2020

-Kanpur (BJP)  के दो MLA से गैंगस्टर Vikas Dubey के करीबी रिश्ते

-3 साल पहले STF से पूछताछ का Video सोशल मीडिया में हो रहा है Viral

-अभिजीत सांगा, भगवती प्रसाद सागर का Vikas Dubey ने लिया नाम

-एक वीडियो में Vikas ने Ex.Minister हरिकिशन श्रीवास्तव को बताया "राजनीतिक गुरु"

-शहीद CO देवेंद्र मिश्रा ने चौबेपुर के सस्पेंड थानेदार की करतूतों का चिट्ठा SSP को दिया था

-शिकायती पत्र देने के बाद भी Anant Dev Tiwari ने नहीं लिया था कोई एक्शन

-शिकायती पत्र के सोशल मीडिया में Viral होने के बाद अफसरों में हड़कंप

-IG ने पत्रकारों से कहा कि, मामले की File को किया है तलब, होगी कार्रवाई  

-Unnao में पुलिस ने लगाए विकास दुबे के पोस्टर

 

Yogesh Tripathi


Kanpur के बिकरू कांड को करीब 90 घंटे से अधिक का समय हो चुका है। UP की हाइटेक पुलिस के हाथ Vikas Dubey की गर्दन तक नहीं पहुंच सके हैं। करीब 900 पुलिस कर्मियों की 60 टीमें Vikas की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं लेकिन रिजल्ट अभी तक शून्य है। चर्चा है कि Vikas Dubey यूपी की सीमा को क्रॉस कर चुका है। शायद यही वजह है कि सूबे की पुलिस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस से मदद मांगी है। विकास दुबे के सिर पर रखी जाने वाली इनामी राशि हर दिन बढ़ रही है। DGP ने विकास को जिंदा या मुर्दा गिरफ्तारी पर अब इनाम 2.5 लाख कर दिया है। टोल प्लाजा से लेकर हाइवे तक Vikas Dubey के पोस्टर पुलिस लगाती फिर रही है। देर शाम की खबर है कि UPSTF की एक टीम Kanpur जय बाजपेयी को लेकर Lucknow के लिए रवाना हो गई है। इसके पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर अब IPS Officer अनंत देव तिवारी पर लग रहे आरोप को लेकर भी सवालों का दौर शुरु हो चुका है। Twitter पर पत्रकार और तमाम नेता सरकार से पूछ रहे हैं कि आखिर अनंत देव से पूछताछ कब होगी। गौरतलब है कि अनंत देव कानपुर में लंबे समय तक SSP/DIG रहे हैं। हाल में ही उनका तबादला DIG (STF) के पद पर लखनऊ के लिए यूपी सरकार ने किया है। हालांकि SSP_KNR दिनेश कुमार पी ने सोशल मीडिया पर वॉयरल हो रहे पत्र के बाबत कहा कि उन्होंने इसकी जांच कराई है लेकिन मामला अभी तक की जांच में सही नहीं मिला है।

आधा दर्जन सांसद और विधायकों से है "याराना"


सोशल मीडिया पर Video के वॉयरल होने के बाद सत्ता के गलियारों में हड़कंप मच गया। देश के चर्चित बिकरू हत्याकांड को लेकर मचे बवाल के बीच जब विधायकों को यह बात पता चली तो दोनों तुरंत बचाव की मुद्रा में आ गए। टीवी चैनलों की तमाम डिबेट्स में दोनों ही विधायक बचाव में अपना पक्ष रखते नजर आए। सोशल मीडिया पर चर्चा है कि यदि परतें और खुलीं करीब आधा दर्जन और "माननीयों" के चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। इसमें कुछ संसद के अंदर भी बैठते हैं। जानकारों की मानें तो करीब आधा दर्जन से अधिक सांसदों और विधायकों का विकास से "याराना" है। समय-समय पर सभी ने विकास की मदद की है और बदले में विकास ने भी मदद की। तीन वीडियो को गौर से देखने के बाद एक सवाल यह उठता है कि "गैंगस्टर और माननीयों" ये रिश्ता आखिर क्या कहलाता है ?

जय बाजपेयी से अभी भी जारी है पूछताछ 


कानपुर में तीन लावारिश कारों के मिलने के बाद संडे को STF और पुलिस के रडार पर आए जय बाजपेयी से अब तक कई चक्र की पूछताछ हो चुकी है। Vikas Dubey से उसका क्या कनेक्शन है ? यह करीब-करीब अफसर जान चुके हैं। एक युवा बीजेपी नेता भी जांच के दायरे में है। पुलिस टीम की तरफ से अभी इन सबको क्लीन चिट नहीं मिली है। पुलिस सुबह-दोपहर और रात को पेशी पर बुला रही है। विकास को लेकर तमाम "यक्ष प्रश्न" का सही जवाब नहीं मिला है। माना जा रहा है कि सख्ती बढ़ सकती है। वहीं, देर शाम एसटीएफ की टीम जय बाजपेयी को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। खबर ये भी है कि एसटीएफ जय बाजपेयी के कुछ परिजनों को भी साथ ले गई है।

Vikas Dubey को प्राप्त है बड़ा राजनीतिक संरक्षण


विकास दुबे को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल ही सवाल उठ रहे हैं। बात मुखबिरी की हो, या फिर सीओ की तरफ से थानेदार की शिकायत को लेकर लिखे गए पत्र की हो। जानकारों का मानना है कि सूबे की पुलिस सक्षम है। उसके पास STF, ATS जैसी ताकतवर विंग मौजूद है। किसी भी अपराधी, आतंकी को यह टीमें कुछ घंटों सफाया कर सकती हैं तो फिर विकास दुबे क्या औकात ? जानकारों का तर्क है कि विकास के पीछे निश्चित तौर पर कोई बड़ा राजनीतिक संरक्षण है। जिसकी वजह से पुलिस और तमाम टीमें उस पर जल्द हाथ नहीं डाल सकेंगी। जानकार ये भी कहते हैं कि जब तक विकास मारा नहीं जाएगा, राजनीति और पुलिस विभाग से जुड़े उसके तमाम खास लोग बेनकाब होते रहेंगे।





-मुख्य आरोपी पप्पू स्मार्ट समेत 6 को पुलिस ने किया गिरफ्तार

-शूटर्स समेत कुछ बदमाशों की है पुलिस को तलाश

-पप्पू स्मार्ट का भाई भी पुलिस के हत्थे चढ़ा

-हत्याकांड के पीछे की वजह पुलिस ने प्रापर्टी और लेनदेन का विवाद बताया

-पुलिस के प्रेस नोट में दो हत्यारोपितों का जिक्र तक नहीं

 
Police अभिरक्षा में पिन्टू सेंगर मर्डर केस के 6 आरोपी।

Yogesh Tripathi


करीब दो सप्ताह पहले Kanpur के चकरी में दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल में मारे गए हिस्ट्रीशीटर और भू-माफिया Narendra Singh (Pintu Sengar) के हत्याकांड का पुलिस ने फ्राइ-डे को आनन-फानन में खुलासा कर दिया। पुलिस ने सरकारी अभिलेखों में मुख्य आरोपी पप्पू स्मार्ट समेत 6 लोगों को गिरफ्तार करने का उल्लेख किया है। गिरफ्तार लोगों में पप्पू स्मार्ट का भाई कक्कू भी शामिल है।  पुलिस का दावा है कि हत्या के पीछे की पृष्ठभूमि में रुपए का लेनदेन और प्रापर्टी का विवाद रहा था। जिसके बाद सभी आरोपितों ने पिन्टू के मर्डर का ब्लूप्रिंट बनाया और भाड़े के हत्यारों को सुपारी देकर हत्या करवा दी।
आरोपी तौसीफ उर्फ कक्कू।


Pintu Sengar के हत्या की गुत्थी सुलझा लेने का दावा कर रही चकेरी पुलिस ने दो ऐसे लोगो को भी पकड़ा है जिनके नाम का उल्लेख न तो FIR में है और न ही पिन्टू के परिवार की तरफ से दी गई तहरीर में शामिल है। हां गौर करने वाली बात ये है कि नामजद आरोपी दो अधिवक्ताओं का पुलिस की कहानी में किसी तरह का कोई जिक्र तक नहीं है। जानकार सूत्रों की मानें तो खुलासे में "एक्सचेंज ऑफर" का फार्मूला भी चला। यही वजह रही कि हत्याकांड में तीन नए "किरदार" भी सामने आए और पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की।

सबसे बड़े सवाल ये भी है कि आखिर ऐसे कौन सी वजह थी कि पुलिस को शुक्रवार के दिन ही आनन-फानन में इस खुलासे के लिए बाध्य होना पड़ा। वह भी तब जब Kanpur के करीब-करीब सभी थानों की फोर्स रात से ही चौबेपुर के बिकरू गांव में मौजूद थी। यहां पर गैंगस्टर विकास दुबे के साथ मुठभेड़ में पुलिस के सीओ समेत 8 जवान शहीद हो गए। शहर की मीडिया भी बिकरू में ही मौजूद थी। फिर खुलासे के पीछे इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई ?

दबी जुबान से ही सही लेकिन मीडिया और तमाम लोग पुलिस के इस खुलासे को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। शूटर्स अभी तक पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर हैं। हत्याकांड में प्रयुक्त बाइक, असलहे अब तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी है।

पिन्टू सेंगर मर्डर केस का मुख्य आरोपी पप्पू स्मार्ट।

पप्पू स्मार्ट ने दी 40 लाख की सुपारी


पुलिस के दावों पर यदि विश्वास करें तो पप्पू स्मार्ट ने पिन्टू सेंगर की हत्या कराने के लिए 40 लाख रुपए की सुपारी तनवीर नाम के व्यक्ति को दी। जिसमें 8 लाख रुपए की धनराशि एडवांस के तौर पर दी गई। विवाद के बाद 7 लाख रुपए तनवीर को और दिए गए। इसके बाद पप्पू स्मार्ट अपने परिवार के साथ सेफ जोन में चला गया। सप्ताह भीतर ही शूटर्स के जरिए पिन्टू की हत्या करवा दी गई। पुलिस का दावा है कि वारदात से पहले सुपारी की एडवांस रकम देकर मध्य प्रदेश के भिलाई पहुंच गया था।

Arrest हत्यारोपितों के नाम


1-मोहम्मद आसिम उर्फ पप्पू स्मार्ट
2-तौसीफ उर्फ कक्कू (पप्पू स्मार्ट का भाई)
3-मनोज गुप्ता (निवासी चकेरी)
4-श्याम सुशील त्रिवेदी 
5-वीरेंद्र पाल
6-तनवीर बादशाह
(सभी निवासी चकेरी थाना एरिया)

FIR में रजिस्टर्ड आरोपितों के नाम


1-पप्पू स्मार्ट
2-सऊद अख्तर
3-दीनू उपाध्याय
4-अरिदमन सिंह
5-महफूज अख्तर
 6-मनोज गुप्ता
7-अज्ञात व्यक्ति

-Police की फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम को मौके से मिले AK-47 के खोखे

-अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा लेकर मौजूद था गैंगस्टर Vikas Dubey

-संवेदनशील बिकरू गांव में गैंगस्टर के पास अत्याधुनिक हथियार कैसा पहुंचा ?

-Police की खुफिया इकाई LIU एक बार फिर फेल साबित हुई

 -Kanpur Range की सभी सीमाएं सील, बैरीकेडिंग लगाकर सर्चिंग 

 -UPSTF की टीम ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा

 
हमले में शहीद UP Police का जवान।

Yogesh Tripathi



Kanpur के चौबेपुर थाना एरिया स्थित बिकरू गांव में मध्यरात्रि दबिश के लिए गई पुलिस टीम पर हमले में गैंगस्टर Vikas Dubey और उसके शूटर्स ने अत्याधुनिक असलहों का जमकर प्रयोग किया। www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में एक अधिकारी ने दबी जुबान से बताया कि कुछ खोखे मिले हैं। माना जा रहा है कि ये खोखे AK-47 जैसे प्रतिबंधित हथियार के हैं। जांच के बाद इसकी पुष्टि हो सकेगी।
Kanpur में UP Police के 8 जवानों की हत्या का मुख्य मॉस्टर माइंड गैंगस्टर Vikas Dubey ।


विकास और उसके शूटर्स के पास ये हथियार बिकरू गांव कैसे पहुंचे ? गैंगस्टर और उसके शूटर्स की मौजूदगी गांव में थी लेकिन पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी ? यदि समय रहते पुलिस को पास ये सूचना होती तो शायद दबिश देने गई टीम अलर्ट होकर भारी बंदोबस्त के साथ पहुंचती। जानकारों की मानें तो सटीक सूचनाएं न मिलने की वजह से बड़ी चूक हुई है। 


 वहीं, पुलिस टीम पर बड़े हमले और 8 पुलिस कर्मियों की शहादत के बाद Kanpur Range की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। प्रमुख मार्गों और चौराहों पर बैरीकेडिंग कर पुलिस की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। खबर ये भी आ रही है कि पुलिस टीम ने बिकरू से थोड़ी दूरी पर स्थित एक गांव के पास विकास के तीन गुर्गों को Encounter में ढेर कर दिया है। हालांकि इसकी अभी अधिकारिक पुष्टि पुलिस के किसी अफसर ने नहीं की है।

Vikas Dybey को हमेशा मिलती रही राजनीतिक "छतरी"


गैंगस्टर Vikas Dubey ने सबसे पहला चुनाव ग्राम प्रधानी का जीता। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। प्रधान बनने के बाद वह जिला पंचायत का चुनाव जीता। वर्ष 2000 में विकास ने शिवली थाना एरिया स्थित ताराचंद्र इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या कर दी। कोर्ट ने उसे इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मुकर्रर की है। इससे भी बड़ा जघन्य अपराध विकास ने वर्ष 2001 में शिवली थाना परिसर के अंदर किया। उस समय यूपी में बीजेपी की सरकार थी। 

कानपुर देहात की राजनीति में सक्रिय रहने वाले बीजेपी नेता संतोष शुक्ला तब दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री थे। 
शिवली थाने के अंदर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने संतोष शुक्ला की हत्या कर दी। हालांकि कोर्ट में ट्रायल के 
दौरान सबूत और साक्ष्यों के अभाव में विकास दुबे बरी हो गया। इस दौरान उसने अपने शूटर्स की एक बड़ी टीम खड़ी कर ली। 

वर्ष 2003 में विकास दुबे के भाई की हत्या कर कानपुर के कल्याणपुर थाना एरिया में कर दी गई। इसके बाद वर्ष 2004 में विकास दुबे केबिल कारोबारी दिनेश दुबे की हत्या की। इससे पहले भी कई हत्याओं में विकास का नाम आया। विकास पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी समेत कई संगीन धाराओं के मुकदमें यूपी के कई जनपदों में दर्ज हैं। 



-Kanpur के चौबेपुर थाना एरिया के बिकरू गांव में दबिश के दौरान हमला

-गैंगस्टर Vikas Dubey (Deepu Dubey) को Arrest करने पहुंची थी Police

-अंधाधुंध फायरिंग में CO, SHO समेत 8 पुलिस कर्मियों के शहीद होने की खबर

-करीब आधा दर्जन से अधिक घायल पुलिस वालों को LLR में एडमिट कराया गया

-Kanpur Nagarm Kanpur Dehat, Kannauj जनपदों की फोर्स मौके पर पहुंचीं

-Mid-Night से पुलिस के सैकड़ों जवान कर रहे हैं कई गावों में कांबिंग

-मौका-ए-वारदात पर पहुंचे Kanpur Police के आला अफसर 

हमले में शहीद पुलिस कर्मी का शव।

Yogesh Tripathi


Kanpur के ग्रामीण आंचल स्थित चौबेपुर थाना एरिया के बिकरू गांव में Mid-Night गैंगस्टर Vikas Dubey (Deepu Dubey) को Arrest करने पहुंची पुलिस टीम को घेर कर हमला बोल दिया गया। हमलावरों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलियों की बौंछार की। CO, SHO समेत 8 पुलिस कर्मियों के शहीद होने की खबर Police के अफसरों ने की है। फायरिंग में 6 पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी को उपचार के लिए Kanpur स्थित LLR Hospital में भर्ती कराया गया है। ADG (Kanpur Zone) J.N Singh, IG (Range) Mohit Agrwal, Kanpur (SSP) Dinesh Kumat (P) देर रात्रि मौके पर पहुंच गए। हमलावर गैंगस्टर और उसके गुर्गों व ग्रामीणों की धरपकड़ के लिए बड़े स्तर पर कांबिंग जारी है। बड़े घटनाक्रम पर UP Police के DGP और CM योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की जानकारी खुद ली। बताया जा रहा है कि कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश CM Office से रात में ही जारी किया गया है। 


छत से पुलिस टीम पर की अंधाधुंध गोलियों की बौंछार 


www.redeyestimes (News Portal) के बिल्हौर संवाददाता के मुताबिक देर रात्रि सीओ की अगुवाई में बिठूर, चौबेपुर पुलिस थानों की फोर्स बिकरू गांव में विकास दुबे को दबोचने के लिए पहुंची। पुलिस की टीमों ने घेराबंदी कर जब विकास के घर में दाखिल होन की कार्रवाई शुरु की तो इसी बीच फायरिंग शुरु हो गई। पुलिस टीम को जरा भी समय अपने बचाव के लिए नहीं मिला। सूत्रों की मानें तो अत्याधुनिक असलहों से लैस हमलावरों ने पुलिस टीम को चारो तरफ से घेरकर अंधाधुंध कई राउंड फायरिंग की। मौके पर ही CO, SHO, SO समेत करीब 8 पुलिस कर्मी शहीद हो गए। 

बिकरू गांव को Police ने चारो तरफ से घेरा, कांबिंग जारी


8 पुलिस कर्मियों के शहीद होने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। ADG (Kanpur Zone) J.N Singh, IG (Range) Mohit Agrwal, Kanpur (SSP) Dinesh Kumat (P) देर रात्रि मौके पर पहुंच गए। कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज समेत कई जनपद की फोर्स को मौके पर ही बुलवा लिया गया। रात में ही पुलिस की दर्जनों टीमों ने विकास दुबे और उसके गुर्गों की तलाश में कांबिंग शुरु कर दी। समाचार लिखे जान तक किसी के गिरफ्तारी या फिर Encounter में मारे जाने की खबर नहीं मिली। गांव में दहशत का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक विकास दुबे के साथ घटना के वक्त करीब दर्जन भर से अधिक हथियारबंद बदमाश उसके घर पर मौजूद थे। शायद इसकी भनक पुलिस को नहीं लगी थी। जिसकी वजह से बड़ा कांड हो गया।

राज्यमंत्री की थाने में हत्या कर चुका है गैंगस्टर Vikas Dubey


करीब दो दशक पहले गैंगस्टर विकास दुबे ने कानपुर देहात के शिवली थाने के अंदर दिनदहाड़े दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोश शुक्ला की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में हालांकि वह कोर्ट से बरी हो चुका है। विकास पर करीब दो दर्जन से अधिक संगीन धाराओं में मुकदमें कई थानों में दर्ज हैं। यूपी में बीजेपी सरकार के आने के बाद विकास पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। जिसके बाद विकास को STF ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 


हमले में शहीद पुलिस कर्मियों के नाम


1-देवेंद्र कुमार मिश्र,सीओ बिल्हौर
2-महेश यादव,एसओ शिवराजपुर
3-अनूप कुमार,चौकी इंचार्ज मंधना
4-नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर
5-सुल्तान सिंह कांस्टेबल थाना चौबेपुर
6-राहुल ,कांस्टेबल बिठूर
7-जितेंद्र,कांस्टेबल बिठूर
8-बबलू कांस्टेबल बिठूर

www.redeyestimes.com (News Portal) के पास जो जानकारियां हैं उसके मुताबिक 302 के एक मामले में चौबेपुर थाना प्रभारी फोर्स के साथ दबिश देने के लिए विकास दुबे के घर पहुंचे थे। फोर्स को कम देख विकास दुबे और उसके गुर्गों ने फायरिंग की। जिसमें चौबेपुर थानेदार समेत कई पुलिस वाले घायल हो गए। वायरलेस पर सूचना मिलते ही सीओ बिल्हौर, इंस्पेक्टर, बिठूर, बिल्हौर भी फोर्स को लेकर पहुंच गए। जिसके बाद विकास और उसके गुर्गों ने अफसरों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलियां बरसाईं।


Live Update-----


-Kanpur Dehat जनपद से Police ने गैंगस्टर Vikas Dubey के बहनोई दिनेश तिवारी को उठाया।
-ADG (L/O) प्रशांत कुमार थोड़ी देर पहले बिकरू गांव पहुंचे।
-समाजवादी पार्टी ने शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग की।
-Kanpur Range के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों की सीमाएं Police ने बैरियर लगाकर सील की।
-UPCM योगी आदित्यनाथ ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
-DM (Kanpur Nagar) ब्रम्हदेव राम तिवारी भी पहुंचे।





 

-सोशल मीडिया पर MP के एक अखबार की कटिंग Viral

-हत्यारोपित पप्पू स्मार्ट समेत तीन के गिरफ्तार होने की चर्चाएं

-शार्प शूटरों की पहचान न होना Kanpur Police के लिए सबसे बड़ी चुनौती 

-12 दिन बाद भी खाली हैं चकेरी पुलिस के हाथ


Yogesh Tripathi


Criminal से भू-माफिया और बाद में BSP Leader बने Narendra Sengar (Pintu) के Murder Case में Kanpur Police ने तीन हत्यारोपितों  को टांग लिया है। तीनों को MP प्रांत के छिंदवाड़ा से उठाए जाने की चर्चाएं हो रही हैं। इससे संबधित एक अखबार की कटिंग भी सोशल मीडिया पर Viral हो रही है। अखबार के छिंदवाड़ा एडीशन में छपी इस खबर में तीन हत्यारोपितों के नामों का जिक्र है। इसमें मुख्य हत्यारोपित पप्पू स्मार्ट, भाई और पुत्र के नाम  शामिल हैं। Kanpur Police की तरफ से देर शाम तक इसकी पुष्टि हालांकि नहीं की गई। पुलिस के बड़े और एक्सपर्ट सूत्रों की मानें तो एक युवक को ही उठाया गया है। 


चार वर्ष पहले DGP ने पूछा था, Who Is Pappu ?


हत्याकांड के प्रमुख आरोपी पप्पू स्मार्ट चकेरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पप्पू पर करीब डेढ़ दर्जन मुकदमें दर्ज हैं। सरकारी अभिलेखों में पप्पू स्मार्ट भू-माफिया भी है। पप्पू का नाम सपा सरकार में DGP जावीद अहमद ने  Twitter पर कानपुर के एक आरटीआई एक्टीविस्ट से पूछा था। पप्पू के खिलाफ की गई शिकायत पर डीजीपी ने तुरंत रिप्लाई करते हुए पूछा कि "Who Is Pappu ?" । उसके बाद आरटीआइ एक्टीविस्ट ने पप्पू के बारे में तमाम जानकारियां साझा की थीं लेकिन सपा सरकार के दौरान सत्ता के गलियारों में तगड़ी पैंठ रखने वाले पप्पू स्मार्ट को पुलिस ने तब छुआ तक नहीं था।

शार्प शूटर बने हैं Kanpur Police के लिए बड़ा सिरदर्द


पिन्टू सेंगर  Murder Case में शहर पुलिस के लिए सबसे बड़े सिरदर्द शार्प शूटर बने हैं। कई बड़े बदमाशों को पुलिस ने अलग-अलग जगहों से उठाया। "आन मिलो सजना" कार्यक्रम भी हुआ लेकिन नतीजा सिफर रहा। सिर्फ कानपुर ही नहीं पुलिस की निगाह पड़ोसी जनपद के शूटरों पर भी लगी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो करीब आधा दर्जन शार्प शूटरों पर ही इस समय Hoome Work हो रहा है। भरोसेमंद पुलिस सूत्रों की मानें तो नामजद हत्यारोपितों की गिरफ्तारी कोई बड़ा काम नहीं है लेकिन समस्या शूटर्स बने हैं।एक शूटर नई सड़क का और एक गैर जनपद का पुलिस के रडार पर हैं।






-चकेरी थाना एरिया में शनिवार को दुस्साहसिक वारदात से हड़कंप

-करीब दो साल पहले भी पिन्टू सेंगर पर हुआ था प्राण घातक हमला

-90 के दशक में रखा था अपराध की दुनिया में कदम

-पूर्व दस्यु सुंदरी स्वर्गीय फूलन देवी का करीबी था पिन्टू सेंगर

Narendra Singh (Pintu Sengar) (File Photo)

Yogesh Tripathi

90 के दशक में आतंक का पर्याय रहे हिस्ट्रीशीटर और भू-माफिया Narendra Singh (Pintu Sengar) पर शनिवार को फिल्मी स्टाइल में ताबड़तोड़ गोलियों की बौंछार कर हत्या कर दी गई। दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने सपा के पूर्व अध्यक्ष के आवास के बाहर सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो Murder के पीछे कई बिन्दुओं पर छानबीन की जा रही है। इसमें प्रापर्टी से जुड़ा मामला भी शामिल हैं। दुस्साहसिक वारदात की खबर सुनते ही Kanpur Police के आला अफसर मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। SSP (Kanpur) Dinesh Kumar (P) ने हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें बनाई हैं। पिन्टू सेंगर ने वर्ष 2007 में BSP के टिकट पर कैंट विधान सभा का चुनाव लड़ा था। 
मौका-ए-वारदात पर पहुंचे Kanpur Police के अफसरों ने काफी देर तक छानबीन की।

फायरिंग से थर्राया चकेरी का जेके कालोनी

पुलिस के मुताबिक चकेरी के जेके कालोनी  में रहने वाले सपा के पूर्व अध्यक्ष के घर पर एक मीटिंग थी। जिसमें पिन्टू सेंगर पहुंचा था। मीटिंग के बाद पिन्टू सेंगर बाहर निकाला। तभी दो बाइकों पर चार नकाबपोश पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक से उतरते ही नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरु कर दी। पिन्टू सेंगर के शरीर और चेहरे पर कई गोलियां उतारने के बाद कातिल हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। बताया जा रहा है कि फिल्मी स्टाइल में दो से तीन मिनट के अंदर Murder कर कातिल भाग निकले। खून से लथपथ हालत में पिन्टू सेंगर को उसके करीबी प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया सनसनीखेज वारदात की खबर मिलते ही चकेरी थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। थोड़ी देर में ही Kanpur Police के कई बड़े अफसर भी मौका-ए-वारदात पर पहुंच गए। पुलिस को मौके पर कारतूस और कई खोखे मिले। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
मौका-ए-वारदात पर साक्ष्यों का संकलन करती फिंगर एक्सपर्ट टीम।

पहले भी दो बार हुए थे प्राणघातक हमले

नरेंद्र सिंह उर्फ पिन्टू सेंगर के Murder Case की छानबीन कर रही पुलिस अब पुराना इतिहास भी खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पिन्टू पर पहले भी दो बार प्राण घातक हमले हुए थे लेकिन वह बच गया था। दो दशक पहले एनकाउंटर में मारे जा चुके जीतेश बाजपेयी ने Unnao जनपद के शुक्लागंज में पिन्टू पर गोली चलाई थी। अभी करीब दो साल पहले भी चकेरी थाना एरिया में हाइवे पर पिन्टू को गोली मारी गई थी। हमले में पिन्टू के जबड़े में गोली फंस गई थी।

फूलन देवी का करीबी था पिन्टू सेंगर

पिन्टू सेंगर पूर्व सांसद और दस्यु सुंदरी फूलनदेवी का बेहद करीबी था। एक दौर था जब वह फूलन देवी के साथ हमेशा रहता था। फूलन की हत्या के बाद वह बसपा नेताओं के संपर्क में आया। देखते ही देखते ही वह बीएसपी सुप्रीमों मायावती का भी बेहद करीबी हो गया। डेढ़ दशक पहले उसने चांद पर मायावती के लिए प्लाट खरीदा तो बीएसपी सुप्रीमों ने उसे पार्टी से बाहर कर दिया।

शिशु पंडित के साथ जेल में किया था गैंगवार

पुलिस सूत्रों की मानें तो 90 के दशक में शहर के खूंखार बदमाश रहे शिशु पंडित के साथ पिन्टू सेंगर भी जेल में बंद था। जेल के अंदर ही पिन्टू ने शिशुपाल के साथ मिलकर खूनी संघर्ष किया था। जिसमें कई बंदी और कैदी घायल हो गए। बाद में पिन्टू ने Kanpur में मुस्लिम वर्ग के बदमाशों से भी सीधा मोर्चा खोला। करीब दो दशक पहले पिन्टू सेंगर जमीनों की खरीद-फरोख्त करने लगा। इस दौरान उसने राजनीतिक छतरी भी ओढ़ ली।


पुलिस सूत्रों की मानें तो CDR से कई नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है। एक बड़े मामले समेत कई बिन्दुओं पर पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि हत्याकांड में पिन्टू सेंगर के ही बेहद करीबी लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस की दो टीमों ने चकेरी समेत कई जगहों पर ताबड़तोड़ दबिश भी दी है। 












-Hamirpur जनपद क्रॉस करते Kanpur की सजेती पुलिस ने पकड़ा

-थाने में सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखकर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग

-सभी को सैंपल लेकर Quarantine किया गया

 

Yogesh Tripathi


Corona Virus के बढ़ते संक्रमण की वजह से देश में 3 मई तक Lockdown है। लाखों की संख्या में श्रमिक देश के कोने-कोने में फंसे हुए हैं। हजारों की संख्या में ऐसे श्रमिक पैदल ही सफर कर अपने घरों को पहुंचने पर मजबूर हैं। साइकिल और रिक्शा से सफर कर हजारों लोग गंतव्य को पहुंचने के लिए विवश हैं। Lockdown तोड़कर महाराष्ट्र के 24 श्रमिक 12 बाइकों पर सवार होकर UP के लिए चल पड़े। सैकड़ों किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर ये श्रमिक जैसे ही Kanpur की सीमा में पहुंचे, सजेती पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। कड़ी सुरक्षा के बीच श्रमिकों को थाने ले जाया गया। सूचना आला अफसरों को मिली तो हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम आनन-फानन में सजेती थाने पहुंची। सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखते हुए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की। 

पूर्वांचल जनपदों के हैं अधिकांश श्रमिक

पकड़े गए श्रमिकों में 9 श्रमिक पूर्वांचल के जनपद सिद्धार्थ नगर के हैं। 5 हरदोई जनपद के निवासी हैं। जबकि 10 श्रमिक कुशीनगर जनपद के रहने वाले हैं। श्रमिक सभी जाति और धर्म के बताए जा रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि उनकी मजबूरी थी कि वह लोग महाराष्ट्र में नहीं रह सकते थे। उनके पास सिर्फ इतने ही पैसे बचे थे कि वह लोग किसी तरह पेट्रोल का जुगाड़ कर यूपी स्थित अपने पैतृक घर पहुंच सके। 

सजेती थानेदार का कहना है कि सभी श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की है। 
फिलहाल किसी में अभी तक Corona के लक्षण नहीं मिले हैं। मजदूरों को थाने में सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुए उनको सबसे पहले भोजन कराया गया। सभी बेहद भूखे थे। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने उनका सैंपल लिया। मजदूरों में यदि कोरोना की पुष्टि नहीं होती है तो उनको कुछ दिनों के लिए क्वारंटीन कर गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा। कई श्रमिक इस दौरान पुलिस वालों को अपनी व्यथा सुनाते हुए फफक पड़े। हालांकि पुलिस के व्यवहार को देख सभी ने राहत की सांस ली। 




-Kanpur में HotSpots की संख्या बढ़कर 17

-Chakeri का जाजमऊ एरिया पूरी तरह से सील

-2 K.M की परिधि में आने वाले ATM & Bank होंगे बंद 

Yogesh Tripathi


Covid-19 मरीजों की संख्या ताबड़तोड़ बढ़ने से Kanpur में HotSpots एरिया की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। 15 शहर जबकि 2 घाटमपुर में हैं। मंडे को DM & SSP ने कई HotSpots एरिया का निरीक्षण कर क्षेत्रों की स्थितियों का जायजा लिया। दोनों अफसरों ने लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की। इन एरिया के सभी बैंक, एटीएम को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक बंद रखने के निर्देश जिलाधिकारी ने जारी किए हैं। 


मंडे को दोनों अफसर DM डॉ ब्रह्मदेव राम तिवारी और SSP अनंत देव ने HotSpots एरिया जाजमऊ, किदवई नगर, चमनगंज, बेकनगंज आदि थाना क्षेत्रों के अंतर्गत हॉटस्पॉट  का मौके पर पहुंच जायजा लिया। मातहतों को सख्त ताकीद देते हुए सख्ती बरतने के दिशा-निर्देश जारी किए। डीएम ने संदिग्ध लोगों की भी सैंपलिंग कराने की बात कही है ताकि पता करके सभी पॉजिटिव केस ट्रेस किए जा सके। उन्होंने कहा, प्रशासन ज्यादा से ज्यादा केस ट्रेस करके इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था कर कर रहा है। 

जाजमऊ का HotSpot सील

चकेरी के जाजमऊ स्थित अशरफाबाद स्थित मदरसा के 6 छात्र कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन ने एरिया को HotSpot घोषित करते हुए सील कर दिया। DM & SSP के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने आवाजाही बंद करा दी। इन एरिया में बाहरी लोगों का प्रवेश पहले से ही प्रतिबंधित है। दोपहर में नगर निगम की टीम ने पूरे इलाके को सैनिटाइज किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों की जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस सभी लोगों से घरों में रहने की अपील भी की।

2 K.M  की परिधि में आने वाले Bank, ATM बंद

DM ने इन एरिया का निरीक्षण करने के बाद मातहतों को एक एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिया कि HotSpots एरिया एरिया के 2 K.M की परिधि में आने वाले सभी Bank, ATM , बैंक मित्र सेंटर अग्रिम आदेश तक बंद रहेंगे। इसकी जानकारी डीएम ने Twitter पर Tweet करके दी। 

बाराहदेवी मंदिर में किया सेनीटाइजेशन

डीएम के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने मंडे को Kanpur के South City एरिया स्थित बाराहदेवी मंदिर परिसर में सेनेटाइजर का छिड़काव किया। नगर निगम की टीम करीब मंदिर परिसर में करीब आधे घंटे तक सेनीटाइज करती रही। उल्लेखनीय है कि मंदिर के चारो तरफ घनी आबादी है। मंदिर के पट बंद होने के बाद भी तमाम लोग बाहर से ही दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। 


-Lockdown की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं कनपुरिया

-Red Zone में आया HotSpot कुलीबाजार एरिया

-कुलीबाजार में अब तक Covid-19 के 29 मरीज

 

Yogesh Tripathi

Lockdown की धज्जियां उड़ाना अब Kanpur की जनता को खासा भारी पड़ रहा है। Corona Virus के बढ़ते संक्रमण की वजह से प्रशासनिक महकमें में हड़ंकप का माहौल है। Kanpur में Covid-19 के मरीजों की संख्या का आंकड़ा 74 पर जा पहुंचा है। मंडे की सुबह 17 और मरीजों की Report में संक्रमण की पुष्टि हुई है। HotSpot एरिया कुलीबाजार अब Red Zone में आ चुका है। यहां पर संक्रमित मरीजों की संख्या सर्वाधिक 29 है। यदि ऐसी ही स्थित बनी रही तो जल्द ही Kanpur भी Red Zone एरिया में आ जाएगा। हालांकि प्रशासनिक अफसरों के निर्देश पर पुलिस ने सख्ती काफी तेज कर दी। गलियों, चौराहों, और लिंक रोड पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। जिसकी वजह से लोग घरों में दुबके रहे।
प्रशासन को भारी पड़ सकती है लापरवाही

सोमवार सुबह कुलीबाजार के जिन मरीजों की Report में संक्रमण की पुष्टि हुई है, उन 12 लोगों को लेने के लिए दोपहर तक स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम फोर्स के साथ नहीं पहुंची। इन सभी 12 मरीजों को आइसोलेट कराया जाना है। इन सभी के घर के आसपास के एरिया पूरी तरह से सील है लेकिन गलियों के अंदर लोग छुट्टा घूम रहे हैं। ऐसे में सक्रमित लोगों से प्रसार का खतरा बढ़ गया है। बाहर घूमने वाले तमाम लोग बिना मॉस्क के ही घूमते नजर आए। एसपी पूर्वी ने कहा कि पॉजिटिव मरीजों को शिफ्ट कराने के लिए स्वास्थ्य टीम बुलाई है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमें सख्ती से लॉकडाउन का पालन करा रही हैं और न मानने वालों के खिलाफ मुकदमा लिखाया जाएगा।

Red Zone की चौखट पर पहुंचते ही राहत पर ताला

Kanpur City के Red Zone की चौखट के करीब पहुंचते ही उद्योग, कार्यालय के संचालन संबंधी मिलने वाली राहत पर ताला लग गया। प्रशासन ने सोमवार से जिन नए उद्योगों को खोलने की योजना बनाई थी, उस पर फिलहाल विराम लगा दिया है। अग्रिम आदेश तक उद्योग और दफ्तर बंद रहेंगे। हालांकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े जो उद्योग पहले से चल रहे हैं वह चलते रहेंगे।


मंडे की सुबह बढ़े Covid-19 के 17 मरीज

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कुलीबाजार, अनवरगंज और कर्नलगंज क्षेत्र से 115 कोरोना संदिग्धों के थ्रोट और नेजल स्वाब के नमूने एकत्र कराए थे। सभी सैंपल जांच के लिए शनिवार रात जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कोविड-19 लैब भेजे गए। 103 नमूने की जांच की गई। संडे को आधी रिपोर्ट ही आई थी। सोमवार सुबह सीएमओ ने 103 लोगों की जांच रिपोर्ट में 17 की रिपोर्ट पॉजिटिव और 86 की निगेटिव आने की पुष्टि की। इसमें कुली बाजार के 12 और अनवरगंज क्षेत्र के 5 हैं। सभी को हैलट के कोविड-19 हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है।
सोमवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रिपोर्ट आने के बाद कुलीबाजार का एरिया Red Zone में आ गया। यहां अभी तक 29 मरीज Corona संक्रमित मिल चुके हैं। प्रशासन ने यहां पर हर गली पूरी तरह सील कर दी है। कुलीबाजार के लोग घरों में कैद हैं। किसी भी बाहरी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी की जा रही है।

अफसरों के साथ सतीश महाना ने की Meeting

Covid-19 मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा होने के बाद निर्धारित मानकों पर यदि हिसाब से Kanpur अब Red Zone की चौखट पर खड़ा है। ऐसी विषम परिस्थिति में UP के मंत्री सतीश महाना की अध्यक्षता में कमिश्नर कंट्रोल रूम में मंडलायुक्त सुधीर एम बोबडे, ADG जयनारायन सिंह, IG (Range) मोहित अग्रवाल, DM डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने उद्यमियों के साथ मीटिंग की। चर्चा के दौरान सभी ने माना कि इन परिस्थितियों में उद्योगों का संचालन ठीक नहीं है। उद्यमियों ने भी इस बात पर सहमति जताई। तय किया गया कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े जो उद्योग चल रहे हैं सिर्फ वही चलेंगे। DM ने कहा कि जो उद्योग चल रहे हैं, वहां भी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।