• यूपी, उत्तराखंड समेत कई जगहों पर हैं श्रीआनंदेश्वर मंदिर की बेशकीमती संपत्तियां
  • श्रीआनंदेश्वर मंदिर के पास भी स्थित हैं अरबों रुपए की कीमती संपत्तियां 
  • श्रीआनंदेश्वर मंदिर की संपत्तियों का मालिक होता है मंदिर का महंत 
  • भू-माफियाओं ने लंबे समय से लगा रक्खी है "गिद्ध" सरीखी निगाह
  • कई सफेदपोशों और भू-माफियाओं की "कुंडली" बांच रही हैं खुफिया विंग
  • समय रहते पुलिस और प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो सरकार की भी होगी किरकिरी 
  • एक खुफिया विंग के कागज मांगते ही जूना अखाड़े के पदाधिकारी "अंडरग्राउंड"
  • मंदिर से जुड़ी अब तक की छानबीन में खुफिया इकाइयों ने तैयार की बेहद मोटी फाइल 

31 अगस्त को श्रीआनंदेश्वर मंदिर में मीटिंग के बाद जूना अखाड़े के लोग भूमिगत हैं---खुफिया इकाइयों ने जूना अखाड़े से दस्तावेज मांगे हैं

Yogesh Tripathi

लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र Kanpur स्थित श्रीआनंदेश्वर मंदिर (परमट) में मंदिर के महंत की गद्दी को लेकर चल रही खींचतान तो दरसल बहाना है...खुफिया एजेंसियों की मानें तो श्रीआनंदेश्वर मंदिर के करीब 6 हजार करोड़ रुपए की बेशकीमती संपत्तियों पर भू-माफियाओं का "निशाना" है। यही वजह है कि मंदिर के अरबों रुपए की इन संपत्तियों को हथियाने के लिए साम-दाम-दंड-भेद का "खेल" जारी है। मंदिर की गद्दी मिलते ही कीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त कौड़ियों के भाव में Start होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इसमें करीब एक दर्जन संपत्तियां श्रीआनंदेश्वर मंदिर के आसपास की बताई जा रही हैं। सिर्फ कानपुर ही नहीं यूपी के प्रयागराज, वाराणसी, मथुरा, कानपुर के घाटमपुर स्थित पतारा, उत्तराखंड में भी श्रीआनंदेश्वर मंदिर की संपत्तियां हैं। "लोकल-वोकल" के तमाम "गिद्ध" अपने "राजनीतिक आकाओं" के सहारे इन संपत्तियों पर "निगाह" जमाए बैठे हैं। हालांकि इन सफेदपोशों और भू-माफियाओं की "कुंडली" भी खुफिया इकाइयां बांच रही हैं। बताया जा रहा है कि अब तक बेहद मोटी फाइल तैयार हो चुकी है। सबसे खास बात ये है कि मंदिर से जुड़े हर मामले को लखनऊ में बैठे आला अफसर बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। चर्चा तो ये भी है कि यदि प्रशासनिक अफसरों ने समय रहते प्रकरण में हस्तक्षेप यदि नहीं किया तो सरकार की किरकिरी होने में तनिक भी देर नहीं लगेगी। उसकी वजह भू-माफियाओं और सफेदपोशों का हर कीमत पर श्रीआनंदेश्वर मंदिर की संपत्तियों को कौड़ियों के भाव में खरीदने के लिए आतुर होना बताया जा रहा है। 


श्रीआनंदेश्वर मंदिर से जुड़ी संपत्तियों को खरीदना या हड़पना तभी संभव होगा जब मंदिर के महंत की "कृपा" होगी। "कृपा" जिस पर बरसेगी वही अरबों की संपत्तियों को ठिकाने लगा पाएगा। यही वजह है कि सदियों पुरानी मंदिर की गुरु-शिष्य परंपरा को भी पुलिस और प्रशासन की मदद से जूना अखाड़े के लोगों ने ताक पर रखते हुए बाबा घाट मंदिर के बाहर ब्रम्हलीन महंत श्यामगिरी को भू-समाधि दे दी। इतना ही नहीं अगले दिन मंदिर में जूना अखाड़े के लोगों ने एक मीटिंग कर मंदिर की देखरेख और तमाम कार्यों के लिए पांच साधु-संतों के नाम की घोषणा भी कर दी। जबकि परंपरा के मुताबिक श्यामगिरी के किसी एक शिष्य को गद्दी पर बैठाना चाहिए। चर्चा तो ये भी हो रही है कि यदि शासन-प्रशासन का अधिक जोर पड़ा तो श्यामगिरी के ही एक नशेबाज शिष्य को गद्दी पर डमी महंत के तौर पर बैठाकर सारी बागडोर हाथ में रक्खी जाए। जूना अखाड़े का यह सबसे अंतिम विकल्प हो सकता है। 


वर्ष 1970 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आनंदेश्वर ट्रस्ट की तरफ से अपील प्रस्तुत की गई थी। जिसे हाईकोर्ट ने गुण और दोष के आधार पर खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद यह भी साफ हो गया कि आनंदेश्वर ट्रस्ट पूरी तरह से फर्जी है और उसका वैधानिक अधिकार नहीं है। इसके इतर गौर करने वाली बात ये भी है कि मंदिर के महंत के पास ही सभी संपत्तियों का मालिकाना हक रहता है। मंदिर में आने वाले दान से लेकर चढ़ावे और अन्य तरह के की रकम का भी सर्वाधिकार महंत के पास रहता है। ब्रम्हलीन महंत श्यामगिरी ने कोर्ट में दिए हलफनामें में यह बताया है कि श्रीआनंदेश्वर मंदिर से जुड़ी संपत्तियां मकान नंबर 13/74, 13/205, 13/83, 13/70, 13/299-A, 13/78 परमट कानपुर के अलावा भी कई अन्य संपत्तियां हैं। ऐसा श्यामगिरी कोर्ट में दिए हलफनामे में कह चुके हैं। मतलब साफ है कि जो जो Power श्यामगिरी के पास था वो अब नए पास आ जाएगा। नया महंत मंदिर चाहेगा तो उन संपत्तियों का विक्रय या लीज डीड किसी को कर सकता है। 

 


इन संपत्तियों की बिक्री होते ही भू-माफियाओं, सफेदपोशों और बिल्डर्स की चांदी हो जाएगी। खास बात ये है कि मंदिर की इन बेशकीमती जमीनों पर कई दर्जन लोग अपने परिवार के साथ रहते हैं। ऐसा होते ही उनके सामने भी न सिर्फ घर का बल्कि जीविकापोर्जन का भी संकट मंडराने लगेगा। हालांकि यहां रह रहे कई परिवारों को इस संकट के बांदल अभी से मंडराते साफ दिखाई दे रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो खुफिया इकाइयों को इसकी भनक लग चुकी है। तमाम से सफेदपोश माफियाओं की कुंडली भी खुफिया बांच रही हैं। सूत्रों की मानें तो शासन स्तर से भी श्रीआनंदेश्वर मंदिर से जुड़ी हर जानकारियों को मांगा जा रहा है। चर्चा है कि खुफिया अफसरों ने जब जूना अखाड़े के दावेदारी को देख जब उनसे दस्तावेज मांगे तो पदाधिकारी खामोश हो गए। चर्चा तो ये भी है कि उसके बाद से जूना अखाड़े के पदाधिकारी कानपुर से कहां रवाना हो गए ये भनक किसी को नहीं है। 


सोलशी भंडारा के बाद गहराएगा महंत की गद्दी का विवाद

30 अगस्त को बाबा घाट के बाहर श्यामगिरी को समाधि देने के बाद जूना अखाड़े के लोगों ने बाबा घाट के बाहर करीब 1000 वर्ग गज से अधिक की जमीन पर अवैध कब्जा कर चारो तरफ लोहे की ग्रिल और जाली लगवा दिया। शिवपुराण और गरुण पुराण का पाठ करवाया जा रहा है लेकिन सबसे अधिक सरगर्मी सोलशी भंडारा को लेकर है। बताया जा रहा है कि 15 सितंबर को श्यामगिरी का सोलशी भंडारा है। माना जा रहा है कि इस भंडारे के बाद मंदिर की गद्दी को लेकर विवाद काफी गहराएगा। खुफियां एजेंसियां भी कमोवेश ऐसा ही मान रही हैं। सोलशी भंडारे को लेकर मंदिर के आसपास होर्डिंग्स लगाई जा चुकी हैं। कल मंदिर से कलश यात्रा भी निकाली गई थी। जिसमें महिलाएं भी शामिल हुईं। 


 


"मेरी संपत्ति (श्रीआनंदश्वर मंदिर) को खुर्द-बुर्द करने पर तुला है जूना अखाड़ा : श्यामगिरी" (अगले अंक में ये स्टोरी पढ़िएगा )

Axact

Axact

Vestibulum bibendum felis sit amet dolor auctor molestie. In dignissim eget nibh id dapibus. Fusce et suscipit orci. Aliquam sit amet urna lorem. Duis eu imperdiet nunc, non imperdiet libero.

Post A Comment:

0 comments: