Articles by "अशोक सिंह चंदेल"
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Uttar Pradesh के बुन्देलखंड स्थित Hamirpur जनपद से बड़ी खबर आ रही है। 22 साल पुराने सामूहिक नरसंहार कांड में कुछ दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजीवन कारावास की सजा पाए  @BJP4India के MLA Chowkidar Ashok Chandel ने जिला जज (DJ Court) में सरेंडर कर दिया है। अदालत ने सभी को न्यायिक हिरासत में ले लिया है। गौरतलब है कि करीब 22 साल पहले अशोक चंदेल ने जरा सी बात पर दिनदहाड़े  अपने गुर्गों के साथ 5 लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियों से भून डाला था। मरने वालों में मासूम बच्चे भी थे।निचली अदालत ने इस मामले में सभी लोगों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया था। इसके बाद पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। खास बात ये है कि निचली कोर्ट से आरोपितों को बरी करने वाले जज का भी कुछ साल पहले सस्पेंशन हो चुका है। वे भी पूरे प्रकरण में तमाम जांचों के बाद दोषी पाए गए थे।


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Yogesh Tripathi


जिला जज की कोर्ट के बाहर समर्थक कर रहे हैं नारेबाजी


पांच लोगों की हत्या में हाईकोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर होने के बाद “अंडरग्राउंड” चल रहा बीजेपी का विधायक अशोक चंदेल सोमवार को काफी ठसक भरे अंदाज में जिला जज की अदालत सरेंडर करने पहुंचा। उसके साथ कई दर्जन वकील भी मौजूद रहे। इस दौरान जब कोर्ट ने अशोक चंदेल समेत सभी दोषियों को जब कस्टडी में लेने के आदेश दिया तो उसके समर्थक कोर्ट के बाहर नारेबाजी करने लगे।

[caption id="attachment_19326" align="alignnone" width="695"] एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ मिलाने के लिए अशोक चंदेल की तरफ बढ़ते हुए। फोटो साभार-अशोक चंदेल (facebook)[/caption]

अन्य दोषियों के साथ कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा विधायक


कोर्ट में भाजपा विधायक अशोक चंदेल, रघुवीर सिंह, पुत्र आशुतोष सिंह, नशीम और भान सिंह ने आत्मसमर्पण किया। बवाल की आशंका के मद्देनजर भारी पुलिस बल कोर्ट परिसर के चारो तरफ तैनात है। खबर आ रही है कि देर रात हमीरपुर की कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दोषी करार दिए गए उत्तम सिंह, प्रदीप सिंह और साहब सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद हत्या का दोषी भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल घबरा गया। उसे अपनी भी गिरफ्तारी का खौफ दिखने लगा। सूत्रों की मानें तो सुबह होते-होते उसने वकीलों से संपर्क कर अचानक सरेंडर करने की योजना बना ली।

[caption id="attachment_19467" align="alignnone" width="734"] हमीरपुर जनपद में जिला जज की कोर्ट के बाहर नारेबाजी करते BJP विधायक अशोक सिंह चंदेल के समर्थक।[/caption]

सत्ता की ठसक के साथ सरेंडर करने पहुंचा विधायक


रस्सी जल गई लेकिन ऐंठन नहीं गई। इस कहावत को चरित्रार्थ करते हुए BJP का विधायक अशोक सिंह चंदेल (बेबी) ने सोमवार को एक बार फिर सत्ता की ठसक दिखाई। उसने खुल्लम-खुल्ला धारा 144 का उल्लंघन किया। सरेंडर करने से पहले उसने अपने समर्थकों को कोर्ट परिसर तक बुलवा लिया। जब ये विधायक सरेंडर करने पहुंचा तो उसके समर्थक नारेबाजी करने लगे। मानों विधायक ने कोई बहुत बड़ा नेकी का काम किया हो। खास बात ये रही कि सरेंडर की भनक पुलिस प्रशासन को भी आखिरी समय तक नहीं लग सकी। यही वजह रही कि हत्या के दोषी इस विधायक के समर्थक कोर्ट परिसर तक पहुंच गए। जो किसी भी समय बड़ा खतरा बन सकते थे।

उमा भारती ने किया था ज्वाइनिंग का विरोध


2017 विधान सभा चुनाव से पहले अशोक सिंह चंदेल ने बीजेपी ज्वाइन की। उसे टिकट भी मिला और वो चुनाव भी जीता। भाजपा के एक बड़े नेता ने www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में बताया कि ज्वाइनिंग से पहले उमा भारती समेत कई बड़े नेताओं ने लोकल नेताओं की रिपोर्ट के आधार पर विरोध करते हुए अशोक चंदेल को अपराधिक प्रवृत्ति का बताकर हाईकमान तक विरोध जताया था लेकिन संगठन के एक बड़े पदाधिकारी ने अटैची का प्रबंध होते ही अशोक चंदेल को बीजेपी ज्वाइन करवा दी। सिर्फ ज्वाइनिंग ही नहीं एक बड़े कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री से सार्वजनिक मुलाकात भी करवाई गई। चुनाव जीतने के बाद हत्या का दोषी विधायक प्रदेश के दो ताकतवर मंत्रियों का भी काफी करीबी रहा। यही वजह है कि अब भाजपा की फजीहत हो रही है।

 

 

 

 

 

High Court से 5 लोगों की हत्या में दोषी पाए जाने और आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर होते ही UP के हमीरपुर (सदर) से @BJP4India के MLA  Chowkidar Ashok Chandel "अंडरग्राउंड" हो गए हैं। शुक्रवार सुबह तक अशोक सिंह चंदेल की लोकेशन हमीरपुर में ही थी लेकिन इस समय वे हमीरपुर से नौ-दो-ग्यारह हो चुके हैं। इसकी पुष्टि कांड के चश्मदीद राजीव शुक्ला ने www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में की है।


YOGESH TRIPATHI


सुबह तक हमीरपुर में थी अशोक चंदेल की लोकेशन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक BJP से टिकट मिलने के बाद विधायक बने "चौकीदार" अशोक सिंह चंदेल की सुबह 10 बजे तक लोकेशन हमीरपुर में थी। सोशल मीडिया पर जैसे ही उनके दोषी करार दिए जाने और उसके बाद आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर होने की खबर Viral हुई वे "अंडरग्राउंड" हो गए। माना जा रहा है कि वे कानपुर स्थित अपने घर या फिर एक बड़े बीजेपी नेता के सरपरस्ती में हो सकते हैं।

[caption id="attachment_19326" align="alignnone" width="695"] एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ मिलाने के लिए अशोक चंदेल की तरफ बढ़ते हुए। फोटो साभार-अशोक चंदेल (facebook)[/caption]

22 साल पहले हुए हत्याकांड में इन लोगों की हुई थी मौत

हमीरपुर में 26 जनवरी 1997 को पुरानी रंजिश के चलते राजेश शुक्ला, राकेश शुक्ला, अम्बुज उर्फ गुड्डा, वेद नायक और श्रीकांत पांडेय की हत्या कर दी थी। इस घटना में राजीव कुमार शुक्ला, रविकांत पांडेय, विपुल, चंदन और हरदयाल घायल हो गए थे। राजेश के भाई राजीव शुक्ला जो खुद भी गोली लगने से घायल हुए थे, उनकी तहरीर पर देर रात अशोक सिंह चंदेल समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

Kanpur में भी दर्ज है कारोबारी की हत्या का मुकदमा

बीजेपी विधायक अशोक सिंह चंदेल का अपराध की दुनिया से काफी गहरा नाता रहा है। हमीरपुर सामूहिक हत्याकांड के अलावा कानपुर के किदवई नगर में उनके खिलाफ कारोबारी रणधीर गुप्ता की दिनदहाड़े हत्या का मामला कई साल पहले दर्ज किया गया था। गोविन्द नगर थाने में अशोक सिंह चंदेल के खिलाफ एक सर्किल अफसर (CO) के साथ अभद्रता और गुंडई का मुकदमा भी दर्ज है।

उमा भारती ने किया था बीजेपी में आने का विरोध

70 के दशक में डीबीएस कॉलेज छात्रसंघ के प्रेसीडेंट बने अशोक सिंह चंदेल करीब डेढ़ दशक बाद 1989 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पहली बार विधायक बने। इसके बाद अशोक चंदेल1993, 2008 में भी विधायक बने। बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर साल 1999 में लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने।  2017 में मोदी लहर को देखते हुए अशोक चंदेल ने बीजेपी ज्वाइन की। केंद्र सरकार में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री उमा भारती समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने अशोक सिंह चंदेल का विरोध किया था लेकिन यूपी संगठन के एक बड़े नेता के आगे किसी की नहीं चली। अमित शाह के बेहद खास संगठन के इस नेता ने बड़ी मोटी रकम लेने के बाद अशोक चंदेल को न सिर्फ बीजेपी में शामिल करवाया बल्कि हमीरपुर सदर से टिकट भी दिलवा दिया।