Lok Sabha Election 2019 : अकबरपुर लोकसभा का चुनाव दिन पर दिन बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। कांटे की त्रिकोणीय लड़ाई में BJP के “भोले” की सीट इस बार फंसती नजर आ रही है। उसकी वजह “अपनों” और उनके करीबी लोगों को पराया हो जाना है। "जातिवाद का जनेऊ" भी इस बार चुनाव में खूब चल रहा है। कुछ ऐसी ही एक सीन ख्योरा एरिया में देखने को मिली। यहां कल्याण सिंह सरकार में ताकतवर कबीना मंत्री रहीं प्रेमलता कटियार के भाई जग विजय कटियार सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी निशा सचान के समर्थन में खुलेआम वोट मांगते हुए दिखाई दिए। जगविजय की भांजी नीलिमा कटियार वर्तमान में कल्याणपुर विधान सभा से BJP की MLA हैं।


 

YOGESH TRIPATHI


बहन के चुनाव में हो जाते हैं “भाजपाई”


जगविजय कटियार के बारे में भाजपाइयों के बीच तगड़ी चर्चा है कि जब विधान सभा का चुनाव उनकी बहन या भांजी लड़ती हैं तो वे भाजपाई हो जाते हैं। तन, मन और धन से चुनाव भी लड़ाते हैं लेकिन लोकसभा चुनाव में वे बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल देते हैं। ऐसा पहली बार नहीं है कि जगविजय लोकसभा चुनाव में बीजेपी का विरोध कर रहे हों। श्यामबिहारी मिश्रा, अरुण तिवारी (बाबा) के चुनाव में भी वे मुखालफत कर चुके हैं।

पार्षद के चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के सामने ठोंक दिया था नामांकन


जगविजय के बारे में चर्चा इस बात की भी है कि कई साल पहले विनायकपुर से बीजेपी ने रिन्कू चौहान को पार्षदी का टिकट दिया था। संगठन ने पूरे जोर-शोर से रिन्कू को चुनाव भी लड़वाया लेकिन ऐन वक्त पर जगविजय ने अपना नामांकन ठोंक दिया। चुनाव में जगविजय की वजह से रिन्कू को हार का सामना करना पड़ा।

"जातिवाद का जनेऊ" लड़ा निशा सचान के लिए मांग रहे हैं Vote


बीजेपी संगठन के बीच तगड़ी चर्चा है कि जगविजय का असली चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। बीजेपी प्रत्याशी देवेंद्र सिंह भोले के बजाय वो अपनी ही जाति की गठबंधन प्रत्याशी निशा सचान के समर्थन में वोट मांग रहे हैं। अंदरखाने की मानें तो भाजपा प्रत्याशी की हालत पहले से ही काफी पतली है। ऐसे में “अपनों” और उनके “करीबी” लोगों के पाला बदलने से परिणाम भाजपा के विपरीत भी जा सकता है। गौरतलब है कि कल्याणपुर विधान सभा एरिया बीजेपी का गढ़ हमेशा से रहा है। सतीश निगम का चुनाव छोड़ दें तो यहां भाजपा को कभी पराजय नहीं मिली। लोकसभा के करीब-करीब हर चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी की जीत इसी विधान सभा से सुनिश्चित होती है। ऐसे में दो-चार “विभीषण” भाजपा प्रत्याशी की “लंका दहन” करने के लिए पर्याप्त हैं। बीजेपी प्रत्याशी के साथ हो रहे इस तरह के भीतरघात को लेकर पुराने कार्यकर्ताओं में खासा गुस्सा भी है। इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस भीषण गर्मी में हम लोग एक-एक वोट के लिए संघर्ष कर रहे हैं और "विभीषण" लंका ढहाने का काम कर रहे हैं।


कल्याणपुर के केशवपुरम में चुनाव बहिष्कार का जनता ने टांगा बैनर


इस बीच Kanpur के कल्याणपुर के केशवपुरम स्थित मित्र विहार आवास विकास से खबर आ रही है कि वहां पर क्षेत्रीय जनता ने चुनाव बहिष्कार का बैनर संडे की रात को टांग दिया है। नागरिक परिषद केशवपुरम सेक्टर (N) की पीड़ित जनता का कहना है कि वे लोग सीवर और गंदगी से काफी परेशान हैं। जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की है लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि उनकी समस्या का निदान नहीं किया गया तो वो लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बैनर वाली फोटो इस समय सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म पर खूब Viral हो रही है।

 

 
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