Articles by "इटावा"
इटावा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
no image

खबर करीब पांच दिन पुरानी है लेकिन बेहद दिलचस्प है। अमर उजाला के इटावा ब्यूरो से पत्रकारिता को शर्मशार कर देने वाली खबर आई है। यहां ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत पवन श्रीवास्तव की नौकरी एक सपा नेता से “मोटी डील” के चक्कर में चली गई। सपा नेता और पवन श्रीवास्तव के बीच बातचीत का आडियो इन दिनों सोशल मीडिया में Viral हो रहा है। जिसमें नौकरी से निकाला गया ये ब्यूरो चीफ सपा नेता से आमने-सामने बैठकर “डील” की बात कर रहा है। किरकिरी होने के बाद अमर उजाला के प्रबंधतंत्र ने अपने इस “कथित जांबाज” ब्यूरो चीफ को फिलहाल संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अंदरखाने से खबर ये है कि जल्द ही कुछ और भी अखबारों के पत्रकार इसी तरह बिछाए गए "जाल" में फंस सकते हैं।


सपा नेता के साथ बातचीत का सुनें आडियो…. (साभार---


bhadas4media) (News Portal)


https://youtu.be/7rXca8Xsaxw

Yogesh Tripathi


“हिन्दुस्तान” के उरई ब्यूरो से भी निकाला जा चुका है ये पत्रकार


कानपुर के रहने वाले पवन श्रीवास्तव के बारे में बताया जा रहा है कि वो पहले “हिन्दुस्तान” अखबार में बतौर स्ट्रिंगर नौकरी करता था। कलम के बेहद कमजोर इस नौसिखिया पत्रकार को पूर्व में एक संपादक ने अपने निजी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उरई जनपद का ब्यूरो चीफ बना दिया। बस यहीं से इसकी लॉटरी निकल गई। 2018 में उरई ब्यूरो चीफ के पद पर रहते हुए इसके कई काले कारनामें संस्थान तक पहुंचे लेकिन संपादक की “कृपा” होने की वजह से ये बचता रहा। कहते हैं कि बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी, कुछ ऐसा ही इस कथित पत्रकार के साथ भी हुआ। ठीक एक साल पहले सुबूत के साथ जब इसकी शिकायत ऊपर की गई तो कानपुर दफ्तर के अफसरों ने इसे वापस कानपुर बुलाकर नौकरी से छुट्टी कर दी। खास बात ये रही कि उरई में ब्योरो चीफ रहने के दौरान इसकी जुगलबंदी अमर उजाला (उरई) के ब्यूरो चीफ से थी। यही वजह रही थी कि तब अमर उजाला ने भी अपने ब्यूरो चीफ को हटाने के साथ वहां पर नए ब्यूरो चीफ की पोस्टिंग की थी।

मार्च 2018 महीने में ही अमर उजाला की नौकरी मिली


चरण चापन में महारत हासिल इस पत्रकार को हिन्दुस्तान से निकाले जाने के कुछ दिन बाद ही अमर उजाला में नौकरी मिली। संस्थान ने इस स्ट्रिंगर को बतौर ब्यूरोचीफ (इटावा) भेजा था। खबर है कि जल्द ही ये कथित पत्रकार हाल में ही लांच हुए एक रीजनल चैनल के साथ जुड़ सकता है। रीजनल चैनल में इसके कुछ संरक्षणदाता ऊंचे पदों पर बैठे हुए हैं।

 

 

 

 

Lok Sabha Election 2019  में “सत्ता का नशा” @BJP4India के नेताओं और कार्यकर्ताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। चुनाव आयोग (EC) के निर्देश का पालन कराने में जुटे @Uppolice के अफसरों और उनके मातहतों की राह में सत्ताधारी दल के नेता-कार्यकर्ता सबसे बड़ा रोड़ा बन रहे हैं। तीन दिन पहले Jhansi में BJP MLA के बेटे ने दरोगा को थप्पड़ मारा था। उससे ठीक एक दिन पहले Kanpur के रायपुरवा में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की सभा में भाजपाइयों ने @kanpurnagarpol के साथ अभद्रता की। इन घटनाओं को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि इटावा में BJP के Workers ने सांसद के इशारे पर सब इंस्पेक्टर (SI) गीतम सिंह को कूट दिया। सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ा तो अफसरों ने सांसद और उनके समर्थकों के खिलाफ संगीन धाराओं में FIR रजिस्टर्ड की।




बगैर अनुमति मंदिर परिसर में कर रहे थे नुक्कड़ सभा


पीड़ित दरोगा गीतम सिंह के मुताबिक घटना बुधवार की है। भरेह थाना एरिया के राम जानकी मंदिर परिसर में लोकसभा प्रत्याशी रामशंकर कठेरिया करीब 40 से अधिक वाहनों का काफिला लेकर नुक्कड़ सभा के लिए पहुंचे। बगैर अनुमति नुक्कड़ सभा किए जाने की खबर मिलते ही पीड़ित दरोगा भी पहुंच गए। गीतम सिंह का आरोप है कि उनके पहुंचते ही सांसद रमाशंकर कठेरिया ने ग्रामीणों से कुछ बातचीत की और बोले कि “थाने से कोई दरोगा या दरोगी आया है कि नहीं”।

अमर्यादित शब्दों का प्रयोग होता देख दरोगा गीतम सिंह ने मोबाइल से रमाशंकर कठेरिया की अभद्रता को रिकार्ड करने की कोशिश की तो वो बिफर गए। दरोगा को बुलाकर उन्होंने मोबाइल बंद करने की ताकीद दी लेकिन दरोगा ने मोबाइल से रिकार्डिंग बंद नहीं की। इस पर सांसद ने इशारा कार्यकर्ताओं को किया। उसके बाद बीजेपी के कार्यकर्ता दरोगा पर टूट पड़े और घसीट-घसीट कर मंदिर परिसर में पिटाई की। आरोप है कि सर्विस रिवाल्वर भी छीनने की कोशिश भाजपा नेताओं ने की।



दो विधायकों की आंखों के सामने पिटता रहा दरोगा


दरोगा गीतम सिंह की जिस समय बीजेपी कार्यकर्ता पिटाई कर रहे थे उस समय वहां पर भरथना विधायक सावित्री कठेरिया, सदर विधायक सरिता भदौरिया और पूर्व विधायक रवींद्र सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे। दरोगा ने जान बचाने की गुहार लगाई लेकिन कोई बीच में नहीं आया। कुछ ग्रामीमों ने सूचना दी तो लोकल फोर्स मौके पर पहुंची। इसके बाद सभी हमलावर नेता और कार्यकर्ता धमकी देते हुए मौके से निकल गए। दरोगा का आरोप है कि नुक्कड़ सभा की कोई परमीशन नहीं थी। उनका आरोप है कि यहां पर कुछ गलत काम होने जा रहा था, जिसकी सूचना पर वे पहुंचे थे।

https://twitter.com/adityatiwaree/status/1115981153331073032

सोशल मीडिया में Video Viral होने पर मचा हड़कंप


सोशल मीडिया में दरोगा का वीडियो वॉयरल होने के बाद जब घटना की जानकारी अफसरों को मिली तो हड़कंप मच गया। काफी देर तक इटावा और लखनऊ के अफसर चुप्पी साधे रहे लेकिन कुछ घंटे बाद ये चुप्पी टूटी। गुरुवार की सुबह दरोगा गीतम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सांसद रमाशंकर कठेरिया, दोनों महिला विधायकों, और पूर्व विधायक समेत करीब 19 बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ IPC की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया।

पत्रकारों के सवाल पर क्या बोले रमाशंकर कठेरिया ?


पत्रकारों के सवाल पर सांसद रमाशंकर कठेरिया ने कहा कि मंदिर परिसर के बाहर सभा हो रही थी। दरोगा पहुंचे और उन्होंने अनुमति के कागज दिखाने की बात कहते हुए मोबाइल मुंह पर लगा दिया। ग्रामीणों ने विरोध किया तो मोबाइल गिर गया। सभा पर अनुमति के बाबत रमाशंकर कठेरिया ने कहा कि हर रोज वो कई गांवों में जाते कहां, कहां अनुमति लेते फिरेंगे। दरोगा के घायल होने और पिटाई के बाबत उन्होंने कहा कि हमने कोई मारपीट नहीं की है। गौर करने वाली बात ये है कि ये जवाब उन्होंने बेहद ठसक भरे अंदाज में गाड़ी पर बैठकर दी। उस समय भी उनके साथ करीब तीन दर्जन वाहनों का काफिला था।

SC/ST आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं रमाशंकर कठेरिया


रमाशंकर कठेरिया को बीजेपी ने इटावा लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। रमाशंकर कठेरिया SC/ST आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ वर्तमान में आगरा से सांसद हैं। प्रत्याशी बनने के बाद उनके पांच दर्जन वाहनों का काफिला पूरे इटावा में हर वक्त मौजूद रहता है। खास बात ये है कि पूरे मामले पर इटावा जनपद की पुलिस पूरी तरह से बैकफुट पर है।