Articles by "खुदकुशी"
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Uttar Pradesh की कानून व्यवस्था ट्रैक से पूरी तरह उतर चुकी है। अपराधी और माफिया बेलगाम हैं। युवतियों और मासूम बच्चियों के साथ Rape जैसी संगीन वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कोढ़ में खाज वाली स्थित तब आती है जब पुलिस भी इन अपराधियों का साथ देने लगती है। 10 दिन पहले Kanpur पनकी में रेप की पीड़ित छात्रा के खुदकुशी का मामला अभी पूरी तरह से ठंडा भी नहीं पड़ा था कि Kanpur City में एक और बड़ी घटना हो गई। रायपुरवा के कोपरगंज में गैंगरेप की पीड़ित नाबालिग लड़की ने खुदकुशी कर ली।


देर रात ADG Zone (Kanpur) ने दी जानकारी, देखें Video


https://youtu.be/FWOxfJIY-x0

परिजनों का इल्जाम है कि थाना पुलिस कार्रवाई करने के बजाय आरोपितों को बचाने में जुटी थी। इसके पीछे तर्क ये है कि एक आरोपित के पिता थाने का S-10 सदस्य है। वहीं, SSP (KNR) अनंत देव तिवारी का कहना है कि मोहल्ले के महिलाओं के तानों से तंग होकर पीड़िता ने खुदकुशी की। श्रीतिवारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दोनों परिवारों के बीच रंजिश की बात भी प्रकाश में आई है। मामले की छानबीन की जा रही है। शनिवार सुबह एसएसपी ने रायपुरवा इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। कार्रवाई से साफ-साफ स्पष्ट है कि कहीं न कहीं ये पुलिस वाले दोषी हैं। जिसकी वजह से कप्तान ने त्वरित कार्रवाई की।


[caption id="attachment_19862" align="alignnone" width="700"] प्रतीकात्मक फोटो (साभार गूगल)[/caption]

YOGESH TRIPATHI


क्या है पूरा मामला ?


रायपुरवा थाना एरिया में रहने वाले एक कारपेंटर के 13 साल की लड़की कक्षा 6 की छात्रा थी। मोहल्ले में रहने वाले वासिफ, वसाफ और श्यामू नाम के युवकों ने नाबालिग छात्रा 13 जुलाई 2019 के दिन अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता जब थाने और चौकी पहुंची तो उसकी रिपोर्ट पुलिस ने नहीं दर्ज की। 27 जुलाई को अफसरों के आदेश पर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित लड़की का मेडिकल करवाया। परिजनों का आरोप है कि एक आरोपित के पिता S-10 के सदस्य हैं। जिसके प्रभाव में पुलिस कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाने लगी। दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार करने की कोशिश नहीं की।

पड़ोसी भी देने लगे ताने तो कर ली खुदकुशी


पीड़ित नाबालिग छात्रा ने शुक्रवार देर शाम घर के अंदर फांसी लगा ली। उसका शव फांसी के फंदे से लटकता देख परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस को स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। भीड़ ने पुलिस पर आरोपितों को बचाने और मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाकर देर रात तक हंगामा किया। पुलिस का कहना है कि मोहल्ले की कुछ महिलाएं पीड़िता को ताना देती थीं। शुक्रवार भी दो महिलाओं ने पीड़िता पर फब्तियां कसीं। जिसकी वजह से उसने खुदकुशी कर ली। दोनों महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

ADG के निर्देश पर पहुंचे SSP और SP


शुक्रवार रात जब पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर वॉयरल हुआ तो अफसरों के माथे पर बल पड़ा। मीडिया से बातचीत में ADG Zone (Kanpur) ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। एसपी को मौके पर भेजा गया है। वे जांच कर रहे हैं देर रात्रि को एसएसपी भी जाएंगे। SSP अनंत देव तिवारी भी देर रात मौके पर पहुंचे। शाम को सोशल मीडिया पर कानपुर पुलिस ने एसएसपी के बयान वाला वीडियो जारी कर घटनाक्रम से अवगत कराया। एसएसपी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज थी। मामले की विवेचना प्रचलित थी। महिलाओं के तानों से तंग होकर छात्रा ने खुदकुशी की। दोनों परिवारों के बीच रंजिश की बात भी सामने आ रही है। यदि किसी पुलिस वाले की भूमिका इस पूरे कांड में संलिप्त पाई गई तो निश्चित तौर पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पनकी में भी रेप पीड़िता छात्रा ने की थी खुदकुशी


कानपुर में ये कोई पहला मामला नहीं है जब किसी पीड़िता ने पुलिस की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर खुदकुशी की हो। 10 दिन पुरानी ही बात है। पनकी में बीटीसी की छात्रा ने रेप के आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर खुदकुशी कर ली थी। हालांकि पुलिस तब इस मामले में ये कहते हुए बच निकली थी कि मामला प्रेम-प्रसंग का था। शादी न होने पर पीड़िता ने रेप की मुकदमा लिखाया था। लेकिन जब सोशल मीडिया में खबरें वायरल हुई तो पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी गुजरात में की थी। रायपुरवा के कोपरगंज में नाबालिग पीड़िता के खुदकुशी करने के मामले ने कानपुर पुलिस के थानेदारों और चौकी प्रभारियों की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया।

 

 
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Uttar Pradesh के आगरा में “हिन्दुस्तान” संस्करण में सब एडिटर (उप संपादक) के पद पर कार्यरत सुरेश सिंह ने मंडे की अलसुबह खुदकुशी कर ली। उनका शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटकता मिला। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुरेश सिंह लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। देर रात्रि वे घर लौटे और खुदकुशी कर ली।


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 रात 2.30 बजे तक अखबार के दफ्तर में लगाते रहे पेज

सुरेश सिंह के करीबी दोस्तों की मानें तो संडे की रात्रि करीब 2.30 बजे तक वे अखबार के दफ्तर में पेज लगाते रहे। अखबार का संस्करण छूटने के बाद सुरेश सिंह घर चले गए। घर पहुंचने के थोड़ी देर बाद उन्होंने फांसी लगा ली। सुबह उनका शव कमरे के अंदर फांसी के फंदे से लटकता मिला तो हड़कंप मच गया। उनके खुदकुशी करने की खबर जब साथी मीडिया कर्मियों को लगी तो सभी उनके निवास स्थान पर पहुंचे।

https://twitter.com/VnsAnuTi/status/1142829088748343297

 आर्थिक तंगी के साथ काम को लेकर भी थे डिप्रेशन में

सुरेश सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वे आर्थिक तंगी से तो जूझ ही रहे थे, साथ ही साथ अखबार में देर रात्रि तक काम करने की वजह से भी वे काफी थकान और तनाव महसूस करते थे। इसका जिक्र वे कई बार साथी मीडिया कर्मचारियों से कर चुके थे। सिटी एडीशन के साथ कभी-कभी वे पहले पेज को भी लगाते थे।

https://twitter.com/pankajjha_/status/1142969190556422144

प्रिंट मीडिया के पत्रकारों की हालत बेहद खराब

वर्तमान समय में प्रिंट मीडिया में कार्यरत पत्रकारों और पेज बनाने वाले ऑपरेटरों की हालत अधिक दयनीय हो चुकी है। अखबार में ऊंचे पदों पर बैठे संपादक, समाचार संपादक, उप समाचार संपादक और चीफ रिपोर्टर के वेतन को यदि छोड़ दें तो निचले स्तर पर कार्यरत पत्रकारों का वेतन कुछ खास नहीं होता है। पुरानी भर्ती वाले लोगों का वेतन ही ठीक लेकिन जो नई भर्तियां हो रही हैं वो तीन साल के कांट्रैक्ट पर की जाती हैं। यूपी में किसी भी अखबार के मालिक ने मजीठिया को लागू नहीं किया है। लिहाजा ट्रेनी रिपोर्टर 8 से 12 हजार, रिटेरनशिप में रखे गए रिपोर्टर 4500 से 6000 रुपए के बीच ही वेतन पाते हैं। सब एडिटर के पद पर कार्यरत पत्रकारों को 12 से 15 हजार के बीच ही वेतन मिलता हैं। कुछ अखबारों में ये 18 से 22 हजार रुपए तक ही है।

मीडिया संस्थानों में भी चालू हो चुका है वसूली का धंधा

वसूली का धंधा अभी तक सरकारी महकमों में ही देखने और सुनने को मिलता था लेकिन हाल के कुछ वर्षों में ये गोरखधंधा मीडिया संस्थानों में भी शुरु हो चुका है। ऊंचे पदों पर बैठे लोग जिलों के रिपोर्टरों से हर महीने की मोटी वसूली कर रहे हैं। डेस्क और फील्ड पर कार्यरत निचले स्तर के कर्मचारियों को बेवजह तंग कर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकियां दी जाती हैं। हाल के दिनों में कुछ की तो “बलि” (नौकरी से निकाला) जा चुका है। लंबे समय से कार्यरत तमाम सीनियर जर्नलिस्ट के डिप्रेशन में काम करने की एक बड़ी वजह ये भी है कि वर्तमान हालात में उन्हें अपने से काफी जूनियर के नीचे काम करना पड़ रहा है।

तमाम संस्थानों में जो संपादक हैं वे किसी न किसी तिकड़म, दलाली और सप्लाई के जरिए यहां तक पहुंचे हैं। सच्चाई ये है कि कोई ढंग की खबर भी वे नहीं लिख सकते हैं लेकिन दिल्ली और नोएडा तक सप्लाई करने के बदौलत वे उच्चपदों पर आसीन हैं। इन संपादकों के नीचे वो लोग काम कर रहे हैं जो कभी उनको सिखाते थे या फिर उन्हें नौकरी में लाए थे। कुल मिलाकर अखबार में प्रमोशन का कोई पैमाना नहीं बचा है। काम के आधार पर आपको न प्रमोशन मिलेगा और न ही आपका वेतन बढ़ेगा। तमाम ऐसे सीनियर पत्रकार हैं जो सिर्फ परिवार की वजह से मजबूरी में नौकरी कर रहे हैं।


 

 

 
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Uttar Pradesh के Kanpur City स्थित बिठूर थाना एरिया के मंधना चौकी क्षेत्र में प्रेमी युगल ने गले में "मौत का फंदा" डाल लिया। दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शवों को नीचे उतारा। फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम भी मौका-ए-वारदात पर पहुंची। खुदकुशी की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन दोनों की मौत पर तरह-तरह की चर्चाएं गांव में हो रही हैं।


https://twitter.com/adgzonekanpur/status/1139144094817505281

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घर पर अकेले मौजूद प्रेमी से मिलने पहुंची थी प्रेमिका

मामला बिठूर के मंधना चौकी स्थित कछियाना गांव का है। यहां पर रहने वाले गोलू (21) का प्रेम-प्रसंग लंबे समय से शैफाली वर्मा के साथ था। समय के साथ दोनों का प्रेम भी परवान चढ़ने लगा। दोनों की मोहब्बत पड़ोसियों को रास नहीं आई। गुरुवार दोपहर गोलू के परिजन किसी काम से बाहर गए थे। इस बीच मौका पाकर प्रेमिका शैफाली वर्मा प्रेमी के घर पहुंच गई।

https://twitter.com/igrangekanpur/status/1139145319332007936

पड़ोसियों के शोर मचाने पर दोनों ने लगा ली फांसी

चर्चा है कि गोलू के घर पर शैफाली को जाता देख मोहल्ले के कुछ लोगों ने शोर मचाया। जिसके बाद दोनों कमरे के अंदर चले गए और फांसी लगा ली। गोलू के परिवारीजन जब वापस लौटे तो कमरा बंद मिला। आवाज देने के बाद भी जब कमरा नहीं खुला तो अंदर झांककर देखा गया। कमरे के अंदर प्रेमी-प्रेमिका की लाश लटकती मिली। परिजनों की सूचना पर मंधना चौकी के दरोगा और सिपाही पहुंचे। थोड़ी देर बाद थानेदार भी फोर्स के साथ पहुंच गए। वहीं, प्रेमी युगल की खुदकुशी के बाद एरिया में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1139145151291355137

क्या कहते हैं सीओ कल्याणपुर ?

कल्याणपुर सर्किल के CO का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का प्रतीत होता है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने साक्ष्यों का संकलन किया है। दोनों ही परिवार के किसी सदस्य ने कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाया है। शवों के पोस्टमार्टम का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस खुदकुशी की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है।

 

 

Uttar Pradesh के Fatehpur जनपद में फ्राइ-डे की सुबह एक सनसनीखेज वारदात से एरिया में दहशत फैल गई। सदर कोतवाली के तुराब अली का पुरवा में प्रेमी युगल के शव फांसी के फंदे से लटकते मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वीडियोग्राफी के बाद शवों को नीचे उतरवाया। ग्रामीण तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। पुलिस हत्या और आत्महत्या के बिन्दु पर छानबीन कर रही हैं। वहीं कुछ लोग दबी जुबान से आनर किलिंग की बात भी कह रहे हैं। थानेदार का कहना है कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मालुम हो सकेगी। वहीं चर्चा इस बात की भी हो रही है कि प्रेमी युगल आधी रात को घर से भाग निकले। गांव के बाहर ही प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरा और फिर फांसी के फंदे से दोनों झूल गए।


[caption id="attachment_19488" align="alignnone" width="720"] प्रेमी युगल के शव पूरी तरह से जमीन को छू रहे थे इस लिए ग्रामीण आनर किलिंग की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।[/caption]

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एक रस्सी के दो छोर से बनाया "मौत का फंदा"


सदर कोतवाली क्षेत्र में तुराब अली का पुरवा में शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने युवक-युवती के शव पेड़ से लटके देखे। ये खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। खबर मिलते ही दोनों के परिजन भी मौके पर पहुंचे। प्रेमी की पहचान ननका के बेटे नीरज (23) निवासी तुराबअली का पुरवा और प्रेमिका की पहचान शीतला नगर निवासी मुन्ना की बेटी कोमल (21) के रूप में हुई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस भी पहुंची और वीडियोग्राफी कराने के बाद शवों को नीचे उतरवाया। तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद साफ है कि प्रेमी युगल ने खुदकुशी के लिए एक ही रस्सी का सहारा लिया। दोनों ने एक ही रस्सी के अलग-अलग छोर से फांसी लगाकर जान दी है। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों एक ही बिरादरी से ताल्लुक रखते थे।

https://twitter.com/redeyestimes/status/1129236914718949378

कुछ दिन पहले परिजनों ने की थी लड़के की पिटाई


युवक-युवती के प्रेम प्रसंग की जानकारी कुछ ही दिन पहले परिजनों को लगी थी। इस बात पर कोमल के परिजनों ने नीरज को फटकारने के साथ ही थप्पड़ भी मारा था। वहीं लड़के के घरवालों का कहना लड़की पक्ष शादी के लिए राजी नहीं थे। लड़के के परिजनों ने आनर किलिंग की आशंका जताई है। युवती की मांग में लगे सिंदूर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस अभी कुछ कहने से बच रही है। अब सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या दोनों ने काफी पहले शादी रचा ली थी ? या फिर गंधर्व विवाह के बाद खुदकुशी की ? प्रेमी युगल की मौत एरिया में चर्चा का विषय बनी है।

 

 

 

 
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Kanpur के सचेंडी थाना एरिया स्थित Pranveer Singh Institute Og Tecnology (PSIT) की B-Tech छात्रा Riya Hora ने खुदकुशी कर ली। रिया होरा का शव कमरे के अंदर पंखे के सहारे  फंदे से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची लोकल पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिया ने खुदकुशी क्यों और किन परिस्थितियों में की ? @kanpurnagarpol के लिए ये बड़ा “यक्ष प्रश्न” है। अहम बात ये है कि इस संस्थान में ये खुदकुशी की पहली वारदात नहीं है, इसके पहले भी कई स्टूडेंट्स खुदकुशी कर चुके हैं। एसपी ग्रामीण ने खुदकुशी के बाबत अपना बयान जारी किया है। जिसे कानपुर पुलिस ने Twitter पर Tweet किया है।


https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1124323656031621120

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झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली थी Riya Hora


रिया होरा की facebook प्रोफाइल के मुताबिक वो झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली थी। रिया B-Tech (3rdYear) की छात्रा थी। साथी छात्राओं के मुताबिक रिया बेहद ही हंसमुख स्वभाव की लड़की थी। सभी से उसके बढ़िया रिश्ते थे।

फ्राइ-डे की शाम 4 बजे किया सुसाइड


इंस्पेक्टर सचेंडी के मुताबिक रिया होरा ने शाम करीब चार बजे खुदकुशी की। प्रबंधन की तरफ से सूचना मिलने के बाद फोर्स मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। वहीं, पुलिस के एक बड़े अफसर की मानें तो अभी तक की छानबीन में मामला प्रेम-प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। तमाम बिन्दुओं पर छानबीन जारी है। रिया के मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। कुछ कॉल की डिटेल भी देर-सबेर पुलिस निकाल सकती है।

पहले भी कई छात्र-छात्राएं कर चुके हैं खुदकुशी


Kanpur के सचेंडी थाना एरिया स्थित Pranveer Singh Institute Og Tecnology (PSIT) परिसर में ये खुदकुशी की कोई पहली घटना नहीं है। इसके पूर्व में भी कई छात्र-छात्राओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। पुलिस भी सत्ता कनेक्शन होने की वजह से हमेशा प्रबंधतंत्र की तरफ से ही खड़ी रहती है। कई बार तो हालात ये हो चुके हैं कि परिजनों की तरफ से संगीन आरोप भी लगाए गए लेकिन मामले में लीपापोती हो गई। कानपुर में रहने वाले रिया होरा के एक करीबी रिश्तेदार से www.redeyestimes.com (News Portal) ने मोबाइल पर बात करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका।