2020

-प्रेसीडेंट पद पर बेहद रोचक मुकाबला होने की उम्मींद

-KBA के सेकेट्री पद पर हो सकती है सीधी टक्कर

 

Yogesh Tripathi

Kanpur Bar Association (KBA) चुनाव के तहत नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन भारी गहमा-गहमी के बीच कुल 95 दावेदारों ने पर्चा भरा। पहले दिन 39 लोगों ने नामांकन कराया था। KBA का चुनाव लड़ रहे कई प्रत्याशियों के समर्थकों ने एक बार फिर चुनाव आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाईं। सेकेट्री पद पर प्रबल दावेदार राकेश तिवारी ने समर्थकों के हुजूम के साथ पर्चा भरा। 


प्रेसीडेंट के लिए बलजीत यादव ने भी नामांकन फॉर्म भरा। दोनों ही प्रत्याशी पिछले साल के रनर हैं। बाहरी समर्थकों की भीड़ अधिक होने की वजह से एक बार फिर कोर्ट के अधिवक्तागणों की संख्या नामांकन के दौरान काफी कम दिखी। प्रेक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं में इस बात को लेकर खासा आक्रोश है कि बाहरी लोगों का दखल काफी बढ़ रहा है।


प्रेसीडेंट पद के लिए पहले दिन नरेश त्रिपाठी, गणेश शंकर दीक्षित जैसे दिग्गजों ने नामांकन करवाया था। सेकेट्री पद के लिए राकेश तिवारी और आदित्य सिंह ने दूसरे दिन पर्चा भरा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री, संयुक्त मंत्री (प्रकाशन) समेत कई पदों पर भी प्रत्याशियों ने नामांकन करवाए। KBA चुनाव के लिए मतगणना 3 मार्च 2020 को होगी। 



सूत्रों की मानें तो इस बार दो बड़े पदों के लिए चुनाव लड़ रहे दो प्रत्याशियों के समर्थन में Kanpur Court के कुछ वरिष्ठ अधिवक्ता खड़े हो गए हैं। जिसकी वजह से चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी व तमाम वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ता रेवंत मिश्रा, मनोज मिश्रा (गुड्डू), संतोष शुक्ला, चंद्रप्रकाश दुबे, नरेंद्र कुमार मिश्रा (बब्बी), संतोष तिवरी, आलोक सिंह (पूर्व अध्यक्ष वीएसएसडी कॉलेज) समेत कई अधिवक्ता अपने प्रत्याशियों के समर्थन में पूरे समय उपस्थित रहे। 





-नरेश त्रिपाठी, गणेश शंकर दीक्षित जैसे पुराने दिग्गजों ने भरा पर्चा

-संयुक्त मंत्री (प्रकाशन) के दो प्रत्याशियों के समर्थकों में मारपीट

-नामांकन के पहले दिन कुल 39 दावेदारों ने भरा नामांकन

 

Yogesh Tripathi

Kanpur Bar Association (KBA) चुनाव के तहत नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन कई पुराने दिग्गजों ने भी पर्चा भरकर चुनावी समर में अपनी ताल ठोंक दी है। पहले दिन चुनाव कई पदों पर कुल 39 दावेदारों ने अपना पर्चा भरकर प्रत्याशिता की हुंकार भरी। इस दौरान प्रत्याशियों के समर्थकों ने चुनाव आचार संहिता की धज्जियां भी खूब उड़ाईं। संयुक्त मंत्री (प्रकाशन) के पद पर काफी गहमा-गहमी देखने को मिली। यहां दो दावेदारों के समर्थकों में झड़प के बाद मारपीट की भी खबरें आईं। पूरे मामले को एल्डर्स कमेटी ने संज्ञान में लिया है। एल्डर्स कमेटी का कहना है कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

मंगलवार की सुबह से ही कचहरी में गहमा-गहमी वाला माहौल देखने को मिला। एल्डर्स कमेटी के तमाम दिशा-निर्देशों के बाद भी प्रत्याशी और उनके समर्थक आचार संहिता को तार-तार करते हुए नजर आए। चुनावी समर में पुराने दिग्गज नरेश कुमार त्रिपाठी, गणेश शंकर दीक्षित उतरे हैं। 

नरेश त्रिपाठी, गणेश शंकर दीक्षित समेत चार लोगों ने प्रेसीडेंट पद पर नामांकन फॉर्म भरा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए 6, उपाध्यक्ष के लिए 3 लोगों ने पर्चा भरा। सेकेट्री के पद पर पहले दिन 4 दावेदारों ने अपने प्रत्याशिता की ताल ठोंकी है। मंत्री पद के लिए सिर्फ एक प्रत्याशी ने नामांकन कराया। कोषाध्यक्ष पद के लिए 4 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया। कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए 5 प्रत्याशियों ने पर्चा भरा। 

संयुक्त मंत्री (प्रकाशन) के पद डमी कंडीडेट का नामांकन कराने को लेकर दो प्रत्याशियों के बीच झड़प के बाद लात-घूंसे भी चलने की खबर है। सूत्रों के मुताबिक विवाद की स्थित तब बनी जब एक प्रत्याशी के पिता जो कि सीनियर अधिवक्ता भी हैं उनके साथ बाहरी अराजकतत्वों ने अभद्रता कर दी। बताया जा रहा है कि माहौल के बिगड़ते ही मारपीट हुई। इस पूरे मामले को एल्डर्स कमेटी ने संज्ञान में लेते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही है। 

महामंत्री पद पर राकेश तिवारी समेत कई तगड़े दावेदार संभवतः बुधवार को नामांकन कराएंगे। मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। इस दौरान प्रत्याशियों के समर्थक हो-हल्ला भी करते नजर आए। छात्रसंघ के पुराने दिग्गजों ने भी इस नामांकन प्रक्रिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

-PFI के Arrest मेंबर्स पर है Kanpur में हिंसा भड़काने का आरोप

-खुफिया इनपुट के बाद SSP/DIG ने मातहतों को दिए थे निर्देश

-Kanpur में CM के कार्यक्रम के दौरान थी विरोध-प्रदर्शन की तैयारी

 

Yogesh Tripathi



Kanpur में UPCM Yogi AdityaNath के कार्यक्रम में विरोध-प्रदर्शन की तैयारी कर रहे केरल के चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 5 मेंबर्स को खुफिया इनपुट के बाद SSP/DIG अनंत देव तिवारी के निर्देश पर बाबूपुरवा, बर्रा और फजलगंज की पुलिस ने टाटमिल चौराहे के पास से Arrest कर लिया। Arrest किए गए PFI के सभी सदस्यों पर पिछले दिनों Kanpur के बाबूपुरवा और यतीमखाना में हिंसा भड़काने का आरोप है। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) के खिलाफ भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हुई थी जबकि करीब 42 लोग घायल हुए थे। 


Kanpur के Polce Officer’s का दावा

पुलिस अफसरों का दावा है कि दिसंबर महीने में कानपुर में हुई हिंसा, धरना-प्रदर्शन में PFI ने ही धन की फंडिंग की थी। पुलिस अफसरों का ये भी दावा है कि मोहम्मद अली पार्क चमनगंज में चल रहा प्रदर्शन भी इसी फंड के जरिये संचालित होने की खबर है। इसकी भी छानबीन की जा रही है।

खुफिया इनपुट के बाद SSP/DIG अनंत देव तिवारी ने BabuPurwa (CO) Alok Singh की अगुवाई में टीम गठित की। इसमें बाबूपुरवा SHO राजीव सिंह, बर्रा SHO सतीश कुमार सिंह और फजलगंज SHO अमित तोमर के साथ स्वाट टीम प्रभारी दिनेश कुमार यादव, सर्विलांस प्रभारी हरमीत सिंह को हमराहियों को साथ चरमपंथी संगठन PFI के मेंबर्स की Arresting के लिए लगाया गया।

टाटमिल चौराहे के पास Police ने किया Arrest

जरिए मुखबिर पुलिस टीम को सूचना मिली कि PFI के 5 सदस्य टाटमिल चौराहा स्थित झकरकटी बस अड्डे के पास मौजूद हैं। इस पर पुलिस ने चारो तरफ से घेराबंदी की। पुलिस ने मोहम्मद उमर पुत्र मुद्दिदीन निवासी नगर निगम कालोनी (रामबाग) थाना बजरिया, सैयद अब्दुल हई हाशमी पुत्र मोहम्मद कय्यूम निवासी लेबर कालोनी, फहीमाबाद थाना चमनगंज, फैजान मुमताज पुत्र मुमताज अहमद निवासी कुलीबाजार थाना बादशाही नाका, मोहम्मद वासिफ पुत्र मोहम्मद फहीम निवासी कुलीबाजार, बड़ा कुरियाना थाना अनवरगंज और सरवर आलम पुत्र नवाब खां निवासी कुलीबाजार थाना अनवरगंज को गिरफ्तार कर लिया।

बाबूपुरवा थाने में रजिस्टर्ड है FIR

पुलिस का कहना है कि सभी के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 362/19 पर 147, 148, 139, 332, 353, 336, 307, 188, 427, 34, 109, 302, सेवन क्रिमिनल एक्ट, ¾ पीपीडी एक्ट और 27 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। पकड़े गए सभी लोग चरमपंथी संगठन पीएफआइ के सक्रिय सदस्य हैं। कानपुर में हिंसा के बाद से पुलिस के साथ खुफिया इकाइयां सभी को ट्रेस कर रही थीं। सभी ने स्वीकार किया है कि UPCM के कार्यक्रम में भी ये लोग विरोध-प्रदर्शन करवाने का ब्लूप्रिंट तैयार कर चुके थे लेकिन उससे पहले पुलिस ने Arrest कर लिया।

CAA के खिलाफ हिंसा में हुई थी 3 की मौत

गौरतलब है कि CAA के विरोध को लेकर Kanpur में 15 दिसंबर से ही विरोध की चिंगारी उठने लगी थी। 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद शहर में भीषण बवाल हुआ। बाबूपुरवा मे हिंसा के बाद गोलीबारी, पथराव और आगजनी में तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि दर्जन भर से अधिक लोग घायल हुए। शहर में अतिसंवेदनशील यतीमखाना में भी हजारों की भीड़ ने दूसरे दिन उपद्रव किया। यतीमखाना में पुलिस के साथ उपद्रवियों के खूनी संघर्ष में 40 से अधिक लोग घायल हुए। इसमें कई पुलिस वाले भी घायल हुए थे। कुछ दिन बाद शहर के मोहम्मद अली पार्क में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आंदोलन पर बैठ गईं, जो कि अभी भी चल रहा है।

हिंसा भड़काने में खर्च किए करोड़ों रुपए

Kanpur में सीएए विरोध को लेकर पीएफआइ ने कितनी फंडिंग की है, इसकी अधिकारिक तौर पर अफसरों की तरफ से फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है। अनुमान के मुताबिक पीएफआइ ने कानपुर में भीड़ को उकसाने के लिए 10 से 12 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके लिए करीब 10 बैंक अकाउंट का प्रयोग किया गया है। सभी की छानबीन की जा रही है।