-आवास विकास हंसपुरम में कालोनी की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी

-क्रय-विक्रय के कई साल बाद महिला ने दिया Notice तो उड़े होश


Central Desk

Kanpur के South City स्थित नौबस्ता (पशुपति नगर) निवासी अधिवक्ता आशीष निगम के साथ आवास विकास कालोनी की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। कालोनी की क्रय-विक्रय के कई साल बाद जब फ्राड करने वाली महिला ने अधिवक्ता के जरिए जब Notice जारी किया तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पीड़ित अधिवक्ता ने शुक्रवार को SSP/DIG को दिए गए शिकायती पत्र में मामले की जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मुकदमा पंजीकृत किए जाने की गुहार लगाई है। 


पशुपति नगर निवासी अधिवक्ता आशीष निगम के मुताबिक करीब आठ साल पहले उन्होंने आवास विकास (हंसपुरम) में एक कालोनी खरीदी थी। यह कालोनी राधेश्याम के नाम पर आवंटित हुई थी। बकौल आशीष निगम उनके पूर्व परिचित रमेश चंद्रा के कहने पर ही उन्होंने यह कालोनी वर्ष 2014 में क्रय की थी। 


सितंबर 2014 में उन्होंने आशीष ने यह कालोनी राजेंद्र साहू नाम के व्यक्ति को विक्रय कर दी। राजेंद्र साहू कालोनी खरीदने के बाद से अपने परिवार के साथ उसमें रह रहे हैं। SSP/DIG को दिए गए शिकायती पत्र में आशीष ने बताया कि उक्त कालोनी पर आवंटी राधेश्याम ने पहले से ही लोन ले रखा था। बैंक ऑक्शन में यह कालोनी रमेश चंद्रा ने अपनी पत्नी प्रेमलता के नाम पर ले ली। 

कालोनी खरीदते समय आशीष ने सभी कागजातों की जांच करवाई थी लेकिन बैंक से लोन की बात उजागर ही नहीं हुई। 2020 में Premlata ने अपने अधिवक्ता के जरिए राजेंद्र साहू को नोटिस दिया। नोटिस में राजेंद्र को अवैध कब्जेदार बताते हुए तत्काल कालोनी खाली करने की बात कही गई।  

नोटिस मिलने के बाद राजेंद्र साहू ने आशीष से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। छानबीन में पता चला कि इस दौरान प्रेमलता ने किसी और व्यक्ति को भी यह कालोनी विक्रय करने के लिए एग्रीमेंट कर रखा है। छानबीन में जब प्रमाणित हो गया कि करीबी ने ही धोखाधड़ी की है तो अधिवक्ता ने शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराने की गुहार लगाई है।

 

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