, बसपा से मनीष कठेरिया और समाजवादी पार्टी से प्रीतम सिंह, निर्दलीय विनय वर्मा, आम आदमी पार्टी के मुन्ना भारत प्रमुख हैं। बीजेपी के गिरीशचंद्रा और कांग्रेस के वीरेंद्र कुमार का निवास वार्ड के अंतर्गत नहीं है। इन दोनों प्रत्याशियों का निवास वार्ड से कई किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

[caption id="attachment_18250" align="aligncenter" width="960"] दिल्ली से आए AAP विधायक ने प्रत्याशी मुन्ना भारत के लिए मांगा बस्ती में पहुंचकर वोट।[/caption]

निर्दलीय और AAP प्रत्याशी को मिल रहा है सीधा फायदा

बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों के बाहरी होने का सीधा फायदा निर्दलीय विनय वर्मा और AAP प्रत्याशी मुन्ना भारत उठा रहे हैं। पोर्टल की पड़ताल में जो प्रमुख बात सामने यह आई है कि निर्दलीय विनय वर्मा बाहरी बनाम घर का नारा बुलंद कर मतदाताओं को काफी हद तक रिझाने में कामयाब हो रहे हैं। कई वोटरों ने इस बात को स्वीकार किया है उनको अपने ही बीच का पार्षद चाहिए। कई युवा वोटरों ने कहा कि बाहर वाले की चौखट पर जाने से बेहतर है कि हम अपने बीच का ही गरीब प्रत्याशी चुने, ताकि वह आसानी से हम लोगों के लिए सुलभ रहे।

वहीं AAP प्रत्याशी मुन्ना भारत ने “झुग्गी-झोपड़ी बना बंगला” का नारा बुलंद कर रखा है। वह खुद भी बस्ती के बीच बने बेहद जर्जर मकान में रहते हैं। लंबे समय से जुड़े होने की वजह से AAP ने मुन्ना को टिकट दे दिया। शनिवार को मुन्ना के समर्थन में दिल्ली से आए विधायक ने कई बस्तियों के बीच जाकर संपर्क भी किया।

जीत-हार के प्रमुख फैक्टर

चुनाव में जीत किसकी होगी यह तो नहीं पता लेकिन जो समीकरण बैठ रहे हैं वह राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा सकते हैं। करीब 28 हजार से अधिक मतदाताओं वाले इस वार्ड में सर्वाधिक संख्या दलित वोटरों की है। यह संख्या करीब 14 से 15 हजार के बीच बैठती है। उसके बाद जो बैकवर्ड वोटर और सबसे कम संख्या सामान्य जाति के वोटरों की है। राजनीति के जानकारों की मानें तो ऐसे में जिस प्रत्याशी ने झुग्गी-झोपड़ी के साथ मलिन बस्तियों में रहने वाले वोटरों के बीच तालमेल बैठा लिया, उसकी जीत की राह आसान हो सकती है।

इस समीकरण में निर्दलीय विनय वर्मा और मुन्ना भारत ही अभी तक के चुनाव प्रचार में फिट बैठ रहे हैं। वोटरों के साथ राजनीति के क्षेत्रीय पंडितों का भी कहना है कि कालोनी वाले वोट डालने कम ही जाते हैं। निर्णायक वोट बस्ती का रहेगा। ऐसे में निर्दलीय या फिर AAP प्रत्याशी के बीच यदि टक्कर हो जाए तो कोई बड़ी बात नहीं। चुनाव लड़वा रहे कई राजनीतिक पंडितों का कहना है कि राष्ट्रीय दल के प्रत्याशियों के वोटर यहां कम हैं। जो हैं भी वो वोटिंग वाले दिन कम ही निकलेंगे। ऐसे में यहां निर्दलीय और AAP प्रत्याशी का ही बोलबाला रहने की उम्मींद है।

इन क्षेत्रों के मतदाता डालेंगे वोट

वार्ड नंबर-7 के अंतर्गत अंबेडकर नगर, निराला नगर, कैनाल कालोनी (पीली कालोनी), रेलवे कालोनी, हलुवा खाड़ा, चरनजीत सिंह कालोनी, विद्युत कालोनी, राम आसरे नगर, जेपी कालोनी, संजय नगर कालोनी, धर्मेंद्र नगर समेत कई प्रमुख बस्तियां भी हैं।