Articles by "Narendra Giri"
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  • सरकारी गनर Ajay Singh को SIT Team ने मंगलवार रात को हिरासत में लिया था
  • SIT Team ने तीन अन्य गनरों को बुधवार दोपहर हिरासत में लिया
  • सभी गनरों की बड़ी लापरवाही अब तक की जांच में सामने आई है
  • महंत की सुरक्षा में तैनात होने के बाद Ajay Singh बना अरबपति : Anand Singh
Yogesh Tripathi

Mahant Narendra Giri के DeathMystery की गुत्थी सुलझाने में जुटी SIT के शक की सुई महंत की सुरक्षा में तैनात चार नगरों पर भी घूम रही है। सूत्रों की मानें मंगलवार की Mid-Night सरकारी गनर Ajay Singh को SIT ने हिरासत में लेकर पूछताछ Start कर दी थी। गनर Ajay Singh को SIT Team ने रडार पर ले रखा है। Mobile की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। तीन अन्य गनरों आज हिरासत में लिया गया। सभी सुरक्षा कर्मियों को पुलिस लाइन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है। 
चारों गनरों को सस्पेंड करने की सिफारिश

Narendra Giri की सुरक्षा में चार गनर अजय सिंह, मनीष शुक्ला, अभिषेक मिश्रा और विवेक मिश्रा तैनात थे। चारों गनरों को सस्पेंड किए जाने की सिफारिश भी की गई है। अभी तक की जांच में चारों गनरों की लापरवाही सामने आई है। सभी को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई है। 
खास बात ये है कि गनर Ajay Singh के खिलाफ आरोपी Anand Singh ने बयान दिए हैं। जिसकी वजह से अजय सिंह की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। चर्चा है कि Narendra Giri की सुरक्षा में तैनाती के बाद गनर Ajay Singh ने भी अरबों की संपत्ति बटोरी है। 
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताया गया
  • पांच चिकित्सकों के पैनल ने विसरा सुरक्षित रखवाया
  • पुलिस ने तीन नामजद आरोपितों को Arrest कर Court में किया पेश
  • किरकिरी और सियासी हमलों से बचने के लिए CBI जांच की सिफारिश
Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh Government ने अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत Narendra Giri की Death Mystery की गुत्थी सुलझाने के लिए देर रात्रि CBI जांच की सिफारिश कर दी। राज्य सरकार की तरफ से CBI जांच की सिफारिश के बाद "गेंद" अब पूरी तरह से Central Government के पाले में हैं। HMO यदि चाहेगा तभी CBI की जांच संभव हो पाएगी। वहीं पोस्टमार्टम के बाद Narendra Giri के पार्थिव शरीर को सैकड़ों संतों और महामंडलेश्वरों की मौजूदगी में धार्मिक रीति रिवाज से भू-समाधि दी गई। 
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत Narendra Giri का शव प्रयागराज के बाघंबरी मठ में कमरे के अंदर पंखे के सहारे लटकता मिला था। Narendra Giri की मौत को लेकर Congress, SP समेत कई साधु-संत और मंडलेश्वर यूपी सरकार पर हमलावर हो गए। सभी ने खुदकुशी से इनका र करते हुए Narendra Giri की मौत को बड़ी साज़िश करार दिया। जिसके बाद सूबे की सरकार "बैकफुट" पर आ गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में Narendra Giri की मौत फांसी से होना बताया गया है। चिकित्सकों के पैनल ने विसरा भी सुरक्षित रखवाया है। 
प्रयागराज के IG (Range) K.P Singh ने मीडिया को बताया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कमरे में महंत नरेंद्र गिरि ने अपनी वसीयत लिखी थी, उस कमरे से एक हस्तलिखित सुसाइड लेटर बरामद किया गया था। IG के मुताबिक़ Suicide Note में लिखा है, "मैं मर्यादा के साथ जिया, अपमान के साथ नहीं जी पाऊंगा, इसलिए खुद की जान ले रहा हूं"। 7-8 पेज के लंबे पत्र में, द्रष्टा ने यह भी लिखा कि वह कई कारणों से परेशान था और इस तरह उसने अपना जीवन समाप्त करने का फैसला किया।



  • Police ने पांच पन्नों का सुसाइड नोट किया बरामद
  • शिष्य Anand Giri को पुलिस ने हरिद्वार में पकड़ा
  • Anand का आरोप, "गुरुजी की हत्या की गई है"
Yogesh Tripathi
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। नरेंद्र गिरी का शव प्रयागराज के बाघंबरी मठ में Monday की शाम को पंखे से लटकता मिला। मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद "Death Mystery" से "पर्दा" उठ सकता है। पुलिस को करीब पांच पन्ने का एक (Suicide Note) मिला है। जिसमें Narendra Hoti ने अपने शिष्य आनंद गिरि और दो अन्य लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। 
प्रयागराज के IG (Range) K.P Singh ने कहा, “महंत ने एक बहुत विस्तृत सुसाइड नोट लिखा है जहां उन्होंने अपना सामान भी सूचीबद्ध किया है जो संबंधित लोगों को देना है। इसमें उनका वसीयतनामा भी है।” प्रयागराज आईजी के.पी. सिंह ने कहा, “हमें आश्रम से फोन आया कि महाराज (महंत नरेंद्र गिरि) फंदे से लटक गए हैं। 
वहीं देर रात्रि आनंद गिरी को उत्तराखंड के हरिद्वार में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। Anand Giri ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि Narendra Giri ने खुदकुशी नहीं की बल्कि उनकी साजिश के तहत हत्या की गई है। Anand Giri का आरोप है कि "पर्दे" के पीछे काफी ताकतवर लोग हैं जो मौक़ा पाकर उसका भी Murder करवा सकते हैं।
आनंद गिरी का कहना है कि ये एक बड़ी साजिश है जो गुरुजी से पैसे ऐंठते थे और उन्होंने ही पत्र में मेरा नाम लिखा है। इसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि गुरु जी ने अपने जीवन में एक पत्र नहीं लिखा और वह कभी आत्महत्या नहीं कर सकते हैं, उनकी लिखावट की जांच की जानी चाहिए।
आनंद गिरी ने आगे कहा कि मैंने अपना पूरा जीवन वहीं महंत नरेंद्र गिरी के मठ में बिताया है। कभी उनसे कोई पैसा नहीं लिया। मेरे और गुरु जी के बीच सब कुछ अच्छा था और इसलिए मैं सरकार से इस मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच कराने का अनुरोध करता हूं।