Kanpur Dehat की अकबरपुर पुलिस के हत्थे चढ़े Fake IPS प्रशांत शुक्ला के तमाम राज से अब पर्दा उठना शुरु हो चुका है। UP Police के कुछ चर्चित भू-माफिया दरोगाओं के इस “BOSS” ने Unnao Police के जरिए सगे ममिया ससुर को कुछ महीना पहले जेल भेजवाया था। ECO Sports Car उसने शहर के तमाम व्यापारियों को सेल टैक्स की जांच का खौफ दिखाकर लाखों की वसूली कर खरीदी थी। Kanpur के दर्शनपुरवा स्थित अपने मौसिया सास के मोहल्ले में इस “नटवरलाल” का आतंक कम नहीं था। गाड़ी का सायरन बजते ही मोहल्ले में सन्नाटा पसर जाता था। जेल की सलाखों के पीछे कैद हो चुके Fake IPS की रिहाई के लिए अधिवक्ता पिता एड़ी-चोटी का जोर लगाए हैं। भू-माफिया बन चुके चर्चित दरोगाओं का रैकेट चलाने वाले इस फर्जी आइपीएस के खिलाफ अभी तक पुलिस विभाग के किसी भी जिम्मेदार अफसर ने जांच के आदेश नहीं दिए हैं। अपने ही विभाग के विभाग के कुछ भ्रष्ट पुलिस वालों की गर्दन फंसती देख अफसर पूरी तरह से “मौन व्रत” धारण किए हैं। वो भी तब जब UPCM योगी आदित्यनाथ भ्रष्ट पुलिस कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके नौकरी से जबरन रिटायर और बर्खास्त करने का संदेश अपने Twitter अकाउंट से ट्वीट कर चार दिन पहले दे चुके हैं।
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Fake IPS की पत्नी के Facebook अकाउंट से ली गई ये फोटो कुछ बरस पहले हुई दोनों के शादी की है।[/caption]YOGESH TRIPATHI
ममिया ससुर बीघापुर पुलिस से भेजवाया था जेल
कल्याणपुर के केशवपुरम निवासी Fake IPS प्रशांत शुक्ला की शादी कुछ साल पहले उन्नाव जनपद के बीघापुर थाना एरिया स्थित उसियां गांव में दीपा से हुई थी। दीपा की मां अपने मायके में ही रहती हैं। दीपा की मां का अपने सगे भाई से पैतृक संपति को लेकर विवाद चलता है। www.redeyestimes.com (News Portal) की छानबीन के दौरान पता चला कि कुछ महीना पहले प्रशांत की सास का उसके सगे भाई शिवा शुक्ला से झगड़ा हुआ तो प्रशांत ने उन्नाव की बीघापुर पुलिस पर IPS होने का रौब गांठकर दबाव बनाया। इतना ही नहीं फर्जी मुकदमा दर्ज करा उसने अपने ही ममिया ससुर शिवा शुक्ला को जेल भेजवा दिया था।
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ये फोटो प्रशांत शुक्ला के पत्नी दीपा की है, पीछे आराम फरमाता "नटवरलाल" प्रशांत शुक्ला। [/caption]दर्शनपुरवा स्थित मौसिया सास के मोहल्ले में था रुतबा गालिब
कस्टम, एटीएस, सीबीआइ अफसर बनकर रौब गांठने वाला प्रशांत शुक्ला पिछले कुछ महीने से NIA में पोस्टिंग होने की बात अपने करीबी लोगों से करता था। करीबियों की मानें तो दर्शनपुरवा में उसके मौसिया ससुर श्याम किशोर बाजपेयी की “एन.के स्टील एंड फर्नीचर” हीरागंज (जरीब चौकी) दुकान है। थोड़ी ही दूरी पर घर है। यहां प्रशांत का अक्सर आना-जाना रहता था। मोहल्ले के लोगों की मानें तो वो हूटर बजाते हुए उसकी गाड़ी रुकती थी। रात्रि में आने पर नीली बत्ती भी जलती रहती थी। यदि किसी की कार या फिर कोई अन्य वाहन आसपास दिख गया तो प्रशांत बेहद ही आपत्तिजनक ढंग से बर्ताव करता था। हकीकत ये है कि Fake IPS के तेवर देख मोहल्ले के लोग काफी भायभीत रहते थे।

facebook, WhatsApp बंद
Fake IPS प्रशांत शुक्ला, उसकी पत्नी दीपा शुक्ला, पिता अमरनाथ शुक्ला सोशल मीडिया में काफी सक्रिय रहते थे। सभी के दो से तीन Facebook Account थे। गुरुवार की दोपहर बाद ये सभी अकाउंट बंद हो गए। सिर्फ प्रशांत की पत्नी का एक एकाउंट अभी एक्टिव है। परिवार के लोगों ने अपने सभी WhatsApp नंबर भी हटा दिए हैं। www.redeyestimes.com के रिपोर्टर ने प्रशांत के मोहल्ले में काफी देर तक छानबीन की। स्थानीय लोगों ने बताया कि फिलहाल दो दिन से गतिविधियां अधिक देखने को नहीं मिल रही हैं। पहले अक्सर प्रशांत अलसुबह मार्निंग वाक के लिए कथित शैडो लेकर निकलता था। परिवार के लोग भी कई बार घर से बाहर निकलते थे लेकिन दो दिन से कोई गतिविधि नहीं देखने को मिल रही है। जो लोग प्रशांत के घर अक्सर आते थे वो भी नहीं दिख रहे हैं।
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केशवपुरम स्थित "नटवरलाल" प्रशांत शुक्ला का घर।[/caption]व्यापारियों से वसूली कर खरीदी थी ECO Sports Car !
छानबीन में पता चला है कि प्रशांत के पिता का पी रोड पर अपना चेंबर है। वे सेल टैक्स के वकील हैं। उनके पास व्यापारियों की काफी संख्या है। प्रशांत तीन साल पहले तक पिता के साथ ही चेंबर में बैठता था। फिर अचानक वो कस्टम और सेल टैक्स का अफसर बन गया। लोग कुछ समझ पाते वो खुद को सीबीआइ का अफसर बताने लगा। करीबी लोगों की मानें तो गाड़ी खऱीदने से पहले कई व्यापारियों को सेल टैक्स की नोटिस भेजी गई। बाद में केस को सुलझा लेने और अपने बेटे के सेल टैक्स विभाग में तैनात होने का दावा कर कई दर्जन व्यापारियों से मोटी रकम की वसूली की गई। उसी के बाद लग्जरी कार प्रशांत ने खरीद ली। जिस पर वो नीली बत्ती लगाकर भौकाल झाड़ने लगा था।
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Fake IPS के पकड़े जाने की जानकारी मीडिया को देते एसपी कानपुर देहात और इंस्पेक्टर ऋषिकांत शुक्ला के बगल (लाल घेरे में खड़ा फर्जी आइपीएस प्रशांत शुक्ला)[/caption]10 जुलाई 2019 को होनी है बहन की गोदभराई
प्रशांत की दो बहने हैं। एक बहन बेंगलुरु में रहती है। वो आइटी सेक्टर में कार्यरत है। प्रशांत के बारे में गहराई से जानकारी रखने वालों की मानें तो उसके बड़ी बहन की शादी फिक्स हो चुकी है। 10 जुलाई को गोदभराई का कार्यक्रम है। यही वजह है कि परिवार के लोग जल्द से जल्द प्रशांत की जेल से रिहाई कराने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। निचली अदालत से बेल खारिज होने के बाद वकील के जरिए तुरंत सेशन में जमानत के लिए आनन-फानन में अर्जी डाल दी गई। इसके लिए एक राजनीतिक दल के नेता का भी सहारा लिया जा रहा है।
https://twitter.com/adgzonekanpur/status/1144067844168011778
विभाग के दरोगाओं की गर्दन फंसती देख अफसर “खामोश”
www.redeyestimes.com (News Portal) गुरुवार को “Fake IPS की कहानी” का पहला अंक पोस्ट किया था। जिसमें इस “नटवरलाल” के UP Police के भू-माफिया बन चुके कई दरोगाओं से तगड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए उनके गोरखधंधों का भी हवाला दिया। जिसमें करोड़ों रुपए की प्रापर्टी डीलिंग के काम और बेशकीमती प्लाटों व फ्लैट्स की खरीददारी का भी उल्लेख है। 48 घंटे बीत चुके हैं लेकिन किसी भी बड़े अफसर ने अभी तक इस Fake IPS के करीबी दरोगाओं की की संपत्तियों की जांच करान का लिखित या फिर मौखिक आदेश नहीं दिया। Twitter पर दो बड़े अफसरों के ट्वीट हैडल से कानपुर देहात पुलिस को निर्देश दिया तो गया लेकिन मातहतों ने अभी तक उसका पालन न करते हुए जवाब तक नहीं दिया।
https://twitter.com/igrangekanpur/status/1144092140579856384