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12 घंटे के दौरान Murder की दो बड़ी दुस्साहसिक वारदातों से Kanpur City थर्रा उठी। पहली वारदात Mid-Night शहर के पॉश एरिया स्वरूप नगर में हुई। जहां थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर युवक की बेरहमी से हत्या बेखौफ कातिलों ने कर दी। पुलिस इस मर्डर केस की गुत्थी पूरी तरह से अभी सुलझा भी नहीं पाई थी कि South City के नौबस्ता में प्रापर्टी डीलर का कत्ल हो गया। प्रापर्टी डीलर का शव बेडरूम में गुरुवार सुबह पड़ा मिला। परिवार के लोग लूटपाट के बाद हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक SSP (Kanpur Nagar) अनंत देव त्रिपाठी भी पहुंच गए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रापर्टी डीलर प्रहलाद सिंह पाल (55) का प्रापर्टी को लेकर परिवार के लोगों से ही पुराना विवाद था। हत्या में करीबी के शामिल होने का शक पुलिस को है। कई बिन्दुओं पर छानबीन की जा रही है। जल्द ही कातिलों को Arrest कर लिया जाएगा।


https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1126385885182713856

YOGESH TRIPATHI


हंसपुरम चौकी के रमन बिहार कालोनी में दुस्साहसिक वारदात


रोंगटे खड़ी कर देने वाली यह वारदात नौबस्ता थाना एरिया के रमन बिहार कॉलोनी की है। यहां प्रापर्टी डीलर प्रहलाद सिंह परिवार के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि प्रहलाद की पत्नी प्रिया प्यारी (48) रिश्तेदार के घर तेरहवीं में गईं थीं। घर पर प्रहलाद सिंह अकेले थे। सुबह प्रहलाद का शव बेडरूम के अंदर रक्तरंजित हालत में पड़ा मिला। कमरे के अंदर अलमारी का ताला टूटा था। परिजनों का कहना है कि ज्वैलरी, नकदी और आवश्यक कागजात गायब हैं। परिजनों ने लूटपाट के बाद हत्या की आशंका जताई है। मौके पर पहुंचे SSP (Kanpur Nagar) अनंत देव त्रिपाठी ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका है। प्रापर्टी को लेकर परिवार के कुछ लोगों से विवाद था। श्रीत्रिपाठी ने कहा कि कई बिन्दुओं पर छानबीन की जा रही है।

मर्डर में करीबी के शामिल होने की आशंका


मौका-ए-वारदात पर पहुंचे नौबस्ता थानेदार समर बहादुर सिंह का कहना है कि प्रहलाद सिंह पाल (55) के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। शरीर पर कुछ जाहिरा चोट के निशान मिले हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि निश्चित तौर पर इस वारदात में परिवार का बेहद करीबी व्यक्ति शामिल रहा होगा। जिसे घर के हर कोने की बारीकी से जानकारी थी। उन्होंने कहा कि कई बिन्दुओं पर छानबीन की जा रही है।

[caption id="attachment_19450" align="aligncenter" width="532"] बुधवार देर रात स्वरूप नगर थाने के पास प्रिंस नाम के युवक की कातिलों ने पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी।[/caption]

Mid-Night थाने के पास युवक की हत्या से सनसनी


मर्डर की पहली वारदात बुधवार/गुरुवार की मध्य रात्रि प्रिंस और शिवा नाम के दो युवकों को चार हमलावरों ने घेर लिया। मोबाइल पर बातचीत के बाद हमलावरों ने दोनों की बेरहमी से पिटाई की। हमले में प्रिंस नाम के युवक की जान चली गई और शिवा घायल हो गया। देर रात सनसनीखेज वारदात के बाद एरिया में दहशत फैल गई। पुलिस ने तहरीर पर चार युवकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया है।

https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1126372932584796161

 

 
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Kanpur के बिठूर थाने की हवालात में एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में "आग का गोला" बन गया तो वहां मौजूद पुलिस वालों के होश उड़ गए। युवक की आग बुझाने के बाद उसे बेहद गुपचुप तरीके से पुलिस ने रामा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। युवक कैसे और किन परिस्थितियों में जला ये बड़ा “यक्ष प्रश्न” बना है। हमेशा की तरह आला अफसर एक बार फिर अपने मातहतों को बचाने में जुट गए। हालांकि जब ये खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैली तो Kanpur Nagar Police थोड़ा बैकफुट पर आई। परिजनों ने काफी देर तक अस्पताल परिसर में हंगामा कर बिठूर थानेदार और उनके अधीनस्थों के खिलाफ बेहद संगीन इल्जाम लगाए हैं। परिवार का आरोप है कि युवक को बेरहमी से पीटने के बाद उसके गुप्तांग में पेट्रोल डाला गया। जब पुलिस वालों का मन इससे भी नहीं भरा तो उसे करंट लगा दिया। चूंकि शरीर पर पहले से ही पेट्रोल था इस लिए युवक पल भर में ही "आग का गोला" बन गया। Kanpur Police की तरफ से Twitter पर SSP (KNR) अनंत देव त्रिपाठी के बयान वाला Video जारी किया गया है। जिसमें श्रीत्रिपाठी ने कहा कि युवक से पूछताछ की जा रही थी। लघु शंका का बहाना बनाकर युवक गया और आग लगा ली।


https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1113051867154735110

YOGESH TRIPATHI


हत्या के मामले में मोनू को लाई थी बिठूर पुलिस


युवक के साथ थर्ड डिग्री देकर उसे जलाने का मामला जब तूल पकड़ा तो खबर परिजनों को भी लगी। आनन-फानन में परिवार के सदस्य बिठूर थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने किसी को युवक की लोकेशन नहीं बताई। इस पर परिवार के लोगों ने हंगामा शुरु कर दिया। घटना की पृष्ठभूमि में बताया जा रहा है कि बिठूर के भिडैया गांव निवासी रामसजीवन के बेटे निर्मल निषाद (22) का शव गुरुवार को रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु की। मंडे की नाइट पुलिस मृतक के जीजा उन्नाव के गंगाघाट निवासी संजय के भाई मोनू और उसके साथी सोनू को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर बिठूर आई। सुबह करीब चार बजे मोनू थाना परिसर में आग का गोला बन गया।

थाना पुलिस के पैरों के नीचे से खिसकी जमीन


बताया जा रहा है कि काफी देर तक पुलिस ने मोनू से पूछताछ की। सुबह करीब चार बजे जब मोनू आग की लपटों में घिरा तो पुलिस वालों के हाथ-पांव फूल गए। किसी तरह आग बुझाने के बाद थाना पुलिस उसे लेकर रामा अस्पताल पहुंची। अस्पताल के एक गोपनीय कमरे में मोनू का चिकित्सकों ने इलाज शुरु किया। इस बीच मोनू के परिजन पहुंचे तो सभी बवाल करने लगे। सूचना पर कल्याणपुर क्षेत्राधिकारी पहुंचे। वहां मौजूद बिठूर थानेदार ने सीओ को बताया कि मोनू ने खुद आग लगा ली है।

थर्ड डिग्री के बाद दी एनकाउंटर की धमकी


अस्पताल में भर्ती मोनू ने मीडिया को बताया कि उसे थाने में लाने के बाद काफी देर तक बेरहमी से पीटा गया। आरोप है कि इसके बाद उसके शरीर के नाजुक अंगों में पेट्रोल डाला गया। आरोप है कि पुलिस वाले बीच-बीच में एनकाउंटर की धमकी देते रहे। कुछ देर बाद पुलिस ने करंट लगाया तो वो आग की लपटों में घिर गया। हालांकि कुछ देर बाद ही वो मीडिया के कैमरों के सामने अपने ही बयान से पलट गया और परिवार के लोग भी कहने लगे कि पुलिस से कौन भिड़ पाया है। ठीक है आप लोग रहने दीजिए।

एक सफेद झूठ के लिए कई मनगढ़ंत “कहानियां”


मोनू का कहना है कि पुलिस ने पेट्रोल डालने के बाद करंट लगाया जिसकी वजह से वो आग की लपटों में झुलस गया। वहीं पुलिस का कहना है कि मोनू ने खुद ही आग लगा ली। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर माचिस और ज्वलनशील पदार्थ कहां से आया ? इस पर पुलिस काफी देर तक जवाब देने से बचती रही। लेकिन बाद में SSP ने अपना बयान देकर वीडियो जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि मोनू ने खुद आग लगाई है। माचिस और ज्वलनशील पदार्थ के बाबत उन्होंने कहा कि उसने अपने पास रखा था। सवाल ये उठता है कि यदि अंगुली में लोहे का छल्ला हो तो हवालात में डालने से पहले उसे भी उतार लेने वाली पुलिस आखिर माचिस और पेट्रोल क्यों नहीं खोज पाई ? क्या दबिश के दौरान मोनू अपने घर में पेट्रोल और माचिस जेब में लेकर सो रहा था ? तमाम ऐसे “यक्ष प्रश्न” हैं जो पुलिस के दावों की पोल खोलते हैं।

पुलिस के खौफ से मोनू ने पलटा बयान


इसे पुलिस का खौफ कहें या फिर मजबूरी। मीडिया के सामने चीख-चीखकर पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का इल्जाम लगाने वाला मोनू कुछ घंटों में ही अपने बयान से मुकर गया। मोनू ने काफी देर बाद जब दुबारा पुलिस की मौजूदगी में बयान दिया तो उसने कहा कि पुलिस के डर से उसने खुद ही आग लगा ली।

थाने की “तीसरी आंख” खराब


बिठूर थाना परिसर में लगा CCTV कैमरा अफसरों को खराब मिला। सवाल ये है कि कैमरा आखिर कब से खराब है ? खराब है या फिर खराब किया गया ? खराब है तो कब से ? क्या इसे ठीक कराने के लिए कभी थाना पुलिस की तरफ से अफसरों को पत्र लिखा गया या फिर अपनी तरफ से भी थाना पुलिस ने कोई कोशिश की। CCTV के खराब होने की पुष्टि तो एक्सपर्ट ही कर सकेंगे। पूरे मामले पर सीओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।