Articles by "Kanpur Police Commissionerate"
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-CRPC की कुछ धाराओं में मिले हैं Police को मजिस्ट्रेटी अधिकार

-सहायक पुलिस आयुक्त और अपर पुलिस आयुक्त को दी गई ट्रेनिंग

-Lucknow में ट्रेनिंग के बाद Police Line में बनी अस्थाई अदालत


 

Yogesh Tripathi

 

Kanpur में पुलिस आयुक्त प्रणाली (Kanpur Commissionerate) लागू है। CRPC की कुछ धाराओं में ACP और उससे बड़े पद के अफसरों को मजिस्टिरियल अधिकार (Magisterial Authority) भी दिए गए हैं। इसे क्रियान्यिवत कराने के लिए आलोक सिंह (सहायक पुलिस आयुक्त), बसंत लाल (सहायक पुलिस आयुक्त) और चार हेड कांस्टेबल (HC) को Lucknow में तीन दिन की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग के दौरान Court से संबंधित प्रक्रिया, प्रपत्र आदि के बारे में जानकारी दी गई।

Police Line में अस्थाई कोर्ट में 31/3/2021 (आज से) कार्यवाही Start होगी। CRPC की धारा 151 के तहत Arrest व्यक्तियों को पुलिस अब इस कोर्ट में पेश करेगी। अभी तक शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार व्यक्तियों को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर नगर मजिस्ट्रेट (ACM) अदालतों में पेश किया जाता था।

जल्द ही Kanpur Commissionerate के CP & ACP स्तर के सभी Police Officer’s को भी CRPC और अन्य धाराओं में न्यायिक प्रक्रिया के बाबत ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सभी के Office में Court की व्यवस्था भी की जाएगी। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, सभी ACP & DCP कोर्ट कार्य करना Start कर देंगे।

 

Kanpur Commissionerate में नियुक्त Police Officer’s के Mobile No.

 


-अफरा-तफरी के माहौल में 140 से अधिक मरीजों को बचाया गया

-सेंट्रल एयरकंडिशनर बिल्डिंग में धुआं भरने के बाद मची चीख-पुकार

-GSVM College के प्राचार्य और Police Commissinoer मौके पर पहुंचे

-दमकल की एक दर्जन से अधिक गाड़ियां Kardiology पहुंची

-गंभीर रोगियों को आनन-फानन में LLR शिफ्ट किया गया

-Kardiology में दो मरीजों की मौत, CM ने दिए जांच के आदेश  

 

चादर और सीढ़ी के सहारे खिड़की से निकाले गए ICU में भर्ती गंभीर मरीज

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur स्थित लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान (Kardiology) के Crictial Care Unit (CCU) के Store Room में संडे की सुबह भीषण आग लग गई। आग से सेंट्रल एयरकंडिशनर बिल्डिंग और उसके आसपास धुआं भर गया। मौत को सामने खड़ा देख मरीजों और तीमारदारों ने शोर मचाना शुरु कर दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर फंसे मरीजों को आनन-फानन में बाहर निकालना Start कर दिया। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां पहुंच गईं।  

 


GSVM College के प्राचार्य प्रोफेसर आरबी कमल और पुलिस कमिश्नर असीम अरुण भी मातहतों के साथ Kardiology पहुंचे। गंभीर रोगियों को LLR Hospital के वार्ड नंबर तीन में शिफ्ट कराया गया है। दो मरीजों के मरने की खबर है लेकिन प्रशासन का कहना है कि ये मौतें आग से नहीं हुई हैं। अफसरों का कहना है कि आग शार्टसर्किट से लगी थी। आग की लपटों में काफी नुकसान हुआ है। करीब 140 से अधिक मरीजों की जान बचाई गई है। 

हृदयरोग संस्थान (Kardiology) स्थित CCU के पीछे प्रथम तल पर बने Store Room में संडे की सुबह करीब 7.30 बजे आग लगी। मरीज,तीमारदार और स्टाफ के लोग जब तक कुछ समझ पाते आग की लपटों ने CCU को पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया। लपटों के तेज होते ही धुआं पूरी बिल्डिंग के अंदर भर गया। धुएं से लोगों को दम घुटने लगा। मरीजों और तीमारदारों ने शोर मचाया तो कर्मचारी और बाहरी लोग पहुंचे। खिड़कियों के शीशों को तोड़कर अंदर फंसे मरीजों और तीमारदारों को किसी सकुशल बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड के जवानों ने सीढ़ी लगाकर कई मरीजों को बाहर निकाला। करीब सवा घंटे की मशक्कत के बाद 140 मरीजों को बचा लिया गया।


 Kardiology की ICU में फंसे थे कई मरीज

कार्डियोलॉजी के ICU में कई मरीज एडमिट थे। आग की लपटों ने जब विकराल रूप अख्तियार किया तो मरीजों के तीमरादारों ने शोर मचाना शुरु कर दिया। कर्मचारी और बाहर दुकान लगाए दुकानदार तुरंत पहुंचे। सभी ने खिड़कियों के शीशों को तोड़ा फिर प्रशासन की मदद से गंभीर रोगियों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षतर्शियों के मुताबिक आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि धुएं का गुबार बिल्डिंग के दूसरी मंजिल तक पहुंच गया। कई मरीजों को सीढ़ी लगाकर उतारा गया। कुछ मरीजों के तीमारदार खुद उनकी जान बचाने में जुट गए। बगैर देर किए चादर के सहारे रोगियों को बाहर निकाला।

Kardiology में आग लगने की खबर मिलते ही GSVM College के प्राचार्य प्रो. आरबी कमल, पुलिस आयुक्त असीम अरुण, अपर पुलिस आयुक्त आकाश कुलहरि, डीएम आलोक कुमार तिवारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। 


अफरा-तफरी के बीच दो मरीजों के मौत

Kardiology में संडे की सुबह अग्निकांड के बीच दो मरीजों की मौत हो गई। सिविल लाइन कानपुर निवासी इमाम अली (60) की मौत सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई। जिस समय आग लगी थी, इमाम अली आइसीयू में वेंटीलेटर पर थे। आग लगने के बाद धुआं भरने पर उनको बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दूसरे मरीज टेकचंद्र की मौत सुबह हुई थी। बताया जा रहा है कि आग लगने से कुछ मिनट पहले ही टेकचंद्र के परिजनों को डेथ सर्टिफिकेट दे दिया गया था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि टेकचंद्र की मौत आग लगने से पहले हुई थी। 

Kardiology की घटना को CM ने संज्ञान में लिया

Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री Yogiadityanath ने Kanpur स्थित हृदय रोग संस्थान (Kardiology) में लगी आग की घटना को संज्ञान में लिया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अफसरों से सभी घायलों को समुचित इलाज कराने और रिपोर्ट देने का निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने आग लगने की वजह जानने के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। इस समिति को आग के कारण दुर्घटना तथा दुर्घटना के कारणों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। इस समिति में डीजी फायर सर्विस के साथ आयुक्त कानपुर मंडल और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा हैं। यह टीम कानपुर में तत्काल मौके पर जाकर संपूर्ण तथ्यों की जांच करेगी। 


 

 

-Agra Range के IG ए. सतीश गणेश होंगे वाराणसी के पुलिस कमिश्नर

-चार और IPS Officer’s की Kanpur Police Commissionerate में तैनाती की

-94 बैच के IPS Officer है Police Commissioner Of Kanpur 

-पिता श्रीराम अरुण रह चुके हैं UP Police के Ex.DGP

 


Yogesh Tripathi

वर्ष 1994 बैच के IPS Officer असीम अरुण को Uttar Pradesh की Yogiadityanath सरकार ने Police Commissioner Of Kanpur बनाया है। असीम अरुण Kanpur के पहले पुलिस कमिश्नर होंगे। Agra (Range) के IG ए.सतीश गणेश को शासन ने Varanasi का पुलिस कमिश्नर बनाया है। शासन ने कई IPS Offcer’s के ट्रांसफर भी किए हैं। Kanpur Commissionerate में चार IPS Officer’s के नामों की घोषणा फ्राइ-डे की सुबह शासन ने कर दी है।

ए. सतीश गणेश (पुलिस कमिश्नर) वाराणसी 
UP Police की “रीढ़” कहे जाने वाले IPS Officer असीम अरुण का जन्म 1970 में बदांयू जनपद में हुआ था। इत्रनगरी Kannauj के मूल निवासी असीम अरुण के पिता श्रीराम अरुण UP Police के Ex.DGP रह चुके हैं। मां शशि अरुण जानी-मानी Writer हैं। असीम अरुण ने Lucknow के सेंट फ्रांसिस कॉलेज से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। Delhi के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन (BSC) की पढ़ाई की। ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद असीम अरुण ने सिविल सर्विसेज की तैयारी कर परीक्षा दी। सिविल सर्विसेज की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service) में हो गया। 

Ex. PM मनमोहन सिंह की सुरक्षा में रहे हैं तैनात

असीम अरुण Ex. PM मनमोहन सिंह के सुरक्षा की जिम्मेदारी को भी संभाल चुके हैं। वह SPG के Close Protection Team के Head थे। इसके अलावा असीम अरुण SPG, NSG और CBI जैसी एजेंसियों में भी अपनी सेवाएं देश के लिए दे चुके हैं।

SWAT Team का किया गठन

2009 में अलीगढ़ जनपद में तैनाती के दौरान असीम अरुण न देश की पहली जिला स्तरीय Special Weapons and Tactics Team (SWAT) गठित की। स्वॉट टीम आतंकी और खतरनाक मिशन के मद्देनजर गठित की जाती है। इसके बाद आगरा में जब DIG बनकर पहुंचे तो वहां भी असीम अरुण ने Swat Team गठित की।

असीम अरुण Uttar Pradesh के हाथरस,बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, आगरा, अलीगढ़ और गोरखपुर में SP City/DIG भी रह चुके हैं। Lucknow लखनऊ एटीएस में भी कार्यभार संभाला। Police Commissioner Of Kanpur बनने से पहले वह UP-112 में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) थे।

ISIS आतंकी सैफुल्लाह का किया Encounter

असीम अरुण कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्कॉवयड (UP ATS) में तैनात थे। Kanpur के चकेरी थाना एरिया स्थित KDA Colony निवासी ISIS आतंकी सैफुल्लाह बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए राजधानी Lucknow के एक मकान में छिपा था। ATS की कमांडो टीम के साथ असीम अरुण ने सैफुल्लाह को लखनऊ के ठाकुरगंज मोहल्ले में घेरकर मार गिराया। सैफुल्लाह को Encounter में ढेर करने के बाद असीम अरुण खासे चर्चा में आ गए।