सस्पेंड किए गए दोनों ही अफसर वर्तमान समय में जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे। पहले राकेश कुमार सिंह जो कि कानपुर देहात के डीएम हैं और दूसरे राजीव कुमार रौतेला जो कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में बतौर डीएम तैनात हैं। दोनों ही अफसरों पर आरोप है कि रामपुर में तैनाती के दौरान अवैध खनन के कारोबार को संरक्षण दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कार्रवाई एक याचिका की सुनवाई के की। 



लखनऊ। यूपी के रामपुर जनपद में अवैध खनन को संरक्षण देने के मामले में दोषी पाए जाने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर दो जिलाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।


रामपुर में तैनात रह चुके हैं दोनों IAS


जिन दो जिलाधिकारियों पर सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है उसमें पहला नाम गोरखपुर के जिलाधिकारी राजीव कुमार रौतेला और दूसरा नाम कानपुर देहात के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का है। इन दोनों ही अफसरों पर अवैध खनन को लेकर जांच चल रही है। दोनों ही अफसर रामपुर में बतौर DM तैनात रह चुके हैं।

क्या है दोनों अफसरों पर आरोप ?


इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सस्पेंड किए गए दोनों ही अफसरों राजीव कुमार रौतेला और राकेश कुमार सिंह पर आरोप है कि रामपुर जनपद में तैनाती के दौरान खनन माफियाओं को खूब संरक्षण दिया। दोनों ही अफसरों की नाक के नीचे अवैध खनन का काला कारोबार खूब फला-फूला। इसे लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने दोनों तत्कालीन डीएम को सस्पेंड कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों ही अफसरों के खिलाफ फैसला 7 दिसंबर को हो गया था लेकिन जब फैसले को ऑन लाइन किया गया तो सूचना मीडिया और शासन को हुई।

मकसूद ने दायर की थी याचिका


दोनों ही IAS अफसरों के संरक्षण में होने वाले अवैध खनन के काले कारोबार को लेकर दो साल पहले रामपुर जनपद के दढियाल निवासी मकसूद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी और आरोप लगाया था कि प्रशासन की शह पर रामपुर में अवैध खनन हो रहा है।
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