-7 दिन पहले जय बाजपेयी ने Vikas Dubey के खाते में ट्रांसफर किए थे 15 लाख रुपए

-जय बाजपेयी ने 15 करोड़ रुपए के कीमत का फ्लैट दुबई में खरीद रखा है

-Vikas Dubey से 2 प्रतिशत पर रकम लेकर जय बाजपेयी उसे 5 प्रतिशत पर बांटता है

-मंडे की Night जय बाजपेयी को Lucknow लेकर पहुंची UPSTF की टीम

-थर्ड डिग्री झेल नहीं पाया गैंगस्टर विकास दुबे का "कारखास"

-जय बाजपेयी का "सरकारी दामाद" बनना करीब-करीब "पक्का"

-परिवार के दो सदस्यों को अलग रखकर STF कर रही है पूछताछ 

-जय के बाद लपेटे में आ सकते हैं कई और कनपुरिया लड़के 

फोटो साभार-सोशल मीडिया।

Yogesh Tripathi


UPSTF के चंगुल में फंसा Kanpur का जय बाजपेयी अंतत: टूट गया। Lucknow में देर रात्रि पूछताछ के दौरान जय बाजपेयी ने तमाम राज उगल दिए। जय ने एसटीएफ को बताया कि 7 दिन पहले उसने विकास दुबे के खाते में 15 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर की थी। जय बाजपेयी ने ये भी बताया कि दुबई में 15 करोड़ रुपए के कीमत का उसने फ्लैट खरीद रखा है। खबर ये भी है कि जय बाजपेयी ने विकास दुबे से करीब साढ़े पांच करोड़ की रकम लेकर 2 प्रतिशत के ब्याज पर लेकर उसे कानपुर के लोगों के बीच 5 प्रतिशत पर दे रखी है। खाते में ट्रांसफर की गई रकम ब्याज की बताई जा रही है। जय के कुछ परिजनों से भी एसटीएफ के टीमें पूछताछ कर रही हैं। सभी को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है। कुछ विशेष अफसरों को ही जय के पास जाने की अनुमति है। सूत्रों की मानें तो जय को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।विश्वस्त सूत्रों की मानें तो STF की तरफ से की जा रही जय बाजपेयी की "मेहमाननवाजी" का दौर अभी कुछ समय तक और चलेगा।

उल्लेखनीय है कि कुछ घंटे पहले ही www.redeyestimes.com (News Portal) ने जय बाजपेयी की तरफ से जल्द बड़े खुलासे की खबर ब्रेक की थी। बड़े सूत्रों की मानें तो जय बाजपेयी का अब "सरकारी दामाद" बनना करीब-करीब "पक्का" माना जा रहा है। उधर, Lucknow (Range) की IG लक्ष्मी सिंह कानपुर के बिल्हौर थाने मंगलवार की सुबह पहुंची। चर्चा ये है कि लक्ष्मी सिंह शहीद CO की तरफ से थानेदार के खिलाफ की गई शिकायतों की गोपनीय जांच कर रही हैं। खास बात ये है कि बिकरू केस की जांच अभी तक STF के DIG अनंत देव तिवारी कर रहे थे लेकिन आरोप की बौंछार होते ही उनके खिलाफ ही जांच के निर्देश हाकिमों ने जारी कर दिए हैं।

7 साल में जय बाजपेयी बन गया अरबपति

ब्रम्हनगर निवासी जय बाजपेयी  पिछले कई साल से कानपुर के लिए किसी कौतूहल से कम नहीं था। करीब सात साल पहले तक एक प्रिन्टिंग प्रेस में महज कुछ हजार रुपए की पगार पर नौकरी करने वाला जय कब अरबपति बन बैठा किसी को भनक तक नहीं लगी। दर्जनों बेशकीमती बंगलों का मालिक है जय बाजपेयी। पुलिस विभाग के दरोगा से लेकर तमाम अफसरों की हर सुविधा का ख्याल रखने वाला जय बाजपेयी मंहगी कारों का भी शौकीन है। पुलिस ने दो दिन पहले जो लावारिस कारें बरामद की हैं, उसका कनेक्शन जय बाजपेयी से है। यही वजह है कि वह UPSTF के सीधे रडार पर आ गया। एक बड़े अफसर की मानें तो जय बाजपेयी अभी और गहरे राज भी उगल सकता है। यही वजह है कि उसे बेहद गोपनीय स्थान पर रखा  गया है। जय के पास एक पेट्रोल पंप होने की बात भी प्रकाश में आई है। पुलिस जय के बैंक खातों के साथ-साथ उसके परिजनों के बैंक खाते भी खंगाल रही है।

फोटो साभार-सोशल मीडिया।

IPS Officer के साथ Viral हो रही है जय बाजपेयी की Photo


जय बाजपेयी फिलहाल अभी तक जांच में मजबूत कड़ी बनकर सामने आया है। उसके हिरासत में लिए जाते ही सोशल मीडिया पर तमाम फोटो वॉयरल होने लगीं। कमेडियन अन्नू अवस्थी से लेकर शहर में एसएसपी के पद पर तैनात रहे अनंत देव तिवारी के साथ वाली फोटो अब यूपी की सियासत में भूचाल ला चुकी हैं। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल सीधे तौर पर यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोल रहे हैं। एक फोटो सीनियर आइएस और वर्तमान में प्रशासनिक अमले में सबसे बड़े पद पर कार्यरत अफसर की भी वॉयरल हुई है। इसे लेकर भी कांग्रेस की सोशल मीडिया ने सीधे यूपी की सरकार को आड़े हाथों लिया है। सोशल मीडिया में पिन्टू सेंगर मर्डर केस के एक आरोपी की भी फोटो अनंत देव तिवारी के साथ वॉयरल हो रही है। जिसमें वह उन्हें विदाई के समय बुके दे रहा है। ये आरोपी करीब 22 साल पहले शहर के चर्चित अपहरण केस में आरोपी रहा है।

UPCM योगी आदित्यनाथ ने देर रात्रि की Meeting


बिकरू कांड में यूपी पुलिस के साथ-साथ सरकार की भी किरकिरी हो रही है। 100 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन 2.5 लाख रुपए का इनामी कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे पुलिस की 100 टीमें गिरफ्तार नहीं कर सकी हैं। सरकार की साख को बचाने के लिए देर रात्रि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ बड़े और भरोसेमंद अफसरों के साथ अहम मीटिंग की। बैठक के दौरान विकास दुबे को ढेर करने के साथ-साथ तमाम और बिन्दुओं पर भी मुख्यमंत्री ने तेज तर्रार अफसरों को निर्देश दिए। खबर ये भी है कि इस मीटिंग का असर अब और अधिक देखने को मिलेगा।

पुलिस महकमें में चलता था जय बाजपेयी का "सिक्का"

सूत्रों की मानें तो गैंगस्टर से "याराना" निभाने वाले जय बाजपेयी का सिक्का पुलिस महकमें में खूब चलता था। दरोगा और थानेदारों से लेकर तमाम बड़े अफसर उसकी तरफ से मुहैया कराई जाने वाली सुविधाओं को आदी बन चुके है। यही वजह है कि शहर के तमाम अफसरों का वह करीबी बना रहा। पकड़े जाने के बाद आने वाली तमाम बाधाओं से बचने के लिए ही STF की टीम ने उसे लखनऊ ले जाना बेहतर समझा। कानपुर में न सिर्फ उसे हर पल की लोकेशन दी जा रही थी बल्कि उसे बचाने के लिए प्रयास भी चल रहे थे।

UPDATE---सूत्रों की मानें तो मंगलवार को पुलिस की एक टीम ने जय बाजपेयी के घर पहुंचकर काफी देर तक तलाशी ली। देर रात्रि तक जय बाजपेयी से जुड़ी कुछ और बड़ी खबरें आ सकती हैं।






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