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Madhya Pradesh & Uttar Pradesh की सीमा पर 12 फरवरी 2019 को फिल्मी स्टाइल में तेल कारोबारी के मासूम लड़कों का स्कूली बस से अपहरण कर उनकी बेरहमी से हत्या करने वाले बदमाश सतना पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। इस बड़े और जघन्य हत्याकांड को लेकर UP & MP में चुनाव बयार को देखते हुए सियासत भी चरम पर हो रही है। कांड के मुख्य सूत्रधार (मॉस्टरमाइंड) पदम शुक्ला की बाहुबली विधायक राजा भैया और BJP नेताओं के साथ वाली फोटो सोशल मीडिया पर वॉयरल हो रही हैं। ये फोटो उसने अपने facebook और Instagram अकाउंट पर पोस्ट कर रखी हैं। बांदा मीडिया की मानें तो पद्म शुक्ला संदिग्ध था लेकिन दिग्गज नेताओं का संरक्षण होने की वजह से लोकल पुलिस उस पर कई हाथ नहीं डाल सकी। वो तमाम अनैतिक कारोबार में संलिप्त रहता था। इस कांड में भी यूपी की बांदा और चित्रकूट पुलिस उसे हिरासत में नहीं ले रही थी लेकिन Madhya Pradesh की सतना पुलिस उसे आधी रात को टांग ले गई।


[caption id="attachment_18884" align="aligncenter" width="628"] UP के बाहूबली विधायक राजा भैया के साथ जुड़वा भाइयों के अपहरण और हत्या का मॉस्टर माइंड (लाल घेरे में)।[/caption]

YOGESH TRIPATHI


BJP और बजरंगदल का झंडा लगाकर पूरे कांड को दिया अंजाम


मध्य प्रदेश के रीवा रेंज (IG) चंचल शेखर ने संडे को सतना में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि पूरे घटनाक्रम को बजरंगदल और बीजेपी की झंडा लगी गाड़ियों से अंजाम दिया गया। इतना ही नहीं बच्चों को बस से असलहों के बल पर किडनैप करने वाले बदमाश भी भगवा रंग का गमछा पहने हुए थे। मॉस्टर माइंड पद्म शुक्ला के तार बीजेपी के तमाम दिग्गज नेताओं से हैं। खुद उसका भाई विष्णुकांत शुक्ला बजरंगदल का क्षेत्र समन्वयक है।

[caption id="attachment_18885" align="aligncenter" width="598"] राजस्थान भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के साथ आरोपी पदम शुक्ला। (लाल घेरे में)[/caption]

बदमाशों ने अपहरण के बाद बच्चों को चित्रकूट में रखा था


IG चंचल शेखर के मुताबिक अपहरण के बाद बच्चों प्रियांश और शिवांश को कुछ दिन चित्रकूट में ही रखा गया था। इसके बाद दोनों को चार अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था। दो चार पहिया वाहनों का इस दौरान प्रयोग किया गया। जिसमें बीजेपी और बजरंग दल के झंडे लगे थे। अपहरणकर्ता एक व्यक्ति का मोबाइल लेकर फिरौती मांग रहा था। जब उसे व्यक्ति को शंका हुई तो उसने मोबाइल से उस बाइक की फोटो खींच ली। बाइक के नंबर से बदमाशों को ट्रेस किया गया।

[caption id="attachment_18886" align="alignnone" width="730"] बाहुबली विधायक के साथ लाल घेरे में खड़ा पद्म शुक्ला और सबसे दाहिनी तरफ उसका पिता।[/caption]

BJP के संगठन मंत्री समेत तमाम नेताओं के साथ आरोपी की Photo Viral


मध्य प्रदेश के रीवा रेज आइजी चंचल शेखर के मुताबिक मासूम बच्चों के अपहरण और उनकी हत्या का मॉस्टरमाइंड पद्म शुक्ला है। उसके संबध तमाम बीजेपी नेताओं से हैं। वहीं, दूसरी तरफ पद्म शुक्ला के गिरफ्तार होने के बाद उसकी तमाम फोटो सोशल मीडिया पर वॉयरल हो रही हैं। एक फोटो में वो राजस्थान के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर द्विवेदी के साथ है। दो फोटो में वो परिवार के साथ बाहुबली राजा भैया के साथ खड़ा है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के तमाम बड़े कद्दावर पदाधिकारियों की भी उस पर “कृपा” है। लोकल स्तर पर भी बीजेपी के कई नेता और जनप्रतिनिधि उसके बुलावे पर मौजूद रहते हैं।

 

 

नोट

बीजेपी के स्थानीय नेताओं के साथ फोटो में मौजूद अपहरण और हत्या का मुख्य सूत्रधार पद्म शुक्ला।


तेल कारोबारी ब्रजेश रावत के मासूम बेटों के अपहरण और हत्या करने वाले मुख्य आरोपी पद्म शुक्ला की और अधिक फोटो देखने के लिए कृपया उसके Instagram अकाउंट के इस लिंक पर क्लिक कीजिए।

https://www.instagram.com/padamshukla/?hl=cs

 

आप ने इंसानों को तो जेल से बाहर आते देखा होगा लेकिन किसी गधे को नहीं। चौंकिए नहीं लेकिन यह सच है। यूपी के बुन्देलखंड स्थित जालौन जिला कारागार में 24 नवंबर को जेल में बंद किए गए 8 गधों को बीजेपी नेता की सिपाऱिश पर मंडे की शाम को रिहा कर दिया गया। इन गधों पर आरोप है कि जेल में प्लांटेशन के लिए लाए गए पांच लाख रुपए के कीमत के पौधों को चर लिया। 


[caption id="attachment_18434" align="aligncenter" width="670"] उरई की जिला कारागार से रिहाई के बाद बाहर आता 8 गधों का झुंड।[/caption]

जालौन। उत्तर प्रदेश के बुन्देलखंड स्थित जनपद जालौन में एक अजीबो-गरीब मामला प्रकाश में आया है। पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने के मामले में जेल भेजे गए 8 गधों (Donkey) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) लीडर की सिपारिश पर रिहा कर दिया गया। सभी गधे 24 नवंबर को जेल भेजे गए थे। बताया जा रहा है कि उरई के जिला कारागार में प्लांटेशन के लिए करीब पांच लाख रुपए के कीमत के पौधे लाए गए थे, जिन्हें इन गधों पर चर लिया था। इसके बाद पुलिस वालों ने गधों को जेल भेज दिया।


तो इस लिए जेल भेजे गए थे सारे गधे


जिला कारागार के हेड आरक्षी आरके मिश्रा के मुताबिक कुछ दिन पहले सुपरिंटेंडेंट सीताराम शर्मा ने करीब पांच लाख रुपए के कीमत के पौधे प्लांटेशन के लिए मंगवाए थे। इन पौधों को जिला कारागार के अंदर लगवाया जाना था। बताया जा रहा है कि बाहर घूमने वाले गधों ने इन कीमती पौधों को चर लिया। जब इन गधों के मालिक को सूचना देकर ले जाने के लिए कहा गया तो उसने नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद जेल सुपरीटेंडेंट की पहल पर उरई की कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई कर गधों को जेल भेज दिया।

गधों के जेल जाने के बाद मालिक ने मांगी BJP लीडर से मदद


पुलिस ने सभी आठ गधों को जेल भेज दिया। इसकी भनक जब गधों के मालिक को लगी तो वह परेशान हो गया। सोमवार को गधों के मालिक ने एक बीजेपी लीडर से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराते हुए मदद मांगी। इस पर बीजेपी नेता गधों के मालिक के साथ जिला कारागार पहुंचे और सुपरीटेंडेंट से गधों की रिहाई के लिए बात की।

पहली बार किसी जेल से बाहर आए गधे


जानकारों और प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जेल से इंसानों को आते हर रोज देखा जाता है लेकिन किसी जेल से गधों के रिहा होते पहली बार देखा गया। जिला कारागार से गधों के रिहा होने की खबर मिलने पर जनपद में खूब चर्चा हो रही है।