-Jai Kant Bajpai की Arresting से पहले चला "नाटकीय खेल"

-शनिवार रात्रि को ही छोड़ दिया गया था Jai Kant Bajpai (Jai Bajpai)

-संडे की शाम को Police लेकर पहुंची जय को घर छोड़ने

-सोशल मीडिया पर किरकिरी के बाद Police ने फिर उठाया

-देर रात्रि जय बाजपेयी के खिलाफ FIR रजिस्टर्ड

-Jai Bajpai के आधा दर्जन करीबी भी STF के रडार पर आए

-पुलिस को जय के घर में तलाशी के दौरान मिले 20 कारतूस

-Vikas Dubey को वारदात से एक दिन पहले पहुंचाए थे जय ने कारतूस

 
Jai Kant Bajpai (Jai Bajpai) (फोटो साभार-Facebook)

Yogesh Tripathi

Encounter में मारे जा चुके Vikas Dubey का "मुनीम" Jay Kant Bajpai अंततः Arrest कर लिया गया। पुलिस को Jai Bajpai के घर तलाशी के दौरान भारी संख्या में कारतूस मिले हैं। Police का दावा है कि जय ने वारदात से एक दिन पहले Vikas को कारतूसों की खेप पहुंचाई थी। Mid-Night पुलिस ने जय बाजपेयी के खिलाफ हत्या का षडयंत्र रचने के आरोप में IPC की धारा 120-B के तहत मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने जय के साथी आर्य नगर निवासी प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्लू को भी सहयोग करने के जुर्म में पकड़ा है। 

उल्लेखनीय है कि www.redeyestimes.com (News Portal) ने जय को 15 दिन बाद छोड़ने की खबर संडे की दोपहर को ही ब्रेक की थी। इसके कुछ घंटे बाद पुलिस की एक टीम Jai Bajpai को छोड़ने के लिए उसके घर पहुंची। सोशल मीडिया पर कुछ Video भी Viral हुए। किरकिरी होते देख पुलिस की टीम संडे की रात्रि फिर पहुंची और जय को नजीराबाद थाने ले आई। देर रात्रि उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। 

हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है कि जय को छोड़ा नहीं गया था बल्कि कारतूसों को बरामद करने और तमाम सबूत जुटाने के लिए ये एक रणनीति का हिस्सा था। अफसरों का कहना है कि जय के करीब आधा दर्जन करीबी लोगों को रडार पर लिया जा चुका है। देर-सबेर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 

 

गले का फांस बन सकती है 30 स्प्रिंग राइफल

चर्चा है कि Vikas Dubey के पास 30 स्प्रिंग राइफल जैसे घातक हथियार भी थे। पुलिस ने विकास के जमींदोज हो चुके घर से अपनी लूटी गई AK-47 राइफल को बरामद कर लिया। इंसास राइफल भी शशिकांत के घर से 12 दिन बाद बरामद हो गई। लेकिन अभी तक विकास की 30 स्प्रिंग राइफल समेत तमाम हथियारों का सुराग नहीं लगा सकी है। चर्चाओं और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विकास दुबे की 30 स्प्रिंग राइफल आगे चलकर तमाम लोगों के लिए गले का फांस बन सकती है। 

30 स्प्रिंग राइफल के लाइसेंस को लेकर भी तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं। यदि ये सच साबित हुईं तो आगे चलकर प्रशासनिक अफसरों के गले की फांस ये राइफल बन जाएगी। सूत्रों की मानें तो 30 स्प्रिंग राइफल को लेकर रंगबाजी और रौब गांठने वाले Vikas Dubey के तमाम गुर्गे और करीबी भी जांच के रडार पर आएंगे। 

बिकरू गांव में 2/3 जुलाई की रात्रि को सीओ समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी गई थी। सुबह जब पुलिस के आला अफसर मौका-ए-वारदात पर पहुंचे थे। तब ये चर्चा हुई थी कि हमलावरों ने AK-47 और 30 स्प्रिंग राइफल राइफल जैसे घातक हथियारों से गोलियां बरसाईं। ये दोनों ही असलहे घातक किस्म के होते हैं। पुलिस की लूटी गई एके-47 और इंसास राइफल कुछ दिन पहले रिकवर हो चुकी है। 

सबसे बड़ा "यक्ष प्रश्न" ये है कि आखिर 30 स्प्रिंग राइफल कहां गुम हो गई ? घातक किस्म की इस राइफल का लाइसेंस किसके नाम पर है ? क्या विकास दुबे ने इस राइफल का लाइसेंस लिया था ? या फिर किसी और के नाम पर इस राइफल को विकास ने खरीदा था ? यदि विकास के नाम पर राइफल थी तो आखिर इस असलहे का लाइसेंस कैसे बना ? क्यों कि Vikas Dubey के खिलाफ तमाम अपराधिक मुकदमें दर्ज थे।


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