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40 घंटे से भी अधिक का समय बीत चुका है लेकिन राजधानी लखनऊ की पुलिस अभी तक पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी के हत्यारोपितों हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह और सूरज शुक्ला को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने दोनों के करीबी लोगों को हिरासत में ले रखा है। SSP ने दो आरोपितों पर 20-20 हजार का इनाम घोषित किया है।


[caption id="attachment_18647" align="aligncenter" width="710"] हत्यारोपित हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह और सूरज शुक्ला[/caption]

लखनऊ। यूपी की राजधानी Lucknow के बेहद हाई सिक्योरिटी जोन वाले एरिया हजरतगंज चौराहा स्थित कुष्मांडा हाउस में शनिवार देर रात BJP के पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी की हत्या में आरोपित हिस्ट्रीशीटर और उसके साथी को 40 घंटे बाद भी पुलिस Arrest नहीं कर सकी है। SSP लखनऊ ने हत्यारोपित विक्रम सिंह और सूरज शुक्ला पर 20-20 हजार का इनाम घोषित किया है।


सूरज शुक्ला के घर से मिली 30 लाख की नकदी


पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव की हत्या में आरोपित सूरज शुक्ला के घर पर जब पुलिस ने दबिश दी तो उसके यहां से लाखों की करेंसी पुलिस के हाथ लगी है। सूत्रों की मानें तो करीब 30 लाख रुपए बरामद हुए हैं। वहीं पुलिस ने सूरज के कुछ करीबी लोगों को हिरासत में अभी भी ले रखा है।

रायबरेली समेत कई जनपदों में जारी है दबिश


वैभव के मर्डर में आरोपित हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह और सूरज शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए बनाई गई पुलिस की आधी दर्जन टीमों ने रायबरेली समेत कई जनपदों में ताबड़तोड़ दबिश दी लेकिन दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

हाई सिक्योरिटी जोन में मर्डर से खुली पुलिस की पोल


पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे की हत्या हजरतगंज के बेहद हाई सिक्योरिटी जोन वाले कुष्मांडा हाउस में की गई। यहां से विधान भवन महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर है। तमाम सरकारी दफ्तर के साथ अफसरों, मंत्रियों और विधायकों के साथ कई अखबार के दफ्तर भी इसी एरिया में आते हैं। राजधानी का सबसे महफूज एरिया में मर्डर होने से लखनऊ पुलिस के शिथिलता और कार्यप्रणाली की पोल भी खुल गई है।

 

Lucknow की मीडिया पर दोपहर के बाद से ही पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव की हत्या में आरोपित हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह और उसके साथी सूरज शुक्ला को रायबरेली से उठाए जाने की चर्चा हो रही है। हालांकि पुलिस के किसी भी अफसर ने दोनों की गिरफ्तारी या फिर हिरासत की पुष्टि नहीं की है। दोनों के करीबी लोगों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि अफसरों ने की है। हत्या के पीछे अभी तक की जांच में त्रिकोणीय प्रेम कहानी की बात सामने आ रही है।


[caption id="attachment_18618" align="aligncenter" width="835"] यूपी के गवर्नर राम नाइक के साथ वैभव तिवारी की यह फोटो एक कार्यक्रम की है। जिसमें वह राज्यपाल के साथ खड़े हैं (लाल घेरे में)[/caption]

लखनऊ। सूबे की राजधानी Lucknow में डुमरियागंज के पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी मर्डर केस की “मिस्ट्री” सुलझाने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस के शक की पहली सूई प्रापर्टी कारोबार से जुड़ी थी लेकिन जब पुलिस ने आरोपी हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह और सूरज शुक्ला के करीबी लोगों को उठाया तो जांच त्रिकोणीय प्रेम कहानी पर जाकर अटक गई। पुलिस का कहना है कि कई बिन्दु पर छानबीन की जा रही है लेकिन अभी तक की पड़ताल में त्रिकोणीय प्रेम कहानी की बात भी एक बिन्दु के रूप में उभरकर सामने आया है। हत्यारोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी कि वैभव का मर्डर किस वजह से किया गया ?


[caption id="attachment_18624" align="alignleft" width="420"] त्यारोपित हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह की फोटो[/caption]

रायबरेली से विक्रम और सूरज के पकड़े जाने की चर्चा


वहीं, देर शाम हत्यारोपितों विक्रम सिंह और सूरज शुक्ला के रायबरेली जनपद से दोपहर के वक्त उठाए जाने की चर्चा होती रही। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ पुलिस देर शाम तक दोनों को लेकर राजधानी पहुंच भी गई है लेकिन किसी भी पुलिस अफसर ने गिरफ्तारी की पुष्टि फिलहाल अभी तक नहीं की है।



[caption id="attachment_18625" align="alignleft" width="286"] हत्यारोपित सूरज शुक्ला[/caption]

दबाव बनाने को पुलिस ने करीबियों को सुबह ही टांगा


हत्यारोपितों की गिरफ्तारी और उन पर दबाव बनाने के लिए लखनऊ पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह और सूरज शुक्ला के बेहद अति करीबी छह लोगों को अलसुबह ही सभी के घरों से टांग लिया। सभी से बेहद गुप्त स्थान पर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि इन सभी से कई ठिकानों के बारे में जानकारी मिली। जिसके आधार पर पुलिस की एक टीम रायबरेली के लिए रवाना कर दी गई।

चश्मदीद आदित्य के बयान भी शक के घेरे में


पुलिस सूत्रों की मानें तो चश्मदीद आदित्य के बयान भी शक के घेरे में हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि हत्या कार के अंदर की गई। कातिलों ने कार के अंदर ही वैभव को गोली मारी। लेकिन पुलिस को उलझाने के लिए आदित्य ने कहानी उलट दी। उसने ऐसा क्यों किया ? यह जांच का विषय है ?

शनिवार देर रात हुई थी वैभव की हत्या


डुमरियागंज से पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव की हत्या शनिवार देर रात हजरतगंज चौराहा स्थित कुष्मांडा हाउस परिसर में हुई। वैभव सिद्धार्थ नगर स्थित अपने पैतृक गांव से ग्राम प्रधान थे। उनकी मां संध्या तिवारी बीडीसी सदस्य हैं। पूरा परिवार कुष्मांडा हाउस के अपार्टमेंट नंबर 322 में रह रहा था।

शनिवार की रात Lucknow के कुष्मांडा हाउस में मारे गए BJPके  Ex.MLA जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी सिद्धार्थ नगर के पैतृक गांव से ग्राम प्रधान थे। चार साल पहले वैभव की शादी शिवांशु कुमारी के साथ हुई थी। वैभव के एक तीन साल की बेटी है वैष्णवी। इकलौते चिराग की मौत के बाद से परिवार में कोहराम का माहौल है। वही सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सदस्य वैभव के शव को लेकर गृह जनपद के लिए रवाना हो गए हैं।


[caption id="attachment_18616" align="aligncenter" width="710"] वैभव तिवारी अपनी पत्नी शिवाशुं तिवारी के साथ (फाइल फोटो)[/caption]

YOGESH TRIPATHI


कानपुर। यूपी की राजधानी Lucknow के बेहद हाईसिक्योरिटी जोन कहे जाने वाले हजरतगंज चौराहा स्थित कुष्मांडा हाउस में शनिवार देर रात बीजेपी के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश तिवारी उर्फ जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी की हत्या में रिटायर्ड महिला दरोगा के हिस्ट्रीशीटर बेटे विक्रम सिंह का भी नाम आ रहा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो विक्रम पर हजरतगंज कोतवाली समेत लखनऊ के कई थानों में 28 मुकदमें पंजीकृत हैं। पुलिस अफसरों की मानें तो ये पूरी दुस्साहसिक वारदात CCTV कैमरे में कैद हो चुकी है।


[caption id="attachment_18618" align="aligncenter" width="835"] यूपी के गवर्नर राम नाइक के साथ वैभव तिवारी की यह फोटो एक कार्यक्रम की है। जिसमें वह राज्यपाल के साथ खड़े हैं (लाल घेरे में)[/caption]

5 साल पहले अलीगंज में विक्रम सिंह ने डाला था डाका


पुलिस अफसरों की मानें तो वैभव तिवारी की हत्या में नामजद विक्रम सिंह का अपराधिक सफर पांच साल पहले तब शुरु हुआ था जब उसने अलीगंज की एक बैंक में डकैती डाली थी। हजरतगंज कोतवाली में उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 82-A है। इस कुख्यात अपराधी बेटे के लिए हर समय खड़ी रहने वाली उसकी महिला दरोगा मां अभी हाल में ही CBCID से सेवानिवृत हुई है। विक्रम सिंह के बारे में जानकारी रखने वाले पुलिस सूत्रों की मानें तो वह बेहद क्रूर किस्म का अपराधी है। अभी हाल में ही उसने लखनऊ SSP आफिस के पास एक विक्रेता से असलहों के बल पर रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था लेकिन जेल से छूटने के बाद से वह फिर गुंडागर्दी कर रहा था।

पिकेट से 10 मीटर की दूरी पर हुई सनसनीखेज वारदात


हजरतगंज के कुष्माडा हाउस में शनिवार देर रात हुई सनसनीखेज वारदात ने राजधानी पुलिस के तमाम दावों की पोल खोल कर दी है। यह बेहद हाई सिक्योरिटी जोन है। यहां से महज  चंद कदम की दूरी पर तमाम अखबारों के दफ्तर, विधायकों और मंत्रियों के आवास होने के साथ तोड़ी ही दूरी पर अफसरों के दफ्तर भी हैं। जिस जगह पर हत्या की गई है वहां से थोड़ी ही दूरी पर पुलिस की पिकेट ड्यूटी भी रहती है। यूपी पुलिस की डॉयल 100 सेवा भी यहां पर मौजूद रहती। इतने के बाद भी हत्यारे सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर भाग निकले, यह पुलिस के चौकसी की पोल खोलता है।

सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने के बाद पहुंची पुलिस


राजधानी के बेहद हाई सिक्योरिटी जोन में बीजेपी के पूर्व विधायक की हत्या हो गई और पुलिस सोती रही। पुलिस पिकेट से लेकर 100 नंबर और थाना पुलिस को हत्या की खबर तक नहीं मिली। सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने के बाद थाना पुलिस नींद से जागी और मौका-ए-वारदात के लिए रवाना हुई। थोड़ी ही देर में पुलिस के तमाम बड़े अफसर पहुंच गए।

CCTV फुटेज को पुलिस ने कब्जे में लिया


मौके पर पहुंचे पुलिस के अफसरों ने कुष्मांडा हाउस में लगे CCTV में जब वारदात कैद देखी तो उन्होंने फुटेज को कब्जे में ले लिया। इंस्पेक्टर आनंद शाही के मुताबिक फुटेज देखी जा रही है। पुलिस की चार टीमें सूरज और हिस्ट्रीशीटर विक्रम की तलाश में लगी हैं। जल्द ही सभी की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

 

 

 

 

UP में "रामराज्य" की बात कहने वाले UPCM योगी आदित्यनाथ के अब "दावे थोथा चना, बाजे घना" वाले मुहावरे को चरित्रार्थ कर रहे हैं। खुद के हाईटेक होने का दावा करने वाली सूबे की UP Police अपराधियों के आगे पस्त हो चुकी है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण राजधानी Lucknow में शनिवार की देर रात देखने को मिला। बेखौफ अपराधियों ने लखनऊ के सबसे हाई सिक्योरिटी जोन एरिया हजरतगंज चौराहे के कुष्मांडा हाउस में BJP के Ex.MLA जिप्पी तिवारी के इकलौते बेटे वैभव तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी।


[caption id="attachment_18615" align="aligncenter" width="695"] वैभव तिवारी (फाइल फोटो)[/caption]

YOGESH TRIPATHI


लखनऊ। नौ महीना पहले विधान सभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद सूबे में “रामराज्य” लाने की बात कहने वाली BJP की सरकार में अब “गुंडाराज” स्थापित हो चुका है। खाकी और खादी की छतरी के नीचे अपराध का “ककहरा” सीखने वाले बेलगाम अपराधी और पुलिस और नेताओं पर कहर बनकर टूट रहे हैं। इन बेलगाम अपराधियों ने UP Police को बैकफुट कर रखा है। राजधानी Lucknow के बेहद हाई सिक्योरिटी जोन वाले हजरतगंज चौराहा स्थित कुष्मांडा हाउस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के डुमरियागंज से Ex.MLA रहे प्रेम प्रकाश तिवारी उर्फ जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी (28) की शनिवार देर रात लग्जरी गाड़ी से आए बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।


सिद्धार्थ नगर जनपद के रहने वाले हैं जिप्पी तिवारी


डुमरियागंज विधान सभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके प्रेम प्रकाश तिवारी उर्फ जिप्पी तिवारी अपनी फैमिली के साथ Lucknow के हजरतगंज चौराहा स्थित कुष्मांडा हाउस के फ्लैट नंबर 322 में परिवार के साथ रहते हैं।

 

[caption id="attachment_18618" align="aligncenter" width="835"] यूपी के गवर्नर राम नाइक के साथ वैभव तिवारी की यह फोटो एक कार्यक्रम की है। जिसमें वह राज्यपाल के साथ खड़े हैं (लाल घेरे में)[/caption]

गांव का प्रधान था इकलौता बेटा वैभव


शनिवार देर रात बदमाशों के हाथों मारे गए वैभव तिवारी पूर्व विधायक के इकलौते बेटे थे। वैभव अपने पैतृक गांव से ग्राम प्रधान भी थे, साथ ही वह अपनी जीविका के लिए प्रापर्टी डीलिंग का कारोबार भी कर रहे थे। साथ ही वह बीजेपी की सक्रिय राजनीति में भी थे।

पिता और ममेरे भाई के साथ बैठे थे वैभव तिवारी


पुलिस के मुताबिक शनिवार देर रात वैभव अपने पिता और ममेरे भाई आदित्य के साथ अपार्टमेंट के नीचे बैठे थे। उसी समय वैभव के मोबाइल पर अर्जुनगंज के खुर्दही बाजार में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर सूरज शुक्ला का मोबाइल आया। जिप्पी तिवारी और वैभव का ममेरा भाई अंदर चले गए लेकिन वैभव नीचे ही रुका रहा। इसी बीच SUV गाड़ी से पहुंचे सूरज और उसके साथी वैभव के साथ बातचीत करने लगे।

बातचीत के दौरान ही सूरज की वैभव से गाली-गलौच हुई। इसके बाद सूरज ने पिस्टल निकाल वैभव तिवारी के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही वैभव जान बचाने के लिए भागा। पार्किंग में गिरने के बाद वैभव काफी देर तक तड़पता रहा लेकिन उसकी मदद को कोई आगे नहीं बढ़ा। इस बीच उसके ममेरे भाई आदित्य ने मोबाइल कर सूचना पिता जिप्पी तिवारी को दी। परिवार के लोग वैभव को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंचे


वारदात की खबर मिलते ही लखनऊ पुलिस के सभी बड़े अफसर मौका-ए-वारदात पर पहुंच गए। कातिलों की धरपकड़ के लिए अफसरों ने पुलिस की चार टीमें बनाई हैं। बताया जा रहा है कि सूरज शुक्ला हिस्ट्रीशीटर है। उस पर कई मुकदमें पंजीकृत हैं।