September 2019

सुरेंद्र मैथानी के प्रत्याशी फाइनल होने पर कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर

करीब 10 साल से BJP के जिलाध्यक्ष हैं सुरेंद्र मैथानी

प्रबल दावेदार थे मैथानी, तमाम दांव-पेंच के बाद मिला टिकट

सुरेंद्र मैथानी बीजेपी प्रत्याशी गोविंदनगर विधान सभा (212), कानपुर।

Yogesh Tripathi


लंबी जद्दोजहद और तमाम सियासी दांवपेंच के बाद अंतत: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने Kanpur के गोविंदनगर विधान सभा (212) उपचुनाव में अपने प्रत्याशी के नाम पर Final मुहर लगाते हुए सुरेंद्र मैथानी को मैदान में उतारा है। मैथानी का मुख्य मुकाबला Congress की करिश्मा ठाकुर से होना अब तय माना जा रहा है। BSP ने यहां से देवी तिवारी और SP ने सम्राट विकास यादव को प्रत्याशी बनाया है। सुरेंद्र मैथानी का टिकट फाइनल होने की खबर मिलते ही बीजेपी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। 

 

मुखलाल पाल पर छतरीलगा उनके लिए टिकट मांग रहे थे दिग्गज

क्षेत्रीय दिग्गज की एंट्री से बिगड़े दावेदारों के सियासी समीकरण

कई दावेदारों को देर रात्रि हाईकमन की तरफ से मिले संकेत

 
गुरुवार रात्रि बीजेपी कार्यालय में बैठक करते गृहमंत्री अमित शाह, कार्यकारी प्रेसीडेंट जेपी नड्डा और मंत्री नितिन गडकरी।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के Kanpur की गोविंद नगर विधान सभा (उपचुनाव) के लिए दावेदारों के बीच चल रही नूराकुश्तीमें BJP के क्षेत्रीय दिग्गज के दांवसे कई दावेदार चारो खाने चित्त हो चुके हैं। रेस में दूर-दूर तक कोई नहीं दिखाई दे रहा है। www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में प्रत्याशिता की रेस में शामिल रहे दो बड़े दावेदारों ने भी दबी जुबान से क्षेत्रीय दिग्गज का टिकट करीब-करीब Final हो जाने की बात स्वीकार की है। सूत्रों का कहना है कि दिग्गज के नाम की घोषणा किसी भी समय हो सकती है। ये संकेत देर रात Delhi में चली BJP की मैराथन मीटिंग के बाद ही दावेदारों को दे दिए गए । हालांकि ये मीटिंग महाराष्ट्र में होने वाले चुनाव के मद्देनजर प्रत्याशियों के चयन को लेकर थी लेकिन यूपी के उपुनाचव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर कई संकेत दे दिए गए । 

 सुपर पॉवर से अंतिम दौर में दावेदारों को किया पस्त

क्षेत्रीय दिग्गज के बारे में चर्चा है कि उन्होंने अपने सुपर पॉवर का आखिरी वक्त में प्रयोग किया। इससे पहले वो मुखलाल पाल को आगे कर उनकी प्रत्याशिता के लिए लाबिंग कर रहे थे। लेकिन अंदरखाने से संकेत अलग आ रहे थे। कोई खुलकर कुछ नहीं बोल रहा था लेकिन देर रात्रि से ही उनकी प्रत्याशिता की चर्चा ने जोर पकड़ लिया। सूत्रों की मानें तो क्षेत्रीय दिग्गज की पैरवी में सूबे के दो सुप्रीमों (संगठन और सरकार के शीर्ष) लगे हैं। चूंकि अन्य दावेदारों को चित्त करना था इस लिए क्षेत्रीयदिग्गज के नाम को आखिरी दौर में आगे बढ़ाया गया। क्षेत्रीयदिग्गज के नाम का ऐलान तो अभी नहीं हुआ है लेकिन सोशल मीडिया में उनके नाम को लेकर चर्चाएं काफी जोर-शोर से हो रही हैं। कुछ WhatsApp ग्रुप में तो उनके टिकट फाइनल होने की बात कही जा रही है लेकिन BJP हाईकमान की तरफ से अभी तक किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है।

सुरेंद्र मैथानी को तगड़ा झटका

सूत्रों की मानें तो सुरेंद्र मैथानी को तगड़ा झटका लगा है। मैथानी शुरु से ही बीजेपी से टिकट मांग रहे अन्य दावेदारों पर 21 बैठ रहे थे लेकिन एक पुराने महारथीऔर कुछ निकट के लोगों ने शुरुआती दौर में खेल बिगाड़ दिया। दो दिन पहले वे लखनऊ में सबकुछ मैनेज भी कर आए थे लेकिन उसके बाद भी बाजी उनके हाथ से करीब-करीब फिसल चुकी है। कोई चमत्कार हो जाए तो बात अलग है।

नोट------सुधी पाठकों से निवेदन है कि BJP हाईकमान की तरफ से अभी तक प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है। सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर चल रहीं अपुष्ट खबरों के माध्यम से सच्चाई को आप तक लाने का प्रयास पोर्टल की तरफ से है। पोर्टल किसी की प्रत्याशिता पर दावा नहीं कर रहा है। वहीं चर्चा और संभावना इस बात की भी है कि नाम फाइनल होने तक बाजी किसी और के हाथ भी लग सकती है। इसके लिए दो पुराने पूर्व "माननीय" अभी भी तगड़ी लामबंदी में लगे हैं।




समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे हैं विकास यादव

Lucknow में हाईकमान ने घोषित किए दो प्रत्याशी

लखनऊ की कैंट (175) से मेजर आशीष चतुर्वेदी प्रत्याशी  

 
Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh में हो रहे उपचुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) ने दो प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया। Kanpur की गोविंदनगर विधान सभा सीट (212) से सम्राट विकास यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। जबकि Lucknow की कैंट सीट (175) से मेजर आशीष चतुर्वेदी सपा के प्रत्याशी होंगे।  

Kanpur के सपाई हक्के-बक्के

गोविंदनगर विधान सभा सीट से सम्राट विकास यादव का नाम SP से Final होने के बाद सपा नेता और कार्यकर्ता हक्के-बक्के रह गए। www.redeyestimes.com (News Portal) ने सपा के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं से जब बातचीत की तो वे खुद पूछने लगे कि क्या आप जानते हैं सम्राट विकास यादव के बारे में ? कई कार्यकर्ता बेहद निराश दिखे। कुछ ने कहा क्या यही समाजवाद है ? मुलायम सिंह के समय ऐसा नहीं होता था। सड़कों पर संघर्ष और जनता के लिए लाठी खाने वाले को ही टिकट दिया जाता था। लेकिन समय के साथ अब सबकुछ बदल चुका है।
नाम न छापने की शर्त पर एक नेता ने कहा कि प्रत्याशी चयन का पैमाना अब UP की राजधानी Lucknow जाकर कुछ नेताओं के इर्द-गिर्द परिक्रमा करना ही रह गया है। काफी तल्ख लहजे में एक कार्यकर्ता ने कहा कि चंद्रेश सिंह, वरुण मिश्रा और बंटी सेंगर जैसे जुझारू, संघर्षशील और लाठियां खाने वाले कार्यकर्ता को आखिर टिकट क्यों नहीं दी गई ? ये वो नेता और कार्यकर्ता हैं जो लंबे समय से समाजवादी पार्टी के लिए सड़कों पर आंदोलन कर लाठियां खा रहे हैं।

नोट-----सपा से प्रत्याशी का ऐलान होने के बाद अब सिर्फ BJP प्रत्याशी के नाम की घोषणा होनी बाकी है। गोविंदनगर विधान सभा (उपचुनाव) की तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। यहां चुनाव सीधे-सीधे BJP और Congress प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर के बीच ही होगा। सपा और बसपा प्रत्याशी जमानत बचाने के लिए संघर्ष करते देखे जाएंगे। माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे में बीजेपी नेतृत्व भी अपने योद्धा का ऐलान कर देगा।

जूही खलवा पुल के नीचे भीषण जलभराव

जरा सी बारिश में खलवा पुल बन जाता है टापू

दोनों छोर से जान जोखिम में डालकर निकलते हैं राहगीर

एक दशक में दर्जन भर से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत

जूही खलवा पुल से शव को निकलवाने के बाद पोस्टमार्टम हाउस भेजने की तैयारी करती पुलिस।

Yogesh Tripathi

Uttar Pradesh के अधिकांश जनपदों में पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है। Kanpur में पिछले चार दिन से बारिश ने थमने का नाम ही नहीं लिया है। गुरुवार शाम को शुरु हुई बारिश पूरी रात हुई। भारी बारिश की वजह से कई मोहल्ले टापू बन चुके हैं।  12 घंटे की बारिश में टापू बने जूही खलवा पुल के नीचे एक व्यक्ति की पानी में डूबकर मौत हो गई। 
शुक्रवार सुबह शव निकलवाने के बाद भी जूही खलवा पुल का ट्रैफिक भीषण जलभराव की वजह से ध्वस्त रहा।

शुक्रवार सुबह शव पानी में उतराता मिला शव

अधेड़ व्यक्ति का शव शुक्रवार सुबह पानी में उतराता मिला तो क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर रायपुरवा और जूही थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। शव को बाहर निकलवाने के बाद पुलिस ने शिनाख्त करवाने की कोशिश की, बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पहले भी हो चुकी हैं कई मौतें

जूही खलवा पुल लंबे समय से शहरियों के लिए बवाल-ए-जान बना हुआ है। यहां जरा सी बारिश में ही भारी जलभराव हो जाता है। दो साल पहले यहां पानी की निकासी के लिए पंपिग सेट भी लगवाया गया लेकिन वह भी अब तक सफेद हाथी साबित होता दिखाई दे रहा है। पिछले एक दशक में इस पुल के नीचे दर्जन भर से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। खास बात ये है कि कानपुर के उत्तर-दक्षिण के हिस्से को जोड़ने वाले खलवा पुल से हर रोज एक लाख से अधिक लोग गुजरते हैं। नयापुल और गोविंदपुरी पुल भी हैं लेकिन इस खलवा पुल से गुजरने वाले राहगीरों की संख्या काफी अधिक होती है।