अगस्त 2020
-Vikas Dubey के करीब दर्जन भर "हमदर्द" बन बैठे हैं करोड़पति 

-RTI (Activist) & Advocate  सौरभ भदौरिया ने की शिकायत

Desk Team (Report)

CO Devendra Mishra समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद Encounter में मारे गए गैंगस्टर Vikas Dubey के काली कमाई “साम्राज्य” Kanpur और उसके आसपास के जिलों में “अमरबेल” की तरह  फैला है। Vikas Dubey के खजांची रहे Jai Bajpai के करीब दर्जन भर करीबी दोस्त देखते ही देखते कुछ वर्षों में करोड़पति बन बैठे। सभी के पास न सिर्फ लग्जरी गाड़ियां हैं बल्कि करोड़ों रुपए के कीमत की बेनामी संपति भी है। 
अधिवक्ता और आरटीआइ एक्टीविस्ट सौरभ भदौरिया ने आयकर विभाग (IT), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अनुसंधान (EOW) समेत कई जांच एजेंसियों को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई ने अपने साथियों रजय बाजपेई प्रमोद विश्वकर्मा ,पवन गुप्ता  समेत करीब एक दर्जन  लोगों के जरिए Vikas Dubey के काले कारोबार की कमाई को अलग-अलग ढंग से ठिकाने लगवाया। इसमें तमाम बेनामी संपत्तियों के साथ लग्जरी गाड़ियां और अन्य जगहों पर इनवेस्टमेंट किया गया। 

सौरभ भदौरिया का आरोप है कि जांच एजेंसियों को चाहिए कि वह इन सभी लोगों की जांच करें। ताकि Vikas Dubey की काली कमाई के “साम्राज्य” का खुलासा हो सके।

 सौरभ भदौरिया का आरोप है कि यह एक संगठित गिरोह था, जो सफेदपोश नेताओं और कुछ अफसरों के संरक्षण की वजह से फलता-फूलता रहा। जिसने भी इस गिरोह के खिलाफ आवाज उठाई उसके खिलाफ षडयंत्र के तहत रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई। अब चूंकि एक बड़ा कांड हो चुका है। कई सफेदपोश और अफसरों के चेहरे बेनकाब हो चुके हैं, इस लिए जांच एजेंसियों को चाहिए कि वह जिन लोगों की शिकायत की गई है वह उनके खिलाफ जल्द से जल्द जांच करें। 

सौरभ भदौरिया का आरोप है कि भाजयुमों के कई नेताओं के जरिए जय बाजपेयी ने विकास दुबे के कई करोड़ रुपए ब्याज पर बंटवाए।

 कई संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पिछले कई साल में हुई। तीन लग्जरी गाड़ियों का बरामद होना भी इसका एक प्रमाण है। सौरभ भदौरिया का कहना है कि यदि सही जांच हुई तो करीब आधा दर्जन बीजेपी के नेता सलाखों के पीछे होंगे। 

सौरभ भदौरिया का आरोप है कि दो आइपीएस अफसरों, एक पीपीएस अफसर के साथ-साथ दर्जन भर के करीब थानेदार भी परोक्ष और अपरोक्ष तरीके से विकास दुबे एंड टीम को संरक्षण दे रहे थे। यही वजह रही कि विकास दुबे ने जय बाजपेई के साथ मिलकर बडा आर्थिक “साम्राज्य” खडा कर लिया।

 सौरभ भदौरिया ने बिकरू में सीओ समेत 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में अभी तक आरोपियों के खिलाफ रासुका और धारा 34 की कार्रवाई न होने पर सवालिया निशान उठाया है।

 सौरभ भदौरिया का आरोप है कि पूरे मामले में अभी भी कई पुलिस अफसरों और बीजेपी के नेताओं को बचाने के लिए अंदरखाने में “खेल” चल रहा है। सौरभ भदौरिया ने पूरे मामले की जांच सीबीआइ से कराने की भी मांग की है।

 सौरभ भदौरिया का कहना है कि करीब दर्जन भर थानेदारों के संपत्तियों की भी जांच एजेंसियों को करनी चाहिए। ताकि यह पता चल सके कि यह सब लोग कैसे करोड़पति बने हैं।
- गैंगेस्टर Vikas Dubey गिरोह के खजांची Jai Bajpai समेत कई के खिलाफ शिकायत 

- जरायम के जरिये अकूत संपत्ति बनाने के मामले में एडवोकेट की की जांच की मांग 

Yogesh Tripathi

 दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के खजांची जय बाजपेयी और उसके गिरोह खिलाफ आर्थिक अपराध अनुसंधान (EOW) में शिकायत की गयी है कि किस तरह जरायम के जरिये सभी ने अकूत संपत्ति बना ली है. इस शिकायत में कई सफेदपोश के भी नाम हैं जिन्होंने गिरोह के जरिये काली कमाई इकठ्ठा की है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने मामले में गठित एसआईटी को भी इसकी जानकारी दी है साथ ही जल्द विजिलेंस और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच टीम को भी साक्ष्य देने की बात की है।

क्रय विक्रय सहकारी संघ के निदेशक और अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने बताया की भू-माफिया जयकान्त बाजपेयी, राजयकांत बाजपेयी और गिरोह के खिलाफ पहले भी शिकायत की गयी थी। 

सौरभ का आरोप है कि जयकांत के पिता पंचर की दूकान चलाते थे, जयकांत स्क्रीन प्रिंटिंग का काम करता था और भाई राजयकांत पान की दुकान संचालित करता था लेकिन कुछ दिनों में विकास दुबे के सहयोग से जय और उसके करीबी करीब दर्जन भर लोगों ने कम समय में जरायम से अकूत संपत्ति कमाई है।

 जिनकी जांच शासन, आयकर विभाग, केडीए, सीबीआई, ईडी से कराई जाए। सौरभ का कहना है कि इसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी है लेकिन अभी तक गिरोह के लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। उन्होंने कहा की 9 लोग हैं जो काले साम्राज्य को चलाते आ रहे थे और कुछ लोग आज भी सक्रीय हैं लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा की कुछ दिखावटी धंधो की आड़ में बड़े कारनामे गिरोह कर रहा है। 

KDA कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप

सौरभ भदौरिया ने खजांची जयकांत व रजयकांत बाजपेयी के ब्रहम्म नगर स्थित मकान 111/481 और 111/ 478 अवैध है। जिनको गिराने क आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं लेकिन KDA के कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्यवाही नहीं हो रही है। उन्होंने कहा की इसकी शिकायत की गयी थी लेकिन कुछ दिन मकान सील करने के बाद अपराधी जयकांत ने 6 मंजिला इमारत खड़ी कर ली। जिस पर तत्काल कार्यवाही की मांग की है।

-दो साल पहले दंपति ने की थी लव मैरिज

-ईंट और पत्थर से कुचलकर की गई हत्या

-युवती ने पहले पति को छोड़ की थी दूसरी शादी

-SSP (Kanpur) मौका-ए-वारदात पर पहुंचे

-कई बिन्दुओं पर छानबीन कर रही है Police

Yogesh Tripathi

 

Kanpur के रेलबाजार थाना एरिया में दंपति की निर्मम हत्या कर दी गई। मंडे की सुबह Double Murder की खबर से सनसनी फैल गई। SSP (Kanpur) Dr. Preetindar Singh मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने भी घटनास्थल से तमाम साक्ष्यों और सबूतों का संकलन किया। पुलिस कई बिन्दुओं पर छानबीन कर रही है। पुलिस को घर के अंदर सामान अस्त-व्यस्त हालत में मिले। Police के मुताबिक कातिलों ने दंपति के सिर और चेहरे पर ईंट-पत्थर से प्रहार कर हत्या की।

बस्ती जनपद निवासी रामदीन निषाद पेंटर हैं। रेलवे में वह कॉन्ट्रैक्ट पर पेंटिंग का काम करते हैं रामदीन परिवार के साथ रेलवे स्टेडियम में पवेलियन के नीचे बने क्वार्टर में कई साल से रह रहे हैं। रामदीन के परिवार में पत्नी कुसुम, चार बेटे विष्णु, सूरज, शिवा, नंदी और दो बेटियां प्रीति, नंदिनी हैं।


रामदीन ने पुलिस को बताया कि रेलवे ग्राउंड स्थिर क्वार्टर में उनका बेटा विष्णु, बहू शालू रहते हैं। परिवार के अन्य सदस्य श्यामनगर स्थित किराए के मकान में रहते हैं। बेटे विष्णु (23) की शादी दो साल पहले शालू से हुई थी। शालू ने पहले पति को छोड़ दिया था। विष्णु भी पेंटिंग का काम करता था।

बकौल रामदीन संडे की रात्रि करीब 9 बजे वह घर पहुंचा। बेटा और बहू घर के बाहर बैठे थे। थोड़ी देर बाद बहू शालू ने भोजन दिया। रात करीब 12 बजे बेटे ने आवाज देने पर पानी दिया। इसके बाद बेटा और बहू घर के बाहर मैदान में सो गए। सोमवार सुबह रामदीन की नींद खुली तो कमरे का सामान बिखरा पड़ा मिला। घर के बाहर बेटे और बहू की रक्तरंजित लाश पड़ी देख रामदीन की चीख निकल गई।


रामदीन की सूचना पर रेलबाजार थाने की फोर्स पहुंची। थोड़ी देर में SSP (Kanpur) Dr.preetindar Singh भी पहुंच गए। SSP का कहना है कि घर का सामान बिखरा मिला है। लूटपाट की आशंका भी जताई जा रही है। विष्णु और शालू के मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लेकर छानबीन शुरु कर दी है। शालू की पहली शादी के बिंदु पर भी छानबीन की जा रही है। जल्द ही Double Murder का खुलासा कर कातिलों को Arrest कर लिया जाएगा।

 

मैदान में सजती है शराबियों की महफिल

रेलवे स्टेडियम में रहने वाले लोगों ने पुलिस को बताया कि मैदान में 24 घंटे शराबियों, स्मैकियों और अराजकतत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। चूंकि स्टेडियम चारो तरफ से खुला है। इस लिए आसानी से अंदर कोई भी आ जा सकता। शाम होते ही यहां शराबी शराब पीने के लिए आकर बैठ जाते हैं। यहां पर रहने वाले लोगों ने कई बार रेलबाजार पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने कभी इस समस्या से निजात दिलाने की कोशिश नहीं की।

 

-अपहरण के बाद किया गया था Sanjeet Yadav का Murder

-एक करोड़ की फिरौती के लिए ने दोस्तों ने की थी वारदात

-फिरौती के 30 लाख रुपए अपहरणकर्ताओं को नहीं मिले

-तत्कालीन SP (South) और SHO पर परिजनों ने लगाए थे आरोप

-CM ने केंद्र सरकार से की CBI जांच की सिफारिश

-अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे पिता-बहन ने खत्म किया धरना

 

Yogesh Tripathi

 

Kanpur के Barra से लैब टेक्नीशियन Sanjeet Yadav Case (अपहरण और हत्या) के मामले की अब CBI जांच होगी। परिजनों के अनुरोध पर CM योगी आदित्यनाथ ने सीबीआइ जांच के लिए सिफारिश की है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में मुख्यमंत्री ने तत्कालीन SP (South) अपर्णा गुप्ता, SHO रणजीत राय समेत 10 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया था। संजीत के अपहरण और मर्डर की सीबाआइ जांच संस्तुति होने पर परिजनों ने अनिश्चित कालीन धरना खत्म कर दिया। उल्लेखनीय है कि इंसाफ की मांग करते हुए संजीत के पिता और बहन बर्रा स्थित शास्त्री चौक पर धरना देकर बैठ गए थे।


Sanjeet Yadav को उसके ही दोस्तों ने एक करोड़ रुपए की फिरौती के लिए 26 जून को किडनैप कर लिया था। 13 जुलाई को अपहरणरकर्ताओं ने चकमा देकर 30 लाख रुपए की फिरौती भी वसूल ली लेकिन संजीत का कोई सुराग नहीं मिला। फिरौती की रकम देने के बाद भी जब संजीत का सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने SSP Office पहुंचकर मीडिया के सामने गुहार लगाई।

मीडिया में फजीहत के बाद Kanpur Police एक्टिव हुई लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि तहरीर देने के बाद भी तत्कालीन SHO रणजीत राय ने कोई कार्रवाई नहीं की। फिरौती के लिए जब धमकी मिली तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय परिजनों को फिरौती की रकम देने के लिए दबाव बनाया।

संजीत के पिता चमनलाल का आरोप है कि जेवर आदि बेंचकर किसी तरह उन्होंने 30 लाख रुपए का प्रबंध किया। गुजैनी पुल के पास पुलिस की मौजूदगी में अपहरणकर्ताओं को नोटों से भरा बैग भी ओवरब्रिज से गिराकर दे दिया लेकिन उनका बेटा नहीं मिला।

पिता चमनलाल का आरोप है कि पुलिस की भूमिका शुरु से ही संदिग्ध रही। पुलिस ने Case का खुलासा करते हुए करीब आधा दर्जन लोगों को Arrest कर लिया। पूछताछ में अपहरणकर्ताओं ने अफसरों को बताया कि फिरौती की रकम उनको नहीं मिली। फिरौती की रकम न मिलने और पहचान उजागर होने की आशंका में सभी ने Sanjeet का Murder कर लाश पांडु नदी में फेंक दी। कई दिन बाद पुलिस रतनलाल नगर स्थित उस बंगले में भी पहुंची, जहां पर संजीत को रखा गया था। यह मकान अपहरणकर्ताओं ने किराए पर लिया था। हालांकि यहां पर पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम को कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगा।

 

 

UP Govt की प्राविधिक शिक्षा मंत्री Kamal Rani Varun संडे की सुबह निधन हो गया। Kamal Rani Varun की Report Covid-19 आई थी। Lucknow के PGI में उनका इलाज चल रहा था। UPCM योगी आदित्यनाथ ने मंत्री कमलरानी वरुण के निधन पर दुःख जताया है। कमलरानी वरुण Kanpur के घाटमपुर विधान सभा से चुनाव जीती थीं। कमलरानी वरुण के निधन की खबर उनके क्षेत्र में पहुंची तो कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। BJP के तमाम कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि पार्टी के लिए यह बड़ी क्षति है।


चिकित्सकों के मुताबिक Kamal Rani Varun को कई दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने सिविल अस्पताल में ट्रनेट मशीन से जांच कराई, जिसके बाद उनकी Report पॉजिटिव आई। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ़ डीएस. नेगी के मुताबिक फाइनल जांच के लिए सैंपल KGMU भेजा गया। Report कोरोना पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें PGI में भर्ती कराया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ की वजह से ICU में रखा गया था। शनिवार रात को उनकी तबीयत खराब हो गई। संडे की अलसुबह तबियत और बिगड़ी जिससे उनकी मौत हो गई।


  


उल्लेखनीय है कि इससे पहले UP Govt में कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, चेतन चौहान, आयुष मंत्री डॉ़ धर्म सिंह सैनी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेंद्र तिवारी तथा रघुराज सिंह कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। राजेंद्र प्रताप अब स्वस्थ्य हो चुके हैं।