October 2019

हिन्दू समाज पार्टी के प्रेसीडेंट थे कमलेश तिवारी

खुर्शीदाबाद कालोनी स्थित ऑफिस में सनसनीखेज वारदात

शरीर पर धारदार हथियार से 15 गहरे घाव, गोली भी मारी

सपा सरकार के दौरान जेल भेजे गए थे कमलेश तिवारी

दो संदिग्ध CCTV में हुए कैद, ISIS के हाथ होने की आशंका



Yogesh Tripathi 

राजधानी में दिनदहाड़े वारदात से सनसनी

Uttar Pradesh की राजधानी Lucknow में फ्राइ-डे को हिन्दूवादी नेता कमलेश तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारों ने धारदार हथियार से उनके शरीर पर दर्जनों वार कर सीने में गोली मारी। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने उनके दफ्तर में मीटिंग के दौरान चाय पी फिर बेरहमी से हत्या कर दी। कमलेश तिवारी हिन्दू समाज पार्टी के प्रेसीडेंड थे। सपा सरकार के कार्यकाल में मुस्लिमों के प्रति तल्ख और अभद्र टिप्पणी करने पर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई कर जेल भेजा गया था। 

ट्रामा में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया

वारदात के बाद कातिल फरार हो गए। खून से लथपथ हालत में कमलेश तिवारी को ट्रामा सेंटर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि कमलेश तिवारी से नाका स्थित खुर्शीदाबाग दफ्तर में दो लोग मिलने आए थे। दोनों साथ में मिठाई का डिब्बा भी लेकर पहुंचे थे। इन डिब्बों में चाकू और असलहे थे।

चाय पी, गला रेता और गोली मार दी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों बदमाश कमलेश के दफ्तर पहुंचे। बदमाशों ने कमलेश के साथ चाय भी पी। इसके बाद बेरहमी से कातिलों ने कमलेश की गर्दन पर धारदार हथियार से कई वार किए। चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में भी प्रहार किया। इसके बाद उनके सीने में गोली मार दी गई। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने मिलने से पहले कमलेश तिवारी को कॉल भी की थी। पुलिस अभी तक ये स्पष्ट नहीं कर सकी है कि कातिल कमलेश तिवारी से परिचित थे या फिर नहीं ? फिलहाल पुलिस उस नंबर को ट्रेस कर रही है, जिससे कमलेश तिवारीके पास कॉल आई थी। साथ ही कमलेश के करीबी एक लड़के को भी हिरासत में लिया गया है। 
 
CCTV में कैद संदिग्ध कातिल

हिन्दूवादी नेता कमलेश तिवारी Murder Case में माथे से पसीना छोड़ रही पुलिस को इस दौरान छानबीन में कई अहम सुराग मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संदिग्ध कातिल CCTV में कैद हुए हैं। SSP कलानिधि नैथानी के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। संदिग्ध कातिलों की धरपकड़ के लिए पुलिस की अन्य विंग भी सक्रिय हैं। आसपास के जिलों में भी पुलिस को अलर्ट किया गया है।

सपा सरकार ने की थी कमलेश पर NSA की कार्रवाई


पैगंबर साहब पर टिप्पणी की वजह से सपा सरकार में कमलेश तिवारी पर पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)के तहत कार्रवाई की थी। उस समय एक मुस्लिम संगठन ने सर कलम करने का फतवा भी जारी किया था। बिजनौर के उलेमा अनवारुल हक और मुफ्ती नईम कासमी पर कमलेश तिवारी का सिर कलम करने का फतवा जारी करने का आरोप लगा था।

कभी हिन्दू महासभा से जुड़े थे कमलेश तिवारी


इस मामले में UP Police के DGP ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि हिंदू महासभा के पूर्व नेता कमलेश तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि कमलेश तिवारी ने हिंदू समाज पार्टी की स्थापना की थी। उन्होंने बताया कि हत्यारे मिठाई लेकर लाए थे और कमलेश के साथ में आधा घंटा बातचीत भी की थी। पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। सभी टीमें कातिलों की धरपकड़ के लिए प्रयास कर रही हैं।  

Tweet कर मांगी थी कमलेश तिवारी ने सुरक्षा


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कमलेश तिवारी ने कुछ दिन पहले खुद को सुरक्षा न मिलने पर Tweet किया था। जिसमें उसने सुरक्षा न दिए जाने पर सवाल उठाए थे। Tweet में कमलेश तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग किया था।



अपर जिला जज (12) ने मुकर्रर की शूटर के खिलाफ सजा

पुलिस कस्टडी में हुई थी D-2 सरगना रफीक की हत्या

AK-47 की रिकवरी के लिए रिमांड पर लेकर जा रही थी पुलिस

D-34 सरगना परवेज ने बहार खान, गुलाम नबी के साथ की थी हत्या

परवेज और उसके साथियों के हमले में पुलिस वाले भी हुए थे घायल

मौके पर पिस्टल, बाइक के साथ पकड़ा गया था शूटर बहार खान

गोविंद नगर पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद भेजा था जेल

आरोपित सरगना परवेज को 11 साल पहले STF कर चुकी है ढेर

हत्यारोपित गुलामनबी की दो साल पहले गैंगवार में हो चुकी है हत्या

D-2 सरगना कुलीबाजार निवासी रफीक को कोलकाता में Arrest करने वाले इंस्पेक्टर ऋषिकांत शुक्ला। Photo साभार facebook

Yogesh Tripathi

बहार खान एक लाख का जुर्माना भी Court ने किया मुकर्रर

D-34 गैंग के शार्प शूटर बहार खान को करीब 15 साल पुराने Kanpur के इस हाईप्रोफाइल और चर्चित Murder Case में अपर जिला जज (ADJ-12) की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ एक लाख रुपए का अर्थदंड भी मुकर्रर किया है। पुलिस कस्टडी में D-2 गैंग के लीडर रफीक की हत्या करने वाले बहार खान को Arrest करने के बाद गोविंदनगर पुलिस ने जेल भेजा था। इस केस में दो और आरोपी थे। परवेज और गुलाम नबी। परवेज को करीब 11 साल पहले STF ने Encounter के दौरान बिठूर के एक टीले पर ढेर किया था। जबकि गुलाम नबी की दो साल पहले गैंगवार में हत्या कर दी गई। गुलाम नबी करीब 10 साल इस मामले में जेल के अंदर रहा।

रामू बंगाली समेत कई हत्याओं में शामिल रहा था बहार खान

D-34 गैंग के शूटर बहार खान पर शहर के कई थानों में मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बहार खान करीब आधा दर्जन से अधिक हत्याएं कर चुका है। इसमें सबसे चर्चित हत्याकांड रामू बंगाली का है। करीब 15 साल पहले बाबूपुरवा के रहने वाले रामू बंगाली नाम के अपराधी की धारदार हथियार से हत्या कर उसके शव को होलिका में फेंक दिया गया था। इसमें भी बहार खान आरोपी रहा है। बहार खान एक शहर के एक शातिर अपराधी का सगा साला है।

कोलकाता में ऋषिकांत शुक्ला ने रफीक को किया Arrest

मामला करीब 14 वर्ष और 7 महीना पुराना है। एनकाउंटर स्पेशललिस्ट ऋषिकांत शुक्ला तब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (कानपुर) के प्रभारी थे। शहर में तब D-2 गैंग की बादशाहत थी। रंगदारी, हत्या, वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना इस गैंग की आदत में शुमार था। गैंग का सरगना रफीक तब Most Wanted था। उसके सिर पर एक लाख रुपए का इनाम शासन से घोषित था। ऋषिकांत शुक्ला इस खूंखार गिरोह पर कहर बनकर टूटे। तमाम गुर्गों को जेल भेजा और कुछ को एनकाउंटर में ठोंक दिया। न्यायिक अभिरक्षा में कोलकाता की जेल में बंद रफीक को बी-वारंट के जरिए ऋषिकांत शुक्ला की अगुवाई वाली फोर्स अदालती कार्रवाई के बाद शहर लेकर पहुची। Kanpur Police ने रफीक को Court में पेश किया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया।

रफीक को रिमांड पर लेकर किदवईनगर आई थी Police

हरबंश मोहाल के हीर पैलेस टॉकीज के पास अगस्त 2004 में STF की D-2 गैंग से मुठभेड़ हुई थी। STF ने समीम उर्फ दुरग्गा और जमशेद उर्फ भइया को ढेर कर दिया था। लेकिन मुठभेड़ के दौरान रफीक और उसके गैंग की तरफ से चलाई गई गोली से STF के सिपाही धर्मेंद्र सिंह शहीद हो गए। इस मामले की विवेचना तत्कालीन अनिल कुमार के पास थी। अनिल कुमार ने AK-47 की बरामदगी के लिए रफीक का रिमांड मांगा। कोर्ट ने रिमांड दे दिया। जिसके बाद पुलिस रफीक को जेल से थाने लेकर आई। यहां पूछताछ में रफीक ने बताया कि AK-47 जूही यार्ड के पास छिपाकर रखी है। आधी रात को पुलिस AK-47 जैसे खतरनाक असलहे की बरामदगी के लिए निकली।

घात लगाए बैठा था D-2 गैंग का जानी दुश्मन परवेज

पुलिस जीप में बैठाकर रफीक को जूही यार्ड लेकर पहुंचने वाली थी कि थोड़ी दूर पहले ही अचानक फायरिंग शुरु हो गई। बाइक सवार तीन लोगों ने अंधाधुंध गोलियों की बौंछार कर दी। पुलिस जब तक कुछ समझ पाती हमलावरों ने रफीक की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। रफीक का भेजा तक बाहर आ गया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो हमलावर फायरिंग करते हुए भागे। वॉयरलेस पर मैसेज मिलते ही कई थानों की फोर्स ने घेराबंदी की। रेलबाजार निवासी बहार खान को पुलिस ने बाइक और पिस्टल के साथ Arrest कर लिया। बहार खान ने बताया कि बाइक वो खुद चला रहा था जबकि परवेज और गुलाम नबी पीछे बैठे थे। गोविंदनगर पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद बहार खान को जेल भेज दिया। बाद में गुलाम नबी भी पकड़ा गया। परवेज को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे डाल दिया। परवेज जेल से छूटा तो STF ने उसे ढेर कर दिया। 11 साल गुलाम नबी जेल से बाहर आया तो गैंगवार में उसकी हत्या कर दी गई। रफीक का एक हत्यारोपित जेल में था बहार खान। सबूत, साक्ष्य और गवाही के आधार पर कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

परवेज ने दो बार कचहरी में किया था पर हमला

D-2 गैंग का जानी दुश्मन D-34 गैंग का सरगना परवेज था। 11 साल पहले STF के हाथों मारे गए परवेज की आंख का किरकिरी था रफीक। यही वजह रही थी कि कचहरी परिसर में परवेज ने दो बार जानलेवा हमला किया। एक बार गोलियां दागीं और दूसरी बार बमों के धमाके किए। जिसमें एक सिपाही भी घायल हुआ था।   




नोट----ये स्क्रीन शॉट वीडियो का एक हिस्सा है। Video नीचे पोस्ट है।

कल्याणपुर में लाठी-डंडों से लैस बदमाशों का तांडव

सड़क पर दौड़ा-दौड़कर लाठियों से कई को पीटा

हमलावर गुंडों ने महिलाओं तक को नहीं बख्शा

गुंडों के दुस्साहस से एरिया में दहशत का वातावरण

थाने और चौकी की पुलिस का है हमलावर गुंडों को संरक्षण

एरिया में वर्चस्व स्थापित करने को लेकर गुंडई

सोशल मीडिया पर Viral हो रहा है गुंडों के हमले का Video

देखें-----कल्याणपुर में सरेराह गुंडई का Live Video

Yogesh Tripathi

सोशल मीडिया पर Video के Viral होने के बाद अफसरों की फटकार पर कल्याणपुर पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ IPC की धारा 147,323,354(B) के तहत FIR रजिस्टर्ड की है। पुलिस ने एक आरोपी को Arrest किया है। शेष की तलाश में पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। 

 यक्ष प्रश्नये है कि आखिर कब तक माफिया, गुंडे और अपराधी थानों, चौकियों में पुलिस कर्मियों के साथ गलबहियां डाल गुंडई करेंगे। शहर के अधिकांश थानों और चौकियों में इस समय कुछ ऐसा ही चल रहा है। S-10 में थानेदारों ने चहेते गुंडों को शामिल कर रखा है। इसके कई उदाहरण अब तक सामने आ चुके हैं। सरेराह इस तरह गुंडई करने वालों पर क्या पुलिस को गुंडाएक्ट और 7 क्रिमिनल एक्ट जैसी धाराओं में कार्रवाई नहीं करनी चाहिए ?

दागी, रिश्वतखोर दरोगाओं की चौकी और थानों में पोस्टिंग आखिर कब तक होती रहेगी ? DGP के आदेश का आखिर पालन क्यों नहीं किया जा रहा है ? शहर के तमाम थानों में दागी थानेदारों की तैनाती है। कुछ ऐसे भी थानेदार हैं जो लंबे समय से घूम-घूमकर कई साल से कानपुर के थानों में ही चार्ज लिए हुए हैं। सवाल ये उठता है कि नौकरी यूपी पुलिस की जब है तो ऐसे थानेदारों और पुलिस कर्मियों को सिर्फ Kanpur में ही तैनाती क्यों ? गोरखपुर, बनारस, बुन्देलखंड और मेरठ जोन में इनको तैनात क्यों नहीं किया जाता ? जब लंबे समय से ये दरोगा और सिपाही एक ही जगह पोस्ट रहेंगे तो निश्चित तौर पर इनके कनेक्शन क्षेत्र के संभ्रात लोगों से न होकर पैसे के लिए सफेदपोश लोगों से होंगे और बाद में यही क्राइम की वजह बनेगी। निश्चित तौर पर अफसरों को इन सब बातों पर गौर कर करना चाहिए। 

Video----

Ex.CM ने पुष्पेंद्र के पीड़ित परिवार से की मुलाकात

न्याय दिलाने के लिए सपा कार्यकर्ता करेंगे आंदोलन

हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की पूर्व मुख्यमंत्री ने की मांग

 
Fake Encounter में मारे गए पीड़ित परिवार से मुलाकात के बा मीडिया से बात करते पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के बुन्देलखंड स्थित Jhansi में 4 दिन पहले Fake Encounter में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के पीड़ित परिवार से बुधवार को Ex. CM Akhilesh Yadav ने मुलाकात की। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन देने के बाद मीडिया से मुखातिब पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इंस्पेक्टर को बचाने में अफसर और सरकार एक हैं। श्रीयादव ने कहा कि यदि पुष्पेंद्र के पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो वह धरने पर बैठेंगे। सपा कार्यकर्ता आंदोलन करेगें।

पुष्पेंद्र के भाई और पत्नी से की बातचीत

सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव दोपहर को पुष्पेंद्र यादव के एरच थाना एरिया स्थित करगुआ खुर्द गांव पहुंचे। यहां सुरक्षा व्यवस्था जिला प्रशासन ने पहले से ही काफी कड़ी कर दी थी। पुष्पेंद्र के भाई रविंद्र यादव और पत्नी शिवांगी से अखिलेश यादव ने काफी देर तक बातचीत की। इस दौरान उनके साथ सपा से राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक दीप नारायण प्रमुख रूप से कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे।

Fake Encounter की कहानी से उठ चुका है पर्दा

मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि Fake Encounter की कहानीसे पर्दा उठ चुका है। पुलिस परिवार के सदस्यों को पांच दिन बीत जाने के बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दे रही है। वहीं, दूसरी तरफ श्रीयादव ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तो बिल्कुल स्पष्ट होगा कि गोली कितनी दूरी से ? किस बोर के असलहे ? से मारी गई है। अपने इन कृत्यों को छिपाने के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दे रही है।

ये कैसा रामराज्य है ?

यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ये कैसा रामराज्य है ? जहां बेगुनाहों की सरेआम हत्याएं हो रही हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि इंस्पेक्टर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल नहीं भेजा गया तो सपा आंदोलन को बाध्य होगी।







रंजीत नगर चौराहे पर सनसनीखेज वारदात से मचा हड़कंप

हमलावरों ने कबीर तिवारी पर दागीं ताबड़तोड़ गोलियां

Lucknow ले जाते समय कबीर की रास्ते में मौत

पुलिस ने दो हत्यारोपितों को दौड़ाकर असलहों के साथ पकड़ा

BJP की सक्रिय राजनीति से जुड़े थे कबीर तिवारी

आदित्य नारायण तिवारी उर्फ कबीर तिवारी (27) पूर्व अध्यक्ष एपीएन कालेज (बस्ती) : (फाइल फोटो)

Yogesh Tripathi

Video -----Fake Encounter पर झांसी में क्या बोले Akhlesh Yadav 

Uttar Pradesh के पूर्वांचल स्थित Basti जनपद में APN College  छात्रसंघ के पूर्व प्रेसीडेंट आदित्य नारायण तिवारी उर्फ कबीर  (27) की बुधवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। कप्तानगंज के ऐंठी निवासी कबीर तिवारी पर कोतवाली के रंजीत चौराहे पर हमलावरों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए ताबड़तोड़ गोलियां दागीं। घटना के समय कबीर एक प्लाट की बांउड्री करा रहे थे। फायरिंग की आवाज सुनकर पास में ही मौजूद पुलिस वाले पहुंचे। भाग रहे दो हत्यारोपितों की पुलिस ने घेराबंदी कर उनको दबोच लिया। कबीर तिवारी BJP से जुड़े थे। उनके हत्या की खबर मिलते ही भाजपाइयों ने चौकी और थाने में जमकर बवाल किया। चौकी में आगजनी की भी खबर है।  

Lucknow ले जाते समय रास्ते में मौत

घायल पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को जिला अस्पताल बस्ती ले जाया गया। चिकित्सकों ने रेफर किया तो तत्काल परिजन Lucknow  लेकर चले। हर्रैया पहुंचते ही रास्ते में कबीर ने दम तोड़ दिया। छात्रनेता के हत्या की खबर मिलते ही सैकड़ों की संख्या में समर्थक कोतवाली पहुंच गए। भीड़ ने थाना परिसर में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर करीब दो बजे सांसद हरीश दिवेदी और सदर विधायक दयाराम चौधरी भी कोतवाली पहुंचे। बंद कमरे में डीएम माला श्रीवास्तव और एसपी पंकज कुमार से वार्ता की। खबर है कि इस बीच कुछ युवकों ने चौकी परिसर में आगजनी भी की।

क्या कहती है बस्ती पुलिस ?

छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कबीर तिवारी की हत्या के मामले में बस्ती पुलिस की तरफ से Twitter पर जानकारी दी गई है। जिसमें बताया कि कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या  525/2019 147,148,149,302 IPC के तहत FIR रजिस्टर्ड की गई है दो हत्यारोपितों को गिरफ्तार किया गया है। क्षेत्र में पुलिस बल मौजूद है। शांति व्यवस्था कायम है।

चकेरी थाना एरिया में दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात

Unnao में तैनात पुलिस कर्मी के बेटे पर हत्या का आरोप

लाइसेंसी राइफल से हमलावर ने सीने में मारी गोली

चकेरी के केडीए कालोनी में रहते थे शोएब खान

यूपी कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजबब्बर के साथ मौजूद शोएब खान (फाइल फोटो) : साभार सोशल मीडिया।

Yogesh Tripathi

चकेरी के ग्रेटर कैलाश नगर में वारदात से हड़कंप

Kanpur के चकेरी स्थित केडीए कालोनी निवासी शोएब खान शहर कांग्रेस कमेटी (कानपुर) में उपाध्यक्ष थे। घटनाक्रम के पीछे जो बात अभी तक सामने आई है, उसके मुताबिक कैलाश नगर निवासी जसवंत सिंह के लड़के रवि यादव का ठेकेदारी को लेकर विवाद किसी युवक से था। बताया जा रहा है कि विवाद में शोएब भी पहुंचे थे। मामला बढ़ा तो मारपीट हुई। जिसमें रवि यादव ने विरोधी गुट के लड़के को पीट दिया। शोएब के विरोध करने पर रवि धमकी देता हुआ कमरे के अंदर पहुंचा और लाइसेंसी राइफल निकाल लाया। जब तक वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते रवि ने लाइसेंसी राइफल से फायर कर दिया। गोली वहां मौजूद शोएब के सीने में लगी और गिर गए। आनन-फानन में शोएब को प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने हैलट रेफर कर दिया। लेकिन बताया जा रहा है कि रास्ते में ही शोएब की मौत हो गई। 
कानपुर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष शोएब खान की हत्या के बाद मौका-ए-वारदात पर पहुंची फोर्स।

UP Police में कांस्टेबल हैं हमलावर के पिता

क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक हमलावर रवि सिंह बेहद दबंग किस्म का व्यक्ति है। उसके पिता जसवंत सिंह यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं। उनकी तैनाती वर्तमान में उन्नाव जनपद में है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि लाइसेंसी राइफल रवि सिंह की है या उसके पिता की।

कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी पहुंचे

कमेटी के उपाध्यक्ष शोएब खान की हत्या की खबर सुनते ही शहर कांग्रेस कमेटी के तमाम पदाधिकारी पहुंच गए। कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला ने बताया कि पूरे मामले से प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया गया है। शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस कमेटी के नेता की हत्या से मैं स्तब्ध हूं। प्रदेश में जंगलराज स्थापित हो चुका है। लॉ एंड आर्डर पूरी तरह से यूपी में फेल है। 


शोएब खान के Murder के पीछे कहानी


www.redeyestimes.com (News Portal) की छानबीन और पुलिस से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक रवि सिंह यादव ने 100 वर्ग के प्लाट पर टीनशेड डालने का ठेका प्रशांत नाम के युवक को दिया था। इस प्लाट में उसे मवेशियों को बांधना था। रवि ने प्रशांत को 50 हजार रुपए एडवांस में दे दिए। बताया जा रहा है कि प्रशांत ने टीनशेड डालने का work नहीं किया। बुधवार को रवि के घर प्रशांत पहुंचा और 30 हजार रुपए मांगे। इस पर रवि ने कहा कि काम किया ही नहीं तो पैसे किस बात के दूं।

दर्जन भर युवकों को लेकर पहुंचा प्रशांत


सूत्रों की मानें तो विवाद बढ़ने पर गाली-गलौज होने लगी। रवि ने घटना की जानकारी मोबाइल पर अपने कांस्टेबल पिता को दी। इस बीच प्रशांत अपने साथ करीब दर्जन भर लोगों को लेकर दोबारा रवि के घर पहुंच गया और अभद्रता करने लगा। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक कुछ युवकों ने घर के अंदर घुसकर तोड़फोड़ कर रवि की मां से धक्का-मुक्की की। जिसके बाद रवि कमरे के अंदर पहुंचा और लाइसेंसी राइफल लोड कर सीधे गोली चला दी। राइफल से निकली गोली कांग्रेस उपाध्यक्ष के सीने में घुसी। उसके बाद चीख-पुकार मची और शोएब के साथ मौजूद लोग उसे बाइक पर लेकर अस्पताल भागे।  

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। हत्याकांड में प्रयुक्त लाइसेंसी असलहे को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।